देवरिया का ऐसा मंदिर जिसे श्रद्धालु बताते हैं 'अश्वत्थामा' की तपोभूमि
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पटना। बेनामी संपत्ति और रेलवे के होटल घोटाले में फंसे आरजेडी चीफ लालू प्रसाद यादव और उनके कुनबे की मुसीबत अब और बढऩे वाली है। छापेमारी की खबर के बाद राज्य के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने वरिष्ठ अधिकारियों की बैठक बुलाई। सूत्रों के मुताबिक बिहार के सीएम नीतीश कुमार लालू के बेटे और राज्य के उप मुख्यमंत्री तेजस्वी यादव को उनके पद से हटाने पर विचार कर रहे हैं। सीबीआई द्वारा भ्रष्टाचार के मामले में तेजस्वी के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने के बाद सीएम नीतीश पर उनको पद से हटाने का दबाव बढऩे लगा है। वहीं, बीजेपी के वरिष्ठ नेता सुशील कुमार मोदी ने बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश से लालू के दोनों बेटों को कैबिनेट से बर्खास्त करने की मांग की है।
सूत्रों के मुताबिक नीतीश तेजस्वी को कैबिनेट से हटाने के विकल्प पर विचार कर रहे हैं। नीतीश सीधे तेजस्वी से इस्तीफा मांग सकते है या फिर नीतीश लालू से अपने पुत्र को इस्तीफा देने के लिए मनाने को कह सकते हैं। यह भी हो सकता है कि भ्रष्टाचार के मामले में चार्जशीट दाखिल होने तक तेजस्वी को उनके पद पर बने रहने दिया जा सकता है। जहां, छापेमारी हुई वहां लालू प्रसाद और उनकी पत्नी राबड़ी देवी अपने दोनों बेटों- तेज प्रताप तथा तेजस्वी यादव के साथ रहते हैं। तेज प्रताप बिहार सरकार में स्वास्थ्य मंत्री हैं, वहीं तेजस्वी बिहार के उपमुख्यमंत्री हैं। सीबीआई की छापेमारी के वक्त लालू प्रसाद झारखंड की राजधानी रांची में चारा घोटाले से जुड़े एक मामले में पेशी के लिए गए हुए थे।
राबड़ी और तेजस्वी से कई घंटे पूछताछ
खबर है कि अब सीबीआई की छापेमारी खत्म हो चुकी है। सीबीआई के 27 अधिकारियों की टीम ने राबड़ी देवी और उनके छोटे बेटे तेजस्वी यादव से पूछताछ की है। राबड़ी से 8 घंटे तक पूछताछ हुई है। तेजस्वी से भी करीब छह घंटे सवाल किए गए। सूत्रों के अनुसार तेजस्वी से पटना मॉल में हिस्सेदारी से संबंधित सवाल पूछे गए। सीबीआई ने लालू यादव के 12 ठिकानों पर शुक्रवार सुबह छापेमारी शुरू की थी, जो दोपहर बाद खत्म हुई।
लालू के आवास पर समर्थकों का हुजूम
लालू प्रसाद के आवास पर सीबीआई छापेमारी के बाद यहां सैकड़ों की तादाद में पार्टी के नेता व समर्थक जुट गए, जिसके कारण प्रशासन को उनके घर की तरफ जाने वाले मार्गों को बंद करना पड़ा और बड़ी संख्या में सुरक्षा बलों की तैनाती करनी पड़ी। मोबाइल फोन और सोशल मीडिया के जरिये सीबीआई की छापेमारी की खबर फैलते ही राजद के नेता, मंत्री, विधायक, कार्यकर्ता व समर्थक लालू के 10, सर्कुलर रोड स्थित आधिकारिक आवास के बाहर एकत्र हो गए।
रेल मंत्री के पद पर रहते लालू ने किए घोटाले
सीबीआई ने साल 2006 में रांची तथा पुरी में बीएनआर होटल्स के विकास, रखरखाव तथा संचालन का टेंडर देने में कथित अनियमितता को लेकर लालू, उनकी पत्नी व पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी, बेटे तेजस्वी, इंडियन रेलवे कैटरिंग एंड टूरिज्म कॉरपोरेशन (आईआरसीटीसी) के प्रबंध निदेशक तथा लालू के विश्वासपात्र प्रेमचंद गुप्ता के खिलाफ मामला दर्ज किया है। लालू प्रसाद 2004-2009 के बीच रेल मंत्री थे।
साभार-khaskhabar.com













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