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सागर (मध्य प्रदेश)। कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने शुक्रवार को नोटबंदी को लेकर एक बार फिर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर जोरदार हमला बोला और नोटबंदी को देश के इतिहास को सबसे बड़ा घोटाला बताया। मध्य प्रदेश के विधानसभा चुनाव में उम्मीदवारों के समर्थन में प्रचार करने पहुंचे राहुल गांधी ने शुक्रवार को सागर जिले के देवरी विधानसभा में जनसभा में कहा कि नोटबंदी के चलते गरीब, मजदूर, किसान, छोटे कारोबारी को लाइन में लगा दिया गया और कालेधन वाले हजारों करोड़ रुपये लेकर भाग गए। राहुल गांधी ने जनता से पूछा कि किसी सूट वाले को लाइन में लगे देखा तो, जनता से जवाब मिला, नहीं। उन्होंने कहा कि गरीब जनता की जेब से पैसे निकालकर अमीरों की जेब में डाल दिए गए, मेहुल चौकसी जो रकम लेकर भागा उसने भी वित्त मंत्री अरुण जेटली की बेटी के खाते में पैसे डाले। विजय माल्या 10 हजार करोड़ रुपये लेकर भागने से पहले वित्त मंत्री अरुण जेटली से संसद में मिला।  प्रधानमंत्री मोदी द्वारा नेाटबंदी को कालेधन के खिलाफ लड़ाई बताए जाने पर राहुल ने सवाल उठाते हुए कहा कि नोटबंदी की लाइन में न तो मेहुल दिखता है और न ही नीरव मोदी, वे तो जनता का हजारों करोड़ रुपये पैसा लेकर भाग जाते है, फिर कैसे है यह कालेधन की लड़ाई।      साभार-khaskhabar.com

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जयपुर । भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता सुधांशु त्रिवेदी ने कांग्रेस नेता शशि थरूर के बयान पर पलटवार करते हुए कहा कि नरेंद्र मोदी देश के ऐसे पहले प्रधानमंत्री है, जो भारी जनसमर्थन और भारी बहुमत के साथ प्रधानमंत्री बने है।  जयपुर में एक प्रेस वार्ता के दौरान उन्होंने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय अटल बिहारी वाजपेयी और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ऐसे नेता है, जो पीएम की कुर्सी पर बैठने से पहले देश में सर्वमान्य नेता रहे है। त्रिवेदी ने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय जवाहर लाल नेहरू तो पहली बार अनुकंपा के आधार पर देश के प्रधानमंत्री बने थे, यही हाल अन्य प्रधानमंत्रियों का रहा है। त्रिवेदी ने कहा कि विश्व में यह पहला उदाहरण है कि जब कोई साधारण परिवार का व्यक्ति भारत जैसे लोकतांत्रिक देश का प्रधानमंत्री बना हो।वहीं भाजपा प्रवक्ता सुधांशु त्रिवेदी ने कहा कि वह पार्टी की तरफ से कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी को पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय जवाहर लाल नेहरू की जयंती और बाल दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं देते है।   साभार-khaskhabar.com

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नई दिल्ली। राफेल विमान सौदे को लेकर सुप्रीम कोर्ट में दाखिल याचिकाओं पर आज अहम सुनवाई चल रही है। राफेल मामले में सुनवाई के दौरान कॉमन कॉज के प्रशांत भूषण ने सरकार पर गंभीर आरोप लगाए और मामले को संविधान पीठ को भेजे जाने की जरूरत पर बल दिया। उन्‍होंने कहा, राफेल डील की पूरी प्रक्रिया में नियमों को ताख पर रख दिया गया। कैसे 126 लड़ाकू विमानों से घटकर केवल 36 विमानों का सौदा हुआ। यह फैसला किसने लिया और किस आधार पर प्रधानमंत्री ने 36 राफेल विमानों के सौदे की घोषणा की। भूषण ने कहा, प्रधानमंत्री को यह अधिकार नहीं है। अब भी 36 एयरक्राफ्ट डिलीवर नहीं हुए हैं, पहला एयरक्राफ्ट सितंबर 2019 तक डिलीवर होगा। उन्‍होंने कहा, सरकार पहले भी कई बार राफेल का मूल्‍य बता चुकी है पर अब वह गोपनीयता का हवाला दे रही है, जो निहायत ही बकवास है। उन्‍होंने कहा, मामला सीबीआई को सौंपा जाना चाहिए और सीबीआई को पक्षपातरहित जांच करनी चाहिए। हमने मामले की सीबीआई में शिकायत की पर अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है। तब हमने सुप्रीम कोर्ट की शरण ली। भूषण ने कहा, सरकार का कहना है कि ऑफसेट पार्टनर चुनने में उनकी कोई भूमिका नहीं है, जबकि नियम और प्रक्रिया यह है कि आफसेट पार्टनर के नाम को रक्षा मंत्री की मंजूरी जरूरी होती है। उन्‍होंने कहा, रिलायंस को रक्षा क्षेत्र या लड़ाकू विमान बनाने में कोई अनुभव नहीं है। सरकार ऐसा नहीं कह सकती कि ऑफसेट पार्टनर के बारे में उसे कोई जानकारी नहीं है। ऐसा करना प्रक्रिया का उल्‍लंघन करना है। राफेल को लेकर सुप्रीम कोर्ट में 4 याचिकाएं दायर की गई हैं। वकील एमएल शर्मा के अलावा एक दूसरे वकील विनीत ढांडा के अलावा आम आदमी पार्टी के नेता संजय सिंह ने याचिका दायर की है। पूर्व केंद्रीय मंत्री अरुण शौरी, यशवंत सिन्हा और प्रशांत भूषण ने भी अपनी ओर से याचिका दाखिल की थी।   साभार-khaskhabar.com

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चेन्नई। अभिनय से राजनीति में एंट्री वाले रजीकांत के बयान पर अटकलें तेज हो गई है। रजनीकांत ने आगामी चुनाव में बीजेपी के खिलाफ विपक्षी दलों के गठबंधन को लेकर बड़ा बयान दिया है। रजनीकांत के बयान के बाद ऐसी अटकलें तेज हो गई हैं कि आगामी चुनाव में वह बीजेपी को समर्थन दे सकते हैं। बीजेपी के खिलाफ विपक्षी दलों के गठबंधन पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए उन्होंने कहा कि अगर किसी एक के खिलाफ 10 एकजुट हो जाएं तो समझा जा सकता है कि कौन ताकतवर है?   रजनीकांत ने कहा, अगर विपक्षी पार्टियां बीजेपी को खतनाक पार्टी के रूप में देखती हैं तो यह उनके लिए ऐसी है। यह लोगों पर निर्भर करता है कि वे क्या फैसला लेते हैं। उन्होंने कहा, किसी एक व्यक्ति के खिलाफ 10 लोग लामबंद हो जाएं तो कौन ताकतवर हुआ, इसका अंदाजा आसानी से लगाया जा सकता है। उनके इस बयान को सीधे तौर पर बीजेपी और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लिए उनके समर्थन के तौर पर देखा जा रहा है।   दरअसल रजनीकांत से पूछा गया था कि क्या आपको लगता है कि बीजेपी वाकई एक ताकतवर पार्टी है, जिसके कारण विपक्ष को उसके खिलाफ महागठबंधन करना पड़ रहा है। इस पर रजनीकांत ने कहा कि अगर 10 पार्टियां यह सोच रही हैं, तो हो सकता है कि उनके लिए वाकई यह सच हो।   इसके बाद जब रजनीकांत से पूछा गया कि महागठबंधन बनाम पीएम नरेंद्र मोदी में आप किसे ज्यादा ताकतवर मानते हैं, तो इस पर सुपरस्टार ने कहा, मैं इस समय बीजेपी या पीएम मोदी पर कोई बयान नहीं देना चाहता हूं, लेकिन हां, अगर 10 पार्टियां किसी एक के खिलाफ एकजुट हो रही हैं, तो आप समझ सकते हैं कि कौन ज्यादा पावरफुल है।   साभार-khaskhabar.com

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नई दिल्ली। देश की राजधानी दिल्ली में दिवाली के बाद से ही दिल्ली-एनसीआर का दम फूल रहा है। प्रदूषण से निजात पाने के लिए कई कदम उठाए जा रहे हैं। लेकिन दिल्ली में हवा की गुणवत्ता में सुधार के बाद भी स्थिति गंभीर बनी हुई है।  दिल्ली के हालात दो दिनों में नहीं सुधरे तो दिल्ली की सडक़ों पर सिर्फ सीएनजी वाहनों को चलाने का फैसला हो सकता है। सभी तरह के पेट्रोल-डीजल के वाहनों पर रोक लग सकती है, इसमें दो पहिया वाहन भी शामिल हैं।  सुप्रीम कोर्ट द्वारा नियुक्त ईपीसीए ने सोमवार को टास्क फोर्स को इस बारे में विचार करने को कहा। ईपीसीए चेयरमैन भूरे लाल ने कहा कि हमारे पास कोई रास्ता नहीं बचा है, इसलिए इतने सख्त कदम उठाने पड़ सकते हैं। सिर्फ सीएनजी वाहन चल पाएंगे... अगर ऐसा होता है तो दिल्ली-एनसीआर में सिर्फ सीएनजी वाले वाहन ही चल पाएंगे। इसके लिए ईपीसीए की मंगलवार को विभिन्न विभागों के साथ बैठक होगी। ईपीसीए चेयरमैन ने गाडिय़ों पर संभावित रोक के बारे में कहा कि अभी तक दिल्ली-एनसीआर में गाडिय़ों पर स्टीकर लगाने का काम शुरू नहीं हुआ है, ऐसे में डीजल और पेट्रोल की गाडिय़ों की पहचान संभव नहीं है। इसी वजह से सभी गाडिय़ों को कुछ समय के लिए बंद करना पड़ सकता है।   इस बीच, सोमवार को दिल्ली का 12 घंटे का औसत एयर इंडेक्स 399 रहा। यह पहली बार 400 से नीचे आया है। मंगलवार और बुधवार को दिल्ली-एनसीआर में हल्की बारिश का अनुमान है। अगर ऐसा हुआ तो प्रदूषण कुछ कम हो सकता है। निर्माण कार्यों पर बैन में सुबह से शाम तक की छूट... ईपीसीए ने केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के टास्क फोर्स की वॉट्सऐप से की गईं सिफारिशें मानते हुए दिल्ली-एनसीआर में निर्माण कार्य पर लगी रोक में ढील दे दी है। अब सुबह 6 बजे से शाम 6 बजे के बीच कंस्ट्रक्शन किया जा सकेगा। दिल्ली बॉर्डर पर ट्रकों की लंबी लाइन को देखते हुए सोमवार रात 11 बजे से एंट्री के लिए 7 घंटे की छूट दे दी गई है। ईपीसीए ने कहा कि हालात बिगड़े तो रोक दोबारा लगाई जा सकती है।   साभार-khaskhabar.com

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नई दिल्ली। एयर इंडिया ने अपने डायरेक्टर (ऑपरेशंस) कैप्टन अरविंद कठपालिया को कथित रूप से प्री-फ्लाइट एल्कोहल टेस्ट में विफल हो गए, इसके बाद उन्हें बुधवार को एयर इंडिया के उड़ान परिचालन निदेशक के पद से हटा दिया गया है। कैप्टन अमिताभ सिंह को डायरेक्टर ऑपरेशंस का अतिरिक्त प्रभार दिया गया है। इससे पहले नागर विमानन महानिदेशालय (डीजीसीए) ने उनका लाइसेंस 3 साल के लिए निलंबित कर दिया था। बता दे, रविवार को वह एयर इंडिया की उड़ान पर दिल्ली से लंदन जाने के लिए तैयार थे, तभी हुए प्री-फ्लाइट एल्कोहल टेस्ट में वो फेल हो गए। उनको विमान उड़ाने से रोका गया।    कथपालिया दूसरी बार परीक्षण में असफल रहे थे। इससे पहले 19 जनवरी, 2017 को उनका टेस्ट पॉजिटीव पाया गया था। डीजीसीए के नियम 24 के तहत चालक दल का कोई सदस्य उड़ान के 12 घंटे पहले तक शराब का सेवन नहीं कर सकता है। उड़ान से पहले उनकी मद्यपान निरोधक जांच जरूरी है।    पहली बार पकड़े जाने पर विमान परिचालन का लाइसेंस तीन महीने के लिए मुअत्तिल किया जा सकता है। दूसरी बार निलंबन तीन साल के लिए करने का प्रावधान है। तीसरी बार पकड़े जाने पर लाइसेंस हमेशा के लिए रद्द हो सकता है। डीजीसीए ने कठपालिया का लाइसेंस इससे पहले 2017 में तीन महीने के लिए निलंबित किया था। उस समय उन्हें कार्यकारी निदेशक (परिचालन) पद से हटा दिया गया था।   साभार-khaskhabar.com    

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नई दिल्ली। केरल के प्रसिद्ध सबरीमाला मंदिर पर विवाद अभी भी जारी है। एक ओर जहां सुप्रीम कोर्ट मंदिर में सभी आयु वर्ग की महिलाओं के प्रवेश को अनुमति दे चुका है वहीं दूसरी ओर देश भर में इसका भारी विरोध भी हो रहा है। विरोध के चलते अभी तक 10 से 50 की उम्र के बीच की कोई महिला मंदिर में प्रवेश नहीं कर सकी है। ऐसे में सबरीमाला मंदिर पर अपने दिए गए फैसले के खिलाफ दायर पुनर्विचार याचिकाओं पर सुनवाई के लिए सुप्रीम कोर्ट तैयार हो गया है।    सुप्रीम कोर्ट 22 जनवरी को अगली सुनवाई करेगा। बता दें कि सबरीमाला मंदिर पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले को चुनौती देते हुए 49 पुनर्विचार याचिकाएं दायर की गई थीं। 28 सितंबर को सुप्रीम कोर्ट ने ऐतिहासिक फैसला सुनाते हुए केरल के सबरीमला मंदिर में महिलाओं को प्रवेश की अनुमति दे दी थी। पांच जजों की संविधान पीठ ने साफ कहा था कि हर उम्र वर्ग की महिलाएं अब मंदिर में प्रवेश कर सकेंगी।    कोर्ट ने 10 से 50 साल की उम्र की महिलाओं के प्रवेश पर रोक की सैकड़ों साल पुरानी परंपरा को असंवैधानिक करार दिया था। गौरतलब है कि सुप्रीम कोर्ट में एक याचिका दायर कर कहा गया था कि इस पर दोबारा विचार किया जाए। मुख्य न्यायाधीश रंजन गोगोई की पीठ ने वकील मैथ्यूज की इस दलील पर विचार किया था कि संवैधानिक पीठ के फैसले पर फिर से विचार की मांग कर रही उनकी याचिका को तत्काल सुनवाई के लिए सूचीबद्ध किया जाए। पीठ ने कहा था, हम जानते हैं कि 19 पुनर्विचार याचिकाएं लंबित हैं।   नेदुम्परा राष्ट्रीय अयप्पा श्रद्धालु संगठन की ओर से दाखिल याचिका पर वकील के तौर पर पेश हुए और मामले की जल्द सुनवाई का अनुरोध किया।पांच सदस्यों वाली संविधान पीठ ने 4:1 के बहुमत से फैसला सुनाया था कि सबरीमला मंदिर में हर आयु वर्ग की महिलाओं को प्रवेश की अनुमति दी जाए। सालों पुरानी प्रथा पर सुप्रीम कोर्ट ने फैसला सुनाते हुए महिलाओं को सबरीमाला मंदिर में जाने की इजाजत दे दी है। अब सबरीमाला मंदिर में महिलाएं भी भगवान अयप्पा के दर्शन कर सकती हैं।    मंदिर की इस प्रथा को शीर्ष अदालत की एक पीठ ने गैर कानूनी घोषित किया। पिछले दिनों सबरीमाला मंदिर के कपाट पिछले दिनों खोले गए थे। सुप्रीम कोर्ट ने भले केरल के सबरीमाला मंदिर में महिलाओं के प्रवेश का रास्ता साफ कर दिया है लेकिन महिलाओं को मंदिर में प्रवेश अब तक नहीं मिल नहीं सका है।       साभार-khaskhabar.com  

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नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट में मोदी सरकार ने सोमवार को राफेल विमान सौदे के सम्बंधित दस्तावेज सौंप दिए हैं। केन्द्र सरकार ने 36 राफेल विमानों की खरीद के सम्बंध के सारे निर्णय की जानकारी याचिकाकर्ता को सौंप दी है। राफेल विवाद से जुड़ी याचिका वरिष्ठ वकील एमएल शर्मा ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की थी। केन्द्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में 9 पेज के दस्तावेज सौंप दिए हैं। राफेल सौदे का पूरा इतिहास और प्रक्रिया को बताया गया है। सरकार ने दस्तावेजों के माध्यम से बताया कि राफेल विमान की खरीद प्रक्रिया-2013 के तहत इस खरीद को अंजाम दिया गया है। विमान के लिए रक्षा खरीद परिषद की मंजूरी दे दी गई है। भारतीय दल ने फ्रांसीसी पक्ष के साथ बातचीत भी की थी। सरकार ने बताया कि फ्रांसीसी पक्ष के साथ बातचीत तकरीबन एक वर्ष चली और समझौते पर हस्ताक्षर करने से पहले मंत्रिमंडल की सुरक्षा मामलों की समिति की स्वीकृति प्रदान की है। केन्द्र सरकार ने सर्वोच्च न्यायालय में बताया कि राफेल पर भारतीय ऑफसेट पार्टनर चुनने में उनकी कोई भूमिका नहीं रही है। आपको बताते जाए कि याचिकाकर्ता ने अपील की थी कि केंद्र सरकार को राफेल विमान के दाम सार्वजनिक कर देना चाहिए।   साभार-khaskhabar.com

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नई दिल्ली। केंद्रीय संसदीय कार्यमंत्री और बेंगलुरू साउथ से बीजेपी सांसद अनंत कुमार का देर रात करीब डेढ़ बजे निधन हो गया। वे कैंसर से पीडि़त थे और उन्होंने बेंगलुरू स्थित अपने आवास पर अंतिम सांस ली। 59 वर्षीय कुमार मोदी सरकार में संसदीय कार्यमंत्री थे। वे कर्नाटक के बेंगलुरु साउथ से लगातार छह बार सांसद रहे। उनका इलाज लंदन और न्यूयॉर्क में भी हुआ था।  खबरों के मुताबिक, उनके शव को अंतिम दर्शन के लिए बेंगलुरु के नेशनल कॉलेज में रखा जाएगा। उनके निधन पर कर्नाटक में तीन दिन का शोक घोषित किया गया है। यहीं नहीं कर्नाटक में आज एक दिन की छुट्टी भी घोषित की गई है। गृह मंत्रालय ने कहा है कि अनंत कुमार के निधन पर देशभर में आज राष्ट्रीय ध्वज आधा झुका रहेगा। पार्टी के एक प्रवक्ता ने कहा कि अनंत कुमार के कई अंगों ने काम करना बंद कर दिया था। पार्टी के प्रवक्ता एस. शांताराम ने आईएएनएस से कहा, "कुमार का शहर के दक्षिणी उपनगर स्थित शंकर कैंसर अस्पताल में तड़के तीन बजे निधन हुआ। उनके कई अंगों ने काम करना बंद कर दिया था। अमेरिका से 21 अक्टूबर को लौटने के बाद उन्हें यहां भर्ती कराया गया, जिसके तीन सप्ताह बाद उनका यहां निधन हो गया।" मंत्री के परिवार में उनकी पत्नी तेजस्विनी और दो बेटियां एश्वर्या और विजेता हैं। अनंत कुमार 1996 से दक्षिण बेंगलुरू लोकसभा क्षेत्र का प्रतिनिधित्व कर रहे थे। वह कैंसर के इलाज के लिए अगस्त से ब्रिटेन और अमेरिका भी गए थे। शांताराम ने कहा, "कुमार जुलाई-अगस्त में संसद के मानसून सत्र के बाद उपचार के लिए पहले लंदन गए थे, जिसके बाद उन्हें अमेरिका के एक अस्पताल में स्थानांतरित कर दिया गया। कैंसर उनके शरीर के अन्य हिस्सों में फैल गया था, जिसके कारण कई अंगों ने काम करना बंद कर दिया था।"वाजपेयी की सरकार में भी रहे थे मंत्री-  अनंत कुमार शुरुआत से ही राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ (आरएसएस), एबीवीपी से जुड़े रहे। 1996 में बीजेपी ने उन्हें राष्ट्रीय महासचिव बनाया। 1996 में ही वे पहली बार बेंगलुरू साउथ से सांसद चुने गए। अनंत कुमार अटल बिहारी वाजपेयी की सरकार में भी मंत्री रहे थे। उन्हें सिविल एविशन विभाग की जिम्मेदारी मिली थी। बाद में वे टूरिज्म, स्पोट्र्स, कल्चर, शहरी विकास मंत्री भी बने।   साभार-khaskhabar.com

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बेंगलुरु।कर्नाटक के खनन कारोबारी गली जनार्दन रेड्डी को कथित तौर पर करोड़ों रुपये के एक पोंजी योजना के आरोपियों का बचाव करने के लिए गिरफ्तार कर लिया गया है। अतिरिक्त पुलिस आयुक्त (अपराध) आलोक कुमार ने रविवार को संवाददाताओं से कहा कि साक्ष्यों व बयानों के आधार पर रेड्डी को गिरफ्तार किया गया है और उनपर आपराधिक साजिश के आरोप तय किए गए हैं। पूर्व मंत्री रेड्डी को न्यायाधीश के सामने पेश किया, जहां से उन्हें 24 नवम्बर तक न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।   केंद्रीय अपराध शाखा (सीसीबी) ने रेड्डी पर एक पिता व पुत्र को बचाने का आरोप लगाया है। ये पिता, पुत्र 954 करोड़ रुपये की पोंजी योजना में आरोपी हैं। इस पोंजी योजना की प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) कथित धन शोधन को लेकर जांच कर रहा है। रेड्डी की गिरफ्तारी पोंजी मामले में सीसीबी कार्यालय के एक सम्मन के जवाब में शनिवार को पेश होने के एक दिन बाद की गई। इनके अलावा उनके साथी महफूज अली खान को भी गिरफ्तार किया गया है। इससे पहले रेड्डी ने जांच अधिकारी डेप्युटी कमिश्नर ऑफ पुलिस एस. गिरीश को हटाने की अपील कर चुके हैं।    रेड्डी शनिवार को एजेंसी के सामने पेश हुए थे। क्राइम ब्रांच पहले से ही रेड्डी को गिरफ्तार करने के बारे में विचार कर रही थी। क्राइम ब्रांच के सीपी आलोक कुमार ने कहा कि विश्वासपूर्ण सबूतों और गवाहों के बयानों के आधार पर रेड्डी की गिरफ्तारी की गई है। उनसे पैसे बरामद कर इन्वेस्टर्स को दिए जाएंगे। क्राइम ब्रांच की जांच में यह खुलासा हुआ है कि रेड्डी और खान ने ऐंबिडेंट मार्केटिंग से 18 करोड़ रुपए की कीमत का 57 किलो सोना खरीदा था।   साभार-khaskhabar.com

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भोपाल। मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव के दौरान बीजेपी और कांग्रेस के बीच जुबानी जंग जारी है। दोनों ही पार्टियां एक दूसरे पर आरोप लगा रही है। कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी द्वारा आंख मारने और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को गले लगाने का किस्सा एक बार फिर चर्चा में है। चुनाव में इसी बहाने बीजेपी ने कांग्रेस पर निशाना साधा है। बीजेपी ने समाचार पत्रों को दिए गए विज्ञापनों में गले लगाने वाले फोटो के साथ कैप्शन में लिखा है कांग्रेस के वादे और आंख मारने वाले फोटो के साथ लिखा है कांग्रेस की हकीकत।   साथ ही बीजेपी ने अपने विज्ञापन में कहा, जब नीयत में खोट हो, तो आंखें बयां कर देती है। यह लेखा जोखा है उस पार्टी का, जिसने जनता को गुमराह करना अपना जन्मसिद्ध अधिकार मान रखा है। जिसने 50 साल देश को हवाई वादों से भरमाया।   पार्टी ने आगे कहा, जो आज फिर, प्रलोभनों के नए पुलिंदे को वचन के आवरण में बेचने आए हैं। यह वही लोग हैं जो चुनाव से छह महीने पहले दिखाई देते हैं और चुनाव के बाद नदारद। जो 15 साल में अच्छे विपक्ष की भूमिका नहीं निभा सके वो बीजेपी सरकार की लोकप्रिय योजना को नए कलेवर में आपको ही परोस रहे हैं।   साभार-khaskhabar.com

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नई दिल्ली। दिल्ली में सिग्नेचर ब्रिज के उद्घाटन पर हुआ हंगामा अभी भी थमने का नाम नहीं ले रहा है। सांसद मनोज तिवारी ने आम आदमी पार्टी के विधायक अमानतुल्लाह खान के खिलाफ दिल्ली पुलिस में एफआईआर दर्ज करा दी है। इस मामले में आशुतोष ने कहा कि दिल्ली पुलिस ने अपना जमीर बेच दिया है। इस एफआईआर में दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल का नाम भी दर्ज है।  आपको बताते जाए कि ब्रिज के उद्घाटन के अवसर पर सांसद मनोज तिवारी की दिल्ली पुलिस के अफसरों के साथ और आप कार्यकर्ताओं से झड़प हो गई थी। आम आदमी पार्टी के विधायक अमानतुल्ला खान मनोज तिवारी को धक्का देते दिखाई दिए थे।  दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच इस मामले की जांच कर रही है। सूत्रों का कहना है कि दिल्ली पुलिस जल्द ही अमानतुल्ला खान से इस सम्बंध में पूछताछ करेगी। आपको बताते जाए कि सिग्नेचर ब्रिज हंगामे मामले में आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ताओं ने भी एफआईआर दर्ज करवाई है ।  इसमें भाजपा कार्यकर्ताओं और सांसद मनोज तिवारी का नाम दर्ज है। यह केस को भी स्थानीय पुलिस से क्राइम ब्रांच को स्थानांतरित कर दिया गया है। सिग्नेचर ब्रिज हंगामे के मामले में दिल्ली पुलिस के उस्मानपुर थाने में तीन एफआईआर दर्ज करवाई गई थी। तीनों मामलों की जांच क्राइम ब्रांच कर रही है। आम आदमी पार्टी का आरोप है कि आप के विधायक पर तो एफआईआर दर्ज कर ली गई, लेकिन दिल्ली भाजपा अध्यक्ष मनोज तिवारी और उनके समर्थकों ने अरविंद केजरीवाल पर हमला करने और पुलिसवालों के साथ झगड़ा करने की एफआईआर दर्ज नहीं की गई है।   साभार-khaskhabar.com  

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