देवरिया का ऐसा मंदिर जिसे श्रद्धालु बताते हैं 'अश्वत्थामा' की तपोभूमि
Read Moreमथुरा। क्वार मास के आखिरी दो दिनों में आसमान से जमकर पानी गिरा। शनिवार और रविवार दो दिन में 300 एमएम से ज्यादा बरसात रिकार्ड की गई है। रविवार को दिन में दस बजे तक 170 एमएम पानी बरस चुका था। रातभर जमकर बरसात हुई और सुबह से रूक रूक कर यह सिलसिला शुरू हुआ और दिनभर जारी रहा। शनिवार यानी आठ अक्टूबर को भी 117 एमएम बरसात हुई थी। यानी आठ अक्टूबर और नौ अक्टूबर की सुबह दस बजे तक ही 287 मिली मीटर पानी आसमान से गिर चुका था। मौसम विज्ञानियों का मानना है कि क्वार के आखिर में इतना पानी गिरना अच्छी बरसात मानी जा सकती है। लगातार हो रही बरसात से तापमान भी गिरावट दर्ज हुई है। अधिकतम तापमान तेजी से गिरा है। वरिष्ठ शोध सहायक आरएटीडीएस राया राजेश यादव ने बताया कि अधिकतम तापमान इन दिन दिनों औसतन 33 से 34 डिग्री सेल्सियस रहना चाहिए जो बरसात के चलते 27 से 29 के बीच चल रहा है। रात ठंडी हो गई हैं और राया कृषि फार्म पर न्यूनतम तापमान 23 डिग्री के सेल्सियस दर्ज किया गया है।
बरसात बंद होने पर होगा नुकसान का सर्वे
बरसात से पकी खडी धान और बाजरा की फसल में किसान भारी नुकसान की आशंका जाहिर कर रहे हैं। वहीं जिला प्रशासन का कहना है कि बरसात थमने के बाद नुकसान का सर्वे कर आंकड़े जुटाए जाएंगे। हालांकि एक अनुमान के तहत अब तक धान और बाजरा में 10 से 15 प्रतिशत तक के नुकसान का अनुमान लगाया जा रहा है। दो दिन और पानी गिरने के पूर्व अनुमान के चलते यह नुकसान और अधिक भी हो सकता है।
वर्जन
बरसात से फसलों को नुकसान हुआ है। धान और बाजरा की फसल में 10 से 15 प्रतिशत तक अनुमान की आशंका है। बरसात बंद होने के बाद फसलों में हुए नुकसान का सर्वे कार्य शुरू होगा। सही आंकड़े सर्वे के बाद ही सामने आ सकेंगे।
-एके सिंह, जिला कृषि अधिकारी माथुर













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