जयपुर । मुख्यमंत्री वसुन्धरा राजे ने विधानसभा में एप्रोप्रिएशन बिल पर जवाब देते हुए निम्न महत्वपूर्ण घोषणाएं की हैं:- राजस्व प्राप्ति के लक्ष्य की पूर्ति हेतु सरकार द्वारा एमनेस्टी स्कीम लागू की गई जिसके सकारात्मक परिणाम सामने आये हैं। इसी क्रम में अब आबकारी विभाग से संबंधित एमनेस्टी स्कीम लायी जायेगी।
उद्योग एवं व्यापार जगत की मांग पर कर अदायगी संबंधी प्रक्रिया को और अधिक सरलीकृत किया जाकर विशेष अभियान चलाया जायेगा। जीएसटी लागू होने से पहले लग्जरी व एंटरटेनमेंट टैक्स वसूली के लिए एमनेस्टी स्कीम लाई जाएगी। लीव और लाइसेंस एग्रीमेंट के दस्तावेजों पर भी रजिस्ट्रेशन फीस को एक प्रतिशत से घटा कर स्टांप ड्यूटी का 20 प्रतिशत किया गया है।
197 करोड़ की लागत से होगा पुलों का निर्माण
आम जनता की मांग एवं उनकी सुविधा को ध्यान में रखते हुए पूर्व में बजट में की गई घोषणा के अतिरिक्त 197 करोड़ रूपये की लागत से निम्न पुलों का निर्माण व 106 किमी लम्बाई में सड़कों के विकास कार्य किये जायेगें-
बांसवाड़ा-डूंगरपुर बोरेष्वर पुल का निर्माण- 58.90 करोड़।
सिलोही-नीलकंठ महादेव वान्दखेड- मोरन नदी पर पुल निर्माण - 37 करोड़।
करौली से कैला देवी सड़क निर्माण- लम्बाई 16 किमी- लागत 24 करोड़।
पाली जिले में चाणोद-लापोद-केनपुरा-रानी-मुण्डरा की मेगा सड़क- लम्बाई 51 किमी- लागत 32 करोड़।
चित्तौड़गढ़ जिले के भावलिया चैराहा से जालोदा सड़क- लम्बाई 38.50 किमी- लागत 45 करोड़।
झालावाड़ जिले की कैनाल-माल्याखेड़ा सड़क- लम्बाई 0.7 किमी- लागत 41 लाख
तीर्थस्थलों का विकास होगा, सड़कें बनेगी
राजस्थान के प्रमुख तीर्थ स्थलों यथाः श्री खाटूष्याम जी, श्री डिग्गी कल्याण जी मालपुरा, श्री मेहन्दीपुर बालाजी, श्री रूपनारायण सेवन्तरी, श्री मातृकुण्डिया आदि में मेंलो, त्यौहारों और धार्मिक आयोजनों में नियमित रूप में कुल मिलाकर तकरीबन एक करोड़ यात्री पूरे वर्ष के दौरान पूजा अर्चना एवं दशनार्थ आते हैं।
भरतपुर में प्रसिद्ध गोवर्धन मंदिर की 84 कोसीय परिक्रमा मार्ग एवं सप्त कोसीय परिक्रमा मार्ग के विकास कार्य हेतु पिछले बजट में 103 करोड़ रूपये की घोषणा की गई थी । इसमें 37 ब्त के कार्यादेश दिए जाकर काम शुरू कर दिए गए है। इस राशि के अलावा 199 ब्त की अतिरिक्त स्वीकृति दे दी गई है। इस प्रकार गोवर्धन परिक्रमा र्मा विकास हेतु कुल 236 ब्त की राशि व्यय की जाएगी। इसी क्रम में इन तीर्थ स्थलों पर यात्रियों के सुगम आवागमन एवं सुविधार्थ जुड़े हुये कस्बों की स्थानीय, आंतरिक, सी.सी. रोड़ और बाहरी सड़कों के निर्माण, सुदृढ़ीकरण, सड़कों के विस्तारीकरण तथा बाईपास के निर्माण इत्यादि कार्य करवाये जाने हेतु 165.00 करोड़ रूपये के निम्न सड़क निर्माण की जाएगी जिसमें खाटूश्यामजी में ही बाहरी व नवीन सड़के बनाई जायेंगी जिसकी लम्बाई 6.4 किमी और लागत 23.86 करोड़ होगी। डिग्गी कल्याणजी में 4.6 किमी सड़क बनेगी जिसकी लागत - 18.63 करोड़ होगी। साथ ही वहां नवीन प्रस्तावित सड़के लम्बाई 4.9 किमी लागत 35.68 करोड़। पुष्कर से बूढा पुष्कर तक सड़क का सुदृढीकरण एवं विकास कार्य होगा जो 7 किमी लम्बा - लागत 35 करोड़।
मेंहदीपुर बालाजी- सड़क विकास के विभिन्न कार्य होंगे।
रूपनारायण सेवन्तरी- सड़क विकास कार्य- लम्बाई 10 किमी- लागत 8 करोड़ मातृकुण्डिया- राशमी से नवलपुरा सड़क विकास कार्य- लम्बाई 10 किमी - लागत 8 करोड़
95 नगरीय निकायों में नवीन अग्निशमन केन्द्
राज्य के 191 नगरीय निकायों में से 95 नगरीय निकायों में अग्निशमन केन्द्र एवं 50 नगरीय निकायों में अग्निशमन वाहन संचालित नहीं हैं
आगामी एक वर्ष में 95 नगरीय निकायों में 23 करोड़ की लागत से नवीन अग्निशमन केन्द्रों की स्थापना की जावेगी तथा आगामी 6 माह में 50 नगरीय निकायों को 3000 लीटर क्षमता के 9 करोड़ के अग्निशमन वाहन उपलब्ध कराये जावेगें। बहुमंजिला इमारतों में भीषण आगजनी की दुर्घटनाओं से निपटने के लिये आपदा प्रबंधन एवं सहायता विभाग द्वारा नगर निगम जयपुर के लिये 90 मीटर, नगर निगम जोधपुर के लिये 70 मीटर एवं नगर परिषद भिवाड़ी के लिये 60 मीटर ऊंचाई की लगभग 50 करोड़ की लागत से हाइड्रोलिक प्लेटफार्म उपलब्ध कराये जावेगें।
पेयजल एवं सीवरेज 150 करोड़ के कार्य
शाहपुरा, जिला भीलवाड़ा एवं शाहपुरा, जिला जयपुर में पेयजल एवं सीवरेज के लगभग 150 करोड़ के कार्य कराये जायेगें। नगर निकायों द्वारा उनके क्षेत्र में आंतरिक सड़कों के मरम्मत एवं रख-रखाव की लंबे समय से माँग की जा रही है। हमने अपने बजट भाषण में स्थानीय निकाय की प्रमुख सड़कों को शहरी गौरव पथ के रूप में विकसित करने हेतु 450 करोड़ रुपए से भी अधिक का प्रावधान किया है। इसी क्रम में अब मैं स्थानीय निकायों के आंतरिक सड़कों एवं नालियों के मरम्मत/रख-रखाव/नवीनीकरण हेतु आगामी दो वर्षों में लगभग 250 करोड़ रुपए का प्रावधान रखा गया है। निम्बाहेड़ा में पुनर्गठित पेयजल स्कीम हेतु द्वितीय फेज की पेयजल योजना के बनायी जायेगी।
नौ नई तहसीलें बनेगी
रावला (श्रीगंगानगर), सुनेल, बकानी (झालावाड़), धनाउ(चैहटन) (बाड़मेर), मण्डावर (दौसा), बापिनी, देचू (जोधपुर), भिण्डर (उदयपुर), बज्जू (बीकानेर) को नई तहसीलें बनाने की घोषणा करती हूँ।
ट्रोमा अस्पताल की क्षमता बढ़ेगी
शाहपुरा जयपुर के ट्रोमा हाॅस्पिटल की क्षमता 75 से 100 बढ़ायी जायेगी
डीडवाना अस्पताल की क्षमता चरणबद्ध रूप से 150 से 300 शैय्या की जायेगी
पावटा एवं विराटनगर सीएचसी की क्षमता 30 से बढ़ा कर 50 शैय्या की जायेगी। डबोक पीएचसी को सीएचसी में क्रमोन्नत किया जाएगा
मानगढ़ धाम पर संग्रहालय निर्माण
ब्रिटिश सरकार द्वारा किये गये बर्बर नरसंहार में सैकड़ों आदिवासी मानगढ़ धाम में शहीद हुये थे, जिनकी स्मृति में मानगढ़ धाम के संपूर्ण विकास का मास्टर प्लान बना लिया गया है।
इसके तहत प्रथम चरण में वर्ष 2016-17 के बजट में मानगढ़ धाम पर संग्रहालय निर्माण की घोषणा की गई थी। ‘गोविन्द गुरू राष्ट्रीय जनजाति संग्रहालय’ के निर्माण हेतु वित्तीय वर्ष 2017-18 में राज्य सरकार द्वारा 5 करोड़ रूपये उपलब्ध करायी जावेगी।
पन्नाधाय (राजसमंद), अलीबक्ष (अलवर), वीर तेजाजी (खरनाल), स्वतंत्रता संग्राम (पाली), हाडौती (बारां), मावजी महाराज (डूंगरपुर), करनी माता (बीकानेर) चंदवतंउं स्थलों पर सड़क निर्माण एवं नाला निर्माण पर 6 करोड़ से भी अधिक राशि व्यय कर विकास कार्य करवाये जायेगें।
नए महाविद्यालय स्थापित होंगे
टोडारायसिंह, मालपुरा (टोंक), खानपुर (झालावाड़), सीमलवाड़ा (डूंगरपुर) एवं पोखरण (जैसलमेर) में नए महाविद्यालय स्थापित होंगे। कालाडेरा महाविद्यालय, चौमूं में रसायन शास्त्र में स्नातकोत्तर कक्षायें प्रारम्भ की जाएगी।
बफर जोन में रहने वालों को गैस कनेक्शन मिलेंगे
रणथम्भौर के बफर एरिया में स्थित आमली फोरेस्ट ब्लाॅक की सुरक्षा दीवार बनाने हेतु आगामी वर्ष 2017-18 में 18 करोड़ रूपये की राषि उपलब्ध कराई जाएगी।झुंझनू जिले की खेतड़ी तहसील में स्थित 7018 हैक्टेयर रक्षित वन भूमि को बांसियाल-खेतड़ी घोषित किया गया है। इस रिजर्व में वन एवं वन्यजीवों की सुरक्षा एवं संरक्षण पर वर्ष 2017-18 में 2 करोड़ 30 लाख रूपये व्यय की जायेगी। सरिस्का, मुकन्दरा व झालाना में वन एवं वन्यजीवों की सुरक्षा एवं संरक्षण के लिए वर्ष 2017-18 में 15 करोड़ रूपये की अतिरिक्त राशि व्यय की जाएगी। पिछले बजट भाषण में मैंने यह घोषणा की थी कि रणथम्भौर, सरिस्का व मुकन्दरा हिल के निकटवर्ती गांवों में 100 प्रतिशत अनुदान पर 40 हजार नये गैस कनेक्शन दिये जायेंगे। चालू वित्तीय वर्ष में 40 हजार से भी अधिक (44000) परिवारों को गैस कनेक्शन प्रदान कर दिये हैं। आगामी वित्तीय वर्ष 2017-18 में इस योजना के अन्तर्गत मैं 50 हजार अतिरिक्त परिवारों को 100 प्रतिशत अनुदान पर नये गैस कनेक्शन दिए जाएंगे।
जिला पश्चिम, आयुक्ताल जोधपुर में नया पुलिस थाना - देवनगर का सृजन किया जाएगा। जयपुर का थ्री डी सिटी मॊडल बनाया जाएगा
भामाशाह योजना के प्रदेशव्यापी विस्तार के कारण राजस्थान डिजीटल पैमेंट में देश में अग्रणी स्थान रखता है। राज्य में हमारे द्वारा 23,000 (तेईस हजार) से अधिक माइक्रो एटीएम स्थापित किये गये हैं, जो कि देश में सर्वाधिक है। इस सुविधा को और बढ़ाते हुये, एक वृहत रूप दे कर, प्रदेशवासियों को कैषलैस भुगतान लेने और देने के लिये अधिक समर्थ बनाने के उद्देष्य से ई-मित्र संचालकों और छोटे ट्रेर्डस को 10000 टेबलेट्स अथवा पोस मशीन के माध्यम से विभिन्न कार्डस (डेबिट, क्रेडिट, प्रीपेड), डिजीटल वालेट (ईवालेट्स), इंटरनेट बैकिंग, यूनीफाइड पेमेंट इंटरफेस (यूपीआई), यूएसएसडी, बैकिंग एप्स, बायोमेट्रिक आधारित आधार पेमेंट इत्यादि सभी तरह के कैशलेस लेन-देन के लिये सक्षम बनाया जायेगा।
हमारी सरकार शहरी विकास को नये आयाम देने के लिये शहरों को स्मार्ट बनाने के लिये कई कदम उठा रही है। इस क्रम में जयपुर का जीआईएस आधारित थ्री डी सिटी मॊडल बनाया जाएगा। थ्री डी जयपुर सिटी सुनियोजित प्लानिंग के साथ साथ आपदा प्रबंधन के क्षेत्र में भी दक्षता का विकास संभव होगा। इसके अतिरिक्त थ्रीडी आधारित बिल्डिंग प्लान एप्रूवल के लिए बिल्डिंग इन्फारमेंशन मैनेजमेंट, (बीआईएम) सिस्टम भी डवलप किया जाएगा।
साभार-khaskhabar.com
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