अहमदाबाद। गुजरात विधानसभा चुनाव के लिए प्रचार कर रहे निर्दलीय प्रत्याशी जिग्नेश मेवाणी पर हमला किया गया है। इस हमले में वह बाल-बाल बच गए है। हमले में ठाकोर सेना का एक युवक घायल हो गया। दलित नेता जिग्नेश मेवाणी ने आरोप लगाया है कि बीजेपी समर्थकों ने उनके काफिले पर हमला किया। हालांकि बीजेपी ने इस आरोप का खंडन किया है।
मेवाणी के काफिले पर उस समय अज्ञात लोगों ने हमला कर दिया, जब वो बनासकांठा जिले के पालनपुर के तकरवाडा गांव में जनसंपर्क अभियान चला रहे थे। पुलिस ने मामले में शिकायत दर्ज कर दी है। पुलिस के मुताबिक इस हमले में जिग्नेश मेवाणी बच गए हैं। वह पूरी तरह से सुरक्षित हैं। वहीं, मेवाणी ने इस हमले के लिए बीजेपी और संघ को जिम्मेदार ठहराया है।
बानसकांठा के वडगाम सीट से निर्दलीय प्रत्याशी के तौर पर कांग्रेस के समर्थन से चुनाव लड़ रहे हैं। बानकांठा के एसपी नीरज बडगुजर ने कहा, उनके काफिले पर पत्थर से हमला किया गया। जिससे एक कार की खिडक़ी का कांच टूट गया, लेकिन इस हमले में किसी के आहत होने की सूचना नहीं है। हम इस मामले में कानूनी कार्रवाई शुरू कर रहे हैं और जो भी ज़रूरी होगा वो किया जाएगा।
मेवानी ने कहा है कि बीजेपी उनसे डर गई है और इसलिये उन पर हमला किया जा रहा है। ट्विटर पर जानकारी देते हुए कहा, दोस्तों आज मुझ पर बीजेपी के लोगोने तकरवाड़ा गांव में अटैक किया, बीजेपी भयभीत हो गयी है इसलिए ऐसी हरकत कर रही है पर में तो एक आंदोलनकारी हूँ, न डरूंगा न तो झुकुगा पर बीजेपी को तो हराऊंगा ही। उन्होंने एक और ट्वीट कर पीएम मोदी को संबोधित करते हुए कहा, सादर प्रणाम - मैं भी गुजरात का बेटा हूं। मोदी जी दिल बड़ा रखा करो, छाती भले 56 इंच की हो या ना हो। जो जीत रहा हो उस पर हमला करवाओ, ये आइडिया आपका है या अमित शाह का? क्योंकि ये गुजरात की तो परंपरा है नहीं।
गुजरात बीजेपी के प्रवक्ता जगदीश भवसार ने मेवानी के आरोपों को गलत करार दिया है। उन्होंने कहा कि इस हमले से बीजेपी का कोई लेना-देना नहीं है। उन्होंने कहा, ये आरोप निराधार हैं। हमारे मुख्यमंत्री (विजय रुपानी) ने कहा है कि हमें लोकतंत्र के इस त्योहार को बिना हिंसा के पूरे मनोयोग से मनाना चाहिये।
साभार-khaskhabar.com
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