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नई दिल्ली । स्टेट बैंक ऑफ पटियाला, स्टेट बैंक ऑफ बीकानेर एंड जयपुर सहित भारतीय स्टेट बैंक के पांच सहयोगी बैंकों और भारतीय महिला बैंक का शनिवार 1 अप्रैल को देश के सबसे बडे बैंक भारतीय स्टेट बैंक में विलय हो गया। इसके साथ ही स्टेट बैंक दुनिया के 50 बडे बैंकों में शामिल हो गया है। इस विलय के साथ भारतीय स्टेट बैंक के खाताधारकों की कुल संख्या 37 करोड और उसकी शाखाओं का नेटवर्क 24,000 के आंकडे को छू जाएगा। देशभर में उसके 59,000 एटीएम होंगे। विलय के बाद बैंक की जमा राशि 26 लाख करोड रूपये से अधिक और कर्ज पर दी गई राशि 18.50 लाख करोड रूपये होगी।  स्टेट बैंक द्वारा शनिवार को कहा गया है कि स्टेट बैंक ऑफ बीकानेर एंड जयपुर (एसबीबीजे), स्टेट बैंक ऑफ हैदराबाद (एसबीएच), स्टेट बैंक ऑफ मैसूर (एसबीएम), स्टेट बैंक ऑफ पटियाला (एसबीपी) और स्टेट बैंक ऑफ त्रावणकोर (एसबीटी) तथा भारतीय महिला बैंक (बीएमबी) का 1 अप्रैल से भारतीय स्टेट बैंक में विलय हो गया है।  बैंक ने कहा है,छह बैंकों के इस व्यापक विलय के साथ भारतीय स्टेट बैंक ने एक बार फिर बदलाव और बैंकों में देश का अग्रणी बैंक होने तथा मूल्यों के सृजन की अपनी क्षमता को साबित किया है। इस विलय के साथ स्टेट बैंक संपत्ति के आधार पर दुनिया के 50 शीर्ष बैंकों की जमात में शामिल हो गया है। साभार-khaskhabar.com  

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मुंबई । तीन दिनों से तेजी में चल रहे देश के शेयर बाजारों में शुक्रवार को गिरावट का रुख है। प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स सुबह 10.07 बजे 35.61 अंकों की गिरावट के साथ 29,611.81 पर और निफ्टी भी लगभग इसी समय 9.80 अंकों की कमजोरी के साथ 9,163.95 पर कारोबार करते देखे गए।  बम्बई स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) का 30 शेयरों पर आधारित संवेदी सूचकांक सेंसेक्स सुबह 13.51 अंकों की गिरावट के साथ 29633.91 पर, जबकि नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का 50 शेयरों पर आधारित संवेदी सूचकांक निफ्टी 14.85 अंकों की गिरावट के साथ 9,158.90 पर खुला।  साभार-khaskhabar.com  

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मुंबई । बंबई शेयर बाजार में लगातार तीसरे दिन गुरूवार को तेजी का सिलसिला जारी रहा तथा सेंसेक्स 116 अंक की बढत के साथ बंद हुआ। निफ्टी 9,173.75 अंक के अपने सर्वकालिक उच्चस्तर पर पहुंच गया। डेरिवेटिव अनुबंधों के निपटान के बीच जीएसटी के मोर्चे पर अच्छी खबरों से बाजार में तेजी आई। निफ्टी 29.95 अंक या 0.33 प्रतिशत की बढ़त से 9,173.75 अंक के नए रिकॉर्ड पर बंद हुआ। कारोबार के दौरान यह 9,136.35 से 9,183.15 अंक के दायरे में रहा। यह 17 मार्च के बाद निफ्टी का सबसे उंचा स्तर है। उस दिन यह 9,160.05 अंक पर बंद हुआ था।  बंबई शेयर बाजार का 30 शेयरों वाला सेंसेक्स 29,684.54 अंक के दिन के उच्चस्तर को छूने के बाद मुनाफावसूली से नीचे आया। इसने 29,521.65 अंक का निचला स्तर भी छुआ। अंत में सेंसेक्स 115.99 अंक या 0.39 प्रतिशत की बढत के साथ 29,647.42 अंक पर बंद हुआ। इससे पिछले दो सत्रों में सेंसेक्स 294 अंक चढा था। लोकसभा ने कल जीएसटी से संबंधित चार सहायक विधेयकों को मंजूरी दे दी, जिससे इस नई अप्रत्यक्ष कर व्यवस्था के एक जुलाई से लागू होने का रास्ता खुल गया है।  साभार-khaskhabar.com  

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मुंबई । ई-कॉमर्स की सबसे बडी कंपनी स्नैपडील और फ्लिपकार्ट के बीच विलय को लेकर बातचीत चल रही है। बताया जा रहा है कि विलय को कराने के लिए जापान की दिग्गज कंपनी सॉफ्टबेंक कोशिश कर रही है। माना जा रहा है कि यह समझौता हो गया तो घरेलू ई-कॉमर्स मार्केट की तस्वीर बदल जाएगी।  सूत्रों के अनुसार सॉफ्टबैंक विलय के बाद नई कंपनी में 1.5 अरब डॉलर तक का निवेश करेगी। सॉफ्टबैंक नई कंपनी के प्राइमरी और सेकंडरी शेयरों की अच्छी-खासी तादाद अपने पास रख सकती है। अगर विलय हुआ तो नई कंपनी का करीब 15 प्रतिशत शेयर सॉफ्टबैंक के पास रहेगा। स्नैपडील के सबसे बड़े निवेशक सॉफ्टबैंक का इस भारतीय ई-कॉमर्स कंपनी में 30 प्रतिशत से थोड़ा ज्यादा शेयर है जिसका 2016 की शुरुआत में इन शेयरों का मूल्य 6.5 अरब डॉलर था। माना जा रहा है कि विलय के इस समझोते में फ्लिपकार्ट के सबसे बडे निवेशक अमेरिका के टागर ग्लोबल की एक अरब डॉलर के शेयरों की बिक्री में शामिल हो सकती है। फ्लिपकार्ट में टाइगर ग्लोबल की करीब 30 प्रतिशत हिस्सेदारी है। अमेरिकी कंपनी अपनी हिस्सेदारी का करीब 10 प्रतिशत बेच सकती है। सूत्रों के मुताबिक टाइगर ग्लोबल संभावित विलय के बाद बनने वाली नई कंपनी से पूरी तरह अलग नहीं होगी।  साभार-khaskhabar.com  

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नई दिल्ली । चालू वित्त वर्ष में निर्यात ऋण में 32 फीसदी की तेज बढ़ोतरी हुई है। साथ ही वैश्विक मांग में सुधार होने से शिपिंग के क्षेत्र में भी तेजी आई है।  वहीं, कृषि क्षेत्र को दिए जाने वाले ऋण में भी तेजी देखी गई है। एसोचैम की रविवार को जारी रिपोर्ट में यह जानकारी दी गई है।  इस रिपोर्ट में भारतीय रिजर्व बैंक के आंकड़ों का विश£ेषण करते हुए बताया गया है कि चालू वित्त वर्ष में 20 जनवरी तक कुछ चुनिंदा क्षेत्रों ने अच्छा प्रदर्शन किया है, जबकि वित्त वर्ष 2016-17 में ऋण की वृद्धि दर निराशाजनक रूप से 3.3 फीसदी रही है।  इसमें कहा गया है कि उधारदाताओं (बैंक आदि) से धन की मांग में सकल बैंक ऋण, निर्यात, कृषि और उससे संबंधित गतिविधियों, शिपिंग, पेशेवर सेवाओं, उपभोक्ता टिकाऊ वस्तुओं और वाहन क्षेत्र सबसे आगे रहे।  इनमें 20 जनवरी, 2017 (आरबीआई के नवीनतम आंकड़े के अनुसार) तक सालाना आधार पर निर्यात ऋण में 32 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। इसमें शिपिंग में सबसे ज्यादा ऋण दिए गए जो कि 15.7 फीसदी रही, उपभोक्ता टिकाऊ वस्तुओं में 17.1 फीसदी और वाहन ऋण 18.2 फीसदी की बढ़ोतरी हुई। एसोचैम के महासचिव डी. एस. रावत ने बताया, ‘‘ये विकास के खंड है जो अर्थव्यवस्था को ट्रैक पर रखते हैं। इसमें कृषि और उससे संबंधित गतिविधियां (खाद्य ऋण के अलावा) शामिल हैं, जिसमें बैंक ऋण में मांग में बढ़ोतरी को दर्शाता है और यह आठ फीसदी रही है। शिपिंग ऋण में सुधार वैश्विक व्यापार में वृद्धि को दर्शाता है। इससे चालू वित्त वर्ष में देश से व्यापारिक वस्तुओं के निर्यात वापस तेजी लौटी है।’’   साभार-khaskhabar.com  

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नई दिल्ली। केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री निर्मला सीतारमण ने सेवाओं के व्यापार को सुविधाजनक बनाने की प्रासंगिकता को रेखांकित किया है, जैसा कि वस्तुओं के व्यापार के मामले में किया गया है।    यहां गुरुवार को सेवाओं के व्यापार को सुविधाजनक बनाने पर आयोजित कार्यशाला का उद्घाटन करते हुए उन्होंने सेवाओं के अंतर्राष्ट्रीय व्यापार को बढ़ावा देने के लिए सेवाओं के सक्षम एवं उचित प्रवाह की जरूरत पर विशेष बल दिया।   उन्होंने कहा कि बाजार पहुंच का मुद्दा कोई सुविधा नहीं, बल्कि एक मसला है। ज्ञान अब उत्पादन का एक कारक बन गया है और ऐसे में यह जानना आवश्यक है कि इसे कैसे नियंत्रण में रखा जाए।    भारत सरकार के वाणिज्य मंत्रालय के वाणिज्य विभाग के साथ मिलकर विश्व बैंक उन मुद्दों पर दो दिवसीय कार्यशाला आयोजित कर रहा है, जिन्हें सेवा व्यापार को सुविधाजनक बनाने के लिए सुलझाना आवश्यक है।   सेवाओं के अंतर्राष्ट्रीय व्यापार को बढ़ावा देने एवं इसे सुविधाजनक बनाने के उद्देश्य से भारत ने फरवरी 2017 में डब्ल्यूटीओ में सेवा व्यापार को सुविधाजनक बनाने (टीएफएस) से संबंधित समझौते के लिए एक मसौदा कानूनी मूलपाठ तैयार करने की पहल की। इसके तहत आपूर्ति के समस्त साधनों के मार्ग में मौजूद उन अनगिनत सीमा संबंधी बाधाओं के साथ-साथ सीमा से पीछे अवस्थित बाधाओं को भी व्यापक तौर पर दूर करने का तरीका सुझाया गया है, जिनका सामना सेवा व्यापार का पूर्ण दोहन करते समय उद्योग जगत को करना पड़ता है।    उन्होंने कहा कि इससे पहले भारत ने अक्टूबर, 2016 में सेवा व्यापार को सुविधाजनक बनाने की दिशा में एक पहल के रूप में एक ‘अवधारणा प्रपत्र’ पेश किया था।   भारत के प्रस्तावों में डब्ल्यूटीओ के भीतर एवं बाहर काफी रुचि दिखाई गई है। इसके अनेक सदस्यों ने भारत के इस अनोखे विचार को सामने रखे जाने का स्वागत किया है। हालांकि, कुछ सदस्यों ने कई विशेष मुद्दों पर चिंता भी जताई है। भारत अपनी इस पहल को आगे ले जाने के लिए सभी हितधारकों के साथ रचनात्मक विचार-विमर्श किये जाने को लेकर आशान्वित है।   माना गया कि इस कार्यशाला का आयोजन ऐसे उचित समय पर किया जा रहा है जब दुनिया भर में संरक्षणवाद को बढ़ावा देने की आवाजें उठ रही हैं। ऐसे अहम समय में विश्व बैंक जैसे संस्थानों को मुक्त एवं निष्पक्ष व्यापार को बढ़ावा देने के लिए निष्पक्ष एवं न्यायसंगत तौर-तरीकों की पहचान करके उनका प्रचार-प्रसार करने में विशेष भूमिका निभानी है। साभार-khaskhabar.com    

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मुंबई । देश के शेयर बाजारों के शुरुआती कारोबार में सप्ताह के आखिरी कारोबारी दिवस शुक्रवार को मजबूती का रुख है। प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स सुबह 9.38 बजे 117.52 अंकों की मजबूती के साथ 29,449.68 पर और निफ्टी भी लगभग इसी समय 30.05 अंकों की बढ़त के साथ 9,116.35 पर कारोबार करते देखे गए। बम्बई स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) का 30 शेयरों पर आधारित संवेदी सूचकांक सेंसेक्स सुबह 18.44 अंकों की बढ़त के साथ 29,350.60 पर, जबकि नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का 50 शेयरों पर आधारित संवेदी सूचकांक निफ्टी 17.70 अंकों की बढ़त के साथ 9,104.00 पर खुला।  साभार-khaskhabar.com  

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नई दिल्ली । सरकार गेहूं पर फिर से आयात शुल्क (इंपोर्ट ड्यूटी) लगाने पर विचार कर रही है ताकि देश में फसल के बम्पर उत्पादन के बाद किसानों को अपनी फसल बेचने में दिक्कत ना हो। यानि अब देश के बाहर का गेहूं मंगाने पर सरकार शुल्क (चार्ज) लगाने की तैयारी कर रही है।  खाद्य एवं उपभोक्ता मामलों के मंत्री रामविलास पासवान ने गुरूवार को राज्यसभा में किसानों की हालत पर सदस्यों द्वारा चिंता जताए जाने पर कहा कि साल 2006 से 2015 के दौरान गेहूं पर आयात शुल्क शून्य था। उन्होंने कहा कि साल 2015 में गेहूं पर 25 फीसदी सीमा शुल्क (कस्टम ड्यूटी) लगाई गई थी जिसे बाद में घटा कर 10 फीसदी किया गया और पिछले साल दिसंबर में इसे पूरी तरह हटा दिया गया।  पासवान ने शून्यकाल में बताया कि यह चार्ज इसलिए हटाया गया था क्योंकि ओलावृष्टि की वजह से फसल खराब हो गई थी और गेहूं के दाम बढने की आशंका थी। उन्होंने कहा कि इस साल करीब 966 लाख टन फसल की पैदावार हुई है और 65 लाख टन का भंडार भी हमारे पास है। मंत्री ने कहा कि सरकार ने एहतियात बरती और फिर से आयात शुल्क लगाने की जल्दबाजी नहीं की क्योंकि यह डर था कि ओलावृष्टि या बेमौसम बारिश से फसल खराब न हो जाए और फिर से संकट न पैदा हो जाए। पासवान ने कहा,सरकार इंपोर्ट ड्यूटी बढाने पर विचार कर रही है और इस बारे में जल्द ही फैसला ले लिया जाएगा।  कांग्रेस के दिग्विजय सिंह ने कहा कि गेहूं की शुरूआती उपज आते ही राज्यों में न्यूनतम समर्थन मूल्य पर खरीद होनी चाहिए। कांग्रेस के प्रमोद तिवारी ने कहा कि 119 किसानों ने महाराष्ट्र में आत्महत्या की है सिर्फ इसलिए क्योंकि आयात शुल्क शून्य होने के कारण और फसल का सही मूल्य न मिल पाने की वजह से वह बुरी तरह परेशान हो गए।  साभार-khaskhabar.com  

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नयी दिल्ली । देश में एक जुलाई से वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) लागू करने की ओर बढते हुये सरकार ने इससे जुडे चार विधेयकों को सोमवार को मंजूरी प्रदान कर दी जिससे अब उसे जारी बजट सत्र में ही संसद में पेश किये जाने का मार्ग प्रशस्त हो गया है।  प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में मंत्रिमंडल की बैठक में जीएसटी से संबंधित केन्द्रीय वस्तु एवं सेवा कर (सी-जीएसटी) विधेयक, समन्वित वस्तु एवं सेवा कर (आई-जीएसटी) विधेयक 2017, केन्द्र शासित प्रदेश वस्तु एवं सेवाकर (यूटी-जीएसटी) विधेयक 2017 और वस्तु एवं सेवा कर (राज्यों को क्षतिपूर्ति) विधेयक 2017 (मुआवजा विधेयक) को मंजूरी प्रदान की गयी। इन चारों विधेयकों को जीएसटी परिषद पिछले छह महीनों में अपनी विभिन्न बैठकों में अनुमोदित कर चुकी है।  साभार-khaskhabar.com  

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बीजिंग। स्थानीय प्रतिभा को बढ़ावा देने के लिए एप्पल ने चीन में दो अतिरिक्त शोध एवं विकास केंद्र (आरएंडडी) शंघाई और सुझोऊ में खोलने की घोषणा की है, जिस पर 50.8 करोड़ डॉलर का निवेश किया जाएगा।    मैकरूमर की शुक्रवार की रपट के मुताबिक, एप्पल ने चीन में अपनी उपस्थिति बढ़ाने का प्रयास पिछले साल सितंबर से ही शुरू कर दिया था, जब उसने बीजिंग के झोंगुआनसुन साइंस पार्क, जिसे चीन का सिलिकॉन वैली कहा जाता है, में अपना पहला आरएंडडी केंद्र खोला था।    एप्पल के वरिष्ठ उपाध्यक्ष (हार्डवेयर इंजीनियरिंग) डान रिकियो ने कहा, ‘‘हम चीन में अपने आरएंडडी के विस्तार से और अधिक स्थानीय भागीदारों और शिक्षण संस्थानों के साथ मिलकर काम करना चाहते हैं।’’   रिकियो ने आगे कहा, ‘‘हम इस क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रतिभा और सकारात्मक उद्यमशीलता की भावना तक पहुंच पाने में सम्मानित महसूस कर रहे हैं, जहां हमारे डेवलपर्स और सप्लायर्स मिलकर काम करेंगे।’’   एप्पल के 50.8 करोड़ डॉलर के निवेश के साथ ही चीन में कंपनी के कुल चार आरएंडडी केंद्र हो जाएंगे।    एप्पल अपने ज्यादा उत्पादों का विनिर्माण चीन में ही करती है और यहां के सबसे अच्छे इंजीनियरों को मौका देती है।  साभार-khaskhabar.com    

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नई दिल्ली । स्थानीय आभूषण विक्रेताओं की मांग कमजोर पडने व कमजोर वैश्विक रूख के बीच दिल्ली सर्राफा बाजार में शुक्रवार को सोने का भाव 150 रूपये की गिरावट के साथ 28950 रूपये प्रति दस ग्राम रहा। चांदी के भाव 350 रूपये की हानि के साथ 41000 रूपये प्रति किलो रह गया।  बाजार सूत्रों के अनुसार विदेशों में कमजोर रूख के अलावा घरेलू स्तर पर फुटकर और आभूषण विक्रेताओं की मांग कमजोर पडने से सोने में गिरावट देखी गई। दिल्ली में सोना 99.9 ओर 99.5 शुद्धता के भाव 150 रूपये की गिरावट के साथ क्रमश: 28950 ओर 28800 रूपये प्रति दस ग्राम बंद हुआ। गिन्नी के भाव पूर्वस्तर पर 24300 रूपये प्रति आठ ग्राम पर स्थिर बना रहा। चांदी तैयार के भाव 350 रूपये की गिरावट के साथ 41000 रूपये और चांदी साप्ताहिक डिलीवरी के भाव 265 रूपये टूट कर 40745 रूपये प्रति किलो बंद हुआ। चांदी सिक्का के भाव पूर्वस्तर पर 70000:71000 रूपये प्रति सैंकडा अपरिवर्तित बंद हुआ।   साभार-khaskhabar.com  

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नई दिल्ली। दूरसंचार न्यायाधिकरण ने गुरुवार को दूरसंचार नियामक प्राधिकरण (ट्राई) को रिलायंस जियो के मुफ्त प्रमोशनल ऑफर की दोबारा जांच करने को कहा, हालांकि इस ऑफर पर रोक नहीं लगाई गई है।   सूत्रों के मुताबिक दूरसंचार विवाद निपटान एवं अपीलीय न्यायाधिकरण (टीडीसैट) ने दूरसंचार नियामक प्राधिकरण (ट्राई) को मुद्दों की दोबारा जांच करने और दो सप्ताह के भीतर सूचित करने के निर्देश दिए हैं।   नई कंपनी रिलायंस जियो ने साल 2016 के सितंबर में मुफ्त वॉयस और डेटा प्लान लांच किया था और इसे 31 मार्च, 2017 तक बढ़ा दिया था।   इसके बाद मौजूदा आपरेटर भारती एयरटेल और आइडिया सेल्युलर ने रिलायंस जियो के खिलाफ 90 दिनों ज्यादा प्रमोशनल ऑफर जारी रखने को लेकर दूरसंचार न्यायाधिकरण में शिकायत दर्ज करवाई थी।   हालांकि, न्यायाधिकरण ने इस ऑफर को रोकने का आदेश जारी नहीं किया है। पिछले हफ्ते न्यायाधिकरण ने दो ऑपरेटरों की अपील पर अपना आदेश सुरक्षित रखा था। साभार-khaskhabar.com      

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