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बीजिंग । सीमा विवाद को लेकर चीन ने एक बार फिर से भारत को धमकी दी है। जिस तरह भूटान की ओर से सिक्किम सेक्टर के डोकलाम इलाके में सडक निर्माण से चीनी सेना को भारतीय सेना ने रोका, चीनी विचार समूह के एक विश्लेषक ने उसी तर्क का इस्तेमाल करते हुए कहा कि पाक के आग्रह पर कश्मीर में तीसरे देश की सेना घुस सकती है। चाइना वेस्ट नॉर्मल युनिवसिर्टी में भारतीय अध्ययन केन्द्र के निदेशक लांग जिंगचुन का एक लेख चीन के सरकारी अखबार ग्लोबल टाइम्स में छपा है। इस लेख में जिंगचुन ने कहा है कि अगर भारत से भूटान के क्षेत्र को बचाने का आग्रह किया भी जाता है तो यह उसके स्थापित क्षेत्र तक हो सकता है, विवादित क्षेत्र के लिए नहीं।  साथ ही उन्होनें लेख में लिखा कि भारत के तर्क के हिसाब से अगर पाकिस्तान सरकार अनुरोध करे तो तीसरे देश की सेना भारत नियंत्रित कश्मीर सहित भारत और पाकिस्तान के बीच विवादित क्षेत्र में घुस सकती है। आलेख में लिखा है कि भारत अंतरराष्ट्रीय समानता और दूसरों के आतंरिक मामलों में दखल ना देने की बात करता है लेकिन दक्षिण एशिया में उसने आधिपत्य वाली कूटनीति अपनाकर संयुक्त राष्ट्र घोषणापत्र का उल्लंघन किया है। चीनी मीडिया का कहना है कि भारत को डर है कि चीन पूर्वोत्तर भारत से मुख्य भारत को अलग कर दो टुकडे कर सकता है। साथ ही लेख में कहा गया है कि पश्चिमी देश बिना शर्त भारत का समर्थन नहीं करेंगे क्योंकि चीन के साथ विभिन्न मुद्दों पर उनका समान हित है। लेख में आगे लिखा है कि भारत को भूटान की संप्रभुता का सम्मान करना चाहिए। चीन और भूटान के बीच क्षेत्रीय विवाद के तहत दोनों पक्षों द्वारा इसे सुलझाया जाना चाहिए।  साभार-khaskhabar.com  

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जम्मू । जम्मू कश्मीर के पुंछ जिले में पाकिस्तान ने शनिवार को नियंत्रण रेखा से सटी अग्रिम चौकियों एवं बस्तियों को निशाना बनाकर फायरिंग की और मोर्टार दागे। पाकिस्तान की इस गोलीबारी में छुट्टियों पर आए एक जवान और उसकी पत्नी की मौत हो गई। साथ ही उनकी तीन बेटियां घायल हो गई। वहीं भारतीय सेना ने भी पाकिस्तान के इस हमले का करारा जवाब दिया। इंडिया टूडे की रिपोर्ट के अनुसार जवाबी कार्रवाई में कुल 7 पाकिस्तानी सैनिक और नागरिक मारे गए हैं, जबकि 16 घायल हुए हैं।  जानकारी के अनुसार जवाबी कार्रवाई में पांच पाकिस्तानी नागरिकों की मौत हो गई और दो पाक सैनिक मारे गए। इस हमले में दर्जन से ज्यादा पाक नागरिक भी घायल हो गए। खुफिया एजेंसियों के अनुसार हमारी सेना की तरफ से उनकी पोस्ट पर हमला किया और क्षतिग्रस्त भी किया। जानकारी के अनुसार हमले में मारे गए पाकिस्तानी सैनिक नियंत्रण रेखा पर तैनात 24 फ्रंटियर फोर्स यूनिट से हैं। ज्ञातव्य है कि कल शनिवार को पाकिस्तान ने संघर्ष विराम का उल्लंघन करते हुए एलओसी से सटी हुई भारतीय सैन्य चौकियों पर स्वचालित हथियारों से अंधाधुंध गोलीबारी की एवं मोर्टार दागे। साथ ही पाकिस्तान ने एलओसी से सटे स्थानीय गांवों को भी निशाना बनाकर भारी गोलीबारी की। ज्ञातव्य है कि पिछले माह जून में पाकिस्तान ने 23 बार संघर्ष विराम का उल्लंघन किया है।  साभार-khaskhabar.com

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हैमबर्ग । जी-20 शिखर सम्मेलन में भारत और समूह के 18 अन्य सदस्यों ने पेरिस जलवायु समझौते को बदला नहीं जा सकने वाला समझौता किया। लेकिन अमेरिका ने अलग होने का फैसला किया है। दो दिवसीय जी-20 शिखर सम्मेलन में भारतीय पक्ष को आतंकवाद को रोकने और वैश्विक व्यापार एवं निवेश को बढ़ावा देने के संकल्प में महत्वपूर्ण योगदान देते देखा गया। इस शिखर सम्मेलन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के अलावा मेजबान जर्मनी की चांसलर एंजेला मार्केल और अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप समेत विश्व के कई शीर्ष नेताओं ने भाग लिया। इस दौरान शहर में अभूतपूर्व हिंसक प्रदर्शन हुए जहां हजारों पूंजीवाद विरोधी प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच संघर्ष हुआ। एंजेला ने कहा कि दुभार्ग्यवश अमेरिका पेरिस समझौते के खिलाफ खड़ा रहा लेकिन अन्य सभी सदस्यों ने इस समझौता का समर्थन किया। पेरिस समझौते से अमेरिका के पीछे हटने के फैसले को ध्यान में रखते हुए जी-20 की आधिकारिक विज्ञप्ति में कहा कि अन्य जी20 सदस्यों के नेताओं ने सहमति जताई कि पेरिस समझौते में परिवर्तन नहीं किया जा सकता। विज्ञप्ति में भ्रष्टाचार, कर चोरी, आतंकवाद को मिलने वाली वित्तीय मदद एवं धनशोधन के खिलाफ मिलकर लडऩे की प्रतिबद्धता जताई गई। नेताओं ने भ्रष्टाचार के खिलाफ संगठित होने संबंधी जी-20 के उच्च स्तरीय सिद्धांतों को आज पारित किया। इसमें कहा गया कि भ्रष्टाचार सरकार के दक्ष एवं प्रभावी संचालन के अलावा निर्णय लेने में निष्पक्षता एवं सरकारी सेवाओं को उचित तरीके से मुहैया कराने की प्रक्रिया को बाधित करता है। जी-20 भ्रष्टाचार रोधी कार्य योजना 2017-18 भ्रष्टाचार के खिलाफ संगठित होने समेत सार्वजनिक क्षेत्र की अखंडता एवं पारदर्शिता को प्राथमिकता मानती है।  साभार-khaskhabar.com

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पटना। बेनामी संपत्ति और रेलवे के होटल घोटाले में फंसे आरजेडी चीफ लालू प्रसाद यादव और उनके कुनबे की मुसीबत अब और बढऩे वाली है। छापेमारी की खबर के बाद राज्य के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने वरिष्ठ अधिकारियों की बैठक बुलाई। सूत्रों के मुताबिक बिहार के सीएम नीतीश कुमार लालू के बेटे और राज्य के उप मुख्यमंत्री तेजस्वी यादव को उनके पद से हटाने पर विचार कर रहे हैं। सीबीआई द्वारा भ्रष्टाचार के मामले में तेजस्वी के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने के बाद सीएम नीतीश पर उनको पद से हटाने का दबाव बढऩे लगा है। वहीं, बीजेपी के वरिष्ठ नेता सुशील कुमार मोदी ने बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश से लालू के दोनों बेटों को कैबिनेट से बर्खास्त करने की मांग की है।    सूत्रों के मुताबिक नीतीश तेजस्वी को कैबिनेट से हटाने के विकल्प पर विचार कर रहे हैं। नीतीश सीधे तेजस्वी से इस्तीफा मांग सकते है या फिर नीतीश लालू से अपने पुत्र को इस्तीफा देने के लिए मनाने को कह सकते हैं। यह भी हो सकता है कि भ्रष्टाचार के मामले में चार्जशीट दाखिल होने तक तेजस्वी को उनके पद पर बने रहने दिया जा सकता है। जहां, छापेमारी हुई वहां लालू प्रसाद और उनकी पत्नी राबड़ी देवी अपने दोनों बेटों- तेज प्रताप तथा तेजस्वी यादव के साथ रहते हैं। तेज प्रताप बिहार सरकार में स्वास्थ्य मंत्री हैं, वहीं तेजस्वी बिहार के उपमुख्यमंत्री हैं। सीबीआई की छापेमारी के वक्त लालू प्रसाद झारखंड की राजधानी रांची में चारा घोटाले से जुड़े एक मामले में पेशी के लिए गए हुए थे।   राबड़ी और तेजस्वी से कई घंटे पूछताछ   खबर है कि अब सीबीआई की छापेमारी खत्म हो चुकी है। सीबीआई के 27 अधिकारियों की टीम ने राबड़ी देवी और उनके छोटे बेटे तेजस्वी यादव से पूछताछ की है। राबड़ी से 8 घंटे तक पूछताछ हुई है। तेजस्वी से भी करीब छह घंटे सवाल किए गए। सूत्रों के अनुसार तेजस्वी से पटना मॉल में हिस्सेदारी से संबंधित सवाल पूछे गए। सीबीआई ने लालू यादव के 12 ठिकानों पर शुक्रवार सुबह छापेमारी शुरू की थी, जो दोपहर बाद खत्म हुई।    लालू के आवास पर समर्थकों का हुजूम   लालू प्रसाद के आवास पर सीबीआई छापेमारी के बाद यहां सैकड़ों की तादाद में पार्टी के नेता व समर्थक जुट गए, जिसके कारण प्रशासन को उनके घर की तरफ जाने वाले मार्गों को बंद करना पड़ा और बड़ी संख्या में सुरक्षा बलों की तैनाती करनी पड़ी। मोबाइल फोन और सोशल मीडिया के जरिये सीबीआई की छापेमारी की खबर फैलते ही राजद के नेता, मंत्री, विधायक, कार्यकर्ता व समर्थक लालू के 10, सर्कुलर रोड स्थित आधिकारिक आवास के बाहर एकत्र हो गए।   रेल मंत्री के पद पर रहते लालू ने किए घोटाले सीबीआई ने साल 2006 में रांची तथा पुरी में बीएनआर होटल्स के विकास, रखरखाव तथा संचालन का टेंडर देने में कथित अनियमितता को लेकर लालू, उनकी पत्नी व पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी, बेटे तेजस्वी, इंडियन रेलवे कैटरिंग एंड टूरिज्म कॉरपोरेशन (आईआरसीटीसी) के प्रबंध निदेशक तथा लालू के विश्वासपात्र प्रेमचंद गुप्ता के खिलाफ मामला दर्ज किया है। लालू प्रसाद 2004-2009 के बीच रेल मंत्री थे। साभार-khaskhabar.com

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श्रीनगर । हिजबुल आतंकी बुरहरन वानी की मौत को आज एक वर्ष पूरा हो गया है। बुरहान वानी की बरसी के अवसर पर घाटी में हाई अलर्ट जारी किया गया है। ज्ञातव्य है कि आतंकी बुरहान वानी की मौत के बाद से ही घाटी में तनाव का माहौल बना हुआ है। पिछले वर्ष जब सुरक्षाबलों ने एनकांउटर में बुरहान वानी को मौत के घाट उतार दिया था तो उसके बाद घाटी में हिंसा फैल गई थी। इस हिंसा में करीब 75 लोगों की मौत हो गई थी। आज बुरहान वानी की बरसी के मौके पर तनाव की आशंका के चलते कश्मीर घाटी में अलर्ट जारी किया गया है। घाटी में आज इंटरनेट सेवाओं पर रोक लगा दी है। वहीं पुलवामा जिले के बुरहान के गृहनगर त्राल में कर्फ्यू लगा दिया गया है।  पुलवामा, कुलगाम, शोपियां और अनंतनाग जिले में कई जगह पर बुरहान के समर्थक सडकों पर उतर आए थे, इसके बाद यहां कफर््यू लगा दिया गया। साथ ही यहां भारी संख्या में पुलिस और सीआपीएफ के जवानों की तैनाती की गई है। इसके अलावा त्राल की तरफ जाने वाली सभी सडकों को भी सील कर दिया गया है। वहीं कुछ संवेदनशील जगहों पर धारा 144 लागू कर दी गई है।    नहीं रोकी गई अमरनाथ यात्रा: बुरहान वानी की बरसी पर तनाव की आशंका के चलते अमरनाथ यात्रा की सुरक्षा बढा दी गई है लेकिन यात्रा को रोका नहीं गया है। गौरतलब है कि पहले मीडिया में खबरें आ रही थी कि बुरहान वानी की बरसी पर तनाव की आशंका के चलते एक दिन के लिए अमरनाथ यात्रा रोकी जाएगी।  अमरनाथ यात्रा की सुरक्षा को बढाते हुए सेंट्रल पैरामिलिट्री फोर्स के 21 हजार जवान और तैनात कर दिए गए हैं। ज्ञातव्य है कि इसमें 40 हजार जवान पहले से ही तैनात हैं। वहीं अमरनाथ यात्रा पर खतरे को देखते हुए सेंट्रल फोर्सेस की 214 कंपनियां भेजी गई हैं।   अलगाववादी नेता नजरबंद: बुरहान वानी की बरसी के अवसर पर अलगाववादी नेताओं के हंगामे की आशंका के चलते उन्हें पहले ही नजरबंद कर दिया गया। साथ ही घाटी में सुरक्षा व्यवस्था बढा दी गई है। अलगाववादी हुर्रियत नेताओं मीरवाइज उमर फारूक और सैयद अली शाह गिलानी को एहतियातन नजरबंद कर दिया गया है। इसके साथ ही अन्य स्थानीय नेताओं को भी गिरफ्तार किया गया। साभार-khaskhabar.com

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  हैम्बर्ग । प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी-20 शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेने के लिए जर्मनी पहुंच गए है। प्रधानमंत्री मोदी के अलावा विश्व के अन्य शीर्ष अर्थव्यवस्था वाले देशों के नेता आज हैम्बर्ग में दो दिवसीय जी-20 सिम्मेलन के लिए शामिल हो रहे है। बताया जा रहा है कि इस दौरान आतंकवाद, जलवायु परिवर्तन और विश्व व्यापार जैसे मुद्दे चर्चा के केंद्र में होंगे। सिक्किम सीमा को लेकर भारत और चीन की सेनाओं के बीच गतिरोध की पृष्ठभूमि में इस सम्मेलन से इतर प्रधानमंत्री मोदी और चीन के राष्ट्रपति शी चिनपिंग की किसी भी संभावित बैठक पर सभी की निगाहें टिकी होंने की उम्मीद थी। लेकिन चीन ने इस पर गुरुवार शाम विराम लगा दिया। चीन की ओर से जारी एक बयान में कहा गया कि जर्मनी में राष्ट्रपति शी जिनपिंग और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बीच मुलाकात नहीं होगी। चीन के विदेश मंत्रालय के मुताबिक ऐसा मौजूदा सीमा विवाद को लेकर पैदा हुए हालात को देखते हुए तय किया गया है। इस सम्मेलन में रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन, तुर्की के राष्ट्रपति रजब तैयब एर्दोआन, फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों समेत अन्य शीर्ष नेताओं के हिस्सा लेने की संभावना है। आपको बता दें कि उन्नीस देशों और यूरोपीय संघ के संगठन को गु्रप ऑफ 20 कहा जाता है। अर्जेंटीना, ऑस्ट्रेलिया, ब्राजील, कनाडा, चीन, फ्रांस, जर्मनी, भारत, इंडोनिशया, इटली, जापान, मैक्सिको, रूस, सउदी अरब, दक्षिण अफ्रीका, दक्षिण कोरिया, तुर्की, ब्रिटेन और अमेरिका इस समूह के सदस्य हैं। हैम्बर्ग सम्मेलन की मेजबान और जर्मन चांसलर एंजेला मर्केल की जन्मभूमि होने के साथ-साथ वामपंथी कट्टरपंथियों का सरकार विरोधी गढ़ भी है। इस सम्मेलन से पहले कम-से-कम 30 प्रदर्शन होने की उम्मीद है। जिसमें पूंजीवाद विरोधी समूहों के सदस्यों समेत हजारों लोगों के हिस्सा लेने की संभावना है। साभार-khaskhabar.com    

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कोलकाता । पश्चिम बंगाल के बशीरहाट में गुरुवार को एक बार फिर हिंसा भडक़ उठी। पुलिस और स्थानीय लोगों में जमकर झड़प हुई। भीड़ को तितर-बितर करने के लिए पुलिस को लाठीचार्ज करना पड़ा और आंसू गैस के गोले भी छोडऩे पड़े। पुलिस कार्रवाई में कई लोगों के घायल होने की खबर आ रही है। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक कई पुलिसकर्मी भी घायल हुए है। पश्चिम बंगाल के 24-परगना जिले के बशीरहाट इलाके में गुरुवार (6 जुलाई) को एक बार फिर हिंसा भडक़ गई। दूसरी तरफ, बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह ने एक टीम बनाई है जो हिंसाग्रस्त इलाकों का दौरा करेगी। इस टीम में ओम माथुर, मीनाक्षी लेखी, सत्यपाल सिंह, कैलाश विजयवर्गीय जैसे बड़े नाम हैं। बादुडिय़ा में फिलहाल स्थिति सामान्य है, हालांकि इंटरनेट सेवाओं पर रोक जारी है।  हालात पर काबू पाने के लिए राज्य सरकार ने बशीरहाट, बादुडिय़ा, स्वरूपनगर और देगंगा थाना क्षेत्र में इंटरनेट सेवाओं को अस्थायी तौर पर निलंबित कर दिया ताकि सोशल नेटवर्किंसाइटों के जरिए अफवाहों को फैलने से रोका जा सके। गौरतलब है कि फेसबुक पर एक अपमानजनक पोस्ट के बाद दो गुटों के बीच हिंसक झड़प हो गई थी। मंगलवार को इस हिंसा ने भयावह रूप ले लिया। हिंसक भीड़ ने पुलिस की गाडिय़ों में आग लगा दी। जिसके बाद तनाव और बढ़ गया। सडक़ें जाम कर दी गई। इलाकों में कल से पेरामिलिट्री फोर्स तैनात है। वहीं, बीजेपी महासचिव कैलाश विजयवर्गीय और पार्टी की पश्चिम बंगाल इकाई के अध्यक्ष दिलीप घोष को उस वक्त विरोध प्रदर्शन का सामना करना पड़ा जब वे गुरुवार को एक सरकारी अस्पताल में उस व्यक्ति के परिजन से मुलाकात करने गए थे जिसके बादुडिय़ा में हुई सांप्रदायिक हिंसा में मारे जाने का दावा किया गया है। विजयवर्गीय और घोष अलग-अलग वाहनों में पहुंचे थे लेकिन प्रदर्शनकारियों ने उनको आर. जी. कर मेडिकल कॉलेज ऐंड हॉस्पिटल में जाने से रोक दिया। मौके पर बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात थे। पुलिस महानिदेशक सुरजीत कर पुरकायस्थ ने लोगों से अपील की है कि वे घृणा फैलाने से बचें। उन्होंने कहा, जो लोग अफवाहें फैला रहे हैं और घृणा फैलाने वाली पोस्ट्स और दुष्प्रचार करने में शामिल हैं, उन्हें बख्शा नहीं जाएगा। कृपया देश के कानून का सम्मान करें। देश का कानून अपने हाथ में लेने और मतभेद पैदा करने के नीच प्रयासों से सख्ती से निपटा जाएगा। कृपया अफवाहों पर ध्यान न दें। इधर, हिंसा को लेकर राजनीति तेज हो गई। बीजेपी सांसद बाबुल सुप्रियो ने इस हिंसा के लिए ममता सरकार को जिम्मेदार ठहराया। जबकि, एक दिन पहले ही मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कहा था कि एक फेसबुक पोस्ट के कारण ही उत्तर 24 परगना में सांप्रदायिक हिंसा भडक़ी थी। दसवीं के एक छात्र ने फेसबुक पर एक अपमानजनक पोस्ट डाला था, थोड़ी देर में पोस्ट वायरल हो गया। इसके बाद लोग सडक़ों पर उतरे और विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। हालांकि पुलिस ने आरोपी छात्र को तुरंत गिरफ्तार कर लिया।  साभार-khaskhabar.com  

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नई दिल्ली । वित्त मंत्रालय ने बुधवार को कहा वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) पांच फीसदी केवल उन ब्रांडेड अनाजों पर लागू होंगे, जो ट्रेड मार्क के रजिस्टर में पंजीकृत हैं, जबकि अन्य को छूट दी जाएगी। पंजीकृत ब्रांड नाम के अर्थ पर संदेह उत्पन्न होने के कारण सरकार ने यह स्पष्टीकरण जारी किया है। मंत्रालय ने एक बयान में कहा, जब तक ब्रांड नाम या व्यापार का नाम वास्तव में ट्रेड मार्क्स के रजिस्टर में नहीं है और ट्रेड मार्क एक्ट, 1999 के तहत नहीं है, तब तक उस पर जीएसटी शुल्क लागू नहीं होगा। बयान में कहा गया है, केंद्रीय जीएसटी (सीजीएसटी) छेना या पनीर, प्राकृतिक शहद, गेहूं, चावल और अन्य अनाजों, दालों, अनाजों और दालों के आटे व अन्य वस्तुओं की आपूर्ति पर नहीं लगेगा, बशर्ते कि वे पैकबंद डिब्बों में न हों और रजिस्टर्ड ब्रांड नाम में न आते हों। बयान में कहा गया है, ऐसे पदार्थो की आपूर्ति जब कंटेनर में पंजीकृत ब्रांड नाम के साथ की जाती है तो उन पर 2.5 फीसदी जीएसटी दर लगेगी। साभार-khaskhabar.com  

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यरुशलम । प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को 2008 के मुंबई हमलों में बचे इजयराइली बच्चे मोशे और उसके परिजनों से मुलाकात की। इस दौरान इजरायली पीएम नेतन्याहू भी मोदी के साथ थे। मोदी ने मोशे को भारत आने का न्योता दिया। मोशे ने हिंदी में नमस्ते कहकर पीएम मोदी का अभिवादन किया। उसने अपना लिखित संदेश पढ़ा और कहा कि वह भारत के लोगों और पीएम नरेंद्र मोदी को प्यार करता है। इस दौरान पीएम मोदी ने मोशे से पूछा कि क्या तुम फिर भारत आना चाहोगे। इस पर उसने हामी भर दी।  मोदी ने कहा कि तुम और तुम्हारा परिवार कभी भी भारत आ सकता है। जहां चाहे, वहां जा सकता है। आपको बता दें कि यह पहला मौका था जब पीएम मोदी ने आतंकी हमले के पीडि़त से विदेश में मुलाकात की। इससे पहले राब्बी होल्ट्जबर्ग ने मीडिया को दिए इंटरव्यू में कहा कि हमारे परिवार और इजरायल के लिए आज का दिन बहुत बड़ा है। मैं मोदी का स्वागत करता हूं। मोशे जब बड़ा हो जाएगा। तब वह भारत जरूर जाएगा। आपको बता दें कि साल 2008 में मुंबई में कई जगह आतंकी हमले हुए थे। पाकिस्तानी आतंकवादियों ने चाबड़ हाउस को भी अपना निशाना बनाया था और मोशे, उसके माता-पिता समेत कई पर्यटकों को बंधक बना लिया था। मोशे की देखभाल करने वाली दाई सांद्रा सैम्यूल्स भी इमारत में मौजूद थी, लेकिन वह एक कमरे में सीढिय़ों के नीचे छिपकर जान बचाने में सफल रही थी। वह तब बाहर आई जब उसने मोशे के रोने की आवाज सुनी और उसे उसके माता-पिता के शवों के बीच खड़े पाया। उसने उसे गोद में उठाया और इमारत से बाहर निकल गई। चाबड़ हाउस को नरीमन हाउस नाम से भी जाना जाता है जो व्यापक नवीनीकरण के बाद 2014 में फिर से खुला। मोशे अब अपने दादा-दादी, रब्बी शिमोन रोसेनबर्ग और येहुदित रोसेनबर्ग के साथ आफुला में रहता है। साभार-khaskhabar.com  

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श्रीनगर । जम्मू एवं कश्मीर में सत्ताधारी पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (पीडीपी) तथा भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की गठबंधन सरकार ने मंगलवार को विधानसभा तथा विधान परिषद में वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) प्रस्ताव पेश किया। राज्य के वित्तमंत्री हसीब द्राबू ने विधानसभा में प्रस्ताव पेश किया, जबकि लोक निर्माण मंत्री नईम अख्तर ने विधान परिषद में प्रस्ताव पेश किया। लेकिन, इस दौरान जम्मू-कश्मीर विधानसभा में जमकर हंगामा भी हुआ। इंजीनियर राशिद ने बिल लागू करने का विरोध किया और बीजेपी विधायकों से भिड़ गए। वहीं, विपक्ष ने राशिद का समर्थन किया। हंगामे के बीच स्पीकर ने मार्शल्स से शोरशराबा कर रहे राशिद को सदन से बाहर ले जाने को कहा। लेकिन राशिद और विपक्ष मार्शल्स से भी भिड़ गए। इस खींचातानी में सदन के स्टाफ का एक अफसर भी बेहोश हो गया।  प्रस्ताव पेश करते हुए द्राबू ने कहा, यह सदन संकल्प लेता है कि जम्मू एवं कश्मीर सरकार भारत संघ में राज्य की मौजूदा विशेष संवैधानिक स्थिति तथा राज्य के संविधान के तहत विधायी शक्तियों की सुरक्षा के लिए आधुनिक तरीके से भारत के संविधान में प्रासंगिक संशोधन के साथ राज्य सरकार जीएसटी व्यववस्था को स्वीकार करने पर अपनी सहमति दे सकता है। उपभोक्ता मामले तथा जन वितरण (सीएपीडी) व सूचना मंत्री चौधरी जुल्फिकार अली ने प्रस्ताव का अनुमोदन किया। प्रस्ताव की महत्ता के बारे में वित्तमंत्री ने कहा कि नई कर व्यवस्था को जम्मू एवं कश्मीर को छोडक़र पूरे देश में लागू किया गया है, जिसे अपने संविधान के तहत विशेष राज्य का दर्जा मिलता है। उन्होंने कहा कि राज्य के हितों के संरक्षण के लिए नई कर व्यवस्था को अपनाना जम्मू एवं कश्मीर के हित में है। सदन के समर्थन की मांग करते हुए द्राबू ने कहा, संविधानवाद के मुद्दे पर विधायकों द्वारा चर्चा की जानी चाहिए और इसका समाधान सदन में ही निकालना चाहिए। उन्होंने कहा, इसे हमारे लोकतंत्र की बुनियाद बनानी चाहिए। द्राबू ने कहा, हम गंभीर हैं और हमारी कोई कुटिल योजना नहीं है। लेकिन ऐसा नहीं है कि सारी बुद्धिमत्ता सरकार के पास ही है। सदन में कई विद्वान विधायक हैं, जो इस कानून पर अपना योगदान कर सकते हैं। उन्होंने कहा, हम सबके विचार सुनना चाहते हैं और इस सदन की सहमति लेंगे। वित्तमंत्री ने कहा कि विशेष दर्जे के कारण जम्मू एवं कश्मीर देश की सबसे सशक्त विधानसभा है। वहीं, नईम अख्तर ने विधानसभा में प्रस्ताव पेश किया, जिसका अनुमोदन सत्ताधारी पार्टी के विधायक विक्रमादित्य सिंह ने किया। साभार-khaskhabar.com  

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नई दिल्ली । प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का इजरायल दौरा दोनों देशों के बीच काफी अहम माना जा रहा है। पीए मोदी के इजरायल दौरा भारत को रक्षा के क्षेत्र में बडी सफलता मिली है। इसके अलावा आतंकवाद के खिलाफ लड़ाने लडऩे में भारत को इस मजबूती मिलने वाली है। इजरायल से भारत को दुश्मनों को नेस्तनाबूत करने वाल ताकतवर ड्रोन मिलने वाला है। पीएम मोदी के दौरे पर इजराइल के 10 हेरॉन टीपी ड्रोन को लेकर अहम डील होने वाली है, जो 400 मिलियन डॉलर का करार होगा। ऐसा पहली बार होगा जब भारतीय सेना लड़ाकू ड्रोन्स से लैस होगी। इजरायल से भारत को गाइडेड मिसाइलों से लैस 10 हेरॉन-टीपी लड़ाकू ड्रोन की डिलीवरी शुरू होने वाली है। भारत के रक्षा मंत्रालय ने साल 2015 में इजरायल के साथ हेरॉन-टीपी ड्रोन की डील को मंजूरी दी थी। इजरायल ने फरवरी 2015 में बंगलुरु के एयरो इंडिया शो में हेरॉन टीपी ड्रोन का प्रदर्शन किया था। जिसके बाद 11 सितंबर 2015 को रक्षा मंत्रालय ने इजराइल से 400 मिलियन डॉलर में 10 मिसाइल-सशस्त्र ड्रोन की खरीद को मंजूरी दी थी। पिछले साल जब भारत मिसाइल प्रौद्योगिकी नियंत्रण शासन यानी एमटीसीआर का सदस्य बना तो इजरायल से लड़ाकू ड्रोन की खरीद का रास्ता पूरी तरह साफ हो गया था, अब इंजरायल की एयरोस्पेस इंडस्ट्रीज भारत के लिए हेरॉन-टीपी ड्रोन बना रही है। और जल्द ही भारत को उसके पहले लड़ाकू ड्रोन मिल जाएंगे। भारत के लिए मेड इन इजरायल लड़ाकू ड्रोन एक गेमचेंजर माने जा रहे हैं। जिनकी अहमियत का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि हेरॉन-टीपी लड़ाकू ड्रोन हवा से जमीन पर टारगेट तबाह करने वाली मिसाइलों से लैस होंगे। हेरॉन-टीपी लड़ाकू ड्रोन्स पूरी तरह ऑटोमेटिक हैं, जिसे कंट्रोल रूम में बैठकर सिर्फ एक शख्स ऑपरेट कर सकता है। हेरॉन-टीपी लड़ाकू ड्रोन्स एक टन से ज्यादा भारी विस्फोटक लेकर 45 हजार फीट तक की ऊंचाई तक उड़ान भर सकते हैं। हेरॉन-टीपी ड्रोन भारतीय सेना में शामिल हो जाएंगे तो एलओसी पर पाकिस्तानी कब्जे वाले कश्मीर में धड़ल्ले से चल रहे आतंकी कैंपों के खिलाफ एक्शन लेना आसान हो जाएगा। लड़ाकू ड्रोन के टॉप-5 टारगेट में सबसे ऊपर पीओके में एक्टिव 45 से ज्यादा टेरर कैंप हो सकते हैं। इस लिस्ट में दूसरे नंबर पर भारत का मोस्ट वॉन्टेड और ग्लोबल आतंकवादी सैयद सलाहुद्दीन हो सकता है। तीसरा नंबर हाफिज मोहम्मद सईद का है, जो इन दिनों पाकिस्तान में हाउस अरेस्ट है। भारत को मिलने जा रहे लड़ाकू ड्रोन्स की हिट लिस्ट में चौथा नाम पाकिस्तान में बैठे जैश-ए-मोहम्मद चीफ मौलाना मसूद अजहर का हो सकता है। जबकि 1993 मुंबई सीरियल ब्लास्ट का गुनहगार दाऊद इब्राहिम को भी लड़ाकू ड्रोन्स के जरिए ठिकाने लगाया जा सकता है, जो इन दिनों कराची में बैठकर भारत के खिलाफ साजिश रच रहा है।  साभार-khaskhabar.com  

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नई दिल्ली । प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी आज से तीन दिन की विदेश यात्रा पर इजरायल जा रहे हैं। पीएम मोदी का यह इजरायल दौरा कई मायनों में ऐतिहासिक माना जा रहा है। ज्ञातव्य है कि पिछले 70 साल में इजरायल दौरा करने वाले वे पहले भारतीय पीएम होंगे। वहीं भारत और इजरायल के कूटनीतिक रिश्तों के 25 साल भी इसी वर्ष पूरे हो रहे हैं। इन 25 सालों में पीएम मोदी पहले भारतीय प्रधानमंत्री हैं जो इजरायल जा रहे हैं। वहीं मोदी की इस यात्रा के दौरान अब भारत खुलकर इजरायल के साथ अपने संबंधों को दुनिया के सामने रखेगा।  1950 में दी थी भारत ने इजरायल को पहली बार मान्यता: ज्ञातव्य है कि भारत ने वर्ष 1950 में पहली बार भारत ने इजरायल को मान्यता दी थी लेकिन दोनो देशों के बीच कूटनीतिक रिश्तों की औपचारिक शुरूआत 1992 में तत्कालीन प्रधानमंत्री पी वी नरसिंह राव ने की थी। वहीं वर्ष 2003 में तत्कालीन विदेश मंत्री जसवंत सिंह ने इजरायल की यात्रा की और फिर 2015 में बतौर राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी इजरायल गए। आज पीएम मोदी इजरायल यात्रा पर जा रहे हैं। इजरायल में पीएम मोदी के भव्य स्वागत की तैयारियां की गई हैं।  मोदी के स्वागत में इजरायली पीएम एयरपोर्ट पर रहेंगे पीएम मोदी के स्वागत के लिए इजरायल में भव्य तैयारियां की गई है। पीएम मोदी जब इजरायल की जमीन पर कदम रखेंगे तो बेंजामिन नेतन्याहू उनके स्वागत के लिए एयरपोर्ट पर मौजूद रहेंगे। साथ ही नेतन्याहू ने अपनी सरकार के 11 मंत्रालयों को मोदी के दौरे की जिम्मेदारी सौंपी है।  पीएम मोदी को मिलेगा सरप्राइज: इजरायल के विदेश मंत्रालय के डायरेक्टर जनरल युवल घुतेन ने बताया कि पीएम मोदी की यात्रा दोनों देशों के बीच मजबूत रिश्तों के लिए अहम है। हम इस यात्रा को लेकर काफी उत्साहित हैं। इस दौरे में कई समझौते हो सकते हैं। आप इस यात्रा से कुछ सरप्राइज की भी उम्मीद कर सकते हैं। साथ ही उन्होंने कहा कि दोनों नेताओं की बैठकों के बारे में उच्चस्तरीय भारतीय दल ने चर्चा कर ली है। साभार-khaskhabar.com  

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