BREAKING NEWS

स्विट्ज़रलैंड: पहाड़ों पर कुदरत का करिश्मा, मशीनों का जलवा और हम सबको ‘आज खाने में क्या है की चिंता?’ || लखनऊ : अखिलेश का दावा, SIR पर चुनाव आयोग में ही मतभेद, बताया- लोकतंत्र के लिए घातक || चेन्नई : राहुल गांधी अगले महीने तमिलनाडु में कर सकते हैं 'छात्रों की गूंज' कार्यक्रम || उत्तर प्रदेश : गोंडा में मुठभेड़ के बाद तीन गौतस्कर गिरफ्तार, बहराइच में शातिर अपराधी पुलिस की गोली लगने से घायल

बारिश में करोड़ों रुपए का गेहूं भीगा

बारिश में करोड़ों रुपए का गेहूं भीगाकुरुक्षेत्र । प्रशासनिक और उठान एजेंसियों की लापरवाही के चलते नई अनाज मंडी में करोड़ों रूपये का गेहूं बारिश में भीग गया। गेहूं के कट्टों के नीचे भी पानी फैल गया। हालांकि कुछ गेहूं के कट्टों केे लगे टैग व खुली गेहूं को ढांपने का प्रयास किया गया, लेकिन वह भी असफल रहा। 

शनिवार को भी मंडी में करीब साढ़े तीन लाख कट्टे उठान की बाट जोह रहे थे। जहां अल सुबह करीब चार बजे हल्की बारिश हुई तो वहीं दिन में भी दोपहर बाद फिर हल्की बारिश हुई। रात के समय जहां गेहूं को ढांप भी नहीं पाए वहीं दोपहर को कुछ गेहूं ढकने का भी प्रयास किया, लेकिन अधिक मात्रा में गेहूं जमा होने के चलते अधिकतर गेहूं बारिश में भीग गया।

हल्की बारिश में भी गेहूं भीगने से भारी नुकसान बताया जा रहा है, लेकिन रविवार व सोमवार को भी मौसम बारिश का रहने की आशंका जताई जा रही है। ऐसे में यहां और भी नुकसान होने की संभावना से इंकार नहीं किया जा सकता। बता दें कि उठान कार्य में ढिलाई को लेकर जहां सीजन शुरू होने से लेकर अब तक आढ़ती व किसान भारी परेशानी झेलते रहे वहीं अधिकारियों को भी उठान कार्य में तेजी लाए जाने की गुहार लगाई जाती रही। इसी सप्ताह प्रशासन की ओर से उठान में तेजी लाने व कथित नजराने पर अंकुश लगाने केे चलते टोकन सिस्टम भी शुरू किया गया। हालांकि अनेकों गाड़ियां टोकन से तो वहीं स्पेशल भी लगने से हर रोज करीब एक लाख कट्टे उठाए जा रहे है, लेकिन अधिक मात्रा में गेहूं जमा होने के चलते अभी भी करीब साढ़े तीन लाख कट्टे उठान की बाट जोह रहे है।   

साभार-khaskhabar.com

 

नारद संवाद

देवरिया का ऐसा मंदिर जिसे श्रद्धालु बताते हैं 'अश्वत्थामा' की तपोभूमि

Read More

हमारी बात

स्विट्ज़रलैंड: पहाड़ों पर कुदरत का करिश्मा, मशीनों का जलवा और हम सबको  ‘आज खाने में क्या है की चिंता?’

Read More

Bollywood


विविधा


शंखनाद

राइन फॉल्स, स्विस सीढ़ियाँ और बुज़ुर्ग घुटने: नाव की सैर बनी ओलंपिक प्रतियोगिता!

Read More