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नई दिल्ली। भारत में हाऊसवेयर उत्पादों का निर्माण करने वाली प्रमुख कंपनी मिल्टन ने रविवार को फ्लेक्सी टिफिन 3+1 की पेशकश की। यह ग्राहकों को गरम एवं स्वादिष्ट भोजन करने में सक्षम बनाएगा। यह बिल्कुल नया उत्पाद पहला माइक्रोवव में इस्तेमाल करने योग्य, स्टील लीक प्रूफ टिफिन है। इसकी पेशकश इंटेलीजेंट होमवेयर ब्रांड की सॉफ्ट लाइन रेंज में की गई है। नया फ्लेक्सी टिफिन 3+1 बेहद खूबसूरती से डिजाइन किया गया उत्पाद है।    यह टिफिन में बेहतरीन क्वालिटी, फंक्शनैलिटी एवं स्टाइल की तलाश कर रहे सभी ग्राहकों की जरूरतों को पूरा करेगा। फ्लेक्सी टिफिन 3+1 में स्टील इनर इसे सॉफ्टलाइन टिफिन रेंज में इसे अनूठा बनाता है। इसके अतिरिक्त, कंटेनर लीक प्रूफ भी हैं, जो यह सुनिश्चित करता है कि सफर के दौरान खाना छलक कर गिरे नहीं। यह नया माइक्रोवेबल टिफिन ऑफिस जाने वाले सभी लोगों के पास होना चाहिए, क्योंकि यह उनके दैनिक जीवन को और भी सहज एवं स्टाइलिश बनाता है।   मिल्टन का इंसुलेटेड फ्लेक्सी टिफिन 3+1 तीन रंगों-नारंगी, नीले और पीले रंगो में उपलब्ध है। इसका निर्माण फूड ग्रेड वर्जिन प्लास्टिक से किया गया है, जो इसे हाइजीनिक बनाता है। साथ ही यह सुनिश्चित करता है कि आपके टिफिन से किसी तरह की दुर्गंध न आये। इसका एक्सपैंडेबल सॉफ्ट इंसुलेटेड जैकेट टिफिन का सहजता पूर्वक इस्तेमाल करने में सक्षम बनाता है और इसे एक स्टाइलिश लुक देता है।   टिफिन्स की सॉफ्टलाइन रेंज में इन सभी बेमिसाल खूबियों से भरपूर नई फ्लेक्सी टिफिन 3+1 की कीमत 878 रुपए है और यह समूचे भारत में उपलब्ध है। इसमें 500 एमएल और 200 एमएल के एक-एक कंटेनर (डिब्बे) और 350 एमएल के दो कंटेनर्स शामिल हैं।   साभार-khaskhabar.com     

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चेन्नई। बैकिंग कर्मचारियों की एक प्रमुख यूनियन के शीर्ष नेतृत्व ने मांग की है कि भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के गर्वनर उर्जित पटेल को हीरा कारोबारी नीरव मोदी द्वारा किए गए कथित 1.8 अरब डॉलर के घोटाले/धोखाधड़ी के बाद नैतिक आधार पर अपने पद से इस्तीफा दे देना चाहिए।     ऑल इंडिया बैंक इम्प्लाइज एसोसिएशन (एआईबीईए) के महासचिव सी.एच. वेंकटचलम ने आईएएनएस को बताया, ‘‘इस घोटाले/धोखाधड़ी को लेकर आरबीआई गवर्नर की लगातार चुप्पी आश्चर्यजनक और विस्मयकारी है। यह आरबीआई की गहरी भागीदारी पीएनबी के नोस्ट्रो खातों की जांच में आरबीआई की कोताही को दिखाता है।’’   उनके मुताबिक, घोटाले का शिकार बनी पीएनबी की मुंबई स्थित ब्रैडी शाखा एक श्रेणी की विदेशी मुद्रा बैंक शाखा है और भारतीय रिजर्व बैंक इस पर निगरानी रखने में विफल रहा है जिसके परिणामस्वरूप बड़े पैमाने पर घोटाले/धोखाधड़ी हुई है।   वेंकटचलम ने कहा, ‘‘भारतीय रिजर्व बैंक के गवर्नर को पूर्ण विफलता की नैतिक जिम्मेदारी लेनी चाहिए और इस्तीफा दे देना चाहिए।’’   उनके अनुसार, पीएनबी के निदेशक मंडल में भारतीय रिजर्व बैंक के उम्मीदवार भी हैं। इसके अलावा आरबीआई सभी बैंक शाखाओं में निरीक्षण करती है और इसलिए केंद्रीय बैंक जिम्मेदारी से नहीं बच सकती है।   वेंकटचलम ने भारतीय रिजर्व बैंक के पुनर्गठन की भी मांग की, और कहा कि केंद्रीय बैंक पर शीघ्र सुधारात्मक कार्रवाई की जानी चाहिए। साभार-khaskhabar.com         

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मुंबई। देश के शेयर बाजारों में गुरुवार को गिरावट दर्ज की गई। प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स 25.36 अंकों की गिरावट के साथ 33,819.50 पर और निफ्टी 14.75 अंकों की गिरावट के साथ 10,382.70 पर बंद हुए।    बंबई स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) का 30 शेयरों पर आधारित संवेदी सूचकांक सेंसेक्स सुबह 27.77 अंकों की गिरावट के साथ 33,817.09 पर खुला और 25.36 अंकों या 0.07 फीसदी की गिरावट के साथ 33,819.50 पर बंद हुआ। दिनभर के कारोबार में सेंसेक्स ने 33,868.74 के ऊपरी और 33,691.42 के निचले स्तर को छुआ।   बीएसई के मिडकैप और स्मॉलकैप सूचकांकों में भी गिरावट रही। बीएसई का मिडकैप सूचकांक 89.32 अंकों की गिरावट के साथ 16,322.14 पर और स्मॉलकैप सूचकांक 76.41 अंकों की गिरावट के साथ 17,723.73 पर बंद हुआ।   नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का 50 शेयरों पर आधारित संवेदी सूचकांक निफ्टी सुबह 43.1 अंकों की गिरावट के साथ 10,354.35 पर खुला और 14.75 अंकों या 0.14 फीसदी की गिरावट के साथ 10,382.70 पर बंद हुआ। दिनभर के कारोबार में निफ्टी ने 10,397.55 के ऊपरी और 10,340.65 के निचले स्तर को छुआ।   बीएसई के 19 में से पांच सेक्टरों में तेजी रही, जिनमें रियल्टी (0.70 फीसदी), सूचना प्रौद्योगिकी (0.59 फीसदी), स्वास्थ्य सेवाएं (0.37 फीसदी), प्रौद्योगिकी (0.23 फीसदी) और बैंकिंग (0.13 फीसदी) शामिल रहे।    बीएसई के गिरावट वाले सेक्टरों में प्रमुख रहे - तेल और गैस (1.46 फीसदी), बिजली (1.11 फीसदी), ऊर्जा (0.98 फीसदी), दूरसंचार (0.95 फीसदी) और वाहन (0.90 फीसदी)।   साभार-khaskhabar.com     

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नई दिल्ली। रिलायंस जियो ने फास्ट कंपनी की 50 सबसे अभिनव कंपनियों (एमआईसी) की वार्षिक रैंकिंग की वैश्विक सूची में 2018 में 17वां स्थान हासिल किया है और यह भारत में सर्वाधिक अभिनव कंपनियों में पहले स्थान पर है। कंपनी ने एक बयान में मंगलवार को यह जानकारी दी।   रिलायंस जियो के निदेशक आकाश अंबानी ने कहा, ‘‘जियो के लांच के बाद से ही, हमारा लक्ष्य साहसपूर्ण और सरल रहा है और वह भारत के सभी लोगों के लिए ब्राडबैंड प्रौद्योगिकी को किफायती और पहुंच में लाना है।’’   उन्होंने कहा, ‘‘हमने भारतीय दूरसंचार क्षेत्र के पूर्ण परिवर्तन का लक्ष्य रखा है, जो हमारे ग्राहकों के लिए सबसे बेहतर उत्पादों, सेवाओं और मूल्य मुहैया कराने की हमारी प्रतिबद्धता से प्रेरित है और निरंतर नवाचार उस वादे को पूरा करने में एक प्रमुख भूमिका निभाता है।’’   जियो ने इस सूची में दुनिया की अन्य प्रमुख कंपनियों के साथ जगह बनाई है, जिनमें एप्पल, नेटफ्लिक्स, टेनसेंट, अमेजन, स्पॉटीफाई और कई अन्य शामिल हैं।   साभार-khaskhabar.com     

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मुंबई। देश के शेयर बाजारों में सोमवार को गिरावट दर्ज की गई। प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स 236.10 अंकों की गिरावट के साथ 33,774.66 पर और निफ्टी 73.90 अंकों की गिरावट के साथ 10,378.40 पर बंद हुए।    बंबई स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) का 30 शेयरों पर आधारित संवेदी सूचकांक सेंसेक्स सुबह 43.19 अंकों की तेजी के साथ 34,053.95 पर खुला और 236.10 अंकों या 0.69 फीसदी की गिरावट के साथ 33,774.66 पर बंद हुआ। दिनभर के कारोबार में सेंसेक्स ने 34,122.96 के ऊपरी और 33,554.37 के निचले स्तर को छुआ।   सेंसेक्स के 30 में आठ शेयरों में तेजी रही। कोल इंडिया (0.66 फीसदी), एक्सिस बैंक (0.57 फीसदी), इंफोसिस (0.46 फीसदी), रिलायंस (0.45 फीसदी) और एनटीपीसी (0.31 फीसदी) में सर्वाधिक तेजी रही।   सेंसेक्स के गिरावट वाले शेयरों में प्रमुख रहे - टाटा स्टील (5.82 फीसदी), एशियन पेंट्स(2.77 फीसदी), डॉ. रेड्डी (2.75 फीसदी), अडानी पोट्र्स (2.72 फीसदी) और एलटी (2.35 फीसदी)।   बीएसई के मिडकैप और स्मॉलकैप सूचकांकों में भी गिरावट रही। बीएसई का मिडकैप सूचकांक 173.69 अंकों की गिरावट के साथ 16,428.66 पर और स्मॉलकैप सूचकांक 178.67 अंकों की गिरावट के साथ 17,857.08 पर बंद हुआ।   नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का 50 शेयरों पर आधारित संवेदी सूचकांक निफ्टी सुबह 36.6 अंकों की तेजी के साथ 10,488.90 पर खुला और 73.90 अंकों या 0.71 फीसदी की गिरावट के साथ 10,378.40 पर बंद हुआ। दिनभर के कारोबार में निफ्टी ने 10,489.35 के ऊपरी और 10,302.75 के निचले स्तर को छुआ।   बीएसई के सभी 19 सेक्टरों में गिरावट रही। गिरावट वाले सेक्टरों में प्रमुख रहे -धातु (1.60 फीसदी), पूंजीगत वस्तुएं (1.56 फीसदी), उद्योग (1.34 फीसदी), आधारभूत सामाग्री (1.17 फीसदी) और रियल्टी (1.12 फीसदी)।    बीएसई में कारोबार का रुझान नकारात्मक रहा। कुल 689 शेयरों में तेजी और 2,061 में गिरावट रही, जबकि 163 शेयरों के भाव में कोई बदलाव नहीं हुआ।   साभार-khaskhabar.com     

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नई दिल्ली। कान्फेडरेशन ऑफ इंडियन टेक्सटाइल इंडस्ट्री (सीआईटीआई) के चेयरमैन संजय जैन ने इस साल के शुरुआती महीने जनवरी में भारत के वस्त्र एवं परिधान निर्यात में गिरावट और आयात में इजाफा होने पर निराशा जाहिर की है। उन्होंने कहा कि जीएसटी लागू होने पर वस्त्र, परिधान व धागों का आयात सस्ता हो गया है।    उन्होंने शुक्रवार को जारी एक विज्ञप्ति में कहा कि पिछले साल की समान अवधि के मुकाबले देश से वस्त्र एवं परिधान के निर्यात में जनवरी 2018 में 13 फीसदी की गिरावट आई है जो निराशाजनक है।      भारत ने बीते महीने में कुल 18,588 करोड़ रुपये मूल्य का वस्त्र एवं परिधान निर्यात किया जबकि जनवरी 2017 में देश के वस्त्र एवं परिधान निर्यात का मूल्य 21,467 करोड़ रुपये था।    भारत ने जनवरी 2017 में 6,355 करोड़ रुपये का वस्त्र निर्यात किया था जो इस साल जनवरी में 16 फीसदी घटकर 5,369 करोड़ रुपये रह गया। इसी प्रकार भारत ने बीते साल जनवरी में 10,373 करोड़ रुपये मूल्य का परिधान निर्यात किया था जो जनवरी 2018 में 14 फीसदी घटकर 8,883 करोड़ रुपये रह गया।    जैन ने वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) लागू होने पर वस्त्र आयात में बढ़ोतरी पर चिंता जाहिर की। उन्होंने बताया कि टेक्सटाइल यार्न, फैब्रिक और तैयार परिधानों का आयात बीते वित्तवर्ष 2017 के अप्रैल से जनवरी के बीच 8,592 करोड़ रुपये मूल्य का हुआ था, जो इस इस वित्तवर्ष की समान अवधि में 15 फीसदी बढक़र 9,914 करोड़ रुपये मूल्य का हो गया। उन्होंने कहा कि इसस भारतीय उद्योग के लिए संकट पैदा हो गया है। जैन के मुताबिक, जीएसटी लागू होने के बाद आयात शुल्क में कमी होने से इन उत्पादों का आयात सस्ता हो गया है।  साभार-khaskhabar.com       

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नई दिल्ली। पिछले महीने जनवरी में देश के आयात व निर्यात में मासिक आधार पर नरमी दर्ज की गई है। गुरुवार को जारी आंकड़ों के मुताबिक, भारत का निर्यात जनवरी 2018 में 24.38 अरब डॉलर रहा, जो दिसंबर 2017 के 27.03 अरब डॉलर से 9.80 फीसदी कम है।    हालांकि, वार्षिक आधार पर देखें तो पिछले साल की जनवरी के मुकबले देश के निर्यात में 9.07 फीसदी का इजाफा हुआ है। जनवरी 2017 में भारत ने कुल 22.35 अरब डॉलर मूल्य का निर्यात किया था।    केंद्रीय उद्योग एवं वाणिज्य मंत्रालय की ओर से जारी आंकड़ों के मुताबिक, जनवरी 2018 में डॉलर के मूल्य में पिछले साल की समान अवधि की तुलना में भारत का निर्यात 9.07 फीसदी बढ़ा। मंत्रालय ने कहा, ‘‘अगस्त 2016 से जनवरी 2018 के दौरान भारत का निर्यात सकारात्मक स्थिति में रहा, हालांकि अक्टूबर 2017 में 1.1 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई थी।’’   आयात में भी मासिक आधार पर जनवरी 2018 में 2.93 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई। जनवरी 2018 में भारत ने कुल 40.68 अरब डॉलर का आयात किया, जबकि दिसंबर 2017 में 41.91 अरब डॉलर का आयात किया गया था।    हालांकि, वार्षिक आधार पर देश के आयात में 26.10 फीसदी की वृद्धि हुई है। जनवरी 2017 में भारत ने कुल 32.26 अरब डॉलर का आयात किया था।    वार्षिक आधार पर आयात व निर्यात में बढ़ोतरी होने के परिणामस्वरूप भारत का व्यापार घाटा जनवरी 2018 में बढक़र 16.29 अरब डॉलर हो गया है, जबकि पिछले साल जनवरी में देश का व्यापार घाटा 9.90 अरब डॉलर था।    साभार-khaskhabar.com     

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नई दिल्ली। भारत सरकार के खनन मंत्रालय के तहत नवरत्न कंपनी एवं अल्युमिना और अल्युमिनियम की देश की अग्रणी विनिर्माता एवं निर्यातक ‘पीएसयू’ राष्ट्रीय अल्युमिनियम कंपनी लिमिटेड (नाल्को) ने वित्त वर्ष 2017-18 की तीसरी तिमाही में 722 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ अर्जित किया है, जोकि इससे पहले की तिमाही के दौरान 235 करोड़ रुपये था, और पिछले वर्ष की समान तिमाही के दौरान 144 करोड़ रुपये था।    कंपनी ने शनिवार को एक बयान में कहा कि तीसरी तिमाही के दौरान शुद्ध बिक्री 2360 करोड़ रुपये की थी। इसके साथ ही, कंपनी पिछले 10 वर्षों के दौरान एक तिमाही में अब तक की सर्वाधिक शुद्ध लाभ की संख्या को पार करने में भी सफल हो गई है।   बयान में कहा गया है कि इसी प्रकार, 2017 के दिसंबर में समाप्त होने वाली नौ महीनों की अवधि के दौरान शुद्ध लाभ 1085 करोड़ रुपये (171 प्रतिशत की बढ़ोतरी) रहा, जबकि पिछले वित्त वर्ष की इसी अवधि के दौरान यह संख्या 400 करोड़ रुपये रहा था। वित वर्ष के नौ महीनों के दौरान शुद्ध बिक्री 6538 करोड़ रुपये की रही, जबकि पिछले वित्त वर्ष की इसी अवधि के दौरान यह 5071 करोड़ रुपये थी।   बयान के अनुसार, चालू वित्त वर्ष के पहले नौ महीनों के दौरान नाल्को ने 54.40 लाख टन बॉक्साइट का उत्पादन किया है, जबकि पिछले वित्त वर्ष की इस अवधि के दौरान यह 53.23 लाख टन था।   नाल्को के अध्यक्ष और प्रबंध निदेशक डॉ. तपन कुमार चांद ने कहा,‘‘सरकार की मजबूत मौद्रिक नीति एवं मांग-आपूर्ति गतिशीलता के बेहतर होने, निर्माण तथा पॉवर क्षेत्रों में बढ़ोतरी होने एवं ऑटोमोबाइल क्षेत्रों में और वैश्विक रूप से अल्युमिनियम की कीमतों में तेजी आने की वजह से हमें उम्मीद है कि हम अगली बार भी ऐसा ही वित्तीय परिणाम दर्ज करा सकने में सफल होंगे।’’   साभार-khaskhabar.com     

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कोलकाता। सरकारी यूको बैंक ने 31 दिसंबर, 2017 को खत्म हुई तिमाही में 1,016.43 करोड़ रुपये का नुकसान दर्ज किया है, जबकि एक साल पहले कंपनी को समान तिमाही में 437.09 करोड़ रुपये का घाटा हुआ था।    फंसे हुए कर्ज के लिए उच्च प्रावधान करने के कारण बैंक के मुनाफे को चपत लगी है। समीक्षाधीन अवधि में बैंक के परिचालन मुनाफे में पिछले साल की समान अवधि की तुलना में 58.5 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई।   बैंक ने बताया कि समीक्षाधीन अवधि में उसकी ब्याज आय घटकर 3,449.55 करोड़ रुपये रही, जबकि एक साल पहले की समान अवधि में यह 4192.47 करोड़ रुपये थी।    समीक्षाधीन तिमाही में कर और आकस्मिकताओं के अलावा अन्य प्रावधान 1,385.38 करोड़ रुपये रहे, जबकि पिछले साल की समान तिमाही में यह 1,326.05 करोड़ रुपये थी।   इस दौरान बैंक के सकल गैर निष्पादित परिसंपत्तियां (फंसा हुआ कर्ज या एनपीए) 14.43 फीसदी बढक़र 25,382.40 करोड़ रुपये हो गईं, जबकि सकल एनपीए कुल कर्ज का 20.64 फीसदी रहा, जबकि वित्त वर्ष 2016-17 की तीसरी तिमाही में यह 17.18 फीसदी था।   समीक्षाधीन अवधि में बैंक का एनपीए अनुपात 10.90 फीसदी हो गया, जबकि पिछले वित्त वर्ष की समान तिमाही में यह 8.99 फीसदी था। साभार-khaskhabar.com     

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मुंबई। मुंबई। देश के शेयर बाजार के शुरुआती कारोबार में शुक्रवार को तेज गिरावट का रुख है। सेंसेक्स करीब 550 अंक लुढक़ा तो निफ्टी भी 165 अंक टूट गया। भारतीय शेयर बाजार में गिरावट का कारण खराब वैश्विक संकेत हैं। सेंसेक्स और निफ्टी 1.5 प्रतिशत गिरकर कारोबार कर रहे हैं। बाजार का हाल यह है कि बीएसई के हर 10 में से 8 स्टॉक्स लाल निशान पर ट्रेड कर रहे हैं। बाजार खुलने के शुरुआती कुछ मिनटों में निवेशकों के 2.24 लाख करोड़ रुपये डूब गए।   शुरुआती कारोबार में ही सेंसेक्स 34,000 के मनोवैज्ञानिक स्तर से नीचे फिसल गया है। प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स सुबह 10.10 बजे 440.93 अंकों की गिरावट के साथ 33,972.23 पर और निफ्टी भी लगभग इसी समय 139.25 अंकों की गिरावट के साथ 10,437.60 पर कारोबार करते देखे गए।   बम्बई स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) का 30 शेयरों पर आधारित संवेदी सूचकांक सेंसेक्स सुबह 410.71 अंकों की गिरावट के साथ 34,002.45 पर, जबकि नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का 50 शेयरों पर आधारित संवेदी सूचकांक निफ्टी 160.35 अंकों की गिरावट के साथ 10,416.50 पर खुला।   साभार-khaskhabar.com       

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मुंबई। देश का आम बजट पेश होने के बाद से देश के शेयर बाजारों में जारी गिरावट के बाद बुधवार को शेयर बाजारों के शुरुआती कारोबार में मजबूती का रुख है। प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स सुबह 10.10 बजे 128.61 अंकों की मजबूती के साथ 34,324.55 पर और निफ्टी भी लगभग इसी समय 46.70 अंकों की बढ़त के साथ 10,544.95 पर कारोबार करते देखे गए।    बम्बई स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) का 30 शेयरों पर आधारित संवेदी सूचकांक सेंसेक्स सुबह 367.36 अंकों की तेजी के साथ 34563.30 पर, जबकि नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का 50 शेयरों पर आधारित संवेदी सूचकांक निफ्टी 108.95 अंकों की मजबूती के साथ 10,607.20 पर खुला।   साभार-khaskhabar.com   

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नई दिल्ली। भारत की लिए अपनी पुनर्गठन योजना की पुष्टि करते हुए चीनी स्मार्टफोन निर्माता जियोनी ने शनिवार को कहा कि कंपनी भारत में अपना परिचालन बंद नहीं कर रही है।    जियोनी इंडिया के वैश्विक बिक्री निदेशक डेविड चांग ने आईएएनएस की रिपोर्ट ‘जियोनी वित्तीय संकट में, भारतीय कारोबार पर असर संभव’ पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि कंपनी भारत में टिकने के लिए आई है।    चांग ने आईएएनएस को बताया, ‘‘हम अपने भारतीय दल के पुनर्गठन की प्रक्रिया में हैं और बाजार में अपने ब्रांड के लिए पूरी तरह से अलग व्यापार मॉडल लेकर आएंगे।’’   सूत्रों ने शुक्रवार को बताया था कि  कंपनी अपने भारतीय परिचालन को घटा सकती है तथा वृद्धि हासिल करने के लिए एक अलग बिजनेस मॉडल को लेकर आएगी।    चांग ने कहा, ‘‘हम भारतीय बाजार में अपनी उपस्थिति को लेकर उतना ही उत्साहित हैं और सभी जियोनी प्रेमियों को आश्वस्त करना चाहेंगे कि हम यहां बने रहने के लिए आए हैं।’’   काउंटरप्वाइंट रिसर्च के मुताबिक कंपनी की भारतीय स्मार्टफोन बाजार में साल 2017 में 2.2 फीसदी हिस्सेदारी रही है।    चीनी मीडिया ने जनवरी में जानकारी दी थी कि एक स्थानीय अदालत ने जियोनी के अध्यक्ष और मुख्य कार्यकारी अधिकारी लियु ली रोंग के 41.4 फीसदी शेयरों को दो सालों के लिए जब्त कर लिया है।    हालांकि इसके पीछे की सही जानकारी अभी तक सार्वजनिक नहीं की गई है, लेकिन कुछ मीडिया रपटों का कहना है कि इसका कारण ‘जुए में हारने के कारण चढ़ी उधारी है।’   निक्केई एशियन रिव्यू की मध्य जनवरी की रपट में बताया गया है कि कथित तौर पर वित्तीय संकट के कारण कंपनी को अपने आपूर्तिकर्ताओं का भुगतान करने में भी कठिनाई आ रही है।   इससे पहले, भारत में पांच सालों तक घरेलू कारोबार को चलाने वाले जियोनी इंडिया के मुख्य कार्यकारी अधिकारी और प्रबंध निदेशक अरविंद वोहरा ने पिछले अगस्त में इस्तीफा दे दिया था। वोहरा अभी भी कंपनी के कार्यकारी निदेशक बने हुए हैं।    जियोनी के वैश्विक बिक्री निदेशक डेविड चांग अब भारतीय कारोबार की अगुवाई कर रहे हैं।    साभार-khaskhabar.com       

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