एसएसपी ने वांछित-फरार शातिरों के खिलाफ चलाया था अभियान फरार चल रहे 80 इनामी बदमाशों को दबोचने को लिए लगी हैं पुलिस टीमें एसएसपी ममगाई ने सबसे ज्यादा 25 इनामी पकड़ कर बनाया रिकॉर्ड मथुरा। पुलिस की पकड़ से दूर चल रहे दर्जनों ऐसे अपराधियों को दबोच कर पुलिस ने सखींचों के पीछे धकेल दिया है,जो व्यापारी और समाज के लिए हर वक्त खतरा बने हुए थे। वारदात और बदमाषों की नकेल कसने के साथ ही पुलिस के लिये चुनौती बने इनामी बदमाषों को दबोचने के लिए पुलिस पूरे साल जुटी रही। अभियान में पुलिस ने 46 इनामी बदमाषों को गिरफ्तार करने में सफलता भी प्राप्त की है। इसके बावजूद अभी तक करीब 80 इनामी बदमाष बचे हुए हैं,इन्हें दबोचने के लिए भी एसएसपी गंभीर हैं,उन्होंने जनपद की कई पुलिस टीमों को ऐसे अपराधियों को पकड़ने के लिए सख्त निर्देष दिए थे। जनपद में पूरे साल लूट,चोरी,डकैती,हत्या आदि विभिन्न अपराध में वांछित इनामी बदमाषों की धरपकड़ के लिये समय-समय पर अभियान चलाये गये। अभियान के चलते ही वर्ष-2016 में दिसम्बर माह तक एक हजार का एक,ढ़ाई हजार के छह,पांच हजार के 24 इनामी,दस हजार का एक और 12 हजार रुपये के आठ तथा 15 हजार रुपये के दो इसी के साथ बीस हजार के तीन तो वहीं पचास हजार रुपए के एक इनामी को पुलिस ने पकड़ कर जेल के सींखचों में भेजा है। पकड़े गये इनामियों में तत्कालीन एसएसपी मोहित गुप्ता के साढ़े चार महीने के कार्यकाल में सात,एसएसपी विनोद कुमार मिश्रा के ढाई महीने के कार्यकाल में 13 वहीं नितिन तिवारी के 15 दिन के कार्यकाल में एक इनामी बदमाष तो अब वर्तमान एसएसपी स्वप्निल ममगाई के पांच महीने के कार्यकाल में जनपद पुलिस ने 25 इनामी बदमाशों दबोच कर सलाखों किए जा चुके हैं। पिछले एक साल में तैनात रहे सभी एसएसपी में से सबसे अधिक इनामी बदमाषों को वर्तमान एसएसपी स्वप्निल ममगाई के समय स्वाॅट टीम समेत विभिन्न थानों की पुलिस टीम ने पकड़ कर जेल भेजा है,यह रिकार्ड वर्तमान एसएसपी की सफलता को बखूबी दर्षा रहा है,इसका एक कारण यह भी है,क्योंकि पिछले करीब आठ सालों में दर्जनों एसएसपी ने जिले की कमान संभाल और इनमें से कई अफसर लम्बे समय तक जिले में जमे रहे लेकिन वह इनामी इतने बदमाषों को पकड़ने या पुलिस टीम से पकड़वाने में विफल रहे हैं। निवर्तमान समय में जो एसएसपी यहां तैनात रहे हैं,उनकी विफलता का एक यह भी कारण हैं कि वह सभी अफसर जिले की पुलिस टीमों से तालमेल बिठाने के लिए गंभीर नहीं थे और यही कारण था कि उनके कार्यकाल में इनामी बदमाषों को पुलिस इतनी सफल नहीं हो सकी थी। वर्तमान एसएसपी के खौफ से ही पांच लाख के इनामी साहुन ने किया था सरेंडर मथुरा। बताते चलें कि पिछले करीब दस साल से अधिक समय से जरायम की दुनिया में कदम रखकर हाइवे पर लूट की वारदातों को अंजाम देने वाला विशंभरा का कुख्यात लुटेरा साहुन मेव जिले की पुलिस ही नहीं बल्कि आसपास की प्रदेष की पुलिस के लिए सिरदर्द बना हुआ था। जिले का कार्यभार संभालने के बाद एसएसपी स्वप्निल ममगाई ने इसे पकड़ने लिए पुलिस की दो टीम लगा दी थी,इनमें स्वाॅट टीम औ सर्विलांस टीम सीधे एसएसपी श्री ममगाई की देखरेख में साहुन का सुराग लगाने में लगी थीं। पुलिस टीम की कई बार पांच लाख के इनामी साहुन से मुठभेड़ हुई थी लेकिन वह भागने में सफल रहता था। इसके बाद षासन की आरे से मिले संकेतों के बाद एसएसपी श्री ममगाई ने यह निर्णय लिया था कि अगली दफा साहुन ने पुलिस पर गोलियां चलाईं तो पुलिस टीम किसी भी परिस्थति में पीछे नहीं हटेगी। एसएसपी गंभीर रूख को भांप कर ही कुख्यात साहुन मेवात में छिप गया था। जब साहुन को लगा कि मथुरा पुलिस कभी भी उसका एन्काउंटर कर सकती है तभी उसने दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल के मुखबिर से सेटिंग करके 8 नवंबर को सरेंडर कर दिया था। यह भी मथुरा पुलिस के दबाव में पकड़े जाने पर वर्तमान एसएसपी के लिए एक उपलब्धि है।
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