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मुंबई। देश के शेयर बाजारों में सोमवार को रिकार्ड तेजी दर्ज की गई। प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स 232.81 अंकों की तेजी के साथ 36,283.25 पर और निफ्टी 60.75 अंकों की तेजी के साथ 11,130.40 पर बंद हुए। सेंसेक्स और निफ्टी दोनों ही अबतक की सर्वाधिक तेजी के साथ बंद हुए।    बंबई स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) का 30 शेयरों पर आधारित संवेदी सूचकांक सेंसेक्स सुबह 55.92 अंकों की तेजी के साथ 36,106.36 पर खुला और 232.81 अंकों या 0.65 फीसदी की तेजी के साथ 36,283.25 पर बंद हुआ। दिनभर के कारोबार में सेंसेक्स ने 36,443.98 के ऊपरी और 36,093.36 के निचले स्तर को छुआ।    वहीं, बीएसई के मिडकैप और स्मॉलकैप सूचकांकों में गिरावट दर्ज की गई। बीएसई का मिडकैप सूचकांक 130.89 अंकों की गिरावट के साथ 17,710.30 पर और स्मॉलकैप सूचकांक 213.04 अंकों की गिरावट के साथ 19129.14 पर बंद हुआ।   नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का 50 शेयरों पर आधारित संवेदी सूचकांक निफ्टी सुबह 9.7 अंकों की तेजी के साथ 11,079.35 पर खुला और 60.75 अंकों या 0.55 फीसदी की तेजी के साथ 11,130.40 पर बंद हुआ। दिनभर के कारोबार में निफ्टी ने 11,171.55 के ऊपरी और 11,075.95 के निचले स्तर को छुआ।   बीएसई के 19 सेक्टरों में से नौ में तेजी रही। वाहन (1.60 फीसदी), सूचना प्रौद्योगिकी (1.16 फीसदी), प्रौद्योगिकी (0.92 फीसदी), उपभोक्ता टिकाऊं वस्तु (0.60 फीसदी) और उपभोक्ता गैर-अनिवार्य वस्तु एवं सेवाएं (0.56 फीसदी) में सर्वाधिक तेजी रही।    सेंसेक्स के गिरावट वाले शेयरों में प्रमुख रहे -दूरसंचार (1.18 फीसदी), उपभोक्ता सेवाएं (1.00 फीसदी), स्वास्थ्य सेवाएं (0.92 फीसदी), तेल और गैस (0.85 फीसदी) और बिजली (0.74 फीसदी)।   साभार-khaskhabar.com     

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नई दिल्ली। भारत में दुनिया में सबसे ज्यादा दोपहिया वाहनों की बिक्री होती है। आइए जानते हैं कि 2017 के दिसंबर में देश में किस बाइक की सबसे ज्यादा बिक्री हुई।    देश में सबसे ज्यादा बिकने वाली बाइक ‘हीरो स्पलेंडर’ है। दिसंबर में कुल 1,65,110 हीरो स्पलेंडर बाइक की बिक्री हुई। इसकी इंजन क्षमता 97.2 सीसी है। इसका अधिकतम पॉवर 8.24 बीएचपी (8000 आरपीएम पर) है और कंपनी 70 किलोमीटर प्रति लीटर माइलेज का दावा करती है। इसकी दिल्ली में एक्स शो रूम कीमत 48,520 रुपये से शुरू होती है।    दूसरे स्थान पर हीरो मोटोकॉर्प का ही ‘हीरो एचएफ डीलक्स’ है, जिसकी 1,27,932 यूनिट्स की बिक्री हुई। ‘हीरो एचएफ डीलक्स’ की इंजन क्षमता 97.2 सीसी है। इसका अधिकतम पॉवर 8.24 बीएचपी (8,000 आरपीएम पर) है। इसकी दिल्ली में एक्स शो रूम कीमत 42,832 रुपये से शुरू होती है। कंपनी का दावा है कि यह बाइक  83 किलोमीटर प्रति लीटर का माइलेज देती है।    होंडा मोटरसाइकिल एंड स्कूटर इंडिया (एचएमएसआई) का ‘सीबी शाइन’ तीसरे नंबर पर रहा और कुल 67,011 वाहनों की बिक्री हुई। इस बाइक की इंजन क्षमता 124.7 सीसी है तथा इसका अधिकतम पॉवर 7500 आरपीएम पर 10.16 बीएचपी है। दिल्ली में इसकी एक्स शो रूम कीमत 56,147 रुपये से शुरू होती है। कंपनी ने इस बाइक का माइलेज 65 किलोमीटर प्रति लीटर होने का दावा किया है।    चौथे नंबर पर हीरो मोटोकॉर्प का ‘हीरो ग्लैमर’ रहा, जिसकी कुल 63,150 यूनिट्स की बिक्री हुई। इसकी इंजन क्षमता 124.7 सीसी है। इसकी अधिकतम क्षमता 7,000 आरपीएम पर 9.00 बीएचपी है। कंपनी के मुताबिक इसकी माइलेज 60 किलोमीटर प्रति लीटर है तथा दिल्ली में इसकी एक्स शो रूम कीमत 56,847 रुपये है।    रॉयल एनफील्ड की ‘रॉयल एनफील्ड क्लासिक 350’ शीर्ष बाइक्स की सूची में पांचवें स्थान पर है और 2017 के दिसंबर में कुल 47,558 वाहनों की बिक्री हुई। शीर्ष की दस सबसे ज्यादा बिकने वाली बाइकों में यह सबसे महंगी बाइक है और इसकी ऑन-रोड कीमत 1.5 लाख रुपये से अधिक है। इस बाइक की इंजन क्षमता 346.0 सीसी है तथा इसका अधिकतम पॉवर 5250 आरपीएम पर 19.80 बीएचपी है। कंपनी का दावा है कि यह बाइक 45 किलोमीटर प्रति लीटर का माइलेज देती है।    बजाज ऑटो की बाइक ‘बजाज पल्सर’ इस सूची में छठे स्थान पर है और पिछले साल दिसंबर में इसकी कुल 40,879 यूनिट्स की बिक्री हुई। यह बाइक कई संस्करण में उपलब्ध है, जिसकी इंजन क्षमता 149.5 सीसी से शुरु होती है, जिसका अधिक पॉवर 14.85 बीएचपी है (9,000 आरपीएम पर)। कंपनी का दावा है कि यह बाइक 65 किलोमीटर प्रति लीटर का माइलेज देती है। दिल्ली में इसकी एक्स शो रूम कीमत 74,976 रुपये से शुरू होती है।    हीरो मोटोकॉर्प का ‘हीरो पैशन’ सातवें स्थान पर रही और कुल 40,168 वाहनों की बिक्री हुई। इस बाइक की इंजन क्षमता 97.2 सीसी है तथा इसका अधिकतम पॉवर 8.24 बीएचपी (8,000 आरपीएम पर) है। कंपनी का दावा है कि यह बाइक 84 किलोमीटर प्रति लीटर की माइलेज देती है।    बजाज ऑटो की बाइक ‘बजाज प्लेटिना’ आठवें स्थान पर रही और पिछले साल दिसंबर में कुल 36,407 ‘बजाज प्लेटिना’ की बिक्री हुई। कंपनी ने इसका नया मॉडल ‘कॉम्फरटेक’ लांच किया है, जिसकी दिल्ली में एक्स शो रूम कीमत 47,155 रुपये से शुरू होती है। इस बाइक में 102.0 सीसी का इंजन लगा है। इसकी अधिकतम पॉवर 7.80 बीएचपी (7,500 आरपीएम पर) है। कंपनी का दावा है कि यह बाइक 96.90 किलोमीटर प्रति लीटर का माइलेज देती है।    टीवीएस मोटर कंपनी की बाइक ‘टीवीएस अपाचे आरटीआर 160’ नौवें स्थान पर रही। पिछले साल दिसंबर में कुल 24,915 वाहनों की बिक्री हुई। इस बाइक की इंजन क्षमता 159.7 सीसी है तथा अधिकतम पॉवर 8500 आरपीएम पर 15.20 बीएचपी है। इसकी दिल्ली में एक्स शो रूम कीमत 75,878 रुपये से शुरू होती है। कंपनी के मुताबिक इसका माइलेज 48 किलोमीटर प्रति लीटर है।    होंडा मोटरसाइकिल एंड स्कूटर इंडिया (एचएमएसआई) की ‘ड्रीम’ सीरीज के बाइक्स दसवें स्थान पर रहे और कुल 21,156 वाहनों की बिक्री हुई। ‘ड्रीम’ सीरीज के तहत ‘होंडा ड्रीम नियो’ और ‘होंडा ड्रीम युवा’ है, जिनकी दिल्ली में एक्स शो रूम कीमत क्रमश: 50,409 रुपये तथा 52,304 रुपये है। ‘होंडा ड्रीम नियो’ की इंजन क्षमता 109.2 सीसी है। इसका अधिकतम पॉवर 8.31 बीएचपी (7500 आरपीएम पर) है तथा कंपनी के मुताबिक इसका माइलेज 74 किलोमीटर प्रति लीटर है। ‘होंडा ड्रीम युवा’ की इंजन क्षमता 109.2 सीसी है। इसका अधिकतम पॉवर 8.25 बीएचपी (7500 आरपीएम पर) है। कंपनी का दावा है कि यह 72 किलोमीटर प्रति लीटर का माइलेज देती है।  साभार-khaskhabar.com   

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मुंबई। बीते सप्ताह सेंसेक्स और निफ्टी ने नई ऊंचाईयां छुई और सेंसेक्स पहली बार 36,000 के और निफ्टी 11,000 के मनोवैज्ञानिक स्तर को पार कर बंद हुआ।    शेयर बाजारों की इस तेजी में अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) की उस रिपोर्ट का प्रमुख योगदान रहा, जिसमें वित्त वर्ष 2018-19 में भारतीय अर्थव्यवस्था में तेजी आने का अनुमान लगाया गया है। आईएमएफ ने कहा है कि भारतीय अर्थव्यवस्था दुनिया की सबसे तेजी से बढऩेवाली अर्थव्यवस्था होगी।   शुक्रवार को गणतंत्र दिवस के दिन छुट्टी के कारण शेयर बाजार बंद रहे। साप्ताहिक आधार पर सेंसेक्स 538.86 अंकों या 1.52 फीसदी की तेजी के साथ 36,050.44 पर तथा निफ्टी 174.95 अंकों या 1.61 फीसदी की बढ़ोतरी के साथ 11,069.65 पर बंद हुआ। बीएसई के मिडकैप सूचकांक में 0.43 फीसदी तथा स्मॉलकैप सूचकांक में 0.59 फीसदी की तेजी दर्ज की गई।   सोमवार को सेंसेक्स में 286.43 अंकों या 0.81 फीसदी की तेजी दर्ज की गई और यह 35,798.01 पर बंद हुआ। मंगलवार को सेंसेक्स 341.97 अंकों या 0.96 फीसदी की तेजी के साथ 36,139.98 पर बंद हुआ। बुधवार को कमजोर वैश्विक संकेतों के बीच सेंसेक्स की 21.66 अंकों या 0.06 फीसदी की तेजी के साथ 36,161.64 पर बंद हुआ। गुरुवार को निवेशकों द्वारा मुनाफावसूली के कारण सेंसेक्स 111.20 अंकों या 0.31 फीसदी की गिरावट के साथ 36,050.44 पर बंद हुआ।    बीते सप्ताह सेंसेक्स के तेजी वाले शेयरों में प्रमुख रहे - डॉ. रेड्डी (0.66 फीसदी), स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (1.33 फीसदी), यस बैंक (4.06 फीसदी), आईसीआईसीआई बैंक (1.34 फीसदी), इंडसइंड बैंक (2.71 फीसदी), कोटक महिंद्रा बैंक (2.97 फीसदी), एक्सिस बैंक (3.98 फीसदी), रिलायंस इंडस्ट्रीज (3.79 फीसदी), ओएनजीसी (7.57 फीसदी), एलएंडटी (2.99 फीसदी), इंफोसिस (2.41 फीसदी), टीसीएस (5.52 फीसदी), कोल इंडिया (5.34 फीसदी), बजाज ऑटो (2.97 फीसदी) और आईटीसी (2.56 फीसदी)।    सेंसेक्स के गिरावट वाले शेयरों में प्रमुख रहे - भारती एयरटेल (9.07 फीसदी), विप्रो (5.02 फीसदी), एशियन पेंट्स (3.66 फीसदी), महिंद्रा एंड महिंद्रा (1.11 फीसदी), हीरो मोटोकॉर्प (0.59 फीसदी) और मारुति सुजुकी इंडिया (0.59 फीसदी)।   इस दौरान, अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) ने अपनी विश्व आर्थिक परिदृश्य रिपोर्ट 2018 और 2019 में वैश्विक अर्थव्यवस्था की विकास दर 2018 और 2019 में 3.9 फीसदी रहने का अनुमान लगाया है, जोकि इसके अक्टूबर में जारी पिछले अपडेट से 0.2 फीसदी अधिक है।   आईएमएफ ने अपने जनवरी के अपडेट में कहा कि भारत की वृद्धि दर वित्त वर्ष 2018-19 में 7.4 फीसदी रहेगी, जबकि पहले के अनुमान में इसे 6.7 फीसदी बताया गया था और वित्त वर्ष 2019-20 में भारत की वृद्धि दर 7.8 फीसदी रहेगी।    साभार-khaskhabar.com     

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मुंबई। भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के डिप्टी गवर्नर विरल आचार्य का सुझाव है कि भारत में एनपीए (गैर-निष्पादित परिसंपत्तियां) को बेचने के लिए बैंक, परिसंपत्तियों का पुनर्निर्माण (रिकंस्ट्रक्शन) करने वाली कंपनी और क्रेडिट रेटिंग एजेंसियां साथ मिलकर ऑनलाइन प्लेटफॉर्म बना सकती हैं।    आचार्य के मुताबिक, ऑनलाइन प्लेटफॉर्म से भारत को एनपीए की बिक्री के लिए उन्नतिशील बाजार प्राप्त करने में मदद मिलेगी। एसोचैम एरकॉन 2018 कार्यक्रम के उद्घाटन पर आचार्य ने शनिवार को कहा, भारतीय बैंक्स एसोसिएशन (आईबीए), एसोसिएशन ऑफ एसेट रिकंस्ट्रक्शन कंपनीज (एरकॉन) और क्रेडिट रेटिग एजेंसीज (सीआरएज) एक साथ मिलकर अमेरिका के लोन सिंडिकेशन एंड ट्रेडिंग एसोसिएशन (एलएसटीए) जैसा एक मंच बना सकती हैं।    आचार्य ने कहा, मेरा सुझाव है कि इस पर विचार किया जाए। अमेरिका की तरह मूल्य निर्माण के लिए संभावना है, जैसाकि अमेरिका काफी समय से करता आया है और संकट के दौरान दक्षिण कोरिया ने भी ऐसा ही किया था। इस तरह कर्जो की बिक्री उद्योग का एक मानक बन गया।   साभार-khaskhabar.com     

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नई दिल्ली। ऑनलाइन बाजार में अपनी उपस्थिति बढ़ाने के लिए चीनी स्मार्टफोन निर्माता वीवो ने सोमवार को भारत में अपना ई-स्टोर लांच किया, जो देश भर में उत्पादों और सेवाओं की आपूर्ति करेगी। वीवो इंडिया के मुख्य विपणन अधिकारी केनी जेंग ने एक बयान में कहा, नए ई-स्टोर के साथ, वीवो के स्मार्टफोन की नवीन श्रेणी विशेष लांच ऑफर्स के साथ हमारे देश भर के ग्राहकों के लिए उपलब्ध होगा।    कंपनी ने कहा कि वीवो की नवीन श्रेणी के स्मार्टफोन देश भर के 10,000 डाक सेवा क्षेत्रों में उपलब्ध होगी। हैंडसेट निर्माता ने यह भी घोषणा की कि 'लांच कार्निवल' के तहत वह स्मार्टफोंस पर 16-18 जनवरी को विशेष छूट देगी।    खरीदारों को इस दौरान चुने हुए स्मार्टफोन्स पर 2,000 रुपये का डिस्काउंट कूपन, 12 महीनों का शून्य लागत ईएमई और वीवो वी7 और वी7प्लस स्मार्टफोन्स पर एक बार स्क्रीन रिप्लेसमेंट ऑफर मिलेगा। कंपनी इसके अलावा अपना ई-स्टोर एप्लिकेशन लांच करने की योजना बना रही है, जिसमें संवर्धित वास्तविकता (एआर) समर्थित लाइव चैट का विकल्प मिलेगा, ताकि ग्राहकों को खरीद निर्णय में मदद मिले। साभार-khaskhabar.com       

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नई दिल्ली। थोक मूल्य सूचकांक पर आधारित देश की वार्षिक महंगाई दर दिसंबर 2017 में घटकर 3.58 फीसदी हो गई। वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय से सोमवार को प्राप्त आंकड़ों के मुताबिक, संशोधित आधार वर्ष 2011-12 के आधार पर थोक मूल्य सूचकांक (डब्ल्यूपीआई) नवंबर 2017 में 3.93 फीसदी थी। साभार-khaskhabar.com       

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सैन फ्रांसिस्को। लोकप्रिय फोटो एप स्नैपचैट द्वारा हाल में अपने डिजाइन में किए गए बदलाव को ब्रिटेन, ऑस्ट्रेलिया और कनाडा के शुरुआती यूजर्स ने पसंद नहीं किया है और एप्पल एप स्टोर पर इस एप की 83 फीसदी समीक्षाएं नकारात्मक रही हैं।    टेकक्रंच की रपट में कहा गया है, ‘‘नकारात्मक समीक्षाओं में सबसे ज्यादा इस्तेमाल किए जानेवाले कीबड्र्स में ‘न्यू अपडेट’, ‘स्टोरीज’ और ‘प्लीज फिक्स’ शामिल हैं।’’    कुल समीक्षाओं में से 17 फीसदी में यूजर्स ने एप को तीन से पांच स्टार दिए, जिनकी संख्या 391 थी।    क्रोधित यूजर्स ने ट्विटर पर चिंता व्यक्त करते हुए सवाल उठाए कि स्नैपचैट को पुराने संस्करण में कैसे बदला जा सकता है।    स्नैपचैट के सपोर्ट अकाउंट से एक यूजर्स के प्रश्न के जबाव में लिखा गया, ‘‘स्नैपचैट के पिछले संस्करण को वापस पाना अब संभव नहीं है, लेकिन नए लेआउट को लेकर आपके किसी भी प्रश्न का जबाव देने को लेकर हमें खुशी होगी।’’   यूजर्स ने शिकायत की है कि उन्हें अपने पसंदीदा फीचर्स को पाने में परेशानी हो रही है तथा एप काफी भ्रामक हो गया है।    साभार-khaskhabar.com     

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नई दिल्ली। विनिर्माण क्षेत्र में जोरदार तेजी से देश के फैक्ट्री उत्पादन में नवंबर में आठ फीसदी की तेजी दर्ज की गई, जोकि अक्टूबर में 1.99 फीसदी और वित्त वर्ष 2016-17 की समान अवधि में 5.1 फीसदी पर थी। केंद्रीय सांख्यिकी कार्यालय (सीएसओ) द्वारा जारी आईआईपी आंकड़ों के मुताबिक, विनिर्माण क्षेत्र में मजबूती के कारण फैक्ट्री उत्पादन में तेजी आई है। साल-दर-साल आधार पर, विनिर्माण क्षेत्र में 10.2 फीसदी की वृद्धि हुई, जबकि खनन क्षेत्र में 1.1 फीसदी की मामूली वृद्धि हुई और उपसूचकांक बिजली उत्पादन में 3.9 फीसदी की वृद्धि दर्ज की गई।    सीएसओ के औद्योगिक उत्पादन सूचकांक (आईआईपी) की नवंबर की त्वरित अनुमान रिपोर्ट में कहा गया है, साल 2017 के नवंबर माह का सामान्य सूचकांक 125.6 रहा, जोकि साल 2016 के नवंबर माह की तुलना में 8.4 फीसदी अधिक दर्ज किया गया। रपट में कहा गया, पिछले साल की समान अवधि की तुलना में 2017 की अप्रैल-नवंबर अवधि में संचयी वृद्धि दर 3.2 फीसदी अधिक रही। छह उपयोग-आधारित वर्गीकरण समूहों में से, प्राथमिक वस्तुओं के उत्पादन में 3.2 फीसदी की तेजी दर्ज की गई, जिसका सूचकांक में सबसे अधिक 34.04 फीसदी भार है।   मध्यवर्ती वस्तुओं का सूचकांक में दूसरे नंबर पर भार है, उसमें 5.5 फीसदी की तेजी देखी गई। इसी प्रकार से, उपभोक्ता गैर-टिकाऊ वस्तुओं के उत्पादन में 23.1 फीसदी की और उपभोक्ता टिकाऊ वस्तुओं के उत्पादन में 2.5 फीसदी की तेजी दर्ज की गई। इसके अतिरिक्त अवसंरचना या विनिर्माण वस्तुओं के उत्पादन में 13.5 फीसदी और पूंजीगत वस्तुओं के उत्पादन में 9.4 फीसदी की बढ़ोतरी दर्ज की गई। सीएसओ ने कहा, उद्योगों के संदर्भ में, विनिर्माण क्षेत्र के 23 में से 15 उद्योगों में नवंबर के दौरान इसके पिछले साल के समान महीने की तुलना में सकारात्मक वृद्धि देखी गई।   साभार-khaskhabar.com   

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मुंबई। देश के शेयर बाजारों में गुरुवार को तेजी दर्ज की गई। प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स 70.42 अंकों की तेजी के साथ 34,503.49 पर और निफ्टी 19.00 अंकों की तेजी के साथ 10,651.20 पर बंद हुए।    बंबई स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) का 30 शेयरों पर आधारित संवेदी सूचकांक सेंसेक्स सुबह 38.41 अंकों की तेजी के साथ 34,471.48 पर खुला और 70.42 अंकों या 0.20 फीसदी की तेजी के साथ 34,503.49 पर बंद हुआ। दिनभर के कारोबार में सेंसेक्स ने 34,558.88 के ऊपरी और 34,400.61 के निचले स्तर को छुआ।   सेंसेक्स के 30 में से 16 शेयरों में तेजी रही। इंफोसिस (2.28 फीसदी), भारती एयरटेल (1.66 फीसदी), कोटक बैंक (1.61 फीसदी), एशियन पेंट्स (0.97 फीसदी) और हिंदुस्तान यूनिलीवर (0.91 फीसदी) में सर्वाधिक तेजी रही।    सेंसेक्स के गिरावट वाले शेयरों में इंडसइंड बैंक (2.08 फीसदी), विप्रो (1.53 फीसदी), आईसीआईसीआई बैंक (0.82 फीसदी), एक्सिस बैंक (0.76 फीसदी) और हीरो मोटोकॉर्प (0.70 फीसदी) प्रमुख रहे।    बीएसई के मिडकैप सूचकांक में गिरावट और स्मॉलकैप सूचकांक में तेजी रही। बीएसई का मिडकैप सूचकांक 49.53 अंकों की तेजी के साथ 18,167.77 पर और स्मॉलकैप सूचकांक 80.62 अंकों की तेजी के साथ 19,983.93 पर बंद हुआ।   नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का 50 शेयरों पर आधारित संवेदी सूचकांक निफ्टी सुबह 4.85 अंकों की तेजी के साथ 10,637.05 पर खुला और 19.00 अंकों या 0.18 फीसदी की तेजी के साथ 10,651.20 पर बंद हुआ। दिनभर के कारोबार में निफ्टी ने 10,664.60 के ऊपरी और 10,612.35 के निचले स्तर को छुआ।   बीएसई के 19 में से 11 सेक्टरों में तेजी रही। रियल्टी (2.00 फीसदी), सूचना प्रौद्योगिकी (0.84 फीसदी), प्रौद्योगिकी (0.73 फीसदी), दूरसंचार (0.55 फीसदी) और तेज खपत उपभोक्ता वस्तु (0.39 फीसदी) में सर्वाधिक तेजी रही।   बीएसई के गिरावट वाले सेक्टरों में प्रमुख रहे- ऊर्जा (0.30 फीसदी), तेल और गैस (0.29 फीसदी), उपभोक्ता टिकाऊ वस्तुएं (0.26 फीसदी), पूंजीगत वस्तुएं (0.16 फीसदी) और ऊर्जा (0.04 फीसदी)।   बीएसई में कारोबार का रुझान सकारात्मक रहा। कुल 1,594 शेयरों में तेजी और 1,340 में गिरावट रही, जबकि 134 शेयरों के भाव में कोई बदलाव नहीं हुआ।   साभार-khaskhabar.com     

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मुंबई। देश के शेयर बाजारों में मंगलवार को तेजी दर्ज की गई। प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स 90.40 अंकों की तेजी के साथ 34,443.19 पर और निफ्टी 13.40 अंकों की तेजी के साथ 10,637.00 पर बंद हुए।    बंबई स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) का 30 शेयरों पर आधारित संवेदी सूचकांक सेंसेक्स सुबह 78.82 अंकों की तेजी के साथ 34,431.61 पर खुला और 90.40 अंकों या 0.26 फीसदी की तेजी के साथ 34,443.19 पर बंद हुआ। दिनभर के कारोबार में सेंसेक्स ने 34,488.03 के ऊपरी और 34,343.41 के निचले स्तर को छुआ।   बीएसई के मिडकैप सूचकांक में गिरावट और स्मॉलकैप सूचकांक  में तेजी रही। बीएसई का मिडकैप सूचकांक 73.64 अंकों की गिरावट साथ 18,173.91 पर और स्मॉलकैप सूचकांक 15.40 अंकों की तेजी के साथ 19,911.17 पर बंद हुआ।   नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का 50 शेयरों पर आधारित संवेदी सूचकांक निफ्टी सुबह 21.5 अंकों की तेजी के साथ 10,645.10 पर खुला और 13.40 अंकों या 0.13 फीसदी की तेजी के साथ 10,637.00 पर बंद हुआ। दिनभर के कारोबार में निफ्टी ने 10,659.15 के ऊपरी और 10,603.60 के निचले स्तर को छुआ।   बीएसई के 19 में से आठ सेक्टरों में तेजी रही। रियल्टी (2.88 फीसदी), ऊर्जा (1.08 फीसदी), उपभोक्ता टिकाऊं वस्तुएं (0.81 फीसदी), तेज खपत उपभोक्ता वस्तुएं (0.45 फीसदी) और सूचना प्रौद्योगिकी (0.32 फीसदी) में सर्वाधिक तेजी रही।   बीएसई के गिरावट वाले सेक्टरों में प्रमुख रहे -दूरसंचार (1.35 फीसदी), उपभोक्ता सेवाएं (0.67 फीसदी), बिजली (0.64 फीसदी), स्वास्थ्य सेवाएं (0.63 फीसदी) और वाहन (0.39 फीसदी)।     साभार-khaskhabar.com     

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नई दिल्ली। देश के उद्योग व कारोबार का प्रमुख संगठन एसोचैम ने रविवार को कहा कि भारतीय गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियां (एनबीएफसीज) भले ही उस समय बाजार में अपनी हिस्सेदारी बढ़ा रही हैं जब बैंकिंग प्रणाली डूबे हुए कर्ज को लेकर जूझ रही हैं, लेकिन निवेश बढ़ाने के लिए इनको नई प्रौद्योगिकी अपनाने की जरूरत है।    ब्रिटिश परामर्शता प्राइसवाटरहाउस (पीडब्ल्यूसी) के साथ मिलकर किए गए अपने अध्ययन का जिक्र करते हुए एसोचैम ने कहा, ‘‘निजी पूंजी के जरिये एनएफसीज के कारोबार में तेजी दिख रही है लेकिन हाइब्रिड वल्र्ड, जहां डिजिटल व फिजिकल का मिश्रण है, में आगे बढऩे के लिए इनको मौजूदा बिजनेस मॉडल में सुधार पर विचार करने की जरूरत है।’’   उद्योग संगठन की ओर से जारी एक विज्ञप्ति में कहा गया कि डूबे हुए कर्ज में बढ़ोतरी को लेकर बैंक अपने बटुए की रस्सी सख्त कर रही है, जिससे भारतीय एनएफसीज को बाजार में अपनी हिस्सेदारी बढ़ाने में मदद मिल रही है। लेकिन इनको प्राइवेट इक्विटी निवेश को आकर्षित करने के लिए नए ग्राहकों की आकांक्षाओं के अनुरूप नई प्रौद्योगिकी अपनानी होगी।  साभार-khaskhabar.com     

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नई दिल्ली। चालू रबी सीजन में जहां गेहूं और तिलहनों की बोआई में देश के किसानों ने थोड़ी उदासीनता दिखाई है वहीं दलहन की खेती के प्रति उनकी दिलचस्पी काफी रही है। देशभर से प्राप्त बोआई के ताजा आंकड़ों में गेहूं और तिलहन फसलों का रकबा पिछले साल के मुकाबले घटा है तो दलहनों का रकबा बढ़ा है। खासतौर से चने के रकबे में जोरदार इजाफा हुआ है।    केंद्रीय कृषि सहकारिता एवं कल्याण विभाग की वेबसाइट पर शुक्रवार को प्रकाशित रबी बोआई के साप्ताहिक आंकड़ों के मुताबिक, देशभर में गेहूं की बोआई 283.46 लाख हेक्टेयर भूमि में हुई है, जो कि पिछले साल की समान अवधि के आंकड़े 297.67 लाख हेक्टेयर से 4.77 फीसदी कम है। हालांकि पिछले हफ्ते से सुधार हुआ है क्योंकि पिछले हफ्ते तकरीबन छह फीसदी रकबा पिछले साल के मुकाबले पिछड़ा हुआ था। देश्भर में गेहूं का औसत रकबा 301.74 लाख हेक्टेयर रहता है।    तिलहनों का रकबा पिछले साल के मुकाबले 5.05 फीसदी पिछड़ा है। सभी रबी तिलहनों का रकबा 76.69 लाख हेक्टेयर है जबकि पिछले साल की समान अवधि में यह 80.77 लाख हेक्टेयर था।     सरसों की बोआई 65.25 लाख हेक्टेयर में हुई है, जोकि पिछले साल की समान अवधि के आंकड़े 69.53 लाख हेक्टेयर से 6.15 फीसदी कम है। वहीं, दलहन फसलों की बोआई 154.91 लाख हेक्टेयर में हो चुकी है जोकि पिछले साल की समान अवधि के रकबे 143.45 लाख हेक्टेयर से 7.99 फीसदी ज्यादा है।     चने की बोआई अब तक  103.80 लाख हेक्टेयर में हो चुकी है जोकि पिछले साल का रकबा 92.13 लाख हेक्टेयर से 12.67 फीसदी ज्यादा है। चने का रकबा राष्ट्रीय औसत 86.81 लाख हेक्टेयेर से भी काफी ज्यादा हो चुका है।    मसूर रकबा 17.04 लाख हेक्टेयर दर्ज किया गया है जोकि पिछले साल के 16.56 लाख हेक्टेयर से 2.94 फीसदी अधिक है।     चालू बोआई सीजन (2017-18) में देशभर में रबी फसलों का रकबा पिछले साल के मुकाबले 0.21 फीसदी कम है। ताजा आंकड़ों के मुताबिक कुल रबी फसलों की बोआई 586.37 लाख हेक्टेयर में हो चुकी है। जो राष्ट्रीय औसत 623.53 लाख हेक्टेयर से काफी ज्यादा है लेकिन पिछले साल के समान अवधि के आंकड़े 587.62 लाख हेक्टेयर से कम है।     साभार-khaskhabar.com       

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