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गोंडा । चुनावी जनसभा में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की ओर से बोर्ड परीक्षा में नकल का मुद्दा उठाए जाने को गंभीरता से लेते हुए जिला प्रशासन ने एक अनोखी और नई पहल की है। बोर्ड परीक्षा को नकल विहीन कराने के लिए अभिनव पहल करते हुए प्रशासन ड्रोन कैमरों की मदद लेने जा रहा है। जिला प्रशासन ने संवेदनशील और अतिसंवेदनशील इलाकों में ड्रोन कैमरे लगाने का फैसला किया है। इसके लिए तकनीकी विशेषज्ञों की एक टीम दिल्ली से बुलाई जा रही है। ये पहली बार होगा, जब यूपी के किसी जिले में बोर्ड की परीक्षा ड्रोन कैमरों की निगरानी में होगी। नकल के लिए बदनाम माने जाने वाले गोंडा में विधानसभा चुनाव के दौरान जनसभा में प्रधानमंत्री ने भाषण में इसे प्रमुखता के साथ उठाया था। बहुमत आने के बाद बनने वाली भाजपा सरकार से भी इसे जोड़कर देखा जा रहा है। सूत्रों के मुताबिक तरबगंज, कर्नलगंज और मनकापुर तहसीलों के साथ सौ से अधिक परीक्षा केन्द्र संवेदनशील और अतिसंवेदनशील श्रेणी में है। इन कैमरों को इन्हीं तहसील क्षेत्रों में लगाया जाएगा। उल्लेखनीय है कि साल भर पहले जिले को पांच ड्रोन कैमरे मिले थे। कुछ दिन तो इनका इस्तेमाल हुआ, उसके बाद रख दिए गए। यहां तक कि चुनाव में भी इस्तेमाल नहीं किया गया है। अब फिर झाड़ पोंछकर इन्हें बाहर निकाला जा रहा है। डीएम आशुतोष निरंजन ने बताया कि नई व्यवस्था की कोशिश की जा रही है। इससे नकल माफियाओं के हौसलें पस्त होंगे और परीक्षा की विश्वसनीयता बरकरार रहेगी।
साभार-khaskhabar.com













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