देवरिया का ऐसा मंदिर जिसे श्रद्धालु बताते हैं 'अश्वत्थामा' की तपोभूमि
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जयपुर । होली के आठवें दिन मनाए जाने वाला पर्व शीतला अष्टमी (बास्योड़ा ) इस बार सोमवार को मनाया जाएगा। महिलाएं तडक़े गीत गाते हुए पत्थवारी पूजेंगी और शीतला माता के मंदिरों में भोग लगाएंगी। दूसरी तरफ शनिवार को महिलाएं रांधा-पुआ की तैयारियों में व्यस्त हैं। महिलाएं माता के भोग के लिए कांजी बड़ा, मोहनथाल, गुंजिया, पेठे, सकरपारे, पूड़ी, पापड़ी, हलुआ, राबड़ी, घाट आदि व्यंजन बना रही हैं। शीतला माता के ठंडे पकवानों का भोग लगाने के बाद इस दिन सभी लोग परंपरा के अनुसार ठंडा भोजन करेंगे। रविवार को रांधा पुआ और पूजन की सामग्री की खरीदारी के चलते सुबह से ही बाजारों में रौनक नजर आ रही है। बाजार में मटके, कलश एवं सराई की खूब बिक्री हो रही है। मान्यता के अनुसार शीतला माता के पूजन से माता प्रसन्न होती है और शीतला जनित रोगों का प्रकोप कम होता है।
मेले में सजीं दुकानें
चाकसू स्थित शील की डूंगरी पर गुरुवार को शीतला माता का मेला लगेगा। जयपुर एवं आसपास के जिलों के हजारों श्रद्धालु मेले में आएंगे। मेले में दुकानें सज गई हैं। लोग शीतला माता को भोग अर्पण करने के लिए विभिन्न प्रकार के व्यंजन बनाकर परिवार सहित शाम से ही शील की डूंगरी पहुंचना शुरू हो जाएंगे। रामनिवास बाग में भी शीतला अष्टमी पर परंपरागत मेला भरेगा। इस दिन गणगौर पूजने वाली महिलाएं एवं युवतियां स्वांग रचकर बिंदोरियां निकालेंगी।
500 पुलिसकर्मी संभालेंगे मेले की व्यवस्था
चाकसू स्थित शीतला माता मंदिर में गुरुवार को भरने वाले मेले की सुरक्षा व्यवस्था 500 से अधिक पुलिस के जवान संभालेंगे। कानून व शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए आरएसी की एक बटालियन भी तैनात की जाएगी। स्थिति पर नजर रखने के लिए दो एडिशनल डीसीपी, आधा दर्जन एसीपी व एक दर्जन थानाधिकारी मौके पर मौजूद रहेंगे। मेले पर नजर बनाए रखने के लिए तीसरी आंख की मदद भी ली जाएगी। शीतलाष्टमी का मेला शनिवार शाम से लगना शुरू हुआ। शीतलाष्टमी मेले में जयपुर व उसके आसपास के जिलों से लाखों श्रद्धालु पहुंचेंगे। मेले में घुड़ दौड़, ऊंट दौड़ सहित अन्य कई प्रतियोगिताएं भी होती हैं। इसके अलावा सर्कस व अन्य मनोरंजन की व्यवस्थाएं भी रहती हैं। इस मेले में बड़ी संख्या में दुकानें भी सजती हैं। डूंगरी पर भरने वाले इस मेले में बड़ी संख्या में लोग वाहनों में भरकर पहुंचते हैं।
अतिरिक्त पुलिस आयुक्त महेंद्र चौधरी ने बताया कि मेले में कानून व शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए अतिरिक्त जाप्ता लगाया गया है। इसमें कई आरएसी बटालियन भी शामिल हैं। कानून व्यवस्था संभालने के लिए आसपास के एक दर्जन थानों का जाप्ता भी मौजूद रहेगा। पुलिस के जवानों ने शनिवार शाम से ही व्यवस्था संभाल ली। मंदिर परिसर व उसके आस-पास सीसीटीवी कैमरों का उपयोग भी किया जा रहा है।
साभार-khaskhabar.com













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