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यूपी में कर्ज माफी के बाद गरम होने लगी पंजाब-हरियाणा की राजनीति

यूपी में कर्ज माफी के बाद गरम होने लगी पंजाब-हरियाणा की राजनीतिबलवंत तक्षक, चंडीगढ़ । उत्तरप्रदेश में योगी सरकार के किसानों का कर्ज माफ करने के बाद पंजाब व हरियाणा में भी कर्ज माफी राग शुरु हो गया है। विरोधी दलों ने इस मुद्दे को हवा देनी शुरु कर दी है। हालात को समझते हुए पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह और हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने साफ कर दिया है कि इस मामले में मंथन जारी है। पंजाब के किसान इस समय 90 हजार करोड़ और हरियाणा के किसान 56 हजार करोड़ रुपए के कर्ज के बोझ से दबे हैं।

कैप्टन को कर्ज माफी के लिए केंद्र से मदद की उम्मीद है। मदद मिलेगी या नहीं, इस पर अभी सवालिया निशान है। फिर भी उन्होंने स्पष्ट किया है, जल्द ही पंजाब सरकार किसानों को राहत देने के लिए उनके कर्ज माफ करेगी।. केंद्र से मदद मिली तो ठीक, वरना अपने तरीके से धन की व्यवस्था कर किसानों से किया कर्ज माफी का वादा पूरा किया जाएगा।.

 

केंद्र सरकार पहले ही संसद में साफ कर चुकी है कि अगर किसी राज्य के पास अपने स्तर पर गुंजाइश है तो किसानों का कर्ज माफ कर दें। उधर, बैंकों का कहना है कि कर्ज माफी अर्थव्यवस्था के लिए ठीक नहीं है। यह किसी से छुपा नहीं है कि वोट बैंक के दबाव में सियासी पार्टियां चुनावों के दौरान किसानों से कर्ज माफी का वादा करती हैं। केंद्र की ना-नुकर और बैंकों के नाखुशी जाहिर करने के बाद भी कैप्टन कर्ज माफी के मुद्दे पर आगे बढ़ रहे हैं। उधर, हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने मांग की है कि उत्तरप्रदेश के बाद हरियाणा की भाजपा सरकार को भी किसानों को कर्ज से मुक्ति देनी चाहिए। इंडियन नेशनल लोकदल के नेता अभय सिंह चौटाला भी किसानों की कर्ज माफी के हक में हैं। किसानों की आर्थिक दशा से खफा भारतीय किसान यूनियन के अध्यक्ष गुरनाम सिंह चढूनी पहले ही नौ अगस्त को किसानों को एकजुट कर सांकेतिक हड़ताल का निर्णय ले चुके हैं. किसानों की मांग है कि केंद्र सरकार लागत को आंक कर फसलों का समर्थन मूल्य तय करे, लेकिन उनकी इस मांग पर गौर नहीं किया जा रहा है।

 

विरोधी दलों के बढ़ते दबाव को देखते हुए मुख्यमंत्री खट्टर ने कहा है कि किसानों के कर्ज माफी की योजना पर मंथन जारी है. हरियाणा में कर्ज माफी पहली बार नहीं होगी. इससे पहले देवीलाल के मुख्यमंत्री रहते किसानों के सहकारी बैंकों के कर्ज माफ किए गए थे. मुख्यमंत्री रहते हुड्डा ने भी किसानों के 1600 करोड़ रुपए के बिजली बिल माफ किए थे. बावजूद इसके किसानों की स्थिति ठीक नहीं है. हालात के मद्देनजर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कह चुके हैं कि किसानों की आय दोगुनी की जाएगी।

 

फसलों के लाभकारी मूल्य मिलने के आश्वासनों के बीच देखना होगा कि खट्टर हरियाणा के किसानों का 56 हजार करोड़ का कर्ज माफ करने के लिए कौन-सी योजना ले कर आते हैं? इसके साथ ही यह भी गौर करने वाली बात होगी कि 1.83 लाख करोड़ रुपए के कर्ज के बोझ से दबी कैप्टन सरकार किसानों के 90 करोड़ का कर्ज माफ करने के लिए कौन-सा फार्मूला अपनाएगी?

साभार-khaskhabar.com

 

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