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नई दिल्ली। रिलायंस जियो ने फास्ट कंपनी की 50 सबसे अभिनव कंपनियों (एमआईसी) की वार्षिक रैंकिंग की वैश्विक सूची में 2018 में 17वां स्थान हासिल किया है और यह भारत में सर्वाधिक अभिनव कंपनियों में पहले स्थान पर है। कंपनी ने एक बयान में मंगलवार को यह जानकारी दी।   रिलायंस जियो के निदेशक आकाश अंबानी ने कहा, ‘‘जियो के लांच के बाद से ही, हमारा लक्ष्य साहसपूर्ण और सरल रहा है और वह भारत के सभी लोगों के लिए ब्राडबैंड प्रौद्योगिकी को किफायती और पहुंच में लाना है।’’   उन्होंने कहा, ‘‘हमने भारतीय दूरसंचार क्षेत्र के पूर्ण परिवर्तन का लक्ष्य रखा है, जो हमारे ग्राहकों के लिए सबसे बेहतर उत्पादों, सेवाओं और मूल्य मुहैया कराने की हमारी प्रतिबद्धता से प्रेरित है और निरंतर नवाचार उस वादे को पूरा करने में एक प्रमुख भूमिका निभाता है।’’   जियो ने इस सूची में दुनिया की अन्य प्रमुख कंपनियों के साथ जगह बनाई है, जिनमें एप्पल, नेटफ्लिक्स, टेनसेंट, अमेजन, स्पॉटीफाई और कई अन्य शामिल हैं।   साभार-khaskhabar.com     

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मुंबई। देश के शेयर बाजारों में सोमवार को गिरावट दर्ज की गई। प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स 236.10 अंकों की गिरावट के साथ 33,774.66 पर और निफ्टी 73.90 अंकों की गिरावट के साथ 10,378.40 पर बंद हुए।    बंबई स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) का 30 शेयरों पर आधारित संवेदी सूचकांक सेंसेक्स सुबह 43.19 अंकों की तेजी के साथ 34,053.95 पर खुला और 236.10 अंकों या 0.69 फीसदी की गिरावट के साथ 33,774.66 पर बंद हुआ। दिनभर के कारोबार में सेंसेक्स ने 34,122.96 के ऊपरी और 33,554.37 के निचले स्तर को छुआ।   सेंसेक्स के 30 में आठ शेयरों में तेजी रही। कोल इंडिया (0.66 फीसदी), एक्सिस बैंक (0.57 फीसदी), इंफोसिस (0.46 फीसदी), रिलायंस (0.45 फीसदी) और एनटीपीसी (0.31 फीसदी) में सर्वाधिक तेजी रही।   सेंसेक्स के गिरावट वाले शेयरों में प्रमुख रहे - टाटा स्टील (5.82 फीसदी), एशियन पेंट्स(2.77 फीसदी), डॉ. रेड्डी (2.75 फीसदी), अडानी पोट्र्स (2.72 फीसदी) और एलटी (2.35 फीसदी)।   बीएसई के मिडकैप और स्मॉलकैप सूचकांकों में भी गिरावट रही। बीएसई का मिडकैप सूचकांक 173.69 अंकों की गिरावट के साथ 16,428.66 पर और स्मॉलकैप सूचकांक 178.67 अंकों की गिरावट के साथ 17,857.08 पर बंद हुआ।   नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का 50 शेयरों पर आधारित संवेदी सूचकांक निफ्टी सुबह 36.6 अंकों की तेजी के साथ 10,488.90 पर खुला और 73.90 अंकों या 0.71 फीसदी की गिरावट के साथ 10,378.40 पर बंद हुआ। दिनभर के कारोबार में निफ्टी ने 10,489.35 के ऊपरी और 10,302.75 के निचले स्तर को छुआ।   बीएसई के सभी 19 सेक्टरों में गिरावट रही। गिरावट वाले सेक्टरों में प्रमुख रहे -धातु (1.60 फीसदी), पूंजीगत वस्तुएं (1.56 फीसदी), उद्योग (1.34 फीसदी), आधारभूत सामाग्री (1.17 फीसदी) और रियल्टी (1.12 फीसदी)।    बीएसई में कारोबार का रुझान नकारात्मक रहा। कुल 689 शेयरों में तेजी और 2,061 में गिरावट रही, जबकि 163 शेयरों के भाव में कोई बदलाव नहीं हुआ।   साभार-khaskhabar.com     

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नई दिल्ली। कान्फेडरेशन ऑफ इंडियन टेक्सटाइल इंडस्ट्री (सीआईटीआई) के चेयरमैन संजय जैन ने इस साल के शुरुआती महीने जनवरी में भारत के वस्त्र एवं परिधान निर्यात में गिरावट और आयात में इजाफा होने पर निराशा जाहिर की है। उन्होंने कहा कि जीएसटी लागू होने पर वस्त्र, परिधान व धागों का आयात सस्ता हो गया है।    उन्होंने शुक्रवार को जारी एक विज्ञप्ति में कहा कि पिछले साल की समान अवधि के मुकाबले देश से वस्त्र एवं परिधान के निर्यात में जनवरी 2018 में 13 फीसदी की गिरावट आई है जो निराशाजनक है।      भारत ने बीते महीने में कुल 18,588 करोड़ रुपये मूल्य का वस्त्र एवं परिधान निर्यात किया जबकि जनवरी 2017 में देश के वस्त्र एवं परिधान निर्यात का मूल्य 21,467 करोड़ रुपये था।    भारत ने जनवरी 2017 में 6,355 करोड़ रुपये का वस्त्र निर्यात किया था जो इस साल जनवरी में 16 फीसदी घटकर 5,369 करोड़ रुपये रह गया। इसी प्रकार भारत ने बीते साल जनवरी में 10,373 करोड़ रुपये मूल्य का परिधान निर्यात किया था जो जनवरी 2018 में 14 फीसदी घटकर 8,883 करोड़ रुपये रह गया।    जैन ने वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) लागू होने पर वस्त्र आयात में बढ़ोतरी पर चिंता जाहिर की। उन्होंने बताया कि टेक्सटाइल यार्न, फैब्रिक और तैयार परिधानों का आयात बीते वित्तवर्ष 2017 के अप्रैल से जनवरी के बीच 8,592 करोड़ रुपये मूल्य का हुआ था, जो इस इस वित्तवर्ष की समान अवधि में 15 फीसदी बढक़र 9,914 करोड़ रुपये मूल्य का हो गया। उन्होंने कहा कि इसस भारतीय उद्योग के लिए संकट पैदा हो गया है। जैन के मुताबिक, जीएसटी लागू होने के बाद आयात शुल्क में कमी होने से इन उत्पादों का आयात सस्ता हो गया है।  साभार-khaskhabar.com       

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नई दिल्ली। पिछले महीने जनवरी में देश के आयात व निर्यात में मासिक आधार पर नरमी दर्ज की गई है। गुरुवार को जारी आंकड़ों के मुताबिक, भारत का निर्यात जनवरी 2018 में 24.38 अरब डॉलर रहा, जो दिसंबर 2017 के 27.03 अरब डॉलर से 9.80 फीसदी कम है।    हालांकि, वार्षिक आधार पर देखें तो पिछले साल की जनवरी के मुकबले देश के निर्यात में 9.07 फीसदी का इजाफा हुआ है। जनवरी 2017 में भारत ने कुल 22.35 अरब डॉलर मूल्य का निर्यात किया था।    केंद्रीय उद्योग एवं वाणिज्य मंत्रालय की ओर से जारी आंकड़ों के मुताबिक, जनवरी 2018 में डॉलर के मूल्य में पिछले साल की समान अवधि की तुलना में भारत का निर्यात 9.07 फीसदी बढ़ा। मंत्रालय ने कहा, ‘‘अगस्त 2016 से जनवरी 2018 के दौरान भारत का निर्यात सकारात्मक स्थिति में रहा, हालांकि अक्टूबर 2017 में 1.1 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई थी।’’   आयात में भी मासिक आधार पर जनवरी 2018 में 2.93 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई। जनवरी 2018 में भारत ने कुल 40.68 अरब डॉलर का आयात किया, जबकि दिसंबर 2017 में 41.91 अरब डॉलर का आयात किया गया था।    हालांकि, वार्षिक आधार पर देश के आयात में 26.10 फीसदी की वृद्धि हुई है। जनवरी 2017 में भारत ने कुल 32.26 अरब डॉलर का आयात किया था।    वार्षिक आधार पर आयात व निर्यात में बढ़ोतरी होने के परिणामस्वरूप भारत का व्यापार घाटा जनवरी 2018 में बढक़र 16.29 अरब डॉलर हो गया है, जबकि पिछले साल जनवरी में देश का व्यापार घाटा 9.90 अरब डॉलर था।    साभार-khaskhabar.com     

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नई दिल्ली। भारत सरकार के खनन मंत्रालय के तहत नवरत्न कंपनी एवं अल्युमिना और अल्युमिनियम की देश की अग्रणी विनिर्माता एवं निर्यातक ‘पीएसयू’ राष्ट्रीय अल्युमिनियम कंपनी लिमिटेड (नाल्को) ने वित्त वर्ष 2017-18 की तीसरी तिमाही में 722 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ अर्जित किया है, जोकि इससे पहले की तिमाही के दौरान 235 करोड़ रुपये था, और पिछले वर्ष की समान तिमाही के दौरान 144 करोड़ रुपये था।    कंपनी ने शनिवार को एक बयान में कहा कि तीसरी तिमाही के दौरान शुद्ध बिक्री 2360 करोड़ रुपये की थी। इसके साथ ही, कंपनी पिछले 10 वर्षों के दौरान एक तिमाही में अब तक की सर्वाधिक शुद्ध लाभ की संख्या को पार करने में भी सफल हो गई है।   बयान में कहा गया है कि इसी प्रकार, 2017 के दिसंबर में समाप्त होने वाली नौ महीनों की अवधि के दौरान शुद्ध लाभ 1085 करोड़ रुपये (171 प्रतिशत की बढ़ोतरी) रहा, जबकि पिछले वित्त वर्ष की इसी अवधि के दौरान यह संख्या 400 करोड़ रुपये रहा था। वित वर्ष के नौ महीनों के दौरान शुद्ध बिक्री 6538 करोड़ रुपये की रही, जबकि पिछले वित्त वर्ष की इसी अवधि के दौरान यह 5071 करोड़ रुपये थी।   बयान के अनुसार, चालू वित्त वर्ष के पहले नौ महीनों के दौरान नाल्को ने 54.40 लाख टन बॉक्साइट का उत्पादन किया है, जबकि पिछले वित्त वर्ष की इस अवधि के दौरान यह 53.23 लाख टन था।   नाल्को के अध्यक्ष और प्रबंध निदेशक डॉ. तपन कुमार चांद ने कहा,‘‘सरकार की मजबूत मौद्रिक नीति एवं मांग-आपूर्ति गतिशीलता के बेहतर होने, निर्माण तथा पॉवर क्षेत्रों में बढ़ोतरी होने एवं ऑटोमोबाइल क्षेत्रों में और वैश्विक रूप से अल्युमिनियम की कीमतों में तेजी आने की वजह से हमें उम्मीद है कि हम अगली बार भी ऐसा ही वित्तीय परिणाम दर्ज करा सकने में सफल होंगे।’’   साभार-khaskhabar.com     

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कोलकाता। सरकारी यूको बैंक ने 31 दिसंबर, 2017 को खत्म हुई तिमाही में 1,016.43 करोड़ रुपये का नुकसान दर्ज किया है, जबकि एक साल पहले कंपनी को समान तिमाही में 437.09 करोड़ रुपये का घाटा हुआ था।    फंसे हुए कर्ज के लिए उच्च प्रावधान करने के कारण बैंक के मुनाफे को चपत लगी है। समीक्षाधीन अवधि में बैंक के परिचालन मुनाफे में पिछले साल की समान अवधि की तुलना में 58.5 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई।   बैंक ने बताया कि समीक्षाधीन अवधि में उसकी ब्याज आय घटकर 3,449.55 करोड़ रुपये रही, जबकि एक साल पहले की समान अवधि में यह 4192.47 करोड़ रुपये थी।    समीक्षाधीन तिमाही में कर और आकस्मिकताओं के अलावा अन्य प्रावधान 1,385.38 करोड़ रुपये रहे, जबकि पिछले साल की समान तिमाही में यह 1,326.05 करोड़ रुपये थी।   इस दौरान बैंक के सकल गैर निष्पादित परिसंपत्तियां (फंसा हुआ कर्ज या एनपीए) 14.43 फीसदी बढक़र 25,382.40 करोड़ रुपये हो गईं, जबकि सकल एनपीए कुल कर्ज का 20.64 फीसदी रहा, जबकि वित्त वर्ष 2016-17 की तीसरी तिमाही में यह 17.18 फीसदी था।   समीक्षाधीन अवधि में बैंक का एनपीए अनुपात 10.90 फीसदी हो गया, जबकि पिछले वित्त वर्ष की समान तिमाही में यह 8.99 फीसदी था। साभार-khaskhabar.com     

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मुंबई। मुंबई। देश के शेयर बाजार के शुरुआती कारोबार में शुक्रवार को तेज गिरावट का रुख है। सेंसेक्स करीब 550 अंक लुढक़ा तो निफ्टी भी 165 अंक टूट गया। भारतीय शेयर बाजार में गिरावट का कारण खराब वैश्विक संकेत हैं। सेंसेक्स और निफ्टी 1.5 प्रतिशत गिरकर कारोबार कर रहे हैं। बाजार का हाल यह है कि बीएसई के हर 10 में से 8 स्टॉक्स लाल निशान पर ट्रेड कर रहे हैं। बाजार खुलने के शुरुआती कुछ मिनटों में निवेशकों के 2.24 लाख करोड़ रुपये डूब गए।   शुरुआती कारोबार में ही सेंसेक्स 34,000 के मनोवैज्ञानिक स्तर से नीचे फिसल गया है। प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स सुबह 10.10 बजे 440.93 अंकों की गिरावट के साथ 33,972.23 पर और निफ्टी भी लगभग इसी समय 139.25 अंकों की गिरावट के साथ 10,437.60 पर कारोबार करते देखे गए।   बम्बई स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) का 30 शेयरों पर आधारित संवेदी सूचकांक सेंसेक्स सुबह 410.71 अंकों की गिरावट के साथ 34,002.45 पर, जबकि नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का 50 शेयरों पर आधारित संवेदी सूचकांक निफ्टी 160.35 अंकों की गिरावट के साथ 10,416.50 पर खुला।   साभार-khaskhabar.com       

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मुंबई। देश का आम बजट पेश होने के बाद से देश के शेयर बाजारों में जारी गिरावट के बाद बुधवार को शेयर बाजारों के शुरुआती कारोबार में मजबूती का रुख है। प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स सुबह 10.10 बजे 128.61 अंकों की मजबूती के साथ 34,324.55 पर और निफ्टी भी लगभग इसी समय 46.70 अंकों की बढ़त के साथ 10,544.95 पर कारोबार करते देखे गए।    बम्बई स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) का 30 शेयरों पर आधारित संवेदी सूचकांक सेंसेक्स सुबह 367.36 अंकों की तेजी के साथ 34563.30 पर, जबकि नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का 50 शेयरों पर आधारित संवेदी सूचकांक निफ्टी 108.95 अंकों की मजबूती के साथ 10,607.20 पर खुला।   साभार-khaskhabar.com   

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नई दिल्ली। भारत की लिए अपनी पुनर्गठन योजना की पुष्टि करते हुए चीनी स्मार्टफोन निर्माता जियोनी ने शनिवार को कहा कि कंपनी भारत में अपना परिचालन बंद नहीं कर रही है।    जियोनी इंडिया के वैश्विक बिक्री निदेशक डेविड चांग ने आईएएनएस की रिपोर्ट ‘जियोनी वित्तीय संकट में, भारतीय कारोबार पर असर संभव’ पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि कंपनी भारत में टिकने के लिए आई है।    चांग ने आईएएनएस को बताया, ‘‘हम अपने भारतीय दल के पुनर्गठन की प्रक्रिया में हैं और बाजार में अपने ब्रांड के लिए पूरी तरह से अलग व्यापार मॉडल लेकर आएंगे।’’   सूत्रों ने शुक्रवार को बताया था कि  कंपनी अपने भारतीय परिचालन को घटा सकती है तथा वृद्धि हासिल करने के लिए एक अलग बिजनेस मॉडल को लेकर आएगी।    चांग ने कहा, ‘‘हम भारतीय बाजार में अपनी उपस्थिति को लेकर उतना ही उत्साहित हैं और सभी जियोनी प्रेमियों को आश्वस्त करना चाहेंगे कि हम यहां बने रहने के लिए आए हैं।’’   काउंटरप्वाइंट रिसर्च के मुताबिक कंपनी की भारतीय स्मार्टफोन बाजार में साल 2017 में 2.2 फीसदी हिस्सेदारी रही है।    चीनी मीडिया ने जनवरी में जानकारी दी थी कि एक स्थानीय अदालत ने जियोनी के अध्यक्ष और मुख्य कार्यकारी अधिकारी लियु ली रोंग के 41.4 फीसदी शेयरों को दो सालों के लिए जब्त कर लिया है।    हालांकि इसके पीछे की सही जानकारी अभी तक सार्वजनिक नहीं की गई है, लेकिन कुछ मीडिया रपटों का कहना है कि इसका कारण ‘जुए में हारने के कारण चढ़ी उधारी है।’   निक्केई एशियन रिव्यू की मध्य जनवरी की रपट में बताया गया है कि कथित तौर पर वित्तीय संकट के कारण कंपनी को अपने आपूर्तिकर्ताओं का भुगतान करने में भी कठिनाई आ रही है।   इससे पहले, भारत में पांच सालों तक घरेलू कारोबार को चलाने वाले जियोनी इंडिया के मुख्य कार्यकारी अधिकारी और प्रबंध निदेशक अरविंद वोहरा ने पिछले अगस्त में इस्तीफा दे दिया था। वोहरा अभी भी कंपनी के कार्यकारी निदेशक बने हुए हैं।    जियोनी के वैश्विक बिक्री निदेशक डेविड चांग अब भारतीय कारोबार की अगुवाई कर रहे हैं।    साभार-khaskhabar.com       

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न्यूयॉर्क। आर्थिक आकंड़ें जारी होने के बीच गुरुवार को अमेरिकी डॉलर में अन्य प्रमुख मुद्राओं के मुकाबले गिरावट रही। समाचार एजेंसी सिन्हुआ के मुताबिक, गुरुवार को न्यूयॉर्क ट्रेडिंग में यूरो बीते सत्र के 1.2516 डॉलर के मुकाबले 1.2416 डॉलर बढ़ गया। वहीं, ब्रिटिश पाउंड में बीते सत्र में 1.4184 डॉलर के मुकाबले 1.4270 डॉलर की मजबूती रही।    डॉलर के मुकाबले ऑस्ट्रेलियाई डॉलर भी 0.8052 से घटकर 0.8040 हो गया।   डॉलर सूचकांक बीते कारोबार में 0.52 फीसदी की कमजोरी के साथ 88.667 पर रहा।   साभार-khaskhabar.com     

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नई दिल्ली। अगले तीन सालों में अपने शोध और विकास केंद्र में भारत में 2,500 इंजीनियरों की भर्ती करने की प्रतिबद्धता के तहत सैमसंग इस साल देश के शीर्ष इंजीनियरिंग कॉलेजों -आईआईटी संस्थानों, एनआईटी संस्थानों और आईआईआईटी संस्थानों से 1,000 इंजीनियरों की भर्ती करेगी।    नए जमाने के डोमेन जैसे कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई), इंटरनेट ऑफ थिंग्स (आईओटी), मशीन लर्निंग (एमएल), बायोमेट्रिक्स, नेचुरल लैंगुवेज प्रोसेसिंग (एनएलपी), संवर्धित वास्तविकता (एआर) और नेटवक्र्स (5जी समेत) के विकास के लिए सैमसंग इस साल आईआईटी संस्थानों से 300 छात्रों की भर्ती करेगी।    कंपनी अन्य संस्थानों के साथ आईआईटी-बम्बई से 35 छात्रों, आईआईटी-दिल्ली से 32 छात्रों, आईआईटी-मद्रास से 22 छात्रों, आईआईटी-गुवाहाटी से 45 छात्रों और आईआईटी-खडक़पुर से 29 छात्रों की भर्ती करेगी।    सैमसंग इंडिया के तीन शोध व विकास केंद्र हैं, जो बेंगलुरू, नोएडा और दिल्ली में स्थित हैं।    सैमसंग आरएंडडी संस्थान भारत के प्रबंध निदेशक और सैमसंग के वैश्विक वरिष्ठ उपाध्यक्ष दीपेश शाह ने एक बयान में कहा, ‘‘सैमसंग भारत में आरएंडडी को लेकर बेहद आशावान है और आरएंडडी पर जोर देने से सैमसंग को भारतीय बाजार में शीर्ष पर बने रहने में मदद मिलेगी। भारत में कंपनी के तीन आरएंडडी केंद्र कई अत्याधुनिक प्रौद्योगिकियों पर काम कर रहे हैं।’’   आईआईटी संस्थानों और एनआईटी संस्थानों के अलावा सैमसंग कई अन्य प्रमुख संस्थानों से भी प्रतिभाओं की भर्ती करेगी, जिसमें दिल्ली कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग, बिट्स पिलानी, मणिपाल इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नॉलजी, आईआईआईटी संस्थान समेत अन्य शामिल हैं।   साभार-khaskhabar.com       

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भोपाल। दुनिया में कच्चे तेल के दामों में लगातार गिरावट आ रही है, मगर हमारे देश में पेट्रोलियम पदार्थों के दाम बढ़ रहे हैं। इससे उपभोक्ता की जेब खाली हो रही है और सरकार का खजाना भर रहा है। बीते आठ माह की अवधि में सरकार ने पेट्रोलियम पदार्थों पर लगने वाले कर से 1,50,000 करोड़ रुपये की कमाई की है।    डायरेक्ट्रोरेट जनरल ऑफ  सिस्टम्स एंड डाटा मैनेजमेंट द्वारा उपलब्ध कराए गए आंकड़ों से पता चलता है कि केंद्र सरकार को इस वित्तीय वर्ष के आठ माह यानी अप्रैल, 2017 से नवंबर, 2017 की अवधि में कुल 1,50,019$23 करोड़ रुपये की आमदनी हुई है। इसमें केंद्रीय एक्साइज से हुई आमदनी 1,43,896$ 64 करोड़ रुपये और कस्टम ड्यूटी (इंपोर्ट) से हुई आय 6123$ 10 करोड़ रुपये है।    मध्य प्रदेश के नीमच जिले के निवासी और सामाजिक कार्यकर्ता चंद्रशेखर गौड़ ने डायरेक्ट्रोरेट जनरल ऑफ  सिस्टम्स एंड डाटा मैनेजमेंट से सूचना के अधिकार के तहत जानना चाहा था कि वित्तीय वर्ष 2017-18 के पहले नौ माह में पेट्रोलियम पदार्थों से कुल कितने राजस्व की प्राप्ति हुई है। इन नौ माह का माहवार ब्यौरा उपलब्ध कराएं। उन्हें आठ माह का ही ब्यौरा मिला है।   गौड़ को दिए गए ब्यौरे के मुताबिक, मई माह में केंद्र सरकार को सबसे ज्यादा राजस्व 20,260 करोड़ रुपये बतौर सेंट्रल एक्साइज ड्यूटी के रूप में प्राप्त हुए, वहीं सबसे ज्यादा कस्टम ड्यूटी के तौर पर जून माह में 1883 करोड़ रुपये प्राप्त हुए। वहीं सबसे कम सेंट्रल एक्साइज ड्यूटी के जरिए 16,952 करोड़ नवंबर में और कस्टम ड्यूटी से अप्रैल माह में 371 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ।    गौड़ ने सभी श्रेणी के पेट्रोलियम पदार्थों के जरिए नौ माह में केंद्र सरकार को हुई आय का ब्यौरा मांगा था, मगर उन्हें सिर्फ दो कोड (श्रेणी) सीटीएच 2710 तथा 2711 के ही राजस्व की जानकारी उपलब्ध कराई गई है।    गौड़ ने आईएएनएस से कहा कि उन्होंने सभी श्रेणी के पेट्रोलियम पदार्थों से हुई राजस्व की आय का ब्यौरा मांगा था, मगर उन्हें सिर्फ दो कोड का ही उपलब्ध कराया गया है, जिससे मन में कई तरह के सवाल उठ रहे हैं।    गौड़ ने केंद्र सरकार से यह भी मांग की है कि पेट्रोलियम पदार्थों को जीएसटी की श्रेणी में लाया जाए, ताकि आमजन को महंगाई की मार से थोड़ी राहत मिल सके।   साभार-khaskhabar.com       

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