देवरिया का ऐसा मंदिर जिसे श्रद्धालु बताते हैं 'अश्वत्थामा' की तपोभूमि
Read More
नई दिल्ली । महान ऑलराउंडर कपिल देव के नेतृत्व में भारत ने आज से ठीक 34 साल पहले पहली बार वनडे विश्व कप का खिताब अपनी झोली में डाला था। भारतीय टीम ने 25 जून 1983 को लॉड्र्स में दो बार के चैंपियन वेस्टइंडीज को फाइनल में 43 रन से हराया था। वेस्टइंडीज के कप्तान क्लाइव लॉयड ने टॉस जीतकर भारत को पहले बल्लेबाजी का न्यौता दिया।
60-60 के ओवर के इस मुकाबले भारतीय टीम 54.4 ओवर में 183 रन पर ही ढेर हो गई। सुनील गावस्कर केवल दो रन बनाकर आउट हो गए। इसके बाद कृष्णामाचारी श्रीकांत (38) और मोहिंदर अमरनाथ (26) ने दूसरे विकेट के लिए 57 रन जोड़े। श्रीकांत केपैवेलियन लौटने के साथ ही भारत के विकटों की झड़ी लग गई।
बाद में संदीप पाटिल ने 27, मदन लाल ने 17, कपिल ने 15 और विकेटकीपर सैयद किरमानी ने 14, यशपाल शर्मा व बलविंदर सिंह संधू ने 11-11 रन का योगदान दिया। जोएल गार्नर ने चार, एंडी रॉबट्र्स ने तीन, माइकल होल्डिंग ने दो और मैल्कम मार्शल व लैरी गोम्स ने 1-1 विकेट लिया। जवाब में इंडीज की टीम 52 ओवर में 140 रन पर ही सिमट गई। विव रिचड्र्स ने सर्वाधिक 33 रन बनाए। विकेटकीपर जैफ डुजोन ने 25, मार्शल ने 18 और डेसमंड हेंस ने 13 रन की पारी खेली। अन्य सात बल्लेबाज दोहरे अंक में भी नहीं पहुंच पाए। मोहिंदर अमरनाथ व मदनलाल ने 3-3, संधू ने दो और कपिल व रोजर बिन्नी ने 1-1 विकेट चटकाया। अमरनाथ को उनके हरफनमौला खेल के लिए मैन ऑफ द मैच का पुरस्कार मिला।
साभार-khaskhabar.com













Related Items
भारत में एक खामोश विस्फोट हो रहा है
जंजीरें तोड़ता भारत: बाल विवाह के खिलाफ निर्णायक जंग
भारत का कोचिंग उद्योग: जहाँ सपने दिखाए जाते हैं टूटने के लिए!!