देवरिया का ऐसा मंदिर जिसे श्रद्धालु बताते हैं 'अश्वत्थामा' की तपोभूमि
Read More
बेंगलुरु। कर्नाटक के मुख्यमंत्री बीएस येदियुरप्पा ने विश्वास मत का सामना किये बगैर ही शनिवार को इस्तीफा देने की घोषणा कर दी और इस तरह कर्नाटक में तीन दिन पुरानी येदियुरप्पा सरकार गिर गई। इसके बाद जेडीएस-कांग्रेस गठबंधन के मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार एचडी कुमारस्वामी को सरकार बनाने के लिए आमंत्रित किया गया है। पहले तो कुमारस्वामी का शपथ ग्रहण समारोह सोमवार को होना था लेकिन राजीव गांधी की पुण्यतिथि होने के कारण इसे बुधवार तक टाल दिया गया।
सूत्रों के मुताबिक, कर्नाटक की आगामी कुमारस्वामी सरकार में कुल 33 मंत्री शामिल हो सकते हैं। जिसमें जेडीएस के कोटे से 13 मंत्री बनाए जा सकते हैं। सूत्रों ने बताया कि कांग्रेस के पाले से डिप्टी सीएम के अलावा 20 मंत्री भी सरकार में होंगे। सूत्रों ने बताया कि डिप्टी सीएम की रेस में कांग्रेस के जी परमेश्वरा सबसे आगे हैं। जी परमेश्वरा कर्नाटक कांग्रेस के अध्यक्ष हैं। कांग्रेस के ऑपरेशन विधायक बचाओ के सूत्रधार डीके शिवकुमार ऊर्जा मंत्री हो सकते हैं। वह पिछली सिद्धारमैय्या की सरकार में भी ऊर्जा मंत्री थे। बीजेपी की सरकार गिराने में शिवकुमार ने बड़ी भूमिका निभाई है। विधायकों को होटल में रोकने से लेकर दो बागियों को पार्टी के साथ लाने में उनका अहम योगदान रहा है।
कुमारस्वामी की पार्टी जेडीएस ने 37 सीटें जीती है। दोनों दलों ने चुनाव के बाद बीजेपी को सत्ता में आने से रोकने के लिए गठबंधन का फैसला किया। हालांकि येदुरप्पा को सरकार बनाने का मौका मिला। अब वह इस्तीफा दे चुके हैं। राज्यपाल अब कुमारस्वामी को बुधवार को मुख्यमंत्री पद की शपथ दिला सकते हैं।
हालांकि कांग्रेस की ओर से अभी तक डिप्टी सीएम के पद के लिए नाम तय नहीं हो पाया है। सूत्रों के अनुसार कांग्रेस ने इस पद के लिए दो उम्मीदवारों का नाम भी सुझाया है। कांग्रेस की ओर से जी परमेश्वर और मुनियाप्पास डिप्टी सीएम पद के दावेदार हैं। दोनों ही नेता दलित वर्ग से आते हैं जो कि साफ दर्शाता है कि कांग्रेस प्रदेश में अपना खोया मत फिर से हासिल करने के लिए दलित नेता पर दांव लगाएगी। इसके अलावा दोनो कांग्रेसी नेताओं जी परमेश्वरा और मुनियाप्पास के संबंध जेडीएस प्रमुख एचडी देवगौड़ा से काफी अच्छे हैं। कुमारस्वामी ने कहा कि बुधवार को कमतीर्वा स्टेडियम में शपथ ग्रहण समारोह में टीएमसी प्रमुख ममता बनर्जी, बीएमसी प्रमुख मायावती, कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी और सोनिया गांधी शामिल होंगे।
क्या था बहुमत का गणित-
विधानसभा में भारतीय जनता पार्टी को बहुमत साबित करने के लिए 110 सीटों की जरूरत थी जबकि चुनाव में उसे 104 सीटें मिली है। ऐसे में विधानसभा में बहुमत साबित करने के लिए बीजेपी को 6 और सीटों की जरूरत थी। जनता दल सेक्युलर और कांग्रेस ने दावा किया था कि बहुमत उनके पास है। जेडीएस (38) और कांग्रेस (78) गठबंधन के पास 116 सीटें है जो बहुमत के आकंड़े से 6 सीटें ज्यादा है। अब इस गठबंधन के सरकार बनाने का रास्त साफ हो गया है।
साभार-khaskhabar.com












