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नई दिल्ली। रक्षामंत्री अरुण जेटली ने लोकसभा में आश्वासन दिया है कि भारतीय सेना किसी भी तरह की आपात स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह से लैस है। विपक्षी सदस्यों ने जब केंद्रीय लेखा परीक्षक की एक रिपोर्ट का हवाला देते हुए गोला-बारूद की कमी पर चिंता जताई, तब जेटली ने उन्हें यह भरोसा दिलाया। कैग रिपोर्ट में गोला-बारूद की उपलब्धता मामले से जुड़े सवालों का जवाब देते हुए रक्षामंत्री ने कहा कि गोला-बारूद की उपलब्धता को सुगम बनाने के लिए खरीद प्रक्रिया का विकेंद्रीकरण किया गया है और सैन्य प्रमुखों को इस बारे में अधिकार भी प्रदान किए गए हैं। लोकसभा में प्रश्नकाल के दौरान कांग्रेस के राजीव सात्व और अन्य सदस्यों के पूरक सवालों का जवाब देते हुए रक्षामंत्री ने कहा कि संसदीय प्रक्रिया के अनुसार कैग की रिपोर्ट संसद में आने के बाद लोक लेखा समिति की भेजी जाती है और जब लोकलेखा समिति अपनी टिप्पणियों के साथ यह रिपोर्ट सरकार को भेजती है, तब इस पर सरकार कार्रवाई करती है। अगर समिति ने इस रिपोर्ट को लेकर भी कोई सिफारिश की तो सरकार कार्रवाई करेगी।    रक्षामंत्री ने सदस्यों को यह भी बताया कि कैग की यह रिपोर्ट 2012 से 2016 की अवधि को लेकर है। सरकार ने वैसे भी गोला-बारूद उपलब्ध कराने के लिए खरीद प्रक्रिया को आसान बनाया है और इस वक्त सेना किसी भी हालात से निपटने के लिए पूरी तरह से तैयार है। उन्होंने बताया कि सरकार ने रक्षा के लिए रणनीतिक भागीदारी संबंधी अपनी पॉलिसी को अंतिम रूप दिया है। उन्होंने कहा कि रक्षा उपकरणों आदि के लिए सरकारी पीएसयू के अलावा निजी क्षेत्र की भागीदारी को भी प्रोत्साहित करने का काम किया जा रहा है। उन्होंने माना कि कुछ उपकरण विदेशों से मंगाने पड़ते हैं लेकिन अब देश के भीतर ही रक्षा उत्पादन इकाइयों में भारत का योगदान बढ़ रहा है। गोला बारुद की कमी के बारे में एक और सदस्य की ओर से उठाए गए सवाल पर रक्षामंत्री ने कहा कि देशहित में इस तरह की जानकारी का खुलासा नहीं किया जा सकता।   इससे पहले मंगलवार को राज्यसभा में अरुण जेटली ने आश्वस्त किया था कि रक्षा बल के पास पर्याप्त मात्रा में गोला-बारूद हैं। नियंत्रक एवं लेखा महापरीक्षक की रिपोर्ट में बीते सप्ताह जिक्र किया गया था कि भारतीय सेना गोला-बारूद की कमी से जूझ रही है। खास तौर से टैंक व तोपों की कमी है और 152 प्रकार के हथियारों में से 121 युद्ध के आवश्यक न्यूनतम मानकों के अनुरूप नहीं हैं। उच्च सदन में मुद्दा उठाते हुए समाजवादी पार्टी के नेता रामगोपाल यादव ने कहा कि हथियारों की कमी का मुद्दा गंभीर है, क्योंकि पाकिस्तान और चीन दोनों से लगी सीमाओं पर तनाव जारी है। उन्होंने कहा, सीमा पर तनाव है, हम जानते हैं कि चीन और पाकिस्तान क्या कर रहे हैं। क्या कारण है कि हमारे पास दस दिन से ज्यादा खपत के लायक गोला-बारूद नहीं हैं।हालांकि, जेटली ने कहा कि इस रिपोर्ट का जिक्र एक खास समय के हिसाब से किया गया है। जेटली ने कहा, एक विशेष रिपोर्ट 2013 में दी गई थी और इसकी अनुवर्ती एक रिपोर्ट हाल में जमा की गई है, इसे लोक लेखा समिति के समक्ष रखे जाने की संभावना है। हम कैग की रिपोर्ट पर चर्चा नहीं करते, लेकिन हम रिपोर्ट को ध्यान में रखेंगे। सरकार ने हाल ही में सेना के उप प्रमुख को सीधे तौर पर छोटी लड़ाई और गहन युद्ध के लिए 46 तरह के युद्धोपकरण रक्षा मंत्रालय की अनुमति के बिना खरीदने की शक्ति प्रदान की है।    बीते साल 18 सितंबर को जम्मू एवं कश्मीर के उड़ी आधार शिविर पर आतंकवादी हमले के बाद 20,000 करोड़ रुपये के हथियारों के आपातकालीन खरीद को मंजूरी दी गई थी। कैग की रिपोर्ट में गोला-बारूद के भंडारण की दिशा में 2013 के बाद अपर्याप्त कदम उठाए जाने के बारे में इशारा किया गया है। संचालन की जरूरतों के मुताबिक 2019 के लिए तय लक्ष्य के मुताबिक, सेना को 40 दिनों के बड़े युद्ध के लिए पर्याप्त गोला-बारूद से लैस होना चाहिए।   साभार-khaskhabar.com     

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अमृतसर। इटली की एक कंपनी की ओर से सिखो के लिए किरपाण के माॅडल को पूरी तरह रद्द कर दिया गया है। श्री अकाल तख्‍त साहिब में हुई बैठक में पांच सिंह साहिबान ने यह भी फैसला लिया कि भविष्य में जो भी कंपनी श्री गुटका साहिबों के ऊपर विज्ञापनबाजी करेगी, उसके खिलाफ कार्रवाई होगी। बैठक में महिलाओं के श्री हरिमंदिर साहिब में कीर्तन करने के मुद्दे पर फिलहाल कोई चर्चा नहीं हुई।   पांच सिंह साहिबान की मीटिंग में लिए गए फैसलों के बारे में जानकारी देते हुए श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार ज्ञानी गुरबचन सिंह ने कहा कि इटली सरकार ने अमृतधारी सिखों के किरपाण पहनने पर बैन लगाया है। इटली की ही एक कंपनी ने कुछ धातुओं को मिलाकर एक किरपाण का मॉडल तैयार किया था। इसे इटली सरकार ने पहनने की मान्यता दे दी, लेकिन वहां के सिखों ने इसके मॉडल को श्री अकाल तख्त साहिब पर स्वीकृति के लिए भेजा था। इस पर विचार-चर्चा करने के बाद सिंह साहिबान ने इस मॉडल को सिरे खारिज कर दिया। अब इटली के सिख किरपाण के पुराने मॉडल के लिए आवाज बुलंद करेंगे।     उन्‍होंने बताया कि बैठक में तख्त दमदमा साहिब में जसवंत सिंह खोसा नाम के व्यक्ति की ओर से गलतियों वाले हस्त लिखित श्री गुरु ग्रंथ साहिब के प्रकाश करने वाले आरोपियों गुरुद्वारा के मैनेजर, मुख्यग्रंथी, अखंडपाठ के प्रभारी पर कार्रवाई के आदेश दिए हैं।   इसके साथ ही कथावाचक हरजिंदर सिंह दलगीर के विवादास्पद पुस्तकों व लेखों का भी कड़ा नोटिस लिया गया है। खोसा व दलगीर दोनों को श्री अकाल तख्त साहिब पर पेश होकर स्पष्टीकरण देने के आदेश दिया गया है। सिख संगत को भी हिदायत दी गई है कि दलगीर को किसी भी स्टेज पर बोलने का मौका न दिया जाए और उनके सभी लेखों पर पाबंदी लगा दी जाए।   तख्त श्री दमदमा साहिब की सराय में पिछले दिनों में संदिग्ध गतिविधियों में पकड़े एसजीपीसी कर्मियों के खिलाफ भी कार्रवाई करने के आदेश दिए गए हैं। बैठक में सिंह साहिबान व श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार ज्ञानी गुरबचन सिंह, ज्ञानी इकबाल सिंह, ज्ञानी हरप्रीत सिंह, श्री हरिमंदिर साहिब के मुख्‍य ग्रंथी ज्ञानी जगतार सिंह और श्री अकाल तख्त साहिब के मुख्य ग्रंथी ज्ञानी मलकीत सिंह भी शामिल हुए। साभार-khaskhabar.com       

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मुंबई। चर्चित शीना बोरा मर्डर केस में आरोपी इंद्राणी मुखर्जी के बारे में एक चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। इंद्राणी मुखर्जी शीना के बाद अपने बेटे मिखाइल की भी हत्या करना चाहती थी। यह खुलासा इंद्राणी के एक पुराने ड्राइवर श्यामवर राय ने किया है। इंद्राणी के ड्राइवर ने कोर्ट को बताया कि शीना की हत्या करने से पहले इंद्राणी ने शव को ठिकाने लगाने के लिए कई दिनों तक सही जगह की तलाश की थी। साथ ही ड्राइवर ने कोर्ट को बताया कि इंद्राणी अपने बेटे मिखाइल को भी मारना चाहती थी। ड्राइवर ने खुलासा करते हुए बताया कि जब मार्च 2012 में इंद्राणी देश से बाहर थीं, तो उनकी सेक्रेटरी काजल शर्मा ने उसकी स्काइप के जरिए बात करवाई थी। तब इंद्राधी ने अपने ड्राइवर श्यामवर राय को कहा कि वह शीना और मिखाइल को मार डालना चाहती हैं।    इंद्राणी ने इस अपराध में शामिल होने के लिए श्यामवर को उसके बच्चों की देखरेख, उनकी पढाई, परिवार के खर्च संबंधी सभी जिम्मेदारियां संभालने की बात भी कही थी और स्थायी नौकरी दिलाने का लालच भी दिया था। श्यामवर ने कोर्ट को बताया कि प्लान के तहत इंद्राणी शीना और मिखाइल के शवों को ठिकाने लगाने के लिए जगह तलाशने की जिम्मेदारी भी उसे ही सौंपी थी।    श्यामवर ने कहा कि इंद्राणी के कहने पर ही उसने रायगढ जिले में रेकी की थी। इसके बाद इंद्राणी भी वह जगह देखने के लिए गई थी। जगह देखने के बाद इंद्राणी ने पीटर से फोन पर वेल डन और गुड प्लेस जैसे शब्दों का इस्तेमाल किया था।ज्ञातव्य है कि इंद्राणी मुखर्जी पर अपनी बेटी शीना बोरा की हत्या का आरोप है। इंद्राणी के पति पीटर मुखर्जी ने भी उसकी मदद की थी। बताया जा रहा है कि शीना पीटर के बेटे राहुल से प्यार करने लगी थी और शीना प्रॉपर्टी में हिस्सा चाहती थी। इसी वजह से इंद्राणी ने अपने दोनों बच्चों को ठिकाने लगाने का प्लान बनाया।  साभार-khaskhabar.com         

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गांधीनगर। बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह, केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी और बलवंत सिंह राजपूत ने शुक्रवार को राज्यसभा के लिए गुजरात से नामांकन भर दिया है। कांग्रेस छोडक़र बीजेपी में आए एक विधायक को राज्यसभा के लिए अपना तीसरा उम्मीदवार बनाकर बीजेपी ने कांग्रेस नेता अहमद पटेल के गुजरात से राज्यसभा पहुंचने की राह मुश्किल कर दी है।   आपको बता दें कि कांग्रेस के तीन विधायक गुरुवार को इस्तीफा देकर बीजेपी में शामिल हुए हैं। बीजेपी महासचिव भूपेंद्र यादव की मौजूदगी में कांग्रेस छोडऩे वाले बलवंत सिंह राजपूत, तेजस्वी पटेल और पीआई पटेल बीजेपी में शामिल भी हो गये हैं और बिना देरी किये बलवंत सिंह राजपूत को पार्टी ने राज्यसभा का उम्मीदवार भी बना दिया।आपको बता दें कि गुजरात में राज्यसभा की तीन सीटों के लिए चुनाव होने हैं। दो सीटों के लिए अमित शाह, स्मृति ईरानी उम्मीदवार हैं। वोटों के हिसाब से इन दोनों की जीत तय है। लेकिन बीजेपी के तीसरे उम्मीदवार के आने के बाद अब 8 अगस्त को चुनाव होगा। क्योंकि तीसरी सीट के लिए कांग्रेस के अहमद पटेल मैदान में हैं। जिनका मामला अब फंस गया है।   कांग्रेस के पास अब 53 विधायक बचे हैं। कांग्रेस उम्मीदवार की जीत के लिए 46 वोट चाहिए। खबर है कि कई और विधायक पाला बदल सकते हैं। अगर ऐसा हुआ तो सोनिया गांधी के राजनीतिक सचिव अहमद पटेल का राज्यसभा पहुंचना मुश्किल हो जाएगा।   साभार-khaskhabar.com   

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जालंधर। पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरेन्द्र सिंह की मां व पटियाला की राजमाता मोहिन्द्र कौर की अस्थियों को कीरतपुर साहिब से बहते सतलुज दरिया में प्रवाहित करते समय भावुक हो गए। कैप्टन का मां से गहरा लगाव था जो अस्थियां विसर्जित करते समय नजर आया। कैप्टन के साथ उनके भाई मालविंद्र सिंह, पुत्र रणइंद्र सिंह, निरवाण सिंह, अंगद सिंह व अन्य पारिवारिक सदस्य भी साथ थे। पंजाब के कैबिनेट मंत्री तृप्त रजिन्द्र सिंह बाजवा, राणा गुरजीत सिंह, केवल सिंह ढिल्लो, कर्णपाल सिंह सेखों, व अन्य कांग्रेसी नेता भी मुख्यमंत्री के साथ कीरतपुर साहिब में मौजूद थे। कैप्टन अमरेन्द्र सिंह इस अवसर पर कीरतपुर साहिब गुरुद्वारे में माथा टेकने भी गए।    सवेरे शाही समाधि पर जाकर बटोरी अस्थियां   कैप्टन अमरेन्द्र सिंह इससे पहले आज सुबह पटियाला में शाही समाधि पर शाही परिवार के सदस्यों के साथ गए तथा वहां से उन्होंने राजमाता मोहिन्द्र कौर की अस्थियों को चुना। इस अवसर पर दिवंगत आत्मा की शांति के लिए अरदास (प्रार्थना) भी की गई। इस अवसर पर शाही परिवार के सदस्यों के साथ साथ ब्रह्म महिन्द्रा, बी.आई.एस. चाहल व कई अधिकारीगण भी मौजूद थे। उसके बाद अस्थियों को फूलों से सजे वाहन में रख कर कीरतपुर साहिब ले जाया गया।   सोनिया गांधी ने शोक व्यक्त किया   दूसरी तरफ कांग्रेस अध्यक्षा सोनिया गांधी ने कैप्टन अमरेन्द्र सिंह को भेजे शोक पत्र में कहा है कि राजमाता एक ऐसी महिला थीं, जिन्होंने गौरवशाली ढंग से जीवन जीया तथा समाज व राजनीतिक क्षेत्र में उनके योगदान को भुलाया नहीं जा सकता। राजमाता में राष्ट्रभक्ति की भावना पूरी तरह से भरी हुई थी। सभी राजनीतिक दलोंके नेता उनका सम्मान करते थे। सोनिया ने दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की। साभार-khaskhabar.com         

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बिलासपुर। पूर्व मुख्यमंत्री प्रो. प्रेम कुमार धूमल ने दावा किया है कि हिमाचल में इस बार भाजपा की सरकार बनेगी और शिमला जिले की आठ सीटें भाजपा की झोली में होंगी। वह कल जिले के सांई ब्राहमणा में नयना देवी विधानसभा क्षेत्र भाजपा द्वारा आयोजित जय जवान जय किसान कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने पहली बार युद्ध में शहीद में सैनिकों के शवों को घरों तक सम्मान सहित घर पहुंचाने की व्यवस्था की थी। वहीं हिमाचल में पूर्व भाजपा सरकार से कारगिल युद्ध में शहीद होने वाले सैनिकों के परिजनों के लिए पांच-पांच लाख रूपये की तुरंत राशि प्रदान की थी। उन्होंने कहा कि भाजपा सत्ता में आने पर शहीदों के गांव के द्वार बनाने के लिए विधायक निधि में बजट का प्रावधान करेगी।उन्होंने मोदी सरकार द्वारा की गई सर्जिकल स्ट्राईक की भी सराहना की और कहा कि ऐसी कार्रवई से भारत का नाम पूरे विश्व में माना गया है। उन्होंने प्रदेश कांग्रेस सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि प्रदेश कांग्रेस सरकार की विश्वसीयनता खतरे में पड़ गई है। इसलिए इस सरकार को सत्ता में रहने का कोई अधिकार नहीं है। उन्होंने मुख्यमंत्री से तुरंत त्याग पत्र की मांग की और बताया कि वीरवार को पूरे हिमाचल में भाजपा ने प्रदेश सरकार के भ्रष्टाचार, माफिया राज, बिगड़ी कानून व्यवस्था के खिलाफ सभी मतदान केंद्रो पर 7489 पुतले जलाए हैं।    उन्होंने घोषणा की कि अब महिला मोर्चा हर मतदान केंद्र पर प्रदेश सरकार के पुतले जलाएगा। उन्होंने इस कार्यक्रम में नयना देवी चुनाव क्षेत्र के पूर्व सैनिकों, वीर नारियों व प्रगतिशील किसानों को सम्मानित भी किया। इस कार्यक्रम को विधायक रणधीर शर्मा ने संबोधित करते हुए कहा कि कांग्रेस सरकार ने शहीदों का अपमान किया है। व भाजपा ने सम्मान दिया है। उन्होंने कहा कि नयना देवी चुनाव क्षेत्र में सारे विकास कार्य ठप्प पड़े हुए हैं। हालत यह है कि शिक्षकों, पटवारियों व चिकित्सकों के पद रिक्त पड़े हुए हैं। इस कार्यक्रम को पूर्व सैनिक प्रकोष्ठ के संयोजक पवन चैधरी, किसान मोर्चा संयोजक बलदेव भंडारी सहित अन्य प्रमुख नेताओं ने भी संबोधित किया।   साभार-khaskhabar.com       

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मंडी। धर्म से मुस्लिम लेकिन मकसद केवल एक और वह है प्यार। प्यार भी किससे, गाय से। गाय कभी नफरत की वस्तु हो ही नहीं सकती, गाय तो प्रेम का दूसरा रूप है, इसी संदेश को लेकर गौ सेवा सदभावना पदयात्रा पर निकले छत्तीसगढ़ रायपुर के मुहम्मद फैज खान मंगलवार को मंडी पहुंचे। 38 साल के मुहम्मद फैज खान राजनीति विज्ञान के विख्याता यानि कॉलेज लेक्चचर थे जिन्होंने पांच साल पहले सरकारी कॉलेज की नौकरी छोड़ कर पूर्णकालिक गौ सेवा में अपने को लगा दिया।    विशेष भेंट में उन्होंने बताया कि देशभर के मुसलमानों में गौ के प्रति जागृति पैदा करने के इरादे से वह काम कर रहे हैं और पूर्णकालिक गो सेवा में आने के बाद वह गो कथाएं कर रहे हैं, गौशालाओं की स्थापना करवा रहे हैं और गौ के गोबर पर आधारित खेती के कार्य में जुटे हैं। अब तक देश भर में 500 से अधिक गौ कथाएं व व्याख्यान कर चुके हैं। मुहम्मद फैज खान गाय और इसलाम पर एक पुस्तक भी लिख चुके हैं।   गो सदभावना को लेकर भारत भ्रमण -  उनका कहना है कि गाय कभी नफरत की वस्तु हो ही नहीं सकती यह तो प्रेम का ही रूप है। इस समय जो गाय के नाम पर देश में कुछ लोग नफरत व हिंसा फैलाने में लगे हैं यह दुखदायी है और इसी को देखते हुए उन्होंने भारत भ्रमण करने की योजना बनाई जिसके तहत गो सेवा सदभावना यात्रा शुरू की। यह यात्रा उन्होंने 24 जून को लेह लदाख से सिंधु नदी का जल लेकर शुरू की। हर रोज लगभग 25 किलोमीटर पैदल यात्रा करते हैं। एक साल बाद उनकी यात्रा कन्याकुमारी पहुंचेगी जहां सिंधु नदी का जल हिंद महासागर में डालेंगे और वहां से हिंद महासागर का जल लेकर वापसी शुरू करेंगे जो एक साल बाद पंजाब के अमृतसर में यह सदभावना पदयात्रा पहुंचेगी।कैसा रहा लेह से मंडी तक का सफर - लेह से लेकर मंडी तक लगभग 600 किलोमीटर की यात्रा के अनुभव पर उन्होंने कहा कि यह पूरा इलाका पहाड़ी था और यहां पर गाय के प्रति किसी तरह की सदभावना की जरूरत ही नहीं है। यहां के लोग गाय, नारी और प्रकृति के प्रेमी हैं। जगह जगह महिलाएं ढावों में काम करती नजर आई, खेतों में महिलाएं काम में जुटी दिखीं, हर कार्य में महिलाएं आगे नजर आईं,साफ लगा कि जहां पर गाय का सम्मान होगा वहां निश्चित रूप से लोगों में प्यार भाईचारा होगा। उन्होंने बताया कि उनके साथ दो सहयोगी हैं। मध्यप्रदेश देवास के रूपेश पंडित वत्स यात्रा व खानपान की सारी व्यवस्था देखते हैं जबकि राजस्थान के कैलाश मोहन द्वारा प्रदत वाहन के सारथी कैलाश साथ साथ चलते हैं।नामधारी ट्रस्ट के सदस्यों ने किया भव्य स्वागत - वह सोमवार रात को मंडी पहुंचे तो नामधारी ट्रस्ट रामनगर मंडी के सदस्यों ने उनका भव्य स्वागत किया व रात्रि ठहराव व खान पान की भी व्यवस्था की। नामधारी धर्मशाला में ही गोकथा व प्रवचन का कार्यक्रम भी हुआ। उनका एक ही मकसद है कि गाय को लेकर पूरे समाज में, हर वर्ग में, हिंदु मुसलमान व अन्य महजबों में नफरत नहीं प्यार होना चाहिए। गाय पूजनीय है, प्रेम है और इसके साथ नफरत का शब्द नहीं जुडऩा चाहिए।     साभार-khaskhabar.com       

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अमृतसर। जिले के जंडियाला गुरु क्षेत्र में एक बालिका को अकेली देख उससे गैंग रेप करने के आरोपी को कोर्ट ने 20 साल जेल की सजा सुुनाई है। इस दौरान दूसरा आरोपी फरार है इसलिए उसे भगोड़ा घोषित किया गया है।   एक महिला अपनी बड़ी बेटी को कॉलेज में दाखिला दिलाने गई थी। इसी दौरान दो युवक घर में घुस आए और उसकी छोटी बेटी को उठाकर पड़ोस के घर में ले गए आैर उससे सामूहिक दुष्‍कर्म किया। अब इस मामले में अदालत ने एक आरोपी को 20 वर्ष कैद की सजा सुनाई है। एक आरोपी अभी फरार है और अदालत ने उसे भगोड़ा घोषित कर रखा है।   अदालत ने एक आरोपी को 20 साल की कैद की सजा सुनाई   इस मामले में अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायधीश सरबजीत सिंह धालीवाल ने फैसला सुनाया है। अदालत ने नाबालिग से सामूहिक दुष्कर्म के मामले में आरोपी मनप्रीत सिंह को दोषी करार दिया और 20 साल कैद की सुनाई। उसके अन्य साथी को अदालत में गैर हाजिर रहने के आरोप में भगोड़ा घोषित किया गया है।   जानकारी के मुताबिक, जंडियाला थाने की पुलिस ने 14 मई, 2016 को जंडियाला गुरु निवासी मनप्रीत सिंह और जतिंदर सिंह के खिलाफ मामला दर्ज किया था। पीड़ित लड़की की मां ने पुलिस को बताया था कि वह अपनी बड़ी बेटी को कालेज में दाखिला दिलवाने गई थी। कुछ देर बाद जब वह लौटी तो छोटी बेटी घर में नहीं थी।   महिला ने बताया कि उसने पड़ोस में जाकर उसकी तलाश शुरू की तो एक कमरे से बेटी के रोने की आवाजें सुनाई दीं। उन्होंने छत पर जाकर देखा तो वहां बना एक कमरा बंद था और उसकी बेटी की अंदर थी। कमरे से बेटी के रोने की आवाज आ रही थी। इस पर महिला ने दरवाजा खटखटाया तो कुछ देर बाद दोनों आरोपी बाहर निकल कर भाग गए। लड़की ने मां को बताया कि दोनों युवकों ने उसके साथ सामूहिक दुष्कर्म किया है। अदालत ने जतिंदर सिंह को अदालत में पेश नहीं होने पर भगोड़ा घोषित किया है।   छेड़छाड़ करने पर हेड कांस्टेबल को एक साल की कैद   न्यायधीश गगनदीप सिंह गर्ग की अदालत ने हेड कांस्टेबल गुरभिंदर सिंह को एक लड़की से छेड़छाड़ करने पर एक साल के कैद की सजा सुनाई है। बताया जा रहा कि दोषी पुलिसकर्मी किसी महिला जज के सुरक्षाकर्मी के ताैर पर तैनात था। कोतवाली थाने की पुलिस ने 20 अक्टूबर 2012 को माल मंडी के पुलिस क्वार्टर में रहने वाले गुरभिंदर सिंह के खिलाफ मामला दर्ज किया था।   आरोप था कि हेड कांस्टेबल गुरभिंदर सिंह ने घटना वाले दिन एक लड़की को रोका और उससे मोबाइल छीन लिया। दोषी ने मोबाइल को अच्छी तरह से चेक किया और मोबाइल लौटाने से इन्‍कार कर दिया। आरोप है कि उसने लड़की के साथ छेड़छाड़ भी की। इस पर लड़की ने शोर मचा दिया और लोगों ने हेड कास्टेबल को पकड़ लिया व पुलिस के हवाले करवा दिया था। साभार-khaskhabar.com     

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बेंगलूरू। अन्नाद्रमुक नेता वीके शशिकला को जेल की सजा के दौरान विशेष सुविधा दिए जाने से संबद्ध विवादित रिपोर्ट देने वाली पुलिस की एक वरिष्ठ अधिकारी को कर्नाटक के स्थानांतरित डीजीपी एचएन सत्यनारायण राव ने कानूनी नोटिस सौंपा है। मामले को लेकर डीजीपी राव के डी रूपा को भेजे गए नोटिस की एक कॉपी सामने आई है, जिसमें राव ने रूपा को लिखा है कि “आप को तीन दिन में सभी बड़े अखबारों में एक माफीनामा प्रकाशित कराना होगा, अगर आपने नहीं किया तो मैं आपके खिलाफ उपयुक्त दीवानी और अपराधिक दोनों तरह के कानूनी मामले शुरू करूंगा। इस घटना से मुझे जो क्षति पहुंची है उसकी अनुमानित राशि करीब 50 करोड़ है।”   आपको बता दें कि आय से अधिक संपत्ति मामले में जेल में सजा काट रहीं शशिकला पर तत्कालीन डीआईजी डी रूपा ने एक रिपोर्ट सौंपी थी जिसमें कहा गया था कि उन्होंने जेल में वीआईपी सुविधाएं पाने के लिए अधिकारियों को 2 करोड़ रुपये की घूस दी थी। इसी संबंध में कर्नाटक के स्थानांतरित डीजीपी एचएन सत्यनारायण राव ने डी रूपा को यह कानूनी नोटिस थमाया है।   वहीं आईपीएस अधिकारी डी रूपा (डीआईजी जेल) ने मामले का खुलासा करते हुए कहा था कि बेंगलुरू की सेंट्रल जेल में सजा काट रही एआईएडीएमके प्रमुख वीके शशिकला को वीवीआईपी सुविधाएं मिल रही हैं। जिसमें जेल के कई सीनियर अधिकारी गैरकानूनी गतिविधियों की इजाजत दे रहे हैं।साभार-khaskhabar.com   

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मुंबई। मुुंबई के घाटकोपर इलाके में मंगलवार इमारत ढहने के हादसे में मृतक संख्या बढकर 17 हो गई है। ज्ञातव्य है कि घाटकोपर इलाके में मंगलवार सुबह 4 मंजिला इमारत ढह गई थी। इस मामले में पुलिस ने शिवसेना नेता सुनील सिताप को गिरफ्तार किया है। यह बिल्डिंग शिवसेना नेता सुनील सीताप की ही है। ज्ञातव्य है कि अभी कुछ लोगों के मलबे में दबे होने की आशंका है। बताया जा रहा है कि बिल्डिंग जर्जर हालत में थी और बिल्डिंग के ग्राउंड फ्लोर पर एक नर्सिंग होम का काम चल रहा था। तभी बिल्डिंग हिलने लगी। यह देखकर वहां काम कर रहे मजदूर बाहर की ओर भागे। लेकिन बिल्डिंग में रह रहे कुछ परिवारों के लोग बाहर नहीं निकल पाए और बिल्डिंग ढह गई।    इस हादसे में 17 लोगों की मौत हो गई। अभी कुछ लोगों के मलबे में दबे होने की आशंका है। वहीं बचाव दल ने 19 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। मौके पर राहत और बचाव कार्य जारी है। वहीं सीएम देवेन्द्र फडनवीस ने मौके पर पहुंच हालात का जायजा लिया और इस मामले में जांच के आदेश दिए हैं। पुलिस मामले की जांच कर रही है। पुलिस ने बिल्डिंग के मालिक शिवसेना नेता सुनील सिताप के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार कर लिया है। वहीं सीएम फडनवीस ने बीएमसी आयुक्त को 15 दिनों के भीतर जांच करने और रिपोर्ट जमा करने का निर्देश दिया है।    बताया जा रहा है कि साई दर्शन नाम की यह बिल्डिंग काफी जर्जर हालत में थी। यह बिल्डिंग 1980 में बनी थी। स्थानीय लोगों का कहना है कि बिल्डिंग में कुछ बदलाव किए जा रहे थे और एक पिलर भी हटाया गया था। ये काम पिछले दो महीनों से चल रहा था।    साभार-khaskhabar.com   

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नई दिल्ली। आज कारगिल विजय दिवस है। आज कारगिल विजय दिवस को 18 वर्ष पूरे हो गए हैं। आज ही के दिन भारतीय सेना ने 26 जुलाई 1999 को कारगिल में तिरंगा फहराया था। भारतवासी उन जवानों को नमन कर रहे हैं, जिन्होंने अपनी शहादत देकर विपरीत परिस्थितियों में भी दुश्मनों को अपनी जमीन से खदेडा। कारगिल में हुई भीषण लडाई की यादें आज भी इस जंग के हिस्सा रहे सैनिकों के जहन में ताजा हैं। हर तरफ गोलियों की बौछार हो रही थी और हमारे जवान पूरे जोश के साथ दुश्मन को मुंहतोड जवाब देकर उन्हें भारत की सरजमीं से खदेड रहे थे।  पाकिस्तान ने की थी भारत की सरजमीं पर कब्जे की कोशिश: पाकिस्तानी सेना ने कश्मीरी उग्रवादियों के साथ मिलकर वर्ष 1999 में कारगिल में नियंत्रण रेखा पार कर भारत की सरजमीं पर अपना कब्जा करने की कोशिश की थी। लेकिन भारतीय सेना के वीर जवानों ने दुश्मन के मंसूबों को कामयाब नहीं होने दिया और उनको भारत की सरजमीं से वापस खदेड दिया। भारत और पाकिस्तान के बीच तीन माह तक मई से लेकर जुलाई तक युद्ध चला। 26 जुलाई को भारत ने इस युद्ध में विजय हासिल हुई। लेकिन जीत के साथ इस युद्ध में देश के सैकडों जवान के शहीद होने का दर्द भी शामिल था। तब से हर साल 26 जुलाई के दिन कारगिल शहीदों को नमन कर पूरे देश में इस दिन को कारगिल विजय दिवस के रूप में याद किया जाता है और शहीदों को श्रद्धांजलि दी जाती है।   भारतीय सेना के जवानों ने मारे थे दुश्मन के तीन हजार सैनिक: इस युद्ध में भारतीय सेना के वीर जवानों ने पाकिस्तानी सेना के तीन हजार जवानों को मार गिराया था। हांलांकि पाकिस्तान ने इससे इंकार करते हुए कहा था कि इस युद्ध में उनके 357 सैनिक ही मारे गए। इस युद्ध में सरजमीं की रक्षा के लिए भारतीय जवानों ने भी अपनी शहादत दी थी। इस युद्ध में भारतीय सेना के करीब 527 जवान शहीद हुए जबकि करीब 1363 घायल हुए थे।  साभार-khaskhabar.com   

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मुंबई। अनूप जलोटा फिल्म्स प्रजेंट्स व्यंगात्मक सिचुवेशनल कॉमेडी फिल्म 'मिस्टर कबाड़ी' सीमा कपूर द्वारा निर्देशित की गयी है,जोकि अगस्त में दर्शकों को देखने को मिलेगी।फिल्म ने निर्माता अनूप जलोटा, राकेश गुप्ता, दिनेश गुप्ता और ओम छंगाणी है।साधना टीवी और ओम छंगाणी फिल्म्स के एसोसिएशन में बनी है। यह फिल्म अगस्त २०१७ में रिलीज़ होगी।   कॉमेडी फिल्म 'मिस्टर कबाड़ी' के निर्माता वह गायक भजन सम्राट अनूप जलोटा है।५ वर्ष के थे तब से भजन गाते गाते अनूप जलोटा के गायन के ५५ वर्ष पूरे हो गये है। उनका पहला एल्बम 'निर्गुण भजन' १४ साल की उम्र में आया था। बचपन में भजन से उनकी ऐसी लागी लगन की उनका जीवन हो गया सफल। अब तक वे तीन हज़ार से ज्यादा गाने और भजन इत्यादि गा चुके है। उनका सबसे हिट भजन 'ऐसी लागी लगन..','मैया मोरी मई नहीं माखन खायो','जग में सूंदर है दो नाम' इत्यादि है। इसके अलावा फिल्म पत्तों की बाज़ी,तोहफा मुहब्बत का में संगीत भी दिया है । लोग कहते है कि भजन इत्यादि बुढ़ापे में किया जाता है, लेकिन अनूप जलोटा कहते है," आज मैं बचपन से भजन गाते गाते बूढ़ा हो गया। आज नाम, शोहरत, पैसे जो भी है भजन की वजह से है। लोग गलत कहते है, भगवान् को हमेशा ताजे फूल या फल अर्पित करना चाहिए ना कि बासी और सड़े गले या फूल और फल चढाने चाहिए। पूजा,भजन इत्यादि जवानी में ही करना सबसे अच्छा होता है।"कॉमेडी फिल्म 'मिस्टर कबाड़ी' के बारे में वे कहते है,"ओमपूरी ने इस फिल्म में काम किया वह मुझे अच्छा लगा। 'मिस्टर कबाड़ी' फिल्म में सबसे बढ़िया काम विनय पाठक का लगा जो लोगों को बहुत हसाएंगे। फिल्म बहुत अच्छी है, यह फिल्म सौ करोड़ का बिज़नेस करेगी। " फिल्म एक दूजे के लिए,नास्तिक, मनोज कुमार की शिरडी के साईबाबा, पड़ोसन, पत्तो की बाज़ी, प्रोफेसर की पड़ोसन इत्यादि में गाना गा के उनको काफी अच्छा लगा। उनका मानना आजकल के गायको को शास्त्रीय संगीत जरूर सीखना चाहिए तो ही वे अच्छे गायक बन सकते है। अपने ५५ साल के गायन के कैरियर के बारे में पूछने पर अनूप जलोटा कहते है," अभी तक मुझे ठीक से गाना नहीं आया, ऐसा मुझे लगता है। अभी बहुत कुछ सीखना है। वैसे भी किसी भी चीज़ को सीखने के लिए पूरा जीवन कम पड़ता है। हम जिंदगी में हर रोज कुछ नया सीखते है। और जो इंसान मान ले वह सबसे अच्छा बन गया है तो वह जीवन में आगे तरक्की नहीं कर सकता है। एक मुकाम पर वह जाकर रुक जायेगा।" अनूपजी की पढाई इत्यादि लखनऊ (उत्तरप्रदेश) में हुई है और उनका ज्यादातर समय वही बिता है। वे कहते है," मुझे लखनऊ जाकर काफी अच्छा लगता है। और काफी प्रफुल्लित महसूस करता हूँ। इसलिए अक्सर वहां जाता हूँ। "     

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