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लंदन । मौजूदा चैम्पियन भारतीय क्रिकेट टीम ने मंगलवार को केनिंग्टन ओवल मैदान पर हुए चैम्पियंस ट्रॉफी के अभ्यास मैच में बांग्लादेश को 240 रनों से करारी मात दे दी। दिनेश कार्तिक (94, रिटायर्ड आउट) और हार्दिक पांड्या (नाबाद 80) के शानदार प्रदर्शन के दम पर 324 रनों का मजबूत स्कोर खड़ा करने के बाद भारत ने उमेश यादव (16/3) और भुवनेश्वर कुमार (13/3) की धारदार गेंदबाजी के बल पर बांग्लादेश की पारी 23.5 ओवरों में 84 रनों पर समेट दी। दोनों छोरों से बेहद कसी हुई गेंदबाजी करते हुए उमेश और भुवनेश्वर ने 7.3 ओवरों में ही 22 के मामूली स्कोर पर बांग्लादेश के छह विकेट चटका डाले। दोनों ने पांच-पांच ओवर गेंदबाजी की। आठवें क्रम पर बल्लेबाजी करने उतरे मेहदी हसन मिराज (24) बांग्लादेश के सर्वोच्च स्कोरर रहे। मेहदी और सुंजामुल इस्लाम (18) के बीच आठवें विकेट के लिए हुई 30 रनों की साझेदारी बांग्लादेश की सबसे बड़ी साझेदारी रही। बांग्लादेश के चार खिलाड़ी जहां खाता भी नहीं खोल सके, वहीं सात बल्लेबाज दहाई तक भी नहीं पहुंच सके। उमेश, भुवनेश्वर के अलावा मोहम्मद शमी, जसप्रीत बुमराह, हार्दिक और रविचंद्रन अश्विन को एक-एक विकेट मिला। इससे पहले, टॉस हारकर बल्लेबाजी करने उतरी भारतीय टीम ने कप्तान विराट कोहली और पूर्व कप्तान महेंद्र सिंह धौनी के बगैर ही निर्धारित 50 ओवरों में सात विकेट खोकर 324 रन बनाए। कोहली और धौनी बल्लेबाजी करने नहीं उतरे। कार्तिक और पांड्या के अलावा सलामी बल्लेबाज शिखर धवन (60) ने भी अहम योगदान दिया। भारतीय टीम की शुरुआत हालांकि, थोड़ी कमजोर रही। 21 के कुल योग पर टीम ने सलामी बल्लेबाजी रोहित शर्मा (1) और अजिंक्य रहाणे (11) के रूप में अपने दो बल्लेबाजों के विकेट गंवा दिए थे। इसके बाद पारी संभालने आए धवन और कार्तिक ने तीसरे विकेट के लिए 100 रनों की शतकीय साझेदारी कर टीम का स्कोर 100 के पार पहुंचाया ही था कि धवन 121 के कुलयोग पर सुंजामुल इस्लाम की गेंद पर मेहदी हसन मिराज के हाथों लपके गए। धवन ने 67 गेंदों पर सात चौके लगए। धवन के आउट होने के बाद कार्तिक का साथ देने आए जाधव ने चौथ विकेट के लिए 74 रन जोड़े, लेकिन सुनजामुल इस्लाम ने जाधव को बोल्ड कर इस साझेदारी को भी तोड़ दिया। 208 के स्कोर पर कार्तिक भी रिटायर्ड आउट होकर पवेलियन लौट गए। उन्होंने 77 गेंदों में आठ चौके और एक छक्का लगाया। इसके बाद पांड्या और रवींद्र जडेजा (32) ने छठे विकेट के लिए 86 रनों की बेहतरीन साझेदारी की और टीम को 294 के स्कोर तक पहुंचाया। इसी स्कोर पर जडेजा रुबेल हुसैन की गेंद पर शाकिब अल-हसन के हाथों लपके गए।  जडेजा के आउट होने के बाद पांड्या का साथ देने आए रविंचंद्रन अश्विन (5) को हुसैन ने मैदान पर टिकने नहीं दिया और बोल्ड कर भारतीय टीम का सातवां विकेट गिराया। भुवनेश्वर कुमार (1) और पांड्या ने निर्धारित समय तक कोई और विकेट गंवाए बिना टीम को 324 के मजबूत स्कोर तक पहुंचाया।  बांग्लादेश के लिए हुसैन ने सबसे अधिक तीन विकेट लिए, वहीं इस्लाम को दो और मुस्ताफिजुर रहमान को एक सफलता हासिल हुई।  चैम्पियंस ट्रॉफी से निर्धारित दो अभ्यास मैचों में भारत की यह दूसरी जीत है। इससे पहले भारत ने न्यूजीलैंड को हराया था। चैम्पियंस ट्रॉफी एक जून से शुरू हो रही और अब भारत चार जून को चिर प्रतिद्वंद्वी पाकिस्तान के खिलाफ अपने अभियान का आगाज करेगा।   साभार-khaskhabar.com  

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नई दिल्ली । भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) ने बिजू जॉर्ज को महिला टीम का नया फील्डिंग कोच नियुक्त किया गया है। बीसीसीआई ने सोमवार को एक बयान जारी कर इस बात की जानकरी दी। बीसीसीआई ने साथ ही बताया है कि अगले महीने से शुरू होने वाले विश्व कप के लिए महिला टीम का प्रशिक्षण शिविर छह जून से मुंबई में शुरू होगा जो 10 जून तक चलेगा।  बीसीसीआई ने बयान में कहा, ‘‘महिल टीम की फील्डिंग को बेहतर करने के लिए बीसीसीआई ने बीजू जॉर्ज को टीम की फील्डिंग कोच नियुक्त किया है।’’ बयान में कहा गया है, ‘‘महिला क्रिकेट टीम 24 जून से 23 जुलाई तक इंग्लैंड में होने वाले विश्व कप की तैयारी के लिए मुंबर्ई में छह से 10 जून तक चलने वाले प्रशिक्षण शिविर में हिस्सा लेगी।’’ टीम 11 जून को इंग्लैंड के लिए रवाना होगी और एक सप्ताह बाद आधिकारिक अभ्यास मैच खेलेगी। टीम 19 जून को न्यूजीलैंड और 21 जून को श्रीलंका के खिलाफ अभ्यास मैच खेलेगी। साभार-khaskhabar.com  

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पेरिस । ऑस्ट्रेलिया की टेनिस खिलाड़ी सामंथा स्टोसुर ने शनिवार को स्ट्रासबर्ग टेनिस टूर्नामेंट का खिताब अपने नाम कर लिया। विश्व की 24वीं वरीयता प्राप्त खिलाड़ी स्टोसुर ने खिताबी मुकाबले में अपने ही देश की डारिया गेब्रिलोवा को हराया। स्टोसुर ने यह मैच 5-7, 6-4, 6-3 से अपने नाम किया। स्टोसुर ने हालांकि पहला सेट गंवा दिया, लेकिन इसमें भी उन्होंने काफी संघर्ष किया।  इसके बाद अगले दोनों सेट में स्टोसुर लय में आ गईं और गेब्रिलोवा को टिकने का का कोई मौका नहीं दिया। यह मैच जीतने के लिए स्टोसुर को दो घंटे 45 मिनट लगे। यह इस क्ले कोर्ट इवेंट में स्टोसुर की दूसरी और कुल नौवीं खिताबी जीता है। स्टोसुर ने इससे पहले 2015 में यह खिताब जीता था। साभार-khaskhabar.com  

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नई दिल्ली । भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड ने साफ कर दिया है कि इंग्लैंड में जून में खेली जाने वाली चैम्पियंस ट्रॉफी के लिए भारतीय टीम में चुने गए हरफनमौला खिलाड़ी युवराज सिंह वायरल बुखार से पीडि़त हैं लेकिन वह तेजी से सुधार कर रहे हैं। बीसीसीआई ने बयान जारी कर इसकी पुष्टि की। बीसीसीआई ने शनिवार को कहा कि उसकी मेडिकल टीम ने युवराज की स्थिति का मुआयना किया है और इसके बाद उसने कहा है कि उनकी स्थिति संतोषजनक है। युवराज को आराम की सलाह दी गई है। वह हालांकि 28 मई को ओवल मैदान पर न्यूजीलैंड के साथ होने वाले अभ्यास मैच में नहीं खेल सकेंगे। भारत को अपना पहला मैच 4 जून को पाकिस्तान के साथ खेलना है। बोर्ड ने कहा है कि वह उस मैच के लिहाज से युवराज की स्थिति पर नजर रखे हुए है। साभार-khaskhabar.com  

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बेंगलुरु । पिछले साल सुल्तान अजलान शाह कप टूर्नामेंट से अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर पदार्पण करने वाले राष्ट्रीय हॉकी टीम के गोलकीपर आकाश चिकते का कहना है कि एशियन चैम्पियंस ट्रॉफी में पाकिस्तान के खिलाफ खेले गए फाइनल मैच और इसमें जीत से उनका आत्मविश्वास बढ़ा है। चिकते ने एशियन चैम्पियंस ट्रॉफी के फाइनल में पाकिस्तान के खिलाफ दिग्गज गोलकीपर पी.आर.श्रीजेश की गैरमौजूदगी में जिम्मेदारी को बखूबी निभाया था। भारत ने पाकिस्तान के खिलाफ टूर्नामेंट का फाइनल मैच 3-2 से जीता था। इस मैच में चिकते ने प्रतिद्वंद्वी टीम के कई हमलों को नाकाम किया था। इसके अलावा उन्होंने मलेशिया के खिलाफ 2-1 से मिली जीत में भी अहम भूमिका निभाई थी।  इस साल 26वें सुल्तान अजलान शाह कप टूर्नामेंट में भी चिकते को इसी प्रकार की स्थिति का सामना करना पड़ा। चोटिल होने के कारण टूर्नामेंट से बाहर हुए श्रीजेश की अनुपस्थिति में चिकते ने ही गोलकीपिंग की जिम्मेदारी संभाली। वर्तमान में वह बेंगलुरु में भारतीय खेल प्राधिकरण (साई) में जारी राष्ट्रीय शिविर में प्रशिक्षण ले रहे हैं। लंदन में 15 जून से होने वाले विश्व हॉकी लीग सेमीफाइनल में भारतीय टीम को कनाडा, स्कॉटलैंड, नीदरलैंड्स और पाकिस्तान के साथ एक ही पूल में शामिल किया गया है। ये सभी टीमें अच्छी प्रतिद्वंद्वी हैं, लेकिन 18 जून को चिर प्रतिद्वंद्वी पाकिस्तान के खिलाफ होने वाले मैच के बारे में चिकते ने कहा, ‘‘हम इस मैच को भी बाकी मैचों की तरह देखेंगे। मैं पाकिस्तान के खिलाफ दो मैच खेल चुका हूं और दोनों ही मैच हमने जीते थे। इसलिए, इन मैचों से मेरा आत्मविश्वास बढ़ा है। मुझे इस टूर्नामेंंट में विश्व की शानदार टीमों के खिलाफ अच्छी प्रतिस्पर्धा की आशा है और उम्मीद है कि यह मेरे लिए एक शानदार अनुभव होगा।’’ चिकते जूनियर विश्व कप विजेता भारतीय टीम के गोलकीपर विकास दहिया के साथ जर्मनी और लंदन जाएंगे। उल्लेखनीय है कि भारतीय टीम 15 जून में लंदन में आयोजित होने वाले विश्व हॉकी लीग सेमीफाइनल से पहले तीन देशों का आमंत्रण टूर्नामेंट खेलेगी, जो एक जून से शुरू हो रहा है। इस टूर्नामेंट में भारत, जर्मनी और बेल्जियम के साथ दो-दो मैच खेलेगा। साभार-khaskhabar.com  

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लंदन । आईसीसी चैम्पियंस ट्रॉफी से ठीक पहले भारतीय क्रिकेट टीम के कप्तान विराट कोहली ने गुरुवार को कहा कि टीम का मध्य और निचला क्रम मजबूत हुआ है, जिससे पूर्व कप्तान महेंद्र सिंह धोनी से काफी हद तक भार हट गया है। कोहली ने कहा कि टीम को अपने मध्य और निचले क्रम की बल्लेबाजी को मजबूत करने की जरूरत थी जिसमें टीम सफल हुई है। चैम्पियंस ट्रॉफी में भारत चार जून को चिर प्रतिद्वंद्वी पाकिस्तान के खिलाफ अपने अभियान का आगाज करेगा। कोहली ने इच्छा जाहिर की है कि टीम में शामिल अनुभवी खिलाड़ी युवराज सिंह और धोनी इस टूर्नामेंट में खुलकर अपना स्वाभाविक खेल खेलें। कोहली ने कहा, ‘‘हमने पिछले कुछ समय में निचले क्रम में बल्लेबाजी को मजबूत किया है। पहले धोनी पर बहुत ज्यादा दबाव था और वह अपना स्वाभविक खेल नहीं खेल पा रहे थे।’’ कोहली ने कहा, ‘‘अब हम एक संतुलित टीम हैं। हमारे पास अच्छे तेज गेंदबाज हैं और बल्लेबाजी में गहराई है। इसका सबूत हाल ही में इंग्लैंड के खिलाफ हुई श्रृंखला में देखने को मिला।’’आईसीसी द्वारा जारी बयान में कोहली के हवाले से कहा गया है, ‘‘हम इस टूर्नामेंट में मजबूत मानसिकता के साथ जा रहे हैं।’’ भारत मौजूदा विजेता के तौर पर चैम्पियंस ट्रॉफी में हिस्सा लेने के लिए इंग्लैंड पहुंच चुका है। कोहली 2013 में चैम्पियंस ट्रॉफी जीतने वाली टीम का हिस्सा रहे थे। उनका कहना है कि मौजूदा टीम पहले से ज्यादा बेहतर हुई है। कोहली को अपनी टीम में रोहित शर्मा, अजिंक्य रहाणे, जसप्रीत बुमराह, भुवनेश्वर कुमार और रविचंद्रन अश्विन के अलावा युवराज और धोनी से काफी उम्मीदें हैं। उन्होंने कहा, ‘‘मैं कप्तान के तौर पर अपना पहला आईसीसी टूर्नामेंट खेलने को तैयार हूं।’’ उन्होंने कहा, ‘‘जहां तक टीम की बात है। हम पिछली बार इसलिए जीते थे क्योंकि हमारे पास अच्छे तेज गेंदबाज थे, हमारे स्पिन गेंदबाजों ने अच्छा प्रदर्शन किया था। साथ ही हमारी सलामी जोड़ी ने शानदार खेल दिखाया था।’’ कोहली ने कहा, ‘‘यह तीन बड़े कारण थे। इस साल टीम ज्यादा संतुलित है। खिलाड़ी पहले से ज्यादा परिपक्व हो चुके हैं। चार साल पहले हमारी टीम युवा थी। बीते तीन-चार वर्षों में खिलाडिय़ों को अनुभव मिला है।’’ पाकिस्तान के खिलाफ होने वाले मुकाबले से पहले भारत को न्यूजीलैंड और बांग्लादेश के खिलाफ अभ्यास मैच खेलने हैं। पाकिस्तान के बाद भारत का मुकाबला श्रीलंका और दक्षिण अफ्रीका से होगा। एकदिवसीय में कोहली का बीता हुआ फॉर्म शानदार रहा है। उन्होंने तकरीबन 90 की औसत से रन बनाए हैं। एकदिवसीय इतिहास में वह सबसे ज्यादा शतक लगाने वालों की सूची में विश्व में चौथे स्थान पर हैं। लेकिन इंग्लैंड में तीन साल पहले उनका फॉर्म अच्छा नहीं रहा था। कोहली ने कहा, ‘‘अगर आप खेल के लंबे प्रारूप की बात करें तो तीन साल पहले मैं अच्छी फॉर्म में नहीं था।’’ उन्होंने कहा, ‘‘मैं टीम में अपना योगदान नहीं दे पाया था। मैं सफल होना चाहता था। इससे मुझे वापसी करने में मदद मिली।’’ उन्होंने कहा, ‘‘तब से अब तक मैं मानसिक तौर पर काफी मजबूत हुआ हूं। एक बल्लेबाज के लिए इंग्लैंड कड़ी चुनौती लेकर आता है। मैं इससे बाहर निकलना चाहता था और करियर का अंत संतुष्ट होकर करना चाहता हूं।’’ साभार-khaskhabar.com  

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नई दिल्ली । हाल ही में शंघाई में हुए तीरंदाजी विश्व कप में स्वर्ण पदक जीतने वाली भारतीय टीम का हिस्सा रहे दिल्ली निवासी अभिषेक वर्मा को बुधवार को सम्मानित किया गया। आयकर निरीक्षक अभिषेक, कोलम्बिया को हरा कर स्वर्ण पदक जीतने वाली टीम में शामिल थे। भारतीय टीम, वियतनाम, ईरान और अमरीका को हराकर फाइनल में पहुंची थी। केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी) के अध्यक्ष सुशील चंद्र ने पूरे विभाग की ओर से अभिषेक को सम्मानित किया और उनके शानदार खेल करियर के लिए अपनी शुभकामनाएं दीं। अभिषेक को 2014 में प्रतिष्ठित अर्जुन पुरस्कार और 2007 में राजीव गांधी राज्य पुरस्कार से भी नवाजा जा चुका है। उन्होंने भारत में 2016 में आयोजित 12वें सैफ खेलों में स्वर्ण तथा थाईलैंड में 2015 में आयोजित 19वीं एशियाई तीरंदाजी चैम्पियनशिप में स्वर्ण पदक सहित अनेक अंतर्राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में पदक जीते हैं।  साभार-khaskhabar.com  

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म्यूनिख । भारतीय निशानेबाज जीतू राय आईएसएसएफ विश्व कप की 10 मीटर एयर पिस्टल स्पर्धा के फाइनल में पहुंचने में विफल रहे। तेजस्विनी सावंत ने भी 50 मीटर राइफल थ्री पोजीशन इवेंट में निराश किया। जीतू 10वें जबकि तेजस्विनी 15वें स्थान पर रहीं।  जीतू ने फाइनल में क्वालीफाई करने के लिए 581 अंक बनाए। वे अंतिम चार निशानों तक दौड़ में बने हुए थे। तुकी के तुगरूल ओजर क्वालीफाई करने वाले आठवें निशानेबाज रहे जिनका स्कोर 582 रहा। प्रकाश नानजप्पा और अनमोल जैन 576 के समान स्कोर के साथ क्रमश: 34वें और 36वें स्थान पर रहे।  महिलओं की राइफल थ्री पोजीशन स्पर्धा में तेजस्विनी ने प्रोन पोजीशन में 200 में से 199 अंक जुटाए लेकिन उनका 584 अंक का स्कोर क्वालीफिकेशन के लिए पर्याप्त नहीं था क्योंकि वे दो अंक से पिछड़ गई। अन्य भारतीयों में एन गायत्री 38वें जबकि एलिजाबेथे सुसान कोशी 55वें स्थान पर रहीं। विश्व कप के अंतिम दिन महिलाओं की 10 मीटर एयर पिस्टल और पुरुषों की 50 मीटर राइफल थ्री पोजीशन स्पर्धा का फाइनल होगा। दुनिया की पूर्व नंबर एक हीना सिद्धू और तीन बार के ओलंपियन संजीव राजपूत इनमें भारतीय चुनौती पेश करेंगे। इससे पहले रविवार को भारत की पुरुषों की 50 मीटर राइफल प्रोन और 25 मीटर रैपिड फायर पिस्टल स्पर्धा में चुनौती क्वालीफाइंग चरण में ही खत्म हो गई थी।  50 मीटर राइफल प्रोन में सुशील घाले 31वें, चैन सिंह 37वें और राजपूत 65वें स्थान पर रहे थे। वहीं 25 मीटर रैपिड फायर पिस्टल में नीरज कुमार 18वें, हरप्रीत सिंह 21वें व ओलंपियन गुरप्रीत सिंह 31वें स्थान पर रहे थे। साभार-khaskhabar.com  

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नई दिल्ली । फुटबाल और बैडमिंटन लीग में बतौर सह-मालिक प्रवेश कर चुके भारत के पूर्व दिग्गज क्रिकेट खिलाड़ी सचिन तेंदुलकर का कहना है कि वह तहेदिल से देश में कबड्डी को लोकप्रिय बनाना चाहते हैं और यही कारण है कि उन्होंने इस लीग के लिए फ्रेंचाइजी चेन्नई के साथ जुडऩे का फैसला किया है। सचिन प्रो-कबड्डी लीग में शामिल चार नई टीमों में से एक चेन्नई फ्रेंचाइजी के सह-मालिक हैं।  हैदराबाद के व्यवसायी नीमागड्डा प्रसाद इस फ्रेंचाइजी में उनके सहयोगी हैं। प्रसाद के पास व्यवसायिक और खेल के क्षेत्र में काफी अनुभव है और उनका कहना है कि जब प्रो-कबड्डी लीग में फ्रेंचाइजी टीमों की संख्या बढ़ाए जाने की पुष्टि हुई, तो सचिन ने खुद इसमें रुचि दिखाई। हैदराबाद के पुलेला गोपीचंद बैडमिंटन अकादमी के निर्माण के लिए वित्तीय सहायता प्रदान करने वाले प्रसाद ने इंडियन सुपर लीग फ्रेंचाइजी केरला ब्लास्टर्स फुटबाल क्लब को भी मजबूती प्रदान करने में अहम योगदान दिया है। प्रसाद ने प्रो-कबड्डी लीग सीजन-5 की नीलामी से पहले आयोजित संवाददाता सम्मेलन में कहा, ‘‘सचिन आज कई खेलों से जुड़े हुए हैं। क्रिकेट में मुंबई इंडियंस के साथ उनके भावनात्मक जुड़ाव के अलावा, वह केरला ब्लास्टर्स के सह-मालिक हैं। सचिन ने प्रो-कबड्डी लीग में चेन्नई फ्रेंचाइजी के साथ जुड़़ते हुए कहा था कि वह हर खेल को बढ़ावा देने के लिए प्रयास करना चाहते हैं और कबड्डी तो जमीन से जुड़ा हुआ खेल है।’’ प्रसाद मैट्रिक्स लेबरॉटरीज, मां टीवी, केयर हास्पिटल से जुड़े रहे हैं। इसके अलावा, केरला ब्लास्टर्स के लिए क्लासरूट और युवा विकास कार्यक्रम के संचालन में उनकी अहम भूमिका रही है। उन्होंने कहा, ‘‘सचिन नीलामी के लिए दिल्ली आना चाहते थे, लेकिन वह नही आ सके क्योंकि वह अपनी आगामी फिल्म ‘सचिन : ए बिलियन डॉलर ड्रीम्स’ के प्रचार में व्यस्त हैं, जो 26 मई को रिलीज हो रही है।’’ सचिन के कबड्डी से जुडऩे के बारे में यू-मुंबा के कप्तान अनूप कुमार और तेलुगू टाइटंस द्वारा रीटेन किए गए खिलाड़ी राहुल चौधरी ने कहा कि सचिन जैसी शख्सियत के लीग से जुडऩे इसकी लोकप्रियता में और भी इजाफा होगा, क्योंकि जब कभी भी सचिन लीग के मैच के लिए स्टेडियम में पहुंचेंगे, तो उनको देखने वाले दर्शक भी बड़ी संख्या में स्टेडियम में आएंगे। निश्चित तौर पर इससे कबड्डी की लोकप्रियता और बढ़ेगी। साभार-khaskhabar.com  

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हैदराबाद । इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) के 10वें संस्करण के खिताबी मुकाबले में मुंबई इंडियंस ने राइजिंग पुणे सुपरजाएंट को एक रन से हरा दिया। इस जीत के साथ ही मुंबई इंडियंस आईपीएल-10 की चैंपियन बन गई। मुंबई इंडियंस ने राइजिंग पुणे सुपरजाएंट के सामने 130 रन का लक्ष्य रखा, जो आईपीएल इतिहास के फाइनल का अब तक का न्यूनतम स्कोर था। जबाव में राइजिंग पुणे सुपरजाएंट की टीम 20 ओवर में 6 विकेट के नुकसान पर 128 रन पर ही ढेर हो गई। लक्ष्य का पीछा करने उतरी राइजिंग पुणे सुपरजाएंट की शुरुआत अच्छी नहीं रही और मात्र 17 रन पर ही उसका पहला विकेट गिर गया। जसप्रीत बुमराह ने 2.2 ओवर में राहुल त्रिपाठी (3) को आईबीडब्ल्यू करते हुए पुणे का पहला विकेट लिया। मैच में अजिंक्य रहाणे को एक जीवनदान मिला, जब 3.4 ओवर में लसिथ मलिंगा की बॉल पर क्रणाल पंड्या ने उनका कैच छोड़ दिया। उस वक्त वे केवल 14 रन पर खेल रहे थे।  पुणे का दूसरा विकेट 11.5 ओवर में 71 रन पर गिरा, जब मिशेल जॉनसन की बॉल पर अजिंक्य रहाणे (44) को कीरोन पोलार्ड ने कैच कर लिया। रहाणे ने 38 बॉल की अपनी पारी में 5 चौके भी लगाए। आउट होने से पहले रहाणे ने कप्तान स्टीव स्मिथ के साथ मिलकर 71 बॉल पर 71 रन की पार्टनरशिप की। एमएस धोनी (10) आउट होने वाले तीसरे बैट्समैन रहे। जिन्हें 16.2 ओवर में जसप्रीत बुमराह ने पार्थिव पटेल के हाथों कैच करा दिया।  इससे पहले दो बार की चैम्पियन मुम्बई इंडियंस 20 ओवर में आठ विकेट के नुकसान पर 129 रन बना पाई। मुम्बई की ओर से क्रूनाल पांड््या ने सबसे अधिक 47 रन बनाए। टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने का मुम्बई का फैसला सही नहीं रहा। उसने मात्र आठ रन के कुल योग पर अपने दोनों सलामी बल्लेबाजों लेंडल सिमंस (3) और पार्थिव पटेल (4) के विकेट गंवा दिए। इन दोनों को जयदेव उनादकट ने आउट किया। इसके बाद अंबाती रायडू (12) और कप्तान रोहित शर्मा (24) ने तीसरे विकेट के लिए 33 रनों की साझेदारी की। स्कोर 41 रनों तक पहुंचा था कि कप्तान स्टीवन स्मिथ ने रायडू को रन आउट कर मुम्बई को तीसरा झटका दिया। रोहित 56 के कुल योग पर आउट हुए। रोहित ने 22 गेंदों पर चार चौके लगाए। उन्हें एडम जाम्पा ने आउट किया। केरन पोलार्ड (7) और हार्दिक पांड्या (10) भी कुछ खास नहीं कर सके और क्रमश: 65 तथा 78 के कुल योग पर आउट हुए। पिछले मैच में मुम्बई के हीरो रहे कर्ण शर्मा (1) को 79 के कुल योग पर डेनियल क्रिस्टीयन और शार्दुल ठाकुर ने सहभागिता से रन आउट किया। इसके बाद हालांकि क्रूनाल और मिशेल जानसन (नाबाद 13) ने पारी को सम्भालते हुए आठवें विकेट के लिए 50 रन जोड़े। क्रूनाल ने 38 गेंदों पर तीन चौके और दो छक्के लगाए। जानसन ने 13 गेंदों पर एक छक्का लगाया। पांड्या का विकेट 129 के कुल योग पर गिरा। पुणे की ओर से उनादकट, क्रिस्टीयन और जाम्पा ने दो-दो विकेट लिए। दो खिलाड़ी रन आउट हुए। इससे पहले 2009 के फाइनल में डेक्कन चार्जर्स ने फाइनल में 143 रन बनाए थे और फिर अच्छी गेंदबाजी की बदौलत रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर को छह रनों से हराया था। साभार-khaskhabar.com  

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हैदराबाद । मुंबई इंडियंस की नजरें आईपीएल के 10वें संस्करण का खिताब जीत तीन खिताब जीतने वाली पहली टीम बनने का है लेकिन उसके इस सपने के बीच राइंजिंग पुणे सुपरएंट की पहला आईपीएल खिताब जीतने की जिद है। दोनों टीम आज उप्पल के राजीव गांधी स्टेडियम में खिताबी भिडंत करेंगी। यह मुकाबला रात 8 बजे हैदराबाद में खेला जाएगा। मुंबई के कप्तान रोहित शर्मा ने अपनी टीम को आइपीएल 10 के फाइनल तक पहुंचाने में सफल रहे। अब फाइनल में उनका सामना स्टीव स्मिथ की पुणे से है लेकिन रोहित को ये अच्छी तरह पता है कि पुणे की टीम को संभालने का काम पूर्व भारतीय कप्तान एमएस धोनी भी कर रहे हैं। अब ये तो साफ है कि रोहित के दिमाग का सामना सिर्फ स्मिथ ही नहीं धोनी के दिमाग से भी होगा। मुंबई की टीम चौथी बार फाइनल खेलेगी और तीसरी बार टूर्नामेंट जीतने की कोशिश करेगी, वहीं पुणे टीम अपना पहला खिताब जीतना चाहेगी। पुणे टीम मुंबई को ही हराकर फाइनल में पहुंची थी। आईपीएल 10 के लीग राउंड में दोनों ही टीमें दो बार भिड़ी थी, जिनमें दोनों ही मैच पुणे के नाम रहे थे। फिर क्वालिफायर मुकाबले में भी मुंबई को हार का मुंह देखना पड़ा था। पिछले तीन मुकाबलो में हारने के बाद मुंबई के कप्तान रोहित शर्मा पर फाइनल मैच में टीम को जीत दिलाने का दबाव होगा। पिछले सीजन यानी साल 2016 में पुणे और मुंबई के बीच दो मैच हुए थे। पहले मैच में पुणे ने 9 विकेट से जीत हासिल की थी जबकि दूसरे मैच में पुणे को उसके होम ग्राउंड पर मुंबई इंडियंस ने 8 विकेट से शिकस्त दी थी। ओवऑल प्रदर्शन की बात करें, तो मुंबई इंडियंस लीग राउंड में 20 अंकों के साथ टॉप पर रही थी, जबकि राइजिंग पुणे सुपरजायंट टीम 18 अंकों के साथ दूसरे नंबर पर रही थी। मुंबई ने 14 मैचों में 10 मैचों में जीत दर्ज की, जबकि स्टीव स्मिथ की कप्तानी में पुणे ने 14 मैचों में 9 मैच जीते थे। साभार-khaskhabar.com  

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बेंगलुरू । मुंबई इंडियंस ने शुक्रवार को हुए एकतरफा दूसरे क्वालीफायर मुकाबले में कोलकाता नाइट राइडर्स को छह विकेट से हराकर चौथी बार इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) के फाइनल में प्रवेश कर लिया है। फाइनल मुकाबला रविवार को बेंगलुरू में होगा। फाइनल में मुम्बई के सामने होगी राइजिंग पुणे सुपरजाएंट टीम, जिसने पहले क्वालीफायर में उसे हराते हुए पहली बार इस लीग के फाइनल में कदम रखा है। एम.चिन्नास्वामी स्टेडियम में मुंबई के कप्तान रोहित शर्मा ने टॉस जीत गेंदबाजी चुनी। उनके गेंदबाजों ने कप्तान के फैसले को जायज ठहराया और कोलकाता को 18.5 ओवरों में 107 रनों पर ही समेट दिया। इसके बाद 14.3 ओवरों में चार विकेट खोकर लक्ष्य हासिल कर लिया।  कोलकाता को इस स्कोर तक समेटने में मैन ऑफ द मैच कर्ण शर्मा के चार विकटों की अहम भूमिका रही। उन्होंने कोलकाता के मुख्य बल्लेबाजों के विकेट लेकर उसे संकट में डाला जिससे वह कभी उबर नहीं पाई। उनके अलावा जसप्रीत बुमराह ने भी तीन अहम विकेट लिए। फाइनल में रविवार को मुंबई का सामना पहली बार फाइनल में पहुंची राइजिंग पुणे सुपरजाएंट से होगा। यह दोनों टीमें पहले क्वालीफायर में भिड़ चुकी हैं जहां पुणे ने मुंबई को मात दी थी। मुंबई दो बार आईपीएल का खिताब जीत चुकी है।  मुंबई की शुरुआत भी अच्छी नहीं रही थी और मामूली से लक्ष्य का पीछा करते हुए उसने अपने तीन अहम विकेट 34 के कुल स्कोर पर ही खो दिए थे। लेडल सिमंस (3) और अंबाती रायडू (6) को पीयूष चावला ने अपना शिकार बनाया तो उमेश यादव ने पार्थिव पटेल (14) को आउट किया। लेकिन कप्तान रोहित (26) ने अपनी जिम्मेदारी को बखूबी निभाया और क्रुणाल पांड्या (नाबाद 45) के साथ तीसरे विकेट के लिए 54 रनों की साझेदारी कर टीम को जीत के करीब पहुंचा दिया। इसी बीच रोहित 88 के कुल स्कोर पर नाथन कल्टर नाइल की गेंद पर अंकित राजपूत को कैच दे बैठे। उन्होंने क्रुणाल के साथ 6.4 ओवरों में 8.10 की औसत से रन जोड़े।  कप्तान के जाने के बाद क्रुणाल ने केरन पोलार्ड (नाबाद 9) के साथ जीत की औपचारिकता को पूरा कर मुंबई को फाइनल में पहुंचाया। क्रुणाल ने 30 गेंदे खेलीं और आठ चौके लगाए। इससे पहले, कोलकाता के बल्लेबाज कर्ण की फिरकी में फंस कर रह गए। उनकी अगुआई में मुंबई के गेंदबाजों ने कोलकाता को बड़ा स्कोर करने से रोक दिया। कर्ण ने अपने कोटे के चार ओवरों में महज 16 रन दिए। बुमराह, कर्ण से ज्यादा किफायती साबित हुए। उन्होंने तीन ओवर डाले जिसमें से एक मेडन रहा और कुल सात रन खर्च किए। मिशेल जॉनसन को दो और लसिथ मलिंगा को एक सफलता मिली। मुंबई के गेंदबाजों ने कोलकाता के बल्लेबाजों को बड़े शॉट खेलने से रोके रखा और साथ ही लगातार अंतराल पर विकेट लेकर उसे सस्ते में समेट दिया। कोलकाता के सिर्फ चार बल्लेबाज ही दहाई के आंकड़े तक पहुंच सके। इशांक जग्गी और सूर्यकुमार यादव के बीच छठे विकेट के लिए 56 रनों की साझेदारी की बदौलत कोलकाता की टीम 100 का आंकड़ा पार कर सकी। पारी की शुरुआत करने आए विस्फोटक बल्लेबाज क्रिस लिन (4) को बुमराह ने दूसरे ओवर में ही पवेलियन भेज दिया। सुनील नरेन का बल्ल भी शांत रहा और वह कर्ण की गेंद पर पटेल के हाथों स्टम्प होकर पवेलियन लौटे। नरेन ने 10 गेंदों में 10 रन बनाए।  नरेन के आउट होने के एक रन बाद ही बुमराह ने रॉबिन उथप्पा (1) को पगबाधा किया। कप्तान गौतम गंभीर 12 रन बनाकर कर्ण की गेंद पर हार्दिक पांड्या को कैच दे बैठे। गंभीर का विकेट 31 के कुल स्कोर पर गिरा। इसी स्कोर पर कर्ण की गेंद पर कोलिन डी ग्रांडहोमे को पगबाधा करार दे दिया गया। कोलकाता 31 रनों पर अपने प्रमुख पांच विकेट खोकर गंभीर संकट में था। ऐसे में जग्गी (28) और सूर्यकुमार (31) ने छठे विकेट के लिए अर्धशतकीय साझेदारी कर टीम को कुछ राहत दी।  कर्ण एक बार फिर अपनी फिरकी से मुंबई को विकेट दिलाने में कामयाब रहे। 87 के कुल स्कोर पर उन्होंने जग्गी को पवेलियन की रहा दिखाई। पीयूष दो और नाइल छह रनों का ही योगदान दे सके। सूर्यकुमार ने टीम का आंकड़ा 100 के पार पहुंचाया ही था कि एक रन बाद बुमराह ने उनकी पारी का अंत कर दिया। विकेट से महरूम चल रहे मलिंगा ने अंकित (4) को बोल्ड कर अपना खाता खोला और कोलकाता की पारी का अंत किया। साभार-khaskhabar.com  

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