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नई दिल्ली । महान ऑलराउंडर कपिल देव के नेतृत्व में भारत ने आज से ठीक 34 साल पहले पहली बार वनडे विश्व कप का खिताब अपनी झोली में डाला था। भारतीय टीम ने 25 जून 1983 को लॉड्र्स में दो बार के चैंपियन वेस्टइंडीज को फाइनल में 43 रन से हराया था। वेस्टइंडीज के कप्तान क्लाइव लॉयड ने टॉस जीतकर भारत को पहले बल्लेबाजी का न्यौता दिया।  60-60 के ओवर के इस मुकाबले भारतीय टीम 54.4 ओवर में 183 रन पर ही ढेर हो गई। सुनील गावस्कर केवल दो रन बनाकर आउट हो गए। इसके बाद कृष्णामाचारी श्रीकांत (38) और मोहिंदर अमरनाथ (26) ने दूसरे विकेट के लिए 57 रन जोड़े। श्रीकांत केपैवेलियन लौटने के साथ ही भारत के विकटों की झड़ी लग गई। बाद में संदीप पाटिल ने 27, मदन लाल ने 17, कपिल ने 15 और विकेटकीपर सैयद किरमानी ने 14, यशपाल शर्मा व बलविंदर सिंह संधू ने 11-11 रन का योगदान दिया। जोएल गार्नर ने चार, एंडी रॉबट्र्स ने तीन, माइकल होल्डिंग ने दो और मैल्कम मार्शल व लैरी गोम्स ने 1-1 विकेट लिया। जवाब में इंडीज की टीम 52 ओवर में 140 रन पर ही सिमट गई। विव रिचड्र्स ने सर्वाधिक 33 रन बनाए। विकेटकीपर जैफ डुजोन ने 25, मार्शल ने 18 और डेसमंड हेंस ने 13 रन की पारी खेली। अन्य सात बल्लेबाज दोहरे अंक में भी नहीं पहुंच पाए। मोहिंदर अमरनाथ व मदनलाल ने 3-3, संधू ने दो और कपिल व रोजर बिन्नी ने 1-1 विकेट चटकाया। अमरनाथ को उनके हरफनमौला खेल के लिए मैन ऑफ द मैच का पुरस्कार मिला।   साभार-khaskhabar.com

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डर्बी (इंग्लैंड) । महिला वनडे विश्व कप का उद्घाटन शनिवार (24 जून) को होगा। पहले मैच में यहां मेजबान इंग्लैंड की टक्कर भारत से होगी। मिताली राज की अगवाई में खेल रही टीम इंडिया इस समय शानदार फॉर्म में है। उसने हाल ही में दक्षिण अफ्रीका में हुई में चतुष्कोणीय सीरीज में बेहतरीन प्रदर्शन किया था। इससे पहले उसने विश्व कप के क्वालीफायर टूर्नामेंट में जीत हासिल की थी। पाकिस्तान के साथ वनडे सीरीज खेलने से मना करने के कारण अंकों की कमी के चलते भारतीय टीम को क्वालीफायर टूर्नामेंट खेलना पड़ा। टीम की बल्लेबाजी की मिताली रीढ़ हैं। हरमनप्रीत कौर, स्मृति मंथाना, वेदा कृष्णामूर्ति के रूप में अच्छी बल्लेबाज हैं। भारतीय टीम की सभी बल्लेबाजों के लिए इंग्लैंड की परिस्थितियां परीक्षा साबित होंगी। ऐसे में मिताली का अनुभव टीम के बेहद काम आएगा। उनके अलावा झूलन गोस्वामी भी काफी समय से टीम की नियमित सदस्य हैं। महिला क्रिकेट में सबसे ज्यादा विकेट लेने वाली झूलन से भारत को बड़ी उम्मीदें रहेंगी। अब तक महिला विश्व कप के 10 संस्करण हो चुके हैं, जिनमें से भारत सिर्फ एक बार वर्ष 2005 में फाइनल तक पहुंचा था। खास बात यह है कि उस समय भी कप्तान मिताली थीं। दूसरी ओर, इंग्लैंड इस खिताब पर तीन बार कब्जा जमा चुका है, जिनमें से उसने दो बार अपनी मेजबानी में बाजी मारी। उसे मेजबान टीम होने के नाते घरेलू परिस्थितियों का लाभ मिलना भी तय है। इंग्लैंड ने अपनी आखिरी वनडे सीरीज नवंबर 2016 में श्रीलंका के खिलाफ खेली, जिसमें उसे जीत मिली थी। इसी जीत के साथ वह विश्व कप में सीधे क्वालीफाई कर गई थी। स्टार बल्लेबाज साराह टेलर एक साल के ब्रेक के बाद लौट आई हैं। हीथर नाइट पहली बार विश्व कप में टीम की कमान संभाल रही हैं।  साभार-khaskhabar.com  

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नई दिल्ली । दक्षिण एशियाई खेलों की स्वर्ण पदक विजेता कविता दलाल को एमएई यंग क्लासिक में स्पर्धा के लिए चुना गया है और वह डब्ल्यूडब्ल्यूई के इस टूर्नामेंट में हिस्सा लेने वाली पहली भारतीय महिला पहलवान हैं। वल्र्ड रेसलिंग इंटरटेनमेंट (डब्ल्यूडब्ल्यूई) ने गुरुवार को इसकी घोषणा की। इस साल अप्रैल में कविता ने डब्ल्यूडब्ल्यूई दुबई ट्राईआउट में हिस्सा लिया था और अपने मजबूत प्रदर्शन से सभी का ध्यान अपनी ओर आकर्षित किया। कविता अब डब्ल्यूडब्ल्यूई में पहुंचने वाली पहली भारतीय महिला पहलवान बनकर एक नया इतिहास रचेंगी। वह इस स्पर्धा में 31 शीर्ष प्रतिस्पर्धियों से मुकाबला करेंगी। इस अवसर के बारे में कविता ने कहा, मैं डब्ल्यूडब्ल्यूई के महिला टूर्नामेंट में पहुंचने वाली पहली भारतीय बनकर गर्व महसूस कर रही हूं। आशा है कि मैं इस मंच का इस्तेमाल अन्य महिलाओं को प्रेरित करने के लिए करूं। डब्ल्यूडब्ल्यूई के मेई यंग क्लासिक टूर्नामेंट का आयोजन 13-14 जुलाई को फ्लोरीडा के ओरलैंडो के फुल सेल लाइव में होगा। साभार-khaskhabar.com  

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नई दिल्ली । अब तक जो चर्चाएं गर्म थीं, वे सब सही निकलीं। कप्तान विराट कोहली और अनिल कुंबले के बीच जारी कथित विवाद के बीच कुंबले ने कोच पद से इस्तीफा दे दिया है। अब यह साफ हो गया है कि वे वेस्टइंडीज दौरे पर नहीं जाएंगे। कुंबले के इस्तीफा देने से पहले कहा गया था कि वे आईसीसी बैठक को लेकर अपनी प्रतिबद्धता के कारण 23 जनवरी से शुरू हो रही सीमित ओवरों की सीरीज के लिए भारतीय टीम के साथ वेस्टइंडीज नहीं गए हैं। कुंबले के नहीं जाने को लेकर आधिकारिक कारण यह बताया गया था कि उन्हें आईसीसी के वार्षिक सम्मेलन के लिए रुकना था, क्योंकि वह क्रिकेट समिति के अध्यक्ष हैं, जो खेल के नियमों को लेकर फैसला करती है। आईसीसी का वार्षिक सम्मेलन सोमवार से शुरू हुआ और यह 23 जून तक चलेगा। कुंबले की क्रिकेट समिति की बैठक 22 जून को होनी है। इससे पहले चर्चा थी कि बीसीसीआई में कोहली और सचिन तेंदुलकर, सौरव गांगुली तथा वीवीएस लक्ष्मण की क्रिकेट सलाहकार समिति के बीच हुई बैठक में भारतीय कप्तान ने स्पष्ट कर दिया है कि कोच के साथ उनका रिश्ता लगभग खत्म हो गया है।माना जा रहा है कि अनिल को पता था कि उन्हें आईसीसी बैठक और वेस्टइंडीज दौरे के बीच में चुनना होगा। शायद उनका पद पर बरकरार रहना बेहद मुश्किल हो गया है। चैम्पियंस ट्रॉफी के दौरान भी कप्तान और मुख्य कोच के बीच अधिक संवाद देखने को नहीं मिला था। साभार-khaskhabar.com  

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नई दिल्ली । भारत और पाकिस्तान की क्रिकेट टीमों के बीच कभी भी कोई मैच खेला जाए, भावनाओं का ज्वार चरम पर होता है। ऐसे में कई बार मामला बिगड़ जाता है। रविवार को लंदन में चैंपियंस ट्रॉफी के फाइनल के बाद कुछ ऐसा ही देखने को मिला। हर कोई मान रहा था कि पाकिस्तान को हराकर भारत ही चैंपियन बनेगा, लेकिन हुआ इसके बिल्कुल उलट। टीम इंडिया को 180 रन से करारी हार का सामना करना पड़ा। स्टेडियम में दोनों ही टीमों का मनोबल बढ़ाने के लिए काफी संख्या में दर्शक आए थे। हार के बाद जहां भारतीय प्रशंसकों के चेहरे उतरे हुए थे, वहीं पाकिस्तानी फैंस के कदम जमीन पर नहीं टिक रहे थे। टीम इंडिया के खिलाड़ी जब ड्रेसिंग रूम की ओर लौट रहे थे, तो पाकिस्तान के एक प्रशंसक ने तो हदें ही पार कर दीं। उसने भारतीय खिलाडिय़ों का मजाक उड़ाते हुए उनसे पूछा कि, बाप कौन है? कप्तान विराट कोहली, महेंद्र सिंह धोनी व अन्य क्रिकेटर्स ने तो इस बात पर ध्यान नहीं दिया, लेकिन तेज गेंदबाज मोहम्मद शमी को यह बात नागवार गुजरी। शमी रुके और पीछे मुडक़र उस फैन के पास गए और तैश में आकर उससे कहा, क्या? धोनी, शमी के पीछे ही थे और उन्होंने मामला बिगड़ता देख बीच-बचाव किया। वे शमी को समझा-बुझाकर ड्रेसिंग रूम में ले गए। उल्लेखनीय है कि रविवार (18) को फादर्स डे था और पिछले कई दिनों से सोशल मीडिया पर इसे लेकर पाकिस्तान का मजाक उड़ाया जा रहा था। इन संदेशों में कहा जा रहा था कि फादर्स डे पर भारत, पाकिस्तान को बता देगा कि बाप-बाप होता है और बेटा-बेटा। पूर्व में बाप और बेटे वाली बात का खुलासा वीरेंद्र सहवाग ने किया था।  सहवाग ने बताया था कि 2003 के विश्व कप में पाकिस्तानी तेज गेंदबाज शोएब अख्तर उन्हें शॉर्ट पिच गेंदें डालने के साथ उन पर कमेंट कर रहे थे। तब सहवाग ने कहा कि वे ऐसी गेंदें दूसरे छोर पर खड़े सचिन तेंदुलकर को डालकर देखें। अख्तर ने ऐसा ही किया और बदले में सचिन ने गेंद को सीधे सीमारेखा के बाहर भेज दिया। इसके बाद वीरू ने अख्तर को कहा था कि बाप-बाप ही होता है और बेटा-बेटा ही।  साभार-khaskhabar.com  

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नई दिल्ली । चैंपियंस ट्रॉफी 2017 के फाइनल में पाकिस्तान ने भारत को करारी शिकस्त देकर पहली बार खिताब अपने नाम कर लिया। रविवार को लंदन में खेले गए सबसे महत्वपूर्ण और बहुचर्चित फाइनल में भारत पर पाकिस्तान ने 180 रन की शानदार जीत दर्ज की। इसी के साथ भारत का तीसरी बार चैंपियंस ट्रॉफी जीतने का सपना भी चकनाचूर हो गया है। विराट कोहली की कप्तानी में आईसीसी का टूर्नामेंट खेल रही टीम इंडिया का फाइनल से पहले तक का सफर तो बेहद शानदार रहा, लेकिन खिताबी मुकाबले में टीम बिखर गई। इसी तरह साल 2013 का चैंपियन भारत यह खिताब नहीं बचा पाया। पाकिस्तान ने भारत को जीत के लिए 339 रनों का लक्ष्य दिया था। इसके जवाब में टीम इंडिया 30.3 ओवर में 180 रन पर ही ऑलआउट हो गई और पाकिस्तान की टीम ने मैच 180 रनों से अपने नाम कर लिया। हार के बाद भारतीय कप्तान विराट कोहली ने कहा कि उनकी टीम ने इस मैच में छोटी-छोटी गलतियां की, जो आखिर में उन्हें भारी पड़ी। पहला कारण- जसप्रीत बुमराह ने अगर शुरू में नो बॉल नहीं की होती तो फखर जमान तीन रन पर आउट हो जाते, लेकिन उन्होंने बाद में 114 रन बनाए, जिससे पाकिस्तान चार विकेट पर 338 रन बना गया। फखर जमान ने जीवनदान मिलने के बाद शानदार सेंचुरी बनाई। यह भारत की गलती थी, पर जमान के आउट होने के बाद भी भारत मैच में वापसी नहीं कर पाया। मोहम्मद हफीज और इमाद वसीम ने आखिरी ओवरों में पाकिस्तान की ओर से खुलकर रन बनाए। केदार जाधव ने बाबर आजम का विकेट जरूर लिया, लेकिन यह काफी नहीं था। गेंदबाजी भारत की कमजोर कड़ी रही और हफीज ने इसका जम कर फायदा उठाया। जमान के आउट होने के बाद भारत को पकड़ मजबूत करनी चाहिए थी। दूसरा कारण- फाइनल में रविचंद्रन अश्विन से काफी उम्मीदें थीं। सेमीफानल में बांग्लादेश के खिलाफ जिस तरह से उन्होंने वापसी की उसे देखते हुए लग रहा था कि वह पाकिस्तानी बल्लेबाजों को परेशान करेंगे, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। अश्विन एक भी विकेट हासिल नहीं कर पाए और 10 ओवर में 70 रन खर्च कर डाले। महंगा साबित होने के बाद भी कोहली ने उन पर भरोसा जताया और बीच के ओवरों में गेंद थमाई, लेकिन अश्विन ने निराश किया। तीसरा कारण- भारतीय गेंदबाजों ने रन लुटाने में कोई कंजूसी नहीं की। पाकिस्तानी बल्लेबाजों ने अच्छे शॉट तो लगाए ही टीम इंडिया के गेंदबाजों ने वाइड और नो बॉल डालकर भी उनकी पूरी मदद की। जसप्रीत बुमराह की नो बॉल पर जीवनदान पाने के बाद फखर जमान ने शतक जड़ा। बुमराह की गेंद फखर के बल्ले का किनारा लेते हुए धोनी के दस्तानों में गई, लेकिन अंपायर ने इसे नो बॉल करार दिया। भारतीय टीम ने विरोधी टीम को 23 अतिरिक्त रन दिए। चौथा कारण- टूर्नामेंट के सेमीफाइनल तक भारत की जीत में टॉप ऑर्डर का अहम योगदान रहा। रोहित शर्मा और शिखर धवन ने अधिकतर मैचों में अच्छी शुरुआत दी, लेकिन फाइनल में ऐसा नहीं हो सका। मोहम्मद आमिर ने ओवल में शानदार गेंदबाजी कर भारत के टॉप ऑर्डर को पैवेलियन भेज दिया। रोहित के जल्दी आउट होने के बाद भारत को कोहली और धवन से लंबी पारी की जरूरत थी, लेकिन आमिर के सामने कोहली संघर्ष ही करते नजर आए। पाकिस्तान ने विराट को पहली स्लिप में एक मौका दिया, लेकिन अगली ही गेंद पर शादाब ने उन्हें लपक लिया। भारतीय मिडल ऑर्डर पर बड़ा दारोमदार था, लेकिन वह दबाव में बुरी तरह बिखर गया। पांचवां कारण- भारत का टॉप ऑर्डर जल्दी चला गया। मिडल ऑर्डर भी ज्यादा चल नहीं पाया। इस बीच हार्दिक पांड्या ने भारतीय उम्मीदों को जिंदा रखा। उन्होंने कई खूबसूरत शॉट खेले। उन्होंने शादाब खान के ओवर में लगातार तीन छक्के जड़े। जाडेजा के साथ मिक्स-अप के चलते उन्हें रनआउट होना पड़ा। उन्होंने कुल 76 रन बनाए। साभार-khaskhabar.com  

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लंदन । भारत और पाकिस्तान क्रिकेट की दुनिया के दो चिर प्रतिद्वंद्वी दस साल बाद रविवार को किसी आईसीसी टूर्नामेंट के फाइनल में आमने-सामने होंगे। मौका होगा चैम्पियंस ट्रॉफी का फाइनल जहां दोनों की साख दांव पर है और जीत से कम दोनों को कुछ मंजूर नहीं। इससे पहले यह दोनों पड़ोसी मुल्क टी-20 विश्व कप के पहले संस्करण में 2007 के फाइनल में भिड़े थे, जिसे महेंद्र सिंह धोनी की कप्तानी भारत ने जीता था। यह पहला मौका था जब भारत-पाकिस्तान के बीच आईसीसी टूर्नामेंट का फाइनल खेला गया था। धौनी के नेतृत्व वाली टीम युवा थी लेकिन विराट कोहली की कप्तानी वाली यह टीम अनुभवी है। उस ऐतिहासिक जीत का हिस्सा रहे रोहित शर्मा, धौनी, युवराज इस टीम के अगुआ हैं। आईसीसी टूर्नामेंट्स में भारत पाकिस्तान पर हमेशा से हावी रहा है। 12 मैच भारत ने जीते हैं और दो सिर्फ पाकिस्तान ने। एक मैच परिणाम विहीन रहा है। बेशक आंकड़े भारत के पक्ष में रहे हैं लेकिन कोहली की सेना सरफराज अहमद की युवा पाकिस्तानी टीम को कतई हल्के में नहीं लेगी। आखिरी इस टीम ने पहले मैच में भारत से ही हार खाने के बाद दक्षिण अफ्रीका, श्रीलंका और खिताब की प्रबल दावेदार मानी जा रही इंग्लैंड को मात देकर पहली बार चैम्पियंस ट्रॉफी के फाइनल में जगह बनाई है। वहीं, पहले मैच में मिली हार से आहत पाकिस्तान भारत को जवाब देने को उतारु है। अहम मैच से पहले उसे एक अच्छी खबर मिली है। उसके चोटिल गेंदबाज मोहम्मद आमिर फिट होकर भारत के खिलाफ खेलने को तैयार हैं। आमिर के अलावा जुनैद खान उसकी गेंदबाजी में अमह रोल अदा करेंगे। हालांकि पाकिस्तान के लिए भारत के मजबूत बल्लेबाजी क्रम का सामना करना किसी बड़ी चुनौती से कम नहीं होगा। मौजूदा विजेता का शीर्ष क्रम इस टूर्नामेंट में हर मैच में रन उगल रहा है। रोहित शर्मा और शिखर धवन की जोड़ी चैम्पियंस ट्रॉफी की विशेषज्ञ जोड़ी का दर्जा पा चुकी है। पिछले संस्करण में भी इस जोड़ी ने भारत को खिताब दिलाने में अहम रोल अदा किया था। इन दोनों के अलावा कप्तान विराट आकर सिर्फ रन करना जानते हैं। युवराज ने पाकिस्तान के खिलाफ ग्रुप दौर के मैच में अर्धशतक जड़ा था तो वहीं निचले क्रम में केदार जाधव, धौनी और हार्दिक पांड्या की तेजी से रन बटोरने तथा मुश्किल परिस्थति में से मैच निकालने की खूबी से टीम को गहराई मिलती है। स्पिन क्षेत्र में पाकिस्तान के पास इमाद वसीम और मोहम्मद हफीज के रूप में दो विकल्प हैं। सेमीफाइनल मैच से अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट में पदार्पण करने वाले तेज गेंदबाद रुमान रइस भारत के लिए कुछ सरदर्दी इसलिए खड़ी कर सकते हैं क्योंकि मौजूदा विजेता पहली बार उनकी गेंदों की रफ्तार नापेगी। वहीं भारतीय टीम की गेंदबाजी भी इस टूर्नामेंट में संतुलित रही है। भुवनेश्वर कुमार और जसप्रीत बुमराह शुरुआती ओवरों में सफलात दिलाने के साथ ही अंत के ओवरों में विपक्षी टीम को रनों के लिए तरसा देते हैं। पांड्या बांग्लादेश के खिलाफ सेमीफाइनल मैच में थोड़े महंगे साबित रहे थे। कोहली इस मैच में उनसे विकेटों की उम्मीद करेंगे। विश्व में इस समय के दो दिग्गज स्पिनर रविचंद्रन अश्विन और रवींद्र जडेजा मध्य के ओवरों में पाकिस्तानी बल्लेबाजी के लिए नासूर बन सकते हैं। जीत के लिए उतावली पाकिस्तान के बल्लेबाजी क्रम में युवा बल्लेबाज फखर जमान ने अपने खेल से खासा प्रभावित किया है। फखर नए होने के कारण भारतीय गेंदबाजों के लिए चुनौती बन सकते हैं। टीम में अजहर अली, मोहम्मद हफीज और शोएब मलिक के रूप में उसके पास तीन अनुभवी बल्लेबाज हैं। ये हैं संभावित टीमे भारत : विराट कोहली (कप्तान), शिखर धवन, रोहित शर्मा, युवराज सिंह, महेंद्र सिंह धौनी (विकेटकीपर), केदार जाधव, हार्दिक पांड्या, रविचंद्रन अश्विन, रवींद्र जडेजा, जसप्रीत बुमराह, भुवनेश्वर कुमार, दिनेश कार्तिक, मोहम्मद शमी, अजिंक्य रहाणे, उमेश यादव। पाकिस्तान : सरफराज अहमद (कप्तान/विकेटकीपर), अहमद शाहजाद, अजहर अली, बाबर आजम, मोहम्मद हफीज, शोएब मलिक, हसन अली, मोहम्मद आमिर, रूमान रइस, जुनैद खान, इमाद वसीम, फहीम अशरफ, शादाब खान, फखर जमान, हारिश सोहैल। साभार-khaskhabar.com  

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नई दिल्ली । भारत पाकिस्तान के बीच मैच को लेकर क्रिकेट फैंस में एक अलग ही रोमांच रहता है, लेकिन मैच जब किसी बड़े टूर्नामेंट का फाइनल हो, तो ये रोमांच कई गुना बढ़ जाता है। दोनों देशों के लोग इस मैच को लेकर कई तरह की बातें मीडिया व सोशल मीडिया के माध्यम से रखते हैं, लेकिन पाकिस्तान के पूर्व दिग्गज क्रिकेटर आमिर सोहेल ने पाकिस्तान के बारे में एक ऐसी बात कही है, जिस पर एकबारगी तो आपको विश्वास नहीं होगा। आमिर सोहेल ने एक टीवी चैनल में डिबेट के दौरान पाकिस्तान टीम के चैंपियंस ट्रॉफी के फाइनल में पहुंचने को लेकर गंभीर सवाल उठाए हैं। सोहेल ने आरोप लगाया है कि पाकिस्तान क्रिकेट के अधिकारियों ने मैच फिक्स करके फाइनल में जगह बनाई है। हालांकि आमिर ने सीधे तौर पर कोई आरोप नहीं लगाया, लेकिन इशारों-इशारों मे कह दिया कि पाकिस्तान टीम बाहरी कारणों से फाइनल में पहुंची है, खेल कर नहीं। आपको बता दें कि एक पाकिस्तानी टीवी चैनल पर भारत-पाकिस्तान के मैच को लेकर बहस चल रही थी, जिसमें आमिर सोहेल भी उपस्थित थे। सोहेल ने इस दौरान कहा कि पाकिस्तान टीम और उसके कप्तान सरफराज अहमद को इंग्लैंड पर जीत की खुशी नहीं मनानी चाहिए, क्योंकि यह टीम बाहरी कारणों के चलते मैच जीत कर चैंपियंस ट्रॉफी के फाइनल में पहुंची है, अपने खेल से नहीं। सोहेल ने डिबेट में यहां तक कह दिया कि यह कोई कप्तान का कमाल नहीं है। हम सब जानते हैं कि मैच के दौरान मैदान के बाहर क्या-क्या होता है। गौरतलब है कि पाकिस्तान ने पहले सेमीफाइनल मैच में इंग्लैंड को आठ विकेट से हराते हुए फाइनल में जगह बनाई थी। इसके बाद भारत ने बांग्लादेश को 9 विकेट से हराते हुए फाइनल का टिकट कटाया था। साभार-khaskhabar.com  

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बर्मिंघम । मौजूदा विजेता भारत ने आईसीसी चैम्पियंस ट्रॉफी के दूसरे सेमीफाइनल में गुरुवार को एकतरफा मुकाबले में बांग्लादेश को नौ विकेट से हराकर फाइनल में प्रवेश कर लिया है, जहां उसकी भिड़ंत रविवार को चिर प्रतिद्वंद्वी पाकिस्तान से होगी। भारतीय टीम ने टॉस जीतकर गेंदबाजी चुनी और बांग्लादेश को 50 ओवर खेलने के बाद सात विकेट पर 264 रनों पर सीमित कर दिया। इस लक्ष्य को भारत ने शिखर धवन (46), मैन ऑफ द मैच रोहित शर्मा (नाबाद 123) और विराट कोहली (नाबाद 96) की बेहतरीन पारियों की मदद से 40.1 ओवरों में एक विकेट खोकर हासिल कर लिया। भारतीय खेल प्रेमियों के लिए रविवार को दिन रोमांचकारी होने वाला है। एक तरफ जहां चैम्पियंस ट्रॉफी के फाइनल में भारत का मुकाबला पाकिस्तान से होगा, वहीं इंग्लैंड में ही हॉकी के मैदान में भी इसी दिन यह दोनों चिर प्रतिद्वंद्वी आमने-सामने होंगे। भारत हॉकी वल्र्ड लीग सेमीफाइनल्स में रविवार को पाकिस्तान से भिड़ेगा।  बांग्लादेश के खिलाफ भारत को लक्ष्य हासिल करने में कोई दिक्कत नहीं आई। रोहित और धवन की ‘चैम्पियंस ट्रॉफी विशेषज्ञ जोड़ी’ ने उसे मनमाफिक शुरुआत दी और पहले विकेट के लिए 14.4 ओवरों में 87 रन जोड़े। यह जोड़ी चैम्पियंस ट्रॉफी में सबसे ज्यादा रन जोडऩे वाली जोड़ी बन गई है। इस जोड़ी ने नौ पारियों में अभी तक 85.11 की औसत से 766 रन बनाए हैं। धवन चार रन से अर्धशतक से चूक गए और विपक्षी टीम के कप्तान मशरफे मुर्तजा की गेंद पर मोसद्दक हुसैन को कैच दे बैठे। धवन इसी के साथ चैम्पियंस ट्रॉफी में भारत की तरफ से सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाज भी बन गए। इस मामले में उन्होंने पूर्व कप्तान सौरव गांगुली को पछाड़ा।  इसके बाद भारतीय कप्तान कोहली ने टीम को जीत दिलाने की जिम्मेदारी ली और रोहित के साथ मिलकर विकेट पर खूंटा गाड़ दिया और टीम को जीत दिलाई। दोनों ने तीसरे विकेट के लिए 178 रनों की साझेदारी कर भारत को फाइनल में पहुंचाया। रोहित ने अपनी शतकीय पारी में 129 गेंदें खेली और 15 चौके तथा एक छक्का लगाया। कप्तान कोहली ने 78 गेंदों की तेजतर्रार पारी खेली और 13 चौके जड़े। इस मैच में बांग्लादेश अधिकांश समय भारत के दबाव में रहा। सिर्फ एक समय ऐसा था जब बांग्लादेश ने भारत पर थोड़ा दबाव बनाया था। बांग्लादेश ने भारत द्वारा बल्लेबाजी का आमंत्रण मिलने पर 31 रनों पर अपने दो विकेट खो दिए थे। लेकिन, इसके बाद तमीम इकबाल (70) और मुश्फीकुर रहीम (61) ने विकेट पर पांव जमा लिए थे। यहां भारत थोड़ा परेशान था लेकिन, इन दोनों के आउट होने के बाद भारतीय गेंदबाज ने बांग्लादेशी बल्लेबाजों को ज्यादा रन नहीं बनाने दिए। इन दोनों ने भारतीय गेंदबाजों का डटकर सामना किया और रन बटोरे। तीसरे विकेट के लिए तमीम और रहीम ने 123 रन जोड़े। इन दोनों ने यह शतकीय साझेदारी तब की जब टीम को रनों की सख्त जरूरत थी। मैच के पहले ओवर की आखिरी गेंद पर भुवनेश्वर कुमार ने सौम्य सरकार के डंडे उखाड़ दिए थे। वह खाता भी नहीं खोल पाए। सरकार की जगह आए शब्बीर रहमान (19) तेजी से रन बनाने की कोशिश में थे और उनके बल्ले पर गेंद लग भी रही थी। उन्होंने 21 गेंदों का सामना किया और चार चौके मारे, लेकिन रंग में आने से पहले भुवनेश्वर ने उन्हें अपने जाल में फंसा कर रवींद्र जडेजा के हाथों कैच कराया। वह 31 के कुल स्कोर पर आउट हुए। यहां से तमीम और रहीम ने टीम की जिम्मेदारी ली और स्कोरबोर्ड को चालू रखते हुए टीम को 154 के स्कोर तक पहुंचा दिया। टीम के सभी मुख्य गेंदबाजों के विफल होने के बाद भारतीय कप्तान विरोट कोहली ने पार्ट टाइम ऑफ स्पिनर केदार जाधव को गेंद थमाई। उन्होंने राउंड द विकेट बॉक्स के काफी बाहर से गेंदबाजी की रणनीति अपनाई जो सफल रही और तमीम के डंडे उखाड़ भारत को बड़ी सफलता दिलाई। तमीम ने 82 गेंदों का सामना किया और सात चौके और एक छक्का लगाया।  शाकिब अल हसन 15 रन ही बना सके और जडेजा की गेंद पर महेंद्र सिंह धौनी के हाथों लपके गए। दूसरे छोर पर हालांकि रहीम खड़े थे, लेकिन तमीम को आउट करने वाले जाधव ने रहीम को शॉर्ट मिडविकेट पर कोहली के हाथों कैच कराया। रहीम ने 85 गेंदों खेलीं और चार बार गेंद को सीमा रेखा के पार पहुंचाया।  मोसद्दक हुसैन (15) को जसप्रीत बुमराह ने अपनी ही गेंद पर कैच आउट किया। अंत में कप्तान मशरफे मुर्तजा ने 25 गेंदों में पांच चौकों की मदद से नाबाद 30 रनों की पारी खेल टीम को सम्मानजनक स्कोर तक पहुंचाया। भारत की तरफ से जाधव ने छह ओवरों में 22 रन देकर दो अहम विकेट लिए। डेथ ओवरों के विशेषज्ञ बुमराह और भुवनेश्वर ने दो-दो विकेट लिए। इन दोनों की कसी हुई गेंदबाजी के कारण बांग्लादेश की टीम आखिरी के पांच ओवरों में महज 35 रन ही जोड़ पाई। जडेजा को एक सफलता मिली। रविचन्द्रन अश्विन और हाार्दिक पांड्या विकेट नहीं ले पाए।  साभार-khaskhabar.com  

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कार्डिफ । अपने हरफनमौला खेल से सभी को हैरान करते हुए मेजबान इंग्लैंड को मात देकर आईसीसी चैम्पियंस ट्रॉफी के फाइनल में जगह बनाने वाली पाकिस्तान के कप्तान सरफराज अहमद ने कहा कि ग्रुप दौर में भारत से हारने के बाद उनकी टीम के लिए हर मैच नॉक आउट मैच था। पाकिस्तान ने बुधवार को पहले सेमीफाइनल में मेजबान इंग्लैंड को आठ विकेट से मात देते हुए पहली बार चैम्पियंस ट्रॉफी के फाइनल में जगह बनाई है।  पाकिस्तान को इस टूर्नामेंट के अपने पहले मैच में चिर प्रतिद्वंद्वी भारत ने हराया था। इसके बाद पाकिस्तान ने खिताब की एक और प्रबल दावेदार दक्षिण अफ्रीका को डकवर्थ लुइस नियम से हराया और ग्रुप-बी के अंतिम मैच में रोमांचक मुकाबले में श्रीलंका को मात देते हुए सेमीफाइनल में जगह बनाई थी।  सेमीफाइनल मैच में जीत हासिल करने के बाद सरफराज ने कहा, ‘‘भारत से हारने के बाद हमारे लिए हर मैच नॉकआउट मैच बन गया था। मैंने अपने खिलाडिय़ों से कहा था कि आप सिर्फ अपना खेल खेलें।’’भारत को दूसरे सेमीफाइनल में बांग्लादेश से भिडऩा है। अगर भारत यह मैच जीत जाता है तो फाइनल में वह पाकिस्तान से रविवार को भिड़ेगा। फाइनल भारत के साथ होने की संभावना पर सरफराज ने कहा, ‘‘दोनों टीमें अच्छा खेल रही हैं। जो भी हमारे सामने आएगी हम उसके साथ खेलेंगे।’’  पाकिस्तान के लिए इस मैच में हसन अली ने शानदार गेंदबाजी की और अपने कोटे के 10 ओवरों में 35 रन देकर तीन विकेट लिए। उन्हें मैन ऑफ द मैच चुना गया। सरफराज ने हसन के बारे में कहा, ‘‘वह बेहद प्रभावशाली गेंदबाज है। उम्मीद है कि वह फाइनल में भी अच्छा प्रदर्शन करेगा। वह जब भी आता है विकेट लेता है।’’ मैच के बारे में सरफराज ने कहा, ‘‘हमने अच्छी गेंदबाजी की और इसके बाद बल्लेबाजों ने भी अच्छा प्रदर्शन किया। मोहम्मद आमिर नहीं था लेकिन, रुमन रइस ने उनकी जगह आकर अच्छा प्रदर्शन किया। हमने टॉस जीतकर लक्ष्य का पीछा करने का फैसला लिया जो सही साबित हुआ।’’   साभार-khaskhabar.com  

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मेड्रिड । स्पेन में अभियोजक ने रियल मेड्रिड फुटबाल क्लब के स्टार खिलाड़ी क्रिस्टियानो रोनाल्डो पर कर भुगतान में डेढ़ करोड़ डालर से अधिक की धोखाधड़ी करने का आरोप लगाया है। बीबीसी की रिपोर्ट के अनुसार, मेड्रिड स्थित अभियोजक कार्यालय ने कहा है कि उसने इस मामले में पुर्तगाल के अंतर्राष्ट्रीय खिलाड़ी के खिलाफ मुकदमा दायर किया है। रोनाल्डो पर 2011 से 2014 के बीच 1.47 करोड़ यूरो (1.3 करोड़ पाउंड, 1.6 करोड़ डॉलर) की धोखाधड़ी का आरोप लगा है। विश्व के सबसे महंगे फुटबाल खिलाड़ी रोनाल्डो ने पहले कहा था कि उन्हें कर भुगतान मामले में जांच से किसी प्रकार की चिंता नहीं है क्योंकि उनके पास छिपाने के लिए कुछ भी नहीं है। पिछले साल दिसम्बर में लीक हुए दस्तावेजों में यह सामने आया था कि रोनाल्डो ने अपनी कमाई में कर भुगतान को नजरअंदाज किया था। हालांकि, पुर्तगाल के खिलाड़ी ने इन आरोपों को खारिज किया है।   साभार-khaskhabar.com  

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नई दिल्ली । भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) की प्रशासनिक समिति (सीओए) के अध्यक्ष विनोद राय ने साफ किया है कि अनिल कुंबले वेस्टइंडीज दौरे के लिए भी टीम इंडिया के कोच पद पर बने रहेंगे।  इससे पहले यह कहा जा रहा था कि कुंबले का कार्यकाल चैम्पियंस ट्रॉफी के बाद समाप्त हो जाएगा। टीम इंडिया का वेस्टइंडीज दौरा 23 जून से शुरू हो रहा है, जहां भारत को पांच वनडे और एक टी20 मैच खेलना है। कुछ ही दिन पहले बीसीसीआई ने भी कहा था कि अभी टीम इंडिया के नए कोच की तलाश में और समय लगेगा और इसलिए फिलहाल कुंबले टीम इंडिया के मुख्य कोच बने रहेंगे।  बीसीसीआई के मुताबिक पिछले हफ्ते नए कोच की तलाश के लिए लंदन में सौरव गांगुली, सचिन तेंदुलकर और वीवीएस लक्ष्मण की सदस्यता वाली बीसीसीआई की क्रिकेट सलाहकार समिति (सीएसी) की बैठक हुई थी। इस बैठक में गांगुली, तेंदुलकर और लक्ष्मण ने दो घंटे नए कोच की नियुक्ति पर चर्चा की, लेकिन इसके बाद उन्होंने बीसीसीआई के मुख्य कार्यकारी अधिकारी राहुल जौहरी को बताया कि उन्हें कोच के चयन के लिए अधिक समय चाहिए।  टीम इंडिया के कोच पद के लिए जिन्होंने आवेदन किया है, उसमें वीरेंद्र सहवाग, टॉम मू़डी, लालचंद राजपूत, डोडा गणेश, रिचर्ड पेबस और मौजूदा कोच अनिल कुंबले का नाम शामिल है। टीम इंडिया कैरेबियाई दौरे पर पहला वनडे 23 जून को और फिर दूसरा 25 जून को त्रिनिदाद के क्वींस पार्क ओवल में खेलेगी। इसके बाद भारत को 30 जून और 2 जुलाई को एंटिगा के सर विवियन रिचर्ड स्टेडियम में और फिर आखिरी वनडे 6 जुलाई को जमैका के सबिना पार्क में खेलना है। वेस्टइंडीज और भारत के बीच इस दौरे पर एकमात्र टी20 मैच 9 जुलाई को जमैका के ही सबिना पार्क में खेला जाएगा। साभार-khaskhabar.com  

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