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लगान और सरफरोश के 16 साल बाद आमिर खान पहली बार दीनानाथ मंगेशकर अवार्ड में शामिल हुए। आमिर को फिल्म ‘दंगल’ के लिए ये अवार्ड दिया गया और संघ प्रमुख मोहन भागवत के हाथों उन्होनें यह अवॉर्ड लिया। इस मौके पर आमिर बहुत खुश नजर आ रहे थे। 16 साल पहले वो अपनी फिल्म लगान के लिए ऑस्कर अवॉर्ड में शामिल होने के लिए पहुंचे थे। ऑस्कर अवॉर्ड में आमिर की फिल्म लगान बेस्ट फिल्म की कैटेगरी में नॉमिनेट हुई थी। हालांकि फिल्म को कोई भी अवॉर्ड नहीं मिला था। ‘दीनानाथ मंगेशकर अवॉर्ड’ हर साल मास्टर दीनानाथ मंगेशकर के सम्मान में अलग-अलग क्षेत्रों में बेहतरीन काम करने वालों को दिया जाता है। जिसमें संगीत, नाटक समाज सेवा और साहित्य को ‘दीनानाथ मंगेशकर अवॉर्ड’ से नवाजा जाता है। स्वर साम्राज्ञी लता मंगेशकर, फिल्म अभिनेत्री वैजयंती माला और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ प्रमुख मोहन भागवत के साथ मंच साझा करते हुए आमिर ने 75वें मास्टर दीनानाथ मंगेशकर पुरस्कार को स्वीकार किया। आमिर खान और दिग्गज क्रिकेटर कपिल देव के साथ ही अपने जमाने की मशहूर अभिनेत्री वैजयंती माला को हिन्दी फिल्म इंडस्ट्री में अपने योगदान के लिए मास्टर दीनानाथ मंगेशकर अवॉर्ड से सम्मानित किया गया। इस मौके पर लता मंगेशकर ने कहा, ‘मोहन भागवत को वंदन। उनका आना मुझ पर उपकार है। मेरे पिता हिंदू महासभा और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सदस्य रह चुके हैं। सभी अवॉर्ड से सम्मानित सदस्यों का अभिनंदन।’ साभार-khaskhabar.com    

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नई दिल्ली । प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जुलाई में इजराइल के दौरे पर जा सकते है। माना जा रहा है कि इस दौरान भारत और इजरायल के बीच बड़े रक्षा करार हो सकते है। आपको बात दें कि किसी भी भारतीय प्रधानमंत्री का ये पहला इजरायल दौरा होगा। इजरायल ने कहा कि मोदी का दौरा जब भी होगा, ये बेहद अहम होगा। मोदी के दौरे के बारे में इजरायली राजदूत डेनियल कैरमन ने कहा कि यह एक बड़ी यात्रा होगी, जो विभिन्न क्षेत्रों में दोनों देशों के बीच के सहयोग की गहराई को दर्शाएगी। इस दौरे के दौरान बराक-8 एअर डिफेंस मिसाइल सिस्टम, जिसका इंडियन नेवी लंबे समय से इंतजार कर रही है और भारतीय सेना लिए स्पाइक एंटी टैंक मिसाइल डील पर मुहर लग सकती है।  इसके अलावा कई दूसरे अहम रक्षा करार भी हो सकते है। इजरायली राजदूत डेनियल कैरमन ने एक न्यूज एजेंसी को दिए इंटरव्यू में कहा कि भारत और इजरायल के संबंध पर्याप्त तौर पर प्रगाढ़ हैं। यदि यह यात्रा होती है तो यह बेहद अहम रहेगी। यह पिछले कई साल में की गई इजरायल की सबसे अहम यात्राओं में से एक होगी। मोदी की इजरायल यात्रा का समय दोनों देशों के बीच कूटनीतिक रिश्तों की स्थापना के 25 साल पूरे होने पर पड़ रहा है। इस दौरान कई अन्य रक्षा सौदों पर भी चर्चा हो सकती है। इजरायली राजदूत से जब यह पूछा गया कि किन रक्षा सौदों पर दस्तखत हो सकते हैं तो उन्होंने सिर्फ इतना कहा कि दोनों देशों के रिश्ते खरीद-बिक्री से परे हो चुके हैं और दोनों देश मुख्य तौर पर जॉइंट रिसर्च और डिवेलपमेंट पर फोकस कर रहे हैं।  उन्होंने कहा, इजरायल के भारत के साथ बहुत अच्छे संबंध रहे हैं और इस संबंध के कई पहलू हैं जिनमें रक्षा क्षेत्र भी शामिल है। भारत-इजरायल के रक्षा संबंधों से वाकिफ लोगों का कहना है कि प्रधानमंत्री के इस दौरे में कई अरब डॉलर के 2 बड़े समझौतों को अंतिम रूप दिया जा सकता है। दरअसल भारत इजरायल के सैन्य साजोसामान का सबसे बड़ा खरीदार है। इतना ही नहीं, इजरायल पिछले कुछ सालों से भारत को कई तरह के हथियारों, मिसाइलों और मानवरहित हवाई यानो की आपूर्ति करता रहा है। लेकिन ये सौदे आम तौर पर पर्दे के पीछे होते रहे हैं। कैरमन ने कहा कि पिछले कुछ सालों से कई अलग-अलग क्षेत्रों में दोनों देशों के बीच रिश्ते काफी विस्तृत हुए हैं और दोनों देशों ने आपसी संबंधों को और ज्यादा गहरानी देने का फैसला किया है।  उन्होंने कहा, हम वास्तव में उन चीजों के बारे में बात कर रहे हैं जो काफी अहम और गहराई वाली हैं। गौरतलब है कि इसी साल फरवरी में भारत ने सेना के लिए सतह से हवा में मार करने वाली मध्य श्रेणी की एक मिसाइल को इजरायल के साथ संयुक्त तौर पर विकसित करने के लिए 17,000 करोड़ रुपये के डील को मंजूरी दी थी। इस डील का औपचारिक ऐलान मोदी के इजरायल दौरे से पहले किया जा सका है। साभार-khaskhabar.com  

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नई दिल्ली । जम्मू कश्मीर में पत्थरबाजों के बारे में एक पुलिसवाले ने खुलासा किया है कि इन पत्थरबाजों को जुटाने के लिए वॉट्सएप ग्रुप बनाए गए हैं। गौरतलब है कि कश्मीर में पत्थरबाज सेना के लिए सिरदर्द बने हुए हैं। पुलिस अधिकारी ने खुलासा किया है कि करीब 300 वॉट्सएप ग्रुपों के जरिए पत्थरबाजों को सेना के ऑपरेशन की जानकारी दी जाती थी। इन वॉट्सएप ग्रुपों के जरिए ही युवाओं को घटनास्थल पर इकट्ठा किया जाता था। अब घाटी में मोबाइल और इंटरनेट सेवाएं बंद किए जाने से पत्थरबाजी की घटनाओं में काफी कमी आई है। हालांकि दावा है कि पुलिस ने अब इन वॉट्सएप ग्रुप पर काबू पा लिया है।  पुलिस अधिकारी ने एक न्यूज एजेंसी को बताया कि कश्मीर में पथराव करने वालों को जुटाने के लिए तकरीबन 300 वॉट्सएप ग्रुप का इस्तेमाल किया जा रहा था। साथ ही उन्होनें कहा कि उसमें से 90 फीसदी अब बंद हो गए हैं। अधिकारी ने न्सूज एजेंसी को बताया कि हर ग्रुप में करीब 250 सदस्य थे।  पुलिस ने इन वॉट्सएप ग्रुप के एडमिन की पहचान की और उन्हें काउंसलिंग के लिए बुलाया गया। अधिकारी ने बताया कि पिछले तीन हफ्ते में 300 में से 90 फीसदी वॉट्सएप ग्रुप्स को बंद कर दिया गया है।  आज पीएम और गृह मंत्री से मिलेगी महबूबा मुफ्ती: आज जम्मू कश्मीर की सीएम महबूबा मुफ्ती पीएम मोदी और गृह मंत्री राजनाथ सिंह से मुलाकात करेगी। माना जा रहा है कि इस मुलाकात में घाटी के हालात पर चर्चा हो सकती है। ज्ञातव्य है कि केंद्र सरकार जम्मू-कश्मीर में महबूबा सरकार से सख्त नाराज है।  माना जा रहा है कि घाटी में लगातार खराब हो रही स्थिति के कारण केन्द्र सरकार महबूबा सरकार से समर्थन वापस ले सकती है और राज्य में राज्यपाल शासन लगाने और नए गवर्नर की नियुक्ति कर सकती है। माना जा रहा है कि केंद्र सरकार सेना और सुरक्षाबलों को आतंकियों और हिंसा फैलाने वालों के खिलाफ कार्रवाई की पूरी छूट देने के पक्ष में है।  साभार-khaskhabar.com  

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नई दिल्ली । प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी आज बीजेपी शासित राज्यों के मुख्यमंत्रियों से मुलाकात करेंगे। नई दिल्ली में होने जा रही इस मीटिंग में पीएम मुख्यमंत्रियों को संबोधित भी करेंगे। माना जा रहा है कि इस मीटिंग में राष्ट्रपति और उपराष्ट्रपति चुनावों को लेकर रणनीति तय हो सकती है। साथ ही पीएम मोदी का फोकस केंद्रीय योजनाओं और गरीब कल्याण अजेंडे को और मजबूती से लागू करने पर रहेगा। ज्ञातव्य है कि अगले माह मोदी सरकार के तीन साल पूरे हो रहे हैं, ऐसे में यह मीटिंग और भी महत्तवपूर्ण मानी जा रही है।  ये लोग रहेंगे बैठक में मौजूद:  बीजेपी के महासचिव भूपेन्द्र यादव ने बताया कि आज होने वाली इस बैठम में पीएम मोदी के अलावा बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह, गृह मंत्री राजनाथ सिंह, वित्त मंत्री अरुण जेटली, नितिन गडकरी, एम वेंकैया नायडू, सुषमा स्वराज, पार्टी के संगठन महासचिव रामलाल और सभी बीजेपी शासित 13 राज्यों के मुख्यमंत्री हिस्सा लेंगे। जिन पांच राज्यों में बीजेपी की गठबंधन में सरकार है, वहां के उपमुख्यमंत्रियों को भी बैठक में बुलाया गया है। इससे पहले ऐसी बैठक पिछले साल 27 अगस्त को भी बुलाई गई थी। बैठक में इन बातों पर रहेगा फोकस: मीडिया रिपोर्ट के अनुसार इस बैठक में इस बात पर फोकस होगा कि किस तरह से गरीब कल्याण के अजेंडे को और मजबूती से लागू किया जा सके। ज्ञातव्य है कि पार्टी और खुद पीएम मोदी भी इस अजेंडे को और आगे ले जाना चाहते हैं। साथ ही बैठक में उज्ज्वला जैसी और योजनाओं पर फोकस रहेगा कि इन योजनाओं को किस तरह से लागू किया जाए ताकि लोगों को उसका फायदा मिल सके। माना जा रहा है कि ट्रिपल तलाक के मुद्दे पर भी बैठक में बात हो सकती है। साभार-khaskhabar.com  

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नई दिल्ली । दिल्ली में आज दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) के लिए मतदान किया जा रहा है। एमसीडी चुनाव में बीजेपी, कांग्रेस और आप में कडी टक्कर है। मतदान सुबह आठ बजे से शुरू हो गया है और शाम 5:30 बजे तक चलेगा। इस बार कुल 13141 पोलिंग स्टेशन हैं, जिसमें 799 संवेदनशील और 208 अतिसंवेदनशील मतदान केंद्र हैं। सुबह 8 बजे से 270 सीटों पर वोटिंग शुरू हो गई है। 2 सीटों पर उम्मीदवारों की मृत्यु हो जाने के कारण वोटिंग नहीं हो सकेगी। सराय पीपल थला और मौजपुर वार्ड में प्रत्याशियों के निधन से वोटिंग टल गई है। LIVE UPDATES... - दिल्ली कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अजय माकन ने वोट डालने के बाद कहा- लोग समझदारी वाली सरकार के लिए कांग्रेस को वोट करेंगे। हम बहुत आशावादी हैं, हर जगह से अच्छी रिपोर्ट आ रही हैं। लोगों को समझ आ गया है कि अच्छी सरकार कांग्रेस ही दे सकती है। - वोट डालने के बाद बोले दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल- गंदगी के खिलाफ, डेंगू मुक्त, चिकनगुनिया मुक्त दिल्ली के लिए ज्यादा से ज्यादा वोट करें। - वोट डालने के बाद डॉ. हर्षवर्धन ने कहा- अरविंद केजरीवाल के बारे में कुछ भी कहने की जरूरत नहीं है। वो अपनी विश्वशनीयता खो चुके है। दिल्ली की जनता विवेकपूर्ण है, जो भी निर्णय करेगी सही है। अगर बीजेपी ने कुछ नहीं किया तो परिणामों में पता चल जाएगा। - केंद्रीय मंत्री डॉ. हर्षवर्धन ने कृष्णानगर इलाके में वोट डाला। वोट डालने के बाद डॉ. हर्षवर्धन ने मीडिया को स्याही लगी उंगली दिखायी। - एमसीडी चुनाव में वोटिंग के बीच बोले बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष मनोज तिवारी- आज परीक्षा का दिन है, जनता अपना फैसला सुना रही है। हमें फैसले का इंतजार है। थोड़े से नर्वस हैं लेकिन विश्वास का अंश ज्यादा है। -उपराज्यपाल अनिल बैजल ने ग्रेटर कैलाश में डाला वोट। -मनीष सिसोदिया ने पांडव नगर में डाला वोट। -विजेंद्र गुप्ता ने रोहिणी में डाला वोट।-आप नेता सौरभ भारद्वाज ने कहा कि पॉश इलाकों में कम मतदान होना एमसीडी चुनावों में एक सामान्य बात है. धूप में पॉश कॉलोनी वाले नहीं डालते वोट। -केंद्रीय मंत्री डॉ हर्षवर्धन ने कृष्णा नगर में डाला वोट। -केजरीवाल ने सिविल लाइंस में डाला वोट। -दिल्ली के मंत्री सत्येंद्र जैन ने डाला वोट । स्टेट इलेक्शन कमिश्नर एस के श्रीवास्तव के मुताबिक 68 विधानसभाओं में 68 मॉडल पोलिंग स्टेशन्स बनाए गए हैं। पहली बार वोट डालने वाले मतदाताओं के लिए खास व्यवस्था की गई है। नए युवा वोटरों को उत्साहित करने के लिए गुलाब का फूल और चॉकलेट्स जैसे गिफ्ट दिए जाएंगे। 18 साल के मतदाताओं की संख्या करीब 25 हजार है। आपको बता दें कि इस बार एमसीडी चुनाव में कुल 2537 उम्मीदवार अपनी किस्मत आज़मा रहे हैं, जिनमें से सबसे ज़्यादा 1004 उम्मीदवार नॉर्थ एमसीडी में हैं। इसके बाद साउथ एमसीडी में 985 और ईस्ट एमसीडी में 548 उम्मीदवार मैदान में हैं। तीनों एमसीडी के 272 सीटों के लिए कांग्रेस ने 271 उम्मीदवार उतारे हैं तो बीजेपी के 267 उम्मीदवार मैदान में हैं जबकि आम आदमी पार्टी ने 272 उम्मीदवारों को टिकट दिया है। पार्टियों के लिए इस बार के चुनाव में बागियों से निपटना आसान नहीं है। कांग्रेस से जहां करीब 50 बागी उम्मीदवार मैदान में हैं। वहीं बीजेपी और आम आदमी पार्टी से करीब 100 बागी मैदान में हैं। साभार-khaskhabar.com  

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मुंबई । महाराष्ट्र की चंद्रपुर, लातूर और परभणी महापालिका चुनावों के नतीजे शुक्रवार आ गए। बीजेपी ने लातूर और चंद्रपुर में जीत हासिल की है। वहीं, कांग्रेस को परभणी में जीत हासिल हुई है। चौंकाने वाली बात ये है कि महाराष्ट्र के लातूर में बीजेपी ने महानगरपालिका का चुनाव जीतने के साथ ही एक नया रिकॉर्ड भी बना ड़ाला है।  अभी तक इस सीट से कांग्रेस ही जीतती आ रही है। लेकिन, इस बार कांग्रेस 28 सीटों पर ही सिमटकर रह गई है और आजादी के बाद से लगातार कांग्रेस के जीतने का रिकॉर्ड टूट गया है। लातूर में पिछली बार बीजेपी को एक भी सीट नहीं मिली थी। लेकिन, इस बार बीजेपी 41 सीटें जीती हैं। आपको बात दें कि तीनों महापालिकाओं के लिए 19 अप्रैल को चुनाव हुआ था। काफी समय से सूखे की मार झेल रहे लातूर में इस बार मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणनवीस ने भी जमकर प्रचार-प्रसार किया था। लातूर कांग्रेस का गढ़ हुआ करता था और प्रदेश के पूर्व सीएम व कांग्रेस नेता विलासराव देशमुख का यहां दबदबा हुआ करता था। इस बार यहां पर कांग्रेस देशमुख और चाकूरकर गुटों में विभाजित हो गई थी, जिसका बीजेपी को काफी फायदा हुआ।  विलासराव देशमुख के देहांत के बाद उनकी विरासत को संभालने के लिए कांग्रेस में आपसी खींचातनी चल रही थी। विलासराव के बड़े बेटे अमित देशमुख और धीरज देशमुख के बीच नेतृत्व को लेकर काफी मतभेद चलता रहा, जिसके कारण पार्टी अपना पिछला प्रदर्शन नहीं दोहरा पाई।  साभार-khaskhabar.com

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फैजाबाद । भारतीय जनता पार्टी के पूर्व सांसद रामविलास वेदांती ने बाबरी विध्वंस मामले में शुक्रवार को कहा, ‘‘मैंने ही बाबरी मस्जिद को तोड़वाया था।’’ प्रतापगढ़ से 12वीं लोकसभा के सदस्य रहे वेदांती ने कहा कि कारसेवकों ने उनके आदेश पर विवादित ढांचे को तोड़ दिया था। उन्होंने कहा, ‘‘मुझे अपने इस निर्णय के लिए कोई पछतावा नहीं है। विवादित ढांचा गिरवाने के लिए अगर मुझे फांसी भी हो जाए तो कोई गम नहीं है।’’ अयोध्या में बाबरी विध्वंस का मामला सर्वोच्च न्यायालय में चल रहा है। दो दिन पहले ही बुजुर्ग भाजपा नेता लालकृष्ण आडवाणी समेत 13 लोगों के खिलाफ मुकदमा चलाने का निर्देश दिया गया है। राम मंदिर जैसे संवेदनशील मामले में भाजपा के पूर्व सांसद का आया यह बयान काफी मायने रखता है। हालांकि, इस मामले में भाजपा की ओर से अभी कोई बयान नहीं आया है। 6 दिसंबर, 1992 को हजारों की संख्या में कारसेवक अयोध्या पहुंच गए थे। उन्होंने सदियों पुरानी बाबरी मस्जिद पर चढक़र उसे तोड़ दिया था और उस जगह तिरपाल टांगकर रामलला की मूर्ति रख दी थी। इस घटना के बाद देश में कई जगह सांप्रदायिक दंगे हुए थे। सर्वोच्च न्यायालय ने 16 साल बाद राम जन्मभूमि बनाम बाबरी मस्जिद विवाद का हल दोनों पक्षों से आपसी बातचीत के आधार पर निकालने को कहा है। साभार-khaskhabar.com

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पेरिस । फ्रांस की राजधानी पेरिस में बीती रात एक बंदूकधारी ने पुलिस पर गोलीबारी कर दी। इस हमले में एक पुलिस अधिकारी की जान चली गई और दो जवान घायल हो गए। आतंकी संगठन आईएसआईएस ने इस हमले की जिम्मेदारी ली है। पुलिस पर हमले के बाद जब हमलावर ने भागने की कोशिश की तो उस पर अटैक किया गया। जवाबी हमले में हमलावर को मार दिया गया। ये हमला पेरिस के चैम्स-एलीसीस शॉपिंग डिस्ट्रिक में हुआ। रात करीब नौ बजे हमलावर ने पुलिस कार पर फायरिंग शुरू कर दी। बताया जा रहा है कि हमलावर के पास ऑटोमेटिक गन थी, जिससे पुलिस पर फायरिंग की गई। आतंकी की फायरिंग में एक पुलिस अधिकारी की मौत हो गई। जबकि दो जवान घायल हो गए। हमले के बाद पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई। तमाम सुरक्षाबलों को मौके पर बुला लिया गया। पेरिस पुलिस की प्रवक्ता जोहाना प्राइमवर्ट ने बताया कि हमलावर ने फ्रैंकलिन रूसवेल्ट सब-वे स्टेशन के करीब पुलिस को निशाना बनाया। वहीं मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक हमले में दो लोगों के शामिल होने की आशंका है। जिनमें से एक को मार गिराया है। फ्रांस के राष्ट्रपति फ्रांस्वां ओलां ने देशवासियों को सुरक्षा का भरोसा दिलाया। फ्रांस में राष्ट्रपति चुनाव की तैयारियां चल रही हैं। रविवार को वहां पहले चरण के लिए वोटिंग होनी है। ऐसे में इस हमले ने फ्रांस की चिंता बढ़ा दी है। चुनाव को देखते हुए पूरे देश में सुरक्षा बढ़ा दी गई है। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हमले के तुंरत बाद टिप्पणी दी। ट्रंप ने कहा कि यह गोलीबारी एक और आतंकी हमला लग रही है। साभार-khaskhabar.com  

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नई दिल्ली । एमसीडी चुनाव में प्रचार का आज अंतिम दिन है। शाम पांच बजे लाउडस्पीकर थम जाएगा। बीती रात भोजपुरी फिल्मों के सुपर स्टार रविकिशन और केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी ने पूर्वी दिल्ली में बीजेपी के लिए प्रचार किया। रविकिशन कांग्रेस छोडक़र बीजेपी में आए हैं। पूर्वांचल के मतदाताओं को रिझाने के लिए रविकिशन ने अपना वही अंदाज दिखाया जिसके लिए वो जाने जाते है। भोजपुरी फिल्मों के सुपरस्टार रविकिशन की चुनावी मंच पर फिल्मी अंदाज में ठुमके लगाने की ख्वाहिश अधूरी रह गई, लेकिन इसकी कसर उन्होंने अपने चुनावी गानों के साथ पूरी की। रविकिशन के साथ मंच पर केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी ने भी माइक संभाला और आम आदमी पार्टी के चुनाव चिंह्न झाडू और कांग्रेस के चुनाव चिंह्न हाथ का जिक्र करते हुए एक अलग अंदाज में दोनों पर निशाना साधा। कांग्रेस नेता नवजोत सिंह सिद्धू ने कल दिल्ली के लाजपतनगर में रोड शो करके कांग्रेस उम्मीदवार अभिषेक दत्त को जीताने की अपील की। गुरु के रोड शो में भीड़ काफी दिखी और गुरु ने भी भीड़ को कांग्रेस की तरफ मोडऩे की हर मुमकिन कोशिश की। बता दें कि दिल्ली नगर निगम चुनाव के लिए 23 अप्रैल को वोट डाले जाएंगे. जबकि नतीजे 26 अप्रैल को आएंगे। दिल्ली एमसीडी पर पिछले दस सालों से बीजेपी का कब्जा रहा है। इस बार आम आदमी पार्टी के आने से चुनाव त्रिकोणिय हो गया है। साभार-khaskhabar.com  

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मुंबई । सोनू निगम के खिलाफ फतवा जारी करने वाले सैयद साह अतेफ अली अल कादरी को बॉलीवुड सिंगर ने करारा जवाब दिया है। सोनू निगम ने अपना सिर खुद ही मुंडवा लिया है और अब वे कादरी साहब से 10 लाख रूपए मांग रहे हैं। सोनू के 10 लाख रूपए मांगने के बाद फतवा जारी करने वाले मौलवी अपने बयान से पलट गए हैं। अब वे कह रहे हैं कि सिर मुंडवाने की बात उन्होंने नहीं कही थी। उनका कहना है कि उन्होंने कहा था कि जो भी सोनू निगम को फटे जूतों की माला पहनाएगा और पूरे देश में घुमाएगा, उसे दस लाख रूपयों का ईनाम दिया जाएगा।  सोनू निगम ने अपने बाल कटवा लिए हैं। सोनू निगम ने कहा कि मेरा उद्देश्य किसी को चोट पहुंचाना या किसी की भी धार्मिक भावनाओं को आहत करना नहीं था। उन्होंने दुख जताया है कि लोगों ने उनका मुद्दा समझने के बजाए उनकी बात को पकडा और उसके खिलाफ विवाद खडा कर दिया।  सोनू ने अपने दावे को पूरा करते हुए अपना सिर मुंडवा का फैसला लिया है और इस काम के लिए उन्होंने अपने मुस्लिम दोस्त आलिम को चुना। आलिम हकीम सेलेब्रिटी हेयरस्टाइलिस्ट हैं। सोनू निगम ने कहा, मैं सोच भी नहीं सकता था कि इतनी छोटी सी बात इतनी ब़डी बन जाएगी। बता दें कि सोनू निगम ने सोमवार (17 अप्रैल) की सुबह मस्जिदों में होने वाली अज़ान पर बयान दिया था, जिस पर काफी बहस छिड गई थी। वेस्ट बंगाल माइनॉरिटी यूनाइटेड काउंसिल के उपाध्यक्ष सैयद साह अतेफ अली अल कादरी ने सोनू निगम का सिर मुंडवाने और जूते की माला पहनाने की बात कही गई थी। कादरी ने कहा है कि यदि कोई व्यक्ति सोनू निगम का सिर मुंडवाएगा, फटे जूतों की माला पहनाएगा और पूरे देश में घुमाएगा तो वे उसे अपने पास से 10 लाख रूपए का इनाम देंगे।  सोनू निगम ने भी इसका करारा जवाब दिया है। सोनू ने अपना सिर मुंडवा लिया है और मौलवी से अब 10 लाख रूपए मांग रहे हैं। डीएनए की खबर के मुताबिक कादरी ने प्रेस कांफ्रेंस कर कहा कि किसी को दूसरे धर्म के लोगों की भावनाओं को आहत करने का अधिकार नहीं है। उन्होंने कहा कि यदि मंदिर के बारे में भी कोई इस तरह की बात करता तो ऎसे ही वे प्रतिक्रिया देते। कादरी ने तो यहां तक कह दिया कि सोनू निगम जैसे लोगों को देश के बाहर कर देना चाहिए। इसके साथ ही संस्था के महासचिव साबिर अली ने कहा कि गायक सोनू निगम ने पब्लिसिटी के लिए इस तरह की बात ट्वीट पर लिखी है।  सोनू निगम ने दिया फतवे का यह जवाब:  अपने नाम का फतवा जारी होने के बाद बुधवार सुबह सोनू निगम ने ट्वीट किया था। उन्होंने कहा कि मुस्लिम सुबह नमाज के लिए उठते हैं तो हिंदू सूर्य नमस्कार के लिए सुबह उठते हैं। ऎसे में सुबह उठना तो ठीक है। उन्होंने यहां तक कह दिया कि सोनू निगम पीछे हो रहे हैं और अर्जित सिंह को ज्यादा काम मिल रहा है। इस मुद्दे पर सोनू निगम ने भी ट्वीट कर इस बारे में पूछा है कि क्या यह धार्मिक गुंडागर्दी नहीं है। क्या है विवाद: गौरतलब है कि बॉलीवुड सिंगर सोनू निगम ने दो दिन पहले ट्विटर लिखा था कि अजान की आवाज की वजह से उन्हें रोज सुबह जल्दी उठना पडता है। सोनू निगम के इस ट्विट के बाद काफी विवाद खडा हो गया और लोगों ने इसे एक धर्म विशेष के प्रति दुष्प्रचार बताकर उनके इस बयान की आलोचना की है।  मुस्लिम महिला के सोनू निगम से सवाल...  सोनू के इस ट्वीट के बाद राजनीति से लेकर मनोजरंजन जगत सभी जगह इस पर बहस छि़ड गई है. इसी क़डी में यास्मीन अरोडा मुंशी नाम की एक मुस्लिम महिला ने फेसबुक लाइव वीडियो के जरिए गायक सोनू निगम से कुछ तीखे सवाल किए हैं, जिसे तकरीबन 30 लाख से भी ज्यादा बार देखा जा चुका है और इस पोस्ट को लाखों लोगों ने शेयर भी किया है। यास्मीन वीडियो में सोनू निगम से कह रही हैं कि मुस्लिम होने के नाते मैं कहना चाहूंगी कि अजान से किसी को तकलीफ नहीं होनी चाहिए। आप 50 साल के हो चुके हैं और आज 50 साल बाद आपको कैसे याद आया कि इससे तकलीफ हो रही है। क्या आज बीजेपी के शासन में होने की वजह से आप ऎसा कह रहे हैं कि अजान से लोगों को दिक्कत होती है।  यास्मीन वीडियो में कह रही हैं कि सोनू निगम जी गौरक्षा के नाम पर जो हत्याएं हो रही हैं उस पर आपने ट्वीट क्यों नहीं किया। अलवर में जब पहलू खान को मार दिया गया तो आपने उस वक्त ट्वीट क्यों नहीं किया। गौरक्षा के नाम पर जो हो रहा है उसे गुंडागर्दी कहते हैं, उस पर आपने ट्वीट क्यों नहीं किया सोनू निगम। यास्मीन ने यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ को लेकर भी सोनू निगम से सवाल पूछे हैं। यास्मीन ने सोनू निगम से सवाल पूछा कि जब दलितों पर अत्याचार होता है तो आप ट्वीट क्यों नहीं करते हैं। उन्होंने अपने इस वीडियो में अभिजीत भट्टाचार्य पर भी सवाल खडा किया है। साभार-khaskhabar.com  

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नई दिल्ली । देश में वीआईपी कल्चर खत्म करने के लिए बुधवार को मोदी कैबिनेट ने सभी मंत्रियों, अफसरों की सरकारी गाडिय़ों से लाल बत्ती हटाने का फैसला लिया। सोशल मीडिया यूजर्स इसे ऐतिहासिक कदम बताकर तारीफ कर रहे हैं। नरेंद्र मोदी ने कुछ चुनिंदा कमेंट ट्विटर पर शेयर करते हुए कहा- अब हर भारतीय स्पेशल और वीआईपी है। ये फैसला बहुत पहले ले लिया जाना चाहिए था। बता दें कि, 1 मई से फैसले को अमल में लाने की बात कही गई है। लाल बत्ती पर ट्वीट करते हुए पीएम मोदी ने लिखा हर भारतीय स्पेशल है। हर भारतीय वीआईपी है। बीजेपी सूत्रों का कहना है कि खुद को गरीबों की समर्पित सरकार बताने वाले मोदी ने यह एक और बड़ा कदम उठाया है, जिसका आम लोगों पर सकारात्मक असर पड़ेगा। हालांकि यह फैसला सत्ता में आने के तीन साल बाद लिया गया है लेकिन बीजेपी नेताओं का मानना है कि यूपी चुनाव के बाद आम लोगों पर छाने का उनका यह एक और मास्टर स्ट्रोक है। इससे मोदी यह साबित करने का प्रयास करेंगे कि उन्होंने वीआईपी कल्चर समाप्त करके समाज में ऊंच नीच और आम आदमी व वीआईपी के बीच का अंतर भी खत्म कर दिया है। इस फैसले का असर शहरों में ही नहीं, दूर दराज के गांवों में भी दिखेगा। केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक के बाद जेटली ने संवाददाताओं से कहा, एक मई से देश में किसी को भी आधिकारिक वाहनों पर लाल बत्ती लगाने की अनुमति नहीं होगी। इस मामले में कोई भी अपवाद नहीं होगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल की एक बैठक में यह निर्णय लिया गया। कांग्रेस ने फैसले को हास्यास्पद तथा प्रतीकात्मक राजनीति करार दिया। जेटली ने कहा, यह निश्चित तौर पर प्रधानमंत्री का फैसला है। उन्होंने इस बारे में मंत्रिमंडल को सूचना भर दी। मंत्री ने कहा कि हालांकि आपातकालीन और राहत और बचाव कार्यो में शामिल वाहनों, एंबुलेंसों और दकमल गाडिय़ों को नीली बत्ती लागने की इजाजत दी जाएगी। जेटली ने कहा कि सरकार इस मामले में केंद्रीय मोटर वाहन अधिनियम, 1989 में जरूरी बदलाव करेगी। उन्होंने कहा, नियम 108 वाहनों पर लाल, सफेद और नीली बत्तियों के प्रयोग को लेकर है। नियम 108-1 (तृतीय) के अनुसार केंद्र और राज्य उन गणमान्य व्यक्तियों के लिए फैसला ले सकते हैं, जो अपने सरकारी वाहनों पर बत्ती का प्रयोग कर सकते हैं। यह एक केंद्रीय नियम है और इसे किसी भी नियम की किताब से हटाया जा रहा है। इसका अर्थ है कि अब केंद्र या राज्य में कहीं भी कोई गणमान्य व्यक्ति अपने वाहनों पर बत्ती का प्रयोग नहीं कर पाएगा। यह पूछे जाने पर कि अपनी कार पर लाल बत्ती लगाने को लेकर राष्ट्रपति या प्रधानमंत्री अपवाद होंगे, जेटली ने कहा कि कोई अपवाद नहीं होगा, जब नियम खुद नियम की किताब में ही नहीं होगा। जेटली ने साथ ही कहा कि नियम 108 (2) के तहत केंद्र और राज्य सरकारों को फ्लैशर के साथ नीली बत्ती के इस्तेमाल की इजाजत देने वाले कानून में भी बदलाव किया जा रहा है। जेटली ने कहा, केवल परिभाषित आपातकालीन सेवाओं को ही फ्लैशर के साथ नीली बत्ती लगाने की इजाजत होगी। वित्त मंत्री ने कहा कि फैसले का उद्देश्य देश में लोकतांत्रिक मूल्यों को मजबूत करना है। उन्होंने कहा कि फैसले के नतीजास्वरूप होने वाले बदलावों को लेकर भी नियमों में बदलाव किए जाएंगे। बीते कई दशकों से लाल बत्ती राजनीतिक तुष्टीकरण का औजार रही है। राज्य सरकारें सत्ताधारी पार्टी के कार्यकर्ताओं को लाल बत्ती बांटती रही हैं, जबकि वे किसी संवैधानिक पद पर नहीं होते। सडक़ परिवहन व राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने कहा कि मंत्रिमंडल की बैठक के तुरंत बाद ही उनकी गाड़ी से लाल बत्ती हटा दी गई। कांग्रेस ने इस फैसले को प्रतीकात्मक राजनीति तथा हास्यास्पद करार दिया। कांग्रेस प्रवक्ता तथा पूर्व केंद्रीय मंत्री मनीष तिवारी ने कहा, इसमें कुछ भी नया नहीं है। सर्वोच्च न्यायालय 10 दिसंबर, 2013 के अपने आदेश में पहले ही कह चुका है कि किन वाहनों पर बत्तियां लगेंगी। उन्होंने कहा, अब उस फैसले के तीन साल बाद अगर भाजपा इसपर राजनीति करने और उच्च नैतिक आधार प्राप्त करने का प्रयास कर रही है, तो यह हास्यास्पद है। तिवारी ने कहा कि सर्वोच्च न्यायाल के फैसले को कुछ हिस्से को पहले ही अमल में लाया जा चुका है।  साभार-khaskhabar.com  

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नई दिल्ली । सर्वोच्च न्यायालय बुधवार को 1992 के बाबरी मस्जिद विध्वंस मामले में लालकृष्ण आडवाणी और मुरली मनोहर जोशी सहित आठ वरिष्ठ भाजपा और विहिप नेताओं के खिलाफ सीबीआई की आपराधिक साजिश के आरोपों की बहाली की याचिका पर फैसला सुना सकता है। केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) और अन्य याचिकाकर्ताओं की वरिष्ठ भाजपा नेताओं व विश्व हिंदू परिषद नेताओं के खिलाफ साजिश के आरोपों की बहाली की मांग वाली याचिका पर न्यायमूर्ति पिनाकी चंद्र घोष और न्यायमूर्ति रोहिटन फली नरीमन की पीठ ने छह अप्रैल को आदेश सुरक्षित रख लिया था। इस पर न्यायमूर्ति नरीमन द्वारा फैसला सुनाए जाने की संभावना है। इलाहाबाद उच्च न्यायालय द्वारा मई 2010 में नेताओं के खिलाफ साजिश के आरोपों को खारिज करने के बाद सीबीआई ने शीर्ष अदालत का दरवाजा खटखटाया। आडवाणी व जोशी के साथ उमा भारती व विनय कटियार (भाजपा), साध्वी ऋतंभरा, आचार्य गिरिराज किशोर, अशोक सिंघल और विष्णु हरि डालमिया (विहिप) ने 6 दिसंबर, 1992 को मस्जिद गिराए जाने से पहले रामकथा कुंज के मंच से भाषण दिया था। यह स्थल विवादित मस्जिद से 200 मीटर की दूरी पर था। किशोर और सिंघल का निधन हो चुका है। शीर्ष अदालत ने छह अप्रैल को आदेश सुरक्षित रखने से पहले संकेत दिया कि जहां तक साजिश के आरोपों का सवाल है तो संविधान के अनुच्छेद 142 से असाधारण शक्तियां लिया जा सकता है और इस मुकदमे को रायबरेली से लखनऊ स्थानांतरित किया जा सकता है, ताकि आडवाणी और जोशी सहित आठ नेताओं के साथ ही 13 अन्य लोगों पर साजिश के आरोपों में मुकदमा चलाया जा सके। आडवाणी और जोशी ने शीर्ष अदालत के मुकदमा लखनऊ स्थानांतरित करने और अनुच्छेद 142 से साजिश के आरोपों की बहाली के लिए सहारा लेने का विरोध किया था। साभार-khaskhabar.com  

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