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कैराना। उत्तर प्रदेश के कैराना लोकसभा उपचुनाव में नया सियासी ट्विस्ट देखने को मिल रहा है। निर्दलीय प्रत्याशी कंवर हसन ने राष्ट्रीय लोकदल (आरएलडी) को समर्थन दे दिया है। आरएलडी प्रत्याशी तबस्सुम के विपक्ष में उनके देवर कंवर हसन निर्दलीय चुनाव लड़ रहे थे। कांग्रेस नेता इमराज मसूद कई दिनों से कंवर हसन को समर्थन के लिए मनाने में लगे थे।    इससे यह लगभग यह हो गया है कि अब कैराना में महागठबंधन बनाम बीजेपी की सियासी लड़ाई होगी। कैराना में एक तरफ जहां बीजेपी चुनाव लड़ रही है वहीं दूसरी तरफ कांग्रेस, बीएसपी, एसपी और आरएलडी ने प्रत्याशी तबस्सुम हसन का समर्थन किया था। बता दें कि एसपी ने कैराना में राष्ट्रीय लोकदल (आरजेडी) से गठबंधन किया है।    यहां के तबस्सुम समाजवादी पार्टी की प्रत्याशी हैं लेकिन वह आरएलडी के चुनाव चिह्न से चुनाव लड़ रही हैं। बीजेपी ने कैरना में दिवंगत सांसद हुकुम सिंह की बेटी मृगांका सिंह को मैदान में उतारा है। कैराना लोकसभा सीट और नूरपुर विधानसभा सीट पर 28 मई को वोटिंग होगी और मतगणना के लिए 31 मई की तारीख   साभार-khaskhabar.com   

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नई दिल्ली। देश में पेट्रोल-डीजल को लेकर हाहाकार है। आने वाले दिनों पेट्रोल 100 रुपए प्रति लीटर तक बढ़ सकते है। कर्नाटक चुनाव खत्म होने के बाद पेट्रोल-डीजल के दामों में लगातार बढ़ोतरी हो रही है। आज फिर पेट्रोल और डीजल 30 पैसे बढ़ गया है। मुंबई में पेट्रोल 84.99 हो चुका है। दिल्ली में पेट्रोल अपने सबसे ऊपरी स्तर 77 रुपये 17 पैसे पर पहुंच गया है। पटना भोपाल में कीमतें 82 रुपए पार हैं। आज मोदी कैबिनेट की बैठक हो रही है इसमें पेट्रोल डीजल के दाम पर चर्चा हो सकती है। दिल्ली में कल ही पेट्रोल की कीमत में प्रति लीटर 30 पैसे की बढ़ोतरी हुई थी और आज 30 पैसे की बढ़ोतरी फिर हुई है। यानी दो दिनों के अंदर पेट्रोल 60 पैसे महंगा हो गया।   कहां कितने रुपए में बिक रहा है पेट्रोल... आज दिल्ली में पेट्रोल की कीमत 77 रुपया 17 पैसे है। वहीं कोलकाता में 79 रुपया 83 पैसे, मुंबई में 84 रुपया 99 पैसे और चेन्नई में 80 रुपया 11 पैसा प्रति लीटर है।   डीजल की कीमत... दिल्ली में डीजल की कीमत 68 रुपया 34 पैसे, कोलकाता में 70 रुपया 89 पैसा, मुंबई में 72 रुपया 76 पैसा और चेन्नई में 72 रुपया 14 पैसे प्रति लीटर हो गया है। पेट्रोल डीजल की कीमतों में इजाफे से इसका सीधा असर आपकी-हमारी जेबों पर पड़ता है। सब्जी, ट्रांसपोर्ट और अन्य दैनिक उपयोग की वस्तुओं के दामों में इजाफा होने का खतरा बना रहता है।   महंगाई को लेकर जगह-जगह विरोध प्रदर्शन... पेट्रोल डीजल की कीमतों को लेकर लोग जगह जगह प्रदर्शन करके विरोध जता रहे हैं। दिल्ली में कांग्रेस नेताओं ने साइकिल चलाकर विरोध किया तो जयपुर और इलाहाबाद में लोग सडक़ों पर उतर गए। लोगों का कहना है कि पेट्रोल और डीजल के लगातार दाम बढ़ रहे हैं। मोदी सरकार देश को बर्बादी की कगार पर ले आई है। आम लोगों का जीना मुश्किल हो गया है।   दामों में बढ़ोतरी के मामले में सरकार गंभीर... वहीं, बीजेपी अध्सक्ष अमित शाह ने कहा कि सरकार पेट्रोल डीजल के दामों में बढ़ोतरी के मामले को गंभीरता से ले रही है। उन्होंने कहा कि पेट्रोलियम मंत्री धर्मेंद्र प्रधान आज तेल कंपनियों के अधिकारियों के साथ बैठक करने वाले हैं। हम ऐसे फॉम्र्युले पर काम कर रहे हैं, जिससे पेट्रोल-डीजल के दाम कम किए जा सकें। पेट्रोलियम मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का भी कहना है कि कीमतों को लेकर सरकार गंभीर है।   पेट्रोल और डीलज के दामों को जीएसटी दायरे में लाएं सरकार... भारतीय जनता पार्टी की अगुवाई वाली केंद्र सरकार पर जोरदार हमला बोलते हुए कांग्रेस ने मंगलवार को पेट्रोल और डीजल की कीमतों में निरंतर वृद्धि पर सवाल उठाया और मांग की कि इसे वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) के दायरे में लाया जाना चाहिए। पार्टी ने केंद्र सरकार से पेट्रोलियम उत्पादों पर केंद्रीय उत्पाद शुल्क को तुरंत कम करने के लिए कहा और मांग की कि भाजपा शासित राज्य सरकारों को आम जनता को राहत प्रदान करने के लिए मूल्यवर्धित कर (वैट) और अन्य करों में कमी करनी चाहिए।    कांग्रेस प्रवक्ता पवन खेड़ा ने संवाददाताओं से कहा कि 2014 के मई में भाजपा के सत्ता में आने के बाद से पेट्रोल पर उत्पाद शुल्क में 432 फीसदी और डीजल पर 433 फीसदी की वृद्धि की गई है, जबकि केंद्रीय उत्पाद शुल्क में 12 गुना बढ़ोतरी कर दी गई है। उन्होंने कहा, ‘26 मई, 2014 को अंतर्राष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में 30 फीसदी से अधिक की कमी हुई है। (नरेंद्र) मोदी सरकार ने 2017 के दिसंबर तक पेट्रोल और डीजल पर केंद्रीय कर लगाकर 9.95 लाख करोड़ रुपये कमाए। यह अब 10 लाख करोड़ रुपये से अधिक है। सारा पैसा कहां चला गया!’ साभार-khaskhabar.com         

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श्रीनगर। जम्मू-कश्मीर में नियंत्रण रेखा (एलओसी) और अंतरराष्ट्रीय सीमा (आईबी) के करीब पाकिस्तानी सेना की लगातार गोलीबारी पर गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने पाक को कड़ी चेतावनी दी है। राजनाथ सिंह ने कहा कि बीएसएफ जवानों को पाक गोलीबारी का उचित जवाब दे। आपको बता दें कि पिछले कुछ दिन से सीमा पर पाकिस्तानी सेना लगातार सीजफायर उल्लंघन कर रही है। मंगलवार को इस गोलीबारी में एक 8 माह के बच्चे की मौत हो गई थी। वहीं, सोमवार को घायल एक महिला ने भी आज दम तोड़ दिया है। पाकिस्तान की इस नापाक हरकत के बाद भारत ने यह कड़ी प्रतिक्रिया दी है।   गृह मंत्री ने बीएसएफ के एक कार्यक्रम में कहा, हमारा पड़ोसी शांति नहीं चाहता है। हम पहली गोली नहीं चलाएंगे लेकिन, गोली चलने पर उचित जवाब दिया जाएगा। उन्होंने कहा, गोली चलने पर हमारे जवानों को पता है कि उन्हें क्या करना है। जवाबी कार्रवाई पर जवानों से कोई कुछ नहीं पूछेगा।   राजनाथ सिंह ने कहा कि पाकिस्तान अपने हथकंडों से बाज नहीं आता है। पहली गोली पड़ोसी पर नहीं चलनी चाहिए, लेकिन अगर उधर से गोली चल जाती है तो क्या करना उसका फैसला आपको (बीएसएफ) को करना है। गृह मंत्री ने कहा कि जो कोई भी भारत की तरफ नापाक निगाह से देखेगा उसे करारा जवाब मिलेगा। उन्होंने कहा, जो भी भारत की तरफ आंख उठाकर देखे उसके खिलाफ उचित कार्रवाई हो। सीमा पर जब गोली चलती है तो जवानों को पता है कि उन्हें क्या करना है।     गौरतलब है कि को बीएसएफ ने पाकिस्तानी बंकरों को नष्ट करने का विडियो जारी किया था। बीएसएफ की जवाबी कार्रवाई से घबराई पाकिस्तानी सेना ने तुरंत गोलीबारी रोकने का आग्रह किया था। पर पिछले कुछ दिनों से सीमा पर पाकिस्तान लगातार सीजफायर उल्लंघन कर रहा है।   साभार-khaskhabar.com       

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चेन्नई। तूतीकोरिन में एक बार फिर से हिंसा भडक़ गई है। वहीं हिंसा पर काबू करने के लिए पुलिस की तरफ से की गई फायरिंग में एक व्यक्ति के मारे जाने और तीन अन्य के घायल होने की खबर है। प्राप्त जानकारी के मुताबिक, वहां प्रदर्शनकारियों ने पुलिस की दो बसों को आग के हवाले कर दिया, जिसके बाद पुलिस को फायरिंग को फायरिंग करनी पड़ी। ये लोग वेदांता की स्टरलाइट कॉपर प्लांट के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे लोगों पर पुलिस की फायरिंग से नाराज बताए जा रहे हैं, जिसमें 11 लोगों की मौत हो गई है।    उधर रजनीकांत ने एक वीडियो मैसेज ट्वीट कर पीडि़त परिवारों के प्रति संवेदना जताई है। इस बीच सरकार ने इस मामले की जांच के लिए रिटायर्ड जज अरुण जगदीशन को नियुक्त किया है। उधर गृह मंत्रालय और राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने इस मामले में रिपोर्ट तलब किया है। वहीं मद्रास हाईकोर्ट की मदुरै बेंच ने स्टरलाइट प्लांट के नए कॉपर स्मेल्टर (तांबा गलाने वाली यूनिट) के निर्माण पर रोक लगा दी है।    बता दे कि, मंगलवार को कॉपर प्लांट के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे लोगों पर पुलिस की गोलीबारी में कम से कम 11 लोगों की मौत हो गई जबकि कई गंभीर रूप से जख्मी हो गए। प्रदर्शनकारी प्लांट से निकलने वाले प्रदूषण से स्वास्थ्य और पर्यावरण पर होने वाले प्रतिकूल प्रभाव का हवाला देकर लंबे समय से कारखाने को बंद करने की मांग कर रहे थे। वेदांता लिमिटेड की कंपनी ने हाल ही में प्लांट के विस्तार की घोषणा की थी जिसके बाद से लोगों का प्रदर्शन तेज हो गया था। वहीं, कंपनी का कहना है कि उसने किसी नियम का उल्लंघन नहीं किया है। इस घटना के बाद राजनीति भी तेज हो गई है। डीएमके नेता ने इसे ‘निर्दोष लोगों की सामूहिक हत्या’ बताया है। जबकि मक्कल निधि मय्यम के प्रमुख कमल हासन ने अस्पताल पहुंचकर घायलों का हाल-चाल जाना। कमल हासन ने प्लांट को बंद करने की मांग की है।   अन्ना नगर में फिर भडक़ी हिंसा, 1 की मौत, 3 घायल...  तूतीकोरिन में प्रदर्शनकारियों ने अस्पताल के बाहर एक बस में आग लगा दी। अस्पताल के बाहर बड़ी संख्या में पुलिस बल को तैनात किया गया है। राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने मंगलवार की गोलीबारी को लेकर तमिलनाडु के मुख्य सचिव एवं पुलिस महानिदेशक को नोटिस जारी किया है।   माकपा नेताओं का प्रदर्शन... माकपा ने तूतीकोरिन में 11 लोगों के मारे जाने के खिलाफ बाद कोयम्बटूर में विरोध-प्रदर्शन किया है। माकपा के नेताओं और कार्यकर्ताओं ने बैनर-पोस्टर लेकर विरोध-प्रदर्शन किया।   कमल हासन भी कूदे... मक्कल निधि मय्यम के प्रमुख कमल हासन ने अस्पताल जाकर घायलों का जायजा लिया और उनका हालचाल पूछा। अभिनेता से नेता बने कमल हासन ने कहा कि गोलीबारी का आदेश किसने दिया इसे जानना जरूरी है। केवल मुआवजे की घोषणा से बात नहीं बनेगी। डीएमके 25 मई को सभी दलों के बंद का आह्वान किया है। मंगलवार को हुई पुलिस की गोलीबारी में 11 लोगों की जान चली गई।   इस बीच, मद्रास हाई कोर्ट के मदुराई बेंच ने कॉपर प्लांट के विस्तारीकरण पर रोक लगा दी है। पट्टालि मक्कल काची के नेता अंबुमणि रामदास ने कहा कि तूतीकोरिन में जो कुछ हुआ वह पुलिस की ओर से की गई निर्मम हत्या है।    ऐसे पुलिसवालों के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज होना चाहिए। साथ ही एसपी, कलेक्टर, डीजीपी और मुख्य सचिव को निलंबित किया जाना चाहिए। इस घटना की नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए मुख्यमंत्री पलनीस्वामी को अपने पद से इस्तीफा देना चाहिए।  साभार-khaskhabar.com     

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बेंगलूरु। कर्नाटक में जेडीएस और कांग्रेस गठबंधन की सरकार बनने जा रही है और कैबिनेट का खाका तो लगभग तैयार है, लेकिन कांग्रेस की दो डेप्युटी सीएम की मांग पर पेच फंसा हुआ है। 23 मई को जेडीएस नेता एचडी कुमारस्वामी सीएम पद की शपथ लेंगे।      बता दें कि सोमवार को ही कुमारस्वामी ने नई दिल्ली में राहुल गांधी और सोनिया गांधी से मुलाकात की थी। इसके बाद ही यह कयास लगने शुरू हो गए कि कैबिनेट का खाका तैयार कर लिया गया है।     सूत्रों के मुताबिक, कांग्रेस चाहती है कि डेप्युटी सीएम की दो पोस्ट हों, लेकिन जेडीएस इससे सहमत नहीं दिखती। चूंकि कांग्रेस के विधायकों की संख्या ज्यादा है, इसलिए उसे ज्यादा पद मिल सकते हैं। अगर सीएम और डेप्युटी सीएम का एक पद जेडीएस को मिलता है, तो कांग्रेस स्पीकर का पद मांग सकती है।      कांग्रेस के डेप्युटी सीएम के रूप में दलित चेहरे जी परमेश्वर को लाने की बात है। कुमारस्वामी ने भरोसा जताया कि सभी चीजें आपसी सहमति से तय हो जाएंगी।   साभार-khaskhabar.com     

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लखनऊ। जेडीएस नेता एचडी कुमारस्वामी बुधवार को कर्नाटक के मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे। कुमारस्वामी का शपथ ग्रहण समारोह 2019 लोकसभा चुनाव के लिए विपक्ष की मोर्चेबंदी की तरह देखा जा रहा है। विपक्ष के कई बड़े नेता इसमें शामिल हो सकते हैं, इस दौरान कुछ ऐसा नजारा भी देखने को मिल सकता है जो कि ऐतिहासिक होगा। उत्तर प्रदेश की राजनीति के दो दिग्गज अखिलेश यादव और मायावती पहली बार एक मंच पर दिख सकते हैं।      उत्तर प्रदेश के पूर्व सीएम अखिलेश और मायावती ने अभी तक कुमारस्वामी के शपथ ग्रहण में शामिल होने की पुष्टि की है। यानी साफ है कि दोनों नेता मंच साझा करेंगे, यह पहली बार होगा जब अखिलेश-मायावती किसी सार्वजनिक कार्यक्रम में साथ होंगे। आपको बता दें कि गोरखपुर उपचुनाव के दौरान दोनों पार्टियों ने गठबंधन कर सभी को चौंका दिया था और अब यहां दोनों का एक साथ आना 2019 लोकसभा चुनाव के लिए दोस्ती की बातों को बल देता है।      अखिलेश ने की मायावती की तारीफ गोरखपुर-फूलपुर उपचुनाव में बीजेपी को पटखनी देने के बाद अखिलेश यादव ने खुले तौर पर मायावती की तारीफ की थी। नतीजों के बाद अखिलेश खुद उनसे मिलने भी गए थे, वहीं मायावती ने भी कहा था कि सपा-बसपा की ये दोस्ती 2019 के चुनाव में भी देखने को मिल सकती है।      दोस्ती को लेकर फिलहाल असमंजस  हालांकि, बीजेपी नेता राकेश त्रिपाठी का कहना है कि दोनों पार्टियां कर्नाटक में साथ नहीं थीं, इसके अलावा कैराना-नूरपुर उपचुनाव में भी दोनों पार्टी एक साथ नहीं हैं। ऐसे में अभी इनकी दोस्ती को लेकर ही काफी असमंजस है। उन्होंने कहा कि दोनों पार्टियों के साथ आने से बीजेपी का अभियान नहीं थमेगा, 2019 में बीजेपी यूपी में पहले से भी अच्छा प्रर्दशन करेगी।  साभार-khaskhabar.com       

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बेंगलुरु। कर्नाटक के मुख्यमंत्री बीएस येदियुरप्पा ने विश्वास मत का सामना किये बगैर ही शनिवार को इस्तीफा देने की घोषणा कर दी और इस तरह कर्नाटक में तीन दिन पुरानी येदियुरप्पा सरकार गिर गई। इसके बाद जेडीएस-कांग्रेस गठबंधन के मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार एचडी कुमारस्वामी को सरकार बनाने के लिए आमंत्रित किया गया है। पहले तो कुमारस्वामी का शपथ ग्रहण समारोह सोमवार को होना था लेकिन राजीव गांधी की पुण्यतिथि होने के कारण इसे बुधवार तक टाल दिया गया।   सूत्रों के मुताबिक, कर्नाटक की आगामी कुमारस्वामी सरकार में कुल 33 मंत्री शामिल हो सकते हैं। जिसमें जेडीएस के कोटे से 13 मंत्री बनाए जा सकते हैं। सूत्रों ने बताया कि कांग्रेस के पाले से डिप्टी सीएम के अलावा 20 मंत्री भी सरकार में होंगे। सूत्रों ने बताया कि डिप्टी सीएम की रेस में कांग्रेस के जी परमेश्वरा सबसे आगे हैं। जी परमेश्वरा कर्नाटक कांग्रेस के अध्यक्ष हैं। कांग्रेस के ऑपरेशन विधायक बचाओ के सूत्रधार डीके शिवकुमार ऊर्जा मंत्री हो सकते हैं। वह पिछली सिद्धारमैय्या की सरकार में भी ऊर्जा मंत्री थे। बीजेपी की सरकार गिराने में शिवकुमार ने बड़ी भूमिका निभाई है। विधायकों को होटल में रोकने से लेकर दो बागियों को पार्टी के साथ लाने में उनका अहम योगदान रहा है।   कुमारस्वामी की पार्टी जेडीएस ने 37 सीटें जीती है। दोनों दलों ने चुनाव के बाद बीजेपी को सत्ता में आने से रोकने के लिए गठबंधन का फैसला किया। हालांकि येदुरप्पा को सरकार बनाने का मौका मिला। अब वह इस्तीफा दे चुके हैं। राज्यपाल अब कुमारस्वामी को बुधवार को मुख्यमंत्री पद की शपथ दिला सकते हैं।   हालांकि कांग्रेस की ओर से अभी तक डिप्टी सीएम के पद के लिए नाम तय नहीं हो पाया है। सूत्रों के अनुसार कांग्रेस ने इस पद के लिए दो उम्मीदवारों का नाम भी सुझाया है। कांग्रेस की ओर से जी परमेश्वर और मुनियाप्पास डिप्टी सीएम पद के दावेदार हैं। दोनों ही नेता दलित वर्ग से आते हैं जो कि साफ दर्शाता है कि कांग्रेस प्रदेश में अपना खोया मत फिर से हासिल करने के लिए दलित नेता पर दांव लगाएगी। इसके अलावा दोनो कांग्रेसी नेताओं जी परमेश्वरा और मुनियाप्पास के संबंध जेडीएस प्रमुख एचडी देवगौड़ा से काफी अच्छे हैं। कुमारस्वामी ने कहा कि बुधवार को कमतीर्वा स्टेडियम में शपथ ग्रहण समारोह में टीएमसी प्रमुख ममता बनर्जी, बीएमसी प्रमुख मायावती, कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी और सोनिया गांधी शामिल होंगे। क्या था बहुमत का गणित- विधानसभा में भारतीय जनता पार्टी को बहुमत साबित करने के लिए 110 सीटों की जरूरत थी जबकि चुनाव में उसे 104 सीटें मिली है। ऐसे में विधानसभा में बहुमत साबित करने के लिए बीजेपी को 6 और सीटों की जरूरत थी। जनता दल सेक्युलर और कांग्रेस ने दावा किया था कि बहुमत उनके पास है। जेडीएस (38) और कांग्रेस (78) गठबंधन के पास 116 सीटें है जो बहुमत के आकंड़े से 6 सीटें ज्यादा है। अब इस गठबंधन के सरकार बनाने का रास्त साफ हो गया है।   साभार-khaskhabar.com     

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लखनऊ। आंधी और तूफान ने एक बार फिर उत्तर प्रदेश में कोहराम मचा दिया है। यूपी के कई शहरों में तेज हवाओं ने कहर बरपाया है। बड़े-बड़े पेड़ उखड़ गए तो कहीं तेज हवाओं के चलते कई शहर में जनजीवन काफी प्रभावती हुआ। शनिवार शाम आए आंधी-तूफान से फिरोजाबाद में दर्दनाक हादसा हुआ, जिसने तीन लोगों की मौत हो गई।    फिरोजाबाद के रामगढ़ इलाके के चनोरा गांव में घर बन रहा था और लेंटर डलने की तैयारी चल रही थी। अचानए आए आंधी-तूफान से लेंटर का जाल उखडक़र नीचे आ गिरा और निर्माणाधीन इमारत गिरने से तीन लोगों की मौत हो गई। जिसमें एक महिला, एक राज-मिस्त्री और एक मजदूर की जान चली गई जबकी एक बच्ची गंभीर रूप से घायल हुई है। हादसे की खबर के बाद स्थानीय विधायक पीडि़त परिवार से मिलने पहुंचे और उन्होंने पीडि़त परिवारों को चार-चार लाख रुपये मुआवजा देने की घोषणा की है। वहीं आगरा में मौसम एक बार फिर भयानक हुआ और देखते ही देखते हवा की रफ्तार ऐसी बढ़ गई कि सडक़ किनारे लगे होर्डिंग जमीन पर गिर गए। तेज हवाएं आगरा में चलीं वैसी ही हवाएं मथुरा में भी चलीं। मथुरा में भी पेड़ जड़ से उखडक़र वाहनों पर गिरे।     साभार-khaskhabar.com     

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बेंगलूरु। कर्नाटक चुनाव में सबसे बड़े दल के रूप में सामने आई बीजेपी को राज्यपाल द्वारा सरकार बनाने की अनुमति देने के फॉर्मूले पर अब देश के कई राज्यों में विपक्ष सरकार बनाने का दावा ठोकेगा। कर्नाटक में जहां एकसाथ आई कांग्रेस और जेडीएस गवर्नर के इस फैसले का विरोध कर रही हैं वहीं, इसी फॉर्मूले पर बिहार, गोवा के बाद अब पूर्वोत्तर के राज्यों मणिपुर और मेघालय की सियासत भी गरमा गई है। चारों राज्यों में विपक्षी पार्टियां गवर्नर से मुलाकात कर सरकार बनाने का दावा ठोकेंगी।  बिहार चुनाव में सबसे बड़े दल के रूप में उभरी आरजेडी के नेता और पूर्व उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव विधानसभा में अपने विधायकों की परेड करवाएंगे।    इसी तरह गोवा में सबसे बड़े दल के रूप में रही कांग्रेस दावा पेश करने राज्यपाल के पास जाएगी। इतना ही नहीं, मणिपुर के पूर्व मुख्यमंत्री इबोबी सिंह और मेघालय के पूर्व मुख्यमंत्री मुकुल संगमा ने भी अपने-अपने गवर्नर से शुक्रवार को मिलने का समय मांगा है। दरअसल, इन राज्यों में हुए चुनावों में सबसे बड़ी पार्टी रहने के बाद भी इनकी सरकार नहीं बनी।     तेजस्वी ने बिहार में भी कर्नाटक की सियासी हलचल की तर्ज पर विधायकों की परेड कराने और धरना देने का फैसला किया है। तेजस्वी ने कहा, हम कर्नाटक में लोकतंत्र की हत्या के विरोध में शुक्रवार को एक दिन के धरने पर बैठेंगे। उन्होंने कहा, हमने बिहार के राज्यपाल से बिहार में राज्य सरकार के मुद्दे पर विचार करने को कहा है।      कर्नाटक के विधानसभा चुनाव में सबसे बड़ी पार्टी होने के कारण बीजेपी ने सरकार तो बना ली लेकिन विधानसभा में बहुमत साबित करने के लिए बीजेपी सरकार को 15 दिन का समय दिया गया है। इन सबके बीच गुरुवार दोपहर तक जेडीएस और कांग्रेस के कुछ विधायकों के गायब होने की भी खबरें सामने आ रही हैं। कांग्रेस विधायकों को इगलटन रेजॉर्ट में लाया गया है।      78 में से 2 विधायक रेजॉर्ट पहुंचे ही नहीं थे और अब तीसरे विधायक के भी रेजॉर्ट से बाहर जाने की खबर है। बीजेपी कर्नाटक में बहुमत साबित करने से 8 विधायक पीछे हैं। जेडीएस पहले ही बीजेपी पर उसके विधायकों को 100-100 करोड़ रुपये की रिश्वत देने का आरोप लगा चुकी है।      ऐसे में कांग्रेस और जेडीएस के सामने बड़ी चुनौती फ्लोर टेस्ट से पहले अपने विधायकों को बचाए रखने की भी है। हालांकि कांग्रेस की तरफ से अभी एक विधायक के ही बागी होने की पुष्टि की गई है। कांग्रेस नेता डी गुंडुराव ने दावा कि विजयनगर के कांग्रेस विधायक आनंद सिंह से पार्टी का संपर्क नहीं हो पा रहा है।     निर्दलीय विधायक शंकर फिर कांग्रेस-जेडीएस कैंप में लौटे इसी बीच सूत्रों से पता चला है कि बुधवार को भाजपा को समर्थन देने वाले एक निर्दलीय विधायक फिर से कांग्रेस-जेडीएस कैंप में लौट आए हैं। निर्दलीय विधायक आर शंकर ने कल भाजपा को समर्थन की चिट्ठी दी थी लेकिन बहुमत के लिए बदलते समीकरणों के बीच भाजपा के लिए यहां परेशानी हो सकती है।    इसी बीच डीएमके नेता एम.के.स्टालिन ने कहा कि हम सभी ने देखा कि प्रधानमंत्री मोदी ने तमिलनाडु में गवर्नर के कार्यालय का दुरुपयोग कैसे किया। कर्नाटक में भी यही किया गया है। यह पूरी तरह से लोकतंत्र और कानून के शासन के खिलाफ हैं।      हम इसकी निंदा करते हैं। वहीं बसपा सुप्रीमो मायावती ने कहा कि जब से बीजेपी सत्ता में आई है तब बाबा साहेब अम्बेडकर द्वारा तैयार किए गए संविधान को नष्ट करने की साजिश कर रही है। उन्होंने कहा कि वह सरकारी मशीनरी का दुरुपयोग कर लोकतंत्र पर हमला कर रही है।    साभार-khaskhabar.com       

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कोलकाता। पश्चिम बंगाल में पंचायत चुनावों के परिणाम आ चुके हैं। पंचायत चुनाव में टीएमसी ने पूरी तरह दबदबा बनाए रखा है। बीजेपी, सीपीएम और कांग्रेस को यहां मात खानी पड़ी है। भाजपा, सीपीएम और कांग्रेस को सबसे करारी मात जिला परिषद की 240 सीटों पर खानी पड़ी है जहां तीनों ही पार्टियां एक भी सीट नहीं जीत सकी हैं। सभी 240 सीटों पर टीएमसी ने जीत दर्ज कर बाकी पार्टियों का सूपड़ा साफ कर दिया है।      ताजा आंकड़ों के मुताबिक ग्राम पंचायत की 11,880 सीटों पर नतीजे आ चुके हैं। इनमें से 8953 सीटें अकेले टीएमसी ने अपने खाते में कर ली हैं। वहीं बीजेपी ने 1537, सीपीएम ने 542 और कांग्रेस ने 248 ग्राम पंचायत सीटों पर कब्जा कर लिया है। आपको बता दें कि 14 मई को पश्चिम बंगाल में 621 जिला परिषदों, 6,123 पंचायत समितियों और 31,802 ग्राम पंचायतों के लिए मतदान हुआ था।     कई केन्द्रों पर पुनर्मतदान पंचायत चुनाव के दौरान राज्य निर्वाचन आयोग (एसईसी) को जिन 568 मतदान केन्द्रों पर हिंसा की शिकायतें मिली थीं, वहां 16 मई को कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच फिर से मतदान कराए गए थे। 16 मई को हुगली में 10 मतदान केन्द्रों , पश्चिम मिदनापुर में 28 मतदान केन्द्रों, कूचबिहार में 52 मतदान केन्द्रों, मुर्शिदाबाद में 63 मतदान केन्द्रों, नादिया में 60 मतदान केन्द्रों, उत्तर 24 परगना में 59 मतदान केन्द्रों, मालदा में 55 मतदान केन्द्रों , उत्तर दिनाजपुर में 73 मतदान केन्द्रों और दक्षिण 24 परगना में 26 मतदान केन्द्रों पर पुनर्मतदान कराया गया था।       2560 सीटों में से टीएमसी के खाते में 2406  टीएमसी ने पंचायत समिति में भी सभी को जोर की पटखनी दी है। इसकी 2560 सीटों में से टीएमसी ने 2406 अपने खाते में की हैं, जबकि सीपीएम को 60, बीजेपी को 48 और कांग्रेस को सिर्फ 28 सीटों से संतोष करना पड़ा है। रूझानों के बाद कृष्णागंज ब्लॉक में काउंटिग सेंटर पर तोडफ़ोड़ के बाद भारी सुरक्षाबल की तैनाती की गई। स्थिति शांत न होती देख वोटों की गिनती को हालात सामान्य होने तक के लिए रोक दिया गया है।     टीएमसी कार्यकर्ताओं पर वोटिंग के दौरान धांधली करने का आरोप  इसी बीच बंगाल बीजेपी ने एक विडियो ट्वीट कर ममता बनर्जी के कार्यकर्ताओं पर वोटिंग के दौरान धांधली करने का आरोप लगाया है। नाडिया जिले के बताए जा रहे इस विडियो में एक व्यक्ति बैलट पेपर्स पर स्टैंप करता हुआ दिख रहा है। कान्कसा में 10 साल में पहली बार तृणमूल कांग्रेस ने ग्राम पंचायत में जीत हासिल की है।       पंचायत चुनावों के दौरान बड़े पैमान पर हिंसा की घटनाओं को देखते हुए मतगणना स्थलों पर सुरक्षा की चाक-चौबंद व्यवस्था की गई है। इससे पहले बुधवार को राज्य निर्वाचन आयोग (एसईसी) को जिन 568 मतदान केंद्रों पर हिंसा की शिकायतें मिली थीं वहां छिटपुट हिंसा के बीच पुनर्मतदान संपन्न हुआ था।    आयोग के मुताबिक लगभग 70 फीसद मतदान दर्ज किया गया। हुगली में 10, पश्चिम मिदनापुर में 28, कूचबिहार में 52, मुर्शिदाबाद में 63, नदिया में 60, उत्तरी 24 परगना में 59, मालदा में 55, उत्तर दिनाजपुर में 73 और दक्षिण 24 परगना में 26 मतदान केंद्रों पर पुनर्मतदान कराया गया था। आपको बता दें कि पश्चिम बंगाल में 14 मई को हुए पंचायत चुनावों में व्यापक पैमाने पर हिंसा हुई थी। जिसमें 12 लोगों की जान चली गई थी और 43 अन्य घायल हो गए थे।     पंचायत चुनाव के शुरुआती रुझानों में टीएमसी को बढ़त मिलती नजर आ रही है। नतीजों के औपचारिक ऐलान से पहले टीएमसी कार्यकर्ताओं ने जश्न मनाना शुरू कर दिया है। पंचायत चुनाव के नतीजों को इस लिए अहम बताया जा रहा है क्योंकि इससे जमीनी स्तर पर टीएमसी, बीजेपी, सीपीएम के ताकत का अंदाजा लग सकेगा।    एनएनआई के मुताबिक 31, 814 ग्राम पंचायतों में टीएमसी को 110 सीटों पर जीत हासिल हुई है जबकि 1208 सीटों पर आगे हैं। बीजेपी के खाते में चार सीट गई है जबकि वो 81 सीटों पर आगे है। लेकिन सीपीएम के खाते में अबतक महज तीन सीट गई है और 58 सीट पर वो आगे है। टाइम्स ऑफ इंडिया के मुताबिक पश्चिम बंगाल में पंचायत चुनाव के दौरान मरने वालों की संख्या 25 हो गई है। चुनाव वाले दिन अकेले 12 लोगों की मौत हुई थी।    लोकसभा के पूर्व स्पीकर सोमनाथ चटर्जी ने निष्पक्ष चुनाव न करा पाने के लिए पश्चिम बंगाल चुनाव आयोग की आलोचना की। उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल में लोकतंत्र की हत्या हुई है।  बुधवार को केंद्र सरकार ने कहा था कि पंचायत चुनाव के दौरान जिस तरह से हिंसा हुई थी, वो पश्चिम बंगाल में कानून के राज की पोल खोलने के लिए पर्याप्त है। 2019 में होने वाले आम चुनाव से पहले पश्चिम बंगाल पंचायत चुनाव को अहम बताया जा रहा है।    साभार-khaskhabar.com     

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बेंगलुरु। कर्नाटक में विधानसभा चुनाव के नतीजों में किसी भी पार्टी को बहुमत नहीं मिला है। सरकार बनाने को लेकर भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) और कांग्रेस+जेडीएस में जद्दोजहद शुरू हो गई है। येदियुरप्पा को विधायक दल के नेता चुने गए है। राज्यपाल वजुभाई से मिलने के बाद येदियुरप्पा ने कहा, राज्यपाल के फैसले का इंतजार है। सूत्रों के अनुसार कर्नाटक में बीजेपी की ही सरकार बनेगी। सूत्रों का कहना है कि कल येदियुरप्पा सीएम पद की शपथ ले सकते है। खबरों के अनुसार बीजेपी के साथ एक निर्दलीय विधायक भी है।    LIVE अपडेट : : : : :   - बीजेपी ने खुद जो बाकी राज्यों में किया है उसके बाद उसे कोई हक नहीं हमें नैतिकता का पाठ पढ़ाने का: एचडी कुमारस्वामी - कांग्रेस के समर्थन के लिए एचडी कुमारस्वामी ने पार्टी का शुक्रिया अदा किया। - नरेंद्र मोदी पीएम हैं लेकिन फिर भी वह बहुमत नहीं ला सके: एचडी कुमारस्वामी - बीजेपी से गठबंधन का कोई सवाल ही नहीं उठता: एचडी कुमारस्वामी - बीजेपी ने हमेशा जेडीएस के वोटों को बांटने की कोशिश की है: एचडी कुमारस्वामी - बेंगलुरु: एचडी कुमारस्वामी जेडीएस के विधायक दल के नेता चुने गए। - हमने अपना सरकार बनाने का प्रस्ताव राज्यपाल के सामने रख दिया है उन्होंने कहा है कि वह इस बारे में जल्द फैसला लेंगे: बीएस येदियुरप्पा - राज्यपाल से मिलकर बाहर आए येदियुरप्पा। - कर्नाटक: कांग्रेस विधायक दल की बैठक में 78 में 66 MLA पहुंचे  - कर्नाटक: कांग्रेस के एमबी पाटिल बोले, हमारे संपर्क में हैं BJP के 6 लोग - कांग्रेस के 7 लिंगायत विधायक हमारे साथ : बीजेपी - कर्नाटक: कांग्रेस के 4 विधायक पार्टी के संपर्क में नहीं - कर्नाटक: बेंगलुरु में चल रही JDS विधायक दल की बैठक में नहीं पहुंचे दो विधायक - कर्नाटक: कांग्रेस का आरोप, उनके MLA को अपने पक्ष में करने की कोशिश कर रही BJP - कर्नाटक: गवर्नर से मिलने राज भवन पहुंचे येदियुरप्पा और प्रकाश जावड़ेकर - कर्नाटक: BJP दफ्तर में लिए गए विधायकों के हस्ताक्षर, गवर्नर के सामने करेंगे पेश - कर्नाटक: येदियुरप्पा बोले, कल लेंगे शपथ - कर्नाटक: BJP विधायक दल के नेता चुने गए येदियुरप्पा - कर्नाटक: बेंगलुरु में शुरू हुई JDS विधायक दल की बैठक - कर्नाटक: 11 MLA सहित सुबह 11:30 बजे गवर्नर से मुलाकात कर सकते हैं येदियुरप्पा - नहीं बदलेगा हमारा कांग्रेस के साथ जाने का फैसला: एचडी कुमारस्वामी - कर्नाटक: JDS के राज्य उपाध्यक्ष आज दोपहर 1:30 बजे करेंगे प्रेस कॉन्फ्रेंस - लोग चाहते हैं कि BJP की सरकार बने और हम सरकार बनाएंगे: प्रकाश जावड़ेकर - कर्नाटक: येदियुरप्पा बोले सरकार बनाने के लिए राज्यपाल से करेंगे मुलाकात - कर्नाटक: येदियुप्पा के घर पहुंचे मुरलीधर राव - बेंगलुरु स्थित BJP प्रदेश मुख्यालय पहुंचे धर्मेंद्र प्रधान और अन्य पार्टी नेता - हमारे 4 से 5 विधायकों से BJP ने फोन पर संपर्क साधा, लेकिन हम एकजुटः JDS   साभार-khaskhabar.com       

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बेंगलुरु। कर्नाटक में सरकार बनाने के लिए बीजेपी और कांग्रेस जोड़तोड में जुड़ी हुई है। इसी बीच खबर आ रही है कि जनता दल सेक्युलर की बैठक शुरू होने तक दो विधायकों के नहीं पहुंचे है। हालांकि, बाद में एक विधायक ने सामने आकर बैठक में जाने की बात कही। कांग्रेस की बैठक में भी अभी 12 विधायक नहीं पहुंचे हैं। उधर, दोनों पक्ष अपने साथ बहुमत होने की बात कर रहे हैं।   आपको बता दें कि जेडी (एस) की बैठक बुधवार को बेंगलुरु के एक होटल में होनी थी। बैठक शुरू होते ही खबरें आने लगीं कि पार्टी के दो विधायक राजा वेंकटप्पा नायक और वेंकट राव नाडगौड़ा पहुंचे ही नहीं। वेंकट राव जहां सिंधनुर से चुनाव जीते थे, वहीं वेंकटप्पा ने मानवी की सीट अपने नाम की थी। हालांकि, बाद में वेंकट राव ने चैनल टाइम्स नाउ से बताया कि वह बैठक में हिस्सा लेने बेंगलुरु जा रहे हैं। वहीं, जेडी (एस) की बैठक के बाद एचडी कुमारस्वामी को विधायक दल का नेता चुना गया। बहुमत के आंकड़े से कुछ पीछे रह गई बीजेपी को 1 निर्दलीय विधायक ने अपना समर्थन दे दिया है। इससे अब पार्टी की 105 सीटें हो गई हैं। उधर, पार्टी सूत्रों के मुताबिक उन्हें 7 लिंगायत विधायकों का समर्थन भी मिल गया है। ऐसा होने से पार्टी को सिर्फ एक और सीट की दरकार रहेगी।   साभार-khaskhabar.com     

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