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मुंबई। देश के शेयर बाजारों में गुरुवार को तेजी दर्ज की गई। प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स 318.20 अंकों की तेजी के साथ 34,663.11 पर और निफ्टी 83.50 अंकों की तेजी के साथ 10,513.85 पर बंद हुआ। बंबई स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) का 30 शेयरों पर आधारित संवेदी सूचकांक सेंसेक्स सुबह 59.23 अंकों की तेजी के साथ 34,404.14 पर खुला और 318.20 अंकों या 0.93 फीसदी की तेजी के साथ 34,663.11 पर बंद हुआ। दिनभर के कारोबार में सेंसेक्स ने 34,741.46 के ऊपरी और 34,367.83 के निचले स्तर को छुआ। सेंसेक्स के 30 में से 24 शेयरों में तेजी रही। भारती एयरटेल (4.11 फीसदी), इंफोसिस (3.09 फीसदी), टीसीएस (3.08 फीसदी), एक्सिस बैंक (2.65 फीसदी) और सन फार्मा (2.23 फीसदी) में सर्वाधिक तेजी रही। सेंसेक्स के गिरावट वाले शेयरों में प्रमुख रहे - टाटा मोटर्स (6.56 फीसदी), ओएनजीसी (4.50 फीसदी), बजाज-ऑटो (1.41 फीसदी), मारुति (1.07 फीसदी) और यस बैंक (0.93 फीसदी)। बीएसई के मिडकैप और स्मॉलकैप सूचकांकों में गिरावट रही। मिडकैप सूचकांक 38.21 अंकों की गिरावट के साथ 15,661.54 पर और स्मॉलकैप सूचकांक 23.05 अंकों की गिरावट के साथ 16,953.83 पर बंद हुए। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का 50 शेयरों पर आधारित संवेदी सूचकांक निफ्टी सुबह 34.5 अंकों की तेजी के साथ 10,464.85 पर खुला और 83.50 अंकों या 0.80 फीसदी की तेजी के साथ 10,513.85 पर बंद हुआ। दिनभर के कारोबार में निफ्टी ने 10,535.15 के ऊपरी और 10,419.80 के निचले स्तर को छुआ। बीएसई के 19 में से 9 सेक्टरों में तेजी रही। सूचना प्रौद्योगिकी (2.45 फीसदी), प्रौद्योगिकी (2.37 फीसदी), दूरसंचार (2.23 फीसदी), बैंकिंग (1.41 फीसदी) और धातु (1.00 फीसदी) में सर्वाधिक तेजी रही। बीएसई के गिरावट वाले सेक्टरों में प्रमुख रहे - तेल और गैस (1.72 फीसदी), वाहन (1.56 फीसदी), उपभोक्ता सेवाएं (1.03 फीसदी), रियल्टी (0.49 फीसदी) और उपभोक्ता टिकाऊ वस्तुएं (0.32 फीसदी)।  बीएसई में कारोबार का रुझान नकारात्मक रहा। कुल 1,283 शेयरों में तेजी और 1,356 में गिरावट रही, जबकि 140 शेयरों के भाव में कोई बदलाव नहीं हुआ। साभार-khaskhabar.com   

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नई दिल्ली। भारतीय दूर संचार विनियामक प्राधिकरण (ट्राई) की ओर से बुधवार को जारी आंकड़ों के मुताबिक इस साल मार्च के अंत में देश में टेलीफोन उपभोक्ताओं की संख्या 120.6 करोड़ से ज्यादा हो चुकी थी। ट्राई के आंकड़ों के अनुसार, फरवरी में भारत में 117.98 करोड़ टेलीफोन उपभोक्ता थे। इस तरह मार्च में टेलीफोन उपभोक्ताओं की आबादी में मासिक 2.24 फीसदी वृद्धि हुई।    शहरी क्षेत्र में फरवरी में 66.96 करोड़ टेलीफोन उपभोक्ता थे जो बढक़र मार्च में 68.16 करोड़ हो गए।    वहीं, ग्रामीण क्षेत्र में फरवरी में टेलीफोन उपभोक्ताओं की आबादी 51.02 करोड़ थी जो मार्च में बढक़र 52.46 करोड़ हो गई।    भारत में दूरभाष घनत्व फरवरी में 90.89 था जो मार्च में बढक़र 92.84 हो गया।    वायरलेस (जीएसएम, सीडीएमए और एलटीई) उपभोक्ताओं की कुल संख्या फरवरी में 115.68 करोड़ थी जो मार्च में बढक़र 118.34 करोड़ हो गई। इसमें मासिक 2.29 फीसदी की बढ़ोतरी हुई।    वायरलेस टेली डेंसिटी (बेतार दूरभाष घनत्व) 89.12 से बढक़र 91.09 हो गया। मगर लैंडलाइन फोन उपभोक्तओं की आबादी फरवरी के 229.7 लाख से घटकर मार्च में 228.1लाख रह गया।    साभार-khaskhabar.com 

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सियोल। सैमसंग इलेक्ट्रॉनिक्स को. ने सोमवार को तीसरी पीढ़ी की परियोजनाओं (3जीपीपी) पर साझेदारों के साथ चर्चा की मेजबानी की, जिसमें कंपनी के व्यापारिक साझेदारों के प्रतिनिधियों ने पांचवीं पीढ़ी (5जी) नेटवर्क के व्यावसायीकरण पर अपने विचारों को साझा किया।    इस बैठक में दक्षिण कोरिया के तीन मोबाइल कैरियर्स - एस के टेलीकॉम को., केटी कॉर्प, और एलजी यूप्लस कॉर्प के अधिकारियों के साथ अंतराष्ट्रीय भागीदारों जैसे वेरिजॉन वायरलेस, एटीएंडटी और एनटीटी डोकोमो के अधिकारी शामिल हुए।    कंपनी ने कहा, ‘‘सैमसंग इलेक्ट्रॉनिक्स द्वारा विकसित किए गए नवोन्मेषी प्रौद्योगिकियों में से एक पहला 5जी स्टैंडर्ड इस 3जीपीपी सम्मेलन में पूरा कर लिया गया।’’   बयान में आगे कहा गया, ‘‘यह आगामी चौथी औद्योगिक क्रांति के बुनियादी ढांचे के रूप में कार्य करने के लिए 5जी संचार के व्यावसायीकरण का मार्ग प्रशस्त करेगा।’’   सैमसंग ने कहा कि बैठक में साझेदारों ने 5जी के व्यावसायीकरण के लिए अंतिम प्रौद्यौगिकियों की पुष्टि की है।    साभार-khaskhabar.com     

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नई दिल्ली। बीते सप्ताह उत्साहजनक वैश्विक संकेतों के मद्देनजर भारतीय शेयर बाजारों में भी तेजी दर्ज की गई। अमेरिका में मुद्रास्फीति में आई नरमी से निवेशकों में जोखिम उठाने का उत्साह बढ़ा है। साथ ही, अमेरिका और उत्तर कोरिया के बीच सामान्य होते रिश्ते से इस क्षेत्र में तनाव कम हुआ है।    अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ट ट्रंप और उत्तर कोरिया के प्रमुख किम जोन-उन अगले महीने सिंगापुर में मुलाकात करेंगे और उम्मीद है कि इस बैठक से कोरियाई प्रायद्वीप में तनाव कम होगा और परमाणु युद्ध का खतरा टलेगा।    साप्ताहिक आधार पर सेंसेक्स 620.41 अंकों या 1.78 फीसदी की तेजी के साथ 35,535.79 पर बंद हुआ, जबकि निफ्टी 188.25 अंकों या 1.77 फीसदी की तेजी के साथ 10,806.50 पर बंद हुआ। वहीं, इस दौरान बीएसई के मिडकैप सूचकांक में 217.02 अंकों या 1.31 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई और यह 16,343.99 पर बंद हुआ, जबकि स्मॉलकैप सूचकांक 173.36 अंकों या 0.96 फीसदी की गिरावट के साथ 17,818.09 पर बंद हुआ।    सोमवार को सेंसेक्स 292.76 अंकों या 0.84 फीसदी की तेजी के साथ 35,208.14 पर बंद हुआ, जबकि निफ्टी 97.25 अंकों या 0.92 फीसदी की तेजी के साथ 10,715.50 पर बंद हुआ। मंगवार को सेंसेक्स में 8.18 अंकों या 0.02 फीसदी की तेजी दर्ज की गई और यह 35,216.32 पर बंद हुआ, जबकि निफ्टी 2.30 अंकों या 0.02 फीसदी की मामूली तेजी के साथ 10,717.80 पर बंद हुआ।    बुधवार को शेयर बाजारों में अच्छी तेजी देखी गई और सेंसेक्स 103.03 अंकों या 0.29 फीसदी की तेजी के साथ 35,319.35 पर बंद हुआ। वहीं, निफ्टी 23.90 अंकों या 0.22 फीसदी की तेजी के साथ 10,741.70 पर बंद हुआ। गुरुवार को शेयर बाजार में काफी उतार-चढ़ाव रहा और सेंसेक्स 73.08 अंकों या 0.21 फीसदी की गिरावट के साथ 35,246.27 पर बंद हुआ, जबकि निफ्टी 25.15 अंकों या 0.23 फीसदी की गिरावट के साथ 10,716.55 पर बंद हुआ।   कारोबारी सप्ताह के अंतिम दिन शुक्रवार को वैश्विक बाजारों से मिले सकारात्मक संदेश के असर से घरेलू शेयर बाजारों में तेजी दर्ज की गई और सेंसेक्स 289.52 अंकों या 0.82 फीसदी की तेजी के साथ 35,535.79 पर बंद हुआ। वहीं, निफ्टी 89.95 अंकों या 0.84 फीसदी की तेजी के साथ 10,806.50 पर बंद हुआ।   बीते सप्ताह सेंसेक्स के तेजी वाले शेयरों में प्रमुख रहे - आईटीसी (2.31 फीसदी), हिन्दुस्थान यूनीलीवर (2.93 फीसदी), लार्सन एंड टूब्रो (1.23 फीसदी), रिलायंस इंडस्ट्रीज (3.63 फीसदी), एशियन पेंट्स (7.98 फीसदी), यस बैंक (1.32 फीसदी), कोटक महिंद्रा बैंक (2.75 फीसदी), एचडीएफसी (1.16 फीसदी), एक्सिस बैंक (6.32 फीसदी), आईसीआईसीआई बैंक (9.97 फीसदी), इन्फोसिस (0.69 फीसदी), विप्रो (0.65 फीसदी), मारुति सुजुकी इंडिया (0.68 फीसदी) और महिंद्रा एंड महिंद्रा (1.27 फीसदी)।    सेंसेक्स के गिरावट वाले शेयरों में प्रमुख रहे - डॉ. रेड्डीज (5.46 फीसदी), भारती एयरटेल (2.51 फीसदी), एनटीपीसी (2.05 फीसदी), टीसीएस (0.58 फीसदी), बजाज मोटोकॉर्प (2.51 फीसदी),  हीरो मोटोकॉर्प (1.19 फीसदी) और टाटा मोटर्स (1.05 फीसदी)।   वैश्विक मोर्चे पर, चीन के निर्यात में अप्रैल में पिछले साल के इसी महीने की तुलना में 12.9 फीसदी तेजी दर्ज की गई है। अमेरिका में उपभोक्ता मूल्य सूचकांक पर आधारित मुद्रास्फीति में अप्रैल में 0.2 फीसदी की मामूली तेजी रही। वहीं, अप्रैल में अमेरिका के थोक मूल्य सूचकांक में 0.1 फीसदी की मामूली तेजी रही।    साभार-khaskhabar.com     

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मुंबई। देश के सबसे बड़े वायदा बाजार मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज ऑफ इंडिया (एमसीएक्स) ने कहा कि पिछले वित्त वर्ष 2017-18 की चौथी तिमाही में उसका मुनाफा 56.39 फीसदी बढ़ा।    एमसीएक्स ने एक बयान में कहा, ‘‘एक्सचेंज का शुद्ध मुनाफा 31 मार्च 2018 को समाप्त हुई तिमाही में 34.14 करोड़ रुपये दर्ज किया गया जोकि पिछले साल की समान अवधि के शुद्ध मुनाफा 21.83 करोड़ रुपये से 56.39 फीसदी अधिक है।’’   एक्सचेंज की कुल आय समीक्षाधीन तिमाही में पिछले साल की समान अवधि के 86.99 करोड़ रुपये से 11 फीसदी बढक़र 96.58 करोड़ रुपये हो गई।    एमसीएक्स के प्रबंध निदेशक व सीईओ म्रुगंक परांजपे ने कहा, ‘‘वित्त वर्ष 2017-2018 की अंतिम तिमाही में हमारा प्रदर्शन सभी कमोडिटी सेगमेंट में अच्छा रहा है।’’   हालांकि पूरे वित्त वर्ष 2017-18 में शुद्ध मुनाफा पिछले साल के मुकाबले 14.41 फीसदी घटकर 108.36 करोड़ रुपये रहा।    साभार-khaskhabar.com     

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मुंबई। देश के शेयर बाजारों में शुक्रवार को तेजी दर्ज की गई। प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स 256.10 अंकों की तेजी के साथ 34,969.70 पर और निफ्टी 74.50 अंकों की तेजी के साथ 10,692.30 पर बंद हुआ।   बंबई स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) का 30 शेयरों पर आधारित संवेदी सूचकांक सेंसेक्स सुबह 33.44 अंकों की तेजी के साथ 34,747.04 पर खुला और 256.10 अंकों या 0.74 फीसदी की तेजी के साथ 34,969.70 पर बंद हुआ। दिनभर के कारोबार में सेंसेक्स ने 35,065.37 के ऊपरी और 34,744.73 के निचले स्तर को छुआ।   सेंसेक्स के 30 में से 20 शेयरों में तेजी रही। एक्सिस बैंक (8.97 फीसदी), स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (3.99 फीसदी), आईसीआईसीआई बैंक (3.34 फीसदी), सन फार्मा (2.28 फीसदी) और लार्सन एंड टूब्रो (2.21 फीसदी) में सर्वाधिक तेजी रही।   सेंसेक्स के गिरावट वाले शेयरों में प्रमुख रहे - टीसीएस (2.42 फीसदी), विप्रो (2.17 फीसदी), मारुति (1.90 फीसदी), कोल इंडिया (1.64 फीसदी) और हीरो मोटोकॉर्प (1.12 फीसदी)।   बीएसई के मिडकैप और स्मॉलकैप सूचकांकों में भी तेजी रही। मिडकैप सूचकांक 132.10 अंकों की तेजी के साथ 16,917.18 पर और स्मॉलकैप सूचकांक 75.55 अंकों की तेजी के साथ 18,239.96 पर बंद हुए।    नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का 50 शेयरों पर आधारित संवेदी सूचकांक निफ्टी सुबह 33.85 अंकों की तेजी के साथ 10,651.65 पर खुला और 74.50 अंकों या 0.70 फीसदी की तेजी के साथ 10,692.30 पर बंद हुआ। दिनभर के कारोबार में निफ्टी ने 10,719.80 के ऊपरी और 10,647.55 के निचले स्तर को छुआ।     बीएसई के 19 में से 16 सेक्टरों में तेजी रही। बैंकिंग (2 फीसदी), पूंजीगत वस्तुएं (1.40 फीसदी), ऊर्जा (1.32 फीसदी), वित्त (1.16 फीसदी) और तेल और गैस (1.05 फीसदी) में सर्वाधिक तेजी रही।    बीएसई के गिरावट वाले सेक्टरों में सूचना प्रौद्योगिकी (1.06 फीसदी), प्रौद्योगिकी (0.74 फीसदी) और उपभोक्ता टिकाऊ वस्तुएं (0.25 फीसदी) शामिल रहे।    बीएसई में कारोबार का रुझान नकारात्मक रहा। कुल 1,401 शेयरों में तेजी और 1,234 में गिरावट रही, जबकि 136 शेयरों के भाव में कोई बदलाव नहीं हुआ।   साभार-khaskhabar.com     

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नई दिल्ली। चीनी स्मार्टफोन निर्माता की दो प्रीमियम स्मार्टफोन्स हुआवेई पी20 लाइट और पी20 प्रो भारतीय बाजार में 24 अप्रैल को लांच किए जाएंगे और ये फोन खासतौर से अमेजन डॉट इन पर बिक्री के लिए उपलब्ध होंगे। कंपनी ने सोमवार को यह जानकारी दी।    इससे पहले ई-कॉमर्स दिग्गज ने अपने प्लेटफार्म पर इन स्मार्टफोन्स के आधिकारिक टीजर पेश किए थे। हुआवेई पी20 लाइट और पी20 प्रो पिछले कुछ सालों में लांच किए गए सबसे अधिक दिलचस्प स्मार्टफोन्स में से हैं। इन फोन्स को कंपनी चीन समेत दुनिया के कुछ प्रमुख बाजारों में पहले ही उतार चुकी है।    हुआवेई की पी20 प्रो ने इमेजिंग और वीडियो फॉर्मेट में कैमरा गुणवत्ता के मामले में अन्य फ्ललैगशिप स्मार्टफोन्स को पीछे छोड़ दिया है। हुआवेई पी20 प्रो को ‘डीएक्सओमार्क रैकिंग’ में पहला स्थान मिला है, जो कैमरा और लेंस की इमेज गुणवत्ता की माप और रेटिंग के लिए विश्वसनीय उद्योग मानक है।    कंपनी ने एक बयान में कहा कि हुआवेई पी20 प्रो ने डीएक्सओमार्क डॉट कॉम पर 109 अंक हासिल कर स्मार्टफोन्स कैमरों के लिए एक नया कीर्तिमान स्थापित किया है।    इसके पहले, सैमसंग गैलेक्सी एस9 प्लस को 99 अंकों का ‘डीएक्सओमार्क’ स्कोर हासिल हुआ था, जो पहले पायदान पर था। गूगल पिक्सल 2 केवल एक अंक कम होने के कारण दूसरे पायदान पर था।    डीएक्सओमार्क का स्वामित्व फ्रांस की कंपनी डीएक्सओमार्क इमेज लैब के पास है। यह एक वेबसाइट है, जो कैमरों, लेंसों और मोबाइल डिवाइसों (कैमरा समेत) की इमेज गुणवत्ता की रेटिंग प्रदान करती है।    हुआवेई पी20 प्रो दुनिया का पहला तिहरे कैमरे वाला फोन है, जिसमें 40 मेगापिक्सल का आरजीबी सेंसर, 20 मेगापिक्सल का मोनोक्रोम सेंसर और आठ मेगापिक्सल का टेलीफोटो सेंसर लगा है। इस डिवाइस का ‘हाइब्रिड जूम’ पांच गुना है।    साभार-khaskhabar.com     

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नई दिल्ली। विश्व बैंक का कहना है कि भारत की वस्तु और सेवा कर (जीएसटी) प्रणाली दुनिया की सबसे जटिल कर प्रणालियों में से एक है। इसमें न केवल सबसे उच्च कर दर शामिल है बल्कि इस प्रणाली में सबसे अधिक कर के स्लैब भी हैं।    वल्र्ड बैंक ने कहा है कि भारत उच्च मानक जीएसटी दर मामले में एशिया में पहले और चिली के बाद विश्व में दूसरे स्थान पर है।    वल्र्ड बैंक ने अपनी रिपोर्ट में कहा, ‘‘भारतीय जीएसटी प्रणाली में कर की दर दुनिया में सबसे अधिक है। भारत में उच्चतम जीएसटी दर 28 प्रतिशत है। यह 115 देशों में दूसरी सबसे ऊंची दर है, जहां जीएसटी (वैट) प्रणाली लागू है।’’    भारतीय जीएसटी प्रणाली को जो चीज और जटिल बनाती है वह विभिन्न श्रेणियों की वस्तुओं और सेवाओं पर लागू होने वाली अलग-अलग जीएसटी दरों की संख्या है।    भारत में वर्तमान में चार नॉन जीरो दरें-5, 12, 18 और 28 प्रतिशत हैं। इसके अलावा कई वस्तुओं पर कोई कर नहीं है, जबकि सोने पर तीन फीसदी पर कर लगता है। पेट्रोलियम उत्पादों, बिजली और रियल एस्टेट जीएसटी से बाहर रखा गया है।    विश्व बैंक की साल में दो बार आने वाली इंडिया डेवलपमेंट रिपोर्ट के मुताबिक, दुनिया के ज्यादातर देशों में जीएसटी की एक ही दर है 49 देशों में कर की दर एक ही है। 28 देशों में दो दरों का उपयोग होता है और भारत सहित केवल पांच देशों में चार दरें लागू हंै।    वित्त मंत्री अरुण जेटली ने एक जीएसटी दर की संभावना को खारिज करते हुए कहा था, ‘‘सुख-सुविधाओं की वस्तुएं, पर्यावरण और स्वास्थ्य के लिए हानिकारक उत्पादों और आम आदमी की जरूरत वाले उत्पादों की समान दर नहीं लगाई जा सकती है। गेहूं, चावल, चीनी, मर्सिडीज कार या याट या तंबाकू पर एक समान दर नहीं लग सकती है।’’    उन्होंने कहा, ‘‘इसलिए इसकी डिजाइन में भी अन्य देशों से अंतर की उम्मीद लगाई गई है।’’   लेकिन यह महज कर की दर की बात नहीं है जोबाकी दुनिया से भारत की जीएसटी प्रणाली को अलग करती है। विश्व बैंक की रिपोर्ट के अनुसार, पूर्ण जीएसटी प्रभाव के कारण भारतीय व्यवसायों की वित्तीय स्थिति की गिरावट भी सभी बाकी के देशों में सबसे ज्यादा है।    भारत में 1.5 करोड़ रुपये के दायरे से ऊपर की वार्षिक बिक्री वाले कारोबार पूर्ण जीएसटी में आते हैं और इस आधार पर जीएसटी को जवाबदेह बनाया और इनपुट टैक्स क्रेडिट घटाया जाना जरूरी है।    भारत ने इसे 75 लाख रुपये की सीमा के साथ शुरू किया लेकिन कुछ महीनों के अंतराल में छोटे और मध्यम उद्यमों की लागत को कम करने के लिए इसे बढ़ाकर 1.5 करोड़ रुपये तक कर दिया गया, इसके बावजूद ‘‘सभी तुलना किए जाने वाले 31 देशों में भारत की यह नई दर सबसे ज्यादा है।’’    रिपोर्ट में कर सुधार प्रस्तावित करने के शुरूआती दिनों की समस्याओं पर भी ध्यान दिया गया लेकिन यहां कहा गया है कि जीएसटी को लागू करने की प्रक्रिया की शुरुआत समझा जाना चाहिए अंत नहीं।   उन्होंने कहा, ‘‘उपभोक्ताओं की प्रतिक्रिया पर सक्रियता दिखाते हुए सरकार कार्यान्वयन चुनौतियों को लेकर बहुत सतर्कता बरत रही है और जीएसटी को अधिक सरल और कुशल बनाने के लिए कदम उठा रही है।’’    विश्व बैंक के अनुसार, शुरुआत बाधाओं के बावजूद जीएसटी कर संबंधी अवरोधों से लेकर व्यापार अवरोधों पर दूरगामी प्रभाव डाल रहा है जो इसे लागू करने के प्राथमिक लक्ष्यों में से एक था।  साभार-khaskhabar.com     

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मुंबई। बीते सप्ताह शेयर बाजार में तेज गिरावट दर्ज की गई, जिसमें कमजोर वैश्विक संकेतों के साथ भारतीय बैंकिंग क्षेत्र में रोज हो रहे नए-नए घोटालों के खुलासे के कारण इस क्षेत्र की सेहत को लेकर छाई चिंता का प्रमुख योगदान रहा। पिछले महीने पंजाब नेशनल बैंक (पीएनबी) में 12,600 करोड़ रुपये के घोटाले का खुलासा हुआ था, जिसका मुख्य आरोपी हीरा कारोबारी नीरव मोदी और मेहुल चोकसी जांच एजेंसियों की पकड़ से बाहर है।    इसके अलावा शेयर बाजारों में छाई मंदी का मुख्य कारण एक निजी सर्वेक्षण से सामने आए देश के सेवा क्षेत्र के विस्तार में पिछले महीने आई गिरावट का आंकड़ा है। साथ ही अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा स्टील और अल्युमिनियम पर टैरिफ बढ़ाने के बाद दुनिया में व्यापार युद्ध छिडऩे की आशंका से भी निवेशक भयभीत रहे।    ट्रंप ने 2 मार्च को कहा था कि वे स्टील पर 25 फीसदी आयात शुल्क और अल्युमिनियम पर 10 फीसदी आयात शुल्क लगाएंगे, ताकि अमेरिकी उत्पादकों की सुरक्षा हो सके। ट्रंप का कहना है कि इससे अमेरिका में रोजगार पैदा होंगे और अन्य उद्योगों को भी लाभ होगा। निवेशकों को आशंका है कि ऐसी ही नीतियां दूसरे देश भी लागू कर सकते हैं, जिससे मुक्त कारोबार को बड़ा झटका लगेगा।    साप्ताहिक आधार पर सेंसेक्स में 739.80 अंकों या 2.17 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई और यह 33,307.14 पर बंद हुआ। वहीं, निफ्टी में 231.50 अंकों या 2.21 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई और यह 10,226.85 पर बंद हुआ। बीएसई के मिडकैप सूचकांक में 474 अंकों या 2.88 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई और यह 15,987.27 पर बंद हुआ। वहीं, स्मॉलकैप सूचकांक में 779.02 अंकों या 4.31 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई और यह 17,305.92 पर बंद हुआ।   सोमवार को शेयर बाजार की नकारात्मक शुरुआत हुई और सेंसेक्स 300.16 अंकों या 0.88 फीसदी की गिरावट के साथ 33,746.78 पर बंद हुआ। मंगलवार को सेंसेक्स 429.58 अंकों या 1.27 फीसदी की गिरावट के साथ 33,317.20 पर बंद हुआ। बुधवार को सेंसेक्स में 284.11 अंकों या 0.85 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई और यह 33,033.09 पर बंद हुआ।   गुरुवार को लगातार छह सत्रों की गिरावट के बाद सेंसेक्स में तेजी आई और यह 318.48 अंकों या 0.96 फीसदी की तेजी के साथ 33,351.57 पर बंद हुआ। सप्ताह के आखिरी कारोबारी दिन सेंसेक्स 44.43 अंकों या 0.13 फीसदी की गिरावट के साथ 33,307.14 पर बंद हुआ।   बीते सप्ताह सेंसेक्स के तेजी वाले शेयरों में प्रमुख रहे - हीरो मोटोकॉर्प (0.08 फीसदी), एचडीएफसी (0.05 फीसदी) और इंडसइंड बैंक (0.22 फीसदी)।    सेंसेक्स के गिरावट वाले शेयरों में प्रमुख रहे - टाटा स्टील (10.32 फीसदी), टाटा मोटर्स (7.86 फीसदी), अडानी पोट्र्स (6.29 फीसदी), भारती एयरटेल (5.81 फीसदी), रिलायंस इंडस्ट्रीज (3.76 फीसदी), कोल इंडिया (2.59 फीसदी), सन फार्मास्यूटिकल (5.18 फीसदी), यस बैंक (5.39 फीसदी), आईसीआईसीआई बैंक (4.11 फीसदी), एक्सिस बैंक (3.94 फीसदी), एचडीएफसी बैंक (1.31 फीसदी), कोटक महिंद्रा बैंक (1.20 फीसदी), स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (3.58 फीसदी) और पीएनबी (5.45 फीसदी)।    आर्थिक आंकड़ों में, ‘कमजोर मांग की स्थितियों’ के कारण देश के सेवा क्षेत्र की वृद्धि दर में फरवरी में गिरावट दर्ज की गई है। प्रमुख व्यापक आर्थिक आंकड़े सोमवार को जारी हुए। मौसमी समायोजित निक्केई इंडिया सर्विसेज पीएमआई बिजनेस एक्टिविटी सूचकांक फरवरी में गिरकर 47.8 पर रहा, जबकि जनवरी में यह 51.7 पर था।   इस सूचकांक में 50 से ऊपर का अंक तेजी तथा 50 से कम का अंक मंदी का सूचक है।    आईएचएस मार्किट की रिपोर्ट में कहा गया, ‘‘नवंबर के बाद कारोबारी गतिविधियों तथा नए काम दोनों में गिरावट आई है और गिरावट की यह दर अगस्त के बाद से सबसे अधिक है। इससे हाल में भारत के सेवा क्षेत्र में लौटी तेजी का अंत हो गया है। वास्तविक अनुमान के मुताबिक, सेवा क्षेत्र में अंतर्निहित मांग की स्थिति काफी कमजोर है।’’   इसके साथ ही निक्केई इंडिया कंपोजित पीएमआई आउटपुट सूचकांक में भी गिरावट दर्ज की गई और यह फरवरी में गिरकर 49.7 पर रही, जबकि जनवरी में यह 52.5 पर थी।   राजनीतिक मोर्चे पर, 60 सदस्यीय त्रिपुरा विधानसभा की 59 सीटों पर 18 फरवरी को हुए मतदान के बाद शनिवार (3 मार्च) को आए चुनाव के नतीजों में भाजपा को 35 और आईपीएफटी को आठ सीटें मिली हैं, जबकि 16 सीटें 25 साल से प्रदेश की सत्ता में काबिज रही माक्र्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) को मिली है।    नगालैंड में सत्तारूढ़ नगा पीपुल्स फ्रंट (एनपीएफ) ने 27 सीटों पर जीत दर्ज की है जबकि भाजपा की झोली में 11 सीटें आई हैं।    मेघालय में सत्तारूढ़ कांग्रेस ने 21 सीटें जीत ली हैं जबकि पिछले चुनावों में पार्टी ने 60 में से 29 सीटें जीती थीं। भाजपा की संभावित गठंबधन साझेदार नेशनल पीपुल्स पार्टी (एनपीपी) ने 19 सीटें जीती हैं। राज्य की 60 में से 59 सीटों पर 27 फरवरी को मतदान हुआ था।    साभार-khaskhabar.com     

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नई दिल्ली। चालू गन्ना पेराई सत्र 2017-18 (अक्टूबर-सितंबर) के आरंभिक पांच महीनों में देशभर की चीनी मिलों ने 230.5 लाख टन चीनी का उत्पादन किया है, जो पिछले साल की समान अवधि के मुकाबले 67.88 लाख टन यानी 41 फीसदी ज्यादा है।     चीनी मिलों का संगठन इंडियन शुगर मिल्स एसोसिएशन (इस्मा) की ओर से सोमवार को जारी विज्ञप्ति के मुताबकि, एक अक्टूबर, 2017 से लेकर 28 फरवरी, 2018 तक देश में 230.50 लाख टन चीनी का उत्पादन हुआ। चालू सत्र में देशभर में 522 चीनी मिलों ने उत्पादन शुरू किया मगर 28 फरवरी 2018 तक 479 मिलें चालू थीं। बाकी मिलों में उत्पादन बंद हो चुका था।    इस्मा ने बताया कि अगले कुछ सप्ताह में कुछ और मिलों में उत्पादन बंद हो जाएगा। ज्यादातर कर्नाटक, महाराष्ट्र और तमिलनाडु की चीनी मिलें बंद हुई हैं, जबकि उत्तर प्रदेश में चीनी मिलों ने अभी अपना उत्पादन बंद नहीं किया है।    उत्तर प्रदेश में इस सत्र में 73.95 लाख टन चीनी का उत्पादन हुआ है, जबकि महाराष्ट्र में 84.24 लाख टन। इस प्रकार महाराष्ट्र इस साल उत्तर प्रदेश को पीछे छोड़ देश में सबसे ज्यादा चीनी उत्पादन करने वाले राज्य का दर्जा फिर प्राप्त कर सकता है। कर्नाटक 33.44 लाख टन चीनी उत्पादन के साथ देश में तीसरे नंबर पर बना हुआ है।    पिछले साल देश में महज 203 लाख टन चीनी का उत्पादन हुआ था, मगर इस सालाना खपत से ज्यादा उत्पादन होने की उम्मीद है। इस्मा ने जनवरी में कहा था कि चालू सत्र में 261 लाख टन चीनी उत्पादन उत्पादन हो सकता है, जो उसके पिछले अनुमान से 10 लाख ज्यादा है। इधर महाराष्ट्र में गन्ने की पैदावार ज्यादा होने के अनुमान के हो सकता है कि चीनी उद्योग संगठन अपने इस अनुमान में भी बढ़ोतरी करे।   इस्मा के अनुसार, देश में चीनी खपत इस साल 250 लाख टन हो सकती है, जो पिछले साल के 246 लाख टन से अधिक है।    पिछले महीने चीनी मिलों की मांग पर सरकार ने चीनी के आयात पर शुल्क 50 फीसदी से बढ़ाकर 100 फीसदी कर दिया। चीनी उद्योग संगठनों को लगता था कि पाकिस्तान के रास्ते देश में विदेशों से सस्ती चीनी आ सकती है, जिससे बाजार में चीनी के दाम में और सुस्ती आने की संभावना थी।    अब आपूर्ति आधिक्य को कम करने के लिए चीनी उद्योग सरकार से मौजूदा निर्यात शुल्क 20 फीसदी को वापस लेने की मांग कर रहा है। सहकारी चीनी मिलों का संगठन नेशनल फेडरेशन ऑफ को-ऑपरेटिव शुगर फैक्टरीज लिमिटेड (एनएफसीएसएफ) के एमडी प्रकाश नाइकनवरे ने बताया कि चीनी पर निर्यात शुल्क हटाने को लेकर सरकार जल्द ही फैसला ले सकती है।    उन्होंने बताया इस हफ्ते सात मार्च को उद्योग संगठनों के साथ खाद्य विभाग के अधिकारियों की बैठक होने वाली है, जिसमें चीनी के निर्यात को लेकर बातचीत होगी।  साभार-khaskhabar.com       

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वाशिंगटन। अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) ने भी इस्पात और अल्युमीनियम पर आयात शुल्क लगाने संबंधी अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की योजना की आलोचना की है। ट्रंप ने अमेरिका में इस्पात के आयात पर  25 फीसदी और अल्युमीनियम के आयात पर 10 फीसदी शुल्क लगाने की योजना बनाई है।    बीबीसी की रिपोर्ट के मुताबिक, आईएमएफ ने इस बात की चेतावनी दी है कि इस कदम से अमेरिका समेत अन्य देशों को नुकसान पहुंचेगा।    अंतर्राष्ट्रीय संस्था ने आशंका जाहिर करते हुए कहा कि अन्य देश भी ट्रंप की इस नीति का अनुकरण करेंगे और इस बात का दावा करेंगे कि राष्ट्र की सुरक्षा के लिए सख्त व्यापार प्रतिबंध की जरूरत है।    बीबीसी की रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिका को सबसे ज्यादा इस्पात की आपूर्तिकर्ता कनाडा ने कहा कि आयात शुल्क से सीमा के दोनों ओर अड़चनें पैदा होंगी।    कनाडा भी उन देशों में शुमार है, जिन्होंने इस मसले पर कहा है कि अगर राष्ट्रपति अगले सप्ताह आयात शुल्क लगाने की अपनी योजना को पारित कर इसे अमल में लाते हैं तो वे भी इसकी प्रतिक्रिया में कदम उठाएंगे।    यूरोपीय संघ के देश भी अमेरिका से 3.5 अरब डॉलर के आयात पर 25 फीसदी आयात शुल्क लगाने पर विचार कर रहे हैं।    विश्व व्यापार संगठन (डब्ल्यूटीओ) के महानिदेशक रॉबर्टो अजवीडो ने कहा, ‘‘व्यापार को लेकर तनातनी किसी के हित में नहीं है।’’   लेकिन ट्रंप ने अपने ट्वीट में कहा है कि ‘व्यापारिक जंग लाभकारी है।’     साभार-khaskhabar.com     

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नई दिल्ली। मोटरसाइकल के मिडसाइज-वर्ग में ग्लोबल लीडर कहलाने वाले रॉयल एनफील्ड ने बुधवार को अपने भारतीय ग्राहकों के लिए थंडरबर्ड की विरासत को आगे बढ़ाते हुए थंडरबर्ड-एक्स लांच किया।    इस मौके पर रॉयल एनफील्ड प्रेसिडेंट रुद्रतेज (रूडी) सिंह, ने कहा, ‘‘थंडरबर्ड एक्स एक कस्टम इंस्पायर्ड रॉयल एनफील्ड है, जो हमारे थंडरबर्ड समुदाय से प्रेरित है। हमारे राइड्स दशकों से थंडरबर्ड और रॉयल एनफील्ड मोटरसाइकलों को कस्टमाइज करते आ रहे हैं। हमने इससे प्रेरणा ग्रहण कर एक उत्साहवर्धक, रोचक और चलाने में मनोरंजक फैक्ट्री-बिल्ट कस्टम-लुक मोटरसाइकल बनाई है जो खासतौर से शहरी क्षेत्र में मोटरसाइकिल के शौकील लोगों को अपनी ओर आकर्षित करेगी।’’   थंडरबर्ड एक्स जल्द ही देश के सभी प्रमुख शहरों में रॉयल एनफील्ड के डीलर के पास उपलब्ध होगी। थंडरबर्ड 500 एक्स की दिल्ली में एक्स शोरूम कीमत 198,878 रुपये है और थंडरबर्ड 350एक्स का मूल्य 156,849 रुपये है।   थंडरबर्ड 500 एक्स सिंगल सिलेंडर, एयरकूल्ड और 499सीसी इंजन है, जो इलेक्ट्रॉनिक फ्यूल इंजेक्शन सिस्टम के साथ 5250 आरपीएम पर 27.2 बीएचपी शक्ति तथा 4000 आरपीएम पर 41.3 एनएम का टॉर्क उत्पन्न करती है। थंडरबर्ड 350 एक्स में सिंगल सिलेंडर, एयरकूल्ड, ट्विनस्पार्क, 346 सीसी इंजन है, जो 5250 आरपीएम पर 19.8 बीएचपी की शक्ति और 4000 आरपीएम पर 28 एनएम का टॉर्क उत्पन्न करती है।   साभार-khaskhabar.com     

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