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स्विट्ज़रलैंड: पहाड़ों पर कुदरत का करिश्मा, मशीनों का जलवा और हम सबको ‘आज खाने में क्या है की चिंता?’ || लखनऊ : अखिलेश का दावा, SIR पर चुनाव आयोग में ही मतभेद, बताया- लोकतंत्र के लिए घातक || चेन्नई : राहुल गांधी अगले महीने तमिलनाडु में कर सकते हैं 'छात्रों की गूंज' कार्यक्रम || उत्तर प्रदेश : गोंडा में मुठभेड़ के बाद तीन गौतस्कर गिरफ्तार, बहराइच में शातिर अपराधी पुलिस की गोली लगने से घायल

कुरुक्षेत्र । प्रशासनिक और उठान एजेंसियों की लापरवाही के चलते नई अनाज मंडी में करोड़ों रूपये का गेहूं बारिश में भीग गया। गेहूं के कट्टों के नीचे भी पानी फैल गया। हालांकि कुछ गेहूं के कट्टों केे लगे टैग व खुली गेहूं को ढांपने का प्रयास किया गया, लेकिन वह भी असफल रहा।  शनिवार को भी मंडी में करीब साढ़े तीन लाख कट्टे उठान की बाट जोह रहे थे। जहां अल सुबह करीब चार बजे हल्की बारिश हुई तो वहीं दिन में भी दोपहर बाद फिर हल्की बारिश हुई। रात के समय जहां गेहूं को ढांप भी नहीं पाए वहीं दोपहर को कुछ गेहूं ढकने का भी प्रयास किया, लेकिन अधिक मात्रा में गेहूं जमा होने के चलते अधिकतर गेहूं बारिश में भीग गया। हल्की बारिश में भी गेहूं भीगने से भारी नुकसान बताया जा रहा है, लेकिन रविवार व सोमवार को भी मौसम बारिश का रहने की आशंका जताई जा रही है। ऐसे में यहां और भी नुकसान होने की संभावना से इंकार नहीं किया जा सकता। बता दें कि उठान कार्य में ढिलाई को लेकर जहां सीजन शुरू होने से लेकर अब तक आढ़ती व किसान भारी परेशानी झेलते रहे वहीं अधिकारियों को भी उठान कार्य में तेजी लाए जाने की गुहार लगाई जाती रही। इसी सप्ताह प्रशासन की ओर से उठान में तेजी लाने व कथित नजराने पर अंकुश लगाने केे चलते टोकन सिस्टम भी शुरू किया गया। हालांकि अनेकों गाड़ियां टोकन से तो वहीं स्पेशल भी लगने से हर रोज करीब एक लाख कट्टे उठाए जा रहे है, लेकिन अधिक मात्रा में गेहूं जमा होने के चलते अभी भी करीब साढ़े तीन लाख कट्टे उठान की बाट जोह रहे है।    साभार-khaskhabar.com  

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झांसी । जनपद में पानी का संकट गहराता जा रहा है। देखा जाए जितना बड़ा संकट सिंचाई का है उतना ही पेयजल का भी है। गांवों की स्थिति काफी दयनीय है, तस्वीर बदली हुई है। वहां ऐसा लगता है कि जैसे सूखा पड़ गया है, पानी के अभाव में लोगों के हलक सूख रहे हैं। रेगिस्तान जैसे हालात बनते जा रहे है। यहां तक लोगों पानी खरीदना तक पड़ रहा है। पेयजल की समस्या ने गरीब मजदूर वर्ग की दैनिक दिनचर्या को बदल कर रख दिया है। वैसे देखा जाए तो शहरी क्षेत्र में 3200 जल कनेक्शन और 2500 हैंडपंप पूरे क्षेत्र में हैं। जिसमें से लगभग 1200 हैंडपंप चालू हालत में है, 500 सौ के आसपास कंडम हो चुके तथा बाकी बचे में कुछ रिबोर और सुधरने की राह देख रहे हैं। वहीं, देखा जाए प्रचंड गर्मी लोगों को बेहाल कर रही है, परन्तु विभागीय अधिकारी आंकड़ों में जूझ रहे हैं।  पानी पर दबंगों का कब्जा बुंदेलखंड में पेयजल बहुत बड़ी समस्या है। गर्मी के दिनों में ग्रामीण एवं शहरी पिछड़े क्षेत्र में पानी से ज्यादा अहम मुद्दा कुछ नहीं है। ग्राम करगुवा में पिछड़े क्षेत्र कैमासन पुरम में लोगों को पेयजल के लिए दो किलो मीटर तक जाना पड़ता है। इस क्षेत्र के लिए पूर्व में एक पानी की टंकी प्रस्तावित हुयी थी,जो योजना आज तक परवान नही चढ़ सकी। बस्ती में सरकारी हैंड पम्प है, लेकिन उन पर जंजीर और ताले जड़े हुए है। उस पर दबंगों का कब्जा है। ऐसा नहीं है कि नगर निगम के प्रशासन द्वारा व्यवस्था न की जाती हो, लेकिन शहर की सीमा से निकलते ही पानी के टैंकर दबंगों के हाथ में होता है। हैंडपंपों ने दे दिया जवाब शहर में कई ऐसे मोहल्ले हैं जहां पर हैंडपंपों ने पानी देना बंद कर दिया है। सरकारी नल लगे हैं लेकिन उसमें पानी एक सप्ताह तक नहीं आता है। जब आता भी है तो सम्पन्न लोग मोटर लगा कर पानी टंकियों में भर लेते हैं, तथा नल का पानी आगे बढ़ ही नहीं पाता। फिलहाल नगर के मद्रासी कालोनी, उन्नाव गेट, लक्ष्मीगेट सागर गेट करगुवां जी गडिय़ागांव आदि में टैंकर से जलापूर्ति की व्यवस्था की गई है।  कोछाभांवर: आंदोलन का भी नहीं असर आज हालात पुराने जैसे मेडिकल कांलेज कानपुर रोड पर कोछाभावर गांव है। गांव के कुएं सुख गए है, जल स्तर काफी नीचे चला गया है, जो कुछ हैण्ड पम्प है वो खारा पानी देते है। कोछा भांवर में सरकारी वयवस्था को ठेंगा दिखाते हुए निजी/ प्राइवेट पानी की पाइप लाइन बिछाई गयी है। यहां पर पानी लोगों को बेचा जाता है। प्रति माह 400 से 500 सौ रूपये वसूले जाते है, दबंगई के चलते यहां उधारी की गुंजाईश नहीं है। यह बड़ा आश्चर्य का विषय है कि किस तरह से प्राकृतिक संसाधन पर कुछ लोगो का दबदबा और कब्जा है। वहीं, दूसरी ओर शहर से शिवपुर रोड पर स्थिति गांव रक्सा में भी हालत बदहाल है। यहां पर भी लोग पानी रुपये देकर खरीदते हैं। योजनाएं करोड़ों की, धरातल पर कुछ भी नहीं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कैबिनेट बैठक में बुंदेलखंड में पेयजल समस्या के समाधान पर जोर दिया। कैबिनेट ने बुंदेलखंड की स्थिति देखते हुए पेयजल योजना समयबद्ध ढंग से पूरा करने का निर्णय लिया। मंत्री डॉ. महेंद्र सिंह को बुंदेलखंड और नगर विकास मंत्री सुरेश खन्ना को शहरी अंचलों में प्रवास कर प्रभावी कदम उठाने की जिम्मेदारी दी गई है। पेयजल संकट दूर करने के लिए नलकूप लगाने और रीबोरिंग से लेकर टैंकर की व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा गया। वहां के ग्रामीण क्षेत्रों में ग्रीष्म ऋतु में पेयजल समस्या के समाधान के लिए पीएलए में रखी 47.36 करोड़ रुपये की धनराशि के सापेक्ष 47.03 करोड़ रुपये की कार्ययोजना पर अमल किया जाएगा। इसमें 31.80 करोड़ रुपये की लागत से बुंदेलखंड के सात जिलों में पहले से स्थापित 3815 हैंडपंपों की रीबोरिंग तथा 8.75 करोड़ रुपये की लागत से 1,174 नए हैंडपंपों का अधिष्ठापन कराया जाएगा। इस प्रकार इन दोनों कार्यों के लिए कुल 40.55 करोड़ रुपये धनराशि की कार्ययोजना प्रस्तुत की गयी, जिसे मंत्रिपरिषद ने मंजूरी प्रदान कर दी। बुंदेलखंड के सातों में उप्र जल निगम द्वारा संचालित पाइप पेय जल योजनाओं को पूरी क्षमता पर क्रियाशील करने के लिए आवश्यकतानुसार नलकूप के निर्माण, खराब नलकूपों की रीबोरिंग, पंप एवं पाइप लाइन आदि कार्यों की मरम्मत के लिए 6.84 करोड़ रुपये की कार्ययोजना पर भी सहमति प्रदान कर दी गई। वहीं दूसरी ओर देखने आ रहा है कि यह योजनाएं धरातल पर सिफर हैं।      साभार-khaskhabar.com  

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मुंबई । बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने शनिवार देश भर में शराबबंदी को लागू करने का प्रस्ताव दिया है और कहा कि इससे देश तुरंत विकास के रास्ते पर आ जाएगा। जनता दल यूनाइटेड के अध्यक्ष ने यह बातें महाराष्ट्र की राजनीति में प्रवेश करने के लिए यहां आयोजित पार्टी की रैली में कहा, ‘‘शराब को देश भर में बैन करने की जरूरत है। विकास के लिए समूचे देश में शराबबंदी लागू किया जाना चाहिए।’’उन्होंने कहा कि हिंदू, मुस्लिम, सिख, ईसाई सभी इस मामले में एकमत हैं। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने एक अप्रैल 2016 को बिहार में पूर्ण शराबबंदी लागू किया था। उन्होंने कहा कि कई लोग इस पर संदेह जता रहे थे और कह रहे थे कि राजस्व का नुकसान होगा। लेकिन न सिर्फ राजस्व के नुकसान को पूरा कर लिया गया, बल्कि बिहार में सडक़ दुर्घटनाओं में भी कमी आई, जिससे कीमती जानों को भी बचाया गया। अपने विकास एजेंडा के बारे में उन्होंने कहा कि यह ‘न्याय के साथ प्रगति’ और देश के आखिरी आदमी तक विकास के लाभों को पहुंचाने पर आधारित है। उन्होंने कहा, ‘‘बिहार में प्रगति है, लेकिन हम इसका ढिंढोरा नहीं पीटते। इसे लोगों ने एक दूसरे तक खुद पहुंचाया है। लोग अब बदलाव को देख रहे हैं और महसूस कर रहे हैं।’’ अपने 45 मिनट के भाषण में उन्होंने महात्मा गांधी, डॉ. भीमराव अंबेडकर और छत्रपति शिवाजी महाराज का उल्लेख किया। उन्होंने जदयू की विचारधार को समूचे महाराष्ट्र में फैलाने की सलाह दी। इस रैली में बड़ी संख्या में बिहारी समुदाय के लोग शामिल हुए। साभार-khaskhabar.com  

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भोपाल । मध्यप्रदेश के बैतूल से भारतीय जनता पार्टी की सांसद ज्योति धुर्वे का एक कथित ऑडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ है, जिसमें वह कह रही हैं, ‘‘प्रधानमंत्री ने शादी तो की, मगर घर नहीं बसाया।’’ ज्योति धुर्वे ने यह बात केंद्रीय विद्यालय का भवन जनभागीदारी से बनाने पर जोर देते हुए कही। इस ऑडियो की सत्यता के लिए धुर्वे से संपर्क नहीं हो पाया। बैतूल जिले की भैंसदेही तहसील में केंद्रीय विद्यालय प्रस्तावित है, मगर भवन नहीं बना है। इसी बात को लेकर पिछले दिनों एक पत्रकार ने अपना नाम योगेश सोनी बताते हुए सांसद को फोन लगाया। इस बातचीत का कथित ऑडियो शनिवार को सोशल मीडिया पर वायरल हुआ। कथित ऑडियो में पत्रकार सांसद से इसी सत्र से केंद्रीय विद्यालय शुरू कराने का अनुरोध कर रहा है। सांसद पहले तो उसे तल्खी भरे अंदाज में डांटती हैं और कहती हैं, ‘‘प्रधानमंत्री का कहना है कि जनता को जोड़ो, जनता के मद से पैसा जाएगा, प्रधानमंत्री के मद से नहीं। उन्होंने (प्रधानमंत्री) शादी तो कर ली, मगर घर नहीं बसाया (बनाया)।’’ तीन तलाक का मुद्दा जोर-शोर से उठाए जाने के बीच भाजपा की महिला सांसद के इस बयान ने हलचल मचा दी है। इस कथित ऑडियो को लेकर सांसद धुर्वे से कई बार संपर्क किया गया, मगर उनका पक्ष नहीं मिल पाया। पार्टी के मुख्य प्रवक्ता दीपक विजयवर्गीय ने आईएएनएस को बताया कि ज्योति धुर्वे का इस ऑडियो को लेकर कहना है कि उन्होंने इस तरह की कोई बात नहीं कही है, उन्होंने सिर्फ विकास की बात की है।’’ साभार-khaskhabar.com  

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अहमदाबाद । यूपी विधानसभा चुनावों के दौरान यूपी के पूर्व सीएम अखिलेश यादव ने गुजरात टूरिज्म के एक विज्ञापन को लेकर विरोधियों पर निशाना साधा था। गौरतलब है कि अखिलश ने चुनाव प्रचार के दौरान ‘गुजरात के गधे’ का जिक्र करते हुए विरोधियों पर निशाना साधा था। इसके बाद यह मुद्दा काफी चर्चा में रहा।  अब एक बार फिर से गुजरात टूरिज्म ‘गधे के विज्ञापन’ को लेकर सुर्खियों में आ गया है। एक अखबार की रिपोर्ट के अनुसार गुजरात टूरिज्म के नए विज्ञापन में कहा गया है कि ‘आइए और कच्छ के छोटे रण में जंगली गधे के साथ रेस लगाइए।’ इस विज्ञापन पर बवाल हो रहा है। विज्ञापन में एक सुपर चाजर््ड एसयूवी को गधों के झुंड का पीछा करते हुए दिखाया गया है,  जो कि एक दंडननीय अपराध है। नेशन बोर्ड फॉर वाइल्ड लाइफ के सदस्य रहे दिव्य भानु सिंह का कहना है कि विज्ञापन में इस्तेमाल किया गया ‘रेस’ शब्द गलत संदेश देता है। दरअसल एश्यिाई जंगली गधा एक लप्तप्राय जानवर है और यह केवल गुजरात में पाया जाता है। वन्यजीव संरक्षण अधिनियम 1972 के तहत किसी जानवर को परेशान करने पर 5,000 से 10,000 रुपये के जुर्माने और 2 से छह महीने की कैद का प्रावधान है। वहीं एशियाई जंगली गधा दुर्लभ प्रजातियों में शामिल है। सितंबर 2006 से छोटे रण में गधों का अभयारण्य यूनेस्को की भी नजर में है। वहीं किसी दुलर्भ जानवर का इस तरह से पीछा करने से उसकी जान को खतरा हो सकता है। इस मामले में गुजरात टूरिजम के एमडी एन श्रीवास्तव का कहना है कि कम रेस विद, केवल एक टैग लाइन है। साथ ही उन्होनें कहा कि हम इस विज्ञापन की समीक्षा करेंगे और जरूरी बदलाव भी करेंगे।  साभार-khaskhabar.com  

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जयपुर । चालान की प्रक्रिया एवं पुलिस के व्यवहार में पारदर्शिता लाने के लिए यातायात नियमों की अवहेलना करने वालों पर नजर रखने के लिए जयपुर यातायात पुलिस को 40 बॉडी वॉर्न कैमरे उपलब्ध करवाए गए हैं। कैमरे पुलिस मुख्यालय की ओर से उपलब्ध करवाए गए हैं।  ट्रैफिक डीसीपी हैदर अली जैदी ने बताया कि शुक्रवार को यादगार में 40 एसआई व एएसआई के सीने पर कैमरे लगाए गए। कैमरों में 8 जीबी की चिप लगी है। डीसीपी ट्रैफिक हैदर अली जैदी ने बताया कि बॉडी वॉर्न कैमरों को एएसआई व एसआई के गले में पहनाया गया है, जो सीने के सामने शर्ट पर लगा रहेगा। कैमरों में यातायात के नियमों की अवहेलना करने वाले वाहन चालक की गलती, चालान प्रकिया, वाहन चालक व यातायात पुलिसकर्मियों के बीच आपसी व्यवहार की रिकॉर्डिंग हो जाएगी। उन्होंने बताया कि यातायात पुलिसकर्मियों को कैमरे उपलब्ध करवाने का उद्देश्य पुलिसकर्मी के व्यवहार, वाहन चालक की गलती तथा चालान की प्रक्रिया में पारदर्शिता लाना है। शहर के महत्वपूर्ण पाइंटों व भीड़भाड़ वाले चिन्हित स्थानों पर यातायात पुलिसकर्मियों को बॉडी वॉर्न कैमरों के साथ तैनात किया जाएगा। यातायात पुलिसकर्मी का समय-समय पर ड्यूटी पाइंट भी बदला जाएगा।  15 दिन तक की रिकॉर्डिंग होगी सुरक्षित बॉडी वॉर्न कैमरे को यातायातकर्मी द्बारा सामने की ओर कमीज पर लगाया जाएगा एवं वाहन चालक के यातायात नियमों के उल्लंघन करने पर चालान करते समय कैमरे की रिकॉर्डिंग ऑन कर कार्रवाई करेंगे। इससे कार्रवाई के दौरान आपसी संवाद की रिकॉर्डिंग होगी। इस रिकॉर्डिंग को सॉफ्टवेयर से कम्प्यूटर में 15 दिन तक सुरक्षित रखा जाएगा। कैमरे में लगी चिप की क्षमता 8 जीबी है। कैमरे को चारों तरफ घुमाकर रिकॉर्डिंग की जा सकती है।    साभार-khaskhabar.com

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नई दिल्ली। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली दुनिया के सबसे प्रदूषित शहरों में से एक है, लेकिन इसका यह दुर्भाग्य है कि आगामी निगम चुनाव में यही प्रदूषण कोई बड़ा मुद्दा नहीं है। किसी भी प्रमुख पार्टी ने अपने चुनावी घोषणा पत्र में नहीं बताया है कि देश के दिल में फैले प्रदूषण से वह कैसे निपटेगी। दिल्ली के नगर निगम चुनाव में मुख्य मुकाबला भारतीय जनता पार्टी (भाजपा), कांग्रेस तथा आम आदमी पार्टी (आप) के बीच है। दिल्ली में भले ही आप की सरकार है, लेकिन शहर के तीन नगर निगम में से एक पर भी उसका नियंत्रण नहीं है और तीनों पर बीते 10 वर्षों से भाजपा काबिज है। तीनों पार्टियों ने सत्ता में आने पर कूड़ा भंडारण स्थलों को हटाने का वादा किया है, लेकिन किसी के पास दिल्ली में वायु प्रदूषण रोकने की कोई प्रभावी योजना नहीं है। दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने वादा किया है कि अगर उनकी आम आदमी पार्टी सत्ता में आई, तो वह दिल्ली को स्वच्छ और गंदगी रहित करेंगे। लेकिन, पार्टी ने वायु प्रदूषण से निपटने के बारे में कुछ खास नहीं बताया है। दिल्लीवासी बीते साल एक नवंबर से लेकर नौ नवंबर के बीच छाई भयानक धुंध को अभी तक नहीं भूले होंगे, जब दिवाली के बीच वायु की गुणवत्ता स्वास्थ्य के लिए बेहद हानिकारक स्तर तक पहुंच गई थी और इसे दो सदी के दौरान सबसे बदतर बताया गया था। सेंटर फॉर साइंस एंड एन्वायरन्मेंट की कार्यकारी निदेशक अनुमिता रॉय चौधुरी ने कहा, ‘‘प्रदूषण के लिए जिम्मेदार अपशिष्ट, निर्माण, ध्वंस, वाणिज्यिक वाहनों की आवाजाही तथा लैंडफिल के प्रबंधन में नगर निकाय की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है।’’ उन्होंने कहा कि चुनावी घोषणापत्रों में प्रदूषण के मुद्दे को और अधिक दृढ़ता से शामिल करना चाहिए था, क्योंकि यह उस पार्टी के लिए भविष्य की रूपरेखा बताता है, जिसे वोट देकर सत्ता सौैंपी जाएगी। दिल्ली में वायु प्रदूषण कम करने को लेकर परिवहन के लिए सम-विषम योजना लाने वाली आप ने ‘स्वच्छ दिल्ली’ की बात तो की है, लेकिन हरित दिल्ली को पूरी तरह नजरअंदाज किया है। वहीं, भाजपा के घोषणापत्र में मात्र यह कहा गया है कि वह प्रदूषण कम करने के लिए और अधिक पेड़ लगाएगी। यमुना बायोडाइवर्सिटी पार्क (वाईबीपी) के वैज्ञानिक प्रभारी फैयाज ए. खुदसर ने आईएएनएस से कहा, ‘‘ज्यादा से ज्यादा पेड़ लगाना ही काफी नहीं है। उन पेड़ों को लगाने पर विचार करना चाहिए, जो वातावरण में बेहतर तरीके से सुधार ला सकते हैं।’’ खुदसर ने कहा कि राजनीतिक पार्टियों को स्वच्छ दिल्ली के साथ हरित दिल्ली पर भी जोर देना चाहिए था, क्योंकि पेड़ तथा पौधे वायु प्रदूषण को कम करने, धूल तथा अन्य सूक्षमजीवों को नियंत्रित करने में अहम भूमिका निभाते हैं। सभी पार्टियों द्वारा अपने घोषणापत्र में जल प्रदूषण को पूर्णतया नजरअंदाज करने पर खुदसर ने कहा कि राजधानी की जीवनरेखा यमुना तथा अन्य जलाशयों को स्वच्छ किए बिना शहर में सुधार नहीं हो सकता। वैज्ञानिक ने कहा, ‘‘नदी जीवनदायिनी प्रणाली होती है।’’ उन्होंने कहा कि पार्टियों का यह स्पष्ट एजेंडा होना चाहिए कि गंदी नालियां यमुना नदी में न गिरें। पर्यावरण प्रदूषण नियंत्रण प्राधिकार (ईपीसीए) के अध्यक्ष भूरे लाल ने कहा कि अपशिष्ट उत्पादों का पुनर्चक्रण पूरी तरह नगर निगम के जिम्मे है। लाल ने कहा कि पार्टियों को यह बताना चाहिए था कि अपशिष्ट प्रबंधन को वह किस प्रकार आगे बढ़ाएंगी। उन्होंने कहा, ‘‘सारी चीजों का पुनर्चक्रण हो सकता है। वे अपशिष्ट पदार्थों का किस प्रकार पुनर्चक्रण करने जा रहे हैं? ये सारी चीजें घोषणापत्र में शामिल करनी चाहिए थीं।’’रॉय चौधुरी ने कहा कि एमसीडी को कूड़ों को जलाने पर नियंत्रण लगाने को लेकर उसका पुनर्चक्रण करने तथा कूड़ों को अलग करने के लिए एक रणनीति के साथ आना चाहिए था। उन्होंने कहा, ‘‘कूड़ों को जलाने पर कानूनी पाबंदी है। लेकिन बढिय़ा अपशिष्ट प्रबंधन प्रणाली की कमी से इसे लागू करना कठिन हो गया है।’’ पूर्व केंद्रीय पर्यावरण मंत्री जयराम रमेश ने कहा कि अगर कांग्रेस पार्टी सत्ता में आई, तो वह दो वर्ष में दिल्ली में सभी कूड़ा घर को बंद करना सुनिश्चित करेगी। लेकिन शब्द ‘प्रदूषण’ पार्टी के घोषणापत्र से गायब है। नवगठित राजनीतिक पार्टी स्वराज इंडिया ने जरूर प्रदूषण ्रके मुद्दे को उठाया है। पार्टी ने ‘महामारी रहित, कचरा मुक्त तथा प्रदूषण मुक्त दिल्ली’ का वादा किया है। लोकल सर्किल सिटिजन द्वारा कराए गए एक सर्वेक्षण में इस बात का खुलासा हुआ है कि लोग चाहते हैं कि नगर निगम चुनाव में सफाई का मुद्दा सर्वोच्च प्राथमिकता में हो।    साभार-khaskhabar.com

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चंडीगढ़ । वोडाफोन इंडिया ने कहा कि हरियाणा के निवासी अपने मौजूदा सिम को वोडाफोन सुपरनेट 4जी सिम में बदल कर डेटा स्ट्रॉन्ग नेटवर्क का लाभ उठा सकते हैं। इसके साथ ही सिम बदलने वालों को 4जीबी नि:शुल्क डेटा मिलेगा। कंपनी ने एक बयान में कहा कि वोडाफोन के 4जी सिम हरियाणा में मौजूद सभी वोडाफोन स्टोर्स, वोडाफोन मिनी स्टोर्स और मल्टीब्रांड आउटलेट्स पर उपलब्ध होंगे। वोडाफोन के उपभेाक्ता 199 पर फोन करके सिम की डिलीवरी अपने घर पर भी पा सकते हैं। सिम बदलने के बाद वोडाफोन प्री-पेड के उपभोक्ता दस दिनों के लिए 4जीबी नि:शुल्क डेटा का लाभ उठा सकते हैं, वहीं पोस्ट-पेड उपभोक्ता बिल की अगली तारीख तक इस विशेष सेवा से लाभान्वित हो सकते हैं। इस ऑफर का लाभ उठाने के लिए उपभोक्ता के पास 4जी हैंडसेट होना चाहिए। नए वोडाफोन सुपरनेट 4जी सिम के साथ उपभोक्ता 4जीबी नि:शुल्क डेटा का लाभ भी उठा सकेंगे, जो सिम एक्सचेंज के 2 घंटे के अंदर उपभोक्ता के डेटा बैलेंस में जुड़ जाएगा। वोडाफोन इंडिया के हरियाणा के बिजनेस हेड मोहित नारू ने कहा, ‘‘वोडाफोन हरियाणा के 59 लाख उपभोक्ताओं के लिए पसंदीदा दूरसंचार सेवा प्रदाता है। हम अपने उपभोक्ताओं के लिए डेटा स्ट्रॉन्ग नेटवर्क पर 4जीबी नि:शुल्क डेटा का ऑफर भी लेकर आए हैं ताकि वे हमारी मोबाइल इंटरनेट सेवाओं का लाभ उठा सकें।’’ साभार-khaskhabar.com

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सहारनपुर । यूपी के सहारनपुर से सटे सडक दूधली गांव में बीजेपी की ओर से गुरूवार को डॉ भीमराव अंबेडकर जयंती शोभायात्रा के विरोध में दूसरे संप्रदाय के लोग उतर आए। दोनों पक्षों में टकराव होने पर जबरदस्त पथराव हुआ। बीजेपी का आरोप है कि दूसरे पक्ष ने फायरिंग भी की। सूचना मिलने पर कमिश्नर, डीएम, एसएसपी, बीजेपी सांसद और देवबंद से बीजेपी विधायक मौके पर पहुंचे। पथराव में कमिश्नर की गाडी भी क्षतिग्रस्त हो गई।  उपद्रवियों ने कई दुकानों में आग लगा दी। हालांकि समय रहते इस पर काबू पा लिया गया। दोपहर सवा दो बजे तक तनातनी बनी हुई थी और रूक-रूककर पथराव जारी था। बीजेपी इस बार डॉ भीमराव अंबेडकर जयंती पर जगह-जगह शोभायात्राएं निकाल रही है। सडक दूधली में गुरूवार को शोभायात्रा निकाली जा रही थी।    दोपहर में दूसरे संप्रदाय के लोगों ने इस पर एतराज जताया और शोत्रायात्रा नहीं निकालने देने का ऎलान कर दिया। इधर, बीजेपी शोभायात्रा निकालने पर अडी थी। दोनों संप्रदायों के बीच टकराव की नौबत आ गई। इसी दौरान पथराव शुरू हो गया। इससे वहां भगदड मच गई। हिंसा पर उतारू भीड ने कई वाहन तोड डाले। सडक पर पत्थर ही पत्थर नजर आने लगे। बीजेपी का आरोप है कि दूसरे पक्ष ने फायरिंग भी की।  शोभायात्रा के साथ काफी संख्या में पुलिस बल था,इसके बावजूद वह स्थिति पर काबू नहीं पा सका। सूचना पर कमिश्नर, जिलाधिकारी और एसएसपी भारी फोर्स के साथ मौके पर पहुंच गए। सांसद राघवलखनपाल और देवबंद विधायक ब्रजेश सिंह भी मौके पर पहुंच गए। दोनों पक्ष अपनी-अपनी जिद पर अडे थे। थो़डी देर रूककर शोभायात्रा दोबारा निकालने की तैयारी की गई तो फिर पथराव शुरू हो गया। इस बार हुए पथराव में कमिश्नर की गाडी क्षतिग्रसत हो गई। भीड ने कई दुकानों में आग लगा दी। हालांकि इन पर तत्काल ही काबू पा लिया गया है। दोपहर समाचार लिखे जाने तक रूक-रूककर पथराव हो रहा था और स्थिति तनावपूर्ण थी। साभार-khaskhabar.com  

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लखनऊ । योगी आदित्यनाथ ने पूर्व सीएम अखिलेश यादव के एक और ड्रीम प्रोजेक्ट पर हथौडा चला दिया है। योगी आदित्यनाथ ने अखिलेश सरकार के ड्रीम प्रोजेक्ट आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस की जांच के आदेश दिए हैं। इस बारे में योगी सरकार ने इस जिलों के डीएम को पत्र लिखकर आदेश दिए हैं कि वे पिछले 18 महीने में हुए जमीन खरीद के हर मामले की जांच करें। इस जांच में एक्सप्रेस वे किनारे के करीब 230 गांव आएंगे।  ज्ञातव्य है कि आरोप है कि कुछ लोगों को फायदा पहुंचाने के लिए उनकी कृषि वाली जमीन को रिहाइशी जमीन की श्रेणी में दिखाया गया है, ताकि उन्हें सरकार से ज्यादा मुआवजा मिल सके। साथ ही योगी सरकार ने इस एक्सप्रेस वे के सर्वे के लिए सरकारी सर्वे एजेंसी RITES से संपर्क किया है।  चुनाव से पहले सुर्खियों में रहा एक्सप्रेस वे: यूपी विधानसभा चुनावों के प्रचार के दौरान लखनऊ-आगरा एक्सप्रेस वे काफी सुर्खियों में रहा। चुनाव प्रचार के दौरान अखिलेश सरकार इस एक्सप्रेस वे को उनकी सरकार की बडी उपलब्धि के बता रही थी तो बीजेपी इस एक्सप्रेस वे में घोटाले का आरोप लगा रही थी। ज्ञातव्य है कि चुनाव प्रचार के दौरान पूर्व सीएम अखिलेश यादव ने कहा था कि यदि पीएम मोदी इस एक्सप्रेस वे पर चलेंगे तो वह समाजवादी पार्टी को ही वोट देंगे। अब योगी सरकार ने इस एक्सप्रेेस वे की जांच के आदेश दिए हैं। 302 किमी लंबा है लखनऊ-आगरा एक्सप्रेस वे: ज्ञातव्य है कि लखनऊ-आगरा के बीच छह लेन वाला यह एक्सप्रेस वे 302 किमी लम्बा है। इस प्रक्सप्रेस पे पर उन्नाव में हवाई पट्टी बनी है, जहां जरूरत पडऩे पर लड़ाकू विमान भी उतारे जा सकते हैं। यह हवाई पट्टी तीन किलोमीटर लंबी है। इस एक्सप्रेस वे परियोजना के लिए 10 जिलों के 232 गांवों में लगभग 3,500 हेक्टेयर भूमि 30,456 किसानों की सहमति से खरीदी गई। इस परियोजना की अनुमानित लागत करीब 11526.73 करोड़ रुपये तय की गई थी।  साभार-khaskhabar.com  

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कोलकाता । नारद स्टिंग ऑपरेशन में दर्जन भर तृणमूल कांग्रेस के नेताओं के खिलाफ सीबीआई ने एफआईआर दर्ज की है जिसे ममता बनर्जी ने राजनीतिक खेल बताया है और कहा कि इसका जवाब वह राजनीतिक स्तर पर लडाई लडके ही देंगी।  गुरूवार को ओडिशा के पुरी में उन्होंने एक प्रेस वार्ता में इस लडाई की उद्घोषणा कर डाली। उनका आरोप है कि बीजेपी हिंदुवाद पर एक धब्बा है, क्षेत्रीय पार्टियों को एकजुट होना होगा और शुक्रवार को वह शायद ओडिशा के मुख्यमंत्री से भी मिलेंगी। वहीं कोलकाता में कपडा मंत्री स्मृति ईरानी ने भी बनर्जी पर हमला करते हुए कहा, मैं उस राज्य में हूं जहां एक महिला मुख्यमंत्री हैं। तो जब हम न्याय की बात कर रहे हैं तो मैं जानना चाहूंगी कि ममता दीदी का ट्रिपल तलाक पर क्या कहना है।  हालांकि बनर्जी ने इस मुद्दे पर अपनी राय सामने नहीं रखी है। ईरानी का यह सवाल बीजेपी के ममता बनर्जी पर लगाए जाने वाले अल्पसंख्यक तुष्टिकरण की तरफ इशारा करता है। इधर ममता बनर्जी के पुरी के जगन्नाथ मंदिर में दर्शन के दौरान बजरंग दल और बीजेपी के युवा कार्यकर्ताओं ने ममता वापस जाओ के नारे लगाए। प्रदर्शकारियों ने ममता के मंदिर में जाने पर इसलिए विरोध जताया क्योंकि वह कथित तौर पर बीफ के सेवन का समर्थन करती हैं। बुधवार को पांच लोगों को हिरासत में लिया गया है।    ममता बनर्जी ने इन आरोपों का जवाब देते हुए कहा है कि ओए दिल्लीवालों, आपसे दिल्ली संभलती नहीं और आप देश भर में कहते फिरते हैं कि बंगाल, ओडिशा और बिहार बुरे हैं। हम सब बुरे हैं, बस आप ही अच्छे हैं। अपनी बात पूरी करते हुए ममता ने कहा,सभी क्षेत्रीय पार्टियों को एकजुट होने की जरूरत है। अगर बीजेपी हमें परेशान करेगी तो क्या हम चुपचाप बैठकर तमाशा देखेंगे। हम उनके इलाकों में जाएंगे। ममता ने यह भी कहा था कि मैं एक हिंदू हूं लेकिन मेरा हिंदुत्व, हिंदूवाद के लिए अपमान नहीं है। बीजेपी तो हिंदू धर्म पर एक धब्बा है। उनकी राजनीति फूट डालो और राज करो है।  फेसबुक पर भी बनर्जी ने गुस्सा जाहिर करते हुए लिखा,धार्मिक संगठन का एक हिस्सा जो कि केंद्र में शासित राजनीतिक पार्टी से ताल्लुक रखता है और जिसके कई अन्य संस्थाएं भी हैं, मेरे विचारों को तोड मरो़डकर प्रस्तुत कर रही हैं, वह फेक अकाउंट के जरिए मेरी तस्वीरों के साथ लोगों को भ्रमित कर रही है।  बीजेपी और तृणमूल के बीच साठगांठ... नारद स्टिंग के बाद वामदलों ने दावा किया गया है कि बीजेपी और तृणमूल के बीच साठगांठ है। हालांकि स्मृति ईरानी ने इसे पूरी तरह खारिज किया है और बनर्जी के आरोपों से जाहिर होता है कि दोनों पार्टियों के बीच तनाव बढ रहा है। देखना होगा कि अगले हफ्ते बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह के बंगाल दौरे में यह तनाव क्या मोड लेता है। भुवनेश्वर में हालिया हुई बीजेपी कार्यकारिणी बैठक में पार्टी ने राज्य में चार साल बाद होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले मिशन बंगाल 2021 की घोषणा की है।  साभार-khaskhabar.com  

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उदयपुर । जिले के भींडर तहसील क्षेत्र के वरणी गांव में खेत पर नहाते हुए वृद्ध किसान के किनारे रखे कपड़े और नकदी पर आसमान से ऐसी आफत बरसी की नोट व कपड़े जलकर राख हो गए। किसान आग बुझाने पहुंचा तब तक नोट जल गए। बुझाने के दौरान वृद्ध किसान के हाथ भी जल गए। वरणी गांव निवासी उदा पिता रतना मीणा उम्र 65 बुधवार सुबह अपने खेत पर नहाने गए। इस दौरान इनकी जेब में फसल खराबे का मुआवजा 5800, शहर से कमा करके बेटे द्वारा ला रखे करीब 20 हजार व उसके खेत पर लग रहे विद्युत टावर की मुआवजा राशि मिलाकर करीब 45-50 हजार रुपए पड़े हुए थे। उदा मीणा खेत पर पहुंच करके कुएं पर नहाने के लिए कपड़े और नकदी एक किनारे रख दी। उस दौरान खेत के ऊपर से गुजर रही 11 केवी विद्युत लाइन के तारों में हवा की वजह से टकरा करके तरंगे कपड़ों पर गिरी तो आग पकड़ ली। वृद्ध किसान को आग की लपट देखकर दौड़ा तब तक कपड़े और नकदी जलकर राख हो गए। आग बुझाने के दौरान वृद्ध का भी हाथ जल गया। इस घटना से किसान काफी परेशानी में हैं और अब भी उसको विश्वास नहीं हो रहा है कि ऐसे भी घटना हो सकती है।  साभार-khaskhabar.com  

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