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अयोध्या। बाबरी मस्जिद के पक्षकार रहे इकबाल अंसारी ने कहा है कि कोरोनावायरस के संक्रमण पर उत्तर प्रदेश में अंकुश लग गया था, लेकिन तबलीगी जमात के लोगों ने देश के साथ यहां भी वायरस संक्रमण का दायरा बढ़ा दिया है। ऐसे में जो जमाती संक्रमित होने के बाद पकड़े जा रहे हैं उन पर देशद्रोह का मुकदमा दर्ज हो। इकबाल अंसारी का कहना है कि सरकार ने जमात के लोगों को इलाज के लिए बुलाया लेकिन उसके बाद भी जमात के लोग सामने नहीं आए। आज पूरे देश में जमात की वजह से संक्रमण फैला है। ऐसे लोगों के खिलाफ सरकार को देशद्रोह का मुकदमा दर्ज करना चाहिए। अंसारी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सरकार की तारीफ की। इकबाल का कहना है कि कोरोना संक्रमण के खिलाफ सरकार ने पूरी ताकत लगा रखी है और कोरोना संक्रमण देश से जल्दी ही समाप्त होगा। उन्होंने कहा कि योगी को शासन सत्ता चलाना मालूम है। उनके राज्य में एक भी गुंडा बदमाश नहीं दिख रहा है। प्रदेश में एक भी दंगा नहीं हुआ। अंसारी का कहना है कि कोरोना संक्रमण किसी जाति धर्म को देख कर नहीं संक्रमित कर रहा है। ऐसे में जमात के लोगों को देश के बारे में सोचना चाहिए। वह खुद सामने आ जाएं तो ज्यादा बेहतर होगा। साभार-khaskhabar.com

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भुवनेश्वर। मुख्यमंत्री नवीन पटनायक ने रविवार को यहां कहा कि ओडिशा के जो लोग दूसरे राज्यों में फंसे हुए हैं, लेकिन वहां से लौटना चाहते हैं, उन्हें पंचायत स्तर पर अपना नाम अनिवार्य रूप से पंजीकृत कराना होगा। मुख्यमंत्री ने एक वीडियो संदेश में कहा, "जो लोग ओडिशा लौटना चाहते हैं, उन्हें लौटने से पहले हरहाल में पंजीकरण कराना होगा। उनके रिश्तेदार और मित्र संबंधित ग्राम पंचायतों में पंजीकरण करा सकते हैं। वापस लौटने वालों को 14 दिनों तक मुफ्त में क्वोरंटीन सेंटर में रखा जाएगा, और उसके बाद प्रत्येक को प्रोत्साहन के रूप में दो हजार रु पये भी दिए जाएंगे।" उन्होंने कहा कि इस व्यवस्था को प्रभावी और मानवीय तरीके से लागू करने के लिए ओडिशा जिला कलेक्टरों से लेकर सरपंचों तक को उनके संबंधित अधिकार क्षेत्र में अधिकार दे रही है। प्रत्येक ग्राम पंचायत में पंजीकरण की सुविधा होगी, जहां लौटने के इच्छुक व्यक्ति के रिश्तेदार उसकी तरफ से उसका पंजीकरण करा सकते हैं। पटनायक ने कहा, "असाधारण परिस्थितियां असाधारण समाधान की मांग करत्ी हैं। पंचायतों और शहरी स्थानीय निकायों को सशक्त बनाने से वापस आने वालों का आवागमन, उन्हें ट्रैक करना और निगरानी करना आसान होगा और कोविड-19 के खिलाफ हमारी लड़ाई को मजबूती मिलेगी।" मुख्यमंत्री ने कहा, "मेरी नजर में हरेक जिंदगी मूल्यवान है और उसे एक सम्मानजनक तरीके से बचाया जाना चाहिए। पंचायत राज संस्थानों को इसमें शामिल करने से काफी मदद मिलेगी।" उन्होंने कहा कि लॉकडाउन के प्रतिबंध समाप्त होने के बाद ओडिशा सरकार मेजबान राज्यों और सरकारों के साथ मिलकर घर लौटने के इच्छुक सभी लोगों की वापसी सुनिश्चित की जाएगी। साभार-khaskhabar.com

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चेन्नई। तमिलनाडु में रविवार को पिछले 24 घंटों के दौरान कोरोना के कुल 105 नए मामले सामने आए हैं। इसके बाद प्रदेश में कोरोनोवायरस संक्रमित लोगों की संख्या 1,477 तक पहुंच चुकी है। पिछले कुछ दिनों में प्रदेश में कोरोना संक्रमित लोगों की संख्या में खास इजाफा नहीं हुआ था, मगर अब एकदम से प्रदेश में कोरोना के मामलों में खासी वृद्धि देखी गई है। नए मामलों में तीन डॉक्टर, एक पुलिस सब-इंस्पेक्टर और दो पत्रकार भी शामिल हैं। यह पता चला है कि पत्रकार एक तमिल दैनिक के साथ काम कर रहा है वहीं एक अन्य एक टेलीविजन चैनल में काम करता है। सरकार ने यह भी कहा कि राज्य भर में रविवार को 46 कोविड-19 रोगियों को छुट्टी दे दी गई है। इसके साथ ही राज्य में ठीक हुए मरीजों की संख्या 411 हो गई है। इस बीच, सरकार ने संपत्ति पंजीकरण गतिविधियों को फिर से शुरू करने की भी घोषणा की है। राज्य सरकार ने यह भी कहा कि राज्य में मौजूदा बंद तब तक जारी रहेगा, जब तक कि मुख्यमंत्री के. पलानीस्वामी निर्णय नहीं लेते। साभार-khaskhabar.com

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नई दिल्ली। दुनिया में कोरोना वायरस ने तहलका मचा कर रख दिया है। लोग घरों में रहने को मजबूर हैं। इसी बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज लिंक्ड इन पर लिखा है कि कोरोना वायरस ने प्रोफेशनल लाइफ पूरी तरह से बदल कर रख दी है। हमारा घर ही हमारा ऑफिस है। इंटरनेट हमारा नया मीटिंग रूम है। कुछ समय के लिए ऑफिस के सहयोगियों के साथ ब्रेक लेना इतिहास बन गया है। मैं भी इन बदलावों से सामंजस्य स्थापित करने की कोशिश कर रहा हूं, मेरी मंत्रियों के साथ ज्यादातर बैठकें वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए होती है। आपको बताते जाए कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कल कोरोना के खिलाफ जंग जीतने का जज्बा दिखाते हुए ट्वीट किया कि इससे घबराने की जरूरत नहीं है। केंद्रीय मंत्री राम विलास पासवान के ट्वीट को रिट्वीट करते हुए प्रधानमंत्री ने कोरोना महामारी को मात देने का संकल्प दोहराया।मोदी ने कहा कि कृपया उचित सावधानी बरतें। हम सब साथ मिलकर अवश्य ही कोविड-19 महामारी को मात देंगे। साभार-khaskhabar.com

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लखनऊ। कोरोनावायरस उत्तर प्रदेश में लगातार अपने पांव पसार रहा है। शनिवार को प्रदेश में 125 नए मामलों के साथ संक्रमित मरीजों की बढ़कर संख्या 974 पहुंच गई है। कोरोना अबतक 49 जिलों में फैला हुआ है। संक्रामक रोग विभाग के संयुक्त निदेशक डॉ़ विकासेंदु अग्रवाल ने बताया कि प्रदेश के आगरा में 199, लखनऊ में 163, गाजियाबाद में 30, गौतमबुद्घनगर (नोएडा) में 95, लखीमपुर खीरी में 4, कानपुर नगर में 30, पीलीभीत में 2, मुरादाबाद में 39, वाराणसी में 14, शामली में 22, जौनपुर में 5, बागपत में 15, मेरठ में 70, बरेली में 6, बुलंदशहर में 15, बस्ती में 16, हापुड़ में 16, गाजीपुर में 5, आजमगढ़ में 6, फीरोजाबाद में 38, हरदोई में 2, प्रतापगढ़ में 6, सहारनपुर में 53 व शाहजहांपुर में 1, बांदा में 3, महराजगंज में 6, हाथरस में 4, मिर्जापुर में 4, रायबरेली में 2, औरैया में 6, बाराबंकी में 1, कौशाम्बी में 2, बिजनौर में 22, सीतापुर में 17, प्रयागराज में 1, मथुरा में 4 व बदायूं में 5, रामपुर में 6, मुजफ्फरनगर में 5, अमरोहा में 10 व भदोही में 1, कासगंज में 3, इटावा में 2, संभल में 7, उन्नाव में 1, कन्नौज 4, संत कबीर नगर 1, मैनपुरी में 4, गोंडा में 1 व्यक्ति की कोरोना रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। प्रदेश में कोरोना से कुल 14 मौत हो चुकी है। प्रमुख सचिव स्वास्थ्य अमित मोहन ने बताया कि प्रदेश में कोरोना की स्थिति निरंतर सुधर रही है, जो कि हमारे लिए एक अच्छी खबर है। उन्होंने कहा कि आइसोलेशन वार्ड में 1025 लोग हैं और 10814 संक्रमण संदिग्ध लोग क्वोरंटीन किए गए हैं। 10 हजार आइसोलेशन बेड और 15 हजार क्वोरंटीन बेड तैयार कर लिए गए हैं। साभार-khaskhabar.com

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श्रीनगर। उत्तरी कश्मीर के सोपोर में शनिवार को आतंकवादी हमले में सीआरपीएफ के तीन जवान शहीद हो गए। सूत्रों के मुताबिक, आतंकियों ने श्रीनगर से 50 किलोमीटर दूर सोपोर में अहद साहब बाईपास पर सीआरपीएफ जवानों पर गोलीबारी की। इस क्षेत्र में घेराबंदी की गई है और अतिरिक्त सुरक्षा बल लाया गया है। हमलावरों को पकड़ने के लिए तलाशी अभियान शुरू किया गया है। जम्मू-कश्मीर में आतंकवाद विरोधी अभियानों में तेजी आई है। शनिवार को शोपियां और किश्तवाड़ में दो अलग-अलग अभियानों में चार आतंकवादी मारे गए। साभार-khaskhabar.com

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न्यूयार्क । कोरोना ने पूरी दुनिया में कहर मचा रहा है। अमेरिका में कोरोना से 24 घंटे में 1891 लोगों की मौत हो गई है।मिली जानकारी के अनुसार, कोरोना से वैश्विक महाशक्ति अमेरिका के हालात इन दिनों सबसे ज्यादा खराब हैं। यहां मरने वालों का आंकड़ा 37 हजार को पार कर 37,079 हो गया है जबकि कुल संक्रमण के मामले 7,10,272 हो गए हैं। हालांकि इतने बुरे हालातों के बावजूद राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने नागरिकों को घरों से बाहर न निकलने के दिशा-निर्देशों के खिलाफ किए जा रहे प्रदर्शनों को अपना समर्थन दिया है। ट्रप चाहते हैं कि अमेरिका के विभिन्न राज्यों के गवर्नर जल्द ही लॉकडाउन जैसे हालात खत्म करें ताकि बाजारों को खोला जा सके। चीन के बाद अकेले अमेरिका-यूरोप में कोविड-19 ने 59 फीसदी से ज्यादा लोगों पर असर छोड़ है। इनमें अमेरिका, इटली, स्पेन, फ्रांस और ब्रिटेन जैसे देश शामिल हैं। जॉन्स हॉपकिंस विवि ने चौंकाने वाले आंकड़े देते हुए बताया कि शनिवार दोपहर तक दुनिया में इस वैश्विक महामारी से कुल मरने वालों की संख्या 1.5 लाख को पार कर गई जबकि संक्रमितों की संख्या 22.6 लाख को पार कर गई। साभार-khaskhabar.com

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भोपाल। मध्यप्रदेश में कोरोना वायरस संक्रमित मरीजों की संख्या 14 सौ को पार कर गया। शनिवार का दिन इस मायने में अहम रहा कि एक भी कोरोना पीड़ित मरीज की मौत नहीं हुई। राज्य के स्वास्थ्य विभाग की ओर से शनिवार की रात को जारी बुलेटिन के अनुसार, मरीजों की संख्या 1402 हो गई है। इंदौर अब भी मरीजों की संख्या में मामले में अव्वल बना हुआ है। यहां मरीजों की संख्या 891 हो गई है। वहीं भोपाल में 213, जबलपुर में 16, उज्जैन में 23, मुरैना में 13, खरगोन में 47, बड़वानी में 26, छिंदवाड़ा चार, विदिशा 13, होशंगाबाद 23, खंडवा 32, देवास 20, रतलाम 13,धार में 24, रायसेन में सात, शाजापुर में छह, मंदसौर में नौ, श्योपुर में पांच व आगर मालवा और अलिराजपुर में पांच-पांच, शिवपुरी, ग्वालियर, रतलाम, बैतूल, सतना में दो-दो और सागर, टीकमगढ़ व अन्य राज्य से आए एक-एक मरीजों के नमूने पॉजिटिव पाए गए हैं। स्वास्थ्य बुलेटिन के अनुसार, शनिवार को एक भी मरीज की मौत नहीं हुई और मौत का आंकड़ा 69 बना हुआ है। अब तक इंदौर में 47, उज्जैन व भोपाल में छह-छह, खरगोन में चार और देवास में पांच व छिंदवाड़ा में एक मौत हुई है। वहीं अब तक 127 मरीज स्वस्थ हो चुके हैं। इनमें सबसे ज्यादा इंदौर से 71 और 31 भोपाल से हैं। साभार-khaskhabar.com

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नई दिल्ली। देश के हिंदी पट्टी के एक सबसे बड़े राज्य मध्यप्रदेश में कोविड-19 के प्रसार को रोकने के लिए 24 घंटे काम कर रहे राज्य के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि बीते महीने के अंतिम सप्ताह में मध्यप्रदेश की जिम्मेदारी संभालने के बाद उन्होंने महामारी के विरुद्ध युद्ध शुरू किया है। अधिकारियों और विशेषज्ञों की समर्पित टीम के साथ वायरस के खिलाफ लड़ रहे चौहान ने कहा, "मैं इस संवेदनशील मुद्दे पर कोई राजनीतिक टिप्पणी नहीं करना चाहता, लेकिन साथ ही यह कहना चाहता हूं कि पूर्ववर्ती सरकार ने कोरोनावायरस स्थिति से निपटने के लिए कोई ध्यान नहीं दिया।" राज्य में इंदौर के कोरानावायरस के सबसे बड़े हॉटस्पॉट के रूप में उभरने पर चौहान ने साक्षात्कार के दौरान कहा, "पहले की सरकार को शहर में एहतियाती कदम उठाने चाहिए थे। हालांकि महामारी पर काबू पाने के लिए सभी प्रयास अब किए जा रहे हैं।" इसके साथ ही उन्होंने कहा कि आने वाले दिनों में इंदौर की स्थिति सुधरेगी। शिवराज से हुई आईएएनएस की खास बातचीत के अंश :- प्रश्न : आपने काफी अहम मौके पर मुख्यमंत्री की जिम्मेदारी संभाली है। राज्य में कोविड-19 की तैयारियों से जुड़ी स्थिति कैसी है? उत्तर : मैंने 23 मार्च की शाम मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली थी और मेरे एजेंडे में पहली चीज मध्यप्रदेश में कोविड-19 की स्थिति को संभालने की थी। मैं इस विषय पर कोई राजनीति नहीं करना चाहता हूं, लेकिन मेरे पूर्ववर्ती और उनकी सरकार ने स्थिति को संभालने पर ध्यान नहीं दिया। उनकी 'शून्य' तैयारी थी। मैंने शून्य से शुरुआत की और युद्ध स्तर पर काम शुरू किया। स्थिति नियंत्रण में हैं और आज के दिन हम इस महामारी को लेकर काफी अच्छी स्थिति में हैं। प्रश्न-आपके पहले के कार्यकाल में इंदौर देश सबसे साफ शहर बनकर उभरा और अभी भी शहर के पास यह खिताब है, फिर यह कैसे राज्य में कोविड-19 का सबसे बड़ा हॉटस्पॉट बनकार उभर गया? उत्तर : इंदौर मध्यप्रदेश का सिरमौर है। इंदौर के लोग अच्छे कार्यों के प्रति समर्पण और प्रतिबद्धता के लिए जाने जाते हैं। भारत में सबसे साफ शहर का खिताब बनाए रखना प्रत्येक इंदौरी और मध्यप्रदेश में सभी का कर्तव्य है। जैसा कि आप जानते हैं कि इंदौर देश के व्यस्तम शहरों में से एक है। जनवरी और मार्च की शुरुआत में कई लोगों ने शहर से विदेश की यात्रा की। अनुमान के मुताबिक शहर में करीब 6000 लोगों ने विदेश यात्रा करने के बाद प्रवेश किया और इन लोगों की स्क्रीनिंग भी नहीं हुई थी। इसके अलावा कई लोग पूरे देश में कई समारोहों और त्योहारों में हिस्सा लेने के बाद यहां ट्रेनों और सड़क माध्यम से पहुंचे। पूर्ववर्ती सरकार ने कोई एहतियाती कदम नहीं उठाए और अधिकतर लोग बिना जांच के यहां आ गए, इनमें से कई कोरोना पॉजिटिव भी थे। जनसंख्या घनत्व ने भी इस महामारी को फैलाने में भूमिका निभाई। हालांकि हमारी पहली प्राथमिकता में इंदौर था और इसपर तत्काल ध्यान दिया और लगातार इसके प्रसार को रोकने का काम किया। हमें सफलता के शुरुआती लक्षण भी दिखने लगे हैं और अगले कुछ दिनों में इंदौर मजबूती के साथ उभरेगा और पहले से भी बेहतर होकर सामने आएगा। प्रश्न- मध्यप्रदेश की मेडिकल/स्वास्थ्य सुविधा संरचना कैसी है। क्या आप सबसे बुरी स्थिति के लिए तैयार हैं? उत्तर : सरकार के सतत प्रयास और हमारे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मजबूत नेतृत्व में, भारत ज्यादा मजबूती के साथ उभरा है और मेरा मजबूती के साथ मानना है कि सबसे बुरी स्थिति को हमने पीछे छोड़ दिया है। हालांकि मध्यप्रदेश की स्वास्थ्य संरचना कोविड-19 से निपटने में किसी भी प्रकार की आपात स्थिति के लिए तैयार है। हमारी आईआईटीटी रणनीति(आइडेंटीफाई, आइसोलेट, टेस्ट एंड ट्रीट) के तहत हमने 27 लाख 54 हजार लोगों की पहचान की, जोकि पूरे राज्य में कंटेंमेंट क्षेत्रों का हिस्सा हैं। इनमें से हमने 18 लाख 14 हजार लोगों की स्क्रीनिंग की और हाई रिस्क वाले 11,163 लोगों को आइसोलेट किया। कुल 13,492 टेस्ट रिपोर्ट में से हमें 11,010 नेगेटिव और केवल 1307 पॉजिटिव मिले, जोकि एक शानदार नतीजे हैं। हमने 99 सैंपलों की जांच की 98 नेगेटिव आए। जोकि उस चीज का साइन है जो मैंने पहले कहा कि हमने खराब स्थिति को पीछे छोड़ दिया है। हमारे पास 246 से ज्यादा कोविड-19 केयर सेंटर, 63 कोविड-19 हेल्थ सेंटर और 25 समर्पित कोविड-19 अस्पताल हैं, जहां की कुल क्षमता 29,975 आइसोललेशन बेड और 840 आईसीयू बेडों की है। हमारे पास 993 से अधिक वेंटिलेटर हैं और मैं यहां बता कर काफी खुश हूं कि अभी तक रोगियों पर इनमें से 40 से अधिक का प्रयोग नहीं हुआ है। हमारे पास 83 हजार से ज्यादा पीपीई किट हैं, 1,65,000 एन95 मास्क हैं, 53 लाख से ज्यादा तीन स्तरीय मास्क और एचक्यूसीएन टेबलेट के 33,70,000 डोज उपलब्ध हैं। हम तैयार हैं, लेकिन मैं आश्वस्त हूं कि हमें इनसब संसाधनों की जरूरत नहीं पड़ेगी। प्रश्न : लोग भीलवाड़ा मॉडल की बात कर रहे हैं, लेकिन कई जबलपुर मॉडल की भी बात कर रहे हैं। आपका इस बारे में क्या कहना है? उत्तर : जैसे ही हमने मार्च के अंतिम सप्ताह में मध्यप्रदेश के पहले और जबलपुर के पहले चार पॉजिटिव मामलों की पहचान की, प्रशासन ने प्रोटोकाल्स का पालन किया और उन्हें आइसोलेट किया, उनके ट्रेवल हिस्ट्री का पता लगाया और 25 से ज्यादा लोगों को क्वोरंटीन किया। किसी भी भय के माहौल को नकारने के लिए, उन्होंने लोगों से परामर्श किया और किसी भी प्रकार की अफवाह से बचाने के लिए रोजाना उन्हें अपडेट रखा। नागरिकों ने लॉकडाउन के दौरान प्रशासन का समर्थन किया और सभी रोगी आइसोलेशन में रहे और सार्थक एप का प्रयोग कर हमारी गिनरानी में रहे। जो मॉडल हमने पूरे मध्यप्रदेश में लागू किया वह नतीजे दिखा रहा है और मैं निश्चिंत हूं कि जबलपुर के बाद अगला केस स्टडी इंदौर का होगा। प्रश्न : लॉकडाउन 2.0 के लिए आपकी क्या रणनीति है। 20 अप्रैल के बाद क्या होगा? उत्तर : हम इस बारे में गृह मंत्रालय द्वारा जारी दिशानिर्देश का पालन करेंगे। प्रश्न : आपके पहले के पूरे कार्यकाल के दौरान मप्र कृषि का एक पॉवरहाउस बन कर उभरा। आज कोविड-19 स्थिति के दौरान गेंहूं की खरीद की क्या योजना है? उत्तर : हमारे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हमेशा किसानों के हितों को अपने दिल में रखते हैं। हमने पहले ही मंडियों और संबंधित संरचनाओं के सहयोग से किसानों से गेंहूं की खरीदी शुरू कर दी है और हमने 16 अप्रैल तक पिछले वर्ष की खरीदी के करीब 72 प्रतिशत की खरीदी कर ली है, वह भी इतनी मुश्किल घड़ी में। किसानों को एसएमएस द्वारा उन्हें दिए गए समयनुसार मंडी या खरीद केद्रें पर आने की सलाह दी गई है। हम हमेशा किसानों के साथ हैं। वे हमारी प्राथमिकता हैं। प्रश्न : और भी कुछ जो आप जोड़ना चाहते हैं? उत्तर : हम जीतेंगे और कोरोनावायरस को हराएंगे। मध्यप्रदेश सुरक्षित हाथों में है। अफवाहों पर विश्वास न करें। हम इस महामारी से लड़ाई में पूरी तरह से मजबूत और तैयार हैं। सद्भावना के रूप में मैंने कोविड-19 के रोगियों की सेवा करने वाले अग्रिम पंक्ति के स्वास्थ्य कर्मियों को 10000 रुपये प्रति माह मानदेय देने का फैसला किया है। मैंने इसी प्रकार से पुलिस, नगरनिगम कर्मियों और अन्य जो कोविड-19 रोगियों के संपर्क में आते हैं, उन्हें भी उनकी सेवा के लिए एकबार 10,000 रुपये देने का फैसला किया है। साभार-khaskhabar.com

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कोलकाता। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कहा है कि सरकार देश के विभिन्न हिस्सों में फंसे राज्य के प्रवासी मजदूरों को जेब खर्च के लिए 1,000 रुपये देगी। बनर्जी ने शुक्रवार को कहा, "अन्य राज्य उनके लिए व्यवस्था कर रहे हैं लेकिन उनके पास पैसा नहीं है। इसलिए, हमने उन्हें 1,000 रुपये देने का फैसला किया है।"उन्होंने कहा कि पैसे का भुगतान ऑनलाइन या पेटीएम के जरिए किया जाएगा।बनर्जी ने जिलाधिकारियों से कहा कि वे यह सुनिश्चित करने के लिए पृष्ठभूमि की जांच करें कि लाभार्थी बंगाल के निवासी हैं या नहीं। वहीं दूसरी ओर, पश्चिम बंगाल के राज्यपाल जगदीप धनखड़ ने ममता सरकार पर बड़ा आरोप लगाते हुए कहा है राज्य में लॉकडाउन को लागू करने में बड़ी राजनीति की जा रही है। धनखड़ ने कहा कि प्रदेश में राजनीतिक दलों को काम करने नहीं दिया जा रहा है। सांसदों को रोका जा रहा है। दूसरी ओर सत्ताधारी दल के लोग बेरोकटोक घूम रहे हैं। सरकार का अलग आचरण है। पुलिस और प्रशासन दूसरी पार्टी के लोगों के साथ अलग तरीके से पेश आ रही है। उन्होंने कहा कि सरकार का यह रवैया घातक है। पश्चिम बंगाल के राज्यपाल जगदीप धनखड़ ने कहा, सत्ताधारी दल के लोगों ने सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) पर कब्जा कर लिया है। पीडीएस एक बड़ा घोटाला बनती जा रही है। मुझे शक है कि यह अब तक सबसे बड़ा घोटाला भी हो सकता है। राज्य और केंद्र सरकार से मुहैया कराए गए धन को लूटा जा रहा है। लेकिन न तो इसकी तरफ राज्य सरकार का ध्यान है और ना ही प्रशासन का। राज्यपाल ने सवाल दागते हुए कहा, पीडीएस में जिस काम को राज्य सरकार के अधिकारियों को करना था, वो काम सत्ताधारी पार्टी के कार्यकर्ता कैसे कर रहे हैं। राज्य में गरीब लोगों की विकट स्थिति है और अधिकारी नींद में हैं। उन्होंने राज्य की मुख्यमंत्री से इस ओर ध्यान देने और सख्ती दिखाने की अपील की है।   साभार-khaskhabar.com

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पटना। बिहार में कोरोना संक्रमितों की संख्या लगातार वढ़ रही है। इस बीच, पटना में एक व्यक्ति के पॉजिटिव पाए जाने के बाद राज्य में शनिवार को कोरोना वायरस संक्रमितों की संख्या 86 तक पहुंच गई। बिहार स्वास्थ्य विभाग के प्रधान सचिव संजय कुमार ने बताया कि शनिवार को राजधानी पटना के खजपुरा इलाके की रहने वाली 32 वर्षीय महिला के कोरोना वायरस से संक्रमित होने की पुष्टि हुई है, जिससे राज्य में कोरोना वायरस संक्रमितों की संख्या 86 हो गई है। इस महिला के यात्रा इतिहास का पता लगाया जा रहा है। इससे पहले, शुक्रवार की रात दो लोगों को कोरोना पॉजिटिव पाया गया था। ये नालंदा जिले और बेगूसराय जिले के रहने वाले हैं। बिहार में अब तक 86 लोग कोरोना वायरस संक्रमित पाए गए हैं, जिसमें से दो व्यक्ति की मौत हुई है। उल्लेखनीय है कि बिहार में कोरोना वायरस संक्रमितों में सबसे अधिक 29 मामले सीवान से, मुंगेर से 17, पटना से 7, गया से 5, बेगूसराय से 9, गोपालगंज से 3, नालंदा से 7, बक्सर से 2 एवं नवादा से 3 तथा सारण, लखीसराय, वैशाली एवं भागलपुर में एक-एक मामला सामने आया है।   साभार-khaskhabar.com

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पटना। बिहार विधानसभा में विपक्ष के नेता और पूर्व उपमुख्यमंत्री तेजस्वी प्रसाद यादव ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की राजस्थान के कोटा में फंसे छात्रों को वापस लाने की योजना की प्रशंसा की है तथा इसी बहाने बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर निशाना भी साधा है। तेजस्वी ने शुक्रवार को उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के एक ट्वीट को री-ट्वीट करते हुए उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री के फैसले की प्रशंसा करते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार ने लॉकडाउन में राजस्थान के कोटा में फंसे छात्रों के वापस लाने की योजना बनाई है, जिसकी सराहना की जानी चाहिए। तेजस्वी ने ट्वीट करते हुए लिखा, "उप्र के मुख्यमंत्री का यह कदम सराहनीय है, लेकिन बिहार का क्या करें जहां हजारों छात्र कोटा के जिलाधिकारी से विशेष अनुमति लेकर आए, लेकिन बिहार सरकार ने उन्हें बिहार सीमा पर रोक प्रदेश में नहीं घुसने दिया? विद्यार्थी हो या अप्रवासी मजदूर, बिहार सरकार ने संकट में सभी को त्याग दिया है।" तेजस्वी ने अखिलेश के उस ट्वीट को री-ट्वीट किया जिसमें अखिलेश ने राजस्थान के कोटा में फंसे उप्र के विद्यार्थियों को वापस लाने की योजना का स्वागत किया है। राजस्थान के कोटा में उत्तर प्रदेश और बिहार के हजारों छात्र फंसे हैं। कुछ छात्र तो अभिभावकों के साथ कोटा से निकले थे, लेकिन उन्हें बिहार की सीमा पर ही रोक क्वारेंटीन सेंटर में रखा गया है। इसके अलावा बिहार के कई लोग अन्य राज्यों में फंसे हुए हैं।  साभार-khaskhabar.com

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