देवरिया का ऐसा मंदिर जिसे श्रद्धालु बताते हैं 'अश्वत्थामा' की तपोभूमि
Read More
मथुरा। प्रदेश सरकार के शिक्षा मंत्री डा. दिनेश शर्मा ने कहा कि सरकार शिक्षण कार्य को नकल विहीन परीक्षा कराने के साथ पटरी पर लाना चाह रही है। इसके लिए प्रयास रंग ला रहे हैं।
डा शर्मा हिन्दुस्तान इंजीनियरिंग कालेज में आयोजित ज्ञान ज्योति -2018 कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में बोल रहे थे। उन्होने छात्रों को अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि उस समय गूगल और इंटरनेट की सुविधा नहीं थी। वर्तमान में छात्र इसका पूरा लाभ शिक्षण कार्यक्रम में उठा सकते हैं। उन्होंनेे कहा कि धर्म का शिक्षण से कोई संबंध नहीं है। उन्होंने माता-पिता की सेवा को भगवान की सेवा बताया। उन्होने वर्तमान संस्कृति पर कटाक्ष किया। उन्होने कहा कि अगले सत्र से शिक्षण कार्य पटरी पर आ जाएगा। उपमुख्यमंत्री ने कहा कि वे चाहते हैं कि सत्र अप्रेल से शुरू हो। सत्र नियमित हो, इसके लिए व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जा रही हैं। उन्होने कहा कि वे कालेजों में पढाई चाहते हैं। शिक्षकों और छात्रों की निर्धारित उपस्थिति सुनिश्चित की जा रही हैं। ताकि वर्ष भर कालेज और स्कूलों में शिक्षण कार्य हो सके। वे प्रदेश में नकल को बढावा देकर बेरोजगारी बढाना नहीं चाहते थे। योग्य छात्रों को नौकरी मिलेंगी। उन्होने कहा कि अगले सत्र से स्कूलों में एनसीईआरटी का पाटयक्रम लागू करने जा रहे हैं। ताकि शिक्षणकार्य में अन्य राज्यों से विशमता न रहे। उन्होंने कहा कि शिक्षा में माफिया को नेस्तनाबूद किया है। उन्होंने कहा कि वर्तमान शिक्षासत्र में जिन 11 लाख परीक्षार्थियों ने परीक्षा छोडी, इनमें 75 फीसदी छात्र बाहरी राज्यों के थे। जो प्रदेश में केवल परीक्षा देने आते थे। उन्होने कहा कि विश्वविद्यालयी परीक्षाओं में भी नकल रोकने के जतन किए जा रहे हैं। डीएम और एसएसपी को इस संबंध में निर्देष दिए गए हैं। बोर्ड परीक्षा का पूर्ण पैटर्न अगलीबार से विश्वविधालयों की परीक्षाओं में भी लागू किया जाएगा। इस मौके पर विधायक पूरन प्रकाश, ठा कारिंदा सिंह, कालेज वाइस चेयरमेन वाईके गुप्ता, पीके गुप्ता, कार्यकारी निदेशक डा वीके शर्मा, निदेशक डा राजीव उपाध्याय, डा पीके उपाध्याय, मनीष गुप्ता आदि मौजूद थे।













Related Items
MATHURA : कालेज प्रशासन के खिलाफ धरने पर बैठीं मेडिकल की छात्राएं
90 प्रतिशत से अधिक अंक लाने वाली छात्रा को कालेज में मुफ्त शिक्षा