BREAKING NEWS

मीडियाभारती वेब सॉल्युशन अपने उपभोक्ताओं को कई तरह की इंटरनेट और मोबाइल मूल्य आधारित सेवाएं मुहैया कराता है। इनमें वेबसाइट डिजायनिंग, डेवलपिंग, वीपीएस, साझा होस्टिंग, डोमेन बुकिंग, बिजनेस मेल, दैनिक वेबसाइट अपडेशन, डेटा हैंडलिंग, वेब मार्केटिंग, वेब प्रमोशन तथा दूसरे मीडिया प्रकाशकों के लिए नियमित प्रकाशन सामग्री मुहैया कराना प्रमुख है- संपर्क करें - 0129-4036474

चैम्पियंस ट्रॉफी : फाइनल में ये रहे टीम इंडिया की हार के 5 कारण

चैम्पियंस ट्रॉफी : फाइनल में ये रहे टीम इंडिया की हार के 5 कारणनई दिल्ली । चैंपियंस ट्रॉफी 2017 के फाइनल में पाकिस्तान ने भारत को करारी शिकस्त देकर पहली बार खिताब अपने नाम कर लिया। रविवार को लंदन में खेले गए सबसे महत्वपूर्ण और बहुचर्चित फाइनल में भारत पर पाकिस्तान ने 180 रन की शानदार जीत दर्ज की।

इसी के साथ भारत का तीसरी बार चैंपियंस ट्रॉफी जीतने का सपना भी चकनाचूर हो गया है। विराट कोहली की कप्तानी में आईसीसी का टूर्नामेंट खेल रही टीम इंडिया का फाइनल से पहले तक का सफर तो बेहद शानदार रहा, लेकिन खिताबी मुकाबले में टीम बिखर गई। इसी तरह साल 2013 का चैंपियन भारत यह खिताब नहीं बचा पाया। पाकिस्तान ने भारत को जीत के लिए 339 रनों का लक्ष्य दिया था। इसके जवाब में टीम इंडिया 30.3 ओवर में 180 रन पर ही ऑलआउट हो गई और पाकिस्तान की टीम ने मैच 180 रनों से अपने नाम कर लिया। हार के बाद भारतीय कप्तान विराट कोहली ने कहा कि उनकी टीम ने इस मैच में छोटी-छोटी गलतियां की, जो आखिर में उन्हें भारी पड़ी।

पहला कारण-

जसप्रीत बुमराह ने अगर शुरू में नो बॉल नहीं की होती तो फखर जमान तीन रन पर आउट हो जाते, लेकिन उन्होंने बाद में 114 रन बनाए, जिससे पाकिस्तान चार विकेट पर 338 रन बना गया। फखर जमान ने जीवनदान मिलने के बाद शानदार सेंचुरी बनाई। यह भारत की गलती थी, पर जमान के आउट होने के बाद भी भारत मैच में वापसी नहीं कर पाया। मोहम्मद हफीज और इमाद वसीम ने आखिरी ओवरों में पाकिस्तान की ओर से खुलकर रन बनाए। केदार जाधव ने बाबर आजम का विकेट जरूर लिया, लेकिन यह काफी नहीं था। गेंदबाजी भारत की कमजोर कड़ी रही और हफीज ने इसका जम कर फायदा उठाया। जमान के आउट होने के बाद भारत को पकड़ मजबूत करनी चाहिए थी।

दूसरा कारण-

फाइनल में रविचंद्रन अश्विन से काफी उम्मीदें थीं। सेमीफानल में बांग्लादेश के खिलाफ जिस तरह से उन्होंने वापसी की उसे देखते हुए लग रहा था कि वह पाकिस्तानी बल्लेबाजों को परेशान करेंगे, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। अश्विन एक भी विकेट हासिल नहीं कर पाए और 10 ओवर में 70 रन खर्च कर डाले। महंगा साबित होने के बाद भी कोहली ने उन पर भरोसा जताया और बीच के ओवरों में गेंद थमाई, लेकिन अश्विन ने निराश किया।

तीसरा कारण-

भारतीय गेंदबाजों ने रन लुटाने में कोई कंजूसी नहीं की। पाकिस्तानी बल्लेबाजों ने अच्छे शॉट तो लगाए ही टीम इंडिया के गेंदबाजों ने वाइड और नो बॉल डालकर भी उनकी पूरी मदद की। जसप्रीत बुमराह की नो बॉल पर जीवनदान पाने के बाद फखर जमान ने शतक जड़ा। बुमराह की गेंद फखर के बल्ले का किनारा लेते हुए धोनी के दस्तानों में गई, लेकिन अंपायर ने इसे नो बॉल करार दिया। भारतीय टीम ने विरोधी टीम को 23 अतिरिक्त रन दिए।

चौथा कारण-

टूर्नामेंट के सेमीफाइनल तक भारत की जीत में टॉप ऑर्डर का अहम योगदान रहा। रोहित शर्मा और शिखर धवन ने अधिकतर मैचों में अच्छी शुरुआत दी, लेकिन फाइनल में ऐसा नहीं हो सका। मोहम्मद आमिर ने ओवल में शानदार गेंदबाजी कर भारत के टॉप ऑर्डर को पैवेलियन भेज दिया। रोहित के जल्दी आउट होने के बाद भारत को कोहली और धवन से लंबी पारी की जरूरत थी, लेकिन आमिर के सामने कोहली संघर्ष ही करते नजर आए। पाकिस्तान ने विराट को पहली स्लिप में एक मौका दिया, लेकिन अगली ही गेंद पर शादाब ने उन्हें लपक लिया। भारतीय मिडल ऑर्डर पर बड़ा दारोमदार था, लेकिन वह दबाव में बुरी तरह बिखर गया।

पांचवां कारण-

भारत का टॉप ऑर्डर जल्दी चला गया। मिडल ऑर्डर भी ज्यादा चल नहीं पाया। इस बीच हार्दिक पांड्या ने भारतीय उम्मीदों को जिंदा रखा। उन्होंने कई खूबसूरत शॉट खेले। उन्होंने शादाब खान के ओवर में लगातार तीन छक्के जड़े। जाडेजा के साथ मिक्स-अप के चलते उन्हें रनआउट होना पड़ा। उन्होंने कुल 76 रन बनाए।

साभार-khaskhabar.com

 

नारद संवाद

देवरिया का ऐसा मंदिर जिसे श्रद्धालु बताते हैं 'अश्वत्थामा' की तपोभूमि

Read More

हमारी बात

स्वतंत्रता सेनानी पं. हुकम सिंह गौतम की पुण्यतिथि मनाई

Read More

Bollywood


विविधा


शंखनाद

पुरानी कहावत और नया भारत

Read More