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अहमदाबाद । यूपी विधानसभा चुनावों के दौरान यूपी के पूर्व सीएम अखिलेश यादव ने गुजरात टूरिज्म के एक विज्ञापन को लेकर विरोधियों पर निशाना साधा था। गौरतलब है कि अखिलश ने चुनाव प्रचार के दौरान ‘गुजरात के गधे’ का जिक्र करते हुए विरोधियों पर निशाना साधा था। इसके बाद यह मुद्दा काफी चर्चा में रहा।
अब एक बार फिर से गुजरात टूरिज्म ‘गधे के विज्ञापन’ को लेकर सुर्खियों में आ गया है। एक अखबार की रिपोर्ट के अनुसार गुजरात टूरिज्म के नए विज्ञापन में कहा गया है कि ‘आइए और कच्छ के छोटे रण में जंगली गधे के साथ रेस लगाइए।’ इस विज्ञापन पर बवाल हो रहा है। विज्ञापन में एक सुपर चाजर््ड एसयूवी को गधों के झुंड का पीछा करते हुए दिखाया गया है,
जो कि एक दंडननीय अपराध है। नेशन बोर्ड फॉर वाइल्ड लाइफ के सदस्य रहे दिव्य भानु सिंह का कहना है कि विज्ञापन में इस्तेमाल किया गया ‘रेस’ शब्द गलत संदेश देता है। दरअसल एश्यिाई जंगली गधा एक लप्तप्राय जानवर है और यह केवल गुजरात में पाया जाता है। वन्यजीव संरक्षण अधिनियम 1972 के तहत किसी जानवर को परेशान करने पर 5,000 से 10,000 रुपये के जुर्माने और 2 से छह महीने की कैद का प्रावधान है। वहीं एशियाई जंगली गधा दुर्लभ प्रजातियों में शामिल है। सितंबर 2006 से छोटे रण में गधों का अभयारण्य यूनेस्को की भी नजर में है।
वहीं किसी दुलर्भ जानवर का इस तरह से पीछा करने से उसकी जान को खतरा हो सकता है। इस मामले में गुजरात टूरिजम के एमडी एन श्रीवास्तव का कहना है कि कम रेस विद, केवल एक टैग लाइन है। साथ ही उन्होनें कहा कि हम इस विज्ञापन की समीक्षा करेंगे और जरूरी बदलाव भी करेंगे।
साभार-khaskhabar.com













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