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शास्त्री, कोहली का ध्यान नंबर-1 बने रहने पर

शास्त्री, कोहली का ध्यान नंबर-1 बने रहने परकोलंबो। मैदान के बाहर तमाम विवादों को पीछे छोड़ते हुए भारतीय टीम के नवनियुक्त मुख्य कोच रवि शास्त्री और कप्तान विराट कोहली की नजरें अब टेस्ट रैंकिंग में नंबर-1 स्थान कायम रखने पर हैं। शास्त्री ने टीम में वापसी की है। एक साल वह टीम निदेशक के तौर पर बाहर गए थे और एक साल बाद मुख्य कोच बनकर लौटे हैं। शास्त्री ने गुरुवार को कहा कि उनकी टीम का मुख्य लक्ष्य टेस्ट में नंबर-1 स्थान कायम रखने पर होगा। शास्त्री ने कहा, ‘‘मैं श्रीलंका में पहली बार 18 साल की उम्र में आया था, तब में भारत की अंडर-19 टीम का हिस्सा था। एक प्रसारणकर्ता के रूप में मेरा पहला दौरा 1992 में श्रीलंका का ही था। एक कोच के तौर पर भी मेरा पहला दौरा श्रीलंका का है।’’

 

यहां पहुंचने पर संवाददाता सम्मेलन में शास्त्री ने कहा, ‘‘श्रीलंका का घर में इतिहास काफी अच्छा है। अगर वह सर्वश्रेष्ठ नहीं हैं तो अच्छी टीम तो हैं।’’ पूर्व भारतीय कप्तान ने कहा, ‘‘हम उनको हल्के में नहीं लेंगे और हमारी कोशिश नंबर-1 टीम का दर्जा कायम रखने की होगी। इसके अलावा हमारी कोशिश सुधार करने और नई चीजें सीखने की होगी।’’ ड्रेसिंग रूम में अपने रोल के बारे में पूर्व भारतीय कप्तान ने कहा, ‘‘मेरा रोल खिलाडिय़ों को उस मानसिकता में रखना होगा जिसके रहते वह मैदान पर जाएं और अपना सर्वश्रेष्ठ दें। यह सुनने में आसान लगता है, लेकिन है काफी मुश्किल।’’

 

पिछले कुछ दिनों से कोहली विवादों और आलोचनाओं के दौर से गुजर रहे हैं। पूर्व कोच अनिल कुंबले ने भी उन्हीं से विवाद की बात को मानते हुए अपने पद से इस्तीफा दिया था। उन्होंने कहा कि पिछली बार टीम ने यहीं एक साथ शानदार प्रदर्शन करते हुए 2-1 से सीरीज जीती थी। उन्होंने कहा, ‘‘पिछले दौर पर पहला टेस्ट मैच गॉल में हारने के बाद हमने सीखा था कि टीम एक साथ कैसे रहती है, इसके बाद हम एक साथ आए। यहीं से वो सब शुरू हुआ था और हम नंबर-1 टीम बने थे।’’

 

उन्होंने कहा, ‘‘टेस्ट मैच और दौरे की तैयारी के लिए काफी मेहनत करनी होती है। आप किसी भी सीरीज में ऐसे ही उठ कर नहीं आ सकते। टीम का हर सदस्य बराबर की जिम्मेदारी लेता है। इसी तरह एक पेशेवर टीम खेलती है।’’ अंतिम समय पर मुरली विजय चोटिल हो कर सीरीज से बाहर हो गए हैं। इस पर कोहली ने कहा कि यह दुर्भाग्यवश है, लेकिन साथ ही इसने एक और खिलाड़ी को अपने आप को साबित करने का मौका दिया है। उन्होंने कहा, ‘‘जो भी खिलाड़ी टीम में आता है वह अपने आप को साबित करना चाहता है। चोट दुर्भाग्यवश होती हैं, इन पर नियंत्रण नहीं पाया जा सकता। विजय दुर्भाग्यशाली रहे। जब फिट महसूस नहीं कर रहे थे इस स्थिति में चयनकर्ताओं को अपनी चोट के बारे में बताने की लिए उनकी तारीफ करनी होगी।’’ विजय की जगह शिखर धवन को टीम में चुना गया है। 

 

कोहली ने कहा, ‘‘अभिनव मुकुंद ने घरेलू क्रिकेट में अच्छा किया है। शिखर ने आखिरी बार जब वापसी की थी तब शतक मारा था। इसके बाद वह चोटिल हो गए थे और पुजारा ने पारी की शुरुआत की थी।’’भारत इस दौरे पर तीन टेस्ट, पांच वनडे और एक टी-20 मैच खेलेगी। पहला टेस्ट मैच 26 जुलाई से शुरू हो रहा है। साभार-khaskhabar.com 

 

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