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स्विट्ज़रलैंड: पहाड़ों पर कुदरत का करिश्मा, मशीनों का जलवा और हम सबको ‘आज खाने में क्या है की चिंता?’ || लखनऊ : अखिलेश का दावा, SIR पर चुनाव आयोग में ही मतभेद, बताया- लोकतंत्र के लिए घातक || चेन्नई : राहुल गांधी अगले महीने तमिलनाडु में कर सकते हैं 'छात्रों की गूंज' कार्यक्रम || उत्तर प्रदेश : गोंडा में मुठभेड़ के बाद तीन गौतस्कर गिरफ्तार, बहराइच में शातिर अपराधी पुलिस की गोली लगने से घायल

शिमला। कारोबारियों की सेवा व बिक्री कर (जीएसटी) से जुड़ी समस्या अब केवल 24 घंटे में दूर की जाएगी। कुछ ऐसी ही व्यवस्था आबकारी एवं कराधान विभाग करने जा रहा है। यह विभाग गुड्स एंड सर्विस टैक्स को लेकर व्यापारियों की समस्याओं को दूर करने के लिए एक हेल्प डेस्क बनाने जा रहा है। इस डेस्क पर उनकी जीएसटी से जुड़ी सभी समस्याओं व सवालों की सुनवाई तो होगी ही, समाधान भी केवल 24 घंटे में मिल सकेगा। इसके लिए एक हेल्प लाइन नंबर 0177-2621451 जारी किया जा चुका है। कारोबारियों की जीएसटी संबंधी समस्या दूर करने के लिए विभाग के राज्य और केन्द्रीय अधिकारी हर वक्त उपलब्ध रहेंगे।   इस बारे में बात करते हुए आबकारी एवं कराधान विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव तरूण कपूर ने बताया कि जीएसटी की समस्या के समाधान के लिए विभाग हेल्प डेस्क बनाने जा रहा है। इसके लिए नंबर भी जारी कर दिया गया है। हिमाचल में ढाई लाख के करीब कारोबारी और व्यापारी हैं।   आपको बता दें कि कारोबारियों की ओर से हेल्प डेस्क बनाने का सुझाव आया था। कारोबारियों में जीएसटी को लेकर काफी सारा कन्फ्यूजन है। इस हेल्प डेस्क पर जीएसटी का रजिस्ट्रेशन, आवेदन व सेल्फ असेसमेंट आदि सवालों के जवाब मिल सकेंगे।साभार-khaskhabar.com   

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शिमला। हाल ही में इंग्लैंड में हुए महिला क्रिकेट विश्व कप में भारतीय टीम की मेम्बर सुषमा वर्मा को हिमाचल सरकार ने डीएसपी का दम आॅफर किया है जिसे सुषमा ने स्वीकार कर लिया है। मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने हॉलीलॉज में हिमरी पंचायत के गढ़ेरी गांव की रहने वाली सुषमा को डीएसपी पद का आॅफर लेटर सौंपा। पद आॅफर देने से पहले मुख्यमंत्री ने सुषमा की जमकर तारीफ की। इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने उन्हें पांच लाख रूपए का चैक भी प्रोत्साहन राशि के तौर पर भेंट किया। आपको बता दें कि विश्वकप में भारतीय टीम उपविजेता बनकर लौटी है। फाइनल में टीम को इंग्लैंड की टीम से शिखस्त झेलनी पड़ी थी। सुषमा विकेटकीपर-बल्लेबाज के तौर पर टीम इंडिया का प्रतिनिधित्व करती हैं।    इस पद को स्वीकार करने के बाद सुषमा ने मुख्यमंत्री और हिमाचल युवा कांग्रेस के अध्यक्ष विक्रमादित्य सिंह का आभार जताया। आपको बता दें कि पुलिस विभाग औपचारिकताएं पूरी करने में जुट गया है और जल्दी ही सुषमा को प्रदेश पुलिस मुख्यालय में बतौर डीएसपी अपनी ज्वाइनिंग दी जाएगी। पहले दो साल प्रोबेशन पीरियड रहेगा। इस दौरान सुषमा वर्मा को ट्रेनिंग दी जाएगी और उसके बाद ही वह नियमित सेवाएं विभाग में देंगी।साभार-khaskhabar.com   

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चंडीगढ। आईएएस अफसर की बेटी वर्णिका कुंडू के साथ छेडखानी के आरोपी विकास बराला और उसके दोस्त आशीष को पुलिस ने आज गिरफ्तार कर लिया है। ज्ञातव्य है कि पुलिस ने समन जारी कर विकास बराला को पूछताछ के लिए आज सुबह 11 बजे पूछताछ के लिए थाने बुलाया था। विकास और उसका दोस्त थाने नहीं पहुुंचे तो पुलिस ने उनकी तलाश शुरू की। उनकी तलाश में बराला फॉर्म हाउस पर भी छापा मारा गया लेकिन विकास नहीं मिला। वहीं विकास केपिता हरियाणा बीजेपी के अध्यक्ष सुभाष बराला ने कहा कि विकास और उसका दोस्त पुलिस को जांच में सहयोग करने के लिए तैयार है। इसके बाद दोपहर ढाई बजे विकास और उसका दोस्त पुलिस थाने पहुंचे। जहां पूछताछ के बाद पुलिस ने उन्हें हिरासत में ले लिया। वहीं विकास बराला के खिलाफ अपहरण की कोशिश की धाराएं जोडी गई हैं।   वारदात के समय पूरी तरह से नशे में था विकास बराला:  मेडिकल रिपोर्ट में कंफर्म हुआ है कि वारदात के समय आरोपी विकास बराला पूरी तरह नशे में था। ज्ञातव्य है कि विकास बराला ने जांच के लिए अपने यूरिन और ब्लड सैंपल देने से इंकार कर दिया था। वहीं ड्यूृटी पर तैनात चिकित्सक ने विकास से आ रही बदबू और अन्य ऑब्जर्वेशन के आधार पर पाया कि दोनों आरोपी शराब के नशे में धुत हैं।    साभार-khaskhabar.com   

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श्री मुक्तसर साहिब। भारतीय जनता पार्टी के नेता और प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य सुभाष भटेजा ने मंगलवार दोपहर अपने घर पर सल्फास की गोलियां खाकर जान दे दी। उन्होंने सुसाइड नोट भी छोड़ा है, जिसमें उन्होंने एक महिला सहित पांच लोगों को अपनी मौत का जिम्मेदार ठहराया है।भटेजा वरिष्ठ नेताओं में शामिल थे। वह पंजाब भाजपा के महासचिव और जिला प्रधान भी रह चुके हैं।   भाजपा नेता ने अपने सुसाइड नोट में लिखा है कि उन्होंने शहर के ही भाजपा पार्षद के भाई से 15 लाख रुपये और केमिस्ट एसोसिएशन के प्रधान से 16 लाख रुपये लेने हैं। इसके अलावा अपने इंस्टीट्यट के लिए राज्य सरकार से एससी विद्यार्थियों की स्कॉलरशिप 25 लाख रुपये उन्हें अभी तक नहीं मिले हैं। इस मामले में उनके इंस्टीट्यट की ही एक पूर्व कर्मचारी द्वारा उनके खिलाफ शिकायत भी की गई है। पुलिस ने सुसाइड नोट को कब्जे में लेकर पड़ताल शुरू कर दी है।साभार-khaskhabar.com   

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नई दिल्ली। राम मंदिर-बाबरी मस्जिद विवाद में अब एक नया मोड़ आ गया है। उत्तर प्रदेश शिया वक्फ बोर्ड ने मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट में दाखिल अपने हलफनामे में कहा कि अयोध्या में भगवान राम के जन्मस्थल से एक उचित दूरी पर मुस्लिम बहुल इलाके में मस्जिद बनाई जा सकती है। शिया वक्फ बोर्ड ने हलफनामे में कहा कि दोनों धर्मस्थलों के बीच की निकटता से बचा जाना चाहिए, क्योंकि दोनों ही के द्वारा लाउडस्पीकरों का इस्तेमाल एक-दूसरे के धार्मिक कार्यो में बाधा की वजह बन सकता है और कई बार यही दोनों पक्षों में विवाद का कारण बनता है।   हलफनामे में कहा गया है, इस मुद्दे के अंतिम निपटारे के लिए मस्जिद को मुस्लिम बहुल इलाके में बनाया जा सकता है, जो मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम के अति सम्मानित जन्मस्थल से उचित (रीजनेबल) दूरी पर हो। शिया वक्फ बोर्ड ने यह भी कहा है कि इस मामले से सुन्नी वक्फ बोर्ड का कोई संबंध नहीं है, क्योंकि मस्जिद एक शिया संपत्ति थी। हलफनामे में कहा गया है, चूंकि बाबरी मस्जिद एक शिया वक्फ थी, इसलिए मामले के शांतिपूर्ण निपटारे के लिए इसके अन्य पक्षों से बातचीत का हक केवल शिया सेंट्रल वक्फ बोर्ड उत्तर प्रदेश को है।   शिया बोर्ड ने यह भी सुझाव दिया है कि राम मंदिर-बाबरी मस्जिद विवाद का सौहार्द्रपूर्ण हल सुझाने के लिए सुप्रीम कोर्ट के अवकाश प्राप्त न्यायाधीश की अध्यक्षता में एक समिति बनाई जाए, जिसमें सभी संबंद्ध पक्षों के सदस्य शामिल हों। हलफनामे में कहा गया है कि इस समिति में प्रधानमंत्री कार्यालय और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री कार्यालय के नुमाइंदे भी हों और यह विवाद के सौहार्द्रपूर्ण हल के लिए सुझाव और प्रस्ताव दे। सुप्रीम कोर्ट ने न्यायमूर्ति दीपक मिश्रा की अध्यक्षता में तीन न्यायाधीशों की पीठ गठित की है। यह अयोध्या भूमि विवाद में इलाहाबाद उच्च न्यायालय के फैसलों को चुनौती देने वाली याचिकाओं और विवादित भूमि के मालिकाना हक पर फैसला सुनाने के लिए 11 अगस्त से सुनवाई करेगी। साल 2010 में इलाहाबाद उच्च न्यायालय की लखनऊ खंडपीठ ने फैसला दिया था कि भूमि को तीन बराबर हिस्सों में बांटकर इसे संबंद्ध पक्षों सुन्नी वक्फ बोर्ड, निरमोही अखाड़ा और राम लला को सौंप दिया जाए।   साभार-khaskhabar.com         

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गांधीनगर। गुजरात राज्यसभा चुनावों में बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह जीत कर भी हार गए। गौरतलब है कि गुजरात राज्यसभा चुनावों में दो सीटों पर अमित शाह और स्मृति ईरानी ने जीत दर्ज की लेकिन तीसरी सीट पर कांग्रेस के अहमद पटेल ने बीजेपी के बलवंत सिंह राजपूत को मात दे दी। गौरतलब है कि राज्यसभा चुनाव में कांग्रेस की ओर से एक मात्र उम्मीउदवार अहमद पटेल ही थे। इस सीट के नतीजों के लिए 10 घंटे तक हाईवोल्टेज ड्रामा चला। ज्ञातव्य है कि गुजरात राज्यसभा की तीन सीटों के लिए कुल 176 वोट किए गए। इनमें से 2 वोट रद्द होने के बाद 174 वोटों की काउंटिंग की गई। अहमद पटेल को 44 वोट मिले और बीजेपी के उम्मीदवार बलवंत सिंह राजपूत को 38 वोट मिले। इस तरह से अहमद पटेल ने बीजेपी के बलवंत सिंह राजपूत को मात दे दी।    ऐसे चला हाईवोल्टेज ड्रामा:  ज्ञातव्य है कि कल मंगलवार शाम को राज्यसभा की तीन सीटों के लिए वोटिंग खत्म होने के बाद कांग्रेस ने रिटर्निंग ऑफिसर से अपनी पार्टी के दो बागी विधायकों के खिलाफ शिकायत दर्ज की। कांग्रेस ने आरोप लगाते हुए कहा कि दोनों विधायकों ने वोटिंग के दौरान अपने बैलेट अमित शाह को दिखाए, जो नियम के खिलाफ है। साथ ही चुनाव आयोग में दोनों विधायकों के वोट रद्द करने की बात कही। हांलांकि बीजेपी इन आरोपों को खारिज करती रही।    दिल्ली जाकर चुनाव आयोग में की शिकायत:  इन आरोपों के बाद गुजरात राज्यसभा की लडाई दिल्ली पहुंच गई। कांग्रेस नेता रणदीप सिंह सुरजेवाला और आरपीएन सिंह ने चुनाव आयोग जाकर मामले की शिकायत की। कांग्रेस नेताओं ने अपनी दलीलें देकर चुनाव आयोग से दो विधायकों के वोट रद्द करने की मांग की। वहीं बीजेपी ने भी 6 केन्द्रीय मंत्रियों को चुनाव आयोग भेजा। बीजेपी की ओर से वित्त मंत्री अरुण जेटली के नेतृत्व में रविशंकर प्रसाद, पीयूष गोयल, मुख्तार अब्बास नकवी, निर्मला सीतारमण और धर्मेंद्र प्रधान चुनाव आयोग के ऑफिस पहुंचे। बीजेपी नेताओं ने कांग्रेस की अपील को दरकिनार करने की मांग की। जैसे ही बीजेपी नेता चुनाव आयोग के ऑफिस से निकले तो थोडी देर बाद ही कांग्रेस के पी.चिदंबरम, गुलाम नबी आजाद सहित कई वरिष्ठ नेताओं ने आयोग पहुंचकर अपनी दलीलें पेश कीं। जैसे ही कांग्रेस नेता अपनी दलीले देकर निकले तो फिर से बीजेपी के नेता चुनाव आयोग के ऑफिस पहुंच गए। इस तरह से दोनों पार्टियों के नेता अपना-अपना पक्ष लेकर तीन-तीन बार चुनाव आयोग के ऑफिस पहुंचे।    रात 12 बजे आया चुनाव आयोग का फैसला: कई घंटों के हाईवोल्टेज ड्रामे के बाद आखिरकार रात 12 बजे चुनाव आयोग का फैसला आया। चुनाव आयोग ने कांग्रेस के दोनों बागी विधायकों के वोट रद्द करने का आदेश दिया। साथ ही फिर से वोट काउंटिंग के निर्देश दिए। वहीं बीजेपी ने चुनाव आयोग के इस फैसले को गलत बताया। जब दोबारा काउंटिंग हुई तो अहमद पटेल आधे वोट से जीत गए।    चुनाव आयोग द्वारा कांग्रेस के दो बागी विधायकों के वोट रद्द करने के आदेश और दोबारा वोट काउंटिंग के निर्देश देने के बाद भी कई कई घंटों तक वोटों कि गिनती रुकी रही। बीजेपी ने काउंटिंग का विरोध किया और कांग्रेस विधायकों के खिलाफ अपनी शिकायत पर सुनवाई की दलील देते हुए चुनाव आयोग से दखल की मांग की। गुजरात कांग्रेस के नेता अर्जुन मोढवाडिया ने कहा कि बीजेपी काउंटिंग शुरू नहीं होने दे रही है। वहीं बीजेपी का कहना है कि हमने कांग्रेस के विधायकों के खिलाफ जो एप्लीकेशन दी थी, उस पर चुनाव आयोग ने कार्रवाई नहीं की है, इसलिए बीजेपी ने काउंटिंग शुरू नहीं होने दी।    रात 1.30 बजे हुई वोटिंग की गिनती और जीत गए पटेल: कई घंटों के इंतजार के बाद आखिरकार रात करीब 1.30 बजे वोटों की गिनती शुरू हुई। मतदान केंद्र से बाहर निकलकर कांग्रेस विधायक शैलेष परमार ने अहमद पटेल को 44 वोट मिलने के साथ उनकी जीत का दावा किया।   साभार-khaskhabar.com     

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इटानगर। शरद पवार के नेतृत्व वाली राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) को सोमवार को उस वक्त तगड़ा झटका लगा जब उसकी अरुणाचल प्रदेश इकाई को भंग कर उसका विलय नेशनल पीपुल्स पार्टी (एनपीपी) में कर दिया गया। भाजपा शासित अरुणाचल प्रदेश में राकांपा इकाई के भंग होने की जानकारी सामने आने से पहले पार्टी के स्थानीय नेताओं ने राकांपा अध्यक्ष शरद पवार पर आरोप लगाया था कि उन्होंने अरुणाचल प्रदेश के मामलों को लेकर कोई गहरी और सक्रिय रुचि नहीं दिखाई।   एनपीपी प्रवक्ता नीमा सांगेय सालिंग ने कहा कि हमने और राकांपा के समर्थकों ने राकांपा में विश्वास खो दिया है। पार्टी के किसी भी केंद्रीय नेता ने, यहां तक कि शरद पवार ने भी, कोई गहरी और सक्रिय रुचि नहीं दिखाई न ही कभी राज्य का दौरा किया। राकांपा के पूर्व उपाध्यक्ष ने कहा, अरुणाचल कई मुद्दों का सामना कर रहा है। यह चाहे चीन द्वारा अरुणाचल पर बार-बार दावा जताना हो या फिर विकास का मुद्दा हो। उन्होंने (राकांपा सांसदों ने) कभी इन्हें संसद में नहीं उठाया। इस वजह से हमने एनपीपी में विलय का फैसला लिया है। उन्होंने कहा कि एनपीपी में विलय का फैसला मणिपुर चुनाव में पार्टी के प्रदर्शन को देखते हुए और एनपीपी के आदिवासियों के हितों की रक्षा और स्थायी विकास के प्रति रुख के कारण लिया गया। इस बीच, एनपीपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष कोनार्ड के.संगमा ने राकांपा के पूर्व अध्यक्ष गिचो कबक को अरुणाचल प्रदेश में अपनी पार्टी का अध्यक्ष नियुक्त किया है।  साभार-khaskhabar.com         

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शिमला। इंदिरा गांधी खेल परिसर में चल रही जिला शिमला शूटिंग प्रतियोगिता में अंडर 19 वर्ग में जितेंद्र कुमार ने गोल्ड जीता। आर्यमान ने सिल्वर पर कब्जा किया। एयर पिस्टल पुरूष वर्ग में अंडर 15 के मुकाबले में अर्शवीर ने गोल्ड, याशिक चौहान ने सिल्वर और संस्कार सहगल ने ब्राउंज मेडल जीता। एयर पिस्टल महिला वर्ग के ओपन केटेगिरी में दीपिका ने गोल्ड और स्वाति नेगी ने सिल्वर मेडल पर अपना कब्जा जमाया। अंडर 19 वर्ग में अंजलि ने, अंडर 15 में अर्पणा चंदेल और अंडर 12 में अदिति ने गोल्ड जीता।साभार-khaskhabar.com   

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चंडीगढ़। हरियाणा बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष सुभाष बराला के बेटे द्वारा एक आईएएस अधिकारी की बेटी से कथित छेड़छाड़ प्रकरण में सियासत गर्मा गई है। सूत्रों के मुताबिक पार्टी हाइकमान सुभाष बराला के खिलाफ कार्रवाई करने के मूंड में नहीं है। इसी बीच बीजेपी के एक नेता ने ही अपनी पार्टी को धर्म संकट में डाल दिया है। कुरुक्षेत्र से बीजेपी सांसद राजकुमार सैनी ने ही अपनी पार्टी के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। राजकुमार सैनी ने हरियाणा बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष सुभाष बराला से इस्तीफे की मांग की है। उन्होंने कहा कि नैतिकता के आधार पर राज्य के पार्टी अध्यक्ष सुभाष बराला को इस्तीफा दे देना चाहिए।    एक अंग्रेजी अखबार को दिए इंटरव्यू के दौरान राजकुमार सैनी ने कहा कि अगर हमारे परिवार में किसी ने गलती की है, तो नैतिक आधार पर इस्तीफा देना चाहिए। सैनी ने कहा कि बराला का ऐसा कदम पार्टी की छवि में सुधार कर सकता है। उन्होंने कहा कि ऐसे कई उदाहरण है जब कई नेताओं को परिवार के ऊपर आरोप लगने पर इस्तीफा देना पड़ा था। तत्कालीन हरियाणा के बिजली मंत्री विनोद शर्मा ने इस्तीफा दे दिया था जब उनके बेटे का नाम जेसिका लाल हत्याकांड से जुड़ा था। निजी तौर पर गलती नहीं होने पर भी विनोद शर्मा ने इस्तीफा दे दिया। उन्होंने आंध्र प्रदेश के पूर्व राज्यपाल एन डी तिवारी के उदाहरण का भी हवाला दिया।    वहीं, हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने बराला का समर्थन किया। खट्टर ने हिसार में पत्रकारों से कहा, इस मामले का सुभाष बराला से कोई लेना-देना नहीं है। यह एक व्यक्ति से जुड़ा मामला है। अगर आरोप सही साबित होता है, तो यह बेहद निंदनीय है। खट्टर ने कहा, मुझे इस बारे में बताया गया। आरोपी अगर दोषी पाया गया तो उसे सजा दी जाएगी। इस मामले पर यह मेरा आधिकारिक पक्ष है। मुख्यमंत्री खट्टर ने कहा कि उन्हें चंडीगढ़ पुलिस में पूरा विश्वास है और न्याय अपना काम करेगी। वहीं, कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी समेत विपक्ष के कई बड़े नेता इस मामले को लेकर बीजेपी पर तीखा हमला बोल रही है और बराला के इस्तीफे की मांग कर रही है। कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने चंडीगढ़ की वारदात को न सिर्फ छेडख़ानी बल्कि अपरहण की कोशिश बताते हुए कड़ी कार्रवाई की मांग की है। राहुल ने कहा चंडीगढ़ में युवती के अपहरण की कोशिश और छेडख़ानी की वारदात की मैं कड़ी निंदा करता हूं। बीजेपी सरकार को दोषियों को सजा दिलानी चाहिए, न कि अपराधियों और उनकी घटिया मानसिकता का साथ देना चाहिए।   वरिष्ठ कांग्रेस नेता मनीष तिवारी ने आरोपियों के खिलाफ हल्की धाराएं लगाए जाने का आरोप लगाया है। उन्होंने इस मामले में निर्भया केस के बाद संशोधित कानून के तहत कड़ी कार्रवाई किए जाने की मांग भी की है। सीपीएम महासचिव सीताराम येचुरी ने हरियाणा बीजेपी अध्यक्ष के बेटे पर लगे संगीन आरोप के इस मामले में सीधे प्रधानमंत्री मोदी और बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह से सवाल पूछा है। येचुरी ने आरोपी विकास बराला को थाने से ही जमानत दे दिए जाने पर सवाल उठाते हुए ट्विटर पर लिखा है, जाहिर है कि इस मामले में कोई आरोपी की मदद कर रहा है। महिला उत्पीडऩ से जुड़े इस मामले प्रधानमंत्री और बीजेपी अध्यक्ष खामोश क्यों हैं?’   साभार-khaskhabar.com     

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नई दिल्ली। हरियाणा में भारतीय जनता पार्टी के एक नेता द्वारा एक विवाद में एंबुलेंस को रोके जाने की घटना पर कांग्रेस ने सोमवार को कहा कि भाजपा सत्ता के नशे में है। एंबुलेंस को रोके जाने से एक व्यक्ति की मौत हो गई। कांग्रेस ने मांग की है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, भाजपा अध्यक्ष अमित शाह और हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर इस घटना का संज्ञान लें। हरियाणा पुलिस एक परिवार की शिकायत की जांच कर रही है जिसमें कहा गया है कि फतेहाबाद में एक मामूली सी दुर्घटना पर भाजपा नेता ने एंबुलेंस को रोक लिया और इस वजह से उसके एक रिश्तेदार की मौत हो गई।   परिवार का आरोप है कि फतेहाबाद म्युनिसिपल काउंसिल के अध्यक्ष व भाजपा नेता दर्शन नागपाल ने एंबुलेंस को रोका और चालक से बहस की। इसमें कीमती तीस मिनट निकल गए। घटना में मरने वाले मरीज नवीन कुमार के रिश्तेदार अरुण कुमार ने फतेहाबाद में संवाददाताओं से कहा, मरीज को अस्पताल तक पहुंचाए जाने से पहले ही उसकी मौत हो गई। हमें जाने देने के हमारे अनुरोध का भाजपा नेता पर कोई असर नहीं हुआ। नवीन कुमार दिल के मरीज थे और उन्हें कार्डियोलॉजिस्ट के पास ले जाया जा रहा था।    मृतक के परिजनों का कहना है कि एंबुलेंस नागपाल की कार से छू गई थी। इससे भाजपा नेता बिफर गए और उन्होंने पीछा कर एंबुलेंस को रोक दिया। परिवार का यह भी आरोप है कि पुलिस प्रभावशाली स्थानीय भाजपा नेता के खिलाफ मामला दर्ज करने में आनाकानी कर रही है। कांग्रेस प्रवक्ता रणदीप सिंह सुरजेवाला ने कहा, यह अब साफ हो चुका है कि भाजपा सत्ता के नशे में है और सत्ता का घमंड हर चीज को लांघ गया है।सुरजेवाला ने कहा, जिस तरीके से भाजपा नेता ने पहले एंबुलेंस को टक्कर मारी और फिर उसे रोके रखा, जिसकी वजह से एक मरीज की मौत हो गई, वह इस व्यक्ति को और जिस पार्टी की ताकत का वह इस्तेमाल कर रहा है, उसको सीधे-सीधे इस मामले में जिम्मेदार ठहरा रहा है। उन्होंने पूछा कि क्या राज्य के मुख्यमंत्री, प्रधानमंत्री, भाजपा अध्यक्ष इस घटना का संज्ञान लेंगे, या फिर बहुमत का अहंकार इतना बढ़ गया है कि उसके सामने आम आदमी और उसकी जान की कोई कीमत ही नहीं रह गई है।   साभार-khaskhabar.com       

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पणजी। पणजी सीट के लिए हो रहे उपचुनाव में कांग्रेस उम्मीदवार गिरीश चोडनकर ने रविवार को अपने चुनाव प्रचार अभियान की शुरुआत की और अपने विरोधी मुख्यमंत्री मनोहर पर्रिकर के खिलाफ हमला बोला। चोडनकर ने अपना नामांकन पणजी सीट से दाखिल किया है, जहां वह पूर्व रक्षामंत्री मनोहर पर्रिकर का सामना करेंगे। चोडनकर ने कहा कि पर्रिकर ने सीमा पर तनाव के बावजूद गोवा में सरकार बनाने के लिए वापस लौटकर देश के रक्षा हितों के साथ घोखेबाजी की है। अपना प्रचार अभियान शुरू करने के बाद चोडनकर ने संवाददाताओं से कहा, हमारे राष्ट्रीय नेताओं ने हमें पर्रिकर का पर्दाफाश करने का आदेश दिया है, जो रक्षामंत्री रहने के दौरान गोवा के भोजन के लिए गोवा आते रहे और जवान मारे जा रहे थे।    उन्होंने कहा कि कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी और उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने उन्हें गोवा में पर्रिकर से मुकाबला करने के लिए प्रोत्साहित किया है और भारतीय जनता पार्टी नेतृत्व के दोगले राष्ट्रवाद का पर्दाफाश करने को कहा है। चोडनकर ने आरोप लगाया, पर्रिकर व भाजपा ने राष्ट्र को धोखा दिया है। जब वे सरकार बनाना चाहते थे तो वे रक्षा मंत्रालय जैसे एक संवेदनशील मंत्रालय को छोडक़र गोवा पहुंच गए। उनके लिए सत्ता प्यार के आगे देश का प्यार गौण है। उन्होंने कहा कि गोवा में कैसिनो उद्योग को कथित तौर पर भाजपा नेतृत्व का समर्थन है और उन्होंने छठे प्रस्तावित अपतटीय कैसिनो पोत का जिक्र करते हुए कहा कि यह राज्य को बर्बादी की तरफ ले जाएगा।   यह छठा अपतटीय कैसिनो पणजी के मीरामार समुद्र तट पर चल रहा है। राज्य में पांच अपतटीय कैसिनो संचालित हैं। अपतटीय कैसिनो उद्योग को खत्म करने का वादा करने के बाद पर्रिकर ने मॉनसून सत्र में विधानसभा में कहा कि अपतटीय कैसिनो को तीन सालों के भीतर तटवर्ती हिस्सों में लाया जाएगा। साभार-khaskhabar.com     

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चंडीगढ़। बार्डर पर देश की रक्षा में तैनात जवानों को स्कूली छात्राओं ने राखी बांधकर रक्षाबंधन पर्व मनाया। स्कूली छात्राओं ने ये राखियां खुद ने बनाई थीं। पंजाब के फिरोजपुर में भारत-पाक सरहद से सटा सरकारी सीनियर सेकेंडरी स्कूल गट्टी राजोके में रक्षा बंधन के उपलक्ष्य में सभ्याचारक कार्यक्रम हुआ। इस मौके पर स्कूली छात्राओं ने सरहद की सुरक्षा कर रहे बीएसएफ जवानों को अपने हाथ से बनाई राखी बांधी। बीएसएफ जवानों ने स्कूली विद्यार्थियों को मिठाई खिलाई।साभार-khaskhabar.com   

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नारद संवाद

देवरिया का ऐसा मंदिर जिसे श्रद्धालु बताते हैं 'अश्वत्थामा' की तपोभूमि

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राइन फॉल्स, स्विस सीढ़ियाँ और बुज़ुर्ग घुटने: नाव की सैर बनी ओलंपिक प्रतियोगिता!

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