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जयपुर । एआईसीसी के संगठन महासचिव अशोक गहलोत के सरकारी आवास पर निर्दलीय विधायकों और गहलोत समर्थकों की भीड़ उमड़ पड़ी है। बताया जा रहा है कि शाम तक सीएम के नाम का ऐलान हो सकता है। वहीं पीसीसी के बाहर भी पुलिस बल तैनात है, गहलोत के घर के बाहर भी पुलिस बल तैनात हो गया है। वहीं कार्यकर्ताओं में जश्न का माहौल और आतिशबाजी भी हो रही है।     साभार-khaskhabar.com

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जयपुर । राजस्थान विधानसभा की 199 सीटों के लिए मतगणना जारी है। लेकिन अब तक परिणामों के मुताबिक भाजपा ने 49 सीटें जीत ली है, वहीं 23 सीटों पर भाजपा आगे चल रही है। जबकि कांग्रेस पार्टी बहुमत के रूझान के साथ आगे चले रही है। कांग्रेस पार्टी ने अभी तक 70 सीटों पर जीत दर्ज कर ली है, जबकि 32 सीटों पर आगे चल रही है। वहीं अन्य 25 पर आगे चल रहे है।   साभार-khaskhabar.com

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जयपुर । राजस्थान विधानसभा चुनाव-2018 का परिणाम भाजपा के लिए एक सबक तो दे दिया, चाहे करोड़ों रुपये विज्ञापनों में खर्च कर दो, लेकिन जनता का आदेश सर्वोपरि होता है। जनता समझ जाती है कि सरकार ने मीडिया को खरीद लिया है और करोड़ों रुपयों के विज्ञापन सिर्फ इसलिए दिए जा रहे है कि राज्य सरकार के खिलाफ कोई खबर ना चले, सिर्फ मुख्यमंत्री का गुणगान होता रहे।  यह चुनाव भाजपा के लिए इस बात का भी सबक है लाभार्थी-लाभार्थी कहकर, केंद्र और राज्य की योजनाओं को लाभार्थियों तक पहुंचाने के बाद जिस तरह से राजनीतिकरण हुआ। इससे यह स्पष्ट हो गया है कि लाभार्थी वोट इससे नाराज हुआ, लाभार्थी वर्ग को राजनीति पसंद नहीं है। लाभार्थियों का कहना है कि यह तो चाहे भाजपा हो या कांग्रेस, राज्य सरकारों का ड्यूटी है कि वह समाज के कमजोर और पिछड़े तबकों तक जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाये।  वहीं चुनाव के वक्त सीएम वसुंधरा राजे ने ट्वीट करके 44 लाख युवाओं को रोजगार देने का अवसर देने की बात कही । यह आंकड़ा भी युवाओं को नहीं लुभा सका। हकीकत प्रदेश के युवा जानते है साथ ही 5000 रुपये बेरोजगारी भत्ते का लालच भी उन्हें ललचा नहीं सका। साथ ही यह बात सामने आई है कि प्रदेश की जनता सीएम वसुंधरा राजे से नाराज थी, भले ही मुख्यमंत्री ने हर विधानसभा क्षेत्र को पिछले पांच साल में कवर किया हो, लेकिन सिर्फ लाभार्थी वर्ग के सहारे चुनाव नहीं जीता सकता है। सरकारी कर्मचारी, संविदा कर्मचारी, कंप्यूटर शिक्षक, बेरोजगार युवा, यह सभी सरकार की घोषणाओं से परेशान दिखे, कि कुछ मिला तो नहीं लेकिन ढिढ़ोरा पीटा गया। राजनीतिक पंडितों की माने तो अगर सीएम वसुंधरा राजे शर्मनाक हार से बची है, तो वह सिर्फ पीएम मोदी और भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह और भाजपा संगठन की वजह से बची है। पीएम मोदी और अमित शाह की जोड़ी ने ताबड़तोड़ जनसभाएं की और भाजपा के पक्ष में मत और समर्थन मांगा। इसके चलते भाजपा शर्मनाक हार से बच गई, नहीं तो पूर्ववर्ती गहलोत सरकार जैसा 21 सीटों वाला हाल हो जाता। भले ही भाजपा ने राजस्थान गौरव संकल्प 2018 में कई लोकलुभावने वादे किए हो, लेकिन इन तमाम वादों को राजस्थान की जनता ने नकार दिया। वहीं पिछले चुनाव में 160 से अधिक सीटें जीतने वाली भाजपा इस बार चुनाव के रूझानों में 80 का भी आंकड़ा नहीं छू सकी। इस बार चुनावी भाषणों में भाजपा ने जोर दिया था कि राजस्थान की जनता इस मिथक को तोड़ेगी एक बार कांग्रेस और एक बार भाजपा। इस बार दोबारा भाजपा की सरकार बनेगी, लेकिन बन नहीं सकी। वहीं मिशन 180 का दावा भी हवा हो गया, और भाजपा रूझानों में भी 80 सीटों तक नहीं पहुंच सकी।     साभार-khaskhabar.com

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नई दिल्ली। बिहार में सीटों के बंटवारे को लेकर नाराज चल रहे राष्ट्रीय लोक समता पार्टी (आरएलएसपी) प्रमुख उपेंद्र कुशवाहा ने सोमवार को मोदी कैबिनेट से इस्तीफा दे दिया है। इस्तीफा देने के बाद उपेंद्र कुशवाहा ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस कर मोदी सरकार पर निशाना साधा। उपेंद्र कुशवाहा ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने बिहार को विशेष पैकेज नहीं दिया। उन्होंने कहा कि बिहार को लगा था कि उसके अच्छे दिन आएंगे, लेकिन स्थिति नहीं बदली। उपेंद्र कुशवाहा ने कहा कि पिछड़ी जातियों की हकमारी की गई, नौकरियों में उनका हक मारा गया। आपको बता दें कि उपेंद्र कुशवाहा के बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से संबंध अच्छे नहीं हैं। वह लगातार नीतीश कुमार और बीजेपी के खिलाफ बयानबाजी कर रहे हैं। दरअसल, उपेंद्र कुशवाहा की मांग है कि 2019 के लोकसभा में उन्हें बिहार में चार सीटें दी जाएं। लेकिन बीजेपी उन्हें दो ही सीटें देने पर अड़ी है, यही कारण है कि वह लगातार इसका विरोध कर रहे हैं।   साभार-khaskhabar.com

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जयपुर । राजस्थान विधानसभा चुनाव के लिए मतदान सम्पन्न होने के बाद ईवीएम और मतगणना को लेकर जिस तरह प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने चाक-चौबंद व्यवस्था पार्टी स्तर पर की है, वैसी ही व्यवस्था प्रदेश भाजपा ने भी की है। प्रदेश भाजपा ने अपने 41 जिलों में मतगणना को लेकर पार्टी के वरिष्ठ नेताओं की मतगणना प्रभारी के रूप में ड्यूटी लगा दी है ।  साथ ही एक पत्र लिखकर 10 दिसंबर को शाम 6 से 8 बजे तक सभी मतगणना एजेंटों को यह प्रभारी मतगणना के बारे में जानकारी देंगे। प्रदेश महामंत्री भजनलाल शर्मा की तरफ से जारी पत्र के मुताबिक मतगणना एजेंटों को मतगणना केंद्रों पर 11 दिसंबर को सुबह 7 बजे मतगणना केंद्र पहुंचने के निर्देश दिए गए है। मतगणना सुबह 8 बजे शुरू होगी। मतगणना प्रभारियों की लिस्ट इस प्रकार है। 1. जयपुर शहर- रामचरण बोहरा 2.जयपुर देहात - रामचरण बोहरा 3.सीकर - मुकेश दाधीच 4.अलवर- ज्ञानदेव आहूजा 5. झुंझुनू - काशीराम गोदारा 6. दौसा - शैलेन्द्र भार्गव 7. भरतपुर - मनीष पारीक 8.धौलपुर- छगन माहूर 9.करौली- बलवान यादव 10. सवाई माधोपुर- अरुण अग्रवाल 11.कोटा शहर- ओम बिडला 12.कोटा देहात -ओम बिडला 13.बारां - प्रहलाद पंवार 14 .बूंदी - शंकरलाल ठाड़ा 15.झालावाड़ - वीरमदेव सिंह जैसास 16. उदयपुर शहर - गुलाबचंद कटारिया 17. उदयपुर देहात - गुलाबचंद कटारिया 18.चित्तौड़गढ़ -सी.पीजोशी 19.प्रतापगढ़- अशोक चण्डालिया 20.बांसवाड़ा - चुन्नीलाल गरासिया 21.डूंगरपुर- कनकमल कटारा   22. राजसमन्द - हरीश पाटीदार 23 .अजमेर शहर - शिवशंकर हेडा 24. अजमेर देहात - शिवशंकर हेडा 25. नागौर शहर- सीआरचौधरी 26 नागौर देहात-सीआरचौधरी 27.टोंक- यूनुस खान 28.भीलवाड़ा- कालूलाल गुर्जर 29.जोधपुर शहर - गजेन्द्र सिंह शेखावत 30 जोधपुर देहात - गजेन्द्र सिंह शेखावत 31 फलौदी- गजेन्द्र सिंह शेखावत 32 पाली - पुष्प जैन 33 -जालौर - राजेन्द्र गहलोत 34 .सिरोही जगदीश देवासी 35 बाड़मेर - रामनारायण डूडी 36 जैसलमेर- मेघराज लोहिया 37.बीकानेर शहर -अर्जुनराम मेघवाल 38 बीकानेर देहात -अर्जुनराम मेघवाल 39 श्रीगंगानगर - निहालचंद मेघवाल 40 हनुमानगढ़ - कैलाश मेघवाल 41. चूरू - राजेन्द्र राठौड़   साभार-khaskhabar.com

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नई दिल्ली। कांग्रेस ने सोनिया गांधी के दामाद रॉबर्ट वाड्रा और उनके सहयोगियों के ठिकानों पर छापेमारी को लेकर नाराजगी जाहिर कर दी है। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अभिषेक मनु सिंघवी ने शनिवार को कहा है कि पांच राज्य में संभावित हार को देखते हुए भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) प्रतिशोध की राजनीति करने में लगी हुई है। सिंघवी ने कहा कि पांच राज्यों के भावी परिणामों को देखकर भाजपा प्रतिशोध की राजनीति कर रही है। भाजपा ने ईडी, इनकम टैक्स डिपार्टमेंट, सीबीआई को बंधुआ मजदूर बना के रख दिया है।  सिंघवी ने बताया कि मोदी सरकार जानती है कि उसका क्या हश्र होने वाला है। इसलिए गंदी राजनीति को जन्म दे रही है। सिंघवी ने आगे बताया कि भाजपा बौखलाई हुई है। उसने सारे सिद्धांत कूड़ेदान में फेंक दिए हैं। भाजपा इस मुद्दे पर सस्ती राजनीति करने में लगी हुई है। हम इसकी भत्र्सना करते हैं। उन्होंने कहा कि मतदान के बाद यह घटना घटी। 7 और 8 दिसंबर सुबह 4 बजे तक रॉबर्ट वाड्रा के ऑफिस में रेड डाली गई। कांग्रेस नेता ने बताया कि वाड्रा के सहयोगी मनोज अरोड़ा और दूसरे सम्बंधित लोगों के घरों में छापेमारी की गई और सबको हिरासत में लिया गया। घर में उलट-पुलट कर दिया गया। सिंघवी ने बताया कि भाजपा लगातार बीकानेर में जमीन घोटाले की बात की, लेकिन राजस्थान सरकार के आने के बाद केंद्र के इशारे पर कार्रवाई शुरू हुई। तीनों में रॉबर्ट वाड्रा का जिक्र तक नहीं है। आपको बताते जाए कि प्रवर्तन निदेशालय की टीम ने रक्षा सौदों में कमीशन मामले में रॉबर्ट वाड्रा और उनके सहयोगियों के ठिकानों पर शुक्रवार सुबह से छापेमारी की गई। छापेमारी दिल्ली समेत एनसीआर इलाके में की गई।    साभार-khaskhabar.com

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दिल्ली। देश के पांच राज्यों में हुए विधानसभा चुनाव के बाद शुक्रवार को आए एग्जिट पोल्स से बहुत मिले-जुले संकेत सामने आए। लोकसभा चुनाव से पहले इन राज्यों में जीत के लिए बीजेपी और कांग्रेस ने अपनी कोई कसर नहीं छोड़ी है। हालांकि इन एग्जिट पोल में बीजेपी के लिए अच्छे संकेत नहीं मिले है। मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और राजस्थान की सत्ता पर काबिज बीजेपी की विदाई होती नजर आ रही है। जबकि कांग्रेस पूर्णबहुमत के साथ सत्ता के सिंहासन पर वापसी करती दिख रही है।    कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी के लिए पहली बार एग्जिट पोल्स में बीजेपी के सामने बड़ी सफलता मिलने का अनुमान है। अगर 11 दिसंबर को यही नतीजे रहे तो राहुल गांधी को आम चुनाव से ठीक पहले सफलता का टॉनिक मिलेगा, जिसकी कांग्रेस को सख्त जरूरत थी। इससे 2019 से पहले राहुल स्थापित होंगे और विपक्षी दलों के बीच उनकी स्वीकार्यता बढ़ेगी। हालांकि कांग्रेस एमपी, राजस्थान और छत्तीसगढ़ में आसानी से बढ़ती नहीं दिख रही है क्योंकि कांग्रेस के पास सीएम पद के चेहरे नहीं थे जबकि बीजेपी के पास चेहरे होने की वजह से उसे फायदा मिला।    1. मध्य प्रदेश में मामा शिवराज की राह मुश्किल मध्य प्रदेश की सत्ता में 15 साल से काबिज बीजेपी का दुर्ग दरकता नजर आ रहा है। इंडिया टुडे-एक्सिस माई इंडिया एग्जिट पोल के मुताबिक प्रदेश में कांग्रेस और बीजेपी के बीच कांटे की टक्कर है। लेकिन कांग्रेस मामूली बढ़त के साथ आगे है। पोल के मुताबिक 230 सदस्यीय विधानसभा में बीजेपी को 102 से 120 सीट और कांग्रेस 104 से 122 सीटें मिलने का अनुमान है। जबकि बसपा को 3 और अन्य को 3 से 8 सीटें मिलने का अनुमान है। सनद रहे कि 2013 के चुनाव में बीजेपी को 165 और कांग्रेस को 58 सीटें मिली थीं। 2. राजस्थान : मोदी से बैर नहीं वसुंधरा तेरी खैर नहीं इंडिया टुडे-एक्सिस माई इंडिया एग्जिट पोल के मुताबिक राजस्थान में बीजेपी को करारी मात मिलती दिख रही है। सूबे की कुल 200 विधानसभा सीटों में कांग्रेस के खाते में 119 से 141 सीटें जाती दिख रही हैं। मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे के नेतृत्व में बीजेपी को 55 से 72 सीटें मिल सकती हैं। यही नहीं, बाकी आए एक्जिट पोल में भी बीजेपी की हार दिख रही है। जबकि 2013 के विधानसभा चुनाव में बीजेपी को 163 सीटें हासिल हुई थीं। ऐसे में सवाल उठता है कि एक्जिट पोल अगर नतीजों में बदलते हैं तो राजस्थान में बीजेपी की हार का ठीकरा किसके सिर फूटेगा। मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे की जिम्मेदारी होगी या फिर पार्टी के आला नेता की। हालांकि प्रदेश में मोदी से बैर नहीं वसुंधरा तेरी खैर नहीं के नारे लग रहे थे।     साभार-khaskhabar.com

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नई दिल्ली। यह साल विदेशी निवेश के मामले में चीन की तुलना में भारत के लिए बहुत अच्छा रहा है। आंकड़ों के अनुसार, दक्षिण एशियाई देशों में चीन के मुकाबले भारत में लगभग दो दशक के बाद अधिक निवेश हो रहा है। ग्लोबल फाइनेंशियल कंटेंट कंसल्टिंग कंपनी डियालॉजिक के आंकड़ों के अनुसार, इस वर्ष में विदेशी कंपनियों ने अब तक 38 बिलियन डॉलर का निवेश भारत में करते हुए भारतीय कम्पनियों में हिस्सेदारी प्राप्त की है। इस वर्ष चीन में विदेशी कंपनियों में महज 32 बिलियन डॉलर का निवेश किया है।    भारत में विदेशी कंपनियों का यह निवेश उपभोक्ता और रिटेल क्षेत्र में पाया गया है। उल्लेख है कि इस सप्ताह भारतीय कम्पनी हिंदुस्तान यूनिलीवर ने नेस्ले को पछाड़ते हुए इंग्लैंड की फार्मा दिग्गज कंपनी गैल्कसोस्मिथक्लाइ (जीएसके) कन्ज्यूमर के प्रमुख ब्रांड हॉर्लिक्स का अधिग्रहण कर लिया था। इस अधिग्रहण के लिए एचयूएल को 31,700 करोड़ रुपए खर्च करने पड़े। इसके अलावा अमेरिका में आईटी क्षेत्र की दिग्गज आईबीएम के प्रमुख 8 सॉफ्टवेयर के अधिग्रहण का ऐलान भारतीय आईटी दिग्गज एचसीएल ने कर लिया है।    एचसीएल की तरफ से जारी बयान में कहा गया है कि यह सौदा 1.8 अरब डॉलर यानी करीब 12,780 करोड़ रुपए में हो रही है। इससे पहले मई राजस्व के आधार पर दुनिया की सबसे बड़ी कंपनी वॉलमार्ट ने भारतीय ई-रिटेल दिग्गज फ्लिपकार्ट को क्रय कर लिया है। इस सौदे को दोनों कंपनियों ने 16 बिलियन डॉलर (1,07200 करोड़) पर किया है।  अमेरिकी रिटेल दिग्गज वॉलमार्ट ने फ्लिपकार्ट की 77 फीसदी हिस्सेदारी मिल गई है और भारत के ई-कॉमर्स के इतिहास में सबसे बड़ा सौदा है। इस सौदे के साथ ही वॉलमार्ट भारत में काम करने वाली सबसे बड़ी मल्टीनेशनल कम्पनी बन गई है।   साभार-khaskhabar.com

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अहमदनगर। महाराष्ट्र के अहमदनगर में एक कार्यक्रम के दौरान केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी की तबीयत खराब हो गई। गडकरी स्टेज पर ही बेहोश हो गए। इस दौरान महाराष्ट्र के राज्यपाल विद्यासागर राव उनके साथ मौजूद थे। गवर्नर ने ही उन्हें स्टेज पर संभाला। नितिन गडकरी को अस्पताल ले जाया गया।  बताया जा रहा है कि वे वहां पर महात्मा फुले कृषि कॉलेज के दीक्षांत समारोह के लिए पहुंचे हुए थे। उसी समय अचानक उनकी तबीयत खराब हो गई और वे वहीं बेहोश होकर गिर पड़े। फिलहाल उनकी हालत स्थिर बताई जा रही है। वहां स्टेज पर ही मौजूद महाराष्ट्र के राज्यपाल विद्यासागर राव ने उन्हें संभाला। जिसके बाद उन्हें तुरंत पास के अस्पताल में रेफर कर दिया गया।जानकारी के मुताबिक स्टेज पर वे राष्ट्रगान के दौरान खड़े हो रहे थे, तभी अचानक से बेहोश होकर गिर गए। उनकी हालत अभी स्थर बताई जा रही है। केंद्रीय मंत्री के कार्यालय की तरफ से ट्वीट कर ये बताया गया है कि उनकी हालत अभी स्थिर है और वे आगे के निर्धारित कार्यक्रम के लिए रवाना हुए हैं।   साभार-khaskhabar.com

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जयपुर । राजस्थान विधानसभा चुनाव के लिए 7 दिसंबर को मतदान के दिन प्रदेश की लाभार्थी जनता सीएम वसुंधरा राजे का आगे का भविष्य तय करेगी। जी हां, इस बार राजस्थान में अलग ही मतदाताओं का वर्ग खड़ा हुआ है, जो लाभार्थी वर्ग है। सीएम वसुंधरा राजे खुद अपने हस्ताक्षर से युक्त एक शुभकामना संदेश पहले ही प्रदेश के 1 करोड़ 70 लाख से अधिक लाभार्थियों को आचार संहिता लगने से पहले भेज चुकी थी। वहीं इसके बाद भाजपा ने 51 हजार बूथों पर सिर्फ लाभार्थी परिवारों के घर-घर जाकर भाजपा के पक्ष में वोट और समर्थन मांगा है। खुद भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह भी लाभार्थी परिवारों के भरोसे है।  उम्मीद है कि लाभार्थी परिवार जरूर भाजपा के पक्ष में वोट करेंगे। इससे पहले जयपुर में पीएम-लाभार्थी जनसंवाद कार्यक्रम आयोजित हो चुका था, वहीं बाद में राजधानी जयपुर में अलग-अलग लाभार्थी सम्मेलन हुए थे। लेकिन यह भी माना जा रहा कि पूर्ववर्ती अशोक गहलोत सरकार ने अपने कार्यकाल में जनकल्याणकारी योजनाएं जैसे मुख्य रूप से बात करें, तो निशुल्क दवा योजना लॉन्च की थी। लेकिन कांग्रेस पार्टी को शर्मनाक हार का सामना करना पड़ा था। इसके चलते इस बार लाभार्थी वर्ग, जिसे पीएम मोदी और सीएम राजे ने मान्यता दी है, सम्मान दिया है, इस वर्ग की परीक्षा की घड़ी है, यह वर्ग किसके साथ जाता है, योजनाओं का लाभ पहुंचाने वाली सरकार के साथ, या नई सरकार के साथ। जैसा की राजस्थान में परिपाटी रही कि एक बार कांग्रेस एक बार भाजपा।  इस विधानसभा चुनाव में भाजपा और कांग्रेस के चुनाव प्रचार की बात की जाए, तो चुनाव प्रचार के दौरान राजस्थान से जुड़े मुद्दे तो नहीं के बराबर रहे। कांग्रेस प्रत्याशी डॉ. सीपी जोशी ने जैसे ही पीएम मोदी और केंद्रीय मंत्री उमा भारती की जाति पर सवाल खड़े किए, तो भाजपा आक्रामक हो गई। साथ ही राममंदिर का मुद्दा भी छाया रहा। इसके अलावा जैसे ही कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी पुष्कर गए, तो गोत्र का मुद्दा उठ गया। इस पर भी राजनीति शुरू हो गई।  साथ ही कांग्रेस हो,या भाजपा के स्टार प्रचारक, सभी के चुनावी भाषणों में राममंदिर, भगवान हनुमान, गोत्र, जाति ही छाई रही। दोनों के राष्ट्रीय स्तर के नेताओं ने लोकसभा चुनाव की तरह चुनाव प्रचार किया। अगर पीएम नरेंद्र मोदी और भाजपा अध्यक्ष अमित शाह की चुनावी जनसभाओं की बात करें, तो कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी बराबरी नहीं कर सके। हालांकि पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और पीसीसी चीफ सचिन पायलट ने ताबड़तोड़ चुनावी जनसभाएं की। लेकिन पीएम मोदी और भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह की तरह चुनावी भीड़ कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी नहीं जुटा सके। राजस्थान विधानसभा चुनाव में भाजपा संसाधनों के बलबूते चुनाव प्रचार में आगे रही। साथ ही घोषणा पत्र जारी करने में भी भाजपा ने पहले बाजी मारी। अगर रोजगार के मुद्दे की बात करें, तो भाजपा ने 50 लाख युवाओं को रोजगार के अवसर देने की बात कही। साथ ही सभी समाजों का ध्यान रखते हुए विभिन्न आयोग, बोर्ड बनाने की घोषणा की। वहीं कांग्रेस का घोषणा पत्र, जिसे जन घोषणा पत्र नाम दिया है। इस घोषणा पत्र में किसानों की कर्जमाफी का मुद्दा मुख्य रहा।  राजस्थान विधानसभा चुनाव में टिकट वितरण से पहले कांग्रेस पार्टी की एक तरफा जीत मानी जा रही थी, लेकिन कांग्रेस पार्टी के टिकट वितरण के बाद सामने आई बगावत के चलते कांग्रेस के सारे समीकरण बिगड़ गए है। वहीं भाजपा ने इसके बाद काफी इम्प्रूव किया है। राजनीतिक विश्लेषकों की माने, तो कांग्रेस पार्टी जीत तो रही है, लेकिन अब भाजपा भी शर्मनाक हार से बच सकेगी।  वहीं कांग्रेस और भाजपा का खेल निर्दलीयों ने बिगाड़ने की पूरी तैयारी कर ली है। माना जा रहा है कि कम से कम 199 सीटों में से 20 सीटों पर निर्दलीय और अन्य दलों की प्रत्याशी जीत सकते। वहीं चुनाव प्रचार के दौरान खास बात यह रही कि कांग्रेस प्रत्याशी रघु शर्मा, डॉ. सीपी जोशी, मानवेंद्र सिंह, रामेश्वर डूडी, बीड़ी कल्ला, समेत तमाम दिग्गज अपने क्षेत्र से बाहर नहीं निकल सके। यही हाल भाजपा का दिग्गज नेताओं का रहा। भाजपा के गुलाबचंद कटारिया, राजेंद्र सिंह राठौड़, युनूस खान, समेत तमाम दिग्गज अपनी ही सीट पर फंसे रहे।   साभार-khaskhabar.com

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लखनऊ। उत्तर प्रदेश में भाजपा को बड़ा झटका लगा है। यह झटका बहराइच से सांसद सावित्री बाई फुले ने दिया है । सांसद फुले ने आरोप लगाते हुए कहा कि भाजपा समाज में बंटवारे की साजिश रच रही है। इसलिए मैं पार्टी से इस्तीफा दे रही हूं। इस इस्तीफे को भाजपा को यूपी में बड़े झटके के रूप माना जा रहा है। फुले की पहचान उत्तर प्रदेश में भाजपा के एक बड़े दलित चेहरे के तौर पर जानी जाती है। वे लगातार केंद्र और यूपी सरकार पर अक्सर निशाना बनाती रही हैं और आज इस्तीफा देने के बाद भी उन्होंने पार्टी पर आरोप जड़ दिए हैं।  सांसद फुले का कहना है कि देश में राम मंदिर की आवश्यकता नहीं है। हाल ही में उन्होंने राम मंदिर के सवाल पर सांसद फुले ने कहा था कि बीजेपी इस मुद्दे को उछाल रही है जैसे कोई और मुद्दा है ही नहीं। उन्होंने बताया कि देश को मंदिर की आवश्यकता नहीं है, क्या मंदिर बेरोजगारी, दलित और पिछड़ों की समस्याओं को दूर कर सकता है।फुले ने बताया कि मंदिर से सिर्फ ब्राह्मणों को फायदा मिलता है, जिनकी आबादी सिर्फ तीन फीसदी ही है।   साभार-khaskhabar.com

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दौसा। राजस्थान विधानसभा चुनाव प्रचार का आज अंतिम दिन है। सभी पार्टियां पूरी तैयार के साथ चुनाव प्रचार कर रही है। इसी कड़ी में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दौसा में एक जनसभा को संबोधित किया। अपने संबोधन में पीएम मोदी ने जनता का आभार जताते हुए कहा कि आपका आशीर्वाद लेने के लिए आया हूं। प्रधानमंत्री मोदी ने किरोडी लाल मीणा की जमकर तारीफ की है।  प्रधानमंत्री ने कहा कि कांग्रेस पार्टी भ्रष्टाचार में पूरी तरह लिप्त है। पीएम मोदी ने कुंभकरण वाले बयान को लेकर राहुल गांधी को आडे हाथ लिया। कांग्रेस ने आदिवासियों के लिए कुछ नहीं किया। अटलजी ने पहली बार आदिवासियों के लिए मंत्रालय बनाया। पीएम मोदी ने कहा कि कांग्रेस पास ना तो सेनापति है और ना ही सेना। कांगेस ने फेलाया जातिवाद का जहर। प्रदेश में बीजेपी की सरकार बनी तो फ्रॉड जेल जाएंगे। कांग्रेस ने हमेशा वोट की राजनीति की है। पीएम मोदी ने कहा कि मैं नामदारों की तरह वादा नहीं कर रहा हूं।पीएम मोदी ने कहा कि कांग्रेस के पास सैनिक ही नहीं तो सेनापति कहां से लाएंगे। नामदार की 4 पीढ़ियों ने आदिवासियों के लिए कुछ नहीं किया । दौसा का बना झंडा ने बापू ने पहली बार फहराया था, दौसा की खादी की पहचान पूरे देश में है। पूरा देश यहां के बुनकरों को नमन करता है। देश को चलाने के लिए सशक्त नेतृत्व की जरूरत होती है, न इनके (कांग्रेस के) पास नीति है, ना ही नीयत की संभावना है।  पीएम मोदी ने कहा कि जब की दौसा की बात आती है तो तिरंगे की शान बढ़ती है। दौसा की खादी की देशभर में जानी जाती है। कांग्रेस पर हमला बोलते हुए मोदी ने कहा कि कांग्रेस ने खादी का नामो निशान मिटा दिया। आजकल खादी जैकेट मशहूर हो गया। खादी के जैकेट को लोग मोदी जैकेट बोलते हैं तो इनको मिर्ची लग जाती है कि ये गांधी जी की खादी मोदी जैकेट कैसे बन गई।   साभार-khaskhabar.com

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