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मुंबई। महाराष्ट्र में सत्तारूढ़ भाजपा नीत गठबंधन सरकार में गत तीन वर्षो से शामिल शिवसेना ने सोमवार को कहा कि वह भारतीय जनता पार्टी और मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से नाराज है और सरकार से अलग होने के विकल्प पर विचार करेगी। पार्टी के नेताओं, विधायकों, सांसदों और मंत्रियों ने शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे के साथ बंद कमरे में हुई बैठक में शिकायतों की झड़ी लगाते हुए कहा कि उनके विकास कार्यो को सरकार ने रोक दिया है, फाइलों को आगे नहीं बढ़ाया गया तथा कई निर्णयों को लागू नहीं किया गया। शिवसेना के राज्यसभा सांसद संजय राउत और पर्यावरण मंत्री रामदास कदम ने मीडिया को अलग से पार्टी की इस बैठक और चर्चा के बारे में जानकारी दी।   राउत ने कहा, विधायकों ने शिवसेना प्रमुख को स्थिति की समीक्षा कर सही निर्णय लेने के लिए अधिकृत किया है। राज्य सरकार के संबंध में हम अंतिम निर्णय लेने के करीब हैं। इंतजार करें और देखें। पार्टी सूत्रों ने अंतिम निर्णय के बारे में इशारा करते हुए कहा कि गठबंधन बना रहेगा या नहीं, इसका निर्णय पितृपक्ष समाप्त होने और ठाकरे की वार्षिक दशहरा रैली के बाद जल्द लिया जाएगा। रामदस कदम ने बताया कि सभी विधायकों ने ठाकरे को स्थिति के बारे में बता दिया और समय आने पर उचित निर्णय लेने के लिए कहा। विधायक आश्वस्त हैं कि ठाकरे इस संबंध में उचित निर्णय लेंगे। उन्होंने इस संबंध में विस्तृत जानकारी नहीं दी। दोनों नेताओं ने कहा कि लोग मुद्रास्फीति, पेट्रोल/डीजल के बढ़ते मूल्य, ऋण के मुद्दे पर किसानों की समस्या का समाधान न होने पर काफी परेशान हैं। शिवसेना इन पापों का भागीदार नहीं बनना चाहती है। कदम ने कहा कि पार्टी की तमाम इकाइयां राज्यभर में मंगलवार से इन मुद्दों को उजागर करते हुए प्रदर्शन करेंगी। इससे पहले शिवसेना ने इस वर्ष जून में किसानों की कर्ज माफी की घोषणा को लागू करने की मांग को लेकर पूरे राज्य में प्रदर्शन किया था। पार्टी ने पिछले कुछ दिनों में बुलेट ट्रेन परियोजना और केंद्र और राज्य भाजपा की कड़ी आलोचना की है।   साभार-khaskhabar.com   

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नई दिल्ली। भारतीय वायुसेना मार्शल अर्जन सिंह की अंत्येष्टि सोमवार को राजकीय सम्मान के साथ की जाएगी, तब तक राष्ट्रीय ध्वज आधा झुका रहेगा। अर्जन सिंह वायुसेना के पहले फाइव स्टार रैंक के अधिकारी थे और लंबी अवधि तक जीवित रहने वाले एक मात्र फाइव स्टार रैंक के अधिकारी रहे। गृह मंत्रालय से जारी एक बयान में कहा गया है कि अर्जन सिंह की अंत्येष्टि दिल्ली छावनी के बरार स्क्वेयर पर सोमवार को सुबह 10 बजे किया जाएगा। बयान के मुताबिक, दिवंगत मार्शल की अंत्यष्टि पूरे राजकीय सम्मान के साथ की जाएगी।   दिल्ली के सभी शासकीय भवनों पर राष्ट्रीय ध्वज आधा झुका रहेगा। अर्जन सिंह के पार्थिक शरीर के साथ उनकी अंतिम यात्रा उनके आवास 7, कौटिल्य मार्ग से सुबह 8.30 बजे शुरू होगी। उन्हें बंदूकों की सलामी दी जाएगी। रक्षामंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि यदि मौसम सही रहा तो विमानों के परेड के जरिए राष्ट्रीय नायक को अंतिम श्रद्धांजलि दी जाएगी। उनकी अंत्येष्टि सुबह 9.30 बजे शुरू होगी। अर्जन सिंह (98) ने पाकिस्तान के खिलाफ 1965 में हुए युद्ध में हवाई अभियान का नेतृत्व किया था। उन्हें दिल का दौरा पडऩे के बाद आर्मी रिसर्च व रेफरल अस्पताल के इंटेन्सिव केयर यूनिट में भर्ती कराया गया था, शनिवार को उन्होंने अंतिम सांस ली। साभार-khaskhabar.com  

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नई दिल्ली। गुरुग्राम के रेयान इंटरनेशनल स्कूल को सोमवार से खोलने का आदेश दे दिया गया है, लेकिन इसी स्कूल में हत्या का शिकार हुए सात साल के मासूम प्रद्युम्न ठाकुर के पिता वरुण चंद्र ठाकुर ने रविवार को कहा कि स्कूल खुलने से वहां मौजूद साक्ष्य और न्याय संबंधी सारे सबूत खत्म हो जाएंगे। इसीलिए स्कूल को तब तक बंद रखा जाए, जब तक सीबीआई प्रारंभिक जांच नहीं कर लेती।    वरुण के वकील सुशील टेकरीवाल ने कहा, रेयान स्कूल खुलने से वहां मौजूद साक्ष्य और न्याय संबंधी सबूत नष्ट हो जाएंगे। इसके खत्म होने से केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) की जांच सीधे तौर पर प्रभावित होगी। लिहाजा, स्कूल को तत्काल प्रभाव से बंद रखा जाना चाहिए जब तक कि सीबीआई अपनी प्रारंभिक जांच पूरी नहीं कर लेती। टेकरीवाल ने कहा कि यह आशंका रविवार को प्रद्युम्न के पिता वरुण ठाकुर ने व्यक्त की है।   उल्लेखनीय है कि कक्षा दो के छात्र प्रद्युम्न की आठ सितंबर को टॉयलेट में गला काटकर नृशंस हत्या कर दी गई थी। बस के एक कंडक्टर को हत्या के आरोप में गिरफ्तार किया गया है और पुलिस ने बस कंडक्टर अशोक कुमार (42) को इस हत्या के लिए जिम्मेदार ठहराया है। पुलिस का कहना है कि अशोक ने बच्चे का यौन शोषण करने की कोशिश की, जिसमें विफल रहने पर उसने बच्चे की चाकू से गला काटकर हत्या कर दी। प्रद्युम्न के पिता 8 सितंबर की सुबह बेटे को स्कूल पहुंचाकर घर लौटे और एक घंटा बाद ही उसे स्कूल के टॉयलेट में खून से लथपथ, मृत पाया गया था। इस घटना के बाद समूचे देश में स्कूलों की सुरक्षा व्यवस्था और बच्चों की सुरक्षा राष्ट्रीय मुद्दा बन गई है। हरियाणा सहित कई राज्यों में चल रहे रेयान स्कूल के बाहर अभिभावकों और आक्रोशित लोगों ने प्रदर्शन किया था।   साभार-khaskhabar.com  

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गांधीनगर। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज अपना 67वां जन्मदिन मना रहे है। इस मौके पर पीएम मोदी अपने गृह राज्य गुजरात पहुंचे। सबसे पहले वह गांधीनगर पहुंचे और अपनी मां हीराबेन से आशीर्वाद लिया। यहां पीएम मोदी से मिलने के लिए आस-पास के पडोस के कई बच्चे भी पहुंच गए। पीएम मोदी पहले भी अपने जन्मदिन पर मां से मुलाकात करके आशीर्वाद लेते रहे हैं। आज भी जन्मदिन के अवसर पर उन्होंने यह परंपरा निभाई। अब वह सरदार सरोवर बांध देश को समर्पित करने के साथ यहां दो रैलियों को भी संबोधित करेंगे।   मोदी आज जन्मदिवस पर अपने पसंदीदा सरदार सरोवर बांध परियोजना और सरदार वल्लभ भाई पटेल की याद में बने ‘स्टैच्यू ऑफ यूनिटी’ का भी दौरा करेंगे। 182 मीटर ऊंची स्टैच्यू ऑफ यूनिटी की पहल मोदी ने की थी और वह काफी समय से सरदार सरोवर बांध की ऊंचाई बढ़ाने के भी पक्ष में हैं। इस बांध की ऊंचाई हाल ही में बढ़ाकर 138.68 मीटर की गई है।     प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 67वें जन्मदिन के अवसर पर रविवार को अपने गृह राज्य गुजरात में रहेंगे और इस दौरान सरदार सरोवर बांध देश को समर्पित करने के साथ यहां दो रैली भी संबोधित करेंगे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी रविवार को अपनी मां से भी मुलाकात कर सकते हैं, जन्मदिन के अवसर पर वह इस परंपरा को पहले भी निभाते रहे हैं। मोदी जन्मदिवस पर अपने पसंदीदा सरदार सरोवर बांध परियोजना और सरदार वल्लभ भाई पटेल की याद में बने स्टैच्यू ऑफ यूनिटी का भी दौरा करेंगे।   182 मीटर लंबे स्टैच्यू ऑफ यूनिटी की पहल मोदी ने की थी और वह काफी समय से सरदार सरोवर बांध की ऊंचाई बढ़ाने के भी पक्ष में हैं। इस बांध की ऊंचाई हाल ही में बढ़ाकर 138.68 मीटर की गई है। एक अधिकारिक विज्ञप्ति के अनुसार, बांध की ऊंचाई बढऩे से प्रयोग करने वाली जलक्षमता 4.73 एकड़ फीट(एमएएफ) हो जाएगी, जिससे गुजरात, राजस्थान, मध्यप्रदेश और महाराष्ट्र के लोगों को फायदा होगा। विज्ञप्ति में बताया गया है कि इस परियोजना से गुजरात के जल रहित क्षेत्रों में नर्मदा के पानी को नहर और पाइपलाईन नेटवर्क के जरिये पहुंचाने में मदद मिलेगी। सिंचाई सुविधा में विस्तार होगा, जिससे 10 लाख किसान लाभान्वित होंगे और कई गावों में पीने का पानी पहुंचेगा और यह चार करोड़ लोगों को फायदा पहुंचाएगा।   इस परियोजना को जल ट्रांसपोर्ट के सबसे बड़े मानव प्रयासों के रूप में देखा जा रहा है। इससे प्रतिवर्ष 100 करोड़ यूनिट जलबिजली पैदा होने की संभावना है। सरदार बांध का दौरा करने के बाद, प्रधानमंत्री साधु बेट जाएंगे, जहां स्टैच्यू ऑफ यूनिटी और इससे संबंधित सरदार वल्लभ भाई पटेल स्मारक परिसर का निर्माण किया जा रहा है। प्रधानमंत्री कार्यालय ने बताया, प्रधानमंत्री को इस परियोजना के काम की प्रगति का संक्षिप्त विवरण भी दिया जाएगा। परियोजना के अंतर्गत 182 मीटर लंबा मूर्ति, एक प्रदर्शनी हॉल और एक आगंतुक केंद्र बनाया जाए रहा है। रधानमंत्री नर्मदा महोत्सव के समापन समारोह में शामिल होंगे और दभोई में लोगों को संबोधित करेंगे। समारोह के दौरान वह राष्ट्रीय जनजाति स्वतंत्रता सेनानियों के लिए संग्रहालय की आधारशिला रखेंगे। मोदी बाद में अमरेली जाएंगे, जहां वह एपीएमसी के नए मार्केट यार्ड का उद्घाटन करेंगे। वह मधु उत्पादन केंद्र की आधारशिला और अमर डेयरी के नए प्लांट का उद्घाटन भी करेंगे। वह अमरेली में सहाकार सम्मेलन को भी संबोधित करेंगे।   साभार-khaskhabar.com   

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नई दिल्ली। पेट्रोल-डीजल के बढते दामों से आम लोग काफी परेशान है लेकिन केन्द्रीय पर्यटन मंत्री के जे अल्फोंस ने पेट्रोल-डीजल की कीमतों को सही ठहराया है। उन्होंने कहा कि पेट्रोल डीजल खरीदने वाले लोग भूखे नहीं मर रहे हैं। अल्फोंस ने कहा कि पेट्रोलियम उत्पादों से मिलने वाला पैसा गरीबों के कल्याण में खर्च किया जाएगा। साथ ही उन्होंने कहा कि सरकार ने यह फैसला सोच समझकर लिया है। अल्फोंस ने कहा कि जिनके पास कार और बाइक है, वहीं लोग पेट्रोल खरीदते हैं और वे भूख से नहीं मर रहे।    जो लोग इसे वहन कर रहे हैं, उन्हें टैक्स देना ही होगा। अल्फोंस ने कहा कि हमने टैक्स इसलिए लगाया है ताकि देश के गरीब लोगों को बेहतर जीवन मिल सके। उन्हें शौचालय और आवास जैसी सुविधाएं मिल सकें। उन्होंने यह भी कहा कि पेट्रोलियम उत्पादों से जो पैसा मिल रहा है वह पीएम या मंत्री चुरा नहीं रहे हैं। अल्फोंस ने कहा कि मोदी सरकार गरीबों के लिए है। साथ ही उन्होंने कहा कि सरकार की नीतियां बिल्कुल स्पष्ट और सिंपल है। उन्होंने कहा कि यह सरकार गरीबों के लिए है और उनके लिए घर बनाना, स्कूल, बिजली और शौचालय की सुविधाएं देना हमारा मकसरद है और इसके लिए बहुत सारा पैसा चाहिए। उन्होंने कहा कि इसके लिए हम उन लोगों पर टैक्स लगाने जा रहे हैं जो वहन कर सकते हैं।   यूपीए के मंत्री खा गए देश का पैसा: इस दौरान अल्फोंस ने कांग्रेस पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि यूपीए के कार्यकाल में जो भी पैसा सरकार को मिला, मंत्रियों ने खा लिया, चुरा लिया। साथ ही उन्होंने कहा कि यूपीए के मंत्रियों और उनकी पार्टी के सदस्यों ने देश को तहस नहस कर दिया है।    साभार-khaskhabar.com   

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गांधीनगर। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज अपना 67वां जन्मदिन मना रहे है। इस मौके पर पीएम मोदी अपने गृह राज्य गुजरात पहुंचे। सबसे पहले वह गांधीनगर पहुंचे और अपनी मां हीराबेन से आशीर्वाद लिया। यहां पीएम मोदी से मिलने के लिए आस-पास के पडोस के कई बच्चे भी पहुंच गए। पीएम मोदी पहले भी अपने जन्मदिन पर मां से मुलाकात करके आशीर्वाद लेते रहे हैं। आज भी जन्मदिन के अवसर पर उन्होंने यह परंपरा निभाई। अब वह सरदार सरोवर बांध देश को समर्पित करने के साथ यहां दो रैलियों को भी संबोधित करेंगे।   मोदी आज जन्मदिवस पर अपने पसंदीदा सरदार सरोवर बांध परियोजना और सरदार वल्लभ भाई पटेल की याद में बने ‘स्टैच्यू ऑफ यूनिटी’ का भी दौरा करेंगे। 182 मीटर ऊंची स्टैच्यू ऑफ यूनिटी की पहल मोदी ने की थी और वह काफी समय से सरदार सरोवर बांध की ऊंचाई बढ़ाने के भी पक्ष में हैं। इस बांध की ऊंचाई हाल ही में बढ़ाकर 138.68 मीटर की गई है।     प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 67वें जन्मदिन के अवसर पर रविवार को अपने गृह राज्य गुजरात में रहेंगे और इस दौरान सरदार सरोवर बांध देश को समर्पित करने के साथ यहां दो रैली भी संबोधित करेंगे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी रविवार को अपनी मां से भी मुलाकात कर सकते हैं, जन्मदिन के अवसर पर वह इस परंपरा को पहले भी निभाते रहे हैं। मोदी जन्मदिवस पर अपने पसंदीदा सरदार सरोवर बांध परियोजना और सरदार वल्लभ भाई पटेल की याद में बने स्टैच्यू ऑफ यूनिटी का भी दौरा करेंगे।   182 मीटर लंबे स्टैच्यू ऑफ यूनिटी की पहल मोदी ने की थी और वह काफी समय से सरदार सरोवर बांध की ऊंचाई बढ़ाने के भी पक्ष में हैं। इस बांध की ऊंचाई हाल ही में बढ़ाकर 138.68 मीटर की गई है। एक अधिकारिक विज्ञप्ति के अनुसार, बांध की ऊंचाई बढऩे से प्रयोग करने वाली जलक्षमता 4.73 एकड़ फीट(एमएएफ) हो जाएगी, जिससे गुजरात, राजस्थान, मध्यप्रदेश और महाराष्ट्र के लोगों को फायदा होगा। विज्ञप्ति में बताया गया है कि इस परियोजना से गुजरात के जल रहित क्षेत्रों में नर्मदा के पानी को नहर और पाइपलाईन नेटवर्क के जरिये पहुंचाने में मदद मिलेगी। सिंचाई सुविधा में विस्तार होगा, जिससे 10 लाख किसान लाभान्वित होंगे और कई गावों में पीने का पानी पहुंचेगा और यह चार करोड़ लोगों को फायदा पहुंचाएगा।   इस परियोजना को जल ट्रांसपोर्ट के सबसे बड़े मानव प्रयासों के रूप में देखा जा रहा है। इससे प्रतिवर्ष 100 करोड़ यूनिट जलबिजली पैदा होने की संभावना है। सरदार बांध का दौरा करने के बाद, प्रधानमंत्री साधु बेट जाएंगे, जहां स्टैच्यू ऑफ यूनिटी और इससे संबंधित सरदार वल्लभ भाई पटेल स्मारक परिसर का निर्माण किया जा रहा है। प्रधानमंत्री कार्यालय ने बताया, प्रधानमंत्री को इस परियोजना के काम की प्रगति का संक्षिप्त विवरण भी दिया जाएगा। परियोजना के अंतर्गत 182 मीटर लंबा मूर्ति, एक प्रदर्शनी हॉल और एक आगंतुक केंद्र बनाया जाए रहा है। रधानमंत्री नर्मदा महोत्सव के समापन समारोह में शामिल होंगे और दभोई में लोगों को संबोधित करेंगे। समारोह के दौरान वह राष्ट्रीय जनजाति स्वतंत्रता सेनानियों के लिए संग्रहालय की आधारशिला रखेंगे। मोदी बाद में अमरेली जाएंगे, जहां वह एपीएमसी के नए मार्केट यार्ड का उद्घाटन करेंगे। वह मधु उत्पादन केंद्र की आधारशिला और अमर डेयरी के नए प्लांट का उद्घाटन भी करेंगे। वह अमरेली में सहाकार सम्मेलन को भी संबोधित करेंगे। साभार-khaskhabar.com   

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शिमला। इस समय ब्लू व्हेल गेम परिजनों के लिए मुसीबत की जड़ बन गया है, क्योंकि किशोर-किशोरियां इस खेल के जाल में फंसकर खतरनाक कदम उठा रहे हैं। हिमाचल प्रदेश में ब्लू व्हेल गेम की वजह से मौत का पहला मामला सामने आया है। शिमला में 10 साल के एक बच्चे ने गुरुवार को ब्लू व्हेल गेम की वजह से खुदकुशी कर ली। बच्चे ने सुसाइड नोट भी छोड़ा। इसमें लिखा है कि एक पजल को सॉल्व ना कर पाने की वजह से खुदकुशी कर रहा हूं। यह घटना बाधू एरिया के बागी पुलिस स्टेशन एरिया की है। बच्चा गुरुकुल पब्लिक स्कूल में 5वीं कक्षा में पढ़ता था। गुरुवार दोपहर उसका शव घर की छत से लटका हुआ मिला। जिस पर परिजनों ने तुंरत पुलिस को सूचना दी।    मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को उतरवाया और मौके से सुसाइड नोट भी बरामद किया है। पुलिस के मुताबिक, सुसाइड नोट में लिखा गया है कि बच्चे ने किसी पजल को सॉल्व करने में मिली नाकामी के चलते खुदकुशी की। पुलिस ने जब इस पजल की जांच की तो पाया गया कि ये और कुछ नहीं बल्कि ब्लू व्हेल गेम था। आपको बता दें कि करीब दो महीने में ब्लू व्हेल गेम खेलने वाले देश के 10 बच्चे खुदकुशी कर चुके हैं। सरकार ने ब्लू व्हेल को बैन कर दिया गया है लेकिन अब भी इसके कुछ लिंक निजी तौर पर लोगों के पास हैं। आगरा की दो छात्राएं इस गेम के तहत दिए जाने वाले टास्क को पूरा करने होशंगाबाद तक पहुंच गई। इन किशोरियों को जब समझ में आया कि वे गलत दिशा में बढ़ रही हैं, तो उन्होंने इसकी जानकारी अपने परिजनों को दी। होशंगाबाद राजकीय रेलवे पुलिस के थाना प्रभारी एस.एन. मिश्रा ने गुरुवार को बताया कि उन्हें आगरा से मंगलवार की रात को सूचना मिली थी कि दो किशोरियां होशंगाबाद स्टेशन पर पंजाब मेल से पहुंची हैं। इस पर पहले गाड़ी और फिर प्लेटफार्म पर स्थित प्र्रतीक्षालय की तलाशी ली गई तो दो किशोरियां मिलीं, जिन्होंने आगरा से आने की बात बताई। मिश्रा के अनुसार, किशोरियों से पूछताछ की गई तो उन्होंने बताया कि वे ब्लू व्हेल गेम खेलती थीं और उन्हें घर से भागने का टास्क दिया गया था। साथ ही घर से न भागने पर गेम एडमिन ने परिजनों के साथ अनहोनी की धमकी दी।    इस कारण से ये दोनों किशोरियां स्कूल का बहाना करके मुंबई जाने वाली पंजाब मेल से चल पड़ीं। आधे रास्ते में दोनों किशोरियों ने घर पर अपने परिजनों को इस बारे में सूचना देने का फैसला किया, जिसके बाद उनके परिजनों ने इसकी सूचना पुलिस को दी। मिश्रा ने बताया कि आगरा के आर्मी स्कूल में नौवीं में पढऩे वाली दोनों छात्राओं के होशंगाबाद में मिलने की सूचना आगरा पुलिस को दी गई, जिस पर दोनों किशोरियों के परिजन बुधवार को होशंगाबाद पहुंचे और उन्हें अपने साथ ले गए।   साभार-khaskhabar.com  

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नई दिल्ली। भारत बांग्लादेश में रह रहे रोहिग्या शरणार्थियों के लिए मानवीय सहायता बढ़ाते हुए पड़ोसी देश को खाना संबंधी जरूरी सामान भेजने का निर्णय लिया है ताकि म्यांमार से भागे रोहिंग्या लोगों की इस संकट की घड़ी में मदद की जा सके। ऑपरेशन इंसानियत के तहत राहत सामग्री कई किश्तों में वितरित कि जाएगी, जिसके तहत गुरुवार को भारतीय वायु सेना का एक विमान चटगांव में इसकी पहली किश्त लेकर उतरेगा। विदेश मंत्रालय के एक बयान के मुताबिक, बांग्लादेश में शरणार्थियों की बड़ी संख्या के कारण संकट का सामना करना पड़ रहा है। जिसके कारण इस सहायता को बढ़ाने का फैसला किया गया है।   ढाका पहले ही कह चुका है कि बांग्लादेश सरकार ने उसके सामने आने वाली समस्याओं को हल करने के लिए नई दिल्ली से मदद मांगी थी, क्योंकि म्यांमार के हिसा ग्रस्त राखिने राज्य में उत्पीडऩ के बाद हजारों रोहिग्या मुसलमान बांग्लादेश में प्रवेश कर गए थे। बयान में कहा गया है कि खाने के लिए तत्काल आवश्यक वस्तुओं के मद्देनजर राहत सामग्री में, चावल, दाल, चीनी, नमक, खाना पकाने का तेल, चाय, नूडल्स, बिस्कुट जैसी चीजें दी जा रही हैं साथ ही लोगों को मच्छरदानी भी भेजी जा रही है। बयान में कहा गया, भारत ने भारत और बांग्लादेश के लोगों के बीच दोस्ती के करीबी संबंधों को ध्यान में रखते हुए हमेशा बांग्लादेश में संकट की घड़ी में तत्काल सहायता की है। बयान में कहा गया, बांग्लादेश के इस संकट की घड़ी में भारत किसी भी सहायता के लिए तैयार है।   साभार-khaskhabar.com  

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नई दिल्ली। पेट्रोल और डीजल की बढ़ती कीमतों पर उठ रहे सवालों के बीच पेट्रोलियम मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने कहा है कि जीएसटी से ही कीमतों पर लगाम लग सकती है। उन्होंने कहा कि पेट्रोलियम पदार्थों को भी जीएसटी के अंतर्गत लाया जाना चाहिए। प्रधान ने कहा कि इस सिलसिले में वित्त मंत्री राज्य सरकारों से बात भी कर चुके हैं। अगर जीएसटी के अतंगर्त इसे लाया जाता है तो कीमतों का पूर्वानुमान किया जाना संभव है। उन्होंने कहा कि हमने जीएसटी काउंसिल से मांग की है कि पेट्रोलियम को भी जीएसटी के तहत लाया जाए, जिसे आम लोगों को राहत मिल सके। साथ ही उन्होंने पेट्रोल और डीजल के दाम की दैनिक समीक्षा (डेली डाइनैमिक प्राइसिंग) रोकने के लिए सरकार के हस्तक्षेप से इनकार कर दिया है।    पेट्रोलियम मंत्री ने 3 जुलाई से कीमतों में वृद्धि के प्रभाव को हल्का करने के लिए टैक्स में कटौती को लेकर भी कोई प्रतिबद्धता नहीं जताई। आपको बता दें कि ईंधन के दाम में जुलाई के बाद से 7.3 रुपये प्रति लीटर की वृद्धि हुई है। कीमतों में वृद्धि को लेकर आलोचना को गलत बताते देते हुए प्रधान ने कहा कि 16 जून को नई व्यवस्था के बाद एक पखवाड़े तक कीमतों में आई कमी की अनदेखी की गई और केवल अस्थायी तौर पर मूल्य वृद्धि को जोर-शोर से उठाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि देश अपनी जरूरत 80 प्रतिशत आयात से पूरा करता है और इसीलिए 2002 से घरेलू ईंधन की दरों को अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमतों में उतार-चढ़ाव से जोड़ा गया है। उन्होंने कहा कि पहले दरों को हर पखवाड़े में बदला जाता था, लेकिन 16 जून से इसे दैनिक आधार पर बदला जा रहा है।    दैनिक आधार पर समीक्षा में अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल के दाम में अगर कोई कटौती होती है तो उसका तुरंत लाभ ग्राहकों को मिलता है। इससे कीमतों में एक बार में अचानक से वृद्धि के बजाए कम मात्रा में वृद्धि होती है। सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियों के प्रमुखों के साथ बैठक के बाद उन्होंने कहा, सरकार का तेल कंपनियों के रोजाना के कामकाज से कोई लेना-देना नहीं है। केवल कुशलता ऐसा क्षेत्र है जहां सरकार तेल कंपनियों की दक्षता में सुधार के लिए हस्तक्षपे करेगी। धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि अमेरिका में चक्रवात जैसे कारणों से वैश्विक कीमतों में वृद्धि आई है और इसमें कीमत के संकेत पहले से दिख रहे हैं। उन्होंने कहा, इस चक्रवात के कारण अमेरिकी की कुल रिफाइनरी क्षमता 13 प्रतिशत प्रभावित हुई है। यह पूछे जाने पर कि क्या सरकार इस वृद्धि के प्रभाव को कम करने के लिए उत्पाद शुल्क में कटौती करेगा, उन्होंने कहा, इस बारे में वित्त मंत्रालय को निर्णय करना है, लेकिन एक चीज बिल्कुल साफ है। हमें उपभोक्ताओं की आकांक्षाओं के साथ विकास जरूरतों के बीच संतुलन रखना है। मंत्री ने कहा, हमें बड़े पैमाने पर राजमार्ग और सडक़ विकास योजनाओं, रेलवे के आधुनिकीकरण और विस्तार, ग्रामीण स्वच्छता, पेय जल, प्राथमिक स्वास्थ्य तथा शिक्षा का वित्त पोषण करना है।   साभार-khaskhabar.com       

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अहमदाबाद। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उनके जापानी समकक्ष शिंजो आबे ने बुधवार को अहमदाबाद के पुराने शहर स्थित 16वीं सदी की मस्जिद, सिदी सैय्यद की जाली का दौरा किया। मोदी ने ऐतिहासिक साबरमती आश्रम भी दिखाया। जापान के प्रधानमंत्री शिंजो आबे अपनी पत्नी के साथ भारत के दो दिवसीय दौरे पर अहमदाबाद पहुंचे हैं। मोदी ने आबे और उनकी पत्नी अकी आबे का मस्जिद में स्वागत किया और उन्हें परिसर के दौरे पर ले गए। यह मस्जिद अपनी जाली खिड़कियों के लिए मशहूर है।   गुजरात सल्तनत के अंतिम सुल्तान शम्स-उद-दीन मुजफ्फर शाह तृतीय की सेना के एक जनरल, अहमद शाह बिलाल झजर खान के अनुयायियों ने 1573 में इस मस्जिद का निर्माण कराया था। मस्जिद का दौरा करने के बाद आबे दंपति सडक़ पार एक धरोहर स्थल गए जहां मोदी रात्रिभोज की मेजबानी करेंगे।इससे पहले मोदी ने प्रोटोकॉल तोड़ते हुए व्यक्तिगत तौर पर सरदार वल्लभ भाई पटेल हवाई अड्डे पर जाकर आबे का जोरदार स्वागत किया।इस दौरान आबे को गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया साथ ही देश के कई इलाकों से आए कलाकारों ने विभिन्न कार्यक्रम पेश किए। खुली जीप में रोड शो दोनों नेता और अकी आबे एक खुली जीप में सवार होकर हवाईअड्डे से ऐतिहासिक साबरमती आश्रम के लिए निकले, जहां उन्होंने आठ किलोमीटर से ज्यादा दूरी रोड शो के जरिये पूरा किया। गांधी की प्रतिमा पर चढ़ाए फूलआश्रम में शिंजो आबे और उनकी पत्नी ने महात्मा गांधी की प्रतिमा पर फूल चढ़ाकर श्रद्धांजलि अर्पित की। मोदी ने गांधी जी के तीन बंदर वाली एक संगमरमर की मूर्ति आबे को भेंट की। मोदी बने गाइडसिदी सैय्यद मस्जिद में शिंजो दंपती के साथ पीएम मोदी ने कई तस्वीरें खिंचाई। इस दौरान पीएम मोदी खुद गाइड बने और शिंजो दंपति को मस्जिद दिखाई। हाई-स्पीड रेल प्रोजेक्ट की रखेंगे नींव मोदी और आबे गुरुवार को साबरमती रेलवे स्टेशन के पास एथलेटिक स्टेडियम में महत्वाकांक्षी 1.08 लाख करोड़ रुपये (17 अरब डॉलर) की अहमदाबाद-मुंबई हाई-स्पीड रेल प्रोजेक्ट की नींव रखेंगे। इसके बाद, दोनों नेता गांधीनगर में 12वीं वार्षिक द्विपक्षीय शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेंगे, जिसमें कई समझौतों पर हस्ताक्षर किए जाने की उम्मीद है। यह सम्मेलन मोदी और आबे के बीच चौथा वार्षिक शिखर सम्मेलन होगा, जहां दोनों देशों के बीच विशेष रणनीतिक और वैश्विक भागीदारी के ढांचे के तहत बहुमुखी सहयोग में प्रगति की समीक्षा की जाएगी। जापान उन दो देशों में से एक है, जिनके साथ भारत के ऐसे वार्षिक शिखर सम्मेलन होते हैं, दूसरा देश रूस है। दोनों देशों के प्रधानमंत्री भारत-जापान बिजनेस लीडर फोरम में भी शामिल होंगे। साभार-khaskhabar.com           

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जम्मू। केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने मंगलवार को कहा कि भारत यह सुनिश्चित करेगा कि पाकिस्तान को जम्मू एवं कश्मीर में युद्धविराम का उल्लंघन करने से रोकने के लिए मजबूर किया जाए। राज्य की शीतकालीन राजधानी जम्मू में एक प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए राजनाथ सिंह ने कहा, साल 2014 से पाकिस्तान ने युद्धविराम का 400 बार उल्लंघन किया है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया, हम यह सुनिश्चित करेंगे कि पाकिस्तान को युद्धविराम उल्लंघन रोकने के लिए मजबूर किया जाए।   गृह मंत्री ने जम्मू एवं कश्मीर के अपने चार दिवसीय दौरे के अंतिम दिन यह बातें कही, साथ ही यह भी घोषणा की कि सीमापार गोलीबारी में अगर कोई नागरिक मारा जाता या 50 फीसदी या उससे अधिक विकलांग हो जाता है तो उसे 5 लाख रुपये की आर्थिक मदद दी जाएगी। उन्होंने कहा, युद्धविराम के उल्लंघन के बावजूद लोग सरहद पर रहते हैं। देश की सरहद को बचाने में उनका योगदान बहुत बड़ा है। सीमा पर रहनेवाले नागरिकों के लिए 60 बंकरों का निर्माण किया गया है, साथ ही अन्य का भी निर्माण कार्य चल रहा है।   कोई सरकार नहीं कर सकती एनआईए जांच में हस्तक्षेप   केंद्रीय गृह मंत्री ने कहा कि राष्ट्रीय जांच आयोग (एनआईए) एक स्वतंत्र जांच एजेंसी है और किसी सरकार के पास इसकी जांच को प्रभावित करने की शक्ति नहीं है। उन्होंने एनआईए द्वारा आतंकवाद के वित्तपोषण मामले में कश्मीरी अलगाववादी नेताओं की गिरफ्तारी पर कहा, एनआईए एक स्वतंत्र, स्वायत्त संगठन है और देश के कानून के अनुसार काम करती है। कोई सरकार इस एजेंसी के कामकाज में हस्तक्षेप नहीं कर सकती है।    रोहिंग्या अवैध प्रवासी जम्मू में रोहिंग्या शरणार्थियों की उपस्थिति पर सिंह ने कहा कि वे अवैध प्रवासी हैं। उन्होंने कहा, जम्मू में रह रहे रोहिंग्या अवैध प्रवासी हैं और मैं उनकी उपस्थिति से सुरक्षा के खतरा होने से इनकार नहीं करता हूं। इससे पहले मंगलवार की सुबह राज्य के भाजपा (भारतीय जनता पार्टी) नेताओं के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल ने जम्मू में रह रहे 4,500 रोहिंग्या शरणार्थियों को वापस भेजने की मांग की।   साभार-khaskhabar.com   

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नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने अपने कर्मचारियों और पेंशनभोगियों का महंगाई भत्ता एक प्रतिशत बढ़ाकर 5 प्रतिशत कर दिया है। इस फैसले से उसके 50 लाख कर्मचारियों और 61 लाख पेंशनभोगियों को लाभ होगा। महंगाई भत्ते की नई दरें 1 जुलाई से लागू होंगी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में मंगलवार को हुई केंद्रीय मंत्रिमंडल की मीटिंग में कई अहम फैसले हुए। एक आधिकारिक बयान में कहा गया है कि मूल्यवृद्धि से राहत के लिए मूल वेतन-पेंशन पर डीए की 1 फीसदी बढ़ी हुई किस्त जारी की जाएगी।    चालू वित्त वर्ष की 8 महीने की अवधि (जुलाई, 2017 से फरवरी, 2018) के दौरान महंगाई भत्ता और महंगाई राहत (डीआर) से सरकार पर क्रमश: 3,068.26 करोड़ रुपये और 2,045.50 करोड़ रुपये का बोझ पड़ेगा। इस कदम से केंद्र सरकार के 49.26 लाख कर्मचारियों और 61.17 लाख पेंशनभोगियों को लाभ मिलेगा। इसके अलावा, कैबिनेट ने पेमेंट ऑफ ग्रैच्युटी (संशोधन) बिल, 2017 को संसद में पेश करने की मंजूरी दी।   इसके तहत सरकार ग्रैच्युटी पर टैक्स छूट सीमा को दोगुना करना चाहती है। अब तक 10 लाख रुपये से अधिक राशि की ग्रैच्युटी पर टैक्स लगता रहा है, लेकिन अब ग्रैच्युटी पर छूट की सीमा को 20 लाख रुपये तक की जा सकती है। रिटायरमेंट के बाद नियोक्ता की ओर से एंप्लॉयी को ग्रैच्युटी की रकम दी जाती है। इसके अलावा, कंपनियां 5 साल या उससे अधिक समय तक नौकरी करने पर भी एंप्लॉयीज को यह लाभ देती हैं। मौजूदा ग्रैच्युटी भुगतान एक्ट, 1972 के तहत सरकारी कर्मचारियों को मिलने वाली ग्रैच्युटी की राशि पर टैक्स में छूट मिलती है यानी सरकारी कर्मचारियों को ग्रैच्युटी पर कोई टैक्स नहीं देना होता। दूसरी तरफ गैर-सरकारी कर्मचारियों को रिटायरमेंट पर मिलने वाली ग्रैच्युटी की 10 लाख रुपये तक की राशि पर कोई टैक्स नहीं लगता है, लेकिन इसके बाद टैक्स चुकाना होता है। 10 या उससे अधिक कर्मचारियों की संख्या वाले संस्थानों पर ग्रैच्युटी ऐक्ट लागू होता है।    इस एक्ट के तहत यदि कोई संस्थान इस एक्ट के दायरे में एक बार आ जाता है, तो कर्मचारियों की संख्या 10 से कम होने पर भी उस पर यह नियम लागू रहता है। यदि कोई संस्थान इसके अंतर्गत नहीं है, तो वह अपने कर्मचारियों को एक्सग्रेशिया पेमेंट कर सकता है। इस कानून के तहत कोई भी कर्मचारी लगातार 5 साल या फिर उससे अधिक वक्त तक संस्थान में काम करता है, तभी वह ग्रैच्युटी का हकदार है। हालांकि, बीमारी, दुर्घटना, लेऑफ, स्ट्राइक या लॉकआउट की स्थिति में आये व्यवधान को इसमें नहीं जोड़ा जाता। आमतौर पर कर्मचारी के रिटायर होने पर ही ग्रैच्युटी ही पेमेंट की जाती है। हालांकि, इसके अलावा भी कुछ अन्य स्थितियों में कर्मचारी को ग्रैच्युटी का लाभ मिलता है।   कैबिनेट में हुए कई बड़े फैसले   1. केंद्रीय कर्मचारियों के लिए अतिरिक्त 1 प्रतिशत महंगाई भत्ता और पेंशनभोगियों के लिए महंगाई राहत जारी करने को मंजूरी।   2. संसद में उपादान भुगतान (संशोधन) विधेयक, 2017 को पेश करने को मंजूरी।   3. भारत और मोरक्को के बीच स्वास्थ्य के क्षेत्र में सहयोग पर आधारित सहमति पत्र पर हस्ताक्षर किए जाने को मंजूरी।   4. भारत और अर्मेनिया के बीच आपदा प्रबंधन के क्षेत्र में सहयोग पर आधारित सहमति पत्र पर हस्ताक्षर किए जाने को मंजूरी।   5. भारत संचार निगम लिमिटेड के मोबाइल टॉवर संसाधनों को बीएसएनएल की पूर्ण स्वामित्व वाली एक अलग कम्पनी में सम्मिलित करने को मंजूरी।   6. भारत की तलछट घाटियों, जिनके बारे में सीमित आंकड़े उपलब्ध हैं, के सर्वेक्षण के लिए 48,243 लाइन किलोमीटर 2डी सिस्मिक डाटा अधिगृहित करने के लिए एक महत्वपूर्ण परियोजना को मंजूरी।   7. 161 किलोमीटर लंबी बाराबंकी-अकबरपुर रेल लाइन की दोहरीकरण परियोजना को मंजूरी, जिस पर 1,310.23 करोड़ रुपये की लागत आएगी। यह परियोजना वर्ष 2021-22 तक पूरी होने की संभावना है।    8. 247.5 किमी लम्बी दौंड-मनमाड रेल लाइन की दोहरीकरण परियोजना को मंजूरी। इस परियोजना पर 2,081.27 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत आएगी।   9. 2017-18 से 2028-29 की अवधि के दौरान 10,881 करोड़ रूपये की लागत से ‘दुग्ध प्रसंस्करण और बुनियादी विकास निधि’ योजना के कार्यान्वयन को मंजूरी।   साभार-khaskhabar.com     

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