देवरिया का ऐसा मंदिर जिसे श्रद्धालु बताते हैं 'अश्वत्थामा' की तपोभूमि
Read More
मुंबई । ई-कॉमर्स की सबसे बडी कंपनी स्नैपडील और फ्लिपकार्ट के बीच विलय को लेकर बातचीत चल रही है। बताया जा रहा है कि विलय को कराने के लिए जापान की दिग्गज कंपनी सॉफ्टबेंक कोशिश कर रही है। माना जा रहा है कि यह समझौता हो गया तो घरेलू ई-कॉमर्स मार्केट की तस्वीर बदल जाएगी।
सूत्रों के अनुसार सॉफ्टबैंक विलय के बाद नई कंपनी में 1.5 अरब डॉलर तक का निवेश करेगी। सॉफ्टबैंक नई कंपनी के प्राइमरी और सेकंडरी शेयरों की अच्छी-खासी तादाद अपने पास रख सकती है। अगर विलय हुआ तो नई कंपनी का करीब 15 प्रतिशत शेयर सॉफ्टबैंक के पास रहेगा। स्नैपडील के सबसे बड़े निवेशक सॉफ्टबैंक का इस भारतीय ई-कॉमर्स कंपनी में 30 प्रतिशत से थोड़ा ज्यादा शेयर है जिसका 2016 की शुरुआत में इन शेयरों का मूल्य 6.5 अरब डॉलर था।
माना जा रहा है कि विलय के इस समझोते में फ्लिपकार्ट के सबसे बडे निवेशक अमेरिका के टागर ग्लोबल की एक अरब डॉलर के शेयरों की बिक्री में शामिल हो सकती है। फ्लिपकार्ट में टाइगर ग्लोबल की करीब 30 प्रतिशत हिस्सेदारी है। अमेरिकी कंपनी अपनी हिस्सेदारी का करीब 10 प्रतिशत बेच सकती है। सूत्रों के मुताबिक टाइगर ग्लोबल संभावित विलय के बाद बनने वाली नई कंपनी से पूरी तरह अलग नहीं होगी।
साभार-khaskhabar.com













Related Items
दस बैंकों का होने जा रहा है विलय, जानें क्या होंगे बड़े बदलाव
गुजरात की 'मां', 'मां वात्सल्य' स्वास्थ्य योजनाओं का 'आयुष्मान भारत' में होगा विलय
BSNL और MTNL के विलय का ऐलान, कर्मचारियों के लिए VRS की घोषणा