BREAKING NEWS

स्विट्ज़रलैंड: पहाड़ों पर कुदरत का करिश्मा, मशीनों का जलवा और हम सबको ‘आज खाने में क्या है की चिंता?’ || लखनऊ : अखिलेश का दावा, SIR पर चुनाव आयोग में ही मतभेद, बताया- लोकतंत्र के लिए घातक || चेन्नई : राहुल गांधी अगले महीने तमिलनाडु में कर सकते हैं 'छात्रों की गूंज' कार्यक्रम || उत्तर प्रदेश : गोंडा में मुठभेड़ के बाद तीन गौतस्कर गिरफ्तार, बहराइच में शातिर अपराधी पुलिस की गोली लगने से घायल

नई दिल्ली। पश्चिम बंगाल में हनुमान जयंती के अवसर पर निकाले गए जुलूस पर लाठीचार्ज के मामले में एक बीजेपी नेता ने ममता बनर्जी का सिर काटकर लाने वाले को 11 लाख रुपए का ईनाम देने का ऐलान किया है। गौरतलब है कि पश्चिम बंगाल के बीरभूम में हिंदू जागरण मंच के कार्यकर्ताओं और पुलिस के बीच हिंसक झडप के बाद तनाव का माहौल है। इस पर अलीगढ के बीजेपी यूथ विंग के नेता योगेश वार्षणे ने ऐलान किया है कि जो कोई भी ममता बनर्जी का सिर काट कर ले आएगा, वह उसे 11 लाख रुपये देंगे।  क्या है विवाद: हनुमान जयंती के अवसर पर मंगलवार सुबह हिंदू जागरण मंच के सैकडों कार्यकर्ता जय श्री राम के नारों के साथ जुलूस निकाला। पुलिस ने उन्हें जुलूस की इजाजत नहीं दी थी। बिना इजाजत जुलूस निकालने पर सूरी के बस स्टैंड के पास पुलिसकर्मियों ने जुलूस को रोका। जुलूस रोकने पर हिंदू जागरण मंच के कार्यकर्ताओं और पुलिस के बीच बहस हो गई। ने पर आमादा हो गए। बहस इतनी बढ गई कि थोडी ही देर में हाथापाई की नौबत आ गई। इसके बाद पुलिस को गुस्साए कार्यकर्ताओं को काबू में करने के लिए लाठीचार्ज करना पडा। इससे इलाके में तनाव हो गया। इसके बाद वहां रेपिड एक्शन फोर्स को तैनात किया गया है।  रैली की इजाजत मांगी थी: बीजेपी बीजेपी का कहना है कि उसने प्रशासन से हनुमान जयंती के मौके पर रैली की इजाजत मांगी थी लेकिन बीरभूम पुलिस ने अनुमति नहीं दी और धारा-144 लागू कर दी। इस पर बीजेपी नेता रैली में शामिल होने नहीं आए, लेकिन हिंदू जागरण मंच के वर्कर जुलूस निकाल साभार-khaskhabar.com

Read More

गोरखपुर। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को उनके समर्थक कई रूपों में प्रस्तुत कर चुके हैं। चुनाव के दौरान भी योगी के समर्थक उन्हें कभी सिंघम तो कभी राम और कृष्ण के रूप में दिखा चुके हैं। मंगलवार को हनुमान जयंती के अवसर पर योगी के एक मुस्लिम समर्थक ने उनके हनुमान स्वरूप का एक पोस्टर जारी किया है। सोशल मीडिया पर योगी हनुमान के रूप में हाथों में राममंदिर लिए नजर आ रहे हैं। यह पोस्टर भाजपा अल्पसंख्यक मोर्चा की पूर्व प्रदेश कार्यसमिति के सदस्य इरफान अहमद ने पोस्ट की है। वह इस पोस्टर के माध्यम से हनुमान जयंती की शुभकामनाएं दे रहे हैं। दरअसल, योगी के मुख्यमंत्री बनने के बाद राममंदिर को लेकर एक बार फिर हिंदू संगठनों की मांग तेज हो गई है। ऐसे में हनुमान जयंती के अवसर पर इरफान ने योगी की फोटो को हनुमान के रूप में तैयार कर दिया। योगी इस फोटो में हनुमान की तरह हाथों में द्रोणागिरी पर्वत को नहीं, बल्कि लाखों हिंदुओं के श्रद्धा का केंद्र राम मंदिर को हाथों में उठाए हुए हैं। यह फोटो सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रही है। साभार-khaskhabar.com

Read More

गुरुग्राम। जदयू के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष व सांसद शरद यादव की बेटी सुभाषिनी बुंदेला और कैबिनेट मंत्री राव नरवीर सिंह के भतीजे राजकमल यादव के अरावली पहाड़ी की तलहटी में बने स्कूल का बोरवेल सील कर दिया है। स्कूल प्रबंधन ने इस कार्रवाई को राजनीति से प्रेरित बताया है। जदयू के सांसद शरद यादव की बेटी सुभाषिनी बुंदेला का गैरतपुर बांस में डीपीएस अरावली व‌र्ल्ड स्कूल है। सुभाषिनी स्कूल की चैयरपर्सन हैं। शरद यादव के दामाद राजकमल इस स्कूल के एमडी हैं। राजकमल कैबिनेट मंत्री राव नरवीर सिंह के छोटे भाई कमलवीर सिंह के पुत्र हैं। स्कूल का निर्माण इसी सत्र में किया गया है। मंगलवार की सुबह बादशाहपुर के थाना प्रभारी राजेंद्र कुमार, ग्राम सचिव व डीटीपी राजेंद्र शर्मा की टीम स्कूल में पहुंची। स्कूल का बोरवेल सील कर दिया गया। हमारे खेत में बोरवेल काफी पुराना लगा हुआ है। स्कूल की इमारत बनाने के लिए हुडा के ट्रीटमेंट प्लांट से पानी लिया है। उसके बिल की पर्ची उनके पास है। प्रशासन ने राजनीति से प्रेरित होकर उनको परेशान कर रहा है। -कमलवीर सिंह  जदयू के प्रदेशाध्यक्ष व शरद यादव के समधी। कर्मिशियल गतिविधियों में लिप्त सभी बोरवेल को सील किया जा रहा है। पिछले सप्ताह सीएम फ्लाइंग के छापे के बाद ये प्रकिया शुरू कर दी गई थी। इसी प्रकिया में ही गैरतपुर बांस में भी बोरवेल सील किया गया है। इसके अलावा आज आसपास के गांवों में 8-10 बोरवेल सील किए गए हैं। जरनैल सिंह। खंड एंव पंचायत विकास अधिकारी, सोहना।  साभार-khaskhabar.com

Read More

इलाहाबाद । तत्काल टिकट कैसिंल कराने पर आधा पैसा रेलवे से रिफंड होने की खबर ने खूब भूचाल मचाया हुआ है। इस योजना से वाहवाही के चक्कर में रेलमंत्री सुरेश प्रभु के ट्विटर एकाउंट से भी रीट्वीट हुआ। फिर क्या था पूरे सोशल मीडिया पर खबर वायरल हो गयी। वाहवाही लूटने के चक्कर में रेलमंत्री द्वारा रीट्वीट करने से यह खबर सोशल मीडिया में सबसे बड़ी हिट बन गयी और लोगों ने धड़ाधड़ कमेंट कर रेलमंत्री को ट्वीट के माध्यम से धन्यवाद देना शुरू कर दिया।  लेकिन रेलवे अफसरों को जब इसकी भनक लगी तो उनके भी हाथ पांव फूलने लगे। क्योंकि बोर्ड स्तर तत्काल टिकट कैंसिल कराने पर आधा पैसा देने का कोई निर्णय हुआ ही नहीं है। गलती सामने आने पर रीट्वीट की गई खबर को रेलमंत्री के ट्विटर एकाउंट से तुरंत हटा लिया गया। लेकिन तब तक बड़ी संख्या में फॉलोअर्स का कमेंट जारी था। अचानक से प्रभू का रीट्वीट हटा तो लोगों ने प्रभू की किरकिरी भी शुरू कर दी।   नियम की आई थी खबर दरअसल रविवार दोपहर तत्काल रिफंड से जुड़े नये नियम की खबर कुछ वेबसाइट्स पर आई तो खबर सुर्खियां बटोरने लगी। इसी बीच रेल मंत्री सुरेश प्रभु और रेल मंत्रालय को ट्वीट कर दिया गया। इसमें बताया गया कि एक जुलाई 2017 से तत्काल टिकट रिफंड करने पर आधा पैसा मिलेगा। इस खबर में एक जुलाई से लागू होने वाले कई अन्य नये नियमों के भी बारे में बताया गया। रेलमंत्री के ट्विटर एकाउंट पर जब ये खबर पहुंची तो उसे बिना किसी जांच पड़ताल के रीट्वीट कर दिया गया। रेलमंत्री के ट्विटर एकाउंट से खबर रीट्वीट होते ही सोशल मीडिया में छा गई।   लाखों लोगों तक पहुंचा संदेश दरअसल रेलमंत्री के ट्विटर एकाउंट से लाखों की संख्या में फालोअर्स जुड़े है। रेलमंत्री सुरेश प्रभु और मिनिस्टरी ऑफ रेलवे के ट्विटर एकाउंट से जुड़े फालोअर्स की संख्या 51 लाख है। इसमें 26 लाख फालोअर्स सिर्फ रेलमंत्री सुरेश प्रभु के ही हैं, जबकि मिनिस्टरी ऑफर रेलवे के ट्विटर एकाउंट से जुड़े फालोअर्स की संख्या 25 लाख है। रेलवे से जुड़ी सभी सकारात्मक गतिविधियां एवं सूचनाएं ट्विटर के माध्यम से ही साझा की जाती है। यात्री संबंधी तमाम समस्याओं का समाधान भी ट्विटर के माध्यम से रेलवे द्वारा लंबे समय से किया जा रहा है। जब प्रभू के एकाउंट से रीट्वीट हुआ तो यह पुख्ता हो गया कि खबर पक्की है। फालोअर्स प्रभू को बधाई देने लगे। क्योंकि यह बहुत बड़ी खबर और योजना थी। देखते ही देखते ट्वीटर से लेकर व्हाटसप फेसबुक पर भी खबर दौड़ने लगी और प्रभू की वाहवाही होने लगी। लेकिन विभाग की नजर पड़ी तो हड़कंप मच गया। क्योंकि बोर्ड में ऐसा कोई निर्णय या योजना पर चर्चा ही नहीं हुई थी। फिर क्या था... प्रभू के रिट्वीट को हटाया गया तो फॉलोअर्स ने प्रभू की फजीहत भी शुरू कर दी।   रेलवे बोर्ड के एडीजी पीआर ने किया इनकार मामले में रेलवे बोर्ड के एडीजी पीआर अनिल सक्सेना ने बताया कि रेलवे बोर्ड द्वारा इस तरह का कोई भी निर्णय नहीं लिया गया है। फिलहाल "भूलवश यह खबर रेलमंत्री के ट्विटर एकाउंट से रीट्वीट हुई है। बिना जांच पड़ताल के खबर कैसे रीट्वीट हुई यह जांच का विषय है। यह खबर उनके ट्विटर एकाउंट से हटा दी गई है।" साभार-khaskhabar.com  

Read More

बलवंत तक्षक, चंडीगढ़ । उत्तरप्रदेश में योगी सरकार के किसानों का कर्ज माफ करने के बाद पंजाब व हरियाणा में भी कर्ज माफी राग शुरु हो गया है। विरोधी दलों ने इस मुद्दे को हवा देनी शुरु कर दी है। हालात को समझते हुए पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह और हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने साफ कर दिया है कि इस मामले में मंथन जारी है। पंजाब के किसान इस समय 90 हजार करोड़ और हरियाणा के किसान 56 हजार करोड़ रुपए के कर्ज के बोझ से दबे हैं। कैप्टन को कर्ज माफी के लिए केंद्र से मदद की उम्मीद है। मदद मिलेगी या नहीं, इस पर अभी सवालिया निशान है। फिर भी उन्होंने स्पष्ट किया है, जल्द ही पंजाब सरकार किसानों को राहत देने के लिए उनके कर्ज माफ करेगी।. केंद्र से मदद मिली तो ठीक, वरना अपने तरीके से धन की व्यवस्था कर किसानों से किया कर्ज माफी का वादा पूरा किया जाएगा।.   केंद्र सरकार पहले ही संसद में साफ कर चुकी है कि अगर किसी राज्य के पास अपने स्तर पर गुंजाइश है तो किसानों का कर्ज माफ कर दें। उधर, बैंकों का कहना है कि कर्ज माफी अर्थव्यवस्था के लिए ठीक नहीं है। यह किसी से छुपा नहीं है कि वोट बैंक के दबाव में सियासी पार्टियां चुनावों के दौरान किसानों से कर्ज माफी का वादा करती हैं। केंद्र की ना-नुकर और बैंकों के नाखुशी जाहिर करने के बाद भी कैप्टन कर्ज माफी के मुद्दे पर आगे बढ़ रहे हैं। उधर, हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने मांग की है कि उत्तरप्रदेश के बाद हरियाणा की भाजपा सरकार को भी किसानों को कर्ज से मुक्ति देनी चाहिए। इंडियन नेशनल लोकदल के नेता अभय सिंह चौटाला भी किसानों की कर्ज माफी के हक में हैं। किसानों की आर्थिक दशा से खफा भारतीय किसान यूनियन के अध्यक्ष गुरनाम सिंह चढूनी पहले ही नौ अगस्त को किसानों को एकजुट कर सांकेतिक हड़ताल का निर्णय ले चुके हैं. किसानों की मांग है कि केंद्र सरकार लागत को आंक कर फसलों का समर्थन मूल्य तय करे, लेकिन उनकी इस मांग पर गौर नहीं किया जा रहा है।   विरोधी दलों के बढ़ते दबाव को देखते हुए मुख्यमंत्री खट्टर ने कहा है कि किसानों के कर्ज माफी की योजना पर मंथन जारी है. हरियाणा में कर्ज माफी पहली बार नहीं होगी. इससे पहले देवीलाल के मुख्यमंत्री रहते किसानों के सहकारी बैंकों के कर्ज माफ किए गए थे. मुख्यमंत्री रहते हुड्डा ने भी किसानों के 1600 करोड़ रुपए के बिजली बिल माफ किए थे. बावजूद इसके किसानों की स्थिति ठीक नहीं है. हालात के मद्देनजर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कह चुके हैं कि किसानों की आय दोगुनी की जाएगी।   फसलों के लाभकारी मूल्य मिलने के आश्वासनों के बीच देखना होगा कि खट्टर हरियाणा के किसानों का 56 हजार करोड़ का कर्ज माफ करने के लिए कौन-सी योजना ले कर आते हैं? इसके साथ ही यह भी गौर करने वाली बात होगी कि 1.83 लाख करोड़ रुपए के कर्ज के बोझ से दबी कैप्टन सरकार किसानों के 90 करोड़ का कर्ज माफ करने के लिए कौन-सा फार्मूला अपनाएगी? साभार-khaskhabar.com  

Read More

नई दिल्ली । एअर इंडिया के उच्च पदस्थ सूत्रों के मुताबिक, सरकार द्वारा डाले गये दबाव की वजह से एअर इंडिया ने शिवसेना सांसद रविंद्र गायकवाड पर लगाया गया उडान प्रतिबंध रद्द दिया। सांसद ने दो हफ्ते पहले उडान के दौरान सही सीट नहीं मिलने पर एयरलाइंस के एक कर्मचारी पर हमला किया था। अधिकारी ने कहा कि एयर इंडिया गायकवाड के खिलाफ एफआईआर वापस नहीं लेगी और अगर जरूरत पडी तो वे अदालत का दरवाजा खटखटायेंगे।  एअर इंडिया के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा,सांसद के एयरलाइंस या हमारे कर्मचारी से माफी नहीं मांगने के बावजूद सरकारी आदेश की वजह से हमें प्रतिबंध वापस लेना पडा। अधिकारी ने हालांकि कहा कि गायकवाड के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने और एअर इंडिया में उनके उडने पर प्रतिबंध लगाने का फैसला एयरलाइंस का फैसला था और इस पर सरकार के साथ कोई विचार विमर्श नहीं हुआ था। गायकवाड पर लगा प्रतिबंध शुक्रवार को तब वापस लिया गया जब नागरिक उडडयन मंत्रालय द्वारा ऎसा करने की सलाह वाला एक खत एयरलाइंस को भेजा गया। मंत्रालय द्वारा भेजे गये खत में कहा गया, गायकवाड द्वारा मांगी गयी माफी और अच्छे आचरण के लिये उनके द्वारा दिये गये वचन के बाद एअर इंडिया और दूसरी एयरलाइंस को यह सलाह दी जाती है कि वह उन पर लगा प्रतिबंध हटा लें। साभार-khaskhabar.com  

Read More

नई दिल्ली । मार्केट में 10 रुपये के सिक्कों पर चल रही उठापटक पर आरबीआई ने स्थिति साफ कर दी है। आशंका जताई जा रही है कि अब 10 रुपये के सिक्कों को लेकर मार्केट में भ्रम की स्थिति नहीं रहेगी। आरबीआई ने रविवार को कहा है कि जितने भी तरह के सिक्के मार्केट में चल रहे हैं, वो सभी वैध हैं। समय-समय पर आरबीआई ने कई तरह की डिजाइन वाले सिक्कों को मार्केट में जारी किया था। यह सिक्के विशेष मौकों पर जारी किये गए थे। आरबीआई ने कहा कि 10 रुपये के सिक्के पूरी तरह से ठीक हैं और कहीं कोई गड़बड़ नहीं है।  ये सिक्के है वैध केंद्रीय बैंक ने कहा कि जो 10 रुपये के सिक्के वैध हैं उनमें शेरावाली की फोटो वाला सिक्का, संसद की तस्वीर वाला सिक्का, बीच में संख्या में ‘10’ लिखा हुआ सिक्का, होमी भाभा की तस्वीर वाला सिक्का, महात्मा गांधी की तस्वीर वाला सिक्का मान्य हैं।  10 रुपये के सिक्कों पर विवाद क्यों ! आपको बता दें कि मार्केट में 10 रुपये के सिक्कों को लेकर अक्सर विवाद होता रहा है। क्योंकि भारतीय बाजार में 10 रुपये के सिक्कों में कई नकली सिक्के आ गए हैं, जिस कारण बाजार में 10 रुपये के सिक्कों को न तो कोई ग्राहक ले रहा है और न ही कोई दुकानदार। हालांकि, अब आरबीआई द्वारा स्थिति साफ किए जाने के बाद दुकानदार किसी भी तरह के 10 के सिक्के लेने में आनाकानी नहीं करेंगे।  साभार-khaskhabar.com  

Read More

इलाहाबाद । अयोध्या में जहां रामलला है, वहीं राममंदिर बनाया जाएगा। चाहे इसके लिए उन्हें अपनी जान भी क्यूं ना देनी पड़े। ये कहना है केंद्रीय जल संसाधन व नदी विकास मंत्री उमा भारती का। उमा भारती ने कहा कि अब तो रामलला के लिए बस जमीन की लड़ाई रह गई है। इस मामले को अब न्यायालय के बाहर सुलझाया जा सकता है। गौरतलब है कि उमा भारती बंधवा स्थिति बड़े हनुमानजी के दर्शन करने पहुंची थी। जहां अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष आनंदगिरी के साथ संतों ने उमा भारती से मुलाकात की। उमा भारती ने आश्वासन दिया कि मंदिर निर्माण की ओर सरकार कदम बढ़ा रही है।जान देने को तैयार इससे पहले केंद्रीय मंत्री ने यूनाइटेड कॉलेज में डिजीधन मेले में बतौर मुख्य अतिथि समारोह को भी संबोधित किया और पत्रकारों से कहा कि राम मंदिर हमारी आस्था का विषय है। इसके लिए हम जान देने को तैयार हैं। जबकि उमा ने कहा कि तीन तलाक सामाजिक व्यवस्था है और इसे बदला जा सकता है।योगी की जमकर तारीफ उमा भारती ने इलाहाबाद में यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की जमकर तारीफ की। उन्होंने कहा कि प्रदेश को ऐसे ही शासक की आवश्यकता थी। अब सूबे में सुशासन होगा, उमा ने गंगा निर्मलता, कैशलेस व्यवस्था पर भी लोगो को जागरूक किया।  साभार-khaskhabar.com  

Read More

भरतपुर । विश्व होम्योपैथी दिवस और होम्योपैथी के जनक डाॅ हैनीमेन की जयंती रविवार को धूमधाम से मनाई गई। इस मौके पर शहर में कई कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। जिसके बाद होम्योपैथी सोसायटी अध्यक्ष डाॅ रोहित भारतीय ने डाॅ हैनीमेन के जीवन पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि डाॅ हैनीमेन ने विषम परिस्थितियों में भी ऐलोपैथी से होने वाले नुकसान को लेकर होम्योपैथी की खोज की और अपना सारा जीवन उसके विकास में लगा दिया। इस मौके पर बाल कल्याण समिति सदस्य सुंदर सिंह, सीओ सिटी भरतपुर आवडदान रत्नू, संभागीय अध्यक्ष अनुराग गर्ग, सोसायटी सचिव डाॅ दीपक शर्मा, वरिष्ठ होम्योपैथिक चिकित्सक डाॅ यू एस जुरैल, डाॅ सी बी गुप्ता, डाॅ आर एन सिंह पचेरा, डाॅ मुकेश भारतीय, डाॅ अशोक शर्मा, डाॅ एम बी सिंह, डाॅ निरंजन सिंह, डाॅ एस एस नरवरिया, डाॅ प्रमोद शर्मा, डाॅ मुकेश गोयल, डाॅ सुशील गोस्वामी, डाॅ चेतना, डाॅ दिव्या, डाॅ सीमा सिंह, डाॅ चन्द्रप्रभा और डाॅ सत्यपाल भी मौजूद थे।  साभार-khaskhabar.com  

Read More

नई दिल्ली। देश में गोरक्षक दलों द्वारा की जा रही मारपीट पर उठे तूफान के बीच राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के प्रमुख मोहन भागवत ने पूरे देश में गोहत्या पर रोक लगाने वाले कानून की वकालत की है। उन्होंने कहा कि गोवध के नाम पर कोई भी हिंसा उद्देश्य को नुकसान पहुंचाती है, कानून का हर हाल में पालन किया जाना चाहिए। भाषा के अनुसार भागवत ने दिल्ली में भगवान महावीर की जयंती के मौके पर आयोजित एक कार्यक्रम में कहा, ‘हम देशभर में गो वध पर रोक लगाने वाला कानून चाहते हैं। गोवध के नाम पर कोई भी हिंसा उद्देश्य को बदनाम करती है और कानून का पालन करना ही चाहिए। कानून का पालन करते हुए गाय की रक्षा करने का काम जारी रहना चाहिए। भागवत का यह बयान उस वक्त आया है जब तथाकथिक गोभक्तों द्वारा राजस्थान में एक व्यक्ति की हत्या करने से पूरे देश में राजनीतिक भूचाल मचा हुआ है। पूर्व केन्द्रीय मंत्री तथा कांग्रेस के वरिष्ठ नेता सचिन पायलट ने इस मुद्दे पर भाजपा को घेरते हुए कहा कि एंटी रोमियो दस्ता हो, लव जिहाद हो, गोरक्षकों के गैरकानूनी काम हो या बूचडखानों के खिलाफ कार्रवाई हो, इन सब बातों से एक बात साफ है कि भाजपा की सरकार पूरे देश पर जबरदस्ती अपनी विचारधारा थोपने के काम को बहुत तेजी से कर रही है। भाजपा का असली एजेंडा अब खुलकर देश के सामने आ रहा है। अलवर में पीट-पीटकर की गई हत्या के बारे में खेद या सहानुभूति का एक शब्द भी प्रकट नहीं किया गया। मुख्यमंत्री को तथाकथित गोरक्षकों एवं उनकी हिंसा के विरूद्ध बोलना चाहिए। क्या वह बोलेंगी। ज्ञातव्य है कि कथित गोरक्षक समूह ने राजस्थान के अलवर में गाय ले जा रहे कुछ लोगों पर हमला कर दिया था। हरियाणा के रहने वाले 15 लोग छह गाडियों में गायों को लेकर जा रहे थे। उसी दौरान बहरोड के पास इन पर हमला कर दिया गया। मारपीट के दौरान 50 साल के पहलू खान (55) को गंभीर चोट लगी। इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। पुलिस का कहना था कि पहलू खान और उनके चार अन्य सहयोगियों ने गाय को खरीदने संबंधी दस्तावेज भी पेश किए लेकिन इसके बावजूद उनकी पिटाई कर दी गई। यह मुद्दा संसद में भी उठा और विरोधी दलों ने इस मौत के लिए राज्य की भाजपा सरकार को जिम्मेदार ठहराया। साभार-khaskhabar.com      

Read More

लखनऊ। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री बनने के बाद योगी आदित्यनाथ लगातार एक्शन में नजर आ रहे है। सीएम योगी की आधी रात की क्लास बीती रात भी जारी रही। जिसमें अभी तक के ऐलान 100 दिन में लागू करने का फैसला किया गयाहै। योगी आदित्यनाथ ने रोडवेज बस स्टेशनों पर वाई-फाई की सुविधा देने और अगले पांच सालों में 70 लाख लोगों को रोजगार देने का ऐलान किया है।    योगी सरकार का आधी रात तक का एक्शन शनिवार को भी जारी रहा। आधी रात तक चली बैठक में पीडब्लूडी, परिवहन औऱ नगर विकास मंत्रालय ने अपना 100 दिन का एजेंडा मुख्यमंत्री के सामने रखा। आपको बता दें कि यूपी में रोडवेज की हालत खस्ता है। योगी सरकार इसको चमकाने की तैयारी में है। आने वाले दिनों में यूपी के बस अड्डों को वाई-फाई से जोडऩे की तैयारी है। हफ्ते में आधी रात की आखिरी बैठक में उन सभी फैसलों को 100 दिन में लागू करने का फैसला हुआ, जिनमें से ज्यादातर पहले ही सामने आ चुके हैं।   योगी सरकार ने ये नई पहल शुरू की है-जिसमें शाम छह बजे के करीब बैठक शुरू होती है जो आधी रात तक चलती है। इस तरह की पहली बैठक तीन अप्रैल को हुई थी। आधी रात की बैठक में अब तक कई बड़े फैसले लिए जा चुके हैं। साभार-khaskhabar.com  

Read More

चंडीगढ़ । कपिल शर्मा के शो में अपने ठहाको से मनोरजन करने वाले गुरु ( नवजोत सिंह सिद्धू ) के ठहाके अब क्या बंद हो जायेंगे ? सभी का धयान अब इस सवाल पर लगा है । क्योंकि पंजाब के एडवोकेट जरनल की रिपोर्ट मिलने के बाद नवजोत सिद्धू को राहत मिली थी मगर पंजाब हरियाणा हाई कोर्ट में वरिष्ठ वकील एची सी अरोड़ा की तरफ से दायर याचिका फिर सिद्धू की मुश्किलें बढ़ा सकती है । अरोड़ा की याचिका पर शुक्रवार को सुनवाई हुई । सुनवाई के दौरान एचसी अरोड़ा ने हाई कोर्ट में कहा की कर्मचारियों को प्राइवेट जॉब करने की छूट नहीं होती और अपना बिजनेस करने पर उनके खिलाफ कार्यवाही होती है ऐसे में एक मंत्री को अगर छूट मिलती है तो कर्मचारियों पर लगी बंदिश को हटा देना चाहिए । एचसी अरोड़ा ने कोर्ट में बीसीसीआई चैयरमेन को हटाए जाने समेत , करुणा निधि को लेकर आई सुप्रीम कोर्ट के आदेश भी हाई कोर्ट के समक्ष रखे । इस दौरान एजी पंजाब भी कोर्ट में मौजूद थे । मामले की अगली सुनवाई 11 मई को होगी जिसमे फिर एचसी अरोड़ा अपना पक्ष रखेंगे । कोर्ट में हुई सुनवाई के बाद वरिष्ठ वकील एच सी अरोड ने बताया की नवजोत सिंह सिद्धू जो कैबिनेट मंत्री है उनको कपिल शर्मा का प्राइवेट शो है , जिसमे हर हफ्ते बिजनेस करने जाते है उसमे जाने से सिद्धू को रोका जाए । अरोड़ा ने कहा की यदि कोर्ट समझती है की बिजनेस करना मंत्रियो के लिए जायज है तो कर्मचारियों पर जो बंदिश है उसको हटा देना चाहिए । अरोड़ा ने कहा की एक मंत्री को कोई हक नहीं बनता की वो अपने कर्मचारिय को बिजनेस करने से रोके और खुद बिजनेस करे , हितो के टकराव का मामला आता है । अरोड़ा ने कहा की खुद एजी पंजाब कोर्ट में मौजूद थे कोर्ट ने पूछा की हर इशू का क़ानूनी पहलु नहीं होता इखलाकी पहलु भी होता है , क्या नवजोत सिद्धू को मंत्री होते हुए इसमें हिस्सा लेना चाहिए ? इसपर एजी ने कहा की वो सरकार को डिफेंड करते है , अगर कोर्ट इसमें उनकी राय जानना चाहती है तो अगली सुनवाई पर देंगे ।  साभार-khaskhabar.com  

Read More

नारद संवाद

देवरिया का ऐसा मंदिर जिसे श्रद्धालु बताते हैं 'अश्वत्थामा' की तपोभूमि

Read More

हमारी बात

स्विट्ज़रलैंड: पहाड़ों पर कुदरत का करिश्मा, मशीनों का जलवा और हम सबको  ‘आज खाने में क्या है की चिंता?’

Read More

Bollywood


विविधा


शंखनाद

राइन फॉल्स, स्विस सीढ़ियाँ और बुज़ुर्ग घुटने: नाव की सैर बनी ओलंपिक प्रतियोगिता!

Read More