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झमाझम बरसात में सड़क पर खडे रहे पुलिसकर्मी

मथुरा। रात में बरसात हो तो सुहावने मौसम का मजा लेने के लिए घर से न निकलें, कान्हा की नगरी ऐसे हालातों में जानलेवा हो जाती है। मंगलवार रात तीन घंटे तक हुई मूसलाधार बारिश ने मथुरा को टापू बना दिया। गली मुहल्लों से लेकर मुख्य मार्ग तक जलमग्न हो गए।

मुख्य मार्गों पर पानी में फंसे राहगीरों की सूचना पर रात दस बजे के बाद पुलिस प्रशासन सक्रिय हुआ। अग्निशमन विभाग के अधिकारी और कर्मचारी खुद पानी में उतर गए। टार्च की रोशनी में आगरा से आ रही यात्रियों से भरी बस की सवारियां किसी तरह निकालीं। गर्दन से ऊपर तक भरे पानी के बीच एक-एक सवारी को सकुशल निकाला गया। कई रिक्शे पानी के बीच डूब गए, उन्हें खोजा गया।


रात्रि में बारिश के कारण नए बस स्टैंड के निकट स्थित रेलवे पुल के नीचे यात्रियों से भरी हुई बस पानी में बंद हो गई। पुल के नीचे और इसके आसपास पानी इतना अधिक था कि किसी के भी डूबने का खतरा था। पानी गर्दन तक पहुंच रहा। कहां गड्डा है और कहां नाली इसका अनुमान नहीं लगने पर किसी के भी डूबने की आशंका थी। आगरा से आ रही मिनी बस में 15-20 यात्रियों के फंसे होने की होने की सूचना पर अग्निशमन विभाग सक्रिय हुआ।

त्वरित कार्यवाही करते हुए चीफ फायर ऑफीसर प्रमोद शर्मा के दिशा-निर्देशन में रेस्क्यू टीम ने बस में फंसे सभी यात्रियों एवं अन्य फंसे हुए लोगों को निकालने के लिए पुल तक पहुंचती इससे पहले ही बीएसए काॅलेज के पास पानी में अग्निशमन कर्मियों का वाहन भी फंस गया। अग्निशमन केंद्र से दूसरा वाहन मंगाया गया, तो वह भी बारिश में खराब हो गया। करीब डेढ़ किमी तक दमकल कर्मी पैदल चले और फ्लाईओवर के नीचे पहुंचे।

इस दौरान तेज बारिश हो रही थी और बस में फंसे यात्री चीख रहे थे। टार्च की रोशनी में मुख्य अग्निशमन अधिकारी समेत अन्य दमकल कर्मी पानी में जैसे-तैसे घुसे और एक-एक यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाला। एक रिक्शा पानी में डूब गया। ऐसे में उसकी खोजबीन की गई। एक घंटे की मशक्कत के बाद रिक्शा पानी में फंसी बस में पीछे फंसा हुआ मिला।

दमकल कर्मियों ने रात करीब 12 बजे तक रेस्क्यू कर किसी तरह पानी में फंसे यात्रियों को बाहर निकाला। रेस्क्यू के दौरान लीडिंग फायरमैन दुर्गाप्रसाद, चालक लोचन सिंह, अजय प्रताप, फायरमैन लाला राम, हरिशंकर गौतम, विक्रम सिहं एवं बलबीर सिंह ने टीम में सामिल रहे। नया बस स्टैण्ड पुल के पास अत्यधिक पानी भर जाने के कारण स्टेट बैंक से पुलिस को रूट डायवर्ट करना पडा।

प्रभारी निरीक्षक यातायात अशोक कुमार सिंह ने स्टेट बैंक चैराहे पर खुद मोर्चा सम्हाला वाहनों को डायर्वजन कर यातायात व्यवस्था को सुचारु कराया गया। यह हाल नये बस स्टैण्ड का ही नहीं है। यहां तब भी पानी की निकासी की व्यवस्था की गई है। पुराने बस स्टैण्ड और भूतेश्वर पर पानी की निकासी की व्यवस्था भी ठीक नहीं है। यहां रात में फंसने पर जान जोखिम में पड सकती है।

नारद संवाद

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