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नई दिल्ली। दिल्ली मेट्रो में सफर कर रहे मुसाफिरो की सांस उस समय थम गई जब खुले दरवाजे के साथ दौडती नजर आई। टनल के भीतर मेट्रो ने रफ्तार पकड़ ली, लेकिन मेट्रो का दरवाजा खुला ही रहा। यह घटना सोमवार रात करीब दस बजे की है और मेट्रो की येलो लाइन यानी गुडग़ांव बादली लाइन की है। इस पूरी घटना को एक मुसाफिर ने अपने मोबाइल में कैद कर लिया। यही नहीं उन्होंने अपनी फिक्र जताने के साथ ही इस यात्रा के दौरान दूसरे यात्रियों के डर और अनुभव को भी अपने मोबाइल कैमरे में कैद कर लिया। घटना के मुताबिक मेट्रो ट्रेन गुडग़ांव की तरफ से आकर विश्वविद्यालय की ओर जा रही थी। चावड़ी बाज़ार मेट्रो स्टेशन तक तो सबकुछ ठीक रहा, लेकिन चावडी बाजार से जैसे ही मेट्रो आगे बढ़ी, कोच का एक दरवाजा बंद ही नहीं हुआ। यूं तो मेट्रो के दरवाजों में सेंसर लगे होते हैं और दरवाजा बंद नहीं होने तक मेट्रो आगे नहीं बढ़ती है, लेकिन यहां कुछ ऐसी तकनीकी खराबी आयी कि दरवाजा खुला होने के बावजूद मेट्रो ने रफ्तार पकड़ ली और चांदनी चौक की तरफ बढ़ गई। टनल के भीतर पहुंचने पर मेट्रो ने और रफ्तार पकड़ी। मेट्रो के मुसाफिरों के लिए ये बात डराने वाली थी क्योंकि अभी तक तो मेट्रो में यही भरोसा होता है कि दरवाजा बंद होने के बाद ही मेट्रो आगे बढ़ेगी। लेकिन अगले स्टेशन यानि चांदनी चौक पहुंचने तक मेट्रो के मुसाफिरों की सांसें अटकी ही रहीं। चांदनी चौक से मेट्रो का स्टाफ भी सवार हो गया, लेकिन दरवाजा बंद नहीं हुआ। यहां तक कि कश्मीरी गेट तक भी दरवाजा खुला ही रहा। हालांकि डीएमआरसी का कहना है कि तकनीकी खराबी की वजह से आंशिक तौर पर मेट्रो के दरवाजे खुले रह गए और अगले ही स्टेशन पर मेट्रो के स्टाफ ने एहतियात के तौर पर दरवाजे को गार्ड कर लिया, ताकि कोई हादसा न हो। इसके बाद कश्मीरी गेट पर दरवाजा बंद कर दिया गया। यही नहीं इस मेट्रो ट्रेन को विश्वविद्यालय पर ही खाली भी करा लिया गया। साभार-khaskhabar.com   

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नई दिल्ली। हरियाणा के रेयान इंटरनेशनल स्कूल में सात साल के बच्चे प्रद्युम्न की हत्या की घटना पर अभिभावकों की चिंता के बीच मानव संसाधन विकास मंत्री प्रकाश जावडेकर ने सुझाव दिया कि स्कूलों और स्कूल बसों में पर्याप्त महिला कर्मियों की व्यवस्था की जानी चाहिए। वहीं, दिल्ली सरकार ने स्कूलों में सुरक्षा को लेकर अहम कदम उठाए हैं। हरियाणा की घटना के तीन बाद सोमवार को दिल्ली के उपमुख्यमंत्री और शिक्षा मंत्री मनीष सिसोदिया ने शिक्षा अधिकारियों के साथ हाई लेवल मीटिंग कर स्कूलों के लिए कुछ प्रोटोकॉल तय किये हैं, जिनका सबको पालन करना होगा। मीटिंग में सभी स्कूलों में सीसीटीवी कैमरे लगाने का निर्देश दिया गया है। साथ ही स्कूल के सभी शिक्षकों और कर्मचारियों का पुलिस वेरिफिकेशन तीन सप्ताह के भीतर कराने का निर्देश दिया गया है।  स्कूलों को सफाइकर्मी, बस चालक, माली, चौकीदार और दूसरे कामों में लगे सभी कर्मचारियों का पुलिस वेरिफिकेशन करवाना होगा। मनीष सिसोदिया के निर्देश पर प्राइवेट स्कूलों की निगरानी के लिए एक एक हाई लेवल कमेटी बनायी गई है, जो समय-समय पर स्कूलों को दौरा करेगी। ये कमेटी इस बात की निगरानी रखेगी कि सुरक्षा को लेकर बनाए गए दिल्ली सरकार के प्रोटोकॉल का पालन हो रहा है या नहीं। दिल्ली सरकार ने स्कूलों में लगे सीसीटीवी कैमरे का फुटेज भी उपलब्ध कराने को कहा है। सीएम केजरीवाल ट्वीट कर कहा था कि बच्चों की सुरक्षा को देखते हुए स्कूलों के लिए प्रोटोकॉल बनाया जायेगा, इसके एक दिन बाद उपमुख्यमंत्री ने बैठक कर गाइडलाइन जारी की हैं। ससे पहले सोमवार को ही सुप्रीम कोर्ट ने बच्चे के पिता की ओर से मामले की सीबीआई जांच कराने की मांग के बारे में दायर याचिका पर केंद्र और सीबीएसई को नोटिस जारी किया। आपको बता दें कि सुप्रीम कोर्ट ने गुरुग्राम के रायन इंटरनेशनल स्कूल के प्रद्युम्न मर्डर केस में उसके पिता की अर्जी पर सुनवाई करते हुए केंद्र, मानव संसाधन विकास मंत्रालय, हरियाणा सरकार, सीबीआईढ्ढ और सीबीएसई को नोटिस जारी किया है। कोर्ट ने सभी पक्षों से तीन हफ्ते के अंदर जवाब मांगा है। सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बाद प्रद्युमन के पिता वरुण ठाकुर ने कहा, मुझे कोर्ट पर बहुत विश्वास है, इसलिए हम यहां आए थे। जिस तरह से कोर्ट ने ऐक्शन लिया है, हम खुश हैं। साभार-khaskhabar.com   

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पटना। बिहार में विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव ने रविवार को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और उप मुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी पर भागलपुर एवं अन्य जिलों में 2,000 करोड़ रुपये के सृजन घोटाले का आरोप लगाया। उन्होंने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के अन्य नेताओं पर भी इस घोटाले में संलिप्तता के आरोप लगाए। सृजन घोटाले के विरुद्ध भागलपुर से राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के अभियान की शुरुआत करने वाले बिहार के पूर्व उप मुख्यमंत्री तेजस्वी यादव ने कहा, ‘‘नीतीश कुमार और सुशील मोदी सृजन घोटाले के लिए जिम्मेदार हैं और राज्य सरकार सबूत मिटाने एवं अपनों को बचाने के लिए मुद्दे को भटकाने की कोशिश कर रही है।’’ उन्होंने कहा, ‘‘लेकिन, हम चुप नहीं बैठेंगे और हमने राज्य की 11 करोड़ जनता के समक्ष इस घोटाले में उन लोगों की संलिप्तता को उजागर करने का संकल्प लिया है।’’ उन्होंने कहा कि सुशील मोदी और उनका परिवार इस घोटाले में संलिप्त है। तेजस्वी यादव ने नीतीश कुमार पर जदयू,राजद और कांग्रेस के महागठबंधन को तोडक़र भाजपा के साथ सरकार बनाने पर तंज कसते हुए उन्हें नैतिक भ्रष्टाचार का ‘भीष्म पितामह’ कहा। उन्होंने कहा, ‘‘नीतीश कुमार की राजनीति पूरी तरह से बुरे कामों से भरी हुई है। उन्होंने राजद को सीबीआई के चंगुल में फंसा दिया लेकिन सृजन घोटाले को दबाने के लिए भाजपा से हाथ मिलाया।’’ तेजस्वी ने दावा करते हुए कहा कि इस घोटाले में केंद्रीय मंत्री गिरीराज सिंह, पूर्व मंत्री शहनवाज हुसैन, पार्टी सांसद नीलकंठ दुबे समेत पार्टी के अन्य वरिष्ठ नेता शामिल हैं और इन लोगों ने सरकार के पैसे को लूटा है। उन्होंने कहा कि बिहार में सृजन घोटाला मध्य प्रदेश के व्यापम घोटाले से भी बड़ा है। दोनों घोटाले भाजपा शासित प्रदेशों में हुए हैं। राजद की मांग के बाद मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने मामले की सीबीआई जांच का ऐलान किया। सीबीआई ने इस मामले में जांच शुरू कर दी है।  सृजन घोटाले के तार भागलपुर स्थित एनजीओ सृजन महिला विकास सहयोग समिति लिमिटेड में कथित अनियमितता से जुड़े हुए हैं जहां महिलाओं को व्यवसायिक प्रशिक्षण दिया जाता था। पुलिस के अनुसार इस मामले में अब तक 20 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है और कई मामले दर्ज किए जा चुके हैं जिनमें से 10 मामले सीबीआई ने भी दर्ज किए हैं। साभार-khaskhabar.com 

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सिरसा। सिरसा/चंडीगढ़। हरियाणा के अधिकारियों ने हरियाणा के सिरसा के पास डेरा सच्चा सौदा मुख्यालय की तलाशी अभियान रविवार को पूरा कर लिया। तलाशी का यह तीसरा दिन था। हरियाणा सरकार के प्रवक्ता सतीश मिश्रा ने शाम को कहा कि तलाशी अभियान पूरा हो गया है। इससे पहले मिश्रा ने मीडिया से कहा कि 99 फीसदी तलाशी पूरी कर ली गई है। सिरसा में सोमवार से से रेल और इंटरनेट सेवा बहाल कर दी जाएगी। इसके साथ ही चरणबद्ध तरीके से कर्फ्यू में ढील दी जाएगी। हालांकि, अभी यह पता नही चल पाया है कि तलाशी के दौरान तीसरे दिन क्या मिला। लेकिन, माना जा रहा है कि अब कई बड़े खुलासे हो सकते है। तीन दिन तक चले तलाशी अभियान की वीडियोग्राफी भी हुई, जिसे पंजाब-हरियाणा हाई कोर्ट को सौंपा जाएगा। वहीं, डेरा के कुछ पूर्व अनुयायियों ने बताया कि अभी तक तलाशी में कुछ खास बरामद नहीं हुआ है। उन्होंने आरोप लगाया कि ऐसा हो सकता है कि डेरा प्रबंधन ने सबूतों से छेड़छाड़ की हो। इससे पहले तलाशी के दौरान शनिवार को परिसर के भीतर दो खुफिया सुरंगें और अवैध विस्फोटक कारखाने का पता चला। हरियाणा सरकार के प्रवक्ता सतीश मिश्रा ने बताया कि डेरा के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है। डेरा परिसर में अस्पताल के कामकाज में अनिमितताओं का पता चला है। यहां बिना लाइसेंस के स्किन क्लीनिक चलाया जा रहा था। गर्भावस्था जांच और अन्य संबंधित जां में भी धोखाधड़ी का पता चला है। परिसर के अंदर मिली दो सुरंगों में से एक डेरा प्रमुख के शयनकक्ष गुफा से जुड़ी हुई है। डेरा परिसरों को खाली कराने के लिए शुक्रवार से ही अभियान शुरू हो गया था। इस दौरान कुछ कंप्यूटर, लग्जरी एसयूवी और कुछ मुद्राएं भी जब्त की। सूत्रों के मुताबिक, तलाशी टीमों को कई जूते भी मिले हैं। डिजाइनर कपड़े, रंग-बिरंगी टोपियां मिली। डेरा प्रमुख को उनकी दो पूर्व शिष्याओं के दुष्कर्म के आरोप में 20 साल कैद की सजा सुनाई गई थी। पंजाब और हरियाणा उच्च न्यायालय ने इस तलाशी अभियान के लिए जिला एवं सत्र न्यायाधीश ए.के.एस पवार को पूरी प्रक्रिया की निगरानी के लिए अदालत आयुक्त नियुक्त किया गया है और उन्हीं की निगरानी में तलाशी ली गई। तलाशी की वीडियोग्राफी भी की गई। अर्धसैनिक बलों और हरियाणा पुलिस के साथ वरिष्ठ पुलिस प्रशासन और पुलिस अधिकारी भी इस तलाशी अभियान में शामिल हुए। बम निरोधक दस्ते, कमांडोज, स्निफर डॉग की भी तैनाती की गई है। सिरसा और आसपास के क्षेत्रों से डेरा मुख्यालय जाने वाली सभी सडक़ों को सील किया गया। जिला अधिकारियों का कहना है कि तलाशी अभियान से डेरा प्रमुख के कई रहस्यों से पर्दा उठ सकता है लेकिन डेरा प्रमुख की गतिविधियों का विरोध कर रहे लोगों का कहना है कि तलाशी अभियान में देरी कर दी गई है। ऐसा हो सकता है कि डेरा प्रबंधन ने राम रहीम को दोषी ठहराए जाने के कुछ दिनों के बाद से डेरा परिसर से हथियारों और अन्य अवैध चीजों को हटा दिया हो।  डेरा मुख्यालय दो परिसरों में बंटा है। इनमें से एक परिसर 600 एकड़ में जबकि दूसरा 100 एकड़ में फैला है। डेरा परिसरों में एक स्टेडियम, अस्पताल, शैक्षणिक संस्तान लग्जरी रिजॉर्ट, बंगले और बाजार भी हैं। डेरा प्रमुख के हजारों अनुयायी स्थाई तौर पर यहां रहते हैं और काम करते हैं। जिस परिसर में डेरा प्रमुख रहते थे, उसे गुफा कहा जाता है। यह लगभग 100 एकड़ में फैला हुआ है और इसमें अल्ट्रा लग्जरी सुविधाएं हैं। साभार-khaskhabar.com   

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नई दिल्ली। नोटबंदी एक आपदा थी, जो उद्देश्यों को हासिल नहीं कर पाई। आर्थिक और वित्तीय प्रकाशन द ग्लूम, बूम एंड डूम रिपोर्ट के संपादक और प्रकाशक मार्क फैबर ने शुक्रवार को यह बात कही। फैबर ने बीटीवीआई से एक साक्षात्कार में कहा, हम सभी जानते हैं कि नोटबंदी एक आपदा थी, इसके लक्ष्य को हासिल नहीं किया गया। इसे सौम्य तरीके से किया जा सकता था, जिसमें छह महीने का समय दिया जा सकता था। इस दौरान पुराने नोटों का आदान-प्रदान किया जा सकता था, ताकि किसी को भी नुकसान नहीं पहुंचे। उन्होंने कहा कि यह कदम शिक्षाविदों की सलाह पर आधारित था, जिसमें सरकार के लोगों को यह पता नहीं था कि बाजार कैसे काम करता है। फैबर ने कहा कि नोटबंदी का उद्देश्य संगठित अपराध को काबू में करना था, जो कि नकदी की प्रचुरता से बढ़ता है। लेकिन इन दिनों उनके पास पैसे उधार देने के अन्य साधन भी हैं। वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) के बारे में उन्होंने कहा कि नई अप्रत्यक्ष कर व्यवस्था के तहत दरें काफी अधिक रखी गई हैं, जिससे कालाबाजारी को बढ़ावा मिलेगा।    नोटबंदी और जीएसटी से देश की विकास दर प्रभावित हुई है और अप्रैल-जून तिमाही के दौरान यह गिरकर 5.7 फीसदी पर आ गई। संपादक ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पास अच्छे विचार और इरादे थे और अगर यह अगले 10-20 वर्षों के लिए पांच प्रतिशत की दर से बढ़ सकता है तो अर्थव्यवस्था के लिए अच्छा होगा। उन्होंने कहा, मेरे लिए, यदि भारत अगले 10-20 वर्षों तक पांच प्रतिशत की दर से विकास कर सकता है, तो यह एक बढिय़ा विकास दर है। लेकिन ज्यादातर भारतीयों का मानना है कि उनके देश को 8-10 फीसदी के रफ्तार से बढऩा चाहिए। इसे भूल जाइए, क्योंकि उच्च कर्ज में डूबी दुनिया के लिए पांच प्रतिशत भी अच्छी विकास दर है।    भारत भी कर्ज में डूबा है, इसलिए पांच फीसदी की विकास दर भी बढिय़ा है। फैबर ने कहा कि सभी उभरते बाजारों की अर्थव्यवस्था अमेरिका से अच्छा प्रदर्शन किया है और यह प्रवृत्ति जारी रहेगी। उन्होंने कहा कि निवेशकों में भारत के बारे में आशावाद रहा है और वे एशियाई देशों में निवेश करने की उम्मीद करते हैं।   साभार-khaskhabar.com     

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सिरसा। गुरमीत राम रहीम के रहस्यलोक में तलाशी अभियान आज भी जारी रहेगा। गौरतलब है कि शुक्रवार को डेरा सच्चा सौदा के मुख्यालय में सर्च आपॅरेशन चलाया गया। इस दौरान कई चौंकाने वाली चीजों का खुलासा हुआ। तलाशी अभियान के दौरान जवानों ने डेरे से कई चीजों को कब्जे में लिया। सर्च अभियान में सामने आया कि गुरमीत राम रहीम डेरे में अपनी खुद की करंसी चलाता था। डेरे के अंदर भारतीय मुद्रा नहीं बल्कि उसकी खुद की छापी हुई प्लास्टिक करंसी चलती थी। इसके अलावा और भी कई लग्जरी आइटम सर्च अभियान के दौरान मिले। ज्ञातव्य है कि शुक्रवार को करीब 10 घंटे तक डेरे में सर्च ऑपरेशन चला। अब सुरक्षाबल और जिला प्रशासन कडी सुरक्षा-व्यवस्था और कर्फ्यू के बीच शनिवार सुबह एक बार फिर तलाशी अभियान शुरु होगा।    शुक्रवार को यह मिला डेरे से: शुक्रवार को सर्च अभियान में टीवी प्रसारण से जुडी ओबी वैन, बिना नंबर वाली लेक्सस कार, दवाएं (बिना लेबल/ब्रांड की) तक शामिल हैं। इसके अलावा 5 लोगों को राम रहीम की गुफा से निकाला गया है। निकाले गए लोगों में 2 बच्चे भी हैं। साथ ही बड़ी मात्रा में कैश, कंप्यूटर, हार्डडिस्क और मोबाइल मिले हैं, जिन्हें जब्त कर लिया गया है। तलाशी के दौरान 2 रूम कैश से भरे मिले, जिसे सील कर दिया गया है। डेरा हेडक्वॉर्टर के पास के बाजार में प्लास्टिक के बने सिक्के भी मिले हैं। ये सिक्के 10 रुपये से लेकर अलग-अलग मूल्यों के हैं। सर्च टीम जब बाबा की गुफा में पहुंची तो वहां उसे 1500 जोड़ी जूते और 3000 जोड़ी महंगे डिजाइनर कपड़े मिले। वहीं, राम रहीम की मुंहबोली बेटी हनीप्रीत के कमरे का भी पता चला। वहां कई लग्जरी आइटम्स मिले है।   सर्च ऑपेशन के दौरान राम रहीम की गुफा से पुलिस को 1500 जोडी जूते मिले। गुफा के अंदर राम रहीम का आलीशान बेड था। आलीशान बाथरूम, ड्रेसिंग रूम, मेकअप का सामान, महंगी अंगूठियां, महंगी अंगूठियां, 3 हजार जोडी महंगे डिजाइनर कपडे भी मिले। गुफा के अंदर पांच लोग मिले, जिनमें दो बच्चे है। सर्च टीम ने सभी को गुफा से बाहर निकाल लिया है। सर्च ऑपरेशन के दौरान हनीप्रीत का कमरा भी मिला। हनीप्रीत के कमरे में बड़ी तादाद में लग्जरी आइटम्स बरामद किए गए। इसमें गहने, कपड़े और बाकी महंगा सामान शामिल था। इस कमरे को सील कर दिया गया है।      साभार-khaskhabar.com     

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बेंगलुरू। कर्नाटक सरकार ने शुक्रवार को पत्रकार और सामाजिक कार्यकर्ता गौरी लंकेश के हत्यारों के बारे में जानकारी देने वाले को 10 लाख रुपये इनाम देने की घोषणा की है। लंकेश की हत्या मंगलवार को उनके घर के सामने ही कर दी गई थी। राज्य के गृहमंत्री रामालिंगा रेड्डी ने संवाददाताओं को बताया,सरकार ने निर्णय लिया है कि जो भी लंकेश के हत्यारों के बारे में जानकारी देगा या कोई सुराग देगा, उसे 10 लाख रुपये इनाम दिया जाएगा।   यह निर्णय मुख्यमंत्री सिद्धारमैया की अध्यक्षता में दिन में हुई एक विशेष बैठक में लिया गया, जिसमें रेड्डी, गृह विभाग के अधिकारी और विशेष जांच दल (एसआईटी) ने हिस्सा लिया। विशेष जांच दल का गठन गौरी लंकेश की हत्या की जांच के लिए किया गया है। पुलिस महानिरीक्षक बी.के.सिंह की अध्यक्षता में बुधवार को 21 सदस्यीय एसआईटी का गठन किया गया था, जिसमें शहर के पुलिस उपायुक्त (पश्चिम) एम.एन. अनुचेथ को मुख्य जांच अधिकारी बनाया गया है। जांच में अभी तक कोई सुराग नहीं मिल पाया है। ऐसे में एसआईटी ने घटना को अंजाम देने के बाद एक मोटर बाइक से फरार हुए संदिग्ध हत्यारों के बारे में जानकारी मुहैया कराने के लिए आम जनता से मदद मांगी है।   साभार-khaskhabar.com     

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बीजिंग। चीन के विदेश मंत्री वांग यी ने गुरुवार को कहा कि भारत-चीन के संबंधों को डोकलाम विवाद ने प्रभावित और कमजोर किया है लेकिन ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के दौरान दोनों देश के नेताओं के बीच बनी सहमति हमारे द्विपक्षीय संबंधों में सुधार के लिए महत्वपूर्ण है। उन्होंने इस हफ्ते शियामेन में ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग और भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बीच हुई सकारात्मक बैठक का जिक्र किया। वांग ने डोकलाम में दोनों देशों की सेनाओं के बीच हुए गतिरोध के संदर्भ में कहा, पिछले कुछ महीनों में भारत-चीन के संबंध स्पष्ट कारणों से प्रभावित और कमजोर हुए हैं।   दोनों देशों के बीच अच्छे संबंधों की जरूरत पर जोर डालते हुए वांग ने कहा, आगे बढ़ते हुए, दोनों देशों को दोनों नेताओं के बीच बनी सहमति पर मिलकर काम करना चाहिए और यह सुनिश्चित करना चाहिए कि भारत-चीन के द्विपक्षीय संबंधों में मधुरता बनी रहे। उन्होंने कहा कि सामंजस्यपूर्ण संबंध और पूर्ण सहयोग दोनों देशों के लिए प्राकृतिक और सही विकल्प है।   सिक्किम सेक्टर में भारत-चीन के बीच दो महीनों तक चले सैन्य गतिरोध की समाप्ति के बाद बोलने वाले पहले शीर्ष चीनी अधिकारी वांग ने कहा, हमें एक दूसरे के बीच रणनीतिक विश्वास बनाने की जरूरत है। दोनों पक्षों को पुरानी मानसिकता से छुटकारा पाने और एक दूसरे को सहकारी भागीदारों के रूप में देखने की जरूरत है। उन्होंने आगे कहा, दोनों पक्षों को शांतिपूर्ण सह-अस्तित्व के पांच सिद्धांतों के लिए प्रतिबद्ध रहना होगा और विवादों को ठीक से व्यवस्थित करने के लिए मिलकर काम करना होगा। इसके अलावा हमें सीमा क्षेत्रों में शांति बनाए रखने के लिए मिलकर काम करना होगा।   साभार-khaskhabar.com     

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मुंबई। मुंबई में वर्ष 1993 में हुए दिल दहला देने वाले सिरियल बम ब्लास्ट मामले में टाडा अदालत ने अंडरवर्ल्ड डॉन अबु सलेम सहित पांच दोषियों को आज सजा सुनाई। ज्ञातव्य है कि मुंबई सिरियल बम धमाकों में टाडा कोर्ट ने अबु सलेम ताहिर मर्चेन्ट, फिरोज खान, करीमुल्ला शेख और रियाज सिद्दिकी को दोषी ठहराया गया था। कोर्ट ने इस मामले में दोषी ताहिर खान और फिरोज खान को फांसी की सजा सुनाई। वहीं अबु सलेम और करीमुल्ला को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। रियाज सिद्दिकी को 10 साल की सजा सुनाई है।    कोर्ट ने इस मामले में पहला फैसला करीमुल्ला खान पर सुनाया। कोर्ट ने करीमुल्ला खान को उम्रकैद की सजा सुनाई। साथ ही कोर्ट ने इस पर 2 लाख का जुर्माना भी लगाया है। ज्ञातव्य है कि करीमुल्ला पर हथियार रखने का आरोप है। इसके बाद कोर्ट ने अबु सलेम को सजा सुनाई। कोर्ट ने अबु सलेम को भी उम्रकैद की सजा सुनाई है। साथ ही अबु सलेम पर भी 2 लाख का जुर्माना लगाया गया है। अबु सलेम और करीबमुल्ला को दो मामलों में 25-25 साल सुनाई गई है लेकिन ये सजाएं साथ-साथ चलेगी। ज्ञातव्य है कि अंडरवर्ल्ड डॉन अबु सलेम को प्रत्यर्पण संधि के तहत पुर्तगाल ने भारत को सौंपा था। प्रत्यपर्ण संधि की शर्त के कारण अबु सलेम को मौत की सजा नहीं दी जा सकी।    अबु सलेम और रियाज सिद्दिकी पर थे ये आरोप:  अबू सलेम पर इस पूरे हमले की साजिश में शामिल होने, अवैध तरीके से गैरकानूनी हथियार भारत मे लाने, इस हमले की तैयारी की लिए हर तरह की मदद करने, जैसे गंभीर आरोप लगाए गए थे।    फिरोज खान, ताहीर मर्चंट पर थे ये आरोप: सीबीआई का कहना है कि फिरोज खान और ताहिर ये लोग शुरूआती दौर से इस पूरी साजिश का हिस्सा रहे हैं। साथ ही इन पर आरोप है कि ये मर्चेन्ट, टाइगर मेमन और दाऊद इब्राहिम से लगातार संपर्क में रहे।    सीबीआई का कहना है कि साजिश की मीटिंग, हमले में शामिल लोगों को दुबई और पाकिस्तान ले जाना, वहां से वापस लाना, इस हमले के लिए इस्तेमाल हथियार की तस्करी इन सब में यह दोनों शामिल थे। इन लोगों को टाइगर मेमन और याकूब के साथ मुंबई हमलों का मास्टर माइंड माना गया है।   साभार-khaskhabar.com   

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सिरसा। रेप केस में जेल में बंद गुरमीत राम रहीम के कई राज आज दुनिया के सामने आने वाले हैं। कोर्ट के आदेश पर सिरसा में डेरा सच्चा सौदा के हेडक्र्वाटर में सर्च ऑपरेशन शुरू हो गया है। यह सर्च ऑपरेशन हाईकोर्ट के एक रिटायर्ड जज एके पवार की निगरानी में किया जा रहा है। साथ ही इस सर्च अभियान की वीडियोग्राफी भी बनाई जाएगी।    हाईकोर्ट के पूर्व जज की निगरानी में सर्च ऑपरेशन:  ज्ञातव्य है कि डेरा मुख्यलाय में सर्च ऑपरेशन की निगरानी के लिए हाईकोर्ट के पूर्व जज एके पवार को नियुक्त किया गया है। ये पूरे सर्च ऑपरेशन पर निगरानी रखेंगे। वहीं पूर्व जज एके पवार ने गुरुवार को सिरसा में सर्च ऑपरेशन के मद्देनजर सभी अधिकारियों के साथ बैठक की थी। इस बैठक में आईजी, एसपी, डीसी के अलावा सीआरपीएफ, बीएसएफ और एसएसबी के आला अधिकारी भी मौजूद थे। बैठक में सुरक्षा के हालात और बंदोबस्त को लेकर चर्चा की गई थी। बैठकों को दौर पूरी रात चलता रहा। इस सर्च ऑपरेशन में 5000 जवान हिस्सा होंगे। इस दौरान पूरी कार्रवाई की वीडियोग्राफी भी की जाएगी। सर्च ऑपरेशन के मद्देनजर डेरा इलाके में अभी कर्फ्यू जारी है। बाहरी लोगों के डेरा परिसर में घुसने पर पूरी तरह से पाबंदी है। साथ ही डेरा इलाके में गांव वालों को भी बिना पहचान पत्र के प्रवेश नहीं मिलेगा। सुरक्षा की दृष्टि से सिरसा में पुलिस, पैरा मिलट्री फोर्स की 25 कंपनियां तैनात हैं। इसके अलावा आर्मी की 2 कंपनियां भी वहां मौजूद हैं। स्वाट टीम भी सिरसा में मौजूद है। इसके साथ ही बम निरोधक दस्ते के 12 जवानों के अलावा 1000 जवान तैनात किए गए हैं। पुलिस ने ताला तोडने के लिए 15 लोहारों को भी बुलाया है।  साभार-khaskhabar.com 

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नई दिल्ली। भारत वर्ष 1922 के बाद से अब तक अंग्रेजी राज से अरबपति राज में पहुंच गया है। एक रिपोर्ट के अनुसार भारत की मात्र एक प्रतिशत आबादी की आमदनी देश की कुल 22 प्रतिशत आबादी की आय के बराबर है। यह आंकडा दो फ्रांसीसी अर्थशास्त्रियों थोमा पिकेत और लुका सॉसेल की ओर से जारी रिसर्च पेपर में दिए गए हैं। मंगलवार को इन रिसर्च पेपर का संशोधित संस्करण जारी किया गया। इन रिसर्च पेपर के अनुसार भारत में साल 1922 के बाद से असमानता की खाई सबसे ज्यादा गहरी हुई है। ज्ञातव्य है कि वर्ष 1922 में ही देश में पहली बार आय कर कानून की कल्पना की गई थी।    एक अखबार की रिपोर्ट के अनुसार यह रिसर्च पेपर भारतीय आय असमानता, 1922-2014: अंग्रेजी राज से अरबपति राज के नाम से जारी किए गए हैं। इन रिसर्च पेपर के अनुसार 1930 के दशक के आखिरी में भारत की एक प्रतिशत आबादी के पास कुल आमदमी का 21 प्रतिशत से कम हिस्से पर कब्जा था। वहीं 1980 में यह आंकडा घटकर 6 फीसदी पर पहुंच गया था लेकिन अब फिर से बढकर 22 प्रतिशत पर पहुंच गया है। ख्  रिसर्च पेपर के अनुसार वर्ष 1970-1980 के दशक में आय असमानता गिरकर न्यूनतम स्तर पर आ गई थी। साथ ही उस प्रति व्यक्ति आय भी लगभग न्यूनतम स्तर पर थी। रिसर्च पेपर के अनुसार 1980 से 2014 के बीच फ्रांस और चीन की टॉप 0.1 प्रतिशत आबादी की आय सबसे निचले पायदान की 50 प्रतिशत आबादी की आय से 6 गुना तेजी से बढी है।    जबकि भारत में टॉप आबादी के एक प्रतिशत लोगों की आमदनी 13 गुना ज्यादा है और अमेरिका में यह 77 गुना है। रिसर्च पेपर में यह भी कहा कि भारत की गतिशीलता काफी तेज है। यह शीर्ष की एक प्रतिशत आबादी और बाकी लोगों की आर्थिक वृद्धि में सबसे ज्यादा अंतर वाला देश है।    1970-80 में आय असमानता न्यूनतम स्तर पर थी: रिसर्च पेपर के अनुसार वर्ष 1970-1980 के दशक में आय असमानता गिरकर न्यूनतम स्तर पर आ गई थी। साथ ही उस प्रति व्यक्ति आय भी लगभग न्यूनतम स्तर पर थी। रिसर्च पेपर के अनुसार 1980 से 2014 के बीच फ्रांस और चीन की टॉप 0.1 प्रतिशत आबादी की आय सबसे निचले पायदान की 50 प्रतिशत आबादी की आय से 6 गुना तेजी से बढी है।    जबकि भारत में टॉप आबादी के एक प्रतिशत लोगों की आमदनी 13 गुना ज्यादा है और अमेरिका में यह 77 गुना है। रिसर्च पेपर में यह भी कहा कि भारत की गतिशीलता काफी तेज है। यह शीर्ष की एक प्रतिशत आबादी और बाकी लोगों की आर्थिक वृद्धि में सबसे ज्यादा अंतर वाला देश है।  साभार-khaskhabar.com     

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नाएप्यीडॉ। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की म्यांमार यात्रा का आज दूसरा दिन है। प्रधानमंत्री कल चीन से म्यांमार पहुंचे। यहां आज वो म्यांमार की नेता आंग सान सू की से मुलाकात करेंगे। इस मुलाकात के दौरान रोहिंग्या शरणार्थियों का मुद्दे पर भी बातचीत होने के उम्मीद है।    पीएम मोदी के म्यांमार दौरे को इन दो कारणों से बहुत अहम माना जा रहा है। पहली वजह ये है कि चीन की बढ़ती दादागीरी के बीच भारत के लिए अपने पड़ोसी म्यांमार को अपने खेमे में मजबूती से बनाए रखना जरूरी है। भारत और म्यांमार की 1,640 किलोमीटर लंबी सीमा उग्रवाद से जूझ रहे मणिपुर-नागालैंड से होकर गुजरती है। इस सीमावर्ती इलाके में उग्रवाद पर काबू पाने के लिए भी दोनों देशों में सहयोग बेहद ज़रूरी है।   पीएम मोदी की मौजूदा यात्रा को बेहद अहम इसलिए भी माना जा रहा है, क्योंकि उनकी इस यात्रा के दौरान दोनों देशों के बीच रोहिंग्या मुस्लिमों के मुद्दे पर भी बातचीत होने के आसार हैं। भारत म्यांमार से पलायन करके आ रहे रोहिंग्या मुस्लिमों की हालत से चिंतित है। ऐसे करीब 40 हजार रोहिंग्या शरणार्थी अभी गैरकानूनी तौर पर भारत में रह रहे हैं. भारत सरकार उन्हें वापस भेजने की तैयारी कर रही है।   आपको बता दें कि कल केंद्रीय गृह राज्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि हमारी स्थिति साफ है। रोहिंग्या अवैध शरणार्थी हैं। वह भारत के नागरिक नहीं हैं। इसलिए कानून को ध्यान में रखते हुए उन्हें वापस भेजा जाएगा।   रोहिंग्या मुस्लिम शरणार्थियों का ये मुद्दा आज म्यांमार की नेता आंग सान सू की से पीएम मोदी की मुलाकात के दौरान उठा सकते है।    म्यांमार में पीएम मोदी का कार्यक्रम---   सुबह 830 बजे : आंग सान सू की के साथ मुलाकात   सुबह 920 बजे : प्रतिनिधिमंडल स्तर की बातचीत   सुबह 10.05 बजे : समझौते पर हस्ताक्षर   दोपहर 1 बजे : बागान के लिए रवाना होंगे   दोपहर 2.10 बजे : बागान के मंदिर में जाएंगे   दोपहर 3.05 बजे : बागान टावर जाएंगे   दोपहर 3.35 बजे : यांगून के लिए निकलेंगे   शाम 6.45 बजे : यांगून में भारतीय समुदाय के लोगों के बीच कार्यक्रम     साभार-khaskhabar.com   

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