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मेलबोर्न। ऑस्ट्रेलिया क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान माइकल क्लार्क का कहना है कि अगर ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेट खिलाडिय़ों ने क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया (सीए) की ओर से पेश किए गए मध्यस्थता प्रस्ताव को ठुकराया, तो ये उनकी मूर्खता होगी।   उल्लेखनीय है कि सीए ने पिछले गुरुवार को इसका प्रस्ताव दिया था और इसमें रोलओवर अनुबंध की प्रतिबद्धता के साथ-साथ अगस्त में बांग्लादेश, सितंबर तथा अक्टूबर में भारत दौरे का आश्वासन था। इस प्रस्ताव पर हालांकि, ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेटर संघ (एसीए) की सहमति नहीं मिली है, क्योंकि इससे भुगतान विवाद के समाधान में देरी की संभावना है।   एसीए के मुख्य कार्यकारी अधिकारी एलिस्टर निकोलसन ने कहा कि वे बोर्ड के साथ वार्ता जारी रखना पसंद करेंगे, लेकिन मध्यस्थता प्रस्ताव पर अंतिम फैसला अगले सप्ताह तक लिया जाएगा। इस पर हालांकि, क्लार्क का मानना है कि खिलाडिय़ों को इस प्रस्ताव के बारे में सोचना चाहिए। क्लार्क ने कहा, एक पूर्व खिलाड़ी के तौर पर मैं यह कहना चाहता हूं कि अगर सोमवार तक हल नहीं निकलता है, तो खिलाडिय़ों को इस मध्यस्थता प्रस्ताव को स्वीकार कर लेना चाहिए, क्योंकि इस विवाद को हमें अंतिम रूप देने की जरूरत है।   उन्होंने कहा, मेरा मानना है कि एसीए को निश्चित तौर पर मध्यस्तता का प्रस्ताव स्वीकार करना चाहिए और अगर वो ऐसा नहीं करता है, तो ये उसकी मूर्खता होगी। खिलाड़ी इसके लिए ना नहीं कह सकते, क्योंकि उन्हें खेलना है। अगर उन्हें खेलना है, तो इसके लिए उन्हें हामी भरनी होगी। साभार-khaskhabar.com       

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नई दिल्ली। अखिल भारतीय फुटबॉल महासंघ (एआईएफएफ) की सिफारिश को कबूल करते हुए एशिया फुटबॉल परिसंघ (एएफसी) की टूर्नामेंट समिति ने इंडियन सुपर लीग (आईएसएल) को फेडेरशन कप का स्थान लेने की मंजूरी दे दी है। कुआलाम्पुर में हुई एएफसी की बैठक में यह फैसला लिया गया।    एआईएफएफ ने एक बयान जारी कर इस बात की जानकारी दी। एआईएफएफ ने एएफसी से अनुरोध किया था कि वह आईएसएल को फेडरेशन कप का स्थान दे। फेडरेशन कप का विजेता एएफसी कप के शुरुआती दौर में हिस्सा लेता है।    अब चूंकि इस साल आईएसएल ने फेड कप का स्थान ले लिया है तो आईएसएल का विजेता क्लब एएफसी कप में हिस्सा लेगा। समिति ने कहा है कि आई-लीग की विजेता क्लब एएफसी चैम्पियंस लीग के प्ले ऑफ राउंड में खेलेगी, जबकि आईएसएल की विजेता एएफसी कप में हिस्सा लेगी। आईएसएल और आई-लीग का आयोजन इस साल 2017-18 में एक साथ किया जाएगा। इसकी समीक्षा वार्षिक आधार कर की जाएगी। इसके अलावा बैठक में क्लब के लाइसेंस नियम, प्रमोशन, खिलाडिय़ों को अनुबंधित करने के नियम और एएफसी तथा भारतीय फुटबॉल के हितधारकों के बीच भविष्य को लेकर रणनीति पर चर्चा की गई। साभार-khaskhabar.com     

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गाले। भारतीय टीम के कप्तान विराट कोहली ने श्रीलंका के खिलाफ यहां तीन टेस्ट की सीरीज के पहले मैच में बुधवार को टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी का फैसला किया। लंच तक भारत ने 27 ओवर में 115/1 रन बना लिए थे। शिखर धवन (64) व चेतेश्वर पुजारा (37) क्रीज पर हैं। अभिनव मुकुंद (12) को नुवान प्रदीप ने पैवेलियन लौटा दिया। गाले इंटनेशनल स्टेडियम में खेले जा रहे इस मैच में भारत की तरफ से हार्दिक पांड्या ने टेस्ट क्रिकेट में डेब्यू किया है।    भारत इस दौरे पर अपने नए मुख्य कोच रवि शास्त्री के साथ आया है। वह इस मैदान पर अपने पिछले दो टेस्ट हार चुका है और अब वह पूरी कोशिश करेगा कि हार की हैट्रिक से बच सके। दूसरी ओर, श्रीलंका ने यहां चार लगातार टेस्ट में जीत हासिल की है। भारतीय ऑफ स्पिनर रविचंद्रन अश्विन का यह 50वां टेस्ट है। टीम   भारत : विराट कोहली (कप्तान), अजिंक्य रहाणे (उप-कप्तान), अभिनव मुकुंद, शिखर धवन, चेतेश्वर पुजारा, रविचंद्रन अश्विन, रवींद्र जडेजा, रिद्धिमान साहा, उमेश यादव, हार्दिक पांड्या, मोहम्मद शमी।   श्रीलंका : रंगना हेराथ (कप्तान), उपुल थरंगा, दिमुथ करुणारत्ने, कुशल मेंडिस, एंजेलो मैथ्यूज, दानुष्का गुणाथिलका, असेला गुणारत्ने, निरोशन डिकवेला, दिलरुवान परेरा, लाहिरु कुमारा, नुवान प्रदीप।   साभार-khaskhabar.com   

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मुंबई। भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) ने शनिवार को हेमांग अमीन को इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) का नया मुख्य कार्यपालन अधिकारी (सीओओ) नियुक्त किया है।  इससे पहले अमीन बीसीसीआई के वित्त एंव वाणिज्य विभाग में महाप्रबंधक थे।  आईपीएल के प्रबंधन और संचालन को सफलतापूर्वक अंजाम देने के बाद उन्हें यह नई जिम्मेदारी सौंपी गई है। वह बीसीसीआई के साथ पिछले सात साल के काम कर रहे हैं।    अमीन की नियुक्ति पर बीसीसीआई के कार्यवाहक अध्यक्ष सी.के. खन्ना ने कहा, ‘‘अमीन ने आईपीएल की सफलता में अहम रोल निभाया है। उनकी नेतृत्व क्षमता ने पिछले सात साल में आईपीएल की रणनीति को अच्छे से अंजाम दिया और इसकी भविष्य की नींव को मजबूत किया है।’’   आईपीएल के चेयरमैन राजीव शुक्ला ने कहा, ‘‘हेमांग अमीन अच्छा अनुभव रखने वाले शानदार इंसान हैं। उनकी बाजार और हितधारकों में अच्छी पकड़ है। उनके साथ काम करते हुए मुझे पता है कि वह आईपीएल के लिए सही शख्स हैं।’’साभार-khaskhabar.com 

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नई दिल्ली। दाएं हाथ के मध्य क्रम के भारतीय बल्लेबाज सुब्रमण्यम बद्रीनाथ ने प्रथम श्रेणी क्रिकेट से संन्यास ले लिया है। प्रथम श्रेणी क्रिकेट में दो या इससे ज्यादा दिन खेले जाने वाले मुकाबले शुमार किए जाते हैं।    36 वर्षीय बद्रीनाथ ने कहा कि प्रथम श्रेणी क्रिकेट के लिए परिवार से दूर रहना पड़ता है। इसके साथ ही लंबी यात्रा भी करनी पड़ती है इसलिए फिलहाल मेरा फोकस टी20 क्रिकेट पर है। बद्रीनाथ टी20 टूर्नामेंट तमिलनाडु प्रीमियर लीग में हिस्सा ले रहे हैं। 20 वर्ष तक प्रथम श्रेणी क्रिकेट खेलने वाले बद्रीनाथ सुदृढ़ तकनीक और गजब के धैर्य के साथ बल्लेबाजी के लिए जाने जाते हैं।    बद्रीनाथ घरेलू क्रिकेट में तमिलनाडु के लिए खेलते हैं, जबकि आईपीएल में उन्होंने चेन्नई सुपर किंग्स और रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरू टीमों का प्रतिनिधित्व किया है। बद्रीनाथ ने 145 प्रथम श्रेणी मुकाबलों में 10245 रन बटोरे।उनका औसत 54.49 रहा। उनके खाते में 45 अर्धशतक और 32 शतक हैं। बद्रीनाथ लिस्ट ए के 144 और टी20 के 142 मैच भी खेल चुके हैं। बद्रीनाथ ने भारत के लिए कुल 10 मैच खेले, जिनमें दो टेस्ट, सात वनडे और एक टी20 मैच खेला। बद्रीनाथ भारत की ओर से अंतिम बार वर्ष 2011 में खेले थे। वे अनलकी रहे कि उन्हें राष्ट्रीय टीम के लिए बहुत ज्यादा मौका नहीं मिला। साभार-khaskhabar.com     

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कोलंबो। मैदान के बाहर तमाम विवादों को पीछे छोड़ते हुए भारतीय टीम के नवनियुक्त मुख्य कोच रवि शास्त्री और कप्तान विराट कोहली की नजरें अब टेस्ट रैंकिंग में नंबर-1 स्थान कायम रखने पर हैं। शास्त्री ने टीम में वापसी की है। एक साल वह टीम निदेशक के तौर पर बाहर गए थे और एक साल बाद मुख्य कोच बनकर लौटे हैं। शास्त्री ने गुरुवार को कहा कि उनकी टीम का मुख्य लक्ष्य टेस्ट में नंबर-1 स्थान कायम रखने पर होगा। शास्त्री ने कहा, ‘‘मैं श्रीलंका में पहली बार 18 साल की उम्र में आया था, तब में भारत की अंडर-19 टीम का हिस्सा था। एक प्रसारणकर्ता के रूप में मेरा पहला दौरा 1992 में श्रीलंका का ही था। एक कोच के तौर पर भी मेरा पहला दौरा श्रीलंका का है।’’   यहां पहुंचने पर संवाददाता सम्मेलन में शास्त्री ने कहा, ‘‘श्रीलंका का घर में इतिहास काफी अच्छा है। अगर वह सर्वश्रेष्ठ नहीं हैं तो अच्छी टीम तो हैं।’’ पूर्व भारतीय कप्तान ने कहा, ‘‘हम उनको हल्के में नहीं लेंगे और हमारी कोशिश नंबर-1 टीम का दर्जा कायम रखने की होगी। इसके अलावा हमारी कोशिश सुधार करने और नई चीजें सीखने की होगी।’’ ड्रेसिंग रूम में अपने रोल के बारे में पूर्व भारतीय कप्तान ने कहा, ‘‘मेरा रोल खिलाडिय़ों को उस मानसिकता में रखना होगा जिसके रहते वह मैदान पर जाएं और अपना सर्वश्रेष्ठ दें। यह सुनने में आसान लगता है, लेकिन है काफी मुश्किल।’’   पिछले कुछ दिनों से कोहली विवादों और आलोचनाओं के दौर से गुजर रहे हैं। पूर्व कोच अनिल कुंबले ने भी उन्हीं से विवाद की बात को मानते हुए अपने पद से इस्तीफा दिया था। उन्होंने कहा कि पिछली बार टीम ने यहीं एक साथ शानदार प्रदर्शन करते हुए 2-1 से सीरीज जीती थी। उन्होंने कहा, ‘‘पिछले दौर पर पहला टेस्ट मैच गॉल में हारने के बाद हमने सीखा था कि टीम एक साथ कैसे रहती है, इसके बाद हम एक साथ आए। यहीं से वो सब शुरू हुआ था और हम नंबर-1 टीम बने थे।’’   उन्होंने कहा, ‘‘टेस्ट मैच और दौरे की तैयारी के लिए काफी मेहनत करनी होती है। आप किसी भी सीरीज में ऐसे ही उठ कर नहीं आ सकते। टीम का हर सदस्य बराबर की जिम्मेदारी लेता है। इसी तरह एक पेशेवर टीम खेलती है।’’ अंतिम समय पर मुरली विजय चोटिल हो कर सीरीज से बाहर हो गए हैं। इस पर कोहली ने कहा कि यह दुर्भाग्यवश है, लेकिन साथ ही इसने एक और खिलाड़ी को अपने आप को साबित करने का मौका दिया है। उन्होंने कहा, ‘‘जो भी खिलाड़ी टीम में आता है वह अपने आप को साबित करना चाहता है। चोट दुर्भाग्यवश होती हैं, इन पर नियंत्रण नहीं पाया जा सकता। विजय दुर्भाग्यशाली रहे। जब फिट महसूस नहीं कर रहे थे इस स्थिति में चयनकर्ताओं को अपनी चोट के बारे में बताने की लिए उनकी तारीफ करनी होगी।’’ विजय की जगह शिखर धवन को टीम में चुना गया है।    कोहली ने कहा, ‘‘अभिनव मुकुंद ने घरेलू क्रिकेट में अच्छा किया है। शिखर ने आखिरी बार जब वापसी की थी तब शतक मारा था। इसके बाद वह चोटिल हो गए थे और पुजारा ने पारी की शुरुआत की थी।’’भारत इस दौरे पर तीन टेस्ट, पांच वनडे और एक टी-20 मैच खेलेगी। पहला टेस्ट मैच 26 जुलाई से शुरू हो रहा है। साभार-khaskhabar.com   

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ब्रिस्टल। मेजबान इंग्लैंड ने मंगलवार को आईसीसी महिला विश्व कप के फाइनल में जगह बना ली। तीन बार के चैंपियन इंग्लैंड ने यहां खेले गए पहले सेमीफाइनल में दक्षिण अफ्रीका को रोमांचक मुकाबले में दो गेंद पहले दो विकेट से मात दी। दूसरा सेमीफाइनल गुरुवार (20 जुलाई) को भारत और छह बार के चैंपियन ऑस्ट्रेलिया के बीच खेला जाएगा।    मंगलवार को दक्षिण अफ्रीका ने निर्धारित 50 ओवर में छह विकेट पर 218 रन बनाए। जवाब में इंग्लैंड ने 49.4 ओवर में आठ विकेट के नुकसान पर लक्ष्य हासिल कर लिया। इंग्लैंड की तरफ से प्लेयर ऑफ द मैच सारा टेलर ने सर्वाधिक 54 रन बनाए। कप्तान हीदर नाइट और फ्रेन विल्सन ने 30-30, जेनी गुन ने नाबाद 27 और लॉरेन विनफील्ड ने 20 रन का योगदान दिया।    एनया श्रबसोले ने चौका मार टीम को फाइनल में पहुंचाया। दक्षिण अफ्रीका की तरफ से अयाबोंगा खाका और सुने लुस ने 2-2 विकेट लिए। शबनम इस्माइल, मारिजाने कैप और डेनियल्स को 1-1 सफलता मिली। एक बल्लेबाज रन आउट हुई।इससे पहले इंग्लैंड की गेंदबाजों ने सटीक लाइन लैंग्थ के साथ गेंदबाजी करते हुए दक्षिण अफ्रीका को बड़ा स्कोर करने से रोका। दक्षिण अफ्रीका की तरफ से मिग्नोन डु प्रीज ने सर्वाधिक नाबाद 76 रन बनाए। सलामी बल्लेबाज लॉरा वोलवार्डट ने 66 रन का योगदान दिया। टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी दक्षिण अफ्रीका टीम की शुरुआत खराब रही।    उसने 21 रन पर ही अपना पहला विकेट खो दिया। लिजेली ली (7) छठे ओवर में पवैेलियन लौट गई थीं। तृषा चेट्टी ने 15 रनों का योगदान दिया। वे 48 के कुल स्कोर पर आउट हुईं। यहां से प्रीज और वोलवार्ट ने टीम को संभाला और सौ का आंकड़ा पार कराते हुए तीसरे विकेट के लिए 77 रन जोड़े।  साभार-khaskhabar.com   

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मेड्रिड। स्विट्जरलैंड के टेनिस स्टार रोजर फेडरर ने अपने प्रदर्शन के दम पर दिखा दिया है कि अगर इरादे बुलंद हो तो उपलब्धियां हासिल करने में उम्र बाधा नहीं बन सकती। टेनिस में आम तौर पर 30 साल के बाद अधिकतर खिलाड़ी चूक जाते हैं, लेकिन फेडरर 35 साल के होने के बावजूद उच्च स्तर के टूर्नामेंटों में भी छाए हुए हैं।    फेडरर ने रविवार को क्रोएशिया के मारिन सिलिक को सीधे सेटों में हराकर विंबलडन के खिताब पर कब्जा जमाया। यह फेडरर का रिकॉर्ड 8वां विंबलडन और कुल 19वां एकल ग्रैंडस्लैम खिताब है। फेडरर को इससे पेशेवर टेनिस संघ (एटीपी) रैंकिंग में भी फायदा मिला है। वे दो स्थान की छलांग लगाकर तीसरे स्थान पर आ गए हैं। फेडरर के 6545 अंक हैं।    फेडरर ने मौजूदा सत्र में 14 टूर्नामेंटों में हिस्सा लिया और पांच में जीत दर्ज की। इसमें दो ग्रैंडस्लैम ऑस्ट्रेलियन ओपन और विंबलडन शामिल हैं। सोमवार को जारी हुई इस सूची में ब्रिटेन के स्टार खिलाड़ी एंडी मरे 7750 अंक के साथ शीर्ष स्थान पर बने हुए हैं। सिलिक 5075 अंक के साथ छठे स्थान पर हैं।स्पेन के राफेल नडाल (7465) दूसरे, सर्बिया के नोवाक जोकोविक (6325) चौथे स्थान पर हैं। स्विट्जरलैंड के स्टैन वावरिंका (6140) दो स्थान फिसलते हुए पांचवें स्थान पर आ पहुंचे हैं। नीदरलैंड्स के डोमिनिक थीम (4030) व जापान के केई निशिकोरी (3740) एक-एक स्थान का फायदा लेकर क्रमश: सातवें और आठवें स्थान पर आ गए हैं। कनाडा के मिलोस राओनिक (3310) सातवें से नौवें स्थान पर खिसक गए हैं। बुल्गारिया के ग्रिगोर दिमित्रोव (3160) 11वें से 10वें स्थान पर आ गए।   साभार-khaskhabar.com     

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ब्रिस्टल । आस्ट्रेलिया ने आईसीसी महिला विश्व कप में बुधवार को भारतीय टीम को आठ विकेट से हरा दिया है। पूनम राउत (106) के शतक और कप्तान मिताली राज (69) के अर्धशतक के दम पर पहले बल्लेबाजी करते हुए 50 ओवरों में सात विकेट खोकर 226 रन बनाने वाली भारतीय टीम आस्ट्रेलियाई बल्लेबाजों के सामने यह लक्ष्य नहीं बचा पाई। आस्ट्रेलिया ने कप्तान मेग लैनिंग (नाबाद 76) और एलिस पैरी (नाबाद 60) की आगुआई में 45.1 ओवरों में दो विकेट खोकर यह लक्ष्य हासिल कर लिया। इस हार के बाद भारत की सेमीफाइनल की राह मुश्किल हो गई है। भारत को अपना अगला और अंतिम लीग मैच 15 जुलाई को न्यूजीलैंड के खिलाफ खेलना है। मौजूदा विजेता आस्ट्रेलिया को अच्छी शुरुआत मिली। निकोल बोल्टन (36) और बेथ मूनी (45) ने पहले विकेट के लिए 62 रन जोड़े। बोल्टन को लेग स्पिनर पूनम यादव ने आउट कर भारत को पहली सफलता दिलाई। यहां से लैनिंग ने विकेट पर पांव जमा लिए, तो अंत तक आउट नहीं हुईं। मूनी ने कप्तान के साथ मिलकर टीम को 100 का आंकड़ा पार कराया। अर्धशतक की ओर बढ़ रहीं मूनी रन लेने की जल्दबाजी में रन आउट हो पवेलियन लौटीं। वह 103 के कुल स्कोर पर आउट हुईं। यहां से लैनिंग को एलिस पैरी का साथ मिला और दोनों ने तीसरे विकेट के लिए 124 रनों की साझेदारी कर टीम को जीत दिलाई। 88 गेंदों की पारी में आठ चौके और एक छक्का लगाने वाली लैनिंग को प्लेयर ऑफ द मैच चुना गया। पैरी ने 67 गेंदों का सामना करते हुए आठ चौके लगाए। इससे पहले, सलामी बल्लेबाज पूनम और मिताली के बीच दूसरे विकेट के लिए हुई बेहतरीन साझेदारी के बावजूद भारतीय टीम आस्ट्रेलिया को बड़ा लक्ष्य नहीं दे सकी। मिताली और पूनम ने जरूर विकेट नहीं गिरने दिए, लेकिन रनगति को यह दोनों बल्लेबाज तेज नहीं कर सकी। आस्ट्रेलियाई गेंदबाजों ने इन्हें बड़े शॉट लगाने से रोके रखा। भारत को अच्छी शुरुआत नहीं मिली और बाएं हाथ की बल्लेबाज स्मृति मंधाना (3) एकबार फिर बल्ले से कमाल नहीं दिखा पाईं। वह नौ के कुल स्कोर पर पवेलियन लौट गईं। यहां से मिताली और पूनम ने मोर्चा संभाला और आस्ट्रेलिया को विकेट के लिए तरसा दिया। दोनों ने धीरे-धीरे पारी को आगे बढ़ाया और 37.1 ओवरों में 4.22 की औसत से 157 रनों की शतकीय साझेदारी की। इस साझेदारी के दौरान मिताली ने अपने नाम एक नया रिकार्ड दर्ज किया। वह वनडे क्रिकेट में सबसे ज्यादा रन बनाने वाली महिला बल्लेबाज बन गईं। इस मामले में उन्होंने इंग्लैंड की बल्लेबाज चार्लोट एडवर्ड्स को पछाड़ा, जिनके नाम 5,992 रन दर्ज थे। मिताली ने 29वें ओवर की चौथी गेंद पर एक रन लेते ही यह ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की। इस मैच से पहले वह इस मुकाम से 34 रन दूर थीं। यह मिताली का 183वां मैच और 164वीं पारी है। इस मैच में उन्होंने 114 गेंदों में चार चौके और एक छक्के की मदद से 69 रनों की पारी खेली। उनके नाम अभी तक 51.83 की औसत से 6,061 रन दर्ज हैं। वनडे में उनका सर्वोच्च स्कोर नाबादा 114 है। उनके हिस्से पांच शतक और 49 अर्धशतक हैं। उनकी पारी का अंत 41वें ओवर की तीसरी गेंद पर 166 के कुल स्कोर पर एशले गार्डनर ने किया। इसके बाद पूनम ने अपना शतक पूरा किया। लेकिन सैंकड़ा जमाने के बाद वह ज्यादा देर विकेट पर रुक नहीं पाईं। अंत के ओवरों में तेजी से रन बानने के प्रयास में वह 47वें ओवर में 203 के कुल स्कोर पर पवेलियन लौट गईं। उन्होंने अपनी शतकीय पारी में 136 गेंदें खेली जिसमें 11 चौके लगाए। इन दोनों के जाने के बाद भारतीय बल्लेबाज लगातार विकेट खोती रहीं। यहां से भारत ने 23 रन जोड़े, लेकिन अपने चार विकेट गंवा दिए। अंत के पांच ओवरों में भारतीय टीम ने पांच विकेट खोकर 33 रन बनाए। आस्ट्रेलिया की तरफ से मेगन शुट और एलिस पैरी ने दो-दो विकेट लिए। गार्डनर और क्रिस्टन बीम्स को एक-एक सफलता मिली। भारत की एक बल्लेबाज रन आउट हुईं। साभार-khaskhabar.com    

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नई दिल्ली । भारतीय क्रिकेट टीम के मुख्य कोच को लेकर दिन भर चले नटकीय घटनाक्रम के बाद भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) ने अंतत: रवि शास्त्री के मुख्य कोच बनने की घोषणा कर दी। शास्त्री के अलावा दिग्गज गेंदबाज जहीर खान को टीम का गेंदबाजी सलाहकार और दिग्गज बल्लेबाज राहुल द्रविड़ को विदेशी टेस्ट दौरों के लिए बल्लेबाजी सलाहकार नियुक्त किया गया है। बीसीसीआई द्वारा जारी विज्ञप्ति में कहा गया है कि सौरभ गांगुली, सचिन तेंदुलकर और वीवीएस लक्ष्मण वाली क्रिकेट सलाहकार समिति (सीएसी) ने उम्मीदवारों के इंटरव्यू लिए और भारतीय क्रिकेट के हितों को ध्यान में रखते हुए इन नामों की अनुशंसा की। सभी नियुक्तियां आईसीसी विश्व कप-2019 तक के लिए की गई हैं। इससे पहले मंगलवार को ही मीडिया के एक बड़े हिस्से में शाी को मुख्य कोच चुने जाने की खबरें चलीं, लेकिन थोड़ी ही देर बाद बीसीसीआई ने स्पष्टीकरण दिया कि अभी कोच पर अंतिम फैसला नहीं हुआ है। सीएसी की बैठक के बाद वापस कोलकाता लौट चुके गांगुली ने भी कोलकाता में हवाई अड्डे पर पत्रकारों से कहा कि शाी को मुख्य कोच बनाए जाने से संबंधित खबरें भ्रमवश चलीं। सीएसी नया कोच नियुक्त करने से पहले कोहली से संपर्क करना चाहता था और इसीलिए सोमवार को कोच की घोषणा टाल दी गई थी, लेकिन मंगलवार को सर्वोच्च न्यायालय द्वारा गठित प्रशासकों की समिति (सीओए) ने सीएसी को आज ही (मंगलवार) कोच की नियुक्ति पर अंतिम फैसला लेने का आदेश दिया। मंगलवार को ही इससे पहले, बीसीसीआई के कार्यवाहक सचिव अमिताभ चौधरी ने शास्त्री के कोच बनाए जाने की खबरों पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा था, ‘‘कोच पर अभी कोई अंतिम फैसला नहीं लिया जा सका है। सीएसी के तीन सदस्य इस पर अभी चर्चा कर रहे हैं, आपस में एक-दूसरे से बात कर रहे हैं और कुछ देर बाद इस पर अंतिम फैसला आ सकता है।’’ 2014-2016 तक टीम के निदेशक रह चुके शास्त्री पिछले साल भी कोच पद की दौड़ में थे, लेकिन अंतत: पूर्व कप्तान और दिग्गज स्पिन गेंदबाज अनिल कुंबले को मुख्य कोच नियुक्त किया गया था। विराट कोहली से विवाद के बाद कुंबले ने चैम्पियंस ट्रॉफी के ठीक बाद पद से इस्तीफा दे दिया।  शास्त्री ने शुरू में कोच पद के लिए आवेदन नहीं दिया था, लेकिन बीसीसीआई द्वारा कोच के आवेदन की अंतिम तिथि बढ़ाकर नौ जुलाई करने के बाद उन्होंने आवेदन दिया। सोमवार को सीएसी ने शास्त्री, वीरेंद्र सहवाग, लालचंद राजपूत, रिचर्ड पायबस और टॉम मूडी के इंटरव्यू लिए थे। साभार-khaskhabar.com

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मुंबई । भारतीय क्रिकेट टीम को अभी मुख्य कोच के लिए कुछ और इंतजार करना पड़ेगा। आज सोमवार को सौरव गांगुली, सचिन तेंदुलकर व वीवीएस लक्ष्मण से युक्त क्रिकेट एडवाइजरी कमेटी (सीएसी) ने छह उम्मीदवारों रवि शास्त्री, वीरेंद्र सहवाग, टॉम मूडी, फिल सिमंस, रिचर्ड पायबस और लालचंद राजपूत का इंटरव्यू लिया।  हालांकि कमेटी किसी फैसले तक नहीं पहुंच सकी। इंटरव्यू प्रक्रिया के बाद गांगुली ने प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए कहा कि अभी हमने कोच का चयन नहीं किया है। कमेटी को नया कोच चुनने के लिए और समय की जरूरत है। हम जानते हैं कि टीम इंडिया को जल्द ही श्रीलंका दौरे की तैयारी में जुटना है और ऐसे में कोच तय करना जरूरी है, लेकिन हमारे लिए सिर्फ श्रीलंका दौरा ही अहम नहीं है। हमें भारतीय क्रिकेट के भविष्य के लिए नए कोच के नाम पर कुछ और दिन चाहिए।  कोच का नाम तय करने से पहले कमेटी को कुछ लोगों खासकर कप्तान विराट कोहली से बात करने की जरूरत है। कोहली को इस बात का श्रेय मिलना चाहिए कि वे इस पूरी प्रक्रिया से दूर रहे। नामों को लेकर उन्होंने कोई इनपुट नहीं दिया। उल्लेखनीय है कि भारतीय टीम ने रविवार को वेस्टइंडीज दौरे पर अपना अंतिम मैच खेला था। उल्लेखनीय है कि पूर्व कोच अनिल कुंबले के पिछले महीने इंग्लैंड में आयोजित चैंपियंस ट्रॉफी के ठीक बाद इस्तीफा देने की वजह से ये पद खाली है। कुंबले ने कोहली से मतभेद के चलते यह फैसला किया था। हालांकि कुंबले के कार्यकाल में भारत लगातार पांच टेस्ट सीरीज जीतने में सफल रहा था।  नए कोच से दो साल यानी वर्ष 2019 के वनडे विश्व कप तक के लिए अनुबंध किया जाएगा। शुरुआत में शास्त्री ने इस पद के लिए आवेदन नहीं किया था। शास्त्री जब टीम डायरेक्टर थे तो भारत वनडे और टी20 विश्व कप के सेमीफाइनल तक पहुंचा था। साभार-khaskhabar.com    

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किंग्स्टन (जमैका) । इविन लुईस की शतकीय पारी की बदौलत वेस्टइंडीज ने सबीना पार्क मैदान में खेले गए एकमात्र अंतर्राष्ट्रीय टी-20 मैच में भारत को 9 विकेट से हरा दिया है। टीम इंडिया के 191 रन के लक्ष्य का पीछा करने उतरी वेस्टइंडीज की टीम ने जबर्दस्त बल्लेबाजी करते हुए एक विकेट के नुकसान पर 18.3 ओवर में 194 रन बनाकर मुकाबला जीत लिया। वेस्टइंडीज की टीम ने यह मुकाबला 9 विकेट से जीता। लक्ष्य का पीछा करने उतरी वेस्टइंडीज को क्रिस गेल और इविन लुईस ने शानदार शुरुआत दी। दोनों ने पहले विकेट के लिए 50 बॉल पर 82 रन की साझेदारी की। मैच में विंडीज की ओर से इविन लुईस ने शानदार बल्लेबाजी करते हुए अपने टी-20 करियर का दूसरा शतक लगाया।  लुईस ने अपने 100 रन केवल 53 बॉल पर पूरे किए, जिसमें उन्होंने 5 चौके और 9 छक्के भी लगाए। उन्होंने अपने 50 रन केवल 24 बॉल पर पूरे किए थे। मैच में उन्हें दो जीवनदान भी मिले। जब छठें ओवर में शमी ने और सातवें ओवर में कार्तिक ने उनका कैच छोड़ दिया। तब वे केवल 53 रन पर खेल रहे थे। लुईस ने करियर का पहला शतक भी भारत के खिलाफ पिछले साल अमेरिका में हुए टी-20 मैच में लगाई थी। वेस्टइंडीज की टीम को पहला झटका 8.2 ओवर में कुलदीप यादव ने दिया। जब उनकी बॉल पर क्रिस गेल (18) को धोनी ने कैच कर लिया। ये उनके टी-20 करियर का पहला विकेट रहा। गेल को दूसरे ही ओवर में एक जीवनदान भी मिला था, जब अश्विन की बॉल पर धोनी ने उनकी स्टम्पिंग मिस कर दी थी। हालांकि वे इसका ज्यादा फायदा नहीं उठा सके। इससे पहले भारत ने वेस्ट इंडीज के सामने जीत के लिए 191 रनों का लक्ष्य रखा। टॉस हारकर बल्लेबाजी करने उतरी भारतीय टीम को कप्तान विराट कोहली (39) और शिखर धवन (23) ने बेहतरीन शुरुआत दिलाई। दोनों ने 5.3 ओवरों में 11.63 की तेज रनगति से 64 रन जोड़े। कप्तान कोहली 22 गेंदों में सात चौके और एक छक्का लगाने के बाद केसरिक विलियम्स का शिकार हुए। धवन भी दो गेंद बाद ही इसी ओवर में रन आउट हो पवेलियन लौटे। उन्होंने 12 गेंदों में पांच बाउंड्री हासिल की। इसके बाद दिनेश कार्तिक (48) और ऋषभ पंत (38) ने मोर्चा संभाला और 8.74 की औसत से 86 रनों की साझेदारी करते हुए टीम को चुनौतीपूर्ण स्कोर की ओर अग्रसर किया। 29 गेंदों में पांच चौके और तीन छक्के लगाकर आतिशी अंदाज में खेल रहे कार्तिक 16वें ओवर की चौथी गेंद पर मार्लन सैमुअल्स का शिकार हुए। सैमुअल्स ने उन्हें क्लीन बोल्ड किया। ठीक छह गेंद बाद महेंद्र सिंह धौनी (2) भी चलते बने। केदार जाधव (4) भी कुछ खास नहीं कर सके। 16वें, 17वें और 18वें, इन तीन ओवरों में भारत ने 24 रन जोड़े और चार विकेट गंवाए। रवींद्र जडेजा ने आठ गेंदों में 13 और रविचंद्रन अश्विन ने सात गेंदों में 11 रन बनाकर भारत को 190 के स्कोर तक पहुंचाया। जडेजा और अश्विन ने मिलकर आखिरी के 12 गेंदों में 26 रन बटोरे और नाबाद लौटे। साभार-khaskhabar.com  

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