BREAKING NEWS

स्विट्ज़रलैंड: पहाड़ों पर कुदरत का करिश्मा, मशीनों का जलवा और हम सबको ‘आज खाने में क्या है की चिंता?’ || लखनऊ : अखिलेश का दावा, SIR पर चुनाव आयोग में ही मतभेद, बताया- लोकतंत्र के लिए घातक || चेन्नई : राहुल गांधी अगले महीने तमिलनाडु में कर सकते हैं 'छात्रों की गूंज' कार्यक्रम || उत्तर प्रदेश : गोंडा में मुठभेड़ के बाद तीन गौतस्कर गिरफ्तार, बहराइच में शातिर अपराधी पुलिस की गोली लगने से घायल

भवन निर्माण मजदूरों को अब 10 रुपये में मिलेगा खाना

भवन निर्माण मजदूरों को अब 10 रुपये में मिलेगा खानाकानपुर । गत वर्ष मई को लखनऊ में पायलट प्रोजेक्ट के रूप में लागू की गई भवन निर्माण मजदूरों को उनके कार्यस्थल पर ही 10 रुपये में भोजन मुहैया कराने की योजना अब कानपुर में भी चार जनवरी से शुरू हो जाएगी। इस योजना का शुभारंभ करने श्रम एवं सेवायोजन मंत्री शाहिद मंजूर आएंगे। इसके तहत भवन निर्माण मजदूरों को 10 रुपये का एक कूपन लेना होगा जिसके तहत उसे कार्यस्थल पर ही भोजन पहुंचाया जाएगा। योजना का लाभ उसी कार्यस्थल पर दिया जाएगा जहां 50 या उससे अधिक भवन निर्माण मजदूर काम कर रहे हों। अधिकारियों ने सिग्नेचर सिटी विकास नगर, पनकी के जवाहरपुरम एवं शताब्दी नगर सहित शहर के 15 कार्यस्थल चिन्हित किए थे किंतु पहले चरण में सिग्नेचर सिटी, विकास नगर को ही लिया गया है। जिसके तहत यहां पर पहले दिन 250 मजदूरों को सस्ता भोजन उपलब्ध कराया जाएगा फिर जरूरत के मुताबिक अन्य जगहों पर भी आपूर्ति की जाएगी।

इस प्रकार रहेगा मेन्यू पहले मेन्यू में 6 रोटी, दो प्रकार की सब्जी, 20 ग्राम गुड़, 40 ग्राम सलाद, अचार और 2 हरी मिर्च दी जाएंगी। जबकि दूसरे मेन्यू में 400 ग्राम चावल, 2 सब्जियां, 250 ग्राम दाल, 20 ग्राम गुड़, 40 ग्राम सलाद, अचार और 2 हरी मिर्च मिलेगी। योजना के तहत आपूर्ति संस्था की यह भी जिम्मेदारी होगी कि वह दोपहर 12 बजे तक मजदूरों को कार्यस्थल पर भोजन उपलब्ध करा दें। गौरतलब है कि इस योजना का शुभारंभ सीएम अखिलेश यादव ने 1 मई 2016 को राजधानी लखनऊ में भवन निर्माण मजदूरों के साथ भोजन करके किया था। 

साभार-khaskhabar.com

 

नारद संवाद

देवरिया का ऐसा मंदिर जिसे श्रद्धालु बताते हैं 'अश्वत्थामा' की तपोभूमि

Read More

हमारी बात

स्विट्ज़रलैंड: पहाड़ों पर कुदरत का करिश्मा, मशीनों का जलवा और हम सबको  ‘आज खाने में क्या है की चिंता?’

Read More

Bollywood


विविधा


शंखनाद

राइन फॉल्स, स्विस सीढ़ियाँ और बुज़ुर्ग घुटने: नाव की सैर बनी ओलंपिक प्रतियोगिता!

Read More