देवरिया का ऐसा मंदिर जिसे श्रद्धालु बताते हैं 'अश्वत्थामा' की तपोभूमि
Read More
अहमदाबाद। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उनके जापानी समकक्ष शिंजो आबे ने बुधवार को अहमदाबाद के पुराने शहर स्थित 16वीं सदी की मस्जिद, सिदी सैय्यद की जाली का दौरा किया। मोदी ने ऐतिहासिक साबरमती आश्रम भी दिखाया। जापान के प्रधानमंत्री शिंजो आबे अपनी पत्नी के साथ भारत के दो दिवसीय दौरे पर अहमदाबाद पहुंचे हैं। मोदी ने आबे और उनकी पत्नी अकी आबे का मस्जिद में स्वागत किया और उन्हें परिसर के दौरे पर ले गए। यह मस्जिद अपनी जाली खिड़कियों के लिए मशहूर है।
गुजरात सल्तनत के अंतिम सुल्तान शम्स-उद-दीन मुजफ्फर शाह तृतीय की सेना के एक जनरल, अहमद शाह बिलाल झजर खान के अनुयायियों ने 1573 में इस मस्जिद का निर्माण कराया था। मस्जिद का दौरा करने के बाद आबे दंपति सडक़ पार एक धरोहर स्थल गए जहां मोदी रात्रिभोज की मेजबानी करेंगे।इससे पहले मोदी ने प्रोटोकॉल तोड़ते हुए व्यक्तिगत तौर पर सरदार वल्लभ भाई पटेल हवाई अड्डे पर जाकर आबे का जोरदार स्वागत किया।इस दौरान आबे को गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया साथ ही देश के कई इलाकों से आए कलाकारों ने विभिन्न कार्यक्रम पेश किए। खुली जीप में रोड शो दोनों नेता और अकी आबे एक खुली जीप में सवार होकर हवाईअड्डे से ऐतिहासिक साबरमती आश्रम के लिए निकले, जहां उन्होंने आठ किलोमीटर से ज्यादा दूरी रोड शो के जरिये पूरा किया। गांधी की प्रतिमा पर चढ़ाए फूलआश्रम में शिंजो आबे और उनकी पत्नी ने महात्मा गांधी की प्रतिमा पर फूल चढ़ाकर श्रद्धांजलि अर्पित की। मोदी ने गांधी जी के तीन बंदर वाली एक संगमरमर की मूर्ति आबे को भेंट की। मोदी बने गाइडसिदी सैय्यद मस्जिद में शिंजो दंपती के साथ पीएम मोदी ने कई तस्वीरें खिंचाई। इस दौरान पीएम मोदी खुद गाइड बने और शिंजो दंपति को मस्जिद दिखाई। हाई-स्पीड रेल प्रोजेक्ट की रखेंगे नींव मोदी और आबे गुरुवार को साबरमती रेलवे स्टेशन के पास एथलेटिक स्टेडियम में महत्वाकांक्षी 1.08 लाख करोड़ रुपये (17 अरब डॉलर) की अहमदाबाद-मुंबई हाई-स्पीड रेल प्रोजेक्ट की नींव रखेंगे। इसके बाद, दोनों नेता गांधीनगर में 12वीं वार्षिक द्विपक्षीय शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेंगे, जिसमें कई समझौतों पर हस्ताक्षर किए जाने की उम्मीद है। यह सम्मेलन मोदी और आबे के बीच चौथा वार्षिक शिखर सम्मेलन होगा, जहां दोनों देशों के बीच विशेष रणनीतिक और वैश्विक भागीदारी के ढांचे के तहत बहुमुखी सहयोग में प्रगति की समीक्षा की जाएगी। जापान उन दो देशों में से एक है, जिनके साथ भारत के ऐसे वार्षिक शिखर सम्मेलन होते हैं, दूसरा देश रूस है। दोनों देशों के प्रधानमंत्री भारत-जापान बिजनेस लीडर फोरम में भी शामिल होंगे।
साभार-khaskhabar.com













Related Items
गुजरात में जापानी तकनीक से बनाया गया दुनिया का सबसे बड़ा 'मियावाकी' जंगल
SHRADDHA KAPOOR ARRIVES AT THE NCB OFFICE, SEE IN PICS
MALAIKA ARORA TURNS INTO A BLUE EYED BEAUTY, SEE IN PICS