देवरिया का ऐसा मंदिर जिसे श्रद्धालु बताते हैं 'अश्वत्थामा' की तपोभूमि
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अमृतसर। भारत-पाकिस्तान एक है और रहेगा, बंटवारा तो हर घर में होता हैं। दो मुल्क एक मंच पर मोहब्बत बांटेंगे। दर्द विभाजन का होगा तो पैगाम खुशियां को होगा। दोनों मुल्क अपनी-अपनी आजादी भले ही अलग-अलग दिन मनाते हैं लेकिन आजादी तो एक ही दिन मिली थी, उन अंग्रेजों से जो हमें 1947 के बाद आज भी लड़ाते रहे हैं। अब वक्त आ गया है कि दोनों देशों के बीच मोहब्बत रहे और अपना पड़ोसी धर्म निभाए। यह कहना है कि पाकिस्तान की मशहूर अदाकारा व अजोका थियेटर की संचालिका मदीहा गौहर का। मदीहा गौहर अपने 26 कलाकारों के दल के साथ भारत आई हैं। अमृतसर के विरसा विहार व आर्ट गैलरी में भारत-पाकिस्तान के बीच हो रहे इंडो-पाक थियेटर फार पीस फेस्टिवल का आगाज बुधवार को विरसा विहार में हुआ।
मदीहा गौहर कहती हैं कि दोनों देशों की आवाम जंग नहीं चाहती बल्कि वह चाहती है कि दोनों देश मिलकर आगे बढ़े और प्यार से रहें। वीजा प्रणाली सरल हो और दोनों मुल्कों के बीच व्यापार बढ़े। नफरत की दीवार गिराने के लिए दोनों मुल्क के कलाकार एक मंच पर इक_ा हो रहे हैं। मकसद दोनों देशों में शांति बांटना, मोहब्बत का पैगाम बांटना है।
शिरोमणि नाटककार केवल धालीवाल कहते हैं कि दोनों मुल्कों के बीच शांति का पाठ मंच से पढ़ाने के लिए दोनों मुल्कों के कलाकार एक मंच पर आ रहे हैं। लाहौर का अजोका थियेटर व अमृतसर के मंच रंगमंच ने आर्ट गैलरी व विरसा विहार के तत्वावधान में दोनों मुल्कों के बीच की दूरियां मंच से मिटाने का संकल्प लिया है। वाहे गुरूजी दोनों मुल्कों में शांति, उन्नति, खुशहाली बख्शे।
आर्ट गैलरी के सर्वेसर्वा एवं पंजाब भाजपा के उपप्रधान राजिंदर मोहन सिंह छीना कहते हैं कि भारत-पाकिस्तान के बीच वीजा प्रणाली सरल होगी, बार्डर पर ही वीजा मिलेगा। खासकर दोनों मुल्कों के बीच मोहब्बत का पैगाम लेकर पाकिस्तान से कलाकार आए हैं, भारत से कलाकार पाकिस्तान जाएंगे। पाकिस्तान से प्यार व व्यापार बढ़ेगा तो दोनों पंजाब खुशहाल होगा। पहले दिन केवल धालीवाल के निर्देशन में नाटक पुल सिरत का मंचन किया गया।
साभार-khaskhabar.com













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