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नई दिल्ली । भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान रवि शास्त्री राष्ट्रीय टीम के मुख्य कोच पद के लिए आवेदन करेंगे। खबरों के मुताबिक, अनिल कुंबले के इस्तीफे के बाद खाली हुए कोच पद के लिए शास्त्री इच्छुक हैं और जल्द ही भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) को अपना नामांकन भेजेंगे। शास्त्री इससे पहले 2014 से 2016 तक टीम के निदेशक के रूप में काम कर चुके हैं। उन्हीं के मार्गदर्शन में टीम ने 2015 विश्व कप सेमीफाइनल और फिर पिछले साल भारत में हुए टी-20 विश्व कप के सेमीफाइनल में भी प्रवेश किया था। शास्त्री और टीम के कप्तान विराट कोहली की जुगलबंदी पहले से ही मशहूर है। ऐसी खबरें भी थीं कि कुंबले के इस्तीफे के बाद कोहली ने सीएसी के सदस्यों से कहा था कि वह शास्त्री को टीम के कोच पद पर चाहते हैं। कुंबले ने कोच पद से इस्तीफा देने का कारण कोहली के साथ मतभेदों का हवाला दिया था। शास्त्री के बाद ही कुंबले को कोच पद सौंपा गया था। कुंबले को एक साल का करार सौंपा गया था, जो चैम्पियंस ट्रॉफी के बाद खत्म हो गया। बोर्ड ने कुंबले का करार विंडीज दौरे तक के लिए बढ़ा दिया था, लेकिन कुंबले ने कोहली से मनुटाव की बात को कबूल करते हुए इस्तीफा दे दिया। कोच पद से इस्तीफा देते हुए कुंबले ने कोहली के साथ अपनी साझेदारी को अस्थिर बताया था। कुंबले ने अपने इस पत्र को ट्विटर पर भी साझा किया था। इस बीच बीसीसीआई ने कोच पद के लिए आवेदन मंगाए थे, जिसके लिए पूर्व सलामी बल्लेबाज वीरेंद्र सहवाग, डोडा गणेश, रिचर्ड पायबस, लालचंद राजपूत और टॉम मूडी ने नामांकन भेजा है। हालांकि, इसके बाद बीसीसीआई ने कोच पद के लिए नामांकन भरने की तारीख को नौ जुलाई तक के लिए बढ़ा दिया है। शास्त्री का भारतीय ड्रेसिंग रूम में आना हालांकि आसान नहीं होगा क्योंकि पिछली बार कोच पद के लिए हुए इंटरव्यू में उनका क्रिकेट सलाहकार समिति (सीएसी) के सदस्य और पूर्व कप्तान सौरव गांगुली के साथ विवाद हो गया था। गांगुली ने शास्त्री का नामांकन यह कहते हुए रद्द कर दिया था कि जिस व्यक्ति ने कोच पद के लिए नामांकन दिया हो उसे इंटरव्यू के दिन यहां मौजूद होना चाहिए। उस समय शास्त्री अपने परिवार के साथ छुट्टियां मना रहे थे और उनका इंटरव्यू स्काइप पर हुआ था। वहीं शास्त्री ने गांगुली पर आरोप लगाया था कि जब उन्होंने इंटरव्यू दिया तो गांगुली वहां मौजूद नहीं थे। सीएसी में गांगुली के अलावा सचिन तेंदुलकर, वीवीएस, लक्ष्मण शामिल हैं।   साभार-khaskhabar.com  

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पोर्ट ऑफ स्पेन । भारत और वेस्टइंडीज के बीच पांच वनडे मैचों की सीरीज का तीसरा मैच 30 जून को खेला जाएगा। भारतीय क्रिकेट टीम के कप्तान विराट कोहली ने इस मैच में बाएं हाथ के बल्लेबाज ऋषभ पंत को अंतिम एकादश में शामिल किए जाने की संभावना व्यक्त की है।  पंत ने आईपीएल-10 में दिल्ली डेयरडेविल्स के लिए कुछ बेहतरीन पारियां खेली थीं। कोहली ने कहा कि हम बैठकर टीम में संभावित बदलाव के बारे में फैसला करेंगे। हम एंटिगा जाकर एक बार फिर टीम बनाएंगे और इसमें कुछ नए खिलाडिय़ों को मौका मिल सकता है। पंत को युवराज सिंह की जगह टीम में शामिल किया जा सकता है।  युवराज इस समय फॉर्म में नहीं हैं। वे रविवार को खेले गए दूसरे वनडे में 14 रन बनाकर ही आउट हो गए थे। कोहली ने तीसरे सलामी बल्लेबाज के तौर पर अजिंक्य रहाणे का नाम लिया। ओपनर रहाणे ने दूसरे वनडे में शतकीय पारी खेली। कोहली ने कहा कि रहाणे के पास शीर्ष स्तर पर बल्लेबाजी करने की क्षमता है, लेकिन जब रोहित शर्मा और शिखर धवन टीम के लिए वनडे क्रिकेट में शानदार प्रदर्शन करते हैं, तो यह हमारे लिए और भी शानदार बात हो जाती है। ऐसे में रहाणे हमारे लिए तीसरे सलामी बल्लेबाज के तौर पर एक विकल्प के रूप में हमेशा मौजूद रहते हैं। उल्लेखनीय है कि इस सीरीज में रोहित को आराम दिया गया है। रोहित ने चैंपियंस ट्रॉफी के सेमीफाइनल में बांग्लादेश के खिलाफ शतक जड़ा था।  साभार-khaskhabar.com  

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पोर्ट ऑफ स्पेन । क्वींस पार्क ओवल मैदान में भारतीय टीम ने वेस्टइंडीज को दूसरे वनडे मुकाबले में 105 रनों से पराजित किया है। इस जीत के साथ ही भारत ने 5 वनडे मैचों की सीरीज में 1-0 की बढ़त बना ली है। आपको बता दें कि पहला मुकाबला बारिश के कारण धुल गया था। भारत ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 43 ओवर में 5 विकेट खोकर 310 रन बनाए और वेस्टइंडीज को 311 रनों का लक्ष्य दिया था। जवाब में लक्ष्य का पीछा करने उतरी वेस्टइंडीज की टीम 43 ओवर में 6 विकेट गंवा कर 205 रन ही बना पाई और भारत यह मैच 105 रनों से जीत गया। वेस्टइंडीज की ओर से शाई होप ने सबसे ज्यादा 81 रन बनाए, वहीं रोस्टन चेस ने 33 रनों की पारी खेली। भारत की ओर से कुलदीप यादव ने सबसे ज्यादा 3 विकेट झटके। अजिंक्य रहाणे को उनकी बेहतरीन 103 रनों पारी के लिए मैन ऑफ द मैच चुना गया। वेस्टइंडीज की टीम को पहला झटका भुवनेश्वर कुमार ने दिया। जब उन्होंने अपने पहले ही ओवर की तीसरी गेंद पर कीरोन पॉवेल को धोनी के हाथों कैच करा दिया। अपने अगले ही ओवर में भुवनेश्वर कुमार ने जेसन मोहम्मद को पंड्या के हाथों कैच करा के वेस्टइंडीज को 4 रन के स्कोर पर दूसरा झटका दे दिया। इसके बाद वेस्टइंडीज के बल्लेबाज इविन लुईस और शाई होप ने मिलकर तीसरे विकेट के लिए 89 रनों की पार्टनरशिप कर दी। लेकिन भारत के लिए अपना दूसरा मैच खेल रहे कुलदीप यादव ने 19 वें ओवर में इविन लुईस को धोनी के हाथों स्टंप करा के वेस्टइंडीज को तीसरा झटका दे दिया। लुईस 21 रन बना कर आउट हुए। 25.3 ओवर में कुलदीप यादव ने ताबड़तोड़ बैटिंग कर रहे वेस्टइंडीज के विकेटकीपर बल्लेबाज शाई होप को एलबीडब्लू करके भारत को चौथी सफलता दिलाई। पांचवां झटका 29.2 ओवर में 132 के स्कोर पर लगा। जब अश्विन ने जोनाथन कार्टर (13) को एलबीडब्लू कर दिया। वेस्टइंडीज को छठा झटका कुलदीप यादव ने जेसन होल्डर को आउट करके दिया। होल्डर 29 रन बनाकर धोनी के हाथों स्टंप आउट हुए। भारत की बल्लेबाजी-- अजिंक्य रहाणे (103) के शतक, कप्तान विराट कोहली (87) और शिखर धवन (63) के अर्धशतकों की बदौलत भारत ने दूसरे वनडे मैच में मेजबान वेस्टइंडीज के सामने 311 रनों का लक्ष्य रखा। टॉस हारने के बाद पहले बल्लेबाजी करते हुए भारत ने अपने ऊपरी क्रम के दम पर निर्धारित 43 ओवरों में पांच विकेट खोकर 310 रन बनाए। बारिश के कारण मैच देरी से शुरू हुआ और इसी कारण मैच के ओवरों की संख्या 50 से घटाकर 43 कर दी गई। पहले बल्लेबाजी करने उतरी भारत को सलामी जोड़ी धवन और रहाणे ने टीम को शानदार शुरूआत दी। इन दोनों की बल्लेबाजी और तालमेल को देखकर ऐसा लग रहा था कि यह दोनों पिछले मैच की लय में ही हैं। इस मैच में दोनों ने शतकीय साझेदारी को अंजाम दिया और पहले विकेट के लिए 18.2 ओवरों में 114 रन जोड़े। धवन ऑफ स्पिनर एशले नर्स की गेंद पर विकेटकीपर शाई होप द्वारा स्टम्पिंग कर दिए गए। उन्होंने 59 गेंदें खेली और 10 चौके लगाए। धवन के जाने के बाद रहाणे को कप्तान विराट कोहली का साथ मिला। रहाणे विकेट पर जम चुके थे और खूबसूरत शॉट्स खेलते गए। 34वें ओवर की चौथी गेंद पर उन्होंने ऐसा ही खूबसूरत शॉट खेल अपने अंतर्राष्ट्रीय करियर का तीसरा शतक पूरा किया, लेकिन इसी ओवर की आखिरी गेंद पर वह मिग्युएल कमिंस की गेंद पर बोल्ड हो गए। उन्होंने अपनी शतकीय पारी में 103 गेंदों का सामना किया और 10 चौके तथा दो छक्के लगाए। उन्होंने कोहली के साथ 97 रनों की साझेदारी की। बड़े शॉट खेलने के लिए मशहूर हार्दिक पांड्या को ऊपर भेजा गया। वह सिर्फ बिना खाता खोले पवेलियन लौट लिए थे लेकिन अल्जारी जोसेफ की यह गेंद नो बाल निकली। गेंद उनके बल्ले का बाहरी किनारा लेते हुए होप के हाथों गई और पांड्या खुद ब खुद चल दिए, लेकिन अंपायर ने यह देखना चाहा कि गेंद सीधे विकेटकीपर के हाथों में गई है या नहीं, इसी जांच में यह नो बाल निकली। हालांकि वह इस जीवनदान का फायदा नहीं उठा सके और चार रन बना कर आउट हो गए। युवराज ने 14 रनों का योगदान दिया। कोहली ने 66 गेदों में चार चौके और चार छक्कों की मदद से तेज तर्रार पारी खेली। महेंद्र सिंह धोनी 13 रन और केदार जाधव भी 13 रन बना कर नाबाद रहे। साभार-khaskhabar.com  

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नई दिल्ली । महान ऑलराउंडर कपिल देव के नेतृत्व में भारत ने आज से ठीक 34 साल पहले पहली बार वनडे विश्व कप का खिताब अपनी झोली में डाला था। भारतीय टीम ने 25 जून 1983 को लॉड्र्स में दो बार के चैंपियन वेस्टइंडीज को फाइनल में 43 रन से हराया था। वेस्टइंडीज के कप्तान क्लाइव लॉयड ने टॉस जीतकर भारत को पहले बल्लेबाजी का न्यौता दिया।  60-60 के ओवर के इस मुकाबले भारतीय टीम 54.4 ओवर में 183 रन पर ही ढेर हो गई। सुनील गावस्कर केवल दो रन बनाकर आउट हो गए। इसके बाद कृष्णामाचारी श्रीकांत (38) और मोहिंदर अमरनाथ (26) ने दूसरे विकेट के लिए 57 रन जोड़े। श्रीकांत केपैवेलियन लौटने के साथ ही भारत के विकटों की झड़ी लग गई। बाद में संदीप पाटिल ने 27, मदन लाल ने 17, कपिल ने 15 और विकेटकीपर सैयद किरमानी ने 14, यशपाल शर्मा व बलविंदर सिंह संधू ने 11-11 रन का योगदान दिया। जोएल गार्नर ने चार, एंडी रॉबट्र्स ने तीन, माइकल होल्डिंग ने दो और मैल्कम मार्शल व लैरी गोम्स ने 1-1 विकेट लिया। जवाब में इंडीज की टीम 52 ओवर में 140 रन पर ही सिमट गई। विव रिचड्र्स ने सर्वाधिक 33 रन बनाए। विकेटकीपर जैफ डुजोन ने 25, मार्शल ने 18 और डेसमंड हेंस ने 13 रन की पारी खेली। अन्य सात बल्लेबाज दोहरे अंक में भी नहीं पहुंच पाए। मोहिंदर अमरनाथ व मदनलाल ने 3-3, संधू ने दो और कपिल व रोजर बिन्नी ने 1-1 विकेट चटकाया। अमरनाथ को उनके हरफनमौला खेल के लिए मैन ऑफ द मैच का पुरस्कार मिला।   साभार-khaskhabar.com

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डर्बी (इंग्लैंड) । महिला वनडे विश्व कप का उद्घाटन शनिवार (24 जून) को होगा। पहले मैच में यहां मेजबान इंग्लैंड की टक्कर भारत से होगी। मिताली राज की अगवाई में खेल रही टीम इंडिया इस समय शानदार फॉर्म में है। उसने हाल ही में दक्षिण अफ्रीका में हुई में चतुष्कोणीय सीरीज में बेहतरीन प्रदर्शन किया था। इससे पहले उसने विश्व कप के क्वालीफायर टूर्नामेंट में जीत हासिल की थी। पाकिस्तान के साथ वनडे सीरीज खेलने से मना करने के कारण अंकों की कमी के चलते भारतीय टीम को क्वालीफायर टूर्नामेंट खेलना पड़ा। टीम की बल्लेबाजी की मिताली रीढ़ हैं। हरमनप्रीत कौर, स्मृति मंथाना, वेदा कृष्णामूर्ति के रूप में अच्छी बल्लेबाज हैं। भारतीय टीम की सभी बल्लेबाजों के लिए इंग्लैंड की परिस्थितियां परीक्षा साबित होंगी। ऐसे में मिताली का अनुभव टीम के बेहद काम आएगा। उनके अलावा झूलन गोस्वामी भी काफी समय से टीम की नियमित सदस्य हैं। महिला क्रिकेट में सबसे ज्यादा विकेट लेने वाली झूलन से भारत को बड़ी उम्मीदें रहेंगी। अब तक महिला विश्व कप के 10 संस्करण हो चुके हैं, जिनमें से भारत सिर्फ एक बार वर्ष 2005 में फाइनल तक पहुंचा था। खास बात यह है कि उस समय भी कप्तान मिताली थीं। दूसरी ओर, इंग्लैंड इस खिताब पर तीन बार कब्जा जमा चुका है, जिनमें से उसने दो बार अपनी मेजबानी में बाजी मारी। उसे मेजबान टीम होने के नाते घरेलू परिस्थितियों का लाभ मिलना भी तय है। इंग्लैंड ने अपनी आखिरी वनडे सीरीज नवंबर 2016 में श्रीलंका के खिलाफ खेली, जिसमें उसे जीत मिली थी। इसी जीत के साथ वह विश्व कप में सीधे क्वालीफाई कर गई थी। स्टार बल्लेबाज साराह टेलर एक साल के ब्रेक के बाद लौट आई हैं। हीथर नाइट पहली बार विश्व कप में टीम की कमान संभाल रही हैं।  साभार-khaskhabar.com  

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नई दिल्ली । दक्षिण एशियाई खेलों की स्वर्ण पदक विजेता कविता दलाल को एमएई यंग क्लासिक में स्पर्धा के लिए चुना गया है और वह डब्ल्यूडब्ल्यूई के इस टूर्नामेंट में हिस्सा लेने वाली पहली भारतीय महिला पहलवान हैं। वल्र्ड रेसलिंग इंटरटेनमेंट (डब्ल्यूडब्ल्यूई) ने गुरुवार को इसकी घोषणा की। इस साल अप्रैल में कविता ने डब्ल्यूडब्ल्यूई दुबई ट्राईआउट में हिस्सा लिया था और अपने मजबूत प्रदर्शन से सभी का ध्यान अपनी ओर आकर्षित किया। कविता अब डब्ल्यूडब्ल्यूई में पहुंचने वाली पहली भारतीय महिला पहलवान बनकर एक नया इतिहास रचेंगी। वह इस स्पर्धा में 31 शीर्ष प्रतिस्पर्धियों से मुकाबला करेंगी। इस अवसर के बारे में कविता ने कहा, मैं डब्ल्यूडब्ल्यूई के महिला टूर्नामेंट में पहुंचने वाली पहली भारतीय बनकर गर्व महसूस कर रही हूं। आशा है कि मैं इस मंच का इस्तेमाल अन्य महिलाओं को प्रेरित करने के लिए करूं। डब्ल्यूडब्ल्यूई के मेई यंग क्लासिक टूर्नामेंट का आयोजन 13-14 जुलाई को फ्लोरीडा के ओरलैंडो के फुल सेल लाइव में होगा। साभार-khaskhabar.com  

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नई दिल्ली । अब तक जो चर्चाएं गर्म थीं, वे सब सही निकलीं। कप्तान विराट कोहली और अनिल कुंबले के बीच जारी कथित विवाद के बीच कुंबले ने कोच पद से इस्तीफा दे दिया है। अब यह साफ हो गया है कि वे वेस्टइंडीज दौरे पर नहीं जाएंगे। कुंबले के इस्तीफा देने से पहले कहा गया था कि वे आईसीसी बैठक को लेकर अपनी प्रतिबद्धता के कारण 23 जनवरी से शुरू हो रही सीमित ओवरों की सीरीज के लिए भारतीय टीम के साथ वेस्टइंडीज नहीं गए हैं। कुंबले के नहीं जाने को लेकर आधिकारिक कारण यह बताया गया था कि उन्हें आईसीसी के वार्षिक सम्मेलन के लिए रुकना था, क्योंकि वह क्रिकेट समिति के अध्यक्ष हैं, जो खेल के नियमों को लेकर फैसला करती है। आईसीसी का वार्षिक सम्मेलन सोमवार से शुरू हुआ और यह 23 जून तक चलेगा। कुंबले की क्रिकेट समिति की बैठक 22 जून को होनी है। इससे पहले चर्चा थी कि बीसीसीआई में कोहली और सचिन तेंदुलकर, सौरव गांगुली तथा वीवीएस लक्ष्मण की क्रिकेट सलाहकार समिति के बीच हुई बैठक में भारतीय कप्तान ने स्पष्ट कर दिया है कि कोच के साथ उनका रिश्ता लगभग खत्म हो गया है।माना जा रहा है कि अनिल को पता था कि उन्हें आईसीसी बैठक और वेस्टइंडीज दौरे के बीच में चुनना होगा। शायद उनका पद पर बरकरार रहना बेहद मुश्किल हो गया है। चैम्पियंस ट्रॉफी के दौरान भी कप्तान और मुख्य कोच के बीच अधिक संवाद देखने को नहीं मिला था। साभार-khaskhabar.com  

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नई दिल्ली । भारत और पाकिस्तान की क्रिकेट टीमों के बीच कभी भी कोई मैच खेला जाए, भावनाओं का ज्वार चरम पर होता है। ऐसे में कई बार मामला बिगड़ जाता है। रविवार को लंदन में चैंपियंस ट्रॉफी के फाइनल के बाद कुछ ऐसा ही देखने को मिला। हर कोई मान रहा था कि पाकिस्तान को हराकर भारत ही चैंपियन बनेगा, लेकिन हुआ इसके बिल्कुल उलट। टीम इंडिया को 180 रन से करारी हार का सामना करना पड़ा। स्टेडियम में दोनों ही टीमों का मनोबल बढ़ाने के लिए काफी संख्या में दर्शक आए थे। हार के बाद जहां भारतीय प्रशंसकों के चेहरे उतरे हुए थे, वहीं पाकिस्तानी फैंस के कदम जमीन पर नहीं टिक रहे थे। टीम इंडिया के खिलाड़ी जब ड्रेसिंग रूम की ओर लौट रहे थे, तो पाकिस्तान के एक प्रशंसक ने तो हदें ही पार कर दीं। उसने भारतीय खिलाडिय़ों का मजाक उड़ाते हुए उनसे पूछा कि, बाप कौन है? कप्तान विराट कोहली, महेंद्र सिंह धोनी व अन्य क्रिकेटर्स ने तो इस बात पर ध्यान नहीं दिया, लेकिन तेज गेंदबाज मोहम्मद शमी को यह बात नागवार गुजरी। शमी रुके और पीछे मुडक़र उस फैन के पास गए और तैश में आकर उससे कहा, क्या? धोनी, शमी के पीछे ही थे और उन्होंने मामला बिगड़ता देख बीच-बचाव किया। वे शमी को समझा-बुझाकर ड्रेसिंग रूम में ले गए। उल्लेखनीय है कि रविवार (18) को फादर्स डे था और पिछले कई दिनों से सोशल मीडिया पर इसे लेकर पाकिस्तान का मजाक उड़ाया जा रहा था। इन संदेशों में कहा जा रहा था कि फादर्स डे पर भारत, पाकिस्तान को बता देगा कि बाप-बाप होता है और बेटा-बेटा। पूर्व में बाप और बेटे वाली बात का खुलासा वीरेंद्र सहवाग ने किया था।  सहवाग ने बताया था कि 2003 के विश्व कप में पाकिस्तानी तेज गेंदबाज शोएब अख्तर उन्हें शॉर्ट पिच गेंदें डालने के साथ उन पर कमेंट कर रहे थे। तब सहवाग ने कहा कि वे ऐसी गेंदें दूसरे छोर पर खड़े सचिन तेंदुलकर को डालकर देखें। अख्तर ने ऐसा ही किया और बदले में सचिन ने गेंद को सीधे सीमारेखा के बाहर भेज दिया। इसके बाद वीरू ने अख्तर को कहा था कि बाप-बाप ही होता है और बेटा-बेटा ही।  साभार-khaskhabar.com  

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नई दिल्ली । चैंपियंस ट्रॉफी 2017 के फाइनल में पाकिस्तान ने भारत को करारी शिकस्त देकर पहली बार खिताब अपने नाम कर लिया। रविवार को लंदन में खेले गए सबसे महत्वपूर्ण और बहुचर्चित फाइनल में भारत पर पाकिस्तान ने 180 रन की शानदार जीत दर्ज की। इसी के साथ भारत का तीसरी बार चैंपियंस ट्रॉफी जीतने का सपना भी चकनाचूर हो गया है। विराट कोहली की कप्तानी में आईसीसी का टूर्नामेंट खेल रही टीम इंडिया का फाइनल से पहले तक का सफर तो बेहद शानदार रहा, लेकिन खिताबी मुकाबले में टीम बिखर गई। इसी तरह साल 2013 का चैंपियन भारत यह खिताब नहीं बचा पाया। पाकिस्तान ने भारत को जीत के लिए 339 रनों का लक्ष्य दिया था। इसके जवाब में टीम इंडिया 30.3 ओवर में 180 रन पर ही ऑलआउट हो गई और पाकिस्तान की टीम ने मैच 180 रनों से अपने नाम कर लिया। हार के बाद भारतीय कप्तान विराट कोहली ने कहा कि उनकी टीम ने इस मैच में छोटी-छोटी गलतियां की, जो आखिर में उन्हें भारी पड़ी। पहला कारण- जसप्रीत बुमराह ने अगर शुरू में नो बॉल नहीं की होती तो फखर जमान तीन रन पर आउट हो जाते, लेकिन उन्होंने बाद में 114 रन बनाए, जिससे पाकिस्तान चार विकेट पर 338 रन बना गया। फखर जमान ने जीवनदान मिलने के बाद शानदार सेंचुरी बनाई। यह भारत की गलती थी, पर जमान के आउट होने के बाद भी भारत मैच में वापसी नहीं कर पाया। मोहम्मद हफीज और इमाद वसीम ने आखिरी ओवरों में पाकिस्तान की ओर से खुलकर रन बनाए। केदार जाधव ने बाबर आजम का विकेट जरूर लिया, लेकिन यह काफी नहीं था। गेंदबाजी भारत की कमजोर कड़ी रही और हफीज ने इसका जम कर फायदा उठाया। जमान के आउट होने के बाद भारत को पकड़ मजबूत करनी चाहिए थी। दूसरा कारण- फाइनल में रविचंद्रन अश्विन से काफी उम्मीदें थीं। सेमीफानल में बांग्लादेश के खिलाफ जिस तरह से उन्होंने वापसी की उसे देखते हुए लग रहा था कि वह पाकिस्तानी बल्लेबाजों को परेशान करेंगे, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। अश्विन एक भी विकेट हासिल नहीं कर पाए और 10 ओवर में 70 रन खर्च कर डाले। महंगा साबित होने के बाद भी कोहली ने उन पर भरोसा जताया और बीच के ओवरों में गेंद थमाई, लेकिन अश्विन ने निराश किया। तीसरा कारण- भारतीय गेंदबाजों ने रन लुटाने में कोई कंजूसी नहीं की। पाकिस्तानी बल्लेबाजों ने अच्छे शॉट तो लगाए ही टीम इंडिया के गेंदबाजों ने वाइड और नो बॉल डालकर भी उनकी पूरी मदद की। जसप्रीत बुमराह की नो बॉल पर जीवनदान पाने के बाद फखर जमान ने शतक जड़ा। बुमराह की गेंद फखर के बल्ले का किनारा लेते हुए धोनी के दस्तानों में गई, लेकिन अंपायर ने इसे नो बॉल करार दिया। भारतीय टीम ने विरोधी टीम को 23 अतिरिक्त रन दिए। चौथा कारण- टूर्नामेंट के सेमीफाइनल तक भारत की जीत में टॉप ऑर्डर का अहम योगदान रहा। रोहित शर्मा और शिखर धवन ने अधिकतर मैचों में अच्छी शुरुआत दी, लेकिन फाइनल में ऐसा नहीं हो सका। मोहम्मद आमिर ने ओवल में शानदार गेंदबाजी कर भारत के टॉप ऑर्डर को पैवेलियन भेज दिया। रोहित के जल्दी आउट होने के बाद भारत को कोहली और धवन से लंबी पारी की जरूरत थी, लेकिन आमिर के सामने कोहली संघर्ष ही करते नजर आए। पाकिस्तान ने विराट को पहली स्लिप में एक मौका दिया, लेकिन अगली ही गेंद पर शादाब ने उन्हें लपक लिया। भारतीय मिडल ऑर्डर पर बड़ा दारोमदार था, लेकिन वह दबाव में बुरी तरह बिखर गया। पांचवां कारण- भारत का टॉप ऑर्डर जल्दी चला गया। मिडल ऑर्डर भी ज्यादा चल नहीं पाया। इस बीच हार्दिक पांड्या ने भारतीय उम्मीदों को जिंदा रखा। उन्होंने कई खूबसूरत शॉट खेले। उन्होंने शादाब खान के ओवर में लगातार तीन छक्के जड़े। जाडेजा के साथ मिक्स-अप के चलते उन्हें रनआउट होना पड़ा। उन्होंने कुल 76 रन बनाए। साभार-khaskhabar.com  

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लंदन । भारत और पाकिस्तान क्रिकेट की दुनिया के दो चिर प्रतिद्वंद्वी दस साल बाद रविवार को किसी आईसीसी टूर्नामेंट के फाइनल में आमने-सामने होंगे। मौका होगा चैम्पियंस ट्रॉफी का फाइनल जहां दोनों की साख दांव पर है और जीत से कम दोनों को कुछ मंजूर नहीं। इससे पहले यह दोनों पड़ोसी मुल्क टी-20 विश्व कप के पहले संस्करण में 2007 के फाइनल में भिड़े थे, जिसे महेंद्र सिंह धोनी की कप्तानी भारत ने जीता था। यह पहला मौका था जब भारत-पाकिस्तान के बीच आईसीसी टूर्नामेंट का फाइनल खेला गया था। धौनी के नेतृत्व वाली टीम युवा थी लेकिन विराट कोहली की कप्तानी वाली यह टीम अनुभवी है। उस ऐतिहासिक जीत का हिस्सा रहे रोहित शर्मा, धौनी, युवराज इस टीम के अगुआ हैं। आईसीसी टूर्नामेंट्स में भारत पाकिस्तान पर हमेशा से हावी रहा है। 12 मैच भारत ने जीते हैं और दो सिर्फ पाकिस्तान ने। एक मैच परिणाम विहीन रहा है। बेशक आंकड़े भारत के पक्ष में रहे हैं लेकिन कोहली की सेना सरफराज अहमद की युवा पाकिस्तानी टीम को कतई हल्के में नहीं लेगी। आखिरी इस टीम ने पहले मैच में भारत से ही हार खाने के बाद दक्षिण अफ्रीका, श्रीलंका और खिताब की प्रबल दावेदार मानी जा रही इंग्लैंड को मात देकर पहली बार चैम्पियंस ट्रॉफी के फाइनल में जगह बनाई है। वहीं, पहले मैच में मिली हार से आहत पाकिस्तान भारत को जवाब देने को उतारु है। अहम मैच से पहले उसे एक अच्छी खबर मिली है। उसके चोटिल गेंदबाज मोहम्मद आमिर फिट होकर भारत के खिलाफ खेलने को तैयार हैं। आमिर के अलावा जुनैद खान उसकी गेंदबाजी में अमह रोल अदा करेंगे। हालांकि पाकिस्तान के लिए भारत के मजबूत बल्लेबाजी क्रम का सामना करना किसी बड़ी चुनौती से कम नहीं होगा। मौजूदा विजेता का शीर्ष क्रम इस टूर्नामेंट में हर मैच में रन उगल रहा है। रोहित शर्मा और शिखर धवन की जोड़ी चैम्पियंस ट्रॉफी की विशेषज्ञ जोड़ी का दर्जा पा चुकी है। पिछले संस्करण में भी इस जोड़ी ने भारत को खिताब दिलाने में अहम रोल अदा किया था। इन दोनों के अलावा कप्तान विराट आकर सिर्फ रन करना जानते हैं। युवराज ने पाकिस्तान के खिलाफ ग्रुप दौर के मैच में अर्धशतक जड़ा था तो वहीं निचले क्रम में केदार जाधव, धौनी और हार्दिक पांड्या की तेजी से रन बटोरने तथा मुश्किल परिस्थति में से मैच निकालने की खूबी से टीम को गहराई मिलती है। स्पिन क्षेत्र में पाकिस्तान के पास इमाद वसीम और मोहम्मद हफीज के रूप में दो विकल्प हैं। सेमीफाइनल मैच से अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट में पदार्पण करने वाले तेज गेंदबाद रुमान रइस भारत के लिए कुछ सरदर्दी इसलिए खड़ी कर सकते हैं क्योंकि मौजूदा विजेता पहली बार उनकी गेंदों की रफ्तार नापेगी। वहीं भारतीय टीम की गेंदबाजी भी इस टूर्नामेंट में संतुलित रही है। भुवनेश्वर कुमार और जसप्रीत बुमराह शुरुआती ओवरों में सफलात दिलाने के साथ ही अंत के ओवरों में विपक्षी टीम को रनों के लिए तरसा देते हैं। पांड्या बांग्लादेश के खिलाफ सेमीफाइनल मैच में थोड़े महंगे साबित रहे थे। कोहली इस मैच में उनसे विकेटों की उम्मीद करेंगे। विश्व में इस समय के दो दिग्गज स्पिनर रविचंद्रन अश्विन और रवींद्र जडेजा मध्य के ओवरों में पाकिस्तानी बल्लेबाजी के लिए नासूर बन सकते हैं। जीत के लिए उतावली पाकिस्तान के बल्लेबाजी क्रम में युवा बल्लेबाज फखर जमान ने अपने खेल से खासा प्रभावित किया है। फखर नए होने के कारण भारतीय गेंदबाजों के लिए चुनौती बन सकते हैं। टीम में अजहर अली, मोहम्मद हफीज और शोएब मलिक के रूप में उसके पास तीन अनुभवी बल्लेबाज हैं। ये हैं संभावित टीमे भारत : विराट कोहली (कप्तान), शिखर धवन, रोहित शर्मा, युवराज सिंह, महेंद्र सिंह धौनी (विकेटकीपर), केदार जाधव, हार्दिक पांड्या, रविचंद्रन अश्विन, रवींद्र जडेजा, जसप्रीत बुमराह, भुवनेश्वर कुमार, दिनेश कार्तिक, मोहम्मद शमी, अजिंक्य रहाणे, उमेश यादव। पाकिस्तान : सरफराज अहमद (कप्तान/विकेटकीपर), अहमद शाहजाद, अजहर अली, बाबर आजम, मोहम्मद हफीज, शोएब मलिक, हसन अली, मोहम्मद आमिर, रूमान रइस, जुनैद खान, इमाद वसीम, फहीम अशरफ, शादाब खान, फखर जमान, हारिश सोहैल। साभार-khaskhabar.com  

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नई दिल्ली । भारत पाकिस्तान के बीच मैच को लेकर क्रिकेट फैंस में एक अलग ही रोमांच रहता है, लेकिन मैच जब किसी बड़े टूर्नामेंट का फाइनल हो, तो ये रोमांच कई गुना बढ़ जाता है। दोनों देशों के लोग इस मैच को लेकर कई तरह की बातें मीडिया व सोशल मीडिया के माध्यम से रखते हैं, लेकिन पाकिस्तान के पूर्व दिग्गज क्रिकेटर आमिर सोहेल ने पाकिस्तान के बारे में एक ऐसी बात कही है, जिस पर एकबारगी तो आपको विश्वास नहीं होगा। आमिर सोहेल ने एक टीवी चैनल में डिबेट के दौरान पाकिस्तान टीम के चैंपियंस ट्रॉफी के फाइनल में पहुंचने को लेकर गंभीर सवाल उठाए हैं। सोहेल ने आरोप लगाया है कि पाकिस्तान क्रिकेट के अधिकारियों ने मैच फिक्स करके फाइनल में जगह बनाई है। हालांकि आमिर ने सीधे तौर पर कोई आरोप नहीं लगाया, लेकिन इशारों-इशारों मे कह दिया कि पाकिस्तान टीम बाहरी कारणों से फाइनल में पहुंची है, खेल कर नहीं। आपको बता दें कि एक पाकिस्तानी टीवी चैनल पर भारत-पाकिस्तान के मैच को लेकर बहस चल रही थी, जिसमें आमिर सोहेल भी उपस्थित थे। सोहेल ने इस दौरान कहा कि पाकिस्तान टीम और उसके कप्तान सरफराज अहमद को इंग्लैंड पर जीत की खुशी नहीं मनानी चाहिए, क्योंकि यह टीम बाहरी कारणों के चलते मैच जीत कर चैंपियंस ट्रॉफी के फाइनल में पहुंची है, अपने खेल से नहीं। सोहेल ने डिबेट में यहां तक कह दिया कि यह कोई कप्तान का कमाल नहीं है। हम सब जानते हैं कि मैच के दौरान मैदान के बाहर क्या-क्या होता है। गौरतलब है कि पाकिस्तान ने पहले सेमीफाइनल मैच में इंग्लैंड को आठ विकेट से हराते हुए फाइनल में जगह बनाई थी। इसके बाद भारत ने बांग्लादेश को 9 विकेट से हराते हुए फाइनल का टिकट कटाया था। साभार-khaskhabar.com  

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बर्मिंघम । मौजूदा विजेता भारत ने आईसीसी चैम्पियंस ट्रॉफी के दूसरे सेमीफाइनल में गुरुवार को एकतरफा मुकाबले में बांग्लादेश को नौ विकेट से हराकर फाइनल में प्रवेश कर लिया है, जहां उसकी भिड़ंत रविवार को चिर प्रतिद्वंद्वी पाकिस्तान से होगी। भारतीय टीम ने टॉस जीतकर गेंदबाजी चुनी और बांग्लादेश को 50 ओवर खेलने के बाद सात विकेट पर 264 रनों पर सीमित कर दिया। इस लक्ष्य को भारत ने शिखर धवन (46), मैन ऑफ द मैच रोहित शर्मा (नाबाद 123) और विराट कोहली (नाबाद 96) की बेहतरीन पारियों की मदद से 40.1 ओवरों में एक विकेट खोकर हासिल कर लिया। भारतीय खेल प्रेमियों के लिए रविवार को दिन रोमांचकारी होने वाला है। एक तरफ जहां चैम्पियंस ट्रॉफी के फाइनल में भारत का मुकाबला पाकिस्तान से होगा, वहीं इंग्लैंड में ही हॉकी के मैदान में भी इसी दिन यह दोनों चिर प्रतिद्वंद्वी आमने-सामने होंगे। भारत हॉकी वल्र्ड लीग सेमीफाइनल्स में रविवार को पाकिस्तान से भिड़ेगा।  बांग्लादेश के खिलाफ भारत को लक्ष्य हासिल करने में कोई दिक्कत नहीं आई। रोहित और धवन की ‘चैम्पियंस ट्रॉफी विशेषज्ञ जोड़ी’ ने उसे मनमाफिक शुरुआत दी और पहले विकेट के लिए 14.4 ओवरों में 87 रन जोड़े। यह जोड़ी चैम्पियंस ट्रॉफी में सबसे ज्यादा रन जोडऩे वाली जोड़ी बन गई है। इस जोड़ी ने नौ पारियों में अभी तक 85.11 की औसत से 766 रन बनाए हैं। धवन चार रन से अर्धशतक से चूक गए और विपक्षी टीम के कप्तान मशरफे मुर्तजा की गेंद पर मोसद्दक हुसैन को कैच दे बैठे। धवन इसी के साथ चैम्पियंस ट्रॉफी में भारत की तरफ से सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाज भी बन गए। इस मामले में उन्होंने पूर्व कप्तान सौरव गांगुली को पछाड़ा।  इसके बाद भारतीय कप्तान कोहली ने टीम को जीत दिलाने की जिम्मेदारी ली और रोहित के साथ मिलकर विकेट पर खूंटा गाड़ दिया और टीम को जीत दिलाई। दोनों ने तीसरे विकेट के लिए 178 रनों की साझेदारी कर भारत को फाइनल में पहुंचाया। रोहित ने अपनी शतकीय पारी में 129 गेंदें खेली और 15 चौके तथा एक छक्का लगाया। कप्तान कोहली ने 78 गेंदों की तेजतर्रार पारी खेली और 13 चौके जड़े। इस मैच में बांग्लादेश अधिकांश समय भारत के दबाव में रहा। सिर्फ एक समय ऐसा था जब बांग्लादेश ने भारत पर थोड़ा दबाव बनाया था। बांग्लादेश ने भारत द्वारा बल्लेबाजी का आमंत्रण मिलने पर 31 रनों पर अपने दो विकेट खो दिए थे। लेकिन, इसके बाद तमीम इकबाल (70) और मुश्फीकुर रहीम (61) ने विकेट पर पांव जमा लिए थे। यहां भारत थोड़ा परेशान था लेकिन, इन दोनों के आउट होने के बाद भारतीय गेंदबाज ने बांग्लादेशी बल्लेबाजों को ज्यादा रन नहीं बनाने दिए। इन दोनों ने भारतीय गेंदबाजों का डटकर सामना किया और रन बटोरे। तीसरे विकेट के लिए तमीम और रहीम ने 123 रन जोड़े। इन दोनों ने यह शतकीय साझेदारी तब की जब टीम को रनों की सख्त जरूरत थी। मैच के पहले ओवर की आखिरी गेंद पर भुवनेश्वर कुमार ने सौम्य सरकार के डंडे उखाड़ दिए थे। वह खाता भी नहीं खोल पाए। सरकार की जगह आए शब्बीर रहमान (19) तेजी से रन बनाने की कोशिश में थे और उनके बल्ले पर गेंद लग भी रही थी। उन्होंने 21 गेंदों का सामना किया और चार चौके मारे, लेकिन रंग में आने से पहले भुवनेश्वर ने उन्हें अपने जाल में फंसा कर रवींद्र जडेजा के हाथों कैच कराया। वह 31 के कुल स्कोर पर आउट हुए। यहां से तमीम और रहीम ने टीम की जिम्मेदारी ली और स्कोरबोर्ड को चालू रखते हुए टीम को 154 के स्कोर तक पहुंचा दिया। टीम के सभी मुख्य गेंदबाजों के विफल होने के बाद भारतीय कप्तान विरोट कोहली ने पार्ट टाइम ऑफ स्पिनर केदार जाधव को गेंद थमाई। उन्होंने राउंड द विकेट बॉक्स के काफी बाहर से गेंदबाजी की रणनीति अपनाई जो सफल रही और तमीम के डंडे उखाड़ भारत को बड़ी सफलता दिलाई। तमीम ने 82 गेंदों का सामना किया और सात चौके और एक छक्का लगाया।  शाकिब अल हसन 15 रन ही बना सके और जडेजा की गेंद पर महेंद्र सिंह धौनी के हाथों लपके गए। दूसरे छोर पर हालांकि रहीम खड़े थे, लेकिन तमीम को आउट करने वाले जाधव ने रहीम को शॉर्ट मिडविकेट पर कोहली के हाथों कैच कराया। रहीम ने 85 गेंदों खेलीं और चार बार गेंद को सीमा रेखा के पार पहुंचाया।  मोसद्दक हुसैन (15) को जसप्रीत बुमराह ने अपनी ही गेंद पर कैच आउट किया। अंत में कप्तान मशरफे मुर्तजा ने 25 गेंदों में पांच चौकों की मदद से नाबाद 30 रनों की पारी खेल टीम को सम्मानजनक स्कोर तक पहुंचाया। भारत की तरफ से जाधव ने छह ओवरों में 22 रन देकर दो अहम विकेट लिए। डेथ ओवरों के विशेषज्ञ बुमराह और भुवनेश्वर ने दो-दो विकेट लिए। इन दोनों की कसी हुई गेंदबाजी के कारण बांग्लादेश की टीम आखिरी के पांच ओवरों में महज 35 रन ही जोड़ पाई। जडेजा को एक सफलता मिली। रविचन्द्रन अश्विन और हाार्दिक पांड्या विकेट नहीं ले पाए।  साभार-khaskhabar.com  

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