देवरिया का ऐसा मंदिर जिसे श्रद्धालु बताते हैं 'अश्वत्थामा' की तपोभूमि
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कोलकाता । पश्चिम बंगाल के बशीरहाट में गुरुवार को एक बार फिर हिंसा भडक़ उठी। पुलिस और स्थानीय लोगों में जमकर झड़प हुई। भीड़ को तितर-बितर करने के लिए पुलिस को लाठीचार्ज करना पड़ा और आंसू गैस के गोले भी छोडऩे पड़े। पुलिस कार्रवाई में कई लोगों के घायल होने की खबर आ रही है। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक कई पुलिसकर्मी भी घायल हुए है। पश्चिम बंगाल के 24-परगना जिले के बशीरहाट इलाके में गुरुवार (6 जुलाई) को एक बार फिर हिंसा भडक़ गई। दूसरी तरफ, बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह ने एक टीम बनाई है जो हिंसाग्रस्त इलाकों का दौरा करेगी। इस टीम में ओम माथुर, मीनाक्षी लेखी, सत्यपाल सिंह, कैलाश विजयवर्गीय जैसे बड़े नाम हैं। बादुडिय़ा में फिलहाल स्थिति सामान्य है, हालांकि इंटरनेट सेवाओं पर रोक जारी है।
हालात पर काबू पाने के लिए राज्य सरकार ने बशीरहाट, बादुडिय़ा, स्वरूपनगर और देगंगा थाना क्षेत्र में इंटरनेट सेवाओं को अस्थायी तौर पर निलंबित कर दिया ताकि सोशल नेटवर्किंसाइटों के जरिए अफवाहों को फैलने से रोका जा सके। गौरतलब है कि फेसबुक पर एक अपमानजनक पोस्ट के बाद दो गुटों के बीच हिंसक झड़प हो गई थी। मंगलवार को इस हिंसा ने भयावह रूप ले लिया। हिंसक भीड़ ने पुलिस की गाडिय़ों में आग लगा दी। जिसके बाद तनाव और बढ़ गया। सडक़ें जाम कर दी गई। इलाकों में कल से पेरामिलिट्री फोर्स तैनात है।
वहीं, बीजेपी महासचिव कैलाश विजयवर्गीय और पार्टी की पश्चिम बंगाल इकाई के अध्यक्ष दिलीप घोष को उस वक्त विरोध प्रदर्शन का सामना करना पड़ा जब वे गुरुवार को एक सरकारी अस्पताल में उस व्यक्ति के परिजन से मुलाकात करने गए थे जिसके बादुडिय़ा में हुई सांप्रदायिक हिंसा में मारे जाने का दावा किया गया है। विजयवर्गीय और घोष अलग-अलग वाहनों में पहुंचे थे लेकिन प्रदर्शनकारियों ने उनको आर. जी. कर मेडिकल कॉलेज ऐंड हॉस्पिटल में जाने से रोक दिया। मौके पर बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात थे। पुलिस महानिदेशक सुरजीत कर पुरकायस्थ ने लोगों से अपील की है कि वे घृणा फैलाने से बचें। उन्होंने कहा, जो लोग अफवाहें फैला रहे हैं और घृणा फैलाने वाली पोस्ट्स और दुष्प्रचार करने में शामिल हैं, उन्हें बख्शा नहीं जाएगा। कृपया देश के कानून का सम्मान करें। देश का कानून अपने हाथ में लेने और मतभेद पैदा करने के नीच प्रयासों से सख्ती से निपटा जाएगा। कृपया अफवाहों पर ध्यान न दें।
इधर, हिंसा को लेकर राजनीति तेज हो गई। बीजेपी सांसद बाबुल सुप्रियो ने इस हिंसा के लिए ममता सरकार को जिम्मेदार ठहराया। जबकि, एक दिन पहले ही मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कहा था कि एक फेसबुक पोस्ट के कारण ही उत्तर 24 परगना में सांप्रदायिक हिंसा भडक़ी थी। दसवीं के एक छात्र ने फेसबुक पर एक अपमानजनक पोस्ट डाला था, थोड़ी देर में पोस्ट वायरल हो गया। इसके बाद लोग सडक़ों पर उतरे और विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। हालांकि पुलिस ने आरोपी छात्र को तुरंत गिरफ्तार कर लिया।
साभार-khaskhabar.com













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