देवरिया का ऐसा मंदिर जिसे श्रद्धालु बताते हैं 'अश्वत्थामा' की तपोभूमि
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गांधीनगर। गुजरात राज्यसभा चुनावों में बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह जीत कर भी हार गए। गौरतलब है कि गुजरात राज्यसभा चुनावों में दो सीटों पर अमित शाह और स्मृति ईरानी ने जीत दर्ज की लेकिन तीसरी सीट पर कांग्रेस के अहमद पटेल ने बीजेपी के बलवंत सिंह राजपूत को मात दे दी। गौरतलब है कि राज्यसभा चुनाव में कांग्रेस की ओर से एक मात्र उम्मीउदवार अहमद पटेल ही थे। इस सीट के नतीजों के लिए 10 घंटे तक हाईवोल्टेज ड्रामा चला। ज्ञातव्य है कि गुजरात राज्यसभा की तीन सीटों के लिए कुल 176 वोट किए गए। इनमें से 2 वोट रद्द होने के बाद 174 वोटों की काउंटिंग की गई। अहमद पटेल को 44 वोट मिले और बीजेपी के उम्मीदवार बलवंत सिंह राजपूत को 38 वोट मिले। इस तरह से अहमद पटेल ने बीजेपी के बलवंत सिंह राजपूत को मात दे दी।
ऐसे चला हाईवोल्टेज ड्रामा:
ज्ञातव्य है कि कल मंगलवार शाम को राज्यसभा की तीन सीटों के लिए वोटिंग खत्म होने के बाद कांग्रेस ने रिटर्निंग ऑफिसर से अपनी पार्टी के दो बागी विधायकों के खिलाफ शिकायत दर्ज की। कांग्रेस ने आरोप लगाते हुए कहा कि दोनों विधायकों ने वोटिंग के दौरान अपने बैलेट अमित शाह को दिखाए, जो नियम के खिलाफ है। साथ ही चुनाव आयोग में दोनों विधायकों के वोट रद्द करने की बात कही। हांलांकि बीजेपी इन आरोपों को खारिज करती रही।
दिल्ली जाकर चुनाव आयोग में की शिकायत:
इन आरोपों के बाद गुजरात राज्यसभा की लडाई दिल्ली पहुंच गई। कांग्रेस नेता रणदीप सिंह सुरजेवाला और आरपीएन सिंह ने चुनाव आयोग जाकर मामले की शिकायत की। कांग्रेस नेताओं ने अपनी दलीलें देकर चुनाव आयोग से दो विधायकों के वोट रद्द करने की मांग की। वहीं बीजेपी ने भी 6 केन्द्रीय मंत्रियों को चुनाव आयोग भेजा। बीजेपी की ओर से वित्त मंत्री अरुण जेटली के नेतृत्व में रविशंकर प्रसाद, पीयूष गोयल, मुख्तार अब्बास नकवी, निर्मला सीतारमण और धर्मेंद्र प्रधान चुनाव आयोग के ऑफिस पहुंचे। बीजेपी नेताओं ने कांग्रेस की अपील को दरकिनार करने की मांग की। जैसे ही बीजेपी नेता चुनाव आयोग के ऑफिस से निकले तो थोडी देर बाद ही कांग्रेस के पी.चिदंबरम, गुलाम नबी आजाद सहित कई वरिष्ठ नेताओं ने आयोग पहुंचकर अपनी दलीलें पेश कीं। जैसे ही कांग्रेस नेता अपनी दलीले देकर निकले तो फिर से बीजेपी के नेता चुनाव आयोग के ऑफिस पहुंच गए। इस तरह से दोनों पार्टियों के नेता अपना-अपना पक्ष लेकर तीन-तीन बार चुनाव आयोग के ऑफिस पहुंचे।
रात 12 बजे आया चुनाव आयोग का फैसला:
कई घंटों के हाईवोल्टेज ड्रामे के बाद आखिरकार रात 12 बजे चुनाव आयोग का फैसला आया। चुनाव आयोग ने कांग्रेस के दोनों बागी विधायकों के वोट रद्द करने का आदेश दिया। साथ ही फिर से वोट काउंटिंग के निर्देश दिए। वहीं बीजेपी ने चुनाव आयोग के इस फैसले को गलत बताया। जब दोबारा काउंटिंग हुई तो अहमद पटेल आधे वोट से जीत गए।
चुनाव आयोग द्वारा कांग्रेस के दो बागी विधायकों के वोट रद्द करने के आदेश और दोबारा वोट काउंटिंग के निर्देश देने के बाद भी कई कई घंटों तक वोटों कि गिनती रुकी रही। बीजेपी ने काउंटिंग का विरोध किया और कांग्रेस विधायकों के खिलाफ अपनी शिकायत पर सुनवाई की दलील देते हुए चुनाव आयोग से दखल की मांग की। गुजरात कांग्रेस के नेता अर्जुन मोढवाडिया ने कहा कि बीजेपी काउंटिंग शुरू नहीं होने दे रही है। वहीं बीजेपी का कहना है कि हमने कांग्रेस के विधायकों के खिलाफ जो एप्लीकेशन दी थी, उस पर चुनाव आयोग ने कार्रवाई नहीं की है, इसलिए बीजेपी ने काउंटिंग शुरू नहीं होने दी।
रात 1.30 बजे हुई वोटिंग की गिनती और जीत गए पटेल:
कई घंटों के इंतजार के बाद आखिरकार रात करीब 1.30 बजे वोटों की गिनती शुरू हुई। मतदान केंद्र से बाहर निकलकर कांग्रेस विधायक शैलेष परमार ने अहमद पटेल को 44 वोट मिलने के साथ उनकी जीत का दावा किया।
साभार-khaskhabar.com













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