घोडियों के नृत्य व बैण्डबाजों के मध्य देवी मैया के जयकारों से गूंजा भवन मथुरा। बृज अंचल का ऐतिहासिक छाता क्षेत्र स्थित नरी सेमरी मेला में रविवार नवमीं पर हजारों दर्शक लठ्ठ पूजा देख कर आश्र्चय चकित रह गये। दोपहर के बाद एक के बाद एक चार गांवों के हजारों लठैत देवी मां की जय-जयकार करते हुए राजमार्ग स्थित प्राइमरी पाठशाला पर पहुंचे। लठधारी भक्तों के आगमन की सूचना मिलते ही उप जिलाधिकारी डा. राजेन्द्र पेसियां, पुलिस क्षेत्राधिकारी चन्द्रधर गौड, मेला प्रभारी छोटेलाल यादव, राजवीर सिंह व कोतवाली छाता प्रमोद पंवार की सीटियां बज उठी। देखते ही बाजार बंद कराने लगे। सर्वप्रथम ग्राम नरी के हजारों भक्तों ने घोडियों के नृत्य व हाथों में लाठी बल्लम, फरसा व बंदूक लेकर देवी मां के भवन की ओर बढ़ते चले। सांखी, अलवाई, रहेडा के भक्त 3 बजे देवी मंदिर पर विधिवत पूजा अर्चना कर आगे बढे। तदुपंरात नरी के हजारों लोगों ने परम्परागत लठ्ठों से पूजा की। नरी के ग्रामीण बैण्डबाजों के साथ व घोडियों के नृत्य के साथ देवी मां के जयकारे लगाते हुऐ मंदिर पहुंचे और देवी के दर्शन कर मनोतियां मांगी और पुण्य लाभ प्राप्त किया। इस दौरान देवी मॉ के भक्तों के हाथों में लाठी, फर्सा, बल्लम आदि शस्त्र थे। पुलिस फोर्स ने मेला परिसर में लगी दुकानों को बन्द करा दिया तथा ग्रामीणों के लिए हाईवे से लेकर मॉ के भवन तक रास्ते को साफ करा दिया। ग्रामीण उछलते कूदते हुऐ, देवी मॉ के जयकारे लगाते हुऐ सांय करीब 3 बजे पहुंचे और लठ्ठों से देवी मॉ के भवन में दरबाजे व दीवारो को पीट पीट कर पूजा की। गॉव नरी के डॉक्टर राजवीर सिंह यदुवंशी, देवेन्द्र कुमार, भगत सिंह ने देवी की लठ्ठ पूजा के बारे में बताया है कि एक बार देवी मैया ने गॉव नरी, सॉखी, अलवाई, रहेडा, दद्दी घड़ी, सेमरी, नगला देवीसींग, नगला बृजा व छाता के ग्रामीणों को स्वप्न दिया था कि में सिसौदिया ठाकुरों से खुश नही है। इसलिए सेमरी मंदिर में केवल यदुवंशी ठाकुर ही सेवा पूजा करेगे। पांचों गांवों के लोगों ने एकत्रित होकर पंचायत की और मां ने रात को स्वप्न में कहा कि मुझे सिसौदिया ठाकुरों की सेवा सें मैं खुशी नही हूं। मैं चाहती हूं कि यदुवंशियों से अपनी सेवा पूजा चाहती हूॅ। सभी यदुवंशी मिलकर मॉ के मंदिर पर पहुॅचे और सिसौदिया ठाकुरों से यदुवंशियो ने लाठी डण्डा, फर्सा, आदि शस्त्रों से पीट-पीट कर खदेड दिया था। तभी से सिसौदियाओं ने अकबरपुर गांव में देवी मां का अलग से मंदिर बना लिया और तभी से हर बर्ष नवरात्रों में अष्टमी के दिन देवी मैया का मेला लगता है। सेंमरी में नवमी को देवी मां की इन पांच गांवों के लोग सज धज कर हाथों मे शस्त्र लेकर आते है और शौर्य प्रदर्शन करते हैं। इस अनोखी लठ्ठ पूजा को देखने के लिए विभिन्न प्रदेशो विदेशों एंव क्षेत्रिय श्रद्धालु भारी संख्या में पहुंचते हैं। लठ्ठ पूजा के दौरान एसडीएम डा. राजेन्द्र पेसिया, सीओ चन्द्रधर गौड, कोतवाली प्रभारी निरीक्षक प्रमोद पंवार, मेला प्रभारी छोटेलाल यादव मय फोर्स के मेला परिसर व देवी भवन में मौजूद रहें। मेले की व्यवस्थाओ को कन्ट्रोल किया। मेला में जगह जगह पानी की प्याऊ लगी हुई थी तथा भण्डारे चल रहे थे। देवी मंदिर भवन में कन्या लांगुरा की पूजा चल रही थी। देवी कुण्ड के किनारे बच्चों का मुन्डन संस्कार चल रहा था। रात्रि को गांव नरी सेमरी में नाटक नौटंकी व विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया गया।
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