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नई दिल्ली । देश के सबसे बडे सरकारी बैंक एसबीआई ने अपने ग्राहकों को तोहफा दिया है। एसबीआई ने बेंचमार्क लेंडिंग रेट यानी बेस रेट में 0.15 फीसदी की कटौती कर इसे 9.10 फीसदी कर दिया है। इसके चलते ग्राहकों के लोन की ब्याज दरों में कमी आएगी और लोन सस्ता होगा। एसबीआई ने एक अप्रैल से अपने बेस रेट में 0.15 फीसदी की कटौती कर इसे 9.256 फीसदी से 9.10 फीसदी कर दिया है। दूसरी ओर बैंक लॉकर उपयोग व चैक बुक के शुल्कों में बढोतरी कर दी है जो बैंक के 37 करोड ग्राहकों पर लागू होंगे।
एसबीआई की वेबसाइट पर दी गई जानकारी के मुताबिक नया बेस रेट 1 अप्रैल से प्रभावी माना जाएगा यानी इस महीने की ईएमआई कम देने के साथ इसकी शुरूआत हो गई है। एसबीआई के बेस रेट घटने का फायदा बैंक के पुराने ग्राहकों को मिलेगा और उनके होम लोन की दरें 9.25 फीसदी से घटकर 9.10 फीसदी हो गई हैं। बेस रेट सस्ते होने से ग्राहकों के होम लोन, कार लोन, पर्सनल लोन, बिजनेस लोन वगैरह सभी के ब्याज दर घट जाएंगे।
माना जा रहा है कि एसबीआई का बेस रेट घटने से आपके लोन की ईएमआई में सालाना कम से कम 2000 रूपये की बचत होगी। हालांकि एसबीआई ने एमसीएलआर (मार्जिनल कॉस्ट ऑफ लैंडिंग रेट्स) में कटौती नहीं की है जिसकी वजह से नए कस्टमर्स को सस्ते लोन का फायदा नहीं मिलेगा। ऎसा इसलिए क्योंकि नए ग्राहकों के ज्यादातर लोन के ब्याज एमसीएलआर के जरिए तय होते हैं। अनुमान के मुताबिक एमसीएलआर से एसबीआई के सिर्फ 30 से 40 फीसदी फ्लोटिंग रेट लोन जुडे हैं, बाकी 60 से 70 फीसदी लोन की इंटरेस्ट बेस रेट से जुडे हुए हैं। फिलहाल एसबीआई का एक साल का एमसीएलआर 8 फीसदी और 2 साल का 8.1 फीसदी पर है। बैंकों में बेस रेट वह न्यूनतम दर होती है जिस पर बैंक अपने ग्राहकों को सभी तरह के लोन देते हैं। कोई भी बैंक बेस रेट से कम पर अपने ग्राहकों को लोन नहीं दे सकता है और इसकी निगरानी रिजर्व बैंक द्वारा की जाती है। एमसीएलआर बैंकों का लोन की दरें तय करने का फॉर्मूला होता है जो कि बैंक के जमा और उधारी की दरों के आधार पर तय किया जाता है।
लॉकर किराया बढ़ा दिया...
स्टेट बैंक ने लॉकर किराया भी बढ़ा दिया है। साथ ही एक साल में लॉकर के उपयोग की संख्या भी कम कर दी है। 12 बार उपयोग करने के बाद ग्राहकों को 100 रुपए के साथ सर्विस टैक्स देना होगा। चेक बुक के मामले में चालू खाताधारकों को एक वित्त वर्ष में 50 चेक मुफ्त मिलेंगे। उसके बाद उन्हें चेक के प्रति पन्ने के लिए 3 रुपए देने होंगे। इस प्रकार, 25 पन्नों वाले चेक बुक के लिए उन्हें 75 रुपए के साथ सर्विस टैक्स भी देना होगा।
अब मासिक आधार पर छह महानगरों में एसबीआई की शाखा में औसतन 5,000 रुपए रखने होंगे। वहीं शहरी और अर्ध-शहरी शाखाओं के लिए क्रमश: न्यूनतम राशि सीमा 3,000 रुपये और 2,000 रुपए रखी गई है। ग्रामीण शाखाओं के मामले में न्यूनतम राशि 1,000 रुपए तय की गई है।
एसबीआई की वेबसाइट के अनुसार एसबीआई के बचत खाताधारकों को मासिक आधार पर न्यूनतम राशि को अपने खाते में रखना होगा। ऐसा नहीं होने पर उन्हें 20 रुपए (ग्रामीण शाखा) से 100 रुपए (महानगर) देने होंगे। बैंक में 31 मार्च तक बिना चेक बुक वाले बचत खाते में 500 रुपए और चेक बुक की सुविधा के साथ 1,000 रुपए रखने की आवश्यकता थी। हालांकि सुरभि, मूल बचत खाता और प्रधानमंत्री जनधन योजना खातों में यह व्यवस्था लागू नहीं होगी।
ये शुल्क पांच पूर्व असोसिएट बैंक और भारतीय महिला बैंक के ग्राहकों पर भी लागू होंगे। इन बैंकों का स्टैट बैंक में विलय 1 अप्रैल से प्रभाव में आ गया। विलय के बाद एसबीआई ग्राहकों की संख्या बढ़कर 37 करोड़ हो गई है।
साभार-khaskhabar.com













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