BREAKING NEWS

मीडियाभारती वेब सॉल्युशन अपने उपभोक्ताओं को कई तरह की इंटरनेट और मोबाइल मूल्य आधारित सेवाएं मुहैया कराता है। इनमें वेबसाइट डिजायनिंग, डेवलपिंग, वीपीएस, साझा होस्टिंग, डोमेन बुकिंग, बिजनेस मेल, दैनिक वेबसाइट अपडेशन, डेटा हैंडलिंग, वेब मार्केटिंग, वेब प्रमोशन तथा दूसरे मीडिया प्रकाशकों के लिए नियमित प्रकाशन सामग्री मुहैया कराना प्रमुख है- संपर्क करें - 0129-4036474

नागपुर। देशभर में नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) के विरोध में प्रदर्शन हो रहे हैं। उत्तर प्रदेश इससे सर्वाधिक प्रभावित हुआ है। वहां हिंसा में 18 लोगों की जान जा चुकी है। इसके अलावा अन्य कई राज्यों में भी लगातार हिंसात्मक घटनाएं सामने आ रही हैं। इस बीच नागपुर में एक रैली के दौरान केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने कहा कि भाजपा अल्पसंख्यकों के खिलाफ नहीं है।  

Read More

रांची। झारखंड विधानसभा के पांचवें चरण की 16 सीटों पर आज वोटिंग जारी हैं। इन 16 सीटों पर कुल 237 प्रत्याशी किस्मत आजमा रहे हैं। ये सीटें संथाल परगना क्षेत्र में आती है, जो जेएमएम का मजबूत गढ़ माना जाता है। 2014 में इन 16 सीटों में से जेएमएम ने 6 पर कब्जा जमाया था। वहीं, पांच सीटों पर भाजपा को मिली थी। कांग्रेस ने तीन और जेवीएम ने दो सीटें जीती थीं। झारखंड चुनाव को लेकर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने ट्वीट कर कहा है कि झारखंड विधानसभा चुनाव में आज पांचवें और आखिरी चरण का मतदान है। सभी मतदाताओं से मेरी विनती है कि वे लोकतंत्र के इस महोत्सव में शामिल होकर रिकॉर्ड मतदान करें।  

Read More

अहमदाबाद। नागरिकता कानून के विरोध के नाम पर हिंसक प्रदर्शन के वीडियो अहमदाबाद से सामने आए हैं। वीडियो के अनुसार,प्रदर्शन के बाद पुलिसकर्मी वापस लौट रहे थे, लेकिन उपद्रवियों की भीड़ ने उन्हें घेर लिया और पथराव करना प्रारंभ कर दिया। वीडियो में साफ दिखाई दे रहा है कि पुलिसकर्मी भागकर छिपने का प्रयास करते रहे लेकिन भीड़ ने चुनचुनकर पत्थर मारने लगे। अहमदाबाद के शाह-ए-आलम इलाके में उपद्रवियों ने जमकर हिंसा कीँ। इसमें डीसीपी, एसीपी, कई इंसपेक्टरों समेत 19 पुलिसवाले जख्मी हुए। एक पुलिसवाले को तो उत्पातियों ने अकेला पाकर बेरहमी से पीटा। हिंसक भीड़ में ही कुछ ऐसे युवा सामने आकर पुलिसकर्मी को बचाया। ईंट और पत्थरों की बरसात के बीच ये युवा पुलिसवालों के ढाल बन गए। पुलिसकर्मी लगातार कहते दिखाई दिए कि आप ऐसा मत कीजिए लेकिन प्रदर्शनकारी कुछ नहीं सुने। विरोध के नाम पर आतंक की ये तस्वीर सन्न कर देने वाली है। इसके बाद अहमदाबाद-पालनपुर हाइवे को बंद कर दिया गया। तीसरी तस्वीर गुजरात के ही बनासकांठा की है। प्रदर्शनकारी एक गाड़ी को घेर लेते हैं और उसपर टूट पड़ते हैं।   साभार-khaskhabar.com

Read More

अजमेर/ जयपुर। अजमेर शरीफ दरगाह दीवान सैयद जैनुल आबेदीन अली खान ने बयान जारी करते हुए कहा कि भारत दुनिया का सबसे बड़ा प्रजातंत्र है यही हमारी ताक़त है। किसी भी प्रजातांत्रिक देश मे जनभावना का सम्मान उतना ही अवश्यक है जितना सविधान का सम्मान। सरकार को क़ानून बनाने का अधिकार है और देश की प्रजा को उस का सम्मान करना चाहिए परंतु सरकार की भी यह ज़िम्मेदारी है की जनभावनाओं का सम्मान करे, ऐसा कोई क़ानून ना लाए जिससे जनभावनाएं आहत हो और देश की एकता और सामाजिक भाईचारा धरमभरम हो।

Read More

अमृतसर। श्री गुरू रामदास अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे के नज़दीक राजासांसी में आईटीसी की तरफ से खोले गए विरासती होटल ‘वैलकम’ की वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए मुबारकबाद देते हुए मुख्यमंत्री पंजाब कैप्टन अमरिन्दर सिंह ने कहा "आईटीसी का पंजाब के औद्योगिक विकास में बड़ा योगदान है और अब यह होटल केवल अमृतसर के ही नहीं, बल्कि राज्य के पर्यटन कारोबार को बड़ा बल देगा।" उन्होंने आईटीसी ग्रुप की तरफ से इस पहलकदमी के लिए धन्यवाद करते हुए कहा "पहले ही इनकी तरफ से पंजाब के औद्योगिक विकास में बड़ा योगदान दिया जा रहा है। पहले आईटीसी कपूरथला में फूड प्रोसेसिंग क्षेत्र में सराहनीय काम कर रही है और अमृतसर में होटल के बाद होशियारपुर में बड़ा निवेश कर रहे हैं, इसी तरह यह ग्रुप समूचे पंजाब के विकास में योगदान डाल रहा है।"  

Read More

शिमला। मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने आज यहां ‘हिम विकास समीक्षा’ बैठक की अध्यक्षता करते हुए अधिकारियों को सकारात्मक दृष्टिकोण अपनाने के दिशा-निर्देश दिए ताकि राज्य सरकार द्वारा निर्धारित लक्ष्याें को समयबद्ध तरीके से हासिल किया जा सके। उन्होंने कहा कि सभी विभागों को कम से कम एक नई पहल के साथ आगे आना चाहिए तथा इसका प्रभावी कार्यान्वयन भी सुनिश्चित किया जाना चाहिए। इसके लिए अधिकारियों को रचनात्मक दृष्टिकोण के साथ पहल करनी चाहिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि विकासात्मक परियोजनाओं की समीक्षा का उद्देश्य यह है कि इन परियोजनाओं को गति प्रदान की जाए तथा योजनाओं के लाभ समयबद्ध तरीके से प्रदेश की जनता को प्रदान किए जाएं। उन्होंने कहा कि राज्य के 21 विभागों के लिए 103 मुख्य निष्पादन संकेतक निर्धारित किए गए हैं। इसके अलावा 26 विभागों के लिए चार सामान्य मुख्य निष्पादन संकेतक भी निर्धारित किए गए हैं। उन्होंने कहा कि सरकारी विभागों की कार्यप्रणाली की समीक्षा के लिए यह एक समग्र कार्यक्रम है। जय राम ठाकुर ने अधिकारियों को राज्य सरकार की नीतियों और कार्यक्रमों का उचित कार्यान्वयन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए ताकि लोगों को इनका शीघ्र लाभ मिल सके। जय राम ठाकुर ने कहा कि लोक निर्माण विभाग को नई परियोजनाओं को लागू करने में सक्रिय दृष्टिकोण अपनाना चाहिए, जो अन्य राज्यों के लिए बैंचमार्क बन सके। उन्होंने एफआरए और एफसीए के मामलों में तेजी लाने पर बल दिया ताकि विकासात्मक परियोजनाएं वन स्वीकृतियों के कारण प्रभावित न हो। उन्होंने कहा कि प्रभावी कामकाज के लिए विभागों में कार्य प्रबन्धन प्रणाली को शीघ्र लागू किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि परियोजनाओं को समयबद्ध पूरा करने व गुणवत्ता को बनाए रखने पर विशेष ध्यान दिया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि निर्माण कार्यों की गुणवत्ता में कोई भी समझौता नहीं किया जाएगा तथा इसमें कोताही करने पर ठेकेदारों या अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। जय राम ठाकुर ने कहा कि सिंचाई एवं जन स्वास्थ्य विभाग यह सुनिश्चित करें कि ग्रामीण क्षेत्रों में जल जनित रोगों के फैलने से रोकने के लिए क्लोरीनयुक्त पानी की आपूर्ति और नियमित निगरानी सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि सिंचाई की सुविधा किसानों को न केवल नगदी फसलों की खेती के लिए प्रेरित करेगी बल्कि अगले दो वर्षों में कृषि आय को दोगुना करने में भी सहायक होगी। उन्होंने कमाण्द क्षेत्र के विकास और पानी की कमी वाले क्षेत्रों में हैण्डपम्प लागने पर जोर दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि कृषि विभाग को फसल कटाई के बाद प्रबन्धन और खाद्य प्रसंस्करण पर जोर देना चाहिए ताकि किसानों की उपज की मूल्य वृद्धि हो, ताकि किसानों की आय बढ़ सके। उन्होंने कहा कि प्राकृतिक खेती को प्रोत्साहित किया जाना चाहिए ताकि राज्य देश का प्राकृतिक कृषि राज्य बन सके। उन्होंने कहा कि कृषि क्षेत्र में रोजगार व स्वरोजगार के अवसर पैदा करने के भी प्रयास किए जाने चाहिए। किसानों की आय को बढ़ाने के लिए मुख्यमंत्री ने दुग्ध उत्पादन बढ़ाने पर भी जोर दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि लगभग 50 हजार किसानों को प्राकृतिक खेती अपनाने के लिए प्रशिक्षित किया गया हैं और लगभग 40 हजार किसानों ने वास्तविक रूप में प्राकृतिक खेती करना आरम्भ कर दिया है। उन्होंने कहा कि किसानों को आय वृद्धि के लिए डेयरी गतिविधियां बढ़ाने के लिए भी प्रोत्साहित किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि मिल्कफेड को अपनी गतिविधियों में विविधता लानी चाहिए। उन्होंने कहा कि राज्य के सभी जिलों में गाय अभ्यारण्यों की स्थापना की जाएगी, ताकि बेसहारा पशुओं को आश्रय मिल सके। उन्होंने कहा कि पंचायती राज संस्थाओं को यह सुनिश्चित करने के लिए आगे आना चाहिए कि सभी बेसहारा पशुओं को इन अभ्यारण्यों में पहुंचाया जा सके। जय राम ठाकुर ने कहा कि शिक्षा के क्षेत्र में निजी निवेशकों को आकर्षित करने के लिए एक हजार करोड़ रुपए का लक्ष्य निर्धारित किया गया था, जिसके मुकाबले में 1760 करोड़ रुपए के निवेश के लिए निजी निवेशक आकर्षित हुए है। छात्रों को वर्दी, बैग और लैपटाॅप देने में देरी होने पर मुख्यमंत्री ने अपनी नाराजगी जताते हुए शिक्षा विभाग को निर्देश दिए कि यह सुनिश्चित किया जाए कि अगले शिक्षा सत्र के दौरान छात्रों को वर्दी, बैग, किताबें और लैपटाॅप इत्यादि समय पर मिल सकें ताकि छात्रों की किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करने पड़े। उन्होंने छात्रों के गणित व अंग्रेजी के लर्निंग आउटपुट को बेहतर बनानेे पर विशेष रूप से बल दिया और कहा कि कैम्पस प्लेसमेंट के लिए प्रयास किए जाने चाहिए। उन्होंने कहा कि लर्निंग आउटकम में वृद्धि होनी चाहिए ताकि राज्य शिक्षा के क्षेत्र में देश का प्रथम राज्य बन सके। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य अपनी स्वच्छता और समृद्ध पर्यावरण के लिए जाना जाता है, इसे बनाए रखने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाने चाहिए। उन्होंने पाॅलीथीन खरीद योजना को प्रभावी ढंग से लागू करने पर बल दिया। मुख्य सचिव डाॅ. श्रीकान्त बाल्दी ने कहा कि राज्य सरकार की सभी नीतियों और कल्याणकारी योजनाओं को प्रभावी ढंग से लागू किया जाएगा। इस मौके पर अतिरिक्त मुख्य सचिव वित्त अनिल खाची ने भी अपने विचार रखे। बैठक में अतिरिक्त मुख्य सचिव, प्रधान सचिव, सचिव, विभागाध्यक्ष और विभागों के वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित थे।   साभार-khaskhabar.com

Read More

लखनऊ। उत्तर प्रदेश के कई शहरों में CAA के खिलाफ विरोध ने हिंसक रूप धारण कर लिया है।

Read More

लखनऊ। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने उत्तर प्रदेश के बिजनौर जिले की एक अदालत के अंदर हुई हत्या के मामले में बुधवार को स्वत: संज्ञान लिया है। अदालत ने पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) और प्रमुख गृह सचिव से इस पर 20 दिसंबर तक जवाब मांगा है। अदालत ने राज्य सरकार से जिला अदालतों के लिए अपनी सुरक्षा योजना बनाने के लिए भी कहा है। न्यायमूर्ति सुधीर अग्रवाल और न्यायमूर्ति सुनीत कुमार की पीठ ने कहा कि सरकार को अदालत परिसर के लिए सुरक्षा योजना बनानी चाहिए। इस बीच राज्य सरकार ने लापरवाही के लिए 19 पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया है, जिस कारण अदालत कक्ष के अंदर हत्या हुई। उल्लेखनीय है कि मंगलवार को बिजनौर जिले में मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (सीजेएम) की अदालत के अंदर तीन व्यक्तियों द्वारा गोली चलाने पर एक अंडर ट्रायल व्यक्ति की मौत हो गई थी, जबकि एक अन्य गंभीर रूप से घायल हो गया था। अदालत का एक क्लर्क मुनीश भी इस गोलीबारी में घायल हो गया, जबकि सीजेएम को भी खुद को बचाने के लिए भागना पड़ा। हमलावरों ने हत्या को अंजाम देने के बाद कोर्ट के अंदर आत्मसमर्पण कर दिया। खबरों के मुताबिक, जब यह घटना घटित हुई, उस समय सीजेएम बहुजन समाज पार्टी (बसपा) के नेता एहसान और उनके भतीजे शादाब की हत्या से जुड़े मामले की सुनवाई कर रहे थे। इस दोहरे हत्याकांड के आरोपी शाहनवाज और जब्बार को दिल्ली पुलिस सुनवाई के लिए लेकर आई थी, जिन्हें कुछ महीने पहले गिरफ्तार किया गया था। पुलिस अधीक्षक संजीव त्यागी ने संवाददाताओं को बताया कि मारे गए एहसान के बेटे साहिल अपने दो दोस्तों के साथ अदालत पहुंचे और शाहनवाज और जब्बार पर अंधाधुंध गोलियां चलानी शुरू कर दी। उनके द्वारा लगभग 20 राउंड फायर किए गए। शाहनवाज की मौके पर ही मौत हो गई, लेकिन जब्बार मौके से फरार हो गया। पुलिस ने तुरंत कोर्टरूम को घेर लिया और हमलावर वहां से भाग नहीं पाए, जिसके बाद उन्होंने खुद को पुलिस के हवाले कर दिया।  साभार-khaskhabar.com  

Read More

नई दिल्ली। जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) के पूर्व अध्यक्ष और भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (भाकपा) के नेता कन्हैया कुमार नागरिकता संशोधन अधिनियम (सीएए) के खिलाफ जामिया मिलिया इस्लामिया विश्वविद्यालय के प्रदर्शनकारियों के साथ एकजुटता दिखाने बुधवार को प्रदर्शन स्थल पर पहुंचे। कन्हैया ने नागरिकता कानून को काला कानून करार दिया और यहां छात्रों को संबोधित करते हुए कहा, प्रदर्शन और आंदोलन करना प्रत्येक छात्र का अधिकार है, लेकिन यह शांतिपूर्ण ठंग से किया जाना चाहिए, अन्यथा इसका कोई मतलब नहीं रह जाता है। कन्हैया शाम करीब साढ़े पांच बजे जामिया के अब्दुल कलाम आजाद गेट पर पहुंचे, जहां पहले से बड़ी संख्या में जामिया के अलावा कई अन्य कॉलेजों, स्कूलों से आए छात्र उनका इंतजार कर रहे थे। यहां पहुंचने पर कन्हैया ने छात्रों के साथ जमकर नारेबाजी की। खुद कन्हैया ने आजादी के नारे लगवाए। कन्हैया ने कहा, इस कानून का विरोध केवल किसी एक वर्ग या समुदाय तक सीमित नहीं है। बल्कि भारत के सभी वर्ग एवं समुदाय के लोग इस कानून के खिलाफ हैं। हालांकि, इस दौरान कन्हैया ने छात्रों से अपील की कि वे सरकार का विरोध करें, लेकिन इस विरोध के बीच सरकारी संपत्ति को नुकसान न पहुंचाएं। कन्हैया ने कहा कि यदि छात्रों का यह विरोध प्रदर्शन हिंसक हुआ तो इस विरोध का कोई अर्थ नहीं रह जाता है। पूर्व जेएनयू अध्यक्ष ने कहा, अपने इस विरोध प्रदर्शन को किसी भी स्तर पर हिंसक न होने दें। हमारी लड़ाई सरकार और उसकी नीतियों के खिलाफ है, सरकारी या गैर-सरकारी संपत्ति से नहीं। संपत्ति को नुकसान पहुंचाना ठीक बात नहीं है। हमें चाहिए कि हम शांतिपूर्वक सरकार का विरोध करें। कन्हैया ने कहा कि वह इस कानून का विरोध कर रहे जामिया छात्रों के साथ हैं। केरल : सीएए के खिलाफ कॉलेज, नगरपालिका में हुई झड़प तिरुवनंतपुरम। केरल के एक कॉलेज और एक स्थानीय निकाय में नागरिकता संशोधन अधिनियम (सीएए) को लेकर बुधवार को विरोध प्रदर्शन और झड़प देखने को मिली। एक तरफ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और उसका छात्र संगठन अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) थे, वहीं दूसरी ओर कांग्रेस पार्टी और माकर्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) व उसकी छात्र इकाई थी। त्रिशूर स्थित केरल वर्मा कॉलेज में उस समय उपद्रव मच गया, जब एबीवीपी के छात्र कार्यकर्ताओं को माकपा से जुड़े स्टूडेंट फेडरेशन ऑफ इंडिया (एसएफआई) के कार्यकर्ताओं ने पीट दिया। कॉलेज में अब कुछ दिनों से विचारधाराओं में अंतर बहुत ज्यादा बढऩे से तनाव पैदा हो गया है, क्योंकि एबीवीपी सीएए पर एक सेमिनार का आयोजन करना चाहती है और एसएफआई इसका विरोध कर रही है। यह तय किया गया था कि जब चीजें शांत होगी तो बाद में इस पर चर्चा की जा सकती है। मगर स्थानीय पुलिस के अनुसार, बुधवार को मुसीबत बढ़ गई और प्रतिद्वंद्वी संगठनों से जुड़े छात्र आपस में भिड़ गए। कॉलेज के स्टाफ सदस्यों द्वारा हस्तक्षेप के बाद ही चीजें शांत हुईं। एक पुलिस अधिकारी ने कहा, अभी तक कोई मामला दर्ज नहीं किया गया है। इसी तरह पलक्कड़ नगरपालिका, जहां केरल में भाजपा का एकमात्र शासन है, दिन की परिषद की बैठक में तब तनाव बढ़ गया, जब सत्ताधारी भाजपा के पार्षदों और विपक्षी कांग्रेस व माकपा सदस्यों के बीच झड़पें शुरू हो गईं। आईएएनएस से बात करते हुए कांग्रेस पार्षद भवदास ने कहा, माकपा एक प्रस्ताव लेकर आई और उसने मांग की कि इसे चर्चा के लिए लिया जाए, जोकि सीएए से संबंधित था। हमने यह महसूस किया है कि यह देश को विभाजित करेगा, इसलिए बैठक में इस पर चर्चा होनी चाहिए। भवदास ने कहा, सत्तारूढ़ भाजपा के नेतृत्व वाला राजग इसे लेने के लिए तैयार नहीं था, इसलिए तनाव उच्च स्तर पर पहुंच गया भाजपा के पास 140 सदस्यीय केरल विधानसभा में सिर्फ एक विधायक है।  साभार-khaskhabar.com  

Read More

शिमला। मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने मंगलवार को यहां आयोजित प्राइड ऑफ हिमाचल प्रदेश अवाॅर्ड्स कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए कहा कि लोकतंत्र का चौथा स्तम्भ कहा जाने वाला मीडिया समाचारों के प्रसार के साथ-साथ समाज के प्रहरी के रूप में भी महत्त्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। इस अवसर पर उन्होंने शिमला से संबंध रखने वाले प्रख्यात लेखक और इतिहासकार राजा भसीन द्वारा लिखित दो पुस्तकों ‘प्राइड ऑफ हिमाचल’ तथा ‘हिडन हिमाचल’ का विमोचन भी किया। उन्होंने विभिन्न क्षेत्रों में सराहनीय उपलब्धियां अर्जित करने वाले 17 व्यक्तित्वों को सम्मानित किया।  

Read More

चण्डीगढ़। हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने सहकारिता विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वे राज्य की सहकारी चीनी मिलों से चीनी रिकवरी बढ़ाने हेतु उच्च स्तरीय प्रबन्धन को विशेष प्रोत्साहन देने के लिए एक योजना बनाएं, ताकि चीनी का उत्पादन बढ़ाया जा सके। यह जानकारी साेमवार को यहां पंचकूला में सहकारिता विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव संजीव कौशल की अध्यक्षता में बुलाई गई सहकारी चीनी मिलों के अधिकारियों की एक बैठक में दी गई। बैठक में हरियाणा शूगर फैड के चेयरमैन हरपाल सिंह भी उपस्थित थे। बैठक के दौरान अतिरिक्त मुख्य सचिव ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे चीनी रिकवरी को बढ़ाने के लिए अपनी ओर से भरसक प्रयास करें और उन्हें इसके लिए प्रोत्साहन भी दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि प्रोत्साहन देने के सम्बन्ध में विभाग द्वारा एक योजना तैयार की जा रही है। बैठक में उन्होंने अधिकारियों को मिल के ब्रेकडाउन और उत्पादन में बढ़ोतरी जैसे लक्ष्यों को निर्धारित करने के भी निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि हम सभी को उत्पादन बढ़ाने के लिए बेहतर प्रदर्शन करना होगा। उन्होंने कहा कि वे स्वयं सभी सहकारी चीनी मिलों के प्रबन्ध निदेशकों के प्रदर्शन की निगरानी रखेंगे ताकि प्रत्येक चीनी मिल का प्रदर्शन बेहतर हो सके और उत्पादन बढ़ सके। उन्होंने कहा कि हमें अपने लक्ष्यों को फिक्स करना होगा, चाहे एथानोल प्लांट के संचालन की बात हो, चीनी रिकवरी की बात हो या मिल ब्रेकडाउन की बात हो। कौशल ने सहकारी चीनी मिलों के प्रबन्ध निदेशकों को निर्देश दिए कि वे अवधिवार रिपोर्ट लें जिससे हमारी अवधिवार जांच में बढ़ोतरी होगी और इससे चीनी उत्पादन व रिकवरी में भी बढ़ोतरी होगी। उन्होंने कहा कि सम्बन्धित प्रबन्ध निदेशक अपनी-अपनी मिलों में रिकवरी, पिराई और गन्ने के भुगतान इत्यादि की स्वयं निगरानी रखें। इसके अलावा, उन्होंने मिलों में विभिन्न रिक्त पदों को भरने के बारे में भी विभिन्न दिशा-निर्देश दिए और बताया कि यदि पिराई के सत्र के दौरान कोई महत्वपूर्ण कर्मी सेवानिवृत्त होता है, जिसकी वजह से पिराई सत्र में दिक्कत आती है, तो उसे सम्बन्धित प्रबन्ध निदेशक उच्च अधिकारियों की अनुमति के अनुसार आउटसोर्स पर रख सकता है ताकि पिराई सत्र बाधित न हो। उन्होंने कहा कि हमें प्रत्येक कार्य के लिए एक समय सीमा निर्धारित करनी होगी ताकि किसी भी प्रकार की कोई देरी न हो। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे हर 15 दिन के बाद एक समीक्षा बैठक करें और हो सके तो वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से समीक्षा की जाए। उन्होंने कहा कि नियमित समीक्षा बैठकों और चर्चा के उपरांत ही सुधार हो पाएगा। बैठक के दौरान उन्हें चल रही विभिन्न परियोजनाओं के बारे में भी जानकारी दी गई। हरियाणा शूगर फैड के चेयरमैन हरपाल सिंह ने भी अपनी ओर से चीनी रिकवरी को बढ़ाने के लिए विभिन्न सुझाव दिए और बताया कि लोगों का सहकारी चीनी मिल पर विश्वास है और हमें इस विश्वास को बनाए रखना है, क्योंकि एक चीनी मिल पर हजारों किसान निर्भर करते हैं। इस अवसर पर शूगर फैड के प्रबन्ध निदेशक शक्ति सिंह, सहकारी समितियों के रजिस्ट्रार मनी राम शर्मा, विभिन्न सहकारी चीनी मिलों के प्रबन्ध निदेशक व विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।  साभार-khaskhabar.com  

Read More

चंडीगढ़। पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिन्दर सिंह ने कहा कि "उनकी सरकार इस कानून को राज्य में लागू करने की इजाजत नहीं देगी।" देश की संवैधानिक नैतिक मूल्यों की सुरक्षा के लिए अपनी वचनबद्धता ज़ाहिर करते हुये कैप्टन अमरिन्दर सिंह ने कहा कि "कांग्रेस पार्टी के पास राज्य की विधानसभा में बहुमत है और सदन में इस असंवैधानिक बिल को रोक देगी।" राज्यसभा में पास किये गये विवादस्पद बिल के पास होने के एक दिन बाद मुख्यमंत्री ने कहा कि "उनकी सरकार देश के धर्मनिरपेक्ष ढांचे को नुकसान नहीं पहुंचने देगी क्योंकि यह नैतिक मूल्य देश की विभिन्नता की मजबूती हैं।" मुख्यमंत्री ने कहा कि "संसद को ऐसा कानून पास करने का कोई अधिकार नहीं जो संविधान को चोट पहुंचाता हो और संविधान के मूलभूत सिद्धांतों और देश के लोगों के बुनियादी अधिकारों का उल्लंघन करता हो।" इस बिल को "संवैधानिक मूल्यों के विपरीत बताते हुये मुख्यमंत्री ने कहा कि यह रद्द होना चाहिए।" इस कानून के विघटनकारी स्वरूप का जिक्र करते हुये कैप्टन अमरिन्दर सिंह ने कहा कि "देश को धर्म के आधार पर बाँटता हुआ कोई भी कानून असंवैधानिक और अनैतिक है जिसको बरकरार रखने की इजाजत नहीं दी जा सकती।"  

Read More

नारद संवाद

देवरिया का ऐसा मंदिर जिसे श्रद्धालु बताते हैं 'अश्वत्थामा' की तपोभूमि

Read More

हमारी बात

स्वतंत्रता सेनानी पं. हुकम सिंह गौतम की पुण्यतिथि मनाई

Read More

Bollywood


विविधा


शंखनाद

पुरानी कहावत और नया भारत

Read More