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कार्डिफ । अपने हरफनमौला खेल से सभी को हैरान करते हुए मेजबान इंग्लैंड को मात देकर आईसीसी चैम्पियंस ट्रॉफी के फाइनल में जगह बनाने वाली पाकिस्तान के कप्तान सरफराज अहमद ने कहा कि ग्रुप दौर में भारत से हारने के बाद उनकी टीम के लिए हर मैच नॉक आउट मैच था। पाकिस्तान ने बुधवार को पहले सेमीफाइनल में मेजबान इंग्लैंड को आठ विकेट से मात देते हुए पहली बार चैम्पियंस ट्रॉफी के फाइनल में जगह बनाई है।  पाकिस्तान को इस टूर्नामेंट के अपने पहले मैच में चिर प्रतिद्वंद्वी भारत ने हराया था। इसके बाद पाकिस्तान ने खिताब की एक और प्रबल दावेदार दक्षिण अफ्रीका को डकवर्थ लुइस नियम से हराया और ग्रुप-बी के अंतिम मैच में रोमांचक मुकाबले में श्रीलंका को मात देते हुए सेमीफाइनल में जगह बनाई थी।  सेमीफाइनल मैच में जीत हासिल करने के बाद सरफराज ने कहा, ‘‘भारत से हारने के बाद हमारे लिए हर मैच नॉकआउट मैच बन गया था। मैंने अपने खिलाडिय़ों से कहा था कि आप सिर्फ अपना खेल खेलें।’’भारत को दूसरे सेमीफाइनल में बांग्लादेश से भिडऩा है। अगर भारत यह मैच जीत जाता है तो फाइनल में वह पाकिस्तान से रविवार को भिड़ेगा। फाइनल भारत के साथ होने की संभावना पर सरफराज ने कहा, ‘‘दोनों टीमें अच्छा खेल रही हैं। जो भी हमारे सामने आएगी हम उसके साथ खेलेंगे।’’  पाकिस्तान के लिए इस मैच में हसन अली ने शानदार गेंदबाजी की और अपने कोटे के 10 ओवरों में 35 रन देकर तीन विकेट लिए। उन्हें मैन ऑफ द मैच चुना गया। सरफराज ने हसन के बारे में कहा, ‘‘वह बेहद प्रभावशाली गेंदबाज है। उम्मीद है कि वह फाइनल में भी अच्छा प्रदर्शन करेगा। वह जब भी आता है विकेट लेता है।’’ मैच के बारे में सरफराज ने कहा, ‘‘हमने अच्छी गेंदबाजी की और इसके बाद बल्लेबाजों ने भी अच्छा प्रदर्शन किया। मोहम्मद आमिर नहीं था लेकिन, रुमन रइस ने उनकी जगह आकर अच्छा प्रदर्शन किया। हमने टॉस जीतकर लक्ष्य का पीछा करने का फैसला लिया जो सही साबित हुआ।’’   साभार-khaskhabar.com  

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मेड्रिड । स्पेन में अभियोजक ने रियल मेड्रिड फुटबाल क्लब के स्टार खिलाड़ी क्रिस्टियानो रोनाल्डो पर कर भुगतान में डेढ़ करोड़ डालर से अधिक की धोखाधड़ी करने का आरोप लगाया है। बीबीसी की रिपोर्ट के अनुसार, मेड्रिड स्थित अभियोजक कार्यालय ने कहा है कि उसने इस मामले में पुर्तगाल के अंतर्राष्ट्रीय खिलाड़ी के खिलाफ मुकदमा दायर किया है। रोनाल्डो पर 2011 से 2014 के बीच 1.47 करोड़ यूरो (1.3 करोड़ पाउंड, 1.6 करोड़ डॉलर) की धोखाधड़ी का आरोप लगा है। विश्व के सबसे महंगे फुटबाल खिलाड़ी रोनाल्डो ने पहले कहा था कि उन्हें कर भुगतान मामले में जांच से किसी प्रकार की चिंता नहीं है क्योंकि उनके पास छिपाने के लिए कुछ भी नहीं है। पिछले साल दिसम्बर में लीक हुए दस्तावेजों में यह सामने आया था कि रोनाल्डो ने अपनी कमाई में कर भुगतान को नजरअंदाज किया था। हालांकि, पुर्तगाल के खिलाड़ी ने इन आरोपों को खारिज किया है।   साभार-khaskhabar.com  

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नई दिल्ली । भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) की प्रशासनिक समिति (सीओए) के अध्यक्ष विनोद राय ने साफ किया है कि अनिल कुंबले वेस्टइंडीज दौरे के लिए भी टीम इंडिया के कोच पद पर बने रहेंगे।  इससे पहले यह कहा जा रहा था कि कुंबले का कार्यकाल चैम्पियंस ट्रॉफी के बाद समाप्त हो जाएगा। टीम इंडिया का वेस्टइंडीज दौरा 23 जून से शुरू हो रहा है, जहां भारत को पांच वनडे और एक टी20 मैच खेलना है। कुछ ही दिन पहले बीसीसीआई ने भी कहा था कि अभी टीम इंडिया के नए कोच की तलाश में और समय लगेगा और इसलिए फिलहाल कुंबले टीम इंडिया के मुख्य कोच बने रहेंगे।  बीसीसीआई के मुताबिक पिछले हफ्ते नए कोच की तलाश के लिए लंदन में सौरव गांगुली, सचिन तेंदुलकर और वीवीएस लक्ष्मण की सदस्यता वाली बीसीसीआई की क्रिकेट सलाहकार समिति (सीएसी) की बैठक हुई थी। इस बैठक में गांगुली, तेंदुलकर और लक्ष्मण ने दो घंटे नए कोच की नियुक्ति पर चर्चा की, लेकिन इसके बाद उन्होंने बीसीसीआई के मुख्य कार्यकारी अधिकारी राहुल जौहरी को बताया कि उन्हें कोच के चयन के लिए अधिक समय चाहिए।  टीम इंडिया के कोच पद के लिए जिन्होंने आवेदन किया है, उसमें वीरेंद्र सहवाग, टॉम मू़डी, लालचंद राजपूत, डोडा गणेश, रिचर्ड पेबस और मौजूदा कोच अनिल कुंबले का नाम शामिल है। टीम इंडिया कैरेबियाई दौरे पर पहला वनडे 23 जून को और फिर दूसरा 25 जून को त्रिनिदाद के क्वींस पार्क ओवल में खेलेगी। इसके बाद भारत को 30 जून और 2 जुलाई को एंटिगा के सर विवियन रिचर्ड स्टेडियम में और फिर आखिरी वनडे 6 जुलाई को जमैका के सबिना पार्क में खेलना है। वेस्टइंडीज और भारत के बीच इस दौरे पर एकमात्र टी20 मैच 9 जुलाई को जमैका के ही सबिना पार्क में खेला जाएगा। साभार-khaskhabar.com  

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लंदन । आईसीसी चैम्पियंस ट्रॉफी में रविवार को दक्षिण अफ्रीका को मात देने के बाद भारतीय टीम के कप्तान विराट कोहली ने कहा कि यह टीम का टूर्नामेंट के इस संस्करण में अभी तक का सर्वश्रेष्ठ मैच है। भारत ने इस अहम मुकाबले में रविवार को एकतरफा प्रदर्शन करते हुए दक्षिण अफ्रीका को आठ विकेट से मात दी। भारतीय गेंदबाजों ने पहले दक्षिण अफ्रीका को 191 रनों पर ढेर कर दिया इसके बाद शिखर धवन (78) और कप्तान विराट कोहली (नाबाद 76) की बेहतरीन पारियों के दम पर जीत हासिल करते हुए सेमीफाइनल में प्रवेश किया।  यह मैच जीतना दोनों टीमों के लिए जरूरी इसलिए था, क्योंकि इस मैच को जीतने वाली टीम सेमीफाइनल में पहुंचती और हराने वाली टीम टूर्नामेंट से बाहर। मैच के बाद कोहली ने कहा, ‘‘टॉस जीतना अच्छा रहा। विकेट में ज्यादा बदलाव नहीं आया। इस पर बल्लेबाजी अच्छी हो रही थी। फील्डिर्स ने गेंदबाजों का साथ दिया।’’दक्षिण अफ्रीका ने अच्छी शुरुआत की थी और लग रहा था कि वह बड़ा स्कोर करेगा लेकिन दो अहम रन आउट होने से वह बैकफुट पर चली गई। इसमें दक्षिण अफ्रीका के कप्तान अब्राहम डिविलियर्स का विकेट भी शामिल है।  29वें और 30वें ओवर में डिविलियर्स (16) और डेविड मिलर (1) का रन आउट होना उसके लिए नुकसानदेह साबित हुआ। कोहली ने डिविलियर्स के आउट होने पर कहा, ‘‘जब मौका आपके हाथ में आता है तो आपको उसे भुनाना चाहिए। उन्हें जल्दी आउट करना अहम होता है। वह हमेशा आपको परेशान कर सकते हैं।’ लक्ष्य का पीछा करने के बारे में कोहली ने कहा, ‘‘हमारे लिए यह जरूरी था कि कोई बल्लेबाज अंत तक टिके। शिखर ने शानदार खेल खेला और आक्रमकता दिखाई। यह हमारा इस टूर्नामेंट का अभी तक का सर्वश्रेष्ठ मैच है।’’कोहली ने कहा कि टीम अब पीछे मुडक़र नहीं देखेगी और सुधार करते हुए आगे बढ़ेगी। कोहली ने कहा, ‘‘हम यहां से पीछे मुडक़र नहीं देखेंगे। सुधार की गुंजाइश हमेशा रहती है। हर बार एक छोटा सा मौका अपने आप में सुधार करने का होता है। आप आराम नहीं कर सकते।’’  साभार-khaskhabar.com  

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मुंबई । अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (आईसीसी) विश्व कप टूर्नामेंट से पहले भारत टीम की कप्तान मिताली राज ने शनिवार को कहा कि इस टूर्नामेंट के जीतने से भारतीय महिला में एक नई क्रांति आएगी। महिला विश्व कप टूर्नामेंट का आयोजन इंग्लैंड में 24 जून से होगा और इसका समापन 23 जुलाई को होगा। मिताली ने कहा कि टीम का मुख्य लक्ष्य टूर्नामेंट के सेमीफाइनल में प्रवेश हासिल करना है। भारतीय टीम ने 2005 में इस टूर्नामेंट में अपना अब तक का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया था, जिसमें वह दूसरे स्थान पर थी। इंग्लैंड के लिए रवाना होने से पहले मिताली ने संवाददाताओं के साथ की गई एक चर्चा में कहा, हमारा पहला कदम टूर्नामेंट के सेमीफाइनल में प्रवेश करने की ओर उठेगा। मिताली ने कहा, हम निश्चित तौर पर विश्व कप जीतना चाहते हैं। यह जीत महिला क्रिकेट टीम में एक नई क्रांति लाएगी। यह महिला क्रिकेट टीम विश्व कप का 11वां संस्करण है और इंग्लैंड में तीसरी बार इस टूर्नामेंट का आयोजन हो रहा है। इससे पहले 1973 और 1993 में इंग्लैंड ने इस टूर्नामेंट की मेजबानी की थी। इस साल श्रीलंका में आयोजित हुए विश्व कप क्वालीफायर को जीतकर भारतीय टीम ने इस टूर्नामेंट में प्रवेश किया है। इसके लिए फाइनल में भारत ने दक्षिण अफ्रीका को मात दी थी। भारतीय टीम 2013 में आयोजित हुए विश्व कप टूर्नामेंट में सातवें स्थान पर थी, वहीं पाकिस्तान की टीम आठवें स्थान पर थी। महिला क्रिकेट विश्व कप के 11वें संस्करण की शुरुआत भारतीय टीम 24 जून को मेजबान इंग्लैंड के खिलाफ करेगी। इसी दिन न्यूजीलैंड का सामना श्रीलंका से होगा। फाइनल मैच 23 जुलाई को लंदन में खेला जाएगा।  साभार-khaskhabar.com  

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लंदन । चैम्पियंस ट्रॉफी के ग्रुप-बी में खेले गए अपने दूसरे मैच में हारने वाली भारतीय टीम के कप्तान विराट कोहली का कहना है कि अगर कोई टीम शानदार प्रदर्शन कर जीत हासिल करती है, तो वह तारीफ के काबिल है। कोहली ने गुरुवार को खेले गए मैच को जीतने का श्रेय श्रीलंका टीम के शानदार प्रदर्शन को दिया। केनिंग्टन ओवल मैदान पर गुरुवार को खेले गए इस मैच में श्रीलंका ने भारत को सात विकेट से मात दी।  टॉस हारकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी भारतीय टीम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए निर्धारित 50 ओवरों में श्रीलंका के सामने 322 रनों का मजबूत लक्ष्य रखा था। इस लक्ष्य को श्रीलंका ने अपने बल्लेबाजों की बेहतरीन बल्लेबाजी के दम पर 48.4 ओवरों में ही हासिल कर लिया। मैच के बाद कोहली ने कहा, ‘‘हम एक ऐसी टीम ने नहीं हैं, जो हमेशा ही पूरे 50 ओवरों तक आक्रामक क्रिकेट खेलेगी। अगर कोई टीम हमारी ही तरह योजना के साथ जीत के लक्ष्य से मैदान पर उतरकर अच्छा प्रदर्शन करती है, तो आपको उसकी टीम को सलाम करना चाहिए। ऐसी टीम तारीफ के काबिल होती है।’’  कोहली ने श्रीलंका को मिली जीत का श्रेय टीम के बल्लेबाजों को देते हुए कहा, ‘‘मुझे लगता है कि श्रीलंका के बल्लेबाजों ने शानदार प्रदर्शन किया। हमें इस हार को ध्यान में रखकर अगले मैच में शानदार प्रदर्शन करना होगा।’’ साभार-khaskhabar.com  

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लंदन । श्रीलंकाई बल्लेबाजों ने आईसीसी चैम्पियंस ट्रॉफी के ग्रुप-बी के मैच में गुरुवार को सभी को हैरान करते हुए मौजूदा विजेता भारत को हार के लिए मजबूर कर दिया। श्रीलंका ने अपने दूसरे मैच में भारत को सात विकेट से मात दी। मैच में भारत की हार पर दो क्वार्टर फाइनल होंगे। भारत का द.अफ्रीका से व पाकिस्तान का श्रीलंका से मुकाबला होगा। भारत ने सलामी बल्लेबाज शिखर धवन (125) की बेहतरीन शतकीय पारी और रोहित शर्मा (78) तथा महेंद्र सिंह धौनी (63) के अर्धशतकों की बदौलत श्रीलंका के सामने 322 रनों का लक्ष्य रखा था जिसे उसने अपने बल्लेबाजों के संयुक्त प्रदर्शन के दम पर आठ गेंद शेष रहते हुए तीन विकेट खोकर हासिल कर लिया।  यह श्रीलंका द्वारा एकदिवसीय क्रिकेट में हासिल किया गया सबसे बड़ा लक्ष्य है। साथ ही इस मैदान पर भी हासिल किया गया सबसे बड़ा लक्ष्य है। इससे पहले भारत ने 2007 में इंग्लैंड के खिलाफ 317 रनों का लक्ष्य इसी मैदान पर हासिल किया था। इस जीत के बाद श्रीलंका ने अपने आप को सेमीफाइनल की दौड़ में बनाए रखा है। श्रीलंका को अगर सेमीफाइनल में पहुंचना है तो उसे अब पाकिस्तान के खिलाफ होने वाले अगले मैच में हर हाल में जीत हासिल करनी होगी। वहीं सेमीफाइनल में जाने के लिए भारत को भी अपने अंतिम ग्रुप मैच में रविवार को दक्षिण अफ्रीका को हराना होगा। भारत की कोशिश इस मैच को जीत कर सेमीफाइनल में प्रवेश करने की थी लेकिन श्रीलंका ने उसके इस सपने को रविवार तक के लिए टाल दिया।  श्रीलंका की जीत में अहम भूमिका दानुष्का गुणाथिलाका (76) और मैन ऑफ द मैच कुशल मेंडिस (89) के बीच दूसरे विकेट के लिए 159 रनों की साझेदारी की रही। सही मायने में इस जोड़ी ने भारत को घुटने टेकने पर मजबूर कर दिया। इस जोड़ी के आगे भारत का मजूबत गेंदबाजी आक्रमण बेअसर साबित हुआ। यह साझेदारी तब आई जब श्रीलंका ने अपना पहला विकेट 11 रनों के कुल स्कोर पर ही खो दिया था। भुवनेश्वर कुमार ने निरोशन डिकवेला को आउट कर भारत को पहली सफलता दिलाई।  लेकिन इसके बाद दनुष्का और मेंडिस ने मैच श्रीलंका की तरफ मोड़ दिया। दोनों बल्लेबाजों ने बिना किसी जल्दबाजी के पहले पारी को बनाया और फिर अपने-अपने शॉट खेले। भारत के लिए यह जोड़ी खतरनाक साबित हो रही थी। इसी बीच रन लेने की जल्दबाजी में दानुष्का रन आउट हो गए। दानुष्का 170 के कुल योग पर पवेलियन लौटे। उन्होंने 72 गेंदों की पारी में सात चौके और दो छक्के लगाए। भारत के लिए मेंडिस खतरा बने थे। भुवनेश्वर ने विकेटों पर सीधा थ्रो मार कर मेंडिस की पारी का अंत किया। मेंडिस 196 रनों के कुल स्कोर पर आउट हुए। उन्होंने अपनी पारी में 93 गेंदों का सामना किया और 11 चौके तथा एक छक्का लगाया। यहां से भारत की मैच में वापसी की उम्मीदें जागी थीं लेकिन, कुशल परेरा (47 रिटायर्ड हर्ट) और कप्तान एंजेलो मैथ्यूज (नाबाद 52) ने उसके अरमानों पर पानी फेर दिया। दोनों ने चौथे विकेट के लिए 75 रन जोड़े ही थे कि परेरा चोटिल हो कर बाहर चले गए।  मैथ्यूज को परेरा के स्थान पर असेला गुणारत्ने (नाबाद 34) का साथ मिला। उन्होंने कप्तान के साथ मिलकर 5.4 ओवरों में नौ की औसत से 51 रन जोड़ते हुए टीम को जरूरी जीत दिलाई। मैथ्यूज ने 45 गेंदों की पारी में छह चौके लगाए। इससे पहले, भारत को रोहित और धवन की सलामी जोड़ी ने शानदार शुरुआत दी जिसका फायदा अंत में धौनी ने उठाया और तेजी से रन बटोरे। रोहित और धवन की जोड़ी ने श्रीलंकाई गेंदबाजों को शुरू से विकेट के लिए तरसा दिया था। इस जोड़ी ने पहले विकेट के लिए 138 रनों की साझेदारी की। आखिरकार लसिथ मलिंगा ने 25वें ओवर की पांचवीं गेंद पर रोहित को थिसरा परेरा के हाथों कैच करा अपनी टीम को पहली सफलता दिलाई।  रोहित ने 79 गेंदों की अपनी पारी में छह चौके और तीन छक्के मारे। टीम के खाते में एक रन ही जुड़ा था कि विराट कोहली को नुवान प्रदीप ने खाता खोले बिना पवेलियन भेजा। युवराज सिंह ने स्वभाव के विपरीत 18 गेंदों में सात रन बनाए। उन्हें गुणारत्ने ने अपना शिकार बनाया। धौनी ने इसके बाद धवन का साथ दिया और चौथे विकेट के लिए 82 रन जोड़ते हुए टीम का स्कोर 261 तक  पहुंचाया। इसी स्कोर पर धवन, मलिंगा की गेंद पर आउट हो गए। 128 गेंदों में 15 चौके और एक छक्का मारने वाले धवन का यह चैम्पियंस ट्रॉफी में सर्वोच्च स्कोर है।  इसके अलावा वह चैम्पियंस ट्रॉफी में सबसे ज्यादा शतक लगाने वाले बल्लेबाजों की सूची में आ गए हैं। यह उनका इस टूर्नामेंट में तीसरा शतक है। उनके अलावा उनके अलावा भारतीय टीम के पूर्व कप्तान सौरभ गांगुली, वेस्टइंडीज के क्रिस गेल और दक्षिण अफ्रीका के हर्षल गिब्स के नाम तीन-तीन शतक हैं।  धवन के बाद भारत का अगला विकेट हार्दिक पांड्या (9) के रूप में गिरा। धौनी ने 52 गेंदों का सामना करते हुए दो छक्के और सात चौके मारे। केदार जाधव ने 13 गेंदों में तीन चौके तथा एक छक्के की मदद से 25 रनों की तेज तर्रार पारी खेली।  श्रीलंका की तरफ से मलिंगा ने दो विकेट लिए। सुरंगा लकमल, प्रदीप, परेरा, गुणरात्ने को एक-एक सफलता मिली।  साभार-khaskhabar.com  

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लंदन । आईसीसी चैम्पियंस ट्रॉफी में गुरुवार को श्रीलंका से भिडऩ़े से पहले भारतीय टीम के कप्तान विराट कोहली ने अपनी टीम से इस अहम मैच में आक्रामकता के साथ खेलने की बात कही है। कोहली ने साथ ही कहा कि इस मैच में टीम को अपनी फील्डिंग में सुधार करने की जरूरत होगी। भारत ने अपने पहले मैच में पाकिस्तान को 124 रनों से मात देते हुए टूर्नामेंट का शानदार आगाज किया है। हालांकि इस मैच में टीम की फील्डिंग काफी खराब रही थी और खिलाडिय़ों ने कुछ आसान कैच छोडऩे के साथ-साथ फील्डिंग में रन भी लुटाए थे। कोहली ने अपनी टीम को आत्मसंतुष्ट न होने की सलाह भी दी है। मैच से पहले संवाददाता सम्मेलन में कोहली ने कहा, ‘‘आईसीसी टूर्नामेंट में श्रीलंका ने काफी अच्छा प्रदर्शन किया है। अगर आप उनके बीते कुछ वर्षों के रिकार्ड देखेंगे तो पता चलता है कि वह हमेशा सेमीफाइनल तक गए हैं।’’ कोहली ने कहा, ‘‘उनके पास अच्छे प्रतिभाशाली बल्लेबाज हैं। वह युवा टीम है लेकिन, उनके पास ऐसे खिलाड़ी हैं जो मैच जिताने वाला प्रदर्शन कर सकते हैं।’’ कोहली ने कहा, ‘‘आक्रामक होकर खेलने और मैच को खत्म करने की जरूरत है क्योंकि जिस टीम की बल्लेबाजी गहरी हो वो अंत में 60-70 रनों की साझेदारी कर सकती है। इस तरह के टूर्नामेंट में हमें इस तरह की चीजों पर ध्यान देना होगा। साथ ही हमें उन क्षेत्रों को पहचानने की जरूरत है जहां हमें ज्यादा मेहनत करनी है।’’ पाकिस्तान के खिलाफ अंत में आकर तूफानी बल्लेबाजी करने वाले हरफनमौला खिलाड़ी हार्दिक पांड्या की कोहली ने तारीफ की और कहा कि वह निचले क्रम में एक पूर्ण बल्लेबाज की तरह बल्लेबाजी करने जाते हैं। कोहली ने कहा, ‘‘हार्दिक भारतीय क्रिकेट के लिए काफी अहम हैं। 140 किलोमीटर की रफ्तार को छूने वाला गेंदबाज और अंत में बड़े शॉट लगाने वाला बल्लेबाज, यह दोनों एक ही खिलाड़ी में पाना काफी मुश्किल है। वह पूरी पारी तक बल्लेबाजी कर सकते हैं, यह हमने अभ्यास मैच में देखा था। इस तरह की काबिलियत वाले खिलाड़ी को ढूंढना बेहद मुश्किल है।’’ उन्होंने कहा, ‘‘जब आपके पास उस जैसा खिलाड़ी होता है तो आपको इस बात को सुनिश्चित करना होता है कि वह हमेशा सकारात्मक रहे और अपना सौ फीसदी देने को प्रतिबद्ध रहे। यह उनका स्वभाव भी है।’’ उन्होंने कहा, ‘‘हार्दिक निचले क्रम में एक पूर्ण बल्लेबाज की तरह जाते हैं। वह जिस तरह का संतुलन टीम में लाते हैं, वह अनमोल है। इसका उदाहरण हमें पिछले मैच में देखने को मिला था।’’  मैच से पहले टीम संयोजन पर कोहली ने कहा, ‘‘हमने अभी तक इस पर बात नहीं की है। हम यह देखना चाहते हैं कि उनके बल्लेबाज अलग-अलग गेंदबाजों के खिलाफ किस तरह खेलते हैं। इसके बाद ही हम टीम संयोजन पर फैसला करेंगे।’’ उन्होंने कहा, ‘‘जब बल्लेबाजों को ऐसे गेंदबाज मिल जाते हैं जो विकेट निकाल सकते हैं तो उनका आत्मविश्वास बढ़ जाता है। हमारे पास ऐसे गेंदबाज हैं और इसी कारण हम अच्छी स्थिति में हैं। विपक्षी बल्लेबाजों को ध्वस्त करने वाले गेंदबाजों का होना हमारे लिए अच्छी बात है।’’ पाकिस्तान के खिलाफ कोहली ने रविचंद्रन अश्विन और मोहम्मद शमी को अंतिम एकादश में शामिल नहीं किया था। इस पर कोहली ने कहा, ‘‘अश्विन उच्च स्तरीय गेंदबाज हैं और काफी पेशेवर भी। वह समझते हैं कि हमने वह टीम क्यों चुनी और वह इससे खुश हैं। वह हमेशा टीम को पहले रखते हैं।’’ उन्होंने कहा, ‘‘शमी ने काफी लंबे समय से 50 ओवरों की क्रिकेट नहीं खेली है। मैं इस बात से खुश हूं कि उन्होंने अभ्यास मैच में अच्छी गेंदबाजी की है।’’ भारतीय टीम अगर गुरुवार को होने वाले मैच में जीत हासिल करती है तो वह सेमीफाइनल में पहुंच जाएगी। मेजबान इंग्लैंड ने पहले ही सेमीफाइनल में जगह बना ली है। साभार-khaskhabar.com  

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नई दिल्ली । बीसीसीआई ने 25 मई को टीम इंडिया के कोच पद के लिए आवेदन मांगे थे। मास्टर ब्लास्टर सचिन तेंदुलकर, सौरव गांगुली और वीवीएस लक्ष्मण की क्रिकेट सलाहकार समिति पद के लिए इच्छुक उम्मीदवारों का इंटरव्यू लेगी। इस बीच, पूर्व विस्फोटक बल्लेबाज वीरेंद्र सहवाग ने कोच पद के लिए आवेदन कर दिया है। खास बात यह है कि सहवाग ने जो आवेदन भेजा है, वह सिर्फ दो लाइन का है। ऐसे में बीसीसीआई ने उनसे विस्तृत सीवी मांगा है। इसके बाद ही उन्हें इंटरव्यू के लिए बुलाया जाएगा। सहवाग ने सीवी में लिखा है, इंडियन प्रीमियर लीग की टीम किंग्स इलेवन पंजाब में मेंटर और कोच।  इन लडक़ों (भारतीय खिलाडिय़ों) के साथ क्रिकेट खेल चुका हूं। उल्लेखनीय है कि वीरू दो दिन पहले भारत-पाकिस्तान मैच के दौरान स्टेडियम में कमेंट्री करते हुए कोच पद को लेकर गांगुली के साथ मजाक करते दिखे थे।  सहवाग ने जब से अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट को अलविदा कहा है तभी से वे सोशल मीडिया पर काफी सक्रिय हैं। वे ट्विटर पर दार्शनिक और चुटिले अंदाज में कई कमेंट करते हैं। खिलाडिय़ों को बर्थडे विश करने का उनका अनोखा अंदाज है। सहवाग के साथ कोच पद की दौड़ में पूर्व ऑस्ट्रेलियाई खिलाड़ी टॉम मूडी, लालचंद राजपूत, रिचर्ड पाइबस, पूर्व तेज गेंदबाज डोड्डा गणेश व मौजूदा कोच अनिल कुंबले भी हैं।    साभार-khaskhabar.com  

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पेरिस । भारत की शीर्ष महिला टेनिस खिलाड़ी सानिया मिर्जा और क्रोएशिया के इवान डोडिग की जोड़ी सोमवार को साल के दूसरे ग्रैंड स्लैम टूर्नामेंट फ्रेंच ओपन के मिश्रित युगल वर्ग में एक अन्य भारतीय पुरुष खिलाड़ी रोहन बोपन्ना और कनाडा की गाब्रिएला डाब्रोव्स्की की जोड़ी से हार गईं। सानिया-डोडिग की दूसरी वरीय जोड़ी को क्वार्टर फाइनल मैच में बोपन्ना-डाब्रोव्स्की सातवीं वरीय जोड़ी से 3-6, 4-6 से मात खानी पड़ी। बोपन्ना-डाब्रोव्स्की की जोड़ी पूरे मैच के दौरान सानिया-डोडिग की जोड़ी पर हावी रही। बोपन्ना-डाब्रोव्स्की ने एक के मुकाबले छह एस लगाए और एक के मुकाबले छह विनर्स हासिल किए। बोपन्ना-डाब्रोव्स्की को यह मैच जीतने में सिर्फ 52 मिनट लगे। बोपन्ना-डाब्रोव्स्की अब सेमीफाइनल में डोमिनिक इंग्लॉट-आंद्रिया क्लेपाक और आंद्रिया हलावाकोवा-एडुआर्डो रोजर वेसलीन की जोडिय़ों के बीच होने वाले मुकाबले के विजेता से भिड़ेंगे। साभार-khaskhabar.com  

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एजबेस्टन (बर्मिंघम) । रोहित शर्मा (91) और शिखर धवन (68) के बीच हुई दमदार साझेदारी के बाद युवराज सिंह (53) की तूफानी पारी की बदौलत भारतीय टीम ने रविवार को एजबेस्टन स्टेडियम में जारी चैम्पियंस ट्रॉफी के मैच में 319 रनों का चुनौतीपूर्ण स्कोर खड़ा किया। डकवर्थ लुइस नियम के तहत पाकिस्तान को संशोधित लक्ष्य 324 रनों का मिला। बारिश के कारण भारतीय पारी दो बार बाधित हुई, जिसके बाद संशोधित कर मैच को 48 ओवरों का कर दिया गया। भारत ने रोहिता-धवन के बाद कप्तान विराट कोहली और युवराज के बीच हुई 93 रनों की तेज-तर्रार साझेदारी की बदौलत संशोधित 48 ओवरों में तीन विकेट पर 319 रनों का चुनौतीपूर्ण स्कोर खड़ा किया। पाक को पुन: संशोधित लक्ष्य 41 ओवर में 289 रनों का दिया गया।  लक्ष्य का पीछा करने उतरी पाकिस्तान की ओपनिंग अजहर व शहजाद ने की है। गेंदबाजी की शुरूआत उमेश यादव,बुमराह व भुवनेश्वर ने की। तीनों ओवर किफायती रहे। पांचवें ओवर की 5 गेंदें हुई थी कि फिर तेज बारिश आ गई व गेम रूक गया। तब अजहर 12 व शहजाद 7 रन पर थे।बारिश थमने के बाद भारत के समयानुसार 9.30 बजे मैच फिर शुरू हुआ। पॉवरप्ले के पहले 7 ओवर में पाकिस्तान ने 32 रन जोडे। शहजाद भुवनेश्वर की गेंद पर पगबाधा आउट हुए। तब क्रीज पर बाबर आजम आए। 13 वें ओवर में उमेश की गेंद पर स्क्वायर कट के प्रयास में बाबर-8 को जडेजा ने बेहतरीन कैच के जरिए वापस भेजा। तब मोहमक्मद हफीज क्रीज पर आए।14 वें ओवर में हार्दिक की गेंद पर अजहर का कैच छूट गया। अजहर की फिफ्टी पूरी हुई और अगली ही गेंद पर जडेजा ने अजहर को कैच आउट करवा दिया। तब शांएब मलिक क्रीज पर आए। शोएब मलिक ने अनुभव दिखाया, कुछ अच्छे शॉट लगाए पर 13 रन पर जडेजा ने रनआउट कर वापस भेज दिया। इसके बाद हफीज का साथ देने क्रीज पर कप्तान सरफराज पहुंचे। 27वें ओवर में हफीज 33 रप पर जडेजा के शिकार हुए। तब इमाद वसीम क्रीज पर आए और बिना कोई रन बनाए पांड्या की बोल पर जडेजा को कैच दे बैठे। इसके बाद भारतीय गेंदबाजों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए पाकिस्तान को 33.4 ओवर में ऑल आउट करते हुए 124 रन से मैच अपने नाम कर लिया। इससे पहले पाकिस्तान ने टॉस जीत भारत को बल्लेबाजी का न्यौता दिया। भारत की सलामी जोड़ी रोहित शर्मा और शिखर धवन ने इस बेहद उत्तेजना वाले मैच की बेहद संयम के साथ शुरुआत की और पहले ओवर में एक भी रन नहीं लिया। शुरुआत में धीमा खेल रहे रोहित और धवन ने धीरे-धीरे लय पकड़ी और पहले विकेट के लिए 24.3 ओवरों में 5.55 के औसत से 136 रनों की साझेदारी की। 25वें ओवर की तीसरी गेंद पर शिखर धवन (68) के रूप में भारत का पहला विकेट गिरा। शादाब खान की गेंद पर डीप मिडविकेट पर खड़े अजहर अली ने धवन का कैच लिया। धवन ने 65 गेंदों की बेहतरीन पारी में छह चौके और एक छक्का जड़ा। धवन के जाने के बाद भारत की रन गति पर थोड़ा विराम सा लग गया। रोहित और कोहली ने दूसरे विकेट के लिए 12.1 ओवरों में महज 4.6 के औसत से 56 रन जोड़े। शतक की ओर बढ़ रहे रोहित हालांकि दुर्भाग्यशाली रहे। 37वें ओवर की चौथी गेंद पर 192 के कुल योग पर वह रन आउट हो पवेलियन लौटे। रोहित ने 119 गेंदों की अपनी सधी हुई पारी में सात चौके और दो छक्के लगाए। अब कोहली का साथ देने उतरे अनुभवी खिलाड़ी युवराज। युवराज और कोहली ने रन गति को पंख लगाते हुए तेजी से रन बटोरने शुरू किए। दोनों ने 9.4 ओवरों में 9.62 के औसत से 93 रन जोड़ डाले। युवराज ने इस बीच 29 गेंदों में आठ चौके और एक छक्का जमाते हुए अपना अर्धशतक पूरा किया। हालांकि अगले ही ओवर में वह हसन अली का शिकार हो गए। पारी के आखिरी ओवर में हार्दिक पांड्या ने छक्कों की हैट्रिक लगाते हुए भारत को 300 के पार पहुंचाया। पांड्या छह गेंदों पर 20 रन और कोहली 68 गेंदों में छह चौके और तीन छक्के लगाकर नाबाद लौटे। पाकिस्तान के लिए हसन अली और शादाब खान ही एक-एक विकेट हासिल कर सके। भारत : रोहित शर्मा, शिखर धवन, विराट कोहली, युवराज सिंह, एमएस धोनी, केदार जाधव, हार्दिक पांड्या, रवींद्र जडेजा, भुवनेश्वर कुमार, उमेश यादव, जसप्रीत बुमराह। पाकिस्तान : अजहर अली, अहमद शहजाद, बाबर आजम, मोहम्मद हफीज, शोएब मलिक, सरफराज अहमद, इमाद वसीम, मोहम्मद आमिर, शादाब खान, वहाब रियाज, हसन अली।  साभार-khaskhabar.com  

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नई दिल्ली । अनुभवी ऑफ स्पिनर हरभजन सिंह का मानना है कि रविवार को आईसीसी चैम्पियंस ट्रॉफी में भारत और पाकिस्तान के बीच होने वाले हाई वोल्टेज मुकाबले में भारत का पलड़ा भारी है, लेकिन जो टीम दबाव से अच्छे से निपटेगी जीत उसी की होगी। भारत-पाकिस्तान रविवार को बर्मिंघम में अपने चैम्पियंस ट्रॉफी अभियान की शुरुआत करेंगे। हरभजन ने कहा कि भारत, आस्ट्रेलिया और दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ भी दबाव में रहता है लेकिन पाकिस्तान के खिलाफ यह खास मौका है। अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (आईसीसी) की वेबसाइट पर प्रसारित अपने लेख में हरभजन ने कहा, ‘‘अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर हर मैच से पहले दबाव रहता है। मैं कह सकता हूं कि अब दक्षिण अफ्रीका और आस्ट्रेलिया यहां तक कि इंग्लैंड के खिलाफ होने वाले मैचों में भी हम पर दबाव रहता है। यह टीमें हमें पाकिस्तान से ज्यादा परेशान करती हैं। दबाव हमेशा रहता है। अगर दबाव नहीं होगा तो आप अति आत्मविश्वास के शिकार हो जाएंगे।’’ उन्होंने कहा, ‘‘बावजूद इसके भारत और पाकिस्तान के मैच की बात अलग होती है। क्योंकि भारत और पाकिस्तान के मैच में किसी भी मैच से ज्यादा दबाव रहता है। जो टीम दबाव को उस दिन अच्छे से झेलती है, उसके जीतने की संभावना ज्यादा होती है।’’ उन्होंने कहा, ‘‘जो टीम मैदान पर दबाव में नहीं आएगी वो जीतेगी। मैं आश्वस्त हूं कि भारत रविवार को मैच में जीत हासिल करेगा।’’ हरभजन ने कहा कि पाकिस्तान की मौजूदा टीम में पहले जैसी बात नहीं है और उसके मुकाबले भारतीय टीम काफी मजबूत है। उन्होंने कहा, ‘‘काफी वर्षों से भारत ने सीख लिया है कि दबाव को कैसे झेलना है। यह सिर्फ पाकिस्तान को लेकर नहीं है। किसी भी हालत में आज की पाकिस्तानी टीम पुरानी पाकिस्तानी टीम जैसी नहीं है। एक समय था जब उसके पास वसीम अकरम, वकार युनिस, सकलैन मुश्ताक, सइद अनवर, इंजमाम उल हक और मोहम्मद युसूफ जैसे बल्लेबाज होते थे।’’ उन्होंने कहा, ‘‘मुझे नहीं लगता कि पाकिस्तानी टीम में मौजूद युवा खिलाड़ी दबाव को झेल पाएंगे।’’ हरभजन ने कहा कि भारत को पाकिस्तान के सीनियर बल्लेबाजों के साथ मोहम्मद आमिर से सावधान रहने की जरूरत है। उन्होंने कहा, ‘‘जब टीम में खतरनाक खिलाड़़ी की बात आती है तो मेरा मानना है कि शोएब मलिक ऐसे बल्लेबाज हैं जो स्पिन को अच्छे से खेलते हैं। एक बार जब वह लय में आ जाएं तो वह किसी भी गेंदबाज को खेल सकते हैं।’’ उन्होंने कहा, ‘‘उनके अलावा सरफराज अहमद अच्छे बल्लेबाज हैं। वहीं गेंदबाजी में पाकिस्तान के पास मोहम्मद आमिर है। भारत को उसे समझदारी से खेलना होगा। खासकर जब वो नई गेंद से फेंकेगा।’’हरभजन ने पुराने मैचों को याद करते हुए कहा, ‘‘मुझे 2011 विश्व कप का सेमीफाइनल मैच याद है। मैं पूरी रात सो नहीं सका था, क्योंकि मैं पूरी रात मैच के बारे में सोच रहा था कि लोग बाग क्या कहेंगे, अगर हम हार गए तो क्या होगा।’’  साभार-khaskhabar.com  

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