BREAKING NEWS

मीडियाभारती वेब सॉल्युशन अपने उपभोक्ताओं को कई तरह की इंटरनेट और मोबाइल मूल्य आधारित सेवाएं मुहैया कराता है। इनमें वेबसाइट डिजायनिंग, डेवलपिंग, वीपीएस, साझा होस्टिंग, डोमेन बुकिंग, बिजनेस मेल, दैनिक वेबसाइट अपडेशन, डेटा हैंडलिंग, वेब मार्केटिंग, वेब प्रमोशन तथा दूसरे मीडिया प्रकाशकों के लिए नियमित प्रकाशन सामग्री मुहैया कराना प्रमुख है- संपर्क करें - 0129-4036474

नई दिल्ली । मास्टर ब्लास्टर सचिन तेंदुलकर का सोमवार को 44वां जन्मदिन है। क्रिकेट मैदान पर लगभग हर रिकॉर्ड अपने नाम करने वाले सचिन को हमेशा जिद रही रन बनाने की, क्रिकेट को जीने की। क्रिकेट में 34,347 रन बनाने वाले सचिन का जन्म मुंबई में 24 अप्रैल,1973 को एक मराठी परिवार में हुआ था। सचिन अपने घर में सबसे छोटे और जिद्दी थे।  अपनी बायोग्राफी में सचिन ने इस जिद्दीपन का जिक्र किया है। बचपन में उनके दोस्त साइकिल चलाते थे, लेकिन सचिन के पास साइकिल नहीं थी। उन्होंने अपने पिता रमेश तेंदुलकर, जो एक मराठी कवि थे,से साइकिल खरीदने को कहा, लेकिन आर्थिक स्थिति ठीक न होने के कारण उनके पिता ने इस बात को टाल दिया था। इस बात से सचिन इतने नाराज हुए कि सप्ताह भर घर से बाहर खेलने नहीं गए और घर की बालकनी से ही अपने दोस्तों को साइकिल चलाते हुए देखते रहते थे। और, इसी दौरान एक दिन उनका सिर बालकनी की ग्रिल में फंस गया था।  सचिन ने इस घटना का जिक्र पिछले दिनों प्रकाशित अपनी किताब प्लेइंग इट माई वे में किया है। सचिन किताब के पहले अध्याय चाइल्डहुड में लिखते हैं,मैं बचपन में काफी जिद्दी था। मेरे कई दोस्तों पर साइकिल थी और मैं भी साइकिल चाहता था। मेरे पिता को मुझे ना कहना अच्छा नहीं लगता था। मैंने जब उनसे कहा कि मुझे साइकिल चाहिए, तो उन्होंने मुझसे कहा कि कुछ दिनों में वह मुझे साइकिल दिला देंगे। आर्थिक तौर पर चार बच्चों को पालना बेहद मुश्किल होता है। किताब में सचिन ने लिखा है,बिना इस बात को जाने कि मेरे पिताजी को इसके लिए क्या करना होगा, मैं साइकिल की जिद पर अडा रहा और मैंने साइकिल न आने तक बाहर खेलने जाने से मना कर दिया। मैं सप्ताह भर बाहर खेलने नहीं गया। मैं बालकनी में ही खडा रहकर अपने दोस्तों को देखता था। किताब में सचिन ने लिखा है,एक दिन मैंने अपने माता-पिता को डराने वाला अनुभव दिया। हम चौथी मंजिल पर रहते थे, जिसकी बालकनी छोटी थी और उसमें ग्रिल थी। मैं उसके ऊपर से नहीं देख सकता था। इसलिए बाहर अच्छे से देखने के लिए मैंने ग्रिल में अपना सिर डाला। मैं अपना सिर उस ग्रिल में डालने में तो सफल रहा लेकिन, मैं उसमें सिर को बाहर नहीं निकाल पाया। मैं 30 मिनट तक उसमें फंसा रहा। मेरे घर वाले बेहद परेशान हो गए थे। काफी कोशिशों के बाद मेरी मां ने खूब सारा तेल डाल कर मेरा सिर उस ग्रिल में से बाहर निकाला। मेरी जिद को देखते हुए और इस बात के डर से कि मैं कहीं दोबारा ऎसा कुछ न कर बैठूं, मेरे पिता ने किसी तरह पैसे इकटा कर मुझे नई साइकिल खरीद कर दी। मैं अभी तक नहीं जानता कि उन्होंने साइकिल के लिए क्या किया था। सचिन हालांकि, ज्यादा देर तक साइकिल की खुशी नहीं बना पाए थे, क्योंकि साइकिल आने के कुछ घंटे बाद ही सचिन का साइकिल से एक्सीडेंट हो गया था। सचिन को चोटें लगी थी। उनके पिता ने उनसे कहा था कि जब तक वह पूरी तरह से ठीक नहीं हो जाते तब तक साइकिल नहीं चलाएंगे। इस बार सचिन को अपने पिता की बात माननी पडी।   साभार-khaskhabar.com  

Read More

नई दिल्ली । विश्व के दिग्गज लेग स्पिनर शेन वार्न ने शनिवार को अपनी ऑल टाइम आईपीएल इलेवन टीम का ऐलान किया। वार्न ने अपनी इस टीम की कमान भारत के सबसे सफल कप्तानों में शुमार महेंद्र सिंह धोनी को सौंपी है। वार्न ने अपनी फेसबुक वॉल पर इस टीम की घोषणा की। इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) का यह 10वां संस्करण है। वार्न भी आईपीएल में राजस्थान रॉयल्स की कप्तानी कर चुके हैं। उन्हीं की कप्तानी में राजस्थान ने 2008 में आईपीएल के पहले संस्करण का खिताब जीता था। वार्न ने धोनी की ही आईपीएल टीम चेन्नई सुपरकिंग्स को मात देकर पहला आईपीएल जीता था। धौनी आईपीएल इतिहास के भी सबसे सफल कप्तान हैं। उनकी कप्तानी वाली चेन्नई ने दो बार 2010 और 2011 में आईपीएल का खिताब जीता और चार बार उपविजेता रही। धोनी के अलावा इस टीम में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलोर के कप्तान विराट कोहली, क्रिस गेल, मुंबई इंडियंस के कप्तान रोहित शर्मा, हरभजन सिंह, लसिथ मलिंगा, कोलकाता नाइट राइडर्स के कोच जैक्स कैलिस, उमेश यादव, गुजरात लांयस के ब्रैंडन मैक्कलम, रवींद्र जडेजा, सनराइजर्स हैदराबाद के युवराज सिंह शामिल हैं।  पिछले दो संस्करणों से चेन्नई और राजस्थान की टीमें आईपीएल में नहीं खेल रहीं हैं। धोनी इस समय राइजिंग पुणे सुपरजाएंट के लिए खेल रहे हैं। वह इससे पहले संस्करण में पुणे के कप्तान भी थे। बीते कुछ मैचों में खराब फॉर्म के कारण आलोचकों का शिकार बने धोनी का वार्न ने बचाव भी किया था। वार्न ने हालांकि आईपीएल के सबसे सफल बल्लेबाजों में शुमार सुरेश रैना को टीम में नहीं चुना है।  वार्न की सर्वकालिक आईपीएल एकादश टीम : महेंद्र सिंह धोनी (कप्तान), विराट कोहली, क्रिस गेल, रोहित शर्मा, जैक्स कैलिस, रवींद्र जडेजा, युवराज सिंह, हरभजन सिंह, लसिथ मलिंगा और उमेश यादव।  साभार-khaskhabar.com  

Read More

पुणे। लगातार दो मैच जीत कर सनराइजर्स हैदराबाद की टीम आत्मविश्वास से लबरेज है। वहीं राइजिंग पुणे सुपरजाएंट नए रूख के साथ मैदान पर उतरने को तैयार है। यह दोनों टीमें इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) के 10वें संस्करण में शनिवार को महाराष्ट्र क्रिकेट संघ स्टेडियम में आमने-सामने होंगी। इसी सप्ताह की शुरुआत में सनराइजर्स ने किंग्स इलेवन पंजाब और दिल्ली डेयरडेविल्स को अपने घर में मात दी थी। हैदराबाद का यह घर से बाहर तीसरा मैच है। इससे पहले वह घर से बाहर खेले गए अपने दोनों मैच हार चुकी है।  हैदराबाद की कोशिश अब पुणे के खिलाफ मुकाबला जीतने की होगी। वहीं पुणे ने अपने आखिरी मैच में पिछले रविवार को रॉयल चैलेंजर्स बेंगलोर को मात देते हुए हार के सिलसिले को तोड़ा था। लगभग सप्ताह भर के ब्रेक के बाद टीम तरोताजा होकर एक बार फिर नए रूख के साथ मैदान पर उतरने को तैयार है। हैदराबाद जैसी मजबूत टीम के खिलाफ जीत हासिल करने के लिए पुणे को खेल के हर क्षेत्र में मेहमानों से बेहतर प्रदर्शन करना होगा। महेंद्र सिंह धौनी, अजिंक्य रहाणे, मनोज तिवारी और बेन स्टोक्स से सजा पुणे का बल्लेबाजी क्रम अगर अपने रंग में दिखता है तो हैदराबाद के लिए परेशानी खड़ी हो सकती है।  हालांकि पुणे के बल्लेबाजों के लिए यह आसान नहीं होगा क्योंकि हैदराबाद का गेंदबाजी आक्रमण बेहद मजबूत है। अशीष नेहरा और भुवनेश्वर कुमार शुरू और अंत के ओवरों में अपनी जिम्मेदारी को बखूबी अंजाम देते हैं तो मध्य के ओवरों में अफगानी स्पिनर राशिद खान बल्लेबाजों को छकाते हैं और मोएजिज हेनरिक्स इसमें उनका बखूबी साथ देते हैं। पुणे की गेंदबाजी उसकी कमजोरी है। इमरान ताहिर के अलावा उसका कोई और गेंदबाज अपना प्रभाव छोडऩे में सफल नहीं रहा है।  टीम को गेंदबाजी में सबसे ज्यादा निराश बेन स्टोक्स ने किया है। हालांकि स्टोक्स ने पिछले मैच में तीन विकेट लेकर पुणे की जीत में अहम भूमिका निभाई थी। ऐसे में टीम की उम्मीद स्टोक्स से उसी प्रदर्शन को एक बार फिर दोहराने की होगी। पुणे की गेंदबाजी की मुश्किल हैदराबाद के बल्लेबाजी क्रम को देखकर और बढ़ गई होंगी जिसमें उसके कप्तान डेविड वार्नर, युवराज सिंह, बेन कटिंग, शिखर धवन, केन विलियमसन और हेनरिक्स जैसे बल्लेबाज हैं।  टीमें (संभावित) : राइजिंग पुणे सुपरजाएंट : स्टीव स्मिथ (कप्तान), महेंद्र सिंह धौनी (विकेटकीपर), अजिंक्य रहाणे, बेन स्टोक्स, फाफ डु प्लेसिस, उस्मान ख्वाजा, मनोज तिवारी, मयंक अग्रवाल, अंकित शर्मा, बाबा अपराजित, अंकुश बैंस, रजत भाटिया, दीपक चहर, राहुल चहर, डेनियल क्रिस्टियन, अशोक डिंडा, लॉकी फग्र्यूसन, जसकरण सिंह, सौरभ कुमार, मिलिंद टंडन, जयदेव उनादकट, एडम जांपा। सनराइजर्स हैदराबाद : डेविड वॉर्नर (कप्तान), शिखर धवन, भुवनेश्वर कुमार, मोएजिज हेनरिक्स, नमन ओझा, रिकी भुई, केन विलियमसन, सिद्धार्थ कौल, बिपुल शर्मा, आशीष नेहरा, युवराज सिंह, बेन कटिंग, अभिमन्यू मिथुन, बारिंदर सरन, दीपक हुड्डा, विजय शंकर, राशिद खान, मोहम्मद सिराज, मोहम्मद नबी, एकलव्य द्विवेदी, क्रिस जॉर्डन, बेन लाफलिन, बेन लाफलिन और प्रवीण तांबे।  साभार-khaskhabar.com

Read More

कोलकाता । केरल के दाएं हाथ के तेज गेंदबाज बासिल थम्पी आईपीएल-10 में गुजरात लॉयंस टीम के सदस्य हैं। थम्पी को गुजरात ने 85 लाख रुपए में खरीदा था, जबकि उनका बेस प्राइस 10 लाख रुपए था। थम्पी एमआरएफ पेस फाउंडेशन के प्रोडक्ट हैं और उनमें 140 किमी प्रति घंटा या इससे भी ज्यादा से गेंद डालने की क्षमता है।  मुंबई इंडियंस के खिलाफ मैच के दौरान थम्पी ने लगातार यॉर्कर फेंककर सबका ध्यान खींचा। गुजरात टीम में थम्पी के साथी वेस्टइंडीज के ऑलराउंडर ड्वेन ब्रावो उनसे काफी प्रभावित हैं। ब्रावो ने कहा कि थम्पी काफी प्रतिभाशाली युवा है।  मैं कहूंगा कि उन्हें एक साल में टीम इंडिया के लिए खेलने का मौका मिलेगा। उनमें प्रतिभा है, निश्चित रूप से उनमें काफी तेजी, रफ्तार और कौशल है। वे हमेशा ही सीखने के लिए तत्पर रहते हैं। ब्रावो ने कहा कि थम्पी सीखने के लिए तैयार रहते हैं। थम्पी सही सवाल पूछते हैं। मुझे लगता है कि भारतीय क्रिकेट सही दिशा में बढ़ रहा है। उन्होंने कहा, कि थम्पी भारतीय तेज गेंदबाज उमेश यादव व मोहम्मद शमी की जैसे 140 किमी प्रति घंटा से ज्यादा तेज रफ्तार से गेंदबाजी कर सकते हैं और यह सचमुच काफी अच्छा है। मैं तहेदिल से उन्हें ऑल द बेस्ट कहूंगा। उल्लेखनीय है कि ब्रावो पूर्व में चेन्नई सुपर किंग्स और मुंबई इंडियंस से खेल चुके हैं। साभार-khaskhabar.com  

Read More

हैदराबाद । केन विलियमसन (89) और शिखर धवन (70) के बाद गेंदबाजों के अच्छे प्रदर्शन की बदौलत सनराइजर्स हैदराबाद ने इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) के 10वें संस्करण में बुधवार को दिल्ली डेयरडेविल्स को 15 रनों से हरा दिया। उप्पल के राजीव गांधी अंतर्राष्ट्रीय स्टेडियम में खेले गए इस मैच में सनराइजर्स ने दिल्ली के सामने 192 रनों का विशाल लक्ष्य रखा था। दिल्ली की टीम काफी प्रयास के बाद भी पूरे 20 ओवर खेलने के बाद पांच विकेट खोकर 176 रन ही बना सकी।  दिल्ली की तरफ से श्रेयस अय्यर ने सर्वाधिक नाबाद 50 रन बनाए। संजू सैमसन ने 42 रन, करुण नायर ने 33 रन और एंजेलो मैथ्यूज ने 31 रनों का योगदान दिया। सनराइजर्स की तरफ से मोहम्मद सिराज ने दो विकेट लिए। युवराज सिंह और सिद्धार्थ कौल को एक विकेट मिला। अफगानिस्तान के राशिद खान को एक भी सफलता नहीं मिली। यह राशिद का आईपीएल का पहला ऐसा मैच है जिसमें उन्हें एक भी विकेट नहीं मिला। इससे पहले सनराइजर्स ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करते हुए निर्धारित 20 ओवरों में चार विकेट के नुकसान पर 191 रन बनाए थे। सनराइजर्स के चारों विकेट क्रिस मोरिस ने लिए थे।  दूसरे ओवर में कप्तान डेविड वार्नर के रूप में पहला विकेट खोने के बाद धवन और विलियमसन ने दूसरे विकेट के लिए 136 रनों की साझेदारी करते हुए मेजबानों के बड़े स्कोर की नींव रखी।  साभार-khaskhabar.com  

Read More

राजकोट | रॉयल चैलेंजर्स बेंगलोर टीम ने मंगलवार को खेले गए इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) के 10वें संस्करण के 20वें राउंड रोबिन लीग मैच में गुजरात लायंस को 21 रनों से हरा दिया। बेंगलोर ने गुजरात के सामने 214 रनों का लक्ष्य रखा था, लेकिन 20 ओवरों की समाप्ति तक गुजरात की टीम सात विकेट पर 197 रन ही बना सकी। बेंगलोर के क्रिस गेल (77) और कप्तान विराट कोहली (64) की सलामी जोड़ी की तूफानी पारियों के बाद युजवेंद चहल (31-3) की शानदार गेंदबाजी की बदौलत जीत अपने नाम की। बड़े और चुनौतीपूर्ण लक्ष्य का पीछा करने उतरी गुजरात की टीम की शुरूआत अच्छी नहीं रही। उसने एक रन के कुल योग पर अपने कैरेबियाई सलामी बल्लेबाज ड्वायन स्मिथ (1) का विकेट गंवा दिया। स्मिथ का विकेट चहल ने लिया। बडे लक्ष्य का पीछा कर रही गुजरात रक्षात्मक मुद्रा में नजर आई। क्रीज पर मैक्कलम के साथ अब रैना हैं। रैना का विकेट भी चहल ने लिया। रैना ने 8 गेंदों पर 23 रन बनाए। मैक्कलम के साथ अब क्रीज पर फिंच हैं। फिंच व दिनेश कार्तिक के पैवेलियन लौटने के बाद गुजरात की मुसीबतें बढ गई। अब मैक्कलम के साथ क्रीज पर जडेजा हैं। इससे पूर्व बल्लेबाजी का आमंत्रण मिलने पर उतरी चैलेंजर्स ने निर्धारित 20 ओवरों में महज दो विकेट खोकर 213 रन बनाए। पहले बल्लेबाजी करने उतरी चैलेंजर्स को कोहली और गेल की जोड़ी ने तूफानी शुरुआत दी और गुजरात के गेंदबाजों की जमकर धुनाई की। इस जोड़ी ने 6.5 ओवरों में टीम का आकंड़ा 50 तक पहुंचा दिया।  कोहली और गेल यहीं नहीं रूके। इन दोनों ने अपने बीच 10वीं शतकीय साझेदारी की। यह जोड़ी आईपीएल के इतिहास में ऐसा करने वाली पहली जोड़ी है। कोहली और गेल ने पहले विकेट लिए 12.4 ओवरों में 9.63 की औसत से 122 रन जोड़े।  खतरनाक गेल को बासिल थंपी ने शानदार यॉर्कर फेंक पवेलियन भेजा। गेल ने अपनी आतिशी पारी में 38 गेंदें खेली और सात छक्के तथा पांच चौके लगाए। गेल ने साथ ही इस मैच में टी-20 क्रिकेट में अपने 10,000 रन पूरे किए। वह यह रिकार्ड बनाने वाले पहले बल्लेबाज हैं।  गेल के जाने के मेहमान टीम के कप्तान कोहली ने अपना अर्धशतक पूरा किया। 50 गेंदों की अपनी पारी में सात चौके और एक छक्का मारने वाले कोहली को धवल कुलकर्णी ने पवेलियन की राह दिखाई। कोहली 16वें ओवर की पांचवीं गेंद पर 159 के कुल स्कोर पर पवेलियन लौटे।  गेल और कोहली के जाने के बाद ट्रेविस हेड (नाबाद 30) और केदार जाधव (नाबाद 38) ने गुजरात के गेंदबाजों की पिटाई की और तेजी से रन बटोरने चालू रखे। इन दोनों ने तीसरे विकेट के लिए 4.1 ओवर में 12.96 की औसत से 54 रनों की साझेदारी की।  जाधव ने अपनी पारी में 16 गेंदों का सामना किया और पांच चौके तथा दो छक्के लगाए। वहीं ट्रेविस ने भी 16 गेंदें खेलीं और दो चौके सहित एक छक्का लगाया।  गुजरात के सबसे महंगे गेंदबाज रवींद्र जडेजा रहे। उन्होंने अपने कोटे के चार ओवरों में 57 रन दिए और एक भी विकेट नहीं लिया। साभार-khaskhabar.com  

Read More

नई दिल्ली । मनीष पांडे (नाबाद 69) और युसुफ पठान (59) की बेहतरीन अर्धशतकीय पारियों और उनके बीच हुई शतकीय साझेदारी की बदौलत कोलकाता नाइट राइडर्स ने दिल्ली डेयरडेविल्स को उसी के घर में सोमवार को खेले गए इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) के 10वें संस्करण के 18वें मैच में चार विकेट से हरा दिया। फिरोजशाह कोटला मैदान पर खेले गए इस मैच में टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करते हुए दिल्ली ने निर्धारित 20 ओवरों में कोलकाता के सामने 169 रनों का औसत लक्ष्य रखा, जिसे गौतम गंभीर की टीम ने 19.5 ओवरों में छह विकेट खोकर हासिल कर लिया।दिल्ली के लिए संजू सैमसन (39), ऋषभ पंत (38) ने बल्ले से सर्वाधिक योगदान दिया। टीम ने सात विकेट खोकर निर्धारित समय में 168 रनों का स्कोर खड़ा किया। इस पारी में कोलकाता के लिए नाथन कोल्टर नाइल ने सबसे अधिक तीन विकेट लिए, वहीं क्रिस वोक्स, उमेश यादव और सुनील नरेन को एक-एक सफलता हासिल हुई। दिल्ली के दिए लक्ष्य को हासिल करने में कोलकाता के लिए मनीष और युसुफ के अलावा गौतम गंभीर ने 14 रनों का योगदान दिया। इसके अलावा कोई भी खिलाड़ी दहाई तक नहीं पहुंच सका। इस पारी में दिल्ली के लिए जहीर और पैट कङ्क्षमस ने दो-दो विकेट लिए, वहीं क्रिस मोरिस और आशीष मिश्रा को एक सफलता मिली। साभार-khaskhabar.com  

Read More

सिंगापुर । सिंगापुर ओपन बैडमिंटन टूर्नामेंट जीतने वाले पहले भारतीय पुरुष खिलाड़ी बने बी. साई प्रणीत का कहना है कि यह खिताबी जीत उनकी कड़ी मेहनत का नतीजा है। रविवार को पुरुष एकल वर्ग के फाइनल मुकाबले में 30वीं विश्व वरीयता प्राप्त प्रणीत ने हमवतन किदांबी श्रीकांत को 17-21, 21-17, 21-12 से मात दी। प्रणीत के करियर का यह पहला सुपरसिरीज खिताब है। खिताब जीतने के बाद प्रणीत ने कहा, मैंने इस टूर्नामेंट में अच्छा प्रदर्शन किया और खिताबी मुकाबला मेरे लिए बेहद खास था। मुझे मेरी कड़ी मेहनत का फल मिला है। श्रीकांत के खिलाफ खिताबी मुकाबले के बारे में प्रणीत ने कहा, यह एक बेहतरीन अहसास है। मैंने श्रीकांत के साथ अभ्यास किया है और हम दोनों एक-दूसरे के खेल को अच्छी तरह जानते हैं। उनके खिलाफ यह फाइनल मुकाबला सच में मुश्किल था। सिंगापुर ओपन से पहले प्रणीत और श्रीकांत का सामना चार बार हुआ था और श्रीकांत को इसमें सिर्फ एक बार जीत मिली थी। इस जीत के साथ प्रणीत ने श्रीकांत के खिलाफ जीत-हार का आंकड़ा 5-1 कर लिया है। ऐसा पहली बार हुआ जब भारत का कोई दो खिलाड़ी किसी सुपरसीरीज टूर्नामेंट के फाइनल में पहुंचा हो। साभार-khaskhabar.com  

Read More

नई दिल्ली । विकेटकीपर बल्लेबाज महेंद्र सिंह धोनी आईपीएल-10 में फॉर्म के लिए संघर्ष कर रहे हैं। राइजिंग पुणे सुपरजाएंट की ओर से धोनी ने अब तक चार मैच में नाबाद 12, 5, 11 और 5 रन की पारियां खेली हैं। हाल ही पूर्व भारतीय कप्तान सौरव गांगुली ने धोनी की बल्लेबाजी पर सवाल उठाया था।  गांगुली ने कहा था कि धोनी अब टी20 खेलने लायक नहीं रहे क्योंकि उन्होंने पिछले 10 साल में सिर्फ एक अर्धशतक लगाया है। हालांकि अब किंग्स इलेवन पंजाब के मेंटर वीरेंद्र सहवाग ने धोनी का पक्ष लिया है। एक टीवी चैनल से बातचीत के दौरान सहवाग ने इस बात पर जोर दिया कि धोनी जिस पोजीशन पर बल्लेबाजी करने के लिए आते हैं वह कठिन है।  धोनी के फैंस को धीरज रखने की जरूरत है क्योंकि वे जल्द ही जोश- खरोश के साथ फॉर्म में वापसी करेंगे। वे अभी भी नंबर 5 और 6 पर बेहतरीन हैं। इसमें कोई संशय नहीं है कि वे फॉर्म में वापसी करेंगे। आईपीएल में अभी बहुत समय बचा है। धोनी जैसे खिलाड़ी के खेल पर तीन या चार पारियों मे निर्णय नहीं देना चाहिए। धोनी ने पिछले दिनों इंग्लैंड के खिलाफ मैच विजेता शतक लगाया था इसलिए मुझे नहीं लगता कि वे फॉर्म में नहीं हैं। आप धोनी के बिना टीम इंडिया की चैंपियंस ट्रॉफी में जाने की कल्पना भी नहीं कर सकते। इस तरह की चीजें आईपीएल जैसे टूर्नामेंट में हो सकती हैं। धोनी जैसे अनुभवी खिलाड़ी को आईपीएल जैसे टूर्नामेंट में नहीं परखा जाना चाहिए। नए खिलाड़ी की प्रतिभा को जरूर आईपीएल के आधार पर आंका जा सकता है। साभार-khaskhabar.com  

Read More

राजकोट । एंड्रयू टाई की आखिरी ओवर में ली गई हैट्रिक के कमाल के बाद बल्लेबाजों के बेहतरीन प्रदर्शन के दम पर गुजरात लायंस ने इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) के 10वें संस्करण के 13वें मैच में शुक्रवार को राइजिंग पुणे सुपरजाएंट को सात विकेट से हराकर इस साल की अपनी पहली जीत दर्ज की। पुणे ने मेजबान गुजरात के सामने 172 रनों का लक्ष्य रखा था, जिसे उसने 18 ओवरों में तीन विकेट खोकर हासिल कर लिया।  टाई के बाद गुजरात की ड्वायन स्मिथ (47) और ब्रैंडन मैक्कलम (49) की सलामी जोड़ी ने उसे मजबूत शुरुआत दी और पहले विकेट के लिए 8.5 ओवरों में 94 रन जोडक़र गुजरात की जीत की नींव रखी। इन दोनों के जाने के बाद कप्तान सुरेश रैना (नाबाद 35) और एरॉन फिंच (नाबाद 33) ने टीम को जीत दिलाई। इससे पहले बल्लेबाजी करने उतरी पुणे ने निर्धारित 20 ओवरों में आठ विकेट खोकर 171 रन बनाए थे। उसका यह स्कोर और ज्यादा होता लेकिन, अंतिम ओवर में टाई ने हैट्रिक लेकर उसे यहीं तक सीमित रखा। पुणे के लिए कप्तान स्टीवन स्मिथ ने 43, राहुल त्रिपाठी ने 33, मनोज तिवारी ने 31 और अंकित शर्मा तथा बेन स्टोक्स ने 25-25 रनों का योगदान दिया।   साभार-khaskhabar.com  

Read More

सिंगापुर । भारत की अग्रणी महिला बैडमिंटन खिलाड़ी पी. वी. सिंधु के साथ ही पुरुष खिलाड़ी किदाम्बी श्रीकांत और बी. साई प्रणीत ने गुरुवार को सिंगापुर ओपन बैडमिंटन टूर्नामेंट में अपने-अपने मुकाबलों में जीत हासिल कर क्वार्टर फाइनल में प्रवेश कर लिया। भारत का हालांकि युगल वर्ग में प्रदर्शन मिला जुला रहा। मिश्रित युगल में भारतीय जोड़ी बी. सुमित रेड्डी और अश्विनी पोनप्पा क्वार्टर फाइनल में पहुंचने में सफल रही, लेकिन महिला युगल में पोनप्पा और एन.सिक्की रेड्डी की जोड़ी को दूसरे दौर में हार का सामना करना पड़ा।  विश्व की दूसरी वरीयता प्राप्त सिंधु ने महिला एकल वर्ग के दूसरे दौर में इंडोनेशिया की फित्रियानी फित्रियानी को एक घंटे तक चले संघर्ष भरे मुकाबले में 19-21, 21-17, 21-8 से मात दी। महिला एकल वर्ग के क्वार्टर फाइनल में सिंधु की भिड़ंत एक बार फिर स्पेन की स्टार खिलाड़ी कैरोलिना मारिन से होगी। इसी महीने की शुरुआत में मारिन को हराकर ही सिंधु ने इंडिया ओपन का खिताब जीता था। इसके अलावा, गुरुवार को ही पुरुष एकल वर्ग के दूसरे दौर में प्रणीत ने चीन के किआओ बिन को 21-15, 21-23, 21-16 से मात दी। क्वार्टर फाइनल में प्रणीत का मुकाबला थाईलैंड के तनोंगसाक साएनसोम्बोनसुक से होगा। पुरुष एकल के एक और मुकाबले में श्रीकांत ने इंडोनेशिया के एहसान मौलाना मुस्तफा को कड़े मुकाबले में 21-18,15-21,21-13 से मात दी। क्वार्टर फाइनल में उनका सामना चीन के शी युकी से होगा।  मिश्रित युगल वर्ग में भी भारत को जीत मिली। सुमित रेड्डी और पोनप्पा ने अपने दूसरे दौर में कोरियाई जोड़ी जाए ह्वान किम और ली सो ही को 17-21, 21-17, 21-16 से हराकर क्वार्टर फाइनल में कदम रखा। महिला युगल के दूसरे दौर में पोनप्पा और सिक्की की जोड़ी को जापान की मिसाकी माटसुटोमो और अयाका ताकाहाशी की जोड़ी ने 55 मिनट तक चले मुकाबले में 21-11 19-21 21-12 से मात देते हुए क्वार्टर फाइनल में प्रवेश किया।  साभार-khaskhabar.com  

Read More

दुबई । भारत के दिग्गज स्पिन गेंदबाज हरभजन सिंह ने भारतीय टीम को अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (आईसीसी) चैम्पियंस ट्रॉफी का प्रबल दावेदार बताया है। हरभजन को भरोसा है कि मौजूदा विजेता भारत अपना खिताब बचाने में सफल रहेगा। हरभजन बुधवार को आईसीसी चैम्पियंस ट्रॉफी के लिए चुने गए आठ ब्रांड एंबेसडरों में से एक हैं। चैम्पियंस ट्रॉफी 1-18 जून के बीच इंग्लैंड और वेल्स में खेली जाएगी। हरभजन का कहना है कि इस चैम्पियंस ट्रॉफी की अहमियत इसलिए और बढ़ जाती है क्योंकि दो साल बाद आईसीसी विश्व कप होने वाला है और यह विश्व कप इन्हीं हालात में खेला जाएगा। चैम्पियंस ट्रॉफी और 2019 में होने वाले विश्व कप का आयोजन इंग्लैंड में किया जाएगा। हरभजन का मानना है कि भारत के पास चैम्पियंस ट्रॉफी को जीतने की काबिलियत है। उन्होंने कहा, ‘‘मत भूलिए की यह टूर्नामेंट शीर्ष-8 टीमों के बीच खेली जाएगी। इसलिए हर टीम के पास जीतने का मौका है। अंत में वही टीम जीतेगी जो दिन विशेष पर अच्छा प्रदर्शन करेगी।’’ उन्होंने कहा, ‘‘सफल घरेलू सत्र बिताने के बाद भारत, इंग्लैंड की परिस्थतियों के साथ जल्द ही तालमेल बिठाना चाहेगा। अगर हम टूर्नामेंट की शुरुआत से पहले ही वहां पहुंच कर स्थिति को समझ लेते हैं तो इससे हमें काफी मदद मिलेगी। इंग्लैंड का मौसम और पिच अलग हैं, इसलिए कुछ दिन पहले वहां जाना फादयेमंद साबित होगा।’’ उन्होंने कहा, ‘‘अगर आप मुझसे पूछेंगे कि कौन सी टीम जीतेगी तो मैं कहूंगा कि भारत। हां, मेरा मानना है कि यह टीम 2013 में जीते अपने खिताब की रक्षा कर सकती है।’’ इस समय टीम से बाहर चल रहे हरभजन सिंह ने कहा कि जो भी टीम में चुना जाएगा वह मैच विजेता खिलाड़ी होगा। उन्होंने कहा, ‘‘चार साल पहले इस टूर्नामेंट के बीते संस्करण में भारत ने सभी मैच जीतते हुए खिताब जीता था। टीम काफी अच्छी थी। मैं नहीं जानता कि आने वाले टूर्नामेंट में क्या टीम चुनी जाएगी, लेकिन मैं इस बात को लेकर आश्वस्त हूं कि 15 सदस्यीय टीम का हर खिलाड़ी मैच विजेता होगा।’’ हरभजन के अलावा पाकिस्तान के शाहिद अफरीदी, बांग्लादेश के हबीबुल बशर, इंग्लैंड के इयान बेल, न्यूजीलैंड के शेन बॉन्ड, आस्ट्रेलिया के माइक हसी, श्रीलंका के कुमार संगाकारा, दक्षिण अफ्रीका के ग्रेम स्मिथ को इस टूर्नामेंट का ब्रांड एंबेसडर चुना गया है। साभार-khaskhabar.com  

Read More

नारद संवाद

देवरिया का ऐसा मंदिर जिसे श्रद्धालु बताते हैं 'अश्वत्थामा' की तपोभूमि

Read More

हमारी बात

स्वतंत्रता सेनानी पं. हुकम सिंह गौतम की पुण्यतिथि मनाई

Read More

Bollywood


विविधा


शंखनाद

पुरानी कहावत और नया भारत

Read More