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नई दिल्ली। सरकारी स्वामित्व वाली भारतीय इस्पात प्राधिकरण लिमिटेड (सेल) ने रविवार को कहा कि मांग की कमी के चलते स्टील सेक्टर में कारोबार का वातावरण बेहद चुनौतीपूर्ण हो चुका है।   सेल ने साथ ही स्टील सेक्टर की मौजूदा चुनौतियों को अवसर में बदलने के लिए पांच मूलभूत उपाय भी बताए, जिसमें नई परिसंपत्तियों के उपयोग को बढ़ावा देना शामिल है।   सेल ने अपने वक्तव्य में कहा है, ‘‘पूरी दुनिया में स्टील उद्योग के लिए इस कठिन समय में सेल प्रबंधन यह महसूस करता है कि कारोबार का माहौल बेहद चुनौतीपूर्ण हो चुका है। इसलिए सेल ने हाल ही में शीर्ष प्रबंधन के साथ हुई बैठक में इन चुनौतियों को अवसरों में बदलने के लिए उचित सुझाव दिए हैं।’’   देश की सबसे बड़ी स्टील उत्पादक कंपनी सेल ने कहा कि जिन मूलभूत बिंदुओं को चिह्नित किया गया है, वे हैं - गुणवत्ता सुनिश्चित करना और कच्ची सामग्री की लागत को कम करना, उत्पादन में उत्कृष्टता हासिल करना, नई परिसंपत्तियों का अधिकतम उपयोग और मानव संसाधन का अधिकतम उपयोग। साभार-khaskhabar.com  

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नई दिल्ली । होंडा मोटरसाइकिल एंड स्कूटर इंडिया ने गुरुवार को न्यू एक्टिवा 115 लॉन्च किया जो भारत का सबसे ज्यादा बिकने वाला 125 सीसी ऑटोमेटिक स्कूटर है।  नई एक्टिवा 125 फ्रन्टेस्टिक स्टाइल से युक्त है और उद्योग जगत का पहला ऑटोमेटिक स्कूटर है जो ऑटोमेटिक हैड लैम्प ऑन और भारत स्टेज- 4 उत्सर्जन मानकों के अनुरूप है।  नई एक्टिवा 125 के बारे में होंडा मोटरसाइकिल सीनियर वाईस प्रेजीडेन्ट यादविंदर सिंह गुलेरिया ने कहा, ‘‘एक्टिवा 125 भारत का सबसे ज्यादा बिकने वाला 125 सीसी ऑटोमेटिक स्कूटर है, जिसके 6 लाख से ज्यादा उपभोक्ता हैं और यह आंकड़ा लगातार बढ़ रहा है। यह एएचओ और बीएस-4 दोनों मानकों के अनुरूप है। नए फ्रन्टेस्टिक स्टाइल, नई एलईडी पॉजिशन लाइट्स और क्रोम चेस्ट से युक्त इस नए एलॉय वेरिएन्ट में शानदार फीचर्स शामिल किए हैं; हमें विश्वास है कि नई एक्टिवा 125 2017-18 में अपनी स्थिति को और अधिक सशक्त बना लेगी।’’ नई एक्टिवा 125 नए मोबाइल चार्जिंग सॉकेट के साथ आपके फोन की बैटरी कभी डाउन नहीं होगी और रीटैज्क्टेबल फ्रंट हुक स्टाइल के साथ-साथ आपको एक्स्ट्रा स्टोरेज भी देगा।  होंडा के अत्याधुनिक कॉम्बी ब्रेक सिस्टम में इक्विलाइजर बायां लीवर दबाते ही ब्रेकिंग फोर्स को आगे और पीछे के पहियों में बराबर बांट देता है। जिससे ब्रेकिंग की दूरी कम हो जाती है और संतुलन बेहतर हो जताा है। ऐसे में यह ब्रेकिंग राइडर को पारम्परिक ब्रेकिंग की तुलना में ज्यादा आत्मविश्वास देती है।  इतना ही नहीं एक्टिवा 125 अब भारत का पहला ऑटोमेटिक स्कूटर है जो एएचओ और बीएस-4 दोनों के अनुरूप है।  नई एक्टिवा 125 में एएचओ का फायदा यह है कि इससे सभी परिस्थितियों (सुबह, शाम, कोहरा, बारिश आदि) में वाहन की दृश्यता में सुधार होगा और सडक़ पर दुर्घटना की सम्भावना कम होगी। उपभोक्ताओं की मांग पर होण्डा ने नया मिड वेरिएन्ट- एलॉय व्हील्स विद ड्रम ब्रेक्स भी पेश किया है। साभार-khaskhabar.com  

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नई दिल्ली । तस्वीर खींचने के अनुभव को नई ऊंचाइयों पर पहुंचाते हुए सोनी इंडिया ने सोमवार को साइबर-शॉट एचएक्स350 कैमरा 59 गुणा जूम की क्षमता के साथ 28,990 रुपये की कीमत में बाजार में उतारा। साइबर-शॉट एचएक्स350 में प्रभावी और सटीक तस्वीरें खींचने के लिए 20.4 मेगापिक्सल का उच्च रेजोल्यूशन क्षमता का बैक-इल्यूमिनेटेड एक्समोर आर सीएमओएस सेंसर और ‘बीआइओएनजेड एक्स’ इमेजिंग प्रोसेसर है।  कंपनी ने एक बयान जारी कर कहा, ‘यह कार्ल जेइस वेरियो सोनार टी कोटिंग लेंस के 50 गुणा ऑप्टिकल जूम की क्षमता से लैस है। इसका लेंस 24 एमएम वाइड एंगल से लेकर 1,200 एमएम सुपर टेलोफोटो (35 एमएम फॉर्मेट के समकक्ष) तक है। कैमरा में क्लियर इमेज जूम फीचर है जो दूर की इमारतों, लोगों और जानवरों को बेहद करीब ले आता है।’ इस कैमरे में इसके अलावा ‘ऑप्टिकल स्टीडीशॉट’ फीचर्स है जो हाथ से फोटो खींचने के दौरान कैमरा हिलने से फोटो को खराब होने से बचाता है तथा इसमें फुल एचडी वीडियो रिकार्डिंग की क्षमता है।  कंपनी ने कहा कि इस कैमरे का हाइ-कंट्रास्ट इलेक्ट्रॉनिक व्यूफाइंडर उतना ही सटीक है जितना किसी डीएसएलआर कैमरे का होता है, जिसके साथ मैनुअली टिल्टेबल 7.5 सेंटीमीटर का 921 डॉट रेजोल्यूशन क्षमता वाला एलसीडी व्यूफाइंडर भी है।    साभार-khaskhabar.com  

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चेन्नई । तमिलनाडु में एक मार्च से कोका-कोला और पेप्सी कंपनी द्वारा बनाई जाने वाली सॉफ्ट ड्रिंक नहीं बेची जाएंगी। दरअसल, भारतीय ब्रांड्स को आगे बढाने के लिए यह किया जाने वाला है। इसके लिए तमिलनाडु के ट्रेडर ऑर्गेनाइजेशन ने अपने सभी सदस्यों से कह दिया है कि वह इन दोनों बाहरी कंपनियों द्वारा बनी सॉफ्ट ड्रिंक्स को ना बेचें।  द हिंदू अखबार की खबर के मुताबिक तमिलनाडु वनिगर संगनगलिन पेरामइपु नाम के संगठन के अध्यक्ष एएम विRमराजा फरवरी यानी अगले महीने पूरा वक्त ट्रेडर्स के साथ बिताएंगे। इसमें वह उन लोगों को समझाएंगे कि विदेशी ब्रांड भारत के लिए शैतान हैं। हिंदू को दिए गए इंटरव्यू में विRमराजा ने कहा, येे हमारे शरीर को फायदे से ज्यादा नुकसान पहुंचाते हैं। इनमें से एक ब्रांड ने तो माना भी है कि उसकी उत्पाद बच्चों के लिए अच्छे नहीं होते क्योंकि उसमें कैमिकल होते हैं। जल्लीकट्ट के समर्थन में हो रहे विरोध प्रदर्शन के दौरान मरीना बीच पर भी ऎसे उत्पादों की बिक्री पर पाबंदी लगाने की बात कही गई थी। विरोध कर रहे लोगों का कहना था कि ऎसी कंपनियां उनके राज्य का पानी इस्तेमाल करके उत्पाद बनाती है जो कि राज्य के लोगों पर पानी का संकट ला देगा। मिली जानकारी के मुताबिक, फेडरेशन के पास उत्पादों को बैन करने का अधिकार नहीं है। इसलिए वे लोग उत्पादों को ना बेचने की सलाह दे रहे हैं।  अब दुकानदारों और बाकी लोगों को बताया जा रहा है कि ऎसी ड्रिंक्स में कई तरह के कीटनाशक होते हैं। संगठन के लोग यह भी कह रहे हैं कि इन उत्पादों को बंद करने की जिम्मेदारी सरकार की है। होटल, रेस्टोरेंट्स से भी इनको न बेचने के लिए कहा गया है। गौरतलब है कि नेलसन द्वारा दिए गए आंकडों के मुताबिक कोकाकोला व पेप्सी की 80 प्रतिशत मार्केट भारत में है।   साभार-khaskhabar.com  

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मुंबई । देश के शेयर बाजारों के शुरुआती कारोबार में बुधवार को मजबूती का रुख है। प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स सुबह 9.37 बजे 125.01 अंकों की मजबूती के साथ 27,500.59 पर और निफ्टी भी लगभग इसी समय 36.60 अंकों की बढ़त के साथ 8,512.40 पर कारोबार करते देखे गए। बम्बई स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) का 30 शेयरों पर आधारित संवेदी सूचकांक सेंसेक्स सुबह 87.25 अंकों की मजबूती के साथ 27462.83 पर, जबकि नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का 50 शेयरों पर आधारित संवेदी सूचकांक निफ्टी 8,475.80 अंकों की मजबूती के साथ 8,499.45 पर खुला।    साभार-khaskhabar.com  

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New Delhi : In February 2013, opposition parties, notably the Bharatiya Janata Party (BJP), took to the streets in protest as the price of petrol in the national capital spiralled to Rs 69.06. "This is a betrayal (of) the people of the country. The BJP will not take this lying down," the then party spokesperson Rajiv Pratap Rudy had fulminated. Cut to today.  Petrol prices in the national capital have shot up to Rs 71.14. That for diesel is Rs 59.02, against Rs 48.16 in February 2013. Even kerosene and cooking gas prices have jumped -- Rs 18.54 per litre against Rs 14.96, and Rs 585.00 per cylinder against Rs 410.50 More significantly, the petrol and diesel prices have surged past February 2013 levels despite the fact that crude oil is today ruling at less than half the rates prevailing then.  Official data shows that the Indian basket of crude oil -- which comprises around 70 per cent sour-grade Dubai and Oman crudes, and the balance in sweet-grade Brent -- was $114 per barrel in early 2013. Today, it is at $54. True, the rupee-dollar exchange rate today is not as favourable as it was then -- around Rs 68 to a dollar versus Rs 54.30 at that time. But even in rupee terms, crude oil prices are ruling at half the rates prevailing then -- around Rs 3,625 per barrel now, versus Rs 6,210 at that time. In fact, data with the state-run oil sector think tank Petroleum Planning and Analysis Cell shows that prices of petroleum prices are among the steepest in India vis-a-vis neighbouring countries, save for kerosene and cooking gas in some cases, due to the huge subsidy involved. In terms of Indian rupees, retail price of petrol, for example, is Rs 43.70 in Pakistan, Rs 54.18 in Sri Lanka and Rs 75.42 in Bangladesh. Even in Nepal, which depends on India for a transit point for its entire petroleum needs, which adds much to the transportation cost, the price is lower at Rs 64.38. For diesel, the price is Rs 49.60 in Pakistan, Rs 43.99 in Sri Lanka, Rs 57 in Bangladesh and Rs 49.16 in Nepal. A look at the break-up of how transport fuels are priced -- or taxed -- reveals the high retail tariff for these products in India. Such data is drawn from what is called price build-up of petrol and diesel, available with the state-run oil marketing companies. As per official data, as on January 16, when the landed prices of crude oil was $68.88 per barrel, the refineries were charging oil marketing companies Rs 29.19 per litre for Bharat Stage IV petrol, which is the normal fuel in use today. The oil marketing companies, in turn, charged Rs 31.94 per litre to the dealers -- that is the petrol pumps. The rest is what one paid in taxes and levies. In the national capital, a consumer of petrol today pays Rs 21.48 per litre as excise duty -- this is nearly 75 per cent of the refinery transfer price, or the price paid by the oil marketing companies like Indian Oil and Bharat Petroleum to the refineries. Add to that Rs 2.6 per litre towards the dealer commission and Rs 15.12 towards the value added tax charged by the state government at 27 per cent of the price, including all previous levies. Thus, in the overall retail price of Rs 71.14 per litre, a consumer is paying Rs 36.60 per litre in taxes alone -- central and state levies -- which is 125 per cent the price charged by the refineries. In the case of diesel, the refineries charge oil marketing companies Rs 28.59 per lite, the dealers are charged Rs 31.32 per litre the excise duty works out to Rs 17.33 per litre, the dealer commission is Rs 1.65 per litre and the central excise is Rs 8.72 per litre. Thus in the retail diesel price of Rs 59.02 per litre in the national capital, Rs 26.05 goes towards state value added tax and central excise -- which is almost at the same level of Rs 28.59 that refineries charge oil marketing companies. What is more worrisome is that prices of transport fuels is among the lowest level in the national capital compared with other states. Yet, only a few opposition leaders have so far raised their voice on high transport prices.  "After coming to power through a campaign against price rise and corruption, what the NDA (National Democratic Alliance) government is doing now is looting the people through exorbitant fuel prices," said former Kerala Chief Minister and Congress party leader Oommen Chandy. But will he be joined by other opposition leaders and stakeholders in protests?  Credit: The Emerging Word  

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मुंबई । देश के शेयर बाजारों के शुरुआती कारोबार में शुक्रवार को गिरावट का रुख है। प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स सुबह 10.06 बजे 90.18 अंकों की गिरावट के साथ 27,218.42 पर और निफ्टी भी लगभग इसी समय 27.45 अंकों की गिरावट के साथ 8,407.65 पर कारोबार करते देखे गए। बम्बई स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) का 30 शेयरों पर आधारित संवेदी सूचकांक सेंसेक्स सुबह 75.91 अंकों की गिरावट के साथ 27,232.69 पर, जबकि नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का 50 शेयरों पर आधारित संवेदी सूचकांक निफ्टी 30.75 अंकों की गिरावट के साथ 8,404.35 पर खुला।    साभार-khaskhabar.com  

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नई दिल्ली । मोबाइल डाटा कारोबार में बढ़ती प्रतिस्पर्धा के बीच दूरसंचार सेवा प्रदाता वोडाफोन ने मंगलवार को अपने वोडाफोन सुपरनेट 4जी उपभोक्ताओं के लिए 4 गुना अधिक डाटा ऑफर की घोषणा की।  इसके तहत 1 जीबी और 10 जीबी 4जी डाटा पैक खरीदने वाले उपभोक्ता क्रमश: 250 रुपये और 999 रुपये में 4जीबी और 22 जीबी डाटा का लाभ उठा सकते हैं। इसकी कीमतें सर्कल के अनुसार अलग-अलग होंगी।  वोडाफोन इंडिया के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) संदीप कटारिया ने बताया, ‘‘उपभोक्ता अब ऑनलाइन ज्यादा कन्टेन्ट और वीडियो का इस्तेमाल करने लगे हैं। इन सुपर डाटा पैक्स के साथ हमारे 17 सर्कल में 4जी उपभोक्ता मोबाइल इंटरनेट का लाभ उठा सकेंगे। मोबाइल इंटरनेट का पहली बार या सीमित इस्तेमाल करने वाले उपभोक्ता भी इंटरनेट का लाभ उठा सकेंगे। वे बिना किसी चिंता के उसी कीमत पर चार गुना कन्टेन्ट का आनंद ले सकेंगे।’’ उन्होंने कहा कि वोडाफोन के उपभोक्ता चार गुना डाटा का इस्तेमाल वोडाफोन प्ले पर वीडियो और फिल्में देखने के लिए कर सकते हैं। इसके अलावा 150 से अधिक लाइव टीवी चैनल, 14000 से अधिक फिल्मों, टीवी शो और म्युजिक का लुत्फ भी उठा सकते हैं। साभार-khaskhabar.com  

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नई दिल्ली । देश के निर्यात में दिसंबर में पिछले साल के समान महीने की तुलना में 5.72 फीसदी की तेजी आई है और यह 23.9 अरब डॉलर रही है। आधिकारिक आंकडों से शुक्रवार को यह जानकारी मिली।  दिसंबर में लगातार चौथे महीने निर्यात में 5.72 फीसदी का इजाफा हुआ है। भारत का कुल निर्यात 23.9 अरब डॉलर यानी करीब 1,63,031 करोड रूपये रहा। यही नहीं आयात भी 0.46 फीसदी के मामूली इजाफे के साथ 34.25 अरब डॉलर यानी करीब 2 लाख 33 हजार करोड रूपये के स्तर पर पहुंच गया। इस तरह भारत का कुल व्यापार घाटा 10.36 अरब डॉलर रहा। पिछले साल दिसंबर महीने में ही भारत का कुल निर्यात 22.6 अरब डॉलर था।  शुक्रवार को कॉमर्स एंड इंडस्ट्री मिनिस्ट्री की ओर से जारी किए गए डेटा के मुताबिक दिसंबर महीने में भारत ने कुल 7.645 अरब डॉलर का तेल आयात किया। 2015 दिसंबर के मुकाबले यह 14.61 पसेंüट अधिक था। भारत का गैर-तेल आयात करीब 26.60 अरब अमेरिकी डॉलर रहा। पिछले साल दिसंबर के मुकाबले यह करीब 3 फीसदी कम था। 2016 में अप्रैल से दिसंबर के दौरान एक्सपोर्ट में 0.75 फीसदी का मामूली इजाफा हुआ। हालांकि आयात में 7.42 फीसदी की बडी गिरावट आई है। इस अवधि में भारत के व्यापार घाटे में भी बडी गिरावट देखने को मिली है।  इन 9 महीनों के दौरान व्यापार घाटा 76.54 अरब डॉलर रहा, जो पिछले साल इसी अवधि में 100 अरब डॉलर था। गौरतलब है कि 2016 में चीन के एक्सपोर्ट में 7.7 फीसदी की बडी गिरावट हुई है, जबकि आयात भी 5.5 फीसदी कम हुआ है। चीन के निर्यात में यह लगातार दूसरे साल गिरावट है।  साभार-khaskhabar.com  

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नई दिल्ली । भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के कर्मचारी संघों द्वारा केंद्रीय बैंक के कामकाज में सरकार के कथित हस्तक्षेप के खिलाफ आवाज उठाने के एक दिन बाद वित्त मंत्रालय ने शनिवार को कहा कि वह आरबीआई की स्वायत्तता और स्वतंत्रता का पूर्ण सम्मान करती है।  वित्त मंत्रालय द्वारा जारी बयान में कहा गया है, ‘‘यह स्पष्ट रूप से कहा जा रहा है कि सरकार आरबीआई की स्वायत्तता और स्वतंत्रता का पूर्ण सम्मान करती है।’’ बयान में कहा गया है, ‘‘सरकार और आरबीआई के बीच जनहित के महत्व के मुद्दों पर कई बार सलाह-मशविरा किया जाता है, जहां ये विचार-विमर्श कानूनन अनिवार्य हैं, वहीं कई बार अनौपचारिक विचार-विमर्श भी किए जाते रहे हैं। कानूनन विचार-विमर्श के साथ परंपरागत तरीके से किए गए कानूनी रूप से गैर अनिवार्य विचार-विमर्श को आरबीआई की स्वायत्तता के उल्लंघन के रूप में नहीं लेना चाहिए।’’ आरबीआई के कर्मचारियों ने शुक्रवार को आरबीआई के गर्वनर उर्जित पटेल को एक पत्र लिखकर केंद्र सरकार द्वारा उसकी स्वायत्तता में कथित दखल को लेकर चिंता जताई थी।  इस पत्र में पूछा गया है कि जैसा कि हाल ही में मीडिया रपटों से जानकारी मिली है कि वित्तमंत्री ने एक संयुक्त सचिव स्तर के अधिकारी को करेंसी चेस्ट की निगरानी के लिए प्रतिनियुक्त किया है। क्या यह सच है? पत्र में कहा गया है, ‘‘अगर यह सच है तो यह दुर्भाग्यपूर्ण है और आरबीआई की स्वायत्तता पर हमला है।’’ कर्मचारी संघों ने आरोप लगाया है कि नोटबंदी के बाद आरबीआई की कुप्रंबधन की चौतरफा आलोचना हो रही है, जिससे इसकी छवि को ऐसा नुकसान पहुंचा है, जिसकी भरपाई नहीं की जा सकती है। साभार-khaskhabar.com  

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मुंबई । मजबूत वैश्विक संकेतों के बीच बीते सप्ताह घरेलू शेयर बाजार मजबूती के साथ बंद हुआ। इस दौरान सेंसेक्स 27,000 के मनोवैज्ञानिक स्तर को पार करने में कामयाब रहा। इस दौरान बंबई स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) का 30 शेयरों वाला संवेदी सूचकांक सेंसेक्स 478.83 अंकों यानी 1.79 फीसदी अंकों की मजबूती के साथ 27,238.06 पर जबकि नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का 50 शेयरों वाला संवेदी सूचकांक निफ्टी 156.55 अंकों यानी 1.90 फीसदी अंकों के साथ 8,400.35 पर बंद हुआ। बीएसई मिडकैप सूचकांक में 317.31 अंकों यानी 2.58 फीसदी की मजबूती जबकि बीएसई स्मॉलकैप सूचकांक में 249.52 अंकों यानी 2.01 फीसदी की मजबूती रही। आर्थिक मोर्चे पर वित्त मंत्री अरुण जेटली ने 11 जनवरी यानी बुधवार को वाइब्रेंट गुजरात वैश्विक निवेशक सम्मेलन को संबोधित करते हुए नोटबंदी के बारे में कहा कि यह मुश्किल फैसला था जो मुश्लिक दौर से गुजरा। उन्होंने कहा कि ऐतिहासिक फैसलों के साथ अस्थाई तौर पर दर्द जुड़ा रहता है। उन्होंने वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) को लागू करने के मुद्दे पर कहा कि अधिकतर मुद्दों को सुलझा लिया गया है, कुछ मुद्दे हैं जिन्हें सुलझाना बाकी है लेकिन आगामी सप्ताह में इन पर भी सहमति बन जाएगी। उन्होंने कहा कि जीएसटी और नोटबंदी के सकारात्मक प्रभावों को आगामी वर्षो में महसूस किया जा सकेगा। बीते सप्ताह कई आर्थिक आंकड़ें भी जारी हुए जिसमें औद्योगिक उत्पादन के आंकड़े भी शामिल है। नवंबर में औद्योगिक उत्पादन 13 महीनों के उच्च स्तर पर रहा है और यह नवंबर 2015 की तुलना में बढक़र 5.7 फीसदी रहा। विनिर्माण क्षेत्र में उत्पादन में 5.5 फीसदी की बढ़त रही, खनन उत्पादन 3.9 फीसदी बढ़ा है। यदि सप्ताह के दौरान कारोबार की बात की जाए तो सप्ताह के पहले कारोबारी दिन यानी नौ जनवरी को सेंसेक्स 32.68 अंकों यानी 0.12 फीसदी की कमजोरी के साथ 26,726.55 पर बंद हुआ जो चार जनवरी 2017 के साथ से सबसे निचला बंद स्तर रहा। बाजार में 10 जनवरी यानी मंगलवार को मजबूती देखी गई। सेंसेक्स 173.01 अंकों यानी 0.65 फीसदी की बढ़त के साथ 26,899.56 पर रहा। बाजार में बुधवार यानी 11 जनवरी को भी मजबूती रही। सेंसेक्स 240.85 अंकों यानी 0.9 फीसदी की बढ़त के साथ 27,140.41 पर रहा जो 10 नवंबर 2016 के बाद इसका सबसे उच्चतम बंद स्तर रहा। इसके बाद 12 जनवरी यानी गुरुवार को भी लगातार तीसरे दिन बाजार में मजबूती दर्ज की गई। इस दौरान सेंसेक्स 106.75 अकंों यानी 0.39 फीसदी की मजबूती के साथ 27,247.16 पर बंद। हालांकि, कारोबारी सप्ताह के आखिरी दिन बाजार में गिरावट दर्ज की गई। सेंसेक्स 9.10 अंकों यानी 0.03 फीसदी की मामूली कमजोरी के साथ 27,238.06 पर बंद हुआ जबकि निफ्टी 6.85 अंकों यानी 0.08 फीसदी की कमजोरी के साथ 8,400.35 पर बंद हुआ। बीते सप्ताह टाटा स्टील में सर्वाधिक मजबूती रही। इसमें 6.36 फीसदी की बढ़ोतरी दर्ज की गई। टाटा मोटर्स में 3.38 फीसदी की मजबूती दर्ज की गई। बीते सप्ताह ही साइरस मिस्त्री के स्थान पर नटराजन चंद्रशेखरन को टीसीएस का नया चेयरमैन नियुक्त किया गया।    साभार-khaskhabar.com  

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नई दिल्ली । मूडीज इनवेस्टर्स सर्विस-आईसीआरए रिपोर्ट में गुरुवार को भारतीय बिजली क्षेत्र की रेटिंग को सुधारकर अगले 12-18 महीनों के लिए ‘स्थिर’ के साथ बीएए3 सकारात्मक कर दिया गया है। कंपनी ने कहा कि यह घरेलू कोयले की उपलब्धता में निरंतर सुधार को दर्शाता है। मूडीज के उपाध्यक्ष अभिषेक त्यागी ने एक बयान में कहा, ‘‘वास्तव में हमने भारतीय बिजली क्षेत्र की रेटिंग नकारात्मक से बदलकर स्थिर की है, क्योंकि घरेलू कोयले के उत्पादन में वृद्धि से ईधन की आपूर्ति की बाधाओं में कमी आएगी।’’ बीएए3 रेटिंग का मध्यम ऋण जोखिम को इंगित करता है। अमेरिकी क्रेडिट एजेंसी ने यह भी कहा कि भारत सरकार के ‘उज्जवल डिसकॉम एस्योरेंस योजना (उदय)’ के तहत अब तक 21 राज्यों की वितरण कंपनियों के कर्ज का पुर्नगठन किया गया है, जिससे इन कंपनियों की हालत सुधरेगी और वे बिजली उत्पादकों को समय से भुगतान कर पाएंगे। मूडीज की भारतीय कंपनी आईसीआरए के वरिष्ठ उपाध्यक्ष सब्यसाची मजूमदार ने कहा, ‘‘इन वितरण कंपनियों को कम लागत पर बिजली खरीद का भी फायदा मिलेगा, क्योंकि घरेलू कोयले की उपलब्धता में सुधार हुआ है।’’ लंबे समय तक उदय योजना का विरोध करने के बाद तमिलनाडु इस योजना में शामिल होने वाला 21वां राज्य बना है। इसके तहत राज्य को कुल 11,000 करोड़ रुपये का लाभ लागत, बिजली वितरण और पारेषण नुकसान पर बचत के माध्यम से मिलेगा।    साभार-khaskhabar.com  

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