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स्विट्ज़रलैंड: पहाड़ों पर कुदरत का करिश्मा, मशीनों का जलवा और हम सबको ‘आज खाने में क्या है की चिंता?’ || लखनऊ : अखिलेश का दावा, SIR पर चुनाव आयोग में ही मतभेद, बताया- लोकतंत्र के लिए घातक || चेन्नई : राहुल गांधी अगले महीने तमिलनाडु में कर सकते हैं 'छात्रों की गूंज' कार्यक्रम || उत्तर प्रदेश : गोंडा में मुठभेड़ के बाद तीन गौतस्कर गिरफ्तार, बहराइच में शातिर अपराधी पुलिस की गोली लगने से घायल

नई दिल्ली । संविधान के संघीय दृष्टिकोण के मुताबिक एक एकीकृत बाजार बनने की दिशा में देश सोमवार को एक कदम और आगे बढ़ गया, जब वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) विधेयक संसद में पेश किया गया। यह विधेयक जम्मू एवं कश्मीर को छोडक़र समूचे देश में लागू होगा। वित्तमंत्री अरुण जेटली ने सोमवार को लोकसभा में वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) विधेयक 2017 पेश किया। इसके साथ ही जीएसटी से संबद्ध तीन अन्य विधेयकों को भी पेश किया गया। केंद्रीय जीएसटी विधेयक 2017 कर वसूली, केंद्र सरकार द्वारा राज्य के भीतर सामानों, सेवाओं या दोनों पर कर संग्रह की व्यवस्था करेगा।  इसके बाद अब राज्यों को अपनी विधानसभाओं में जीएसटी विधेयक पारित करना होगा। जबकि जम्मू और कश्मीर को अपने विधानसभा से जीएसटी से जुड़े चारों विधेयकों को पारित कराना होगा, क्योंकि संविधान के तहत राज्य को कराधान की विशेष शक्तियां हासिल है। जम्मू और कश्मीर देश का इकलौता राज्य है जिसे कर सेवाओं की शक्तियां मिली हैं। राज्य के वित्त मंत्री हसीब ड्रबु ने पिछले साल जीएसटी पर राज्यों के वित्त मंत्रियों की अधिकार प्राप्त समिति (ईसी) में जम्मू और कश्मीर का प्रतिनिधित्व किया था। इसमें ईसी में इस बात सहमति बनी थी कि जीएसटी को वर्तमान रूप में जम्मू और कश्मीर में लागू नहीं किया जाएगा। ड्रबु ने कहा था कि जीएसटी को जारी करने के दौरान राज्य की विशेष कराधान शक्तियों को संरक्षित रखने की आवश्यकता है। ड्रबु ने कहा कि जम्मू-कश्मीर की विशेष स्थिति और खासतौर से राज्य सरकार की चिंता को देखते हुए यह तय किया गया कि जब नई कर नीति लागू होती है तो जीएसटी परिषद राज्यों की विधानसभाओं की तुलना में अधिक शक्तिशाली हो जाएगी, इसका समाधान किए जाने की जरूरत है।  साभार-khaskhabar.com  

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बारां । जिले में मंगलवार को हिन्दू नववर्ष धूमधाम से मनाया जाएगा। इस अवसर पर भाजपा और हिंदू संगठनों की ओर से शहर में विशाल शोभायात्रा निकाली जाएगी। जिसमें आम लोगों से भी शामिल होकर इसे विशाल और सफल बनाने की अपील की जा रही है। इसके तहत भाजपा जिलाध्यक्ष राजेन्द्र नागर की अगुवाई में पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने सोमवार को शहर के प्रमुख बाजारों और कई काॅलोनियों के घरों में पहुंचकर पीले चावल बांटे और शोभायात्रा में शामिल होने का निमंत्रण दिया। भाजपा मीडिया सेल के जिला प्रभारी राजेन्द्र शर्मा और शहर प्रवक्ता बद्रीप्रसाद मेघवाल ने बताया कि नववर्ष मनाने के बाबत दोपहर को जिला संघ कार्यालय केशव कीर्ति भवन पर एक बैठक आयोजित कर रणनीति बनाई गई। इसके अंतर्गत निकाली जाने वाली शोभायात्रा के मार्ग, स्वागत सत्कार और धर्म सभा के साथ भजन संध्या की व्यवस्थाओं पर विचार विमर्श किया गया और सभी पदाधिकारियों के साथ कार्यकर्ताओं को जिम्मेदारियां सौंपी गई।  साभार-khaskhabar.com  

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दिल्ली । भारत और पाकिस्तान के बीच बातचीत के रास्ते एक बासर फिर से खुलते नजर आ रहे हैं। अगले माह भारत की इंडियन कोस्ट गार्ड और पाकिस्तान मरीटाइम सिक्सोरिटी एजेंसी की बैठक हो सकती है। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक यह बैठक भारत में ही होगी। दोनों देशों के बीच यह बैठक 15 अप्रैल के आस पास हो सकती है।  ज्ञातव्य है कि भारतीय कोस्ट गार्ड और पाकिस्तान मरीटाइम सिक्योरिटी एजेंसी की पिछली बैठक वर्ष 2016 में जुलाई माह में हुई थी। ज्ञातव्य है कि पिछले वर्ष पठानकोट हमले के बाद इंडियन कोस्ट गार्ड ने पाकिस्तान का दौरा किया था। इस बातचीत को दोनों देशों के बीच के रिश्तों को सामान्य करने की कोशिश के तौर पर देखा गया था।  लेकिन कश्मीर में उडी हमले और हिंसा की वजह से दोनों देशों के रिश्ते सामान्य नहीं हो पाए। अब दोनों देशों के बीच एक बार फिर से रिश्ते बातचीत के जरिए सामान्य करने की कोशिश की जाएगी। ज्ञातव्य है कि उडी हमले के बाद पहली बार पाकिस्तान का कोई सुरक्षा शिष्टमंडल भारत दौरे पर आ रहा है। इससे पहले सिंधु जल सन्धि के मामले में भारत का एक शिष्टमंडल पाकिस्तान भेजा था। लेकिन विदेश मंत्रालय ने कहा था कि सिन्धु जल सन्धि में भारत एक पार्टी है और सभी ऐसी बैठक में भाग लेने के लिए कानूनी रूप से बाध्य हैं। गौरतलब है कि इंडियन कोस्ट गार्ड और पाकिस्तान मरीटाइम सिक्यॉरिटी एजेंसी के बीच 2005 में एक समझौता हुआ था।  इस समझौते के तहत दोनों देश एक दूसरे को अवैध जहाजों, सामुद्रिक प्रदूषण व प्राकृतिक आपदाओं से जुडी जानकारियां साझा करेंगे। 2016 में इस समझौते को 5 वर्षों के लिये बढाया गया था। वहीं पीएम मोदी ने पिछले हफ्ते पाकिस्तानी प्रधानमंत्री नवाज शरीफ को चि_ी लिखकर कहा था कि भारत भय और आतंकमुक्त माहौल में पाकिस्तान के साध दोस्ताना सम्बन्ध चाहता है।   साभार-khaskhabar.com  

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पटना । आरजेडी सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव ने एक बार फिर राष्ट्रीय राजनीति में बीजेपी के खिलाफ महागठबंधन की अपील की है। लालू प्रसाद यादव ने कहा कि सभी धर्म निरपेक्ष राजनीतिक दलों को बीजेपी के खिलाफ एकजुट होना चाहिए। लालू ने बीएसपी सुप्रीमो मायावती और मुलायम सिंह को भी एक साथ आने को कहा।  लालू ने रविवार को कहा कि अब यूपी में मायावती और मुलायम एक हो जाएं। लालू ने दावा किया कि बिहार में हमलोग (आरजेडी-जेडीयू-कांग्रेस) एक हैं। लालू ने कहा कि ऎसे में बीजेपी का सारा तमाशा खत्म हो जाएगा।  लालू ने बीजेपी पर आरोप लगाया कि अब विकास की बात नहीं की जा रही है। लालू ने कहा है कि बिहार में बीजेपी के खिलाफ हम सब एक हैं। हालांकि मीडिया रिपोर्ट्स में लगातार महागठबंधन में सबकुछ ठीक नहीं के संकेत दिए जाते रहे हैं।  लालू प्रसाद देशभर के सेक्यूलर दलों को एकजुट करेंगे। उन्होंने कहा कि इसके लिए वह सभी दलों के प्रमुख से खुद बात करेंगे। उन्होंने कहा कि लोकसभा चुनाव में वोटों के बंटवारे का लाभ भाजपा को नहीं लेने देंगे। ऎसा नहीं हुआ तो देश टुक़डों में बंट जाएगा। बिहार और पंजाब में वोट नहीं बंटा तो भाजपा की बोलती बंद हो गई, लेकिन यूपी चुनाव में जीत से फासिस्ट ताकतों को बल मिला है। पार्टी की महत्वपूर्ण बैठक के बाद रविवार को मीडिया से बात करते हुए उन्होंने सभी कार्यकर्ताओं को लोकसभा चुनाव की तैयारी में जुटने को कहा है। साथ ही महागठबंधन की एकजुटता को लेकर कोई बयान देने से परहेज करने की सलाह भी दी। लालू ने कहा कि महागठबंधन एकजुट है। यूपी चुनाव से उत्साहित पीएम नरेन्द्र मोदी लोकसभा चुनाव 2018 में ही कराने की सोच रहे हैं। वह चाहते हैं गुजरात और कुछ अन्य राज्यों के चुनाव के साथ ही लोकसभा का चुनाव भी हो जाए।  लालू प्रसाद ने कहा कि पीएम ने बिहार के साथ वादाखिलाफी की है। विशेष पैकेज और विशेष दर्जा देने की बात कहकर वोट ले लिए और बाद में मुकर गये। यूपी में भी किसानों का कर्ज पहली कैबिनेट में ही माफ करने को कहा था, लेकिन ऎसा नहीं हुआ।    साभार-khaskhabar.com  

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जयपुर । जयपुर जंक्शन पर रविवार रात को मालगाड़ी के तीन डिब्बे पटरी से उतर जाने से अफरातफरी मच गई। गनीमत रही कि किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई। सूचना पर रेलवे के आला अधिकारी व पुलिस के जवानों ने मौके पर जाकर जायजा लिया।  तुरंत क्रेन को बुलाकर डिब्बों को वापस पटरी पर चढाने का काम शुरू किया गया। मालगाड़ी के बेपटरी होने से जयपुर आने व जाने वाली कई ट्रेनों को बीच रास्ते में ही रोकना पड़ा। जानकारी के अनुसार गेटनंबर 225 पावर हाउस के पास रविवार आठ बजे एक मालगाड़ी सीमेंट से भरी हुई निकल रही थी कि तभी बहुत तेजी से आवाज आई और मालगाड़ी के पीछे के तीन डिब्बे पटरी से उतर गए। तेज आवाज को सुनकर लोगों ने समझा जैसे कोई विस्फोट हो गया। घटना की सूचना मिलने के बाद रेलवे प्रशासन के हाथ-पांव फूल गए। जीआरपी पुलिस ने मौके पर पहुंच कर स्थिति का जायजा लिया। रेलवे डीआरएम भी मौके पर पहंच गई और तुरंत मालगाड़ी को वापस पटरी पर चढ़ाने के निर्देश दिए। कई हाईड्रोलिक ट्रेने बुलाई गई और कर्मचारियों ने मिलकर ट्रेन को पटरी पर लाने का काम शुरू किया। इस दौरान गरीब रथ पीछे से आ रही थी जिसे पहले ही रोक दिया गया। इसके बाद आने वाली कई ट्रेनों को भी में ही रोक दिया गया। तीन घंटे के बाद भी ट्रेन को पटरी पर लाने का काम चल रहा था।    साभार-khaskhabar.com  

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भावानगर। किन्नौर जिले के उरनी ढांक में नेशनल हाईवे पर सतलुज नदी में लगे दोनों पुल से सीएम द्वारा लगाई गई उद्घाटन पटि्टका घायब हो गई है। अज्ञात शरारत्ती तत्वों ने दोनों पुल में लगे उद्घाटन स्ट्रैक्चर (मोनोमेंट) से पटि्टका को उखाड़ कर सतलुज नदी के किनारे फैंक दिया है। मामला सीधे सीएम की उद्घाटन पटि्टका से जुड़ा होने के चलते राजनीतिक तुल पकड़ने लगा है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। हालांकि उदघाटन पट्टिका के स्ट्रैक्चर को किसी प्रकार क्षति नहीं पहुंची है। लेकिन दोनो पुल के निकट लगे उद्घाटन स्ट्रेक्चर (मोनोमेंट) से पटि्टका को उखाड़ कर सतलुज नहीं के किनारे फैंका गया है। चुनावी वर्ष के शुरूआत में ही इस घटना से किन्नौर की राजनीति का पारा और अधिक चढने के आसार बढ़ने लगे है। गौरतलब है कि उरनी ढांक में नेशनल हाईवे में भूस्खलन होने के बाद हाईवे प्राधिकरण ने वैकल्पिक मार्ग से किन्नौर के उपरी क्षेत्र को जोड़ने के लिए दो पुलों का निर्माण किया है। सीएम वीरभद्र सिंह ने 1 सितंबर 2016 को इन दोनों पुलों का लोर्कापण किया था। प्रदेश सरकार ने करोडों खर्च कर यहां दो पुल लगा कर जिले के उपरी क्षेत्र के लिए वैकल्पिक मार्ग से वाहनों की आवाजाही शुरू कर दी थी।    इस घटना को किसने अंजाम दिया इसका सुराग पुलिस के हाथ अभी तक नहीं लग पाया है। निचार खंड कांग्रेस अध्यक्ष राज कुमार नेगी, किन्नौर युकां अध्यक्ष प्रताप नेगी, पूर्व ब्लॉक समिति अध्यक्ष सुखी राम नेगी, किन्नौर कांग्रेस उपाध्यक्ष पदम पूर नेगी ने घटना को अंजाम देने वाले लोगों के खिलाफ कडी कार्यवाही की मांग की है। साभार-khaskhabar.com  

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नई दिल्ली। महाराष्ट्र में भाजपा और शिवसेना गठबंधन में दरार आ गई है। शिव सेना लंबे अरसे से प्रधानमंत्री मोदी और भाजपा पर लगातार हमले करती रही है। हालांकि भाजपा भी अब शिव सेना के इस तरह के व्यवहार से उकता गई है। बताया जा रहा है कि शिवसेना से गठबंधन तोडने को लेकर भाजपा ने अपना मन बना लिया है। इस बीच शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रात्रि भोज के लिए आमंत्रित किया है। आगामी सप्ताह होने वाले इस डिनर में मोदी राजग के सहयोगी दलों के साथ मिलकर आगामी राष्ट्रपति चुनाव के मुद्दे पर चर्चा करेंगे। शिवसेना के सूत्रों के अनुसार पीएम मोदी ने राजग के घटक दलों के साथ बैठक के लिए गुडी पड़वा के बाद का समय निर्धारित किया है। संभवत: यह बैठक 29 मार्च को होगी। उद्धव ठाकरे भी इस बैठक में मौजूद रहेंगे। इस बीच, भाजपा के एक केंद्रीय नेता ने दावा किया है कि पार्टी के वरिष्ठतम नेता लालकृष्ण आडवाणी, लोकसभा अध्यक्ष सुमित्रा महाजन, विदेश मंत्री सुषमा स्वराज और झारखंड के राज्यपाल द्रोपदी मुरमू के नाम अगले राष्ट्रपति के नाम के लिए सबसे आगे चल रहे हैं। शिवसेना के सूत्रों का कहना है कि लोकसभा में भाजपा का बहुमत होने और कई राज्यों में सरकार होने के बावजूद भाजपा नहीं चाहती कि कोई भी घटक दल उनसे इस मुद्दे पर कोई शिकायत करे। इसलिए पीएम मोदी अपने यहां भोज करा रहे हैं। उल्लेखनीय है कि राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने 25 जुलाई, 2012 को पदभार संभाला था। इसलिए अगले राष्ट्रपति को 25 जुलाई से पहले ही चुन लिया जाना है। साभार-khaskhabar.com          

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कोटा। राजस्थान के कोटा में अपनी मां द्वारा छोडे गए 96 हजार के पुराने नोटों ने दो अनाथ बच्चों के लिए मुश्किलें पैदा कर दी हैं। समस्या का कोई समाधान नहीं निकलने के आसार देखते हुए इन बच्चों ने अब प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को पत्र लिखकर अपनी व्यथा का जिक्र किया है और कहा है कि वे उन रुपयों की एफडी करवा दें। उन्होंने खत में लिखा कि उनकी स्वर्गीय मां ने मेहनत मजदूरी कर उनके लिए पांच सौ व एक हजार के पुराने नोटों के रूप में 96,500 रपए जमा किए थे। इन्हें नए नोटों में बदलवा दें या बहन के नाम इसकी एफडी करवा दें। दरअसल सूरज और सलोनी की मां पूजा बंजारा दिहाड़ी मजदूरी करती थी। वर्ष 2013 में उनकी कथित रूप से हत्या कर दी गई थी। पिता राजू बंजारा की पहले ही मौत हो चुकी है। अब दोनों भाई-बहन अनाथ हो चुके हैं और कोटा की एक संस्था में रह रहे हैं। बाल कल्याण समिति, कोटा के चेयरमैन हरीश गुरबक्शानी ने बताया कि काउंसलिंग के दौरान दोनों ने बताया था कि आरके पुरम और सरवाडा गांव में उनके घर हैं। बाल कल्याण समिति के आग्रह पर पुलिस ने इस माह की शुरूआत में सरवाडा में उनके पुश्तैनी मकान की तलाशी कराई तो सोने-चांदी के जेवरात और एक बॉक्स में एक हजार के 22 व 500 के 149 पुराने नोट मिले। समिति ने नोटों को बदलने के लिए भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) को 17 मार्च को पत्र लिखा लेकिन 22 मार्च को ई-मेल के जरिए सूचना दी कि नोट नहीं बदले जा सकेंगे। यह रकम मां ने अपने बच्चों के भविष्य के लिए जोड़ी थी, लेकिन अब यह किसी काम की नहीं रही। ऐसे में दोनों भाई-बहन ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर गुहार लगाई कि हमारी मां ने मजदूरी कर हमारे लिए जो रकम छोड़ी है उन रुपयों को नए नोटों में बदलवा दें क्योंकि बैंक में पुराने नोट बदलने की अंतिम तारीख कब की खत्म हो चुकी है। भाई चाहता है कि इन रुपए की बहन के नाम एफडी करवा दी जाए। गुरबक्शानी ने बताया कि हाथ से लिखा खत प्रधानमंत्री कार्यालय को प्रेषित कर दिया गया है। साभार-khaskhabar.com        

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अजमेर । सूफी संत ख्वाजा मोइनुद्दीन चिश्ती के 805वें सालाना उर्स का झंडा शुक्रवार को ऐतिहासिक बुलंद दरवाजे पर चढ़ा दिया गया। जिसके साथ ही औपचारिक तौर पर उर्स का आगाज हो गया है। अब चांद दिखाई देने पर छह दिवसीय उर्स की शुरुआत 28 मार्च से हो जाएगी। भीलवाड़ा के गौरी परिवार ने लोगों की उर्स की नमाज के बाद दरगाह कमेटी परिसर से जुलूस की शुरुआत की। दरगाह के गरीब नवाज गेस्ट हाउस से जुलूस की शुरुआत होते ही झंडे को चूमने वालों का तांता लग गया। सैंकड़ों लोगों ने अकीदत के साथ झंडे को चूमा। इस दौरान जुलूस में शामिल लोगों ने कड़ी से कड़ी बनाकर व्यवस्था भी संभाली। झंडे का ये जुलूस दरगाह कमेटी दफ्तर से शुरू होकर लंगरखाना गली, नला बाजार होते हुए निजाम गेट होते हुए दरगाह परिसर में दाखिल हुआ। जिसके बाद गौरी परिवार ने बुलंद दरवाजे पर अपने हाथों से झंडा चढ़ाया। बुलंद दरवाजे पर झंडा चढ़ाने के साथ ही लोगों ने देश में अमन चैन व भाईचारे के लिए दुआएं मांगीे। झंडे की रस्म में दरगाह कमेटी अध्यक्ष शेख अलीम, मेला मजिस्ट्रेट अरविंद कुमार सेंगवा, अंजुमन सचिव वाहिद हुसैन अंगारा शाह और अंजुमन शेखजादगान सहित सैंकड़ों खादिम मौजूद रहे।  साभार-khaskhabar.com  

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नूंह । जिले के पढ़े -लिखे दिव्यांग अब घर वालों पर बोझ नहीं हैं। इन दिनों जिले के दिव्यांगों के अच्छे दिन चल रहे हैं। दिव्यांगों को पढा़ई , नौकरी , लेपटॉप , स्कूटी जैसी सुविधाएं धड़ल्ले से मुहैया कराई जा रही हैं। दिव्यांगों को मिल रहे सम्मान से उनके परिवार बेहद उत्साहित हैं। समाज में भी दिव्यांगों की छवि लगातार बेहतर हो रही है। ये सब कुछ संभव हो पाया है नूंह के उपायुक्त मनीराम शर्मा की बदौलत। उन्होंने खुद दिव्यांगता को नजदीक से महसूस किया। उन्हें नूंह जिले में डीसी के पद पर सौभाग्य मिला, तो उन्होंने सैंकड़ों दिव्यांगों के जीवन में बदलाव लाकर खुशियां ही खुशियां भर दीं।  नूंह जिला देश भर में एकमात्र ऐसा जिला है ,जहां दिव्यांग छात्रों को सबसे ज्यादा ख़ुशी मनाने और आगे बढ़ने का अवसर मिल रहा है। गत राष्ट्रीय विकलांग दिवस के मौके पर तो दिव्यांगों को उपायुक्त मनीराम शर्मा ने उस मंच पर बैठने और भाषण देने का मौका दिया , जहां मंत्री और बड़े अधिकारी अकसर बैठते हैं। ताज्जुब इस बात का है कि स्वयं उपायुक्त मनीराम शर्मा और उनकी टीम के आला अधिकारी कार्यक्रम के दौरान नीचे आम दिव्यांगों की भीड़ में बैठे। दिव्यांगों पर डीसी की इतनी मेहरबानी देख दिव्यांगों की छाती चौड़ी हो गई। आपको बता दें कि डीसी मनीराम शर्मा आईएएस अधिकारी हैं। उन्हें पहले मेवात जिले में एडीसी के पद पर काम करने का मौका मिला और यहीं पर वे डीसी बन गए। कई साल से मेवात जिले में वे कार्यरत हैं। उनके मन में दिव्यांगों के जीवन में ख़ुशी लाने और उन्हें परिवार पर बोझ नहीं बनने देने की ललक पहले दिन से ही दिखी। एडीसी के पद पर रहते हुए तो मनीराम शर्मा कुछ खास नहीं कर पाए , लेकिन डीसी बने तो मानो दिव्यांगों के नसीब जाग गए।  क्या है खास उपायुक्त मनीराम शर्मा कालेज एवं स्कूल में पढ़ने वाले तक़रीबन आधा दर्जन से अधिक दिव्यांग छात्रों को अपने निजी प्रयासों से स्कूटी दिलवा चुके हैं। नगीना में उनके प्रयासों ने श्रवण एवं वाणी निशक्तजन कल्याण समिति की मदद से प्रदेश का सबसे मॉडल मूक -बधिर स्कूल खुलवा चुके हैं। नूंह के समीप मरोड़ा गांव की करीब 7 एकड़ जमीन में दिव्यांगों के स्कूल की प्लानिंग चल रही है। सात दिव्यांगों को मेवात विकास अभिकरण में अब तक नोकरी दिलवा चुके हैं। दस दिव्यांगों को जल्द नोकरी दिलवाने की बात सामने आई है। आगामी सत्र से डीसी रेट की नोकरियों में 5 फीसदी नोकरी दिव्यांगों को दिलाने का भरोसा मिल चुका है। दिव्यांग परिवार को बीपीएल की सूचि में शामिल करने की योजना पर काम चल रहा है। 15 लेपटॉप और कान की मशीन दिव्यांगों को मिल चुकी हैं। कुछ दिव्यांग छात्रों को अंग्रेजी भाषा के ज्ञान के लिए मशीन मिलने की बात सामने आई है। इसके अलावा कुछ लेपटॉप भी दिव्यांगों को देने की बात है।  क्या कहते हैं दिव्यांग दिव्यांग बच्चों को पढ़ाने से लेकर नोकरी दिलाने में अहम भूमिका अदा करने वाले अध्यापक तारकेश्वर पांडेय के अलावा दिव्यांग छात्र शौकीन कोटला ने उपायुक्त मनीराम शर्मा की जमकर प्रशंसा करते हुए कहा कि उन्होंने जीवन में कभी सोचा भी नहीं था , कि उन्हें इतनी सुविधा कभी मिल पाएंगी। डीसी मनीराम शर्मा ने दिव्यांगों की जो मदद की है , उससे समाज की सोच में भी बदलाव आया है। दिव्यांग किसी से कम नहीं हैं। दिव्यांग किसी पर बोझ नहीं है। पढ़ाई से लेकर नोकरी तक के अवसर उन्हें आसानी से मुहैया हो रहे हैं। उपायुक्त मनीराम शर्मा को जिले के दिव्यांग और उनके परिवार मरते दम तक नहीं भुला पाएंगे।  साभार-khaskhabar.com  

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गोरखपुर ।। योगी आदित्यनाथ के उ.प्र. के मुख्यमंत्री बनने के बाद आज पहली बार अपने गृह जनपद गोरखपुर जा रहे हैं। योगी के आने की खबर से ही गोरखपुर में जश्न का माहौल है। पार्टी नेताओं, कार्यकर्ताओं, पदाधिकारियों ने पूरे शहर को होर्डिग और बैनर से पाट दिया है।  जगह जगह तोरणद्वार बनाए गए हैं। पूरे शहर को दुल्हन की तरह सजाया गया है, वहीं प्रसाशन भी सीएम के प्रथम आगमन को लेकर कमर कस चुका है।  टूटी हुई सडक़ों की मरम्मत की गई। नालियों में फॉगिंग की जा रही है, फुटपाथों और अन्य जगह रंगाई पुताई चल रही है, प्रशासन युद्ध स्तर पर काम कर रहा है। इस संबंध में भाजपा के क्षेत्रीय प्रवक्ता सतेंद्र सिन्हा का कहना है कि योगी जी के गोरखपुर आने से पूरा शहर दीपावली मनाएगा। एयरपोर्ट से लेकर एमपी कॉलेज तक पूरे रास्ते में पुष्प वर्षा की जाएगी। उन्होंने कहा कि भाजपा के नेताओं, कार्यकर्ताओ और आम आदमी में गजब उत्साह देखा जा रहा है।  साभार-khaskhabar.com  

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नई दिल्ली । एमसीडी चुनावों के मद्देनजर आम आदमी पार्टी अपने 14 उम्मीदवारों के टिकट काट दिए हैं। अब इनकी जगह नए लोगों को पार्टी ने मैदान में उतारने का निर्णय लिया है।  इससे पहले भी पार्टी ने एक अन्य उम्मीदवार का टिकट बाद में काट दिया जब उसे पता चला था कि उसके खिलाफ आपराधिक केस है। अब तक पार्टी 272 वार्डü के लिए 267 उम्मीदवार घोषित कर चुकी है। पार्टी सूत्रों के मुताबिक परफॉरमेंस में कमी के चलते उम्मीदवार बदले गए हैं। बता दें, पंजाब चुनाव के नतीजे 11 मार्च को घोषित हुए जबकि आम आदमी पार्टी ने 10 तारीख की रात तक 272 वार्ड के लिए 248 उम्मीदवारों के नाम का ऎलान कर दिया था। दिल्ली में जब कि चुनाव घोषित ही नहीं हुआ था।  इससे पहले बुधवार को आम आदमी पार्टी ने आरोप लगाया था कि राज्य निर्वाचन आयोग राजनीतिक दबाव के आगे झुक गया है और दिल्ली सरकार की परियोजनाओं पर नजर आने वाले आम शब्द को ढंकने का आदेश देकर उसने संविधान को कुचलने का काम किया है। आम आदमी पार्टी की दिल्ली इकाई के संयोजक दिलीप पाण्डेय और पार्टी विधायक सोमनाथ भारती ने आयोग को अलग-अलग पत्र लिख फैसले पर ताज्जुब जताया और आरोप लगाया कि संवैधानिक संस्था अपने राजनीतिक हुक्मरानों के अधीनस्थ के तौर पर काम कर रही है। पाण्डेय ने इस बात को लेकर सवाल किया कि जिन कार्यक्रमों के नाम में भारतीय और जनता या इंडियन और नेशनल शब्द जुडे हैं, उनके खिलाफ भी इसी तरह की कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा,आयोग ने तय प्रक्रियाओं की परवाह भी नहीं की और दिल्ली सरकार एवं आप को नोटिस जारी किया।   साभार-khaskhabar.com  

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नारद संवाद

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हमारी बात

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राइन फॉल्स, स्विस सीढ़ियाँ और बुज़ुर्ग घुटने: नाव की सैर बनी ओलंपिक प्रतियोगिता!

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