देवरिया का ऐसा मंदिर जिसे श्रद्धालु बताते हैं 'अश्वत्थामा' की तपोभूमि
Read More
बीजिंग। चीन के विदेश मंत्री वांग यी ने गुरुवार को कहा कि भारत-चीन के संबंधों को डोकलाम विवाद ने प्रभावित और कमजोर किया है लेकिन ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के दौरान दोनों देश के नेताओं के बीच बनी सहमति हमारे द्विपक्षीय संबंधों में सुधार के लिए महत्वपूर्ण है। उन्होंने इस हफ्ते शियामेन में ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग और भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बीच हुई सकारात्मक बैठक का जिक्र किया। वांग ने डोकलाम में दोनों देशों की सेनाओं के बीच हुए गतिरोध के संदर्भ में कहा, पिछले कुछ महीनों में भारत-चीन के संबंध स्पष्ट कारणों से प्रभावित और कमजोर हुए हैं।
दोनों देशों के बीच अच्छे संबंधों की जरूरत पर जोर डालते हुए वांग ने कहा, आगे बढ़ते हुए, दोनों देशों को दोनों नेताओं के बीच बनी सहमति पर मिलकर काम करना चाहिए और यह सुनिश्चित करना चाहिए कि भारत-चीन के द्विपक्षीय संबंधों में मधुरता बनी रहे। उन्होंने कहा कि सामंजस्यपूर्ण संबंध और पूर्ण सहयोग दोनों देशों के लिए प्राकृतिक और सही विकल्प है।
सिक्किम सेक्टर में भारत-चीन के बीच दो महीनों तक चले सैन्य गतिरोध की समाप्ति के बाद बोलने वाले पहले शीर्ष चीनी अधिकारी वांग ने कहा, हमें एक दूसरे के बीच रणनीतिक विश्वास बनाने की जरूरत है। दोनों पक्षों को पुरानी मानसिकता से छुटकारा पाने और एक दूसरे को सहकारी भागीदारों के रूप में देखने की जरूरत है। उन्होंने आगे कहा, दोनों पक्षों को शांतिपूर्ण सह-अस्तित्व के पांच सिद्धांतों के लिए प्रतिबद्ध रहना होगा और विवादों को ठीक से व्यवस्थित करने के लिए मिलकर काम करना होगा। इसके अलावा हमें सीमा क्षेत्रों में शांति बनाए रखने के लिए मिलकर काम करना होगा।
साभार-khaskhabar.com













Related Items
पुतिन के बाद इटली की प्रधानमंत्री ने कहा, रूस-यूक्रेन विवाद को सुलझा सकता है भारत
बीबीसी पर बड़ा विवाद- सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को नोटिस भेजा
ग्राम पंचायतों के डिजिटल होने से मिलेगी विवाद निपटारे में मदद