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बीजिंग । चीन की स्मार्टफोन निर्माता कंपनी शाओमी ने भारत में अपना पहला मी होम स्टोर खोलने का एलान किया है। यह चीन से बाहर तीसरा शाओमी स्टोर होगा। सबसे पहले शाओमी स्टोर पिछले साल अक्टूबर में सिंगापुर में खुला था, उसके बाद दूसरा स्टोर पिछले महीने मलेशिया में खुला है। नया स्टोर भारत के कर्नाटक राज्य के बेंगलुरु शहर में खुलेगा। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार यह भारत में कंपनी का पहला स्टोर होगा, जहां शाओमी स्मार्टफोन्स की रेंज रखी जाएगी । यहां स्मार्टफोन, पावरबैंक, हैडफोन्स, फिटनेसबैंड्स, एयर प्यूरिफायर समेत कई डिवाइस उपलब्ध होंगे। आपको बता दें, यह भारत में तो कंपनी का पहला स्टोर है लेकिन चीन में शाओमी के ऐसे करीब 80 स्टोर्स हैं। अप्रैल में, शाओमी के सीईओ लेइ चुन ने सिना वेइवो पर एलान किया कि कंपनी अपने स्टोर्स को खोलना जारी रखेगी, इस साल के अंत तक संख्या 200 तक पहुंच जाएगी। साभार-khaskhabar.com  

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मुंबई। मंगलवार को सेंसेक्स ने शुरूआती लाभ गंवा दिया और अंत में यह मात्र 2.78 अंक की बढत के साथ 29,921.18 अंक पर बंद हुआ। यूरोपीय बाजारों में बढत के साथ शुरूआती के बीच वाहन और रीयल्टी कंपनियों के शेयरों में तेजी के बीच बाजार में सीमित बढत रही।  सेंसेक्स सुबह के कारोबार में 150 अंक की बढत के साथ खुलकर 30,000 अंक के स्तर को छू गया और 30,069.24 अंक के स्तर तक पहुंचा। लेकिन बाद में सेंसेक्स इस बढत को कायम नहीं रख पाया और अंत में मात्र 2.78 अंक या 0.01 प्रतिशत की बढत के साथ 29,921.18 अंक पर बंद हुआ। नेशनल स्टाक एक्सचेंज का निफ्टी कारोबार के दौरान 9,352.55 से 9,269.90 अंक के दायरे में घूमने के बाद अंत में 9.75 अंक या 0.10 प्रतिशत की बढत के साथ 9,313.80 अंक पर बंद हुआ।  सुबह कंपनियों के चौथी तिमाही परिणाम उम्मीद से बेहतर रहने के बाद बाजार में आज लिवाली का जोर रहा जिससे कारोबार के शुरूआती दौर में ही बंबई शेयर बाजार का संवेदी सूचकांक 134 अंक चढकर 30,000 अंक से उच्च पर निकल गया। बंबई शेयर बाजार का 30 कंपनी शेयरों पर आधारित सेंसेक्स कारोबार के शुरूआती दौर में 134.33 अंक यानी 0.44 प्रतिशत चढ़कर 30,052.73 अंक पर पहुंच गया।  इससे पहले दो सत्रों में सेंसेक्स में 214.95 अंक की गिरावट आई थी। टिकाऊ उपभोक्ता सामान, सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों, धातु, आटो, बैंक और सूचना प्रौद्योगिकी क्षेत्र के समूह सूचकांक सभी सकारात्मक दायरे में रहे। इनमें 0.96 प्रतिशत तक की मजबूती रही। निफ्टी भी इस दौरान 37.75 अंक यानी 0.40 प्रतिशत बढकर 9,341.85 अंक पर पहुंच गया।  कंपनियों के उत्साहवर्धक परिणाम आने और अप्रैल माह के दौरान वाहन बिक्री के आंकडों से कारोबारी धारणा बेहतर रही। दूसरी तरफ एशियाई बाजारों से मिला जुला रूख देखने को मिला। कारोबार की शुरूआत में मारूति सुजूकी, हीरो मोटो कार्प, ओएनजीसी, बजाज आटो, एचडीएफसी लिमिटेड, एशियन पेंट, टीसीएस, टाटा स्टील, स्टेट बैंक, एक्सिस बैंक, अदाणी पोर्ट्स, आईटीसी लिमिटेड, इनफोसिस और विप्रो के शेयरों में तेजी देखने को मिली।   साभार-khaskhabar.com  

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नई दिल्ली । अपने जनरेशन 4जी पोर्टफोलियो को विस्तार देते हुए घरेलू स्मार्टफोन निर्माता जेन मोबाइल ने शुक्रवार को 5,749 रुपये कीमत वाले ‘एडमियर मेटल’ को लांच किया। यह दो वाट्सअप फीचर व 22 क्षेत्रीय भारतीय भाषाओं को समर्थन करता है। इस दो सिम वाले स्मार्टफोन में पांच इंच का एचडी आईपीएस डिस्प्ले है। इसमें 1.3 जीगाहटर््ज का क्वाड कोर प्रोसेसर व एक जीबी रैम है। जेन मोबाइल के प्रमुख कार्यकारी अधिकारी दीपेश गुप्ता ने कहा, ‘‘जेन मोबाइल लगातार कम लागत के ज्यादा विशेषताओं वाले उपकरण लाने पर काम कर रहा है। हमें विश्वास है कि एडमियर मेटल बड़े शहरों और टियर 2 के तकनीकी सेवी उपयोगकर्ताओं को खीचेगा।’’ इसमें 5 एमपी रियर कैमरा और ऑटो फोकस 5 एमपी का सेल्फी कैमरा है। इसकी 16 जीबी की मेमोरी को 32 जीबी तक बढ़ा सकते हैं।  साभार-khaskhabar.com  

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नई दिल्ली । नई टेलीकॉम कंपनी रिलायंस जियो आने वाले महीनों में अपनी मोबाइल साइट्स की संख्या में एक लाख नई साइट्स को जोड़ते हुए अपने नेटवर्क को दोगुना की योजना पर अमल करेगी। कंपनी ने कहा कि डेटा यूजेज के मामले में कंपनी वैश्विक तौर पर सबसे बड़ा नेटवर्क बन चुकी है और आने वाले महीनों में अपने नेटवर्क को दोगुना करते हुए एक लाख नई मोबाइल साइट्स को इसमें जोडऩे की योजना पर अमल करेगी।  रिलायंस जियो ने एक बयान जारी करते हुए कहा है कि जियो लगातार अपने ग्राहक आधार को बढ़ा रही है और 31 मार्च 2017 नेटवर्क पर 108.9 मिलियन से अधिक ग्राहक शामिल हो चुके हैं। 110 करोड़ जीबी डेटा ट्रैफिक प्रति माह और 220 करोड़ वॉयस और वीडियो मिनट्स प्रति दिन से अधिक के साथ जियो डेटा कैरिड के मामले में विश्व का सबसे बड़ा नेटवर्क बन गया है और ये भारत को विश्व एक प्रमुख मोबाइल डेटा उपयोग करने वाले बदल रहा है।  कंपनी के बयान के अनुसार आज जियो यूजर्स उतना डेटा यूज कर रहे हैं जितना अमेरिका में सभी मोबाइल नेटवर्कस पर हो रहा है और चीन में मोबाइल नेटवर्क पर यूज होने वाले डेटा से 50 प्रतिशत अधिक है और ये इस बात का स्पष्ट संकेत है कि भारत तेजी से डिजिटलाइजेशन को अपना रहा है और विश्व में कहीं से अधिक तेजी से डिजिटल लाइफ को अपना रहा है। मुकेश अंबानी के नेतृत्व में टेलीकॉम कंपनी का कहना है कि उसने भविष्य के लिए तैयार एक ऐसा नेटवर्क बनाया है जिस पर आसानी से 5जी को भी शुरू किया जा सकता है।  नेटवर्क स्पीड के मामले में ट्राई के स्पीड एनालिटक्स पोर्टल और अन्य स्वतंत्र एजेंसियों ने जियो डेटा स्पीड को क्वालीफाई किया है और इंडस्ट्री में दैनिक आधार पर बेहतरीन है। ट्राई मॉयस्पीड पोर्टल के अनुसार मार्च 2017 में जियो की औसत डाउनलोड स्पीड 15.0 एमबीपीएस रही जो कि किसी भी अन्य ऑपरेटर से करीब दोगुना है।  जियो विश्व का सबसे बड़ा ग्रीनफील्ड 4जी एलटीई वायरलेस ब्रॉडबैंड नेटवर्क है और इसमें 1 लाख से अधिक मोबाइल टॉवर्स शामिल हैं। कंपनी का कहना है कि आने वाले महीनों में इस नेटवर्क पर एक लाख से अधिक और नए टॉवर्स को जोड़ा जाएगा।  इसके अलावा जियो लगातार फाइबर टू द होम.एफटीटीएचए कारोबार का भी विस्तार कर रही है और कुछ जगहों पर बीटा ट्रायल को भी शुरू किया गया है। कंपनी का कहना है कि अगले कुछ महीनों में बीटा ट्रायल्स का विस्तार किए जाने की उम्मीद है।  कंपनी ने पांच सितंबरए 2016 को अपनी सेवाओं की शुरुआत के बाद से जियो ने विश्व में किसी भी अन्य कंपनी के मुकाबले कहीं तेजी से सिर्फ 83 दिनों में 5 करोड़ ग्राहकों का आंकड़ा छू लिया था और 170 दिनों में इसके 10 करोड़ ग्राहक बन गए। इस तरह इसके रोजाना औसतन छह लाख यूजर बने।  कंपनी का कहना है कि उसने 1 अप्रैल से मोबाइल सर्विसेज के लिए शुल्क लेना शुरू किया है जब कंपनी ने अपनी नई स्कीम जियो प्राइम की शुरुआत की।  जियो ग्राहकों को एकमुश्त 99 रुपए के भुगतान के साथ जियो प्राइम की सदस्यता प्रदान की गई और वे 303 रुपए से शुरू होने वाले मासिक रेंटल प्लान से शुरुआत कर सकते हैं। कंपनी ने जियो प्राइम सदस्यों के लिए 309 रुपए मासिक रेंटल के साथ शुरू होने वाला एक और प्लान भी शुरू किया है। साभार-khaskhabar.com  

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नई दिल्ली । मंगलवार को नेशनल स्टॉक एक्सचेंज के निफ्टी ने कारोबार के दौरान पहली बार 9,300 अंक के स्तर को पार किया है। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज के इंडेक्स निफ्टी में कारोबार का अंत 9306 के स्तर पर हुआ जबकि सेंसेक्स 287 अंक तेजी के साथ बंद हुआ।  रिलायंस इंडस्ट्रीज और अन्य बडी कंपनियों के बेहतर तिमाही नतीजों से मंगलवार को निफ्टी रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया। इसके अलावा सकारात्मक एशियाई संकेतों तथा यूरोपीय बाजारों की बेहतर शुरूआत से भी यहां धारणा मजबूत हुई।।  मंगलवार को कारोबार के दौरान निफ्टी 82.45 अंक या 0.89 प्रतिशत की बढत के साथ 9,300.40 अंक के नए रिकॉर्ड पर पहुंच गया। इससे पहले 5 अप्रैल को निफ्टी 9,273.90 अंक के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचा था। दोपहर के कारोबार में बंबई शेयर बाजार का 30 शेयरों वाला सेंसेक्स 271.12 अंक या 0.91 प्रतिशत की बढत के साथ 29,926.96 अंक पर चल रहा था। बीएसई के मिडकैप और स्मॉलकैप सूचकांकों में तेजी रही। बीएसई का मिडकैप सूचकांक 154.85 अंकों की तेजी के साथ 14,780.58 पर और स्मॉलकैप सूचकांक 88.63 अंकों की तेजी के साथ 15,379.89 पर बंद हुआ। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का 50 शेयरों पर आधारित संवेदी सूचकांक निफ्टी 55.10 अंकों की तेजी के साथ 9,273.05 पर खुला और 88.65 अंकों या 0.96 फीसदी की बढ़त के साथ 9,306.60 पर बंद हुआ। दिन भर के कारोबार में निफ्टी ने 9,309.20 के ऊपरी और 9,250.35 निचले स्तर को छुआ। बीएसई के सभी 19 सेक्टरों में तेजी रही। दूरसंचार (2.62 फीसदी), तेज खपत उपभोक्ता वस्तुएं (1.67 फीसदी), रियल्टी (1.26 फीसदी), तेल एवं गैस (1.23 फीसदी) और ऊर्जा (1.20 फीसदी)में सर्वाधिक तेजी रही।  साभार-khaskhabar.com  

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मुंबई । देश के शेयर बाजार के शुरुआती कारोबार में सोमवार को मजबूती का रुख है। प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स सुबह 9.40 बजे 124.86 अंकों की मजबूती के साथ 29,498.69 पर और निफ्टी भी लगभग इसी समय 38 अंकों की बढ़त के साथ 9,157.40 पर कारोबार करते देखे गए। बम्बई स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) का 30 शेयरों पर आधारित संवेदी सूचकांक सेंसेक्स सुबह 42.38 अंकों की मजबूती के साथ 29,407.68 पर, जबकि नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का 50 शेयरों पर आधारित संवेदी सूचकांक निफ्टी 15.95 अंकों की बढ़त के साथ 9,135.35 पर खुला। साभार-khaskhabar.com  

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नई दिल्ली । पिछले वर्ष देश के टेलिकॉम मार्केट में प्रवेश करने वाली रिलायंस जियो की मार्च में ऐवरेज 4G डाउनलोड स्पीड 16.48 mbps की रही, जो इसकी राइवल्स भारती एयरटेल और आइडिया सेल्युलर से लगभग दो गुनी है।टेलिकॉम रेग्युलेटर ट्राई की मासिक रिपोर्ट से पता चलता है कि रिलायंस जियो की ऐवरेज डाउनलोड स्पीड 16.48 मेगाबिट पर सेकंड (mbps) की थी, जबकि आइडिया सेल्युलर के नेटवर्क पर यह 8.33 mbps और भारती एयरटेल के नेटवर्क पर 7.66 mbps थी। 16 mbps की स्पीड पर यूजर्स एक बॉलिवुड मूवी लगभग 5 मिनट में डाउनलोड कर सकते हैं।मार्च में वोडाफोन की ऐवरेज डाउन लोडस्पीड 5.66 mbps, रिलायंस कम्युनिकेशंस की 2.64 mbps, टाटा डोको मोकी 2.52 mbps, सरकारी टेलिकॉम कंपनी BSNL की 2.26 mbps और एयरसेल की 2.01 mbps रही। ट्राई डाउन लोडस्पीड का डेटा वास्तविक समय के आधार पर अपनी माय स्पीड ऐप्लिकेशन की मदद सेकैलकुलेट करता है।एयरटेल और रिलायंस जियो दोनों देश का सबसे तेज नेटवर्क होने का दावा कर रही हैं।रिलायंस जियो ने एयरटेल के उस ऐड कैम्पेन को चुनौती दी थी जिसमें एयरटेल ने `आधिकारिकतौरपर` देश का सबसे तेज नेटवर्क होने का दावा किया था।ऐडवर्टाइजिंग स्टैंडर्ड्स काउंसिल ऑफ इंडिया (ASCI) ने एयरटेल के इस विज्ञापन को भ्रामक पाया था और कंपनी से 11 अप्रैल तक इसे बदलने या वापस लेने को कहा था। एयरटेल ने ASCI के इस निर्देश का पालन किया है। एयरटेल ने इस फैसले की समीक्षा के लिए ASCI के पास अपील दाखिल की है। साभार-khaskhabar.com

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नई दिल्ली । देश में पंजीकृत कुल 11 लाख सक्रिय भारतीय कंपनियों में एक तिहाई से भी ज्यादा पर रजिस्ट्रेशन रद्द होने का खतरा मंडरा रहा है। ये कंपनियां तीन साल के रिटन्र्स फाइल करने में नाकामयाब रही हैं। ऐसे में अब इन पर फर्जी कंपनियों पर प्रहार के तहत कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। पिछले महीने से ही ऐसी चार लाख से ज्यादा कंपनियों को नोटिस भेजे जा रहे हैं जिन्होंने कंपनियों के रजिस्ट्री ऑफिस में वित्त वर्ष 2013-14 और वित्त वर्ष 2014-15 में रिटन्र्स फाइल नहीं किए। टाइम्स इंडिया की खबर के मुताबिक, इन कंपनियों ने वित्त वर्ष 2015-16 के भी रिटन्र्स फाइल नहीं किए, हालांकि अभी रिटन्र्स फाइल की मियाद बची है। आईटी को जवाब नहीं देने वालों के खिलाफ कार्रवाई तय कंपनियों को रिटन्र्स फाइल करने के लिए 30 दिन की मोहलत दी गई है। इसमें नाकामयाब रहने पर सरकार इनका नाम छीन सकती है। कंपनी मामलों का मंत्रालय ऐसी कंपनियों के नाम सार्वजनिक करेगा और इनके एवं इनके डायरेक्टरों की जानकारी इनकम टैक्स डिपार्टमेंट, बैंकों और रिजर्व बैंक को देगा, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि ये कंपनियां कोई लेन-देन नहीं कर सकें। हालांकि, कंपनी कानून में कंपनियों को ‘निष्क्रिय’ अवस्था में होने का कानूनी अधिकार मिला हुआ है, लेकिन बहुत कंपनियां इसका इस्तेमाल करती हैं। मार्च 2015 के आखिर तक कुल 14.6 लाख कंपनियां थीं, लेकिन सिर्फ 10.2 लाख को ही सक्रिय माना जा रहा था जबकि महज 214 कंपनियों ने खुद को ‘निष्क्रिय’ घोषित कर रखा था। सूत्रों ने बताया कि नाम छीने जाने की धमकी मात्र से ही कई कंपनियां रिटन्र्स फाइल करने लगीं। कंपनी मामलों के मंत्रालय के इस कदम को उचित बताते हुए सूत्रों ने कहा, ‘हमें नहीं पता कि इन कंपनियों का कोई कारोबार है भी या ये सिर्फ कागजी कंपनियां हैं। सबसे पहले हमें उनकी स्थिति जानने की जरूरत है।’ अगले चरण में सरकार उन कंपनियों की पहचान करेगी जिनका टर्नओवर कम है, लेकिन उन्होंने भारी-भरकम प्रीमियम पर शेयर जारी कर दिए या जिनके पास भारी मात्रा में रिजर्वस हैं। ये कंपनियां फर्जी जान पड़ती हैं जिसमें एंट्री ऑपरेटर्स शेयर जारी करने के लिए कैश लेते हैं और फंड को कई कंपनियों के जरिए इसकी खपत कर देते हैं ताकि काले धन को सफेद किया जा सके। पहचान में आई कंपनियों की जानकारी सीरियस फ्रॉड इन्वेस्टिगेशन ऑफिस (एसएफआईओ) को दी जाएगी जो इनकी छानबीन करेगी। फिर टैक्स डिपार्टमेंट और ईडी आगे की कार्रवाई करेंगे। तथाकथित शेल कंपनियों पर सरकार काफी पैनी नजर रख रही है। कई शेल कंपनियों ने नोटबंदी के दौरान नोट जमा करवाए। सरकार ने एक रोडमैप तैयार करने के लिए कार्यबल का गठन किया है ताकि सुनिश्चित किया जा सके कि ये कंपनियां टैक्स चोरी और धन शोधन (मनी लॉन्ड्रिंग) की वाहक के तौर पर काम नहीं कर सकें। साभार-khaskhabar.com  

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नई दिल्ली । तेल कंपनियों ने अचानक बडा झटका दिया है। तेल कंपनियों ने शनिवार रात से पेट्रोल और डीजल के दाम बढा दिए है। इस बार पेट्रोल के दाम में 1.39 रुपये और डीजल के दाम में 1.04 रुपये प्रति लीटर की दर से इजाफा किया गया है। भारत की सबसे बड़ी तेल कंपनी इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन ने इसकी जानकारी दी। इससे पहले एक अप्रैल से पेट्रोल 3.77 रुपये और डीजल 2.91 रुपये सस्ता हो गया है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पेट्रोलियम पदार्थ महंगा होने के चलते घरेलू स्तर पर पेट्रोल और डीजल के दामों में बढ़ोत्तरी की गई है। पिछले दिनों तेल कंपनियों ने पेट्रोल और डीजल की कीमत में प्रतिदिन बदलाव के लिए सरकार को प्रस्ताव भेजा था। तेल कंपनियां पायलट प्रॉजेक्ट के तौर पर 1 मई से देश के पांच शहरों में पेट्रोल और डीजल के दामों में प्रतिदिन बदलाव करने वाली हैं। अगर यह ट्रायल सफल रहा, तो इसको पूरे देश में लागू किया जाएगा। भारत की सबसे बड़ी तेल कंपनी इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन ने कहा कि पेट्रोल के दाम में 1.39 रुपये और डीजल के दाम में 1.04 रुपये प्रति लीटर की दर से इजाफा किया जा रहा है. यह कीमत शनिवार रात से लागू होगी। इसके अलावा इसमें स्टेट लेवी भी लगाया जाएगा, जिसके बाद इसकी वास्तविक वृद्धि का पता चलेगा। कंपनी ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पेट्रोलियम के दामों में कमी या बढ़ोत्तरी के आधार पर आगे भी इनकी कीमत में बदलाव किया जाएगा। मुंबई में पेट्रोल का दाम 72.61 रुपये जबकि डीजल का दाम 62.52 रुपये प्रति लीटर हुआ। दिल्ली में पेट्रोल का दाम 68.18 रुपये जबकि डीजल का दाम 56.89 रुपये प्रति लीटर हुआ। साभार-khaskhabar.com  

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नयी दिल्ली । गुरूवार को केंद्रीय मंत्रिमंडल ने देश में विनिर्माण को बढावा देने के इरादे से सार्वजनिक क्षेत्र की तेल एवं गैस कंपनियों की खरीद में घरेलू विनिर्माताओं को तरजीह देने से जुडी नीति को मंजूरी दे दी। नीति के तहत तेल एवं गैस कारोबार से जुडी कुछ गतिविधियों में स्थानीय सामान के उपयोग का लक्ष्य निर्धारित किया जाएगा।  एक आधिकारिक बयान के अनुसार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में इस नीति को मंजूरी दी गयी। नीति के क्रियान्वयन पर नजर रखने के लिये एक निगरानी समिति गठित की जाएगी। समिति सालाना समीक्षा करेगी और साल-दर-साल के आधार पर नीति को जारी रखने की सिफारिश करेगी।  साभार-khaskhabar.com  

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नई दिल्ली । तेल कंपनियों की लगातार अनदेखी से परेशान कंसॉर्टियम ऑफ इंडियन पेट्रोलियम डीलर्स (सीआईपीडी) ने 10 मई के बाद हर रविवार को पेट्रोल पंप बंद रखने का ऐलान कर दिया है। इतना ही नहीं, अगर तेल कंपनियों ने इसके बाद भी सुध नहीं ली तो पेट्रोल पंपों को रात में भी बंद रखा जाएगा। इस फैसले के लागू होने के बाद देशभर में करीब 53 हजार पेट्रोल पंपों पर उपभोक्ताओं को केवल दिन के समय ही पेट्रोल और डीजल मिल सकेगा. इससे तेल की खपत पर असर पड़ेगा और हर माह तेल कंपनियों को होने वाले करोड़ों रुपए का मुनाफा भी प्रभावित होगा। कुरुक्षेत्र में हुई बैठक में फैसले पर मुहर यह फैसला रविवार को कुरुक्षेत्र में हुई सीआईपीडी की बैठक मेंं लिया गया। नवंबर 2016 में मुंबई और मार्च 2017 में दिल्ली में तीनों तेल कंपनियों के अधिकारियों के साथ हुई बैठक में समस्याओं का समाधान निकलने पर सीआईपीडी ने कुरुक्षेत्र में बैठक बुलाई थी।  सीआईपीडी के राष्ट्रीय एडी सत्यानारायणन ने कहा कि साल 2011 से तेल कंपनियां पंप मालिकों को मार्जिन नहीं दे रही है, जिससे पंप संचालक घाटे में जा रहे हैं। इससे बचने के लिए उन्होंने समय-समय पर मार्जिन दिए जाने की मांग की, लेकिन अधिकारी लगातार अनदेखी करते आ रहे हैं।  साभार-khaskhabar.com  

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नयी दिल्ली । दूरसंचार कंपनियों की उपभोक्ता सेवाओं मसलन मोबाइल टेलीफोनी तथा डेटा आमदनी पिछले साल अक्टूबर-दिसंबर तिमाही में इससे पिछली तिमाही की तुलना में 10.5 प्रतिशत घटकर 37,284 करोड रपये रह गई। भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण-ट्राई ने यह जानकारी दी है। इससे पिछली तिमाही यानी जुलाई सितंबर-2016 में कंपनियों की इन्हीं सेवाओं से कुल आय 41,681 करोड रपये रही थी।  दूरसंचार क्षेत्र में इससे पहले अप्रैल-जून तिमाही में कुल मिलाकर दूरसंचार सेवाओं की बिक्री से 44,754 करोड रपये का समायोजित सकल राजस्व प्राप्त किया गया। मौजूदा दूरसंचार आपरेटरों ने नई कंपनी रिलायंस जियो की मुफ्त सेवाओं की पेशकश को उनकी तिमाही आय में गिरावट के लिये दोषी ठहराया है। रिलायंस जियो ने पिछले साल जुलाई से ही परीक्षण की शुरआत करते हुये अपनी निशुल्क 4जी सेवायें शुरू कर दी थी। परीक्षण के दौरान ही उसके 15 लाख ग्राहक बन गये। पांच सितंबर से कंपनी ने वाणिज्यिक तौर पर अपनी सेवाओं की शुरआत की और मात्र 170 दिन में ही उसके ग्राहकों का आंकडा 10 करोड तक पहुंच गया। इस दौरान रिलायंस जियो ने निशुल्क 4जी सेवायें दी जबकि अन्य दूरसंचार कंपनियां इसके साथ प्रतिस्पर्धा से जूझती रहीं।  दूरसंचार कंपनियों को इस दौरान अपने समायोजित सकल राजस्व के आधार पर सरकारी लाइसेंस फीस और अन्य शुल्क भी चुकाने पडे। ट्राई की रिपोर्ट के मुताबिक अक्टूबर से दिसंबर तिमाही में लाइसेंस फीस घटकर 3,698 करोड रूपये रह गई जो कि जुलाई सितंबर तिमाही में 4,091 करोड रूपये थी।  साभार-khaskhabar.com  

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